उत्तराखंडः परिवहन निगम के कर्मियों के वेतन को 34 करोड़ रूपए स्वीकृत


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड परिवहन निगम के कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए 34 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति संवेदनशील है। उनकी समस्त समस्याओं का समाधान करने के लिये राज्य सरकार तत्पर है।

गौरतलब है कि कोरोना के कारण बसों का संचालन न होने से परिवहन निगम को घाटा होने से उसके कर्मचारियों को वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा था। 14 जुलाई को हुई कैबिनेट बैठक में इस पर व्यापक विचार विमर्श किया गया और परिवहन निगम के कर्मचारियों के वेतन इत्यादि विषय के संबंध में सहायता के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया था।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड परिवहन निगम के कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए 34 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है।

जनता दर्शन हाल में सीएम ने प्रदेश की भावी योजनाओं पर डाला प्रकाश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित जनता दर्शन हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि उत्तराखण्ड को 2027 तक पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाएगा। पर्यटन एवं ऊर्जा की दिशा में राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रयास किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क एवं रेल परियोजनाओं के कार्यों में और तेजी लाई जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके मार्गदर्शन से राज्य में विभिन्न निर्माण कार्य तेजी से हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही प्रदेश के 06 हजार गांव इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़े जाएंगे। दिल्ली में केंद्रीय रेलवे एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री से इस संबंध में वार्ता हुई। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन के कार्यों एवं टनकपुर बागेश्वर ब्रॉडगेज रेलवे लाइन के सर्वे में तेजी लाने के लिए भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कोविड के दृष्टिगत राज्य में कांवड़ यात्रा को स्थगित किया गया है। प्रदेश की जनता का हित सरकार की पहली प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकाकरण के लिए जो लोग क्राइटेरिया में आते हैं, उनका अगले तीन चार माह में प्रदेश में शत प्रतिशत कोविड टीकाकरण किया जाएगा।

सीएम की अध्यक्षता में हुई उत्तराखण्ड चार धाम देवस्थानम् प्रबन्धन बोर्ड की बैठक, लिए अहम निर्णय


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड की तीसरी बैठक आयोजित हुई। बैठक में बोर्ड के वर्ष 2021-22 के बजट को अनुमोदित किया गया। इसके साथ ही जोशीमठ में श्री बद्रीनाथ वेद वेदांग स्नात्तकोतर संस्कृत महाविद्यालय जोशीमठ की अध्यासन वाली भूमि पर वेद अध्ययन केन्द्र स्थापित किये जाने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में बोर्ड द्वारा धार्मिक मान्यताओं को देखते हुए श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री मन्दिरों के गर्भगृह से सजीव प्रसारण न किये जाने का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

बैठक में श्री केदारनाथ धाम में पूजाध्यात्रा व्यवस्था के सफल संचालन हेतु मास्टर प्लान के अनुसार आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कार्य सम्पादित करने हेतु कन्सलटेंट चयनित किये जाने पर भी सहमति दी गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चारधाम स्थित मन्दिरों में पुरानी परम्परायें चलती रहेगी। राज्य सरकार का कार्य मन्दिर की आन्तरिक व्यवस्थाओं पर अधिकार करना नही बल्कि सहयोग करना है। हमारा उद्देश्य मन्दिर परिसरों की सुविधाओं के विकास में सहयोगी बनना है। उन्होंने सभी सदस्यों से इस सम्बन्ध में सभी को अवगत कराने की भी अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित लोगों से वार्ता भी की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा संचालित न होने की दशा में आवश्यकता पड़ने पर बोर्ड को अतिरिक्त वित्तीय सहायता दिये जाने पर भी विचार किया जायेगा, इसके लिये मुख्यमंत्री ने संशोधित प्रस्ताव प्रेषित करने को कहा।

बैठक में आयुक्त गढ़वाल एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम बोर्ड रविनाथ रमन ने बोर्ड के कार्यकलापों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में श्री बद्रीनाथ देवस्थानम हेतु 24.46 करोड़, श्री केदारनाथ देवस्थानम के लिये 29.92 करोड़ तथा गंगोत्री एवं यमुनोत्री के लिये 50-50 लाख का बजट प्रस्तावित है जिसे बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।
बैठक में पर्यटन मंत्री तथा उपाध्यक्ष चारधाम देवस्थानम बोर्ड सतपाल महाराज, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव वित वी षणमुगम, बोर्ड के सदस्यों में महाराजा मनुजेन्द्र शाह, निवास पोस्ती, आशुतोष डिमरी, गोविन्द सिंह पंवार, कृपाराम सेमवाल, जयप्रकाश उनियाल तथा महेन्द्र शर्मा उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड वीडी सिंह, वित नियन्त्रक जगत सिंह बिष्ट, डॉ. हरीश गौड, अनिल ध्यानी, प्रमोद नौटियाल, कुलदीप नेगी आदि उपस्थित थे।

हरेला पर्व पर सीएम ने एमडीडीए सिटी पार्क में किया पौधारोपण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहस्त्रधारा हेलीपैड के निकट एम.डी.डी.ए सिटी पार्क में पौधारोपण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का लोकपर्व हरेला सम्पन्नता, हरियाली एवं पर्यावरण संरक्षण का पर्व है। यह पर्व हमारी सांस्कृतिक धरोहर एवं परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। वृक्षारोपण का कार्यक्रम केवल सरकारी कार्यक्रम तक ही सीमित न रहे। इसे जन -जन का कार्यक्रम बनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधारोपण के साथ ही उनका संरक्षण हो इस ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता से आग्रह किया कि मुख्यमंत्री से भेंट के लिए लोग बुके न दें। बुके की जगह पर पौधा भेंट करें। प्रदेश में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण हो हरेला पर्व पर हमें यह संकल्प लेना है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों द्वारा प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए अनेक सराहनीय प्रयास किए गए। हमारी भावी पीढ़ी को हरा भरा उत्तराखंड मिले, इस दिशा में हमें लगातार प्रयास करने होंगे। जल स्रोतों के सूखने पर मुख्यमंत्री ने चिन्ता जताते हुए कहा कि जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में प्रयास करने होंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड संस्कृति और प्रकृति का केंद्र भी है। उत्तराखंड की धरती से पर्यावरण संरक्षण का संदेश विश्वभर में जाए। पौधारोपण एवं अनेक सामाजिक कार्यों से हम सबको अपना योगदान देना होगा । उत्तराखंड राज्य बनने के बाद यहां के धार्मिक परंपराएं, रीति रिवाज का व्यापक प्रसार हुआ है।

वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि सरकार द्वारा विकास के साथ पर्यावरण संतुलन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखंड का संतुलित विकास हो यह हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कुछ कार्य आत्म संतुष्टि के लिए भी होने चाहिए। प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का परिणाम आज सबके सामने है। प्रकृति अनेक रूपों में बदला जरूर लेती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती लोगों की आस्था का केंद्र है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्धन, प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी, अपर प्रमुख वन संरक्षक ज्योत्सना सिथलिंग, डी.जी.के शर्मा, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष एमडीडीए रणवीर सिंह चैहान आदि उपस्थित थे।

कर्णप्रयाण-गैरसैंण विकास खंडों की सड़कों के संबंध में सीएम से मिले राष्ट्रीय मीडिया टीम के सदस्य

देहरादून। भाजपा की राष्ट्रीय मीडिया टीम के सदस्य सतीश लखेड़ा ने उत्तराखंड सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कर्णप्रयाग-गैरसैंण विकास खंडों की सड़कों के संबंध में चर्चा की और इस आशय का उन्हें पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि वे शीघ्र इन सड़कों का संज्ञान लेंगे।

सतीश लखेड़ा ने कहा कि अनेक सड़कों के लिए लंबे समय से जन आंदोलन चल रहे हैं और वे आज भी विकास से कोसों दूर हैं। कुछ सड़कें विभिन्न अनापत्तियों के कारण शासन में रुकी हुई हैं। कुछ सड़कों के लिए समस्त औपचारिकताएं तो हो गई है किंतु धन जारी नहीं हुआ है अतः प्राथमिकता से जनहित में इन सभी पर शीघ्र कार्य किया जाना आवश्यक है।

सतीश लखेड़ा ने कर्णप्रयाग विकासखंड के ग्वाड़ से धनपुर मोटर मार्ग, सिन्द्रवाणी से सकण्ड मोटर मार्ग तथा उमट्टा दृ बरसाली- मैखुरा मार्ग के निर्माण हेतु मुख्यमंत्री धामी का ध्यान दिलाया।

सतीश लखेड़ा ने कहा निरंतर जनप्रतिनिधियों, संस्थाओं और मीडिया द्वारा भी इन मार्गों पर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया गया है। उन्होंने गैरसैण विकासखण्ड के खेतगधेरा से केड़ा-पंडाव मार्ग, कण्ड से बूराखोली मार्ग, खेती- रंडोली- बेनीताल मार्ग के शीघ्र निर्माण का अनुरोध किया साथ ही मालकोट से सेरा तेवाखर्क मार्ग आंदोलन के बारे में बताया और इस मार्ग की उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने मैखोली- खिनसर- अक्षवाड़ा मोटर मार्ग, कोठा बैंड से दमदड़ मोटर मार्ग के शीघ्र निर्माण हेतु मुख्यमंत्री धामी से अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि जिन मार्गों पर संपूर्ण औपचारिकताएं हो चुकी है उनका प्राथमिकता से निर्माण प्रारंभ किया जाए। जिनकी शासन में अनापत्तियों को लेकर फाइल रुकी है, इस हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं और नई सड़कों के लिए शीघ्र ही सर्वे करके धन आवंटित किया जाए।

80 आक्सीजन कंसन्ट्रेटर को सीएम ने दिखाई हरी झंडी


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम कैम्प कार्यालय में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में 80 आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर राज्य के 09 जनपदों के लिए रवाना किए। आईसीआईसीआई फाउन्डेशन द्वारा राज्य के ग्रामीण व अर्ध शहरी क्षेत्रों के लिए ये 80 आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर राज्य सरकार को उपलब्ध करवाए गए हैं।

देहरादून, नैनीताल, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, चमोली, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, रूद्रप्रयाग और टिहरी जिलों में ये आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सम्मिलित प्रयासों से कोविड से लड़ाई में जीत हासिल की जा सकती है। पिछले कुछ समय में कोविड संक्रमण के मामलों में कमी आई है, परंतु अभी भी पूरी सावधानी व सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। कोविड की तीसरी लहर की सम्भावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने पूरी तैयारी की है। हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, मेयर सुनील उनियाल गामा, आईसीआईसीआई फाउंडेशन के अध्यक्ष सौरभ सिंह, आईसीआईसीआई बैंक के मनीष मेहरोत्रा, अशोक मिगलानी आदि उपस्थित थे।

सीएम ने पौधादान कार्यक्रम में किया प्रतिभाग, हरेला पर्व पर प्रकृति के संरक्षण का लें संकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार रोड, देहरादून स्थित एक स्थानीय वेडिंग प्वाइंट में हरेला पर्व पर आयोजित पौधादान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने विधायकगणों एवं अन्य गणमान्यों को पौधारोपण हेतु पौधे दिये और लोगों को अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए प्रेरित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 जुलाई को उत्तराखण्ड में हरेला पर्व मनाया जाता है। प्रकृति के संरक्षण के उद्देश्य से उत्तराखण्ड में हरेला पर्व मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के संरक्षण के लिए हरेला पर्व के अवसर पर सभी को पौधारोपण करने का संकल्प लेना होगा। जुलाई एवं अगस्त माह का समय पौधारोपण के लिए सबसे उपयुक्त है। हमें अपनी परम्पराओं एवं परिवेश को बढ़ावा देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विज्ञान तेजी से प्रगति कर रहा है, वैज्ञानिक प्रगति के साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में हमें और तेजी से आगे बढ़ना होगा। नमामि गंगे के तहत इस दिशा में सराहनीय प्रयास हुए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि पर्यावरणीय सन्तुलन बहुत जरूरी है। व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कर सबको अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। पीपल एवं बरगद के अधिक वृक्षारोपण पर हमें ध्यान देना होगा।

इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, मुन्ना सिंह चैहान, सहदेव सिंह पुण्डीर, खजानदास, मेयर सुनील उनियाल गामा, देहरादून की जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चैहान, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सीताराम भट्ट आदि उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही हैः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अन्तर्गत मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित 240 ई.डब्ल्यू.एस लाभार्थियों को आवास कब्जा स्थानान्तरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने 10 लाभार्थियों को आवास कब्जा प्रदान किया। शेष सभी लाभार्थियों को मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा आवास के कब्जे दिये जा रहे हैं। आलयम् आवासीय योजना के तहत ये आवास आमवाला, तरला, सहस्त्रधारा रोड़ में बनाये गये हैं। मुख्यमंत्री द्वारा जिन लाभार्थियों को आवास का कब्जा दिया गया उनमें रश्मि पाण्डेय, निताशा सैनी, रामबती, संतोष सिंह, इकादशी भट्ट, रेनू, बबीता रावत, सतपाल, शालू, आरती शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गरीबों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चलाई गई प्रधानमंत्री आवास योजना से अनेक जरूरतमंद लोगों के अपने घर का सपना पूरा हो रहा है। आर्थिक रूप से गरीबों के लिए लिए यह योजना वरदान साबित हुई है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को मात्र 06 लाख रूपये में आवास मिल रहा है। जिसमें से 1.50 लाख केन्द्रांश एवं 01 लाख राज्यांश दिया जा रहा है। लाभार्थी को केवल 3.50 लाख रूपये में आवास प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले आवासों के कार्यों में तेजी लाई जायेगी।

उपाध्यक्ष मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण रणवीर सिंह चैहान ने कहा कि आमवाला, तरला, सहस्त्रधारा रोड़ में ई.डब्ल्यू.एस के लिए कुल 240 आवास बनाये गये हैं। जिसमें 15 ब्लॉक्स एवं 30 पार्किंग बनाई गई है। इस परियोजना के तहत आवासीय ईकाई का सुपर ऐरिया 505.04 वर्ग फुट एवं आच्छादित क्षेत्रफल 237.56 वर्ग फुट है। नगर निगम द्वारा चिन्हित पात्र अभ्यार्थियों में से लॉटरी द्वारा आंवटियों का चयन किया गया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सचिव मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण पीसी दुमका आदि मौजूद थे।

कैबिनेट बैठक में नौ अहम निर्णय हुए पारित


आज कैबिनेट द्वारा कुल 09 निर्णय लिये गये, इसकी जानकारी कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा दी गई।

1. कैम्पा अधिसूचना के अन्तर्गत प्राधिकरण के वार्षिक लेखा वित्तीय वर्ष 2013-14, 2014-15,2015-16, 2016-17 को विधानमण्डल के पटल पर रखा जायेगा।

2. उत्तराखण्ड वन विकास निगम में स्केलर संवर्ग में 02 वर्ष की दैनिक श्रम अवधि सेवा को समयमान वेतनमान व एसीपी को जोड़ने के लिये विभागीय मंत्री की अध्यक्षता में उपसमिति का गठन किया गया जिसमें वित्त और न्याय विभाग के अधिकारी होंगे।

3. देहरादून महायोजना-2025 के जोनल प्लान में सरकारी भवनों के भवन निर्माण के लिये भूमि पर छूट का प्रावधान सभी राष्ट्रीय दलों पर भी लागू होगा।

4. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अन्तर्गत अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को शामिल किया जायेगा। इसमें 4,000 रूपये से कम आय वालों को अन्तोदय योजना में और 15,000 रूपये आय से कम को प्राथमिक परिवार योजना में शामिल करते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के अन्तर्गत रखा जायेगा।

5. कोविड प्रभाव को देखते हुए लोक सेवा आयोग की परिधि के अन्तर्गत एवं लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर समूह-ग के पदों पर चयन में अभ्यर्थियों को एक वर्ष की छूट सीमा दी गई है जो कि 30 जून 2022 तक लागू रहेगी।

6. मा0 उच्च न्यायालय के अधीन परिवहन विभाग के कर्मचारियों को वेतन इत्यादि विषय के सम्बन्ध में एकमुश्त सहायता के लिये मा0 मुख्यमंत्री को निर्णय लेने के लिये अधिकृत किया गया है।

7. श्रीनगर, देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज कुल 501 पद सृजित किये गये हैं जिनमें श्रीनगर के लिये 122, देहरादून के लिए 250 और हल्द्वानी के लिए 129 पद होंगे। इसके अतिरिक्त श्रीनगर सुपर स्पेस्लिटी पर 44 पद स्पेस्लिस्ट के होंगे।

8. जनपद देहरादून स्थित राजकीय रेशम फार्म विकासनगर एवं रेशम फार्म अम्बाड़ी की भूमि को लखवाड़ व्यासी जल विद्युत परियोजना हेतु आवंटित 14.50 एकड़ भूमि को निरस्त किया गया है। अब यह भूमि रेशम विभाग के पास रहेगी।

9. जिला बार ऐशोसियेशन बागेश्वर को जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ता चैम्बर्स निर्माण हेतु न्याय विभाग की 40.80 वर्ग मीटर की भूमि निशुल्क लीज पर दी जायेगी।

सीएम ने अफसरों को 15 अगस्त तक फाइल पेश करने का समय दिया

देहरादून। उत्तराखंड के इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, प्रभारी सचिवों को 30 दिन का टास्क दे दिया गया है। अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री आनंद वर्धन ने शासन के सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए वित्तीय वर्ष 2021 22 हेतु तमाम योजनाओं, कार्यक्रमों परियोजनाओं हेतु वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति हेतु एक माह के भीतर पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में स्पष्ट लिखा गया है कि 15 अगस्त तक सभी विभाग के अधिकारी वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति करवा लें, इसके लिए बकायदा समय सीमा निर्धारित कर दी है।

अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी इस आदेश से का मकसद चरणबद्ध तरीके से सरकार के कामों को गति देना है, गौरतलब है कि उत्तराखंड में अगले 4 महीनों में चुनाव होने हैं ऐसे में राज्य सरकार इस वर्ष किसी भी प्रकार से किसी भी योजना को आधे अधूरे तरीके से बीच में नहीं छोड़ना चाहती। लिहाजा मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अपर मुख्य सचिव द्वारा यह आदेश जारी किए गए हैं, ताकि एक महीने में सरकार द्वारा निर्धारित कार्य को प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी जा सके और धरातल पर काम दिखाया जा सके।