जोगीवाला में अमृत सरोवर हुआ आमजन को समर्पित, मंत्री डा. अग्रवाल ने किया उद्धाटन

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत अमृत सरोवर जोगीवाला माफी का विधिवत पूजा अर्चना के साथ रिबन काटकर शुभारंभ किया। इस मौके पर डा. अग्रवाल ने पर्यटकों के अनुरूप बच्चों के झूले, ओवर ब्रिज के निर्माण को 20 लाख रूपये की विधायक निधि देने की घोषणा भी की। इस मौके पर डा. अग्रवाल ने अमृत सरोवर में नौका विहार का आनंद भी उठाया। इसी के साथ अमृत सरोवर जोगीवाला माफी का विधिवत संचालन प्रारंभ हो गया।

जोगीवाला माफी में इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों द्वारा क्षेत्रीय विधायक डा. अग्रवाल का भव्य स्वागत भी किया गया। डा. अग्रवाल ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव को पूरा देश धूमधाम से मना रहा है। उत्तराखंड में करीब दो हजार अमृत सरोवर बनाए गए हैं। इसी क्रम में जोगीवाला माफी में अमृत सरोवर का निर्माण किया गया है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे।

डा. अग्रवाल ने बताया कि इस अमृत सरोवर की लागत 38 लाख 85 हजार रूपये है, जो पंचायत भूमि पर बनाया गया है। बताया कि इसकी लंबाई 71 मीटर और चौड़ाई 51 मीटर है, जो लगभग 3500 मीटर स्कवायर में फैला हुआ है। उन्होंने बताया कि इसमें पानी की मात्रा 5300 क्यूबिक मीटर है।

डा. अग्रवाल ने अमृत सरोवर के स्वरूप को बनाए रखने हेतु कार्य देखने वाली महिला मंगल दल और युवक मंगल दल के पदाधिकारियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित भी किया। इस मौके पर जोगीवाला माफी के प्रधान सोबन सिंह कैंतुरा ने अमृत सरोवर के सौंदर्यीकरण के लिए मदद करने का आग्रह किया। इस पर मंत्री डा. अग्रवाल ने 20 लाख रूपये की विधायक निधि देने की घोषणा की। जिस पर ग्रामीणों द्वारा आभार प्रकट किया गया।

इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी, प्रधान जोगीवाला माफी सोबन सिंह कैंतुरा, प्रधान चक जोगीवाला भगवान सिंह महर, प्रधान खैरीकलां चन्द्रमोहन पोखरियाल, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी कमला नेगी, कार्यक्रम अध्यक्ष भरत सिंह भंडारी, पूर्व जिपंस अनिता राणा, मंडल अध्यक्ष महिला मोर्चा समा पंवार, सोनी रावत, प्रधान प्रतिनिधि सरदार बलविंदर सिंह, पूर्व प्रधान हरीश कक्कड़, सुशीला नेगी, हरपाल राणा, समाजसेवी मानवेंद्र कंडारी, रोशन कुड़ियाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री आदि सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

नौका विहार कर उठाया लुत्फ
रायवाला। डा. अग्रवाल ने अमृत सरोवर के विधिवत उद्धाटन के बाद लाइफ जैकेट पहनकर ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल के साथ नौका विहार का लुत्फ भी उठाया। उन्होंने कहा कि अमृत सरोवर इस क्षेत्र के लोगों के लिए आर्थिकी का साधन बनेगा। उन्होंने सरोवर की प्रशंसा करते हुए कहा कि लोगों को नौका विहार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है।

अमृत सरोवर के साथ ही पहाड़ी भोजन का भी मिलेगा जायका
रायवाला। सरोवर के उद्धाटन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में डा. अग्रवाल ने कहा कि यहां पहाड़ी भोजन की भी व्यवस्था होनी चाहिए। इससे बाहर से आने वाले पर्यटकों को पहाड़ी भोज का स्वाद चखने को मिलेगा और हमारे भोज को बढ़ावा मिलेगा।

नीरजा देवभूमि ट्रस्ट ने बालिकाओं को उपलब्ध कराया निशुल्क मेहंदी प्रशिक्षण

नीरजा देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा पिछले 15 दिनों से निशुल्क चल रहे मेहंदी प्रशिक्षण का आज समापन हो गया। समापन अवसर पर समाजसेविका चारू माथुर कोठारी उपस्थित रहीं। इस दौरान निशुल्क प्रशिक्षण पाने वाली 16 बालिकाओं को प्रशस्ति पत्र भी सौंपे गए। साथ ही प्रशिक्षण देने वाली अनिशा साहू और बबीता को भी ट्रस्ट द्वारा सम्मानित किया गया।

इस मौके पर समाजसेविका चारू माथुर कोठारी ने कहा कि ट्रस्ट द्वारा समाजहित में लगातार कार्य किया जा रहा है, जो कि सराहनीय है। उन्होंने कहा कि निशुल्क मेहंदी प्रशिक्षण से निश्चित रूप से बालिकाओं को आर्थिक रूप से मदद मिलेगी। उन्होंने सभी प्रशक्षिण पाने वाली बालिकाओं को प्रशस्ति पत्र देते हुए शुभकामनाएं दी।

ट्रस्ट की संस्थापक व पैरा ओलंपिक खिलाड़ी नीरजा गोयल ने बताया कि 15 दिन पूर्व निशुल्क मेहंदी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया था। जिसमें शीशमझाड़ी, मायाकुंड, चंद्रेश्वर नगर के निर्धन परिवारों की बालिकाओं को उनकी रूचि के जरिए मेहंदी प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। उन्होंने बताया कि 15 दिन चले शिविर में 16 बालिकाओं ने मेहनत के जरिए सभी तरह का कोर्स संपन्न किया।

उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर के जरिए बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। साथ ही रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की ओर से भी भविष्य में इन्हें रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

इस मौके पर एसके पाठक, पूर्णिमा पाठक, हरीश आनंद, डीपी रतूड़ी, मनोज गुप्ता, कुसुम जोशी, राजेंद्र जोशी, शिखा पाल, मंजू देवी, अनीशा साहू, बबीता, नुपूर गोयल आदि उपस्थित रहे।

जिन्हे जनता ने हराया, उन्हें हार नही पच रही-भाजपा

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने अमित ग्राम गुमानीवाला में विभिन्न सड़क निर्माण के लिए 15 लाख रूपये विधायक निधि से देने की घोषणा की। इस दौरान मंत्री डा. अग्रवाल ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला।
पार्षद वीरेंद्र रमोला के निवास पर आयोजित कार्यक्रम में डा. अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस के तथाकथित लोग तुच्छ राजनीति के जरिए ऋषिकेश में जहर घोलने का काम कर रहे है, उन्होंने कहा कि गुंडागर्दी करने वालों का साथ कांग्रेस देकर क्षेत्र में भय का माहौल पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना से कार्य करती है। उन्होंने कहा कि साढ़े 16 वर्षों में उनकी ओर से भी हर वर्ग, हर समाज का सम्मान किया गया और उनकी मूलभूत समस्याओं का निस्तारण किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसा व्यक्ति जो विधानसभा चुनाव में 20 हजार मतों के अंतर से पराजित होता है, उनके द्वारा लगातार किये जा रहे विकास कार्यों से खिन्न होकर तथा उनकी बढ़ती लोकप्रियता से भयभीत होकर हल्की राजनीति से जनता को भ्रमित कर रहा है।
पार्षद वीरेंद्र रमोला ने कहा कि विधायक डा. प्रेमचंद अग्रवाल को जनता से बड़े अंतर से जिताया है, यहां तक कि पिछले लोकसभा चुनावों में भी सर्वाधिक मत इसी विधानसभा से मिले थे। यही नहीं, निकाय चुनावों में भी रिकॉर्ड जीत दर्ज की। पार्षद ने कहा कि प्रदेश में 46 जगहों पर कांग्रेस के हारे प्रत्याशियों ने अपनी हार स्वीकार की है, जबकि ऋषिकेश विधानसभा में कांग्रेस का हारा व्यक्ति अपनी पराजय को स्वीकार नहीं कर पा रहा है और प्रतिदिन षड्यंत्र के तहत सोशल मीडिया का दुरूपयोग कर मंत्री की लोकप्रिय छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहा है।
समाजसेवी मानवेंद्र कंडारी ने कहा कि प्रदेश में जी-20 के विदेशी सरजमीं के मेहमान पहुंचे हैं, ऐसे में बाहरी लोगों के साथ एकत्र होकर कुटरचना की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को शर्म आनी है, जहां प्रदेश का नाम विदेशों में भी हो रहा है, वहीं, प्रदेश की छवि को धूमिल करने का काम कांग्रेस कर रही है। उन्होंने कहा कि विधायक डा. अग्रवाल की लोकप्रियता कांग्रेस के हारे प्रत्याशी को रास नहीं आ रही है। ऐसे में वह समाज में जहर घोलने का काम कर रहा है।
रंजीत थापा ने कहा कि कांग्रेस के कुछ तथाकथित लोग ऐसे लोगों के साथ दे रही है, जो स्वयं को समाजसेवी होने का दावा करते है, जबकि वास्तविकता यह है कि ऐसे लोग सोशल मीडिया का दुरप्रयोग करने में अव्वल हैं, साथ ही आरटीआई का गलत इस्तेमाल करते है। उन्होंने कहा कि बिना मुद्दों को तूल देकर कांग्रेस तुच्छ राजनीति कर रही है, इसके चलते रसातल की ओर अग्रसर हो रही है।
इस दौरान भारी संख्या में पर्वतीय मूल के लोगों ने मंत्री डा. अग्रवाल के समर्थन में नारे लगाए और समाज में नकारात्मकता फैला रहे तथाकथित लोगों के खिलाफ बिगुल फूंकते हुए बहिष्कार करने का संकल्प लिया।
इस मौके पर प्रेम सिंह रावत, केपी डंगवाल, पूर्णानंद जोशी, धनीराम गौड़, राजेंद्र प्रसाद भट्ट, भुवन चंद फुलारा, विरेंद्र बिष्ट, राजू गुनसोला, मोहन प्रसाद गौड़, महिला मोर्चा अध्यक्ष निर्मला उनियाल, रूपा रमोला, अन्नू भट्ट, गुंजन, सुमन पैंयूली, सत्यपाल राणा आदि उपस्थित रहे।

डा. सुनील थपलियाल को मिला स्व. रीता शर्मा स्मृति सम्मान

मुनीकीरेती ढालवाला में आयोजित एक साहित्य सम्मान कार्यक्रम में इस वर्ष का शिक्षाविद साहित्यकार स्वर्गीय रीता शर्मा स्मृति साहित्य सम्मान आवाज. साहित्यिक संस्था के डिजिटल संयोजक डॉक्टर सुनील थपलियाल को दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जनकवि डॉ अतुल शर्मा, रंजना शर्मा, रेखा शर्मा तथा पूर्व राज्य में मंत्री युवा तुर्क रविंद्र जुगलान ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद ममता जोशी द्वारा सरस्वती वंदना एवं लोक गायक रमेश उनियाल द्वारा जागरण से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

आवाज. साहित्यिक संस्था के उपाध्यक्ष आचार्य रामकृष्ण पोखरियाल ने स्वागत उद्बोधन के साथ सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया कार्यक्रम के संयोजक धरातल साहित्यिक संस्था देहरादून के अतुल शर्मा एवं रंजना शर्मा तथा रेखा शर्मा ने साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए इस वर्ष का सम्मान आवाज साहित्यिक संस्था के संयोजक डॉक्टर सुनील थपलियाल को दिए जाने की घोषणा की।

इस अवसर पर डॉ अतुल शर्मा ने कहा कि रीता अनीता शर्मा एक शिक्षाविद और संवेदनशील लेखिका थी। उन्होंने समाज हित के लिए अपने साहित्य की रचना की और वही कार्य आवाज साहित्यिक संस्था के डॉक्टर सुनील थपलियाल कर रहे हैं इसलिए सुनील जी को यह सम्मान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि साहित्य और समाज एक दूसरे के पूरक हैं और आवाज के डिजिटल कार्यक्रम में इसी जन-जन तक पहुंचाया है सम्मान के रूप में स्मृति चिन्ह साल प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मनोज प्रपन्नाचार्य ने कहा कि साहित्य समाज की अनमोल देन है। कार्यक्रम मे विशालमनी पैन्यूली ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डा सुनील दत्त थपलियाल का सम्मान कई संस्थाओं का सम्मान है, कार्यक्रम का संचालन राम बल्लभ भट्ट ने किया। इस अवसर पर गढ़ भूमि लोक संरक्षण समिति समिति के अध्यक्ष आसाराम ब्यास आवाज साहित्यिक संस्था के अशोक शर्मा, प्रबोध उनियाल, सत्येंद्र चौहान, महेश चिटकारिया, सामाजिक कार्यकर्ता गजेंद्र कंडियाल, सुरेंद्र भंडारी, संतोष व्यास, महिपाल बिष्ट, धनीराम बिंजोला, बीना जोशी, निर्मला उनियाल, पुष्पा ध्यानी, ममता जोशी, नीलम जोशी, सरोजनी भट्ट, सुशीला बड़थ्वाल, प्रियंका, रश्मि पैन्यूली, दर्शनी भंडारी, विजय लक्ष्मी, गोपाल भटनागर सहित कई साहित्यकार उपस्थित थे।

ट्रेफिक डायवर्ट होने से व्यापार हो रहा चौपट, शीघ्र बदला जाएः ललित मोहन मिश्र

ऋषिकेश की ट्रेफिक को डायवर्ट करने से व्यापारियों को व्यापार में नुकसान हो रहा है, अब आलम यह है कि डायवर्ट रूट को ऋषिकेश में लाने की मांग उठने लगी है। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने प्रशासन की ट्रेफिक व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए इसे तुरंत बदलने की मांग की है।

ललित मोहन मिश्र ने कहा कि प्रशासन द्वारा नेपाली फार्म तिराहे से ट्रेफिक को छिद्दरवाला की तरफ मोड़ना गलत निर्णय है। उन्होंने कहा कि इससे ऋषिकेश का व्यापार चौपट हो रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटक, तीर्थयात्रियों के ऋषिकेश न आने से व्यापारियों के समक्ष आर्थिक समस्या पैदा हो रही है।
ललित मोहन मिश्र ने इस सीजन में सड़क निर्माण पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि प्रशासन स्वय ऐसे कार्य करता है जिससे जाम लगे और अपनी विफलता को छुपाने के लिये व्यापारियों के पेट पर लात मारता है।

उन्होंने कहा कि श्यामपुर तिराहे पर ऋषिकेश का साइन बोर्ड बाईपास की तरफ लगा है प्रशासन खुद टूरिस्ट को भ्रमित कर रहा है। उन्होंने समस्या को शीघ्र ठीक न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

चेक बाउंस मामले में तीन माह की सजा और 3 लाख रुपए जुर्माना

चेक बाउंस मामले में न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश नंदिता काला की अदालत ने आरोपी कुंदन लाल को तीन माह के कारावास तथा तीन लाख रुपए का जुर्माना की सजा सुनाई है।

अधिवक्ता शुभम राठी ने बताया कि वीरपुरखुर्द निवासी प्रकाश बोरा की जान पहचान एम्स अस्पताल ऋषिकेश में कार्यरत मूल रूप से सेमवाल गांव, थाना सत्यो, जिला टिहरी गढ़वाल निवासी कुंदन लाल से थी। कुंदन लाल ने मई 2016 में प्रकाश बोरा से 2 लाख रुपए पांच महीने के लिए उधार लिए थे और पांच महीने बाद पैसे लौटाने के एवज में एक 2 लाख रुपए का चेक परिवादी को दिया जो की बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। जब परिवादी ने कुंदन लाल से अपनी रकम का तकाजा किया तो कुंदन ने सिर्फ 15 हजार नकद लोटाए तथा शेष 1,85,000 का फिर से कुछ दिन बाद का एक चेक परिवादी को दिया। वह चेक भी बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। उसके पश्चात कुंदन लाल ने परिवादी को पैसा लौटाने से साफ इंकार कर दिया।

परिवादी द्वारा अधिवक्ता शुभम राठी के माध्यम से कोर्ट में केस दर्ज किया। छह साल चले इस मामले में कोर्ट ने कुंदन लाल को दोषी पाया और उसे तीन माह के कारावास से दंडित किया साथ ही कुंदन लाल पर तीन लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया, जो की उसके द्वारा परिवादी को अदा किया जाएगा।

गुरूद्वारा परिसर से राज्यपाल और सीएम ने किया हेमकुंड साहिब के प्रथम जत्थे को रवाना

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा परिसर ऋषिकेश से श्री हेमकुंड साहिब यात्रा के प्रथम जत्थे को रवाना किया। राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा में मत्था टेका एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने हेमकुंड यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी।
राज्यपाल ने कहा कि आज श्री हेमकुंड साहिब जी की यात्रा के शुभारंभ का यह बहुत ही शुभ दिन है, पंज प्यारों के नेतृत्व में पहला जत्था श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए रवाना हो रहा है और मैं इस पवित्र अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूँ। उन्होंने कहा कि यह यात्रा हम सबके लिए श्रद्धा, भक्ति और विश्वास की यात्रा है, जीवन को धन्य बनाने की यात्रा है।
राज्यपाल ने कहा कि आप सभी श्रद्धालुओं को भी हिमालय की सात चोटियों के बीच, अमृत सरोवर की लहरों के बीच, पवित्र श्री निशान साहिब की लहराती दिव्य ध्वजा के साथ श्री हेमकुंड साहिब जी के पवित्र दर्शन प्राप्त कर जीवन को धन्य बनाने का यह अवसर प्राप्त हुआ है।
राज्यपाल ने सिख गुरुओं को याद करते हुए कहा कि युद्ध कला, युद्ध रणनीति, ‘निश्चय कर अपनी जीत करौ’ विजय हासिल करने की शिक्षा, निंदा, चुगली से दूर रहने की शिक्षा, जरूरतमंद की सेवा करने की शिक्षा, बचत करने की शिक्षा, शस्त्र विद्या, घुड़सवारी करने की शिक्षा, नशे से दूर रहने की शिक्षा हमें गुरूओं ने दी है। उन्होंने कहा कि स्वाभिमान, साहस, बलिदान, परिश्रम और सेवा के मार्ग पर चलकर ‘सवा लाख ते एक लड़ावां’ का संदेश अदम्य साहस की शिक्षाओं का सार है।
वहां उपस्थित देश-विदेश से आए हुए श्रद्धालुओं से राज्यपाल ने कहा कि यह उत्तराखण्ड की धरती गुरु परम्परा की समृद्ध धरती है। उन्होंने कहा कि श्री हेमकुंड यात्रा में आने वाला हर यात्री हमारा ब्रांड एंबेसडर है, हमारा प्रयास है कि यहां से हर एक साध संगत संतुष्ट होकर जाए, हमारे लिए ये बहुत ही खुशी की बात है कि श्री हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए दो हजार से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं।
इस अवसर पर राज्यपाल ने श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा की खोज करने वाले महान आत्माओं को भी याद कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की एवं राज्य सरकार द्वारा यात्रा हेतु एवं यात्रा मार्ग पर हो रहे कार्य, व्यवस्थाओं एवं हेल्थ एटीएम को लेकर खुशी जाहिर की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा पर जाने से पहले अपने स्वास्थ्य परीक्षण जरूर करवाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा भी चरम पर है। पिछले साल 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के दर्शन किए। इस वर्ष चारधाम यात्रा के लिए इससे भी अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार से परेशानी न हो, इसके लिए हर संभव व्यवस्थाएं की गई हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ एवं श्री हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे का शिलान्यास करने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन दोनों रोपवे के बन जाने से यात्रा सहज एवं सुगम होगी। कर्णप्रयाग-ऋषिकेश रेल लाइन शुरू होने के बाद हेमकुंड साहिब की यात्रा और सुगम होगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रेम चंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल एवं गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा उपस्थित थे।

ट्रांजिट कैंप का लोकार्पण कर मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में लगभग 22.25 करोड़ रूपये की लागत से चारधाम यात्रियों के लिए बने रजिस्ट्रेशन ऑफिस कम ट्रांजिट कैम्प का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने ऋषिकेश क्षेत्र में चन्द्रभागा नदी के दायें तट पर ढ़ालवाला पुल से बस अड्डा तक लगभग 4.71 करोड़ रूपये से निर्मित आस्था पथ के ऊपर सी.सी. मार्ग के निर्माण कार्य का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रियों के लिए रजिस्ट्रेशन ऑफिस कम ट्रांजिट कैम्प के लोकार्पण के अवसर पर चारधाम यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत किये जा रहे सभी कार्यों का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने ट्रांजिट कैम्प में चिकित्सालय, पंजीकरण कार्यालय, पूछताछ एवं सहायता केन्द्र का अवलोकन भी किया और वहां की सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं अच्छी रखी जाए। यात्रियों के साथ शालीनता पूर्वक व्यवहार किया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर विभिन्न राज्यों से चारधाम यात्रा के लिए आए श्रद्धालुओं से बातचीत की। उन्होंने सभी का देवभूमि उत्तराखण्ड में स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार द्वारा श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। उन्होंने चारधाम यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डा. प्रेम चंद अग्रवाल, सासंद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, मेयर ऋषिकेश, गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार, आईजी गढ़वाल के. एस. नगन्याल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

श्री अन्न महोत्सव कार्यक्रम का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वे स्टेडियम, हाथीबड़कला में श्री अन्न महोत्सव 2023 का शुभारंभ किया। चार दिन तक चलने वाले इस श्री अन्न महोत्सव में प्रदेशभर से हजारों किसान प्रतिभाग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मिलेट्स पर आधारित विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया एवं कृषि विभाग उत्तराखण्ड की पौष्टिक फसलों पर आधारित पुस्तक ‘‘स्वाद के साथ स्वास्थ्य’’ का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह आयोजन ‘श्री अन्न’ को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। इस तरह के आयोजनों से न केवल मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे किसानों को भी मोटे अनाजों से संबंधित आवश्यक जानकारियां प्राप्त होंगी। देश में वर्ष 2023 को ’’मिलेट्स ईयर’’ के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन व दूरदर्शिता के कारण ही आज समस्त विश्व हमारे देश की परम्परागत फसलों के महत्व को समझ रहा है। भारत के प्रस्ताव पर ही ’’संयुक्त राष्ट्र संघ’’ ने 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ’’श्री अन्न’’ केवल खेती या खाने तक सीमित नहीं हैं, जहां ’’श्री’’ होता है वहां समृद्धि भी होती है, समग्रता होती है और विजय होती है। इसलिए प्रधानमंत्री ने मिलेट्स को ’’श्री अन्न’’ की संज्ञा दी है।’’श्री अन्न’’ भारत में समग्र विकास का माध्यम बन रहा है इसमें गांव और गरीब जुड़ा है और अब देश का प्रत्येक नागरिक भी इससे जुड़ रहा है। श्री अन्न फसलों में पौषणीय तत्व के साथ-साथ औषधीय गुण भी पाये जाते है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्र में मिलेट की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित करने और रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। राज्य के पर्वतीय जिलों के कृषकों से मंडवा, झिंगोरा, चौलाई जैसे मोटे अनाजों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कर रही है साथ ही किसानों को इसका ऑनलाइन भुगतान भी किया जा रहा है। इससे न सिर्फ किसानों की आय में बढ़ोतरी हो रही है बल्कि मिलेट उत्पादों के उत्पादन हेतु किसान प्रोत्साहित भी हो रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकार द्वारा मिलेट फसलों को प्रोत्साहन तथा आम जनमानस के भोजन में सम्मिलित करने हेतु लगभग 73 करोड़ रुपए की धनराशि स्टेट मिलेट मिशन को दी गई है। जैविक कृषि के साथ-साथ राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन योजना का क्रियान्वयन प्रदेश के 11 जनपदों में इस वर्ष से आरम्भ किया जा रहा है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा 6400 हेक्टेयर भूमि पर लगभग 796 लाख के कृषि मिशन कार्यक्रम के संचालन की स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है। राज्य में ’’मुख्यमंत्री प्राकृतिक कृषि योजना’’ तथा नमामि गंगे प्राकृतिक कृषि कॉरिडोर योजना“ द्वारा प्रदेश के अधिक से अधिक कृषि क्षेत्र को प्राकृतिक कृषि के अन्तर्गत आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन किये जाने हेतु नियमित अनुश्रवण एवं नियोजन के लिए “राज्य प्राकृतिक कृषि बोर्ड“ का गठन किया जाना भी प्रस्तावित है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि लोक पर्वों एवं त्योहारों में श्री अन्न को अवश्य शामिल करें।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में प्राचीन काल से ही श्री अन्न की खेती होती थी। देवभूमि उत्तराखण्ड मोटे अनाजों की राजधानी रही है। राज्य में किसानों से मंडुवे को एमएसपी पर लेने एवं इसके लिए महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को जो इन्सेन्टिव देने की व्यवस्था की गई यह सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया श्री अन्न के महत्व को समझ रही है। उत्तर प्रदेश में भी पौष्टिक आहारों को तेजी से प्रमोट किया जा रहा है।

प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में मिलेट्स के क्षेत्र में लगातार कार्य हो रहे हैं। राज्य में अनाजों की उपज बढ़ रही है। किसानों को मोटे अनाजों के उत्पादन कर अच्छा मूल्य मिले इसके लिए राज्य में मंडुवे की एमएसपी 35 रूपये 78 पैसे रखी गई है। किसानों से एमएसपी पर मंडुआ लेने पर महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रति किलो मंडुवे पर 1.50 रुपये इन्सेंटिव की व्यवस्था की गई है। 2025 तक राज्य के सवा लाख बहनों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जैविक खेती के क्षेत्र में भी राज्य में अच्छा कार्य हो रहा है। इसके लिए उत्त्राखण्ड को लगातार दो साल प्रथम पुरस्कार मिला है। ऐरोमा के क्षेत्र में भी राज्य में तेजी से कार्य हो रहे हैं। एप्पल मिशन मिशन में 35 करोड़ एवं कीवी मिशन में 20 करोड़ रूपये का प्राविधान किया गया है। 2025 तक मिलेट्स एवं हॉर्टिकल्चर के क्षेत्र में उत्पादन को दुगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, बृजभूषण गैरोला, सुरेश गड़िया, किसान आयोग के अध्यक्ष राकेश राजपूत, किसान मोर्चा के अध्यक्ष जोगेन्द्र सिंह पुण्डीर, भाजपा के जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, सचिव कृषि बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम, निदेशक कृषि गौरी शंकर एवं प्रदेश भर से आये कृषक मौजूद थे।

मुख्यमंत्री का लोकतंत्र सेनानियों के परिजनों ने जताया आभार

लोकतंत्र सेनानी आश्रित संघ उत्तराखंड ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया है। लोकतंत्र सेनानियों की विधवा पत्नी एवं विधुर पति को भी लोकतंत्र सेनानी सम्मान पेंशन दिए जाने के आदेश पर खुशी जताई।

संयोजक दयाशंकर पांडेय ने सीएम धामी को लिखे पत्र में कहा कि लोकतंत्र सेनानी आश्रित संघ पिछले छह साल से उत्तराखंड में अपनी मांग को लेकर प्रयासरत था। जीवित लोकतंत्र सेनानियों को 2018 से सम्मान पेंशन का लाभ मिल रहा था, लेकिन दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के आश्रितों को लाभ नहीं मिल रहा था। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से मुख्यमंत्री के समक्ष मामला लाया गया। इसमें बताया गया कि जीवित लोकतंत्र सेनानियों की संख्या कम रह गई है।

ऐसे में सभी लोकतंत्र सेनानियों के परिवारों को पेंशन नहीं मिल पा रही है। इस पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। राज्य में भाजपा सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर उन्होंने इसकी घोषणा की। बेहद कम समय में ही घोषणा को मूर्त रूप देते हुए शासनादेश जारी हो गया है। आपातकाल का दंश झेल चुके इन परिवारों ने बेहद कठिन समय में लोकतंत्र को जिंदा रखने में अपना योगदान दिया है। उम्मीद है कि प्रदेश में सभी लोकतंत्र सेनानी जो पूर्व में इससे वंचित रह गये थे, अब लाभ उठा सकेंगे। पांडे ने कहा कि सीएम धामी ने संघ और भाजपा के नींव के पत्थरों को सम्मान देकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की घोषणा का मान बढ़ाया है।