विभागीय मंत्री के समक्ष परिवहन व्ववसायियों ने रखी अपनी मांग

उत्तराखंड परिवहन महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष सुधीर राय के नेतृत्व में सूबे के परिवहन मंत्री चंदन रामदास से विधान सभा देहरादून में मिला एवं वाहनों पर लगने वाली व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस के संबंध में माननीय परिवहन मंत्री जी को अवगत कराया।

राय ने कहा की राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा समस्त यात्रा में चलने वाली वाहनों में शर्त लगाई की वाहनों में वीएलटीडी लगाना अनिवार्य होगा। तत्पशात ही यात्रा में ग्रीन कार्ड जारी होगा। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर यात्रा काल में अफरा-तफरी का माहौल हो जाएगा। जिससे यात्रा प्रभावित होगी, सरकार को चाहिए कि यात्रा समाप्ति के पश्चात स्टेप वाइज वाहनों पर वीएलटीडी लगाना सुनिश्चित करें।

माननीय परिवहन मंत्री जी ने समस्त बातो को ध्यान पूर्वक सुना और ये आश्वस्त किया की यात्रा से पूर्व इस तरह की कार्यवाही नही की जाएगी यात्रा को निर्विवाद रूप से एवं सुरक्षित यात्रा कराना हमारी जिम्मेदारी है ।

प्रतिनिधिमंडल में रुपुकुंड पर्यटन के अध्यक्ष भुपाल सिंह नेगी,यातायात पर्यटन विकास सहकारी संघ के उपाध्यक्ष नवीन चंद रमोला एवं वाहन स्वामी ओम प्रकाश रुडोला उपस्थित थे ।

दाताराम रियाल बने मंडलीय अध्यक्ष, कर्मचारियों में हर्ष की लहर

गढ़वाल जल संस्थान कर्मचारी संघ के प्रदेश चुनाव में दाताराम रियाल निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। बुधवार को गढ़वाल कर्मचारी संघ ऋषिकेश शाखा पहुंचने पर दाताराम रियाल का कर्मचारियों ने स्वागत किया। स्थानीय कर्मचारियों ने गढ़वाल कर्मचारी संघ का अध्यक्ष चुने जाने पर हर्ष जताया।
इस अवसर पर नवनिर्वाचित मंडलीय अध्यक्ष दाताराम रियाल ने कर्मचारियों को एकजुट रहकर उनकी समस्याओं का निवारण करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर स्वागत करने वालों में शाखा अध्यक्ष विनीत शर्मा, जलकल अभियंता अनिल नेगी, नितिन शर्मा, योगेश शर्मा, अनिल कुमार, सुभाष बिष्ट, राम सिंह, संदीप मैखुरी, जेई पिंकी, सुनील पांडे, सीमा नेगी, जानवी पुरोहित, निधि गुप्ता, प्रमोद हटवाल, आरती रावत आदि मौजूद थे।

क्षैतिज आरक्षण प्रस्ताव को मंजूरी देने पर धामी सरकार का दिया धन्यवाद

राज्य आंदोलनकारियों ने कैबिनेट में क्षैतिज आरक्षण के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर खुशी जताई। साथ ही सीएम और सब कमेटी का आभार भी जताया। उन्होंने क्षैतिज आरक्षण की स्वीकृति को आंदोलनकारियों की शहादतों और संघर्ष का सम्मान बताया।
मंगलवार को नगर निगम परिसर स्थित इंद्रमणि बडोनी हॉल में आयोजित उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानियों ने क्षैतिज आरक्षण पर कैबिनेट के फैसले को लेकर बैठक की। उन्होंने एक दूसरे को मिष्ठान खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सब कमेटी अध्यक्ष सुबोध उनियाल, सदस्य सौरव बहुगुणा, और चंदनराम दास का धन्यवाद ज्ञापित भी किया। उन्होंने कहा कि 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी मिलना राज्य निर्माण सेनानियों की शहादतों और संघर्षों को सम्मान है। कहा कि यह मामला लंबे समय से कोर्ट में लंबित था। जिससे आंदोलनकारी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे थे।
बैठक में वेदप्रकाश शर्मा, संजय शास्त्री, डीएस गुसाईं, गंभीर सिंह मेवाड, विक्रम भंडारी, सरोज डिमरी, बलवीर सिंह नेगी, बर सिंह बर्त्वाल, गुलाब सिंह रावत, बेताल सिंह धनाई, विशंभर दत्त डोभाल, बृजेश डोभाल, युद्धवीर सिंह चौहान, मुन्नी ध्यानी, प्रेमा नेगी, चेता देवी, यशोदा नेगी, गुड्डी डोभाल, कृष्णा देवी आदि मौजूद थे।

भाजपा सह प्रभारी ने ऋषिकेश में कार्यकर्ताओं की बैठक ली

भाजपा बूथ सशक्तिकरण अभियान की बैठक आज विधानसभा क्षेत्र ऋषिकेश में सनराइज वेडिंग प्वाइंट में आयोजित की गई। इस अवसर पर प्रदेश सह प्रभारी व सांसद रेखा वर्मा, सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, केबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचन्द अग्रवाल, जिला अध्यक्ष रविंद्र राणा, प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, सह प्रभारी नलिन भट्ट, राजेंद्र तड़ियाल, मंडल अध्यक्ष ऋषिकेश सुमित पंवार ने संयुक्तरुप से द्वीप प्रज्वलित कर बूथ सशक्तिकरण अभियान की शुरुआत की गई। जिसमें लगभग 300 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर सांसद हरिद्वार रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि जब हमारा बूथ सशक्त होगा तभी हम चुनाव जीत सकते हैं बिना बूथ सशक्तिकरण के किसी भी चुनाव को जितना संभव नहीं है। कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि हमारा एक एक कार्यकर्ता हमारी रीड की हड्डी है हमारा प्रत्येक कार्यकर्ता हमारे लिए सबसे अहम और महत्वपूर्ण स्थान रखता है हमारा हर कार्यकर्ता देव तुल्य है और प्रत्येक देव तुल्य कार्यकर्ता ही बूथ को सशक्त करता है और बूथ सशक्तिकरण की रीड की हड्डी बनकर हमें जीत दिलाता है। राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी ने कहा कि बूथ सशक्तिकरण के इस अभियान को संपूर्ण भारतवर्ष में चलाया जा रहा है जिससे 2024 का चुनाव जीतने में किसी तरह की कोई कमी ना रह जाए।
राज्य की सह प्रभारी रेखा वर्मा के द्वारा सरकार की उपलब्धियां और बूथ को सशक्तिकरण करने के बारे में जानकारी दी गई, साथ ही राष्ट्रपति जी के अभिभाषण, सरल ऐप, नमो ऐप और पन्ना प्रमुख तक को किस तरह से कार्य करना चाहिए, इस बात की जानकारी दी गई।

गंगा में स्नान के लिए पहुंचे तीन युवक तेज धारा में बहे

देहरादून डीआईटी में पढ़ने वाले दो बीटेक के छात्र आदित्य राज 22 कोलकाता, उत्कर्ष 22 आगरा होली खेलने आए शिवपुरी के नमामि गंगे घाट पर डूब गए वही लक्ष्मण झूला क्षेत्र के पटना वाटर फॉल के पास गंगा नदी में पैर फिसलने से शोभित यादव 30 निवासी मुरादाबाद भी गंगा में डूब गए, वही डूबे हुए व्यक्तियों की तलाश में एसडीआरएफ की टीम ने सर्चिंग अभियान शुरू कर दिया है ।

आज होली के मौके पर देहरादून डीआईटी में पढ़ने वाले 2 छात्र ऋषिकेश होली मनाने के उद्देश्य पहुंचे थे जो शिवपुरी के नमामि गंगे घाट पर नहाते हुए डूब गए हैं वही लक्ष्मण झूला क्षेत्र के पटना वाटर फाल के पास नहाते हुए मुरादाबाद से आए सुमित यादव का पैर फिसलने से गंगा में डूबने की सूचना एसडीआरएफ दल को प्राप्त हुई सूचना पर तुरंत एसडीआरएफ की टीम में मौके पर जाकर सर्च ऑपरेशन चलाया परंतु अभी तक किसी का पता नहीं चला। एसडीआरएफ के प्रभारी कविंद्र सजवान ने बताया कि डूबे हुए व्यक्तियों के परिजनों को सूचना दे दिया गया बताया कि आज देर शाम होने के कारण सर्चिंग अभियान रोक दिया गया है कल सुबह फिर से सर्चिंग अभियान शुरू कर डूबे हुए व्यक्तियों की तालाश की जाएगी।

योग साधकों ने लठमार और अवधि शैली की मनाई होली

ऋषिकेश में स्थित मुनि की रेती में पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव’ का मंगलवार को समापन हो गया है। सात दिवसीय योग महोत्सव के आख़िरी दिन फूलों की होली के साथ विदेशी पर्यटक खूब झूमें। इस योग महोत्सव में 1600 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया।
योग महोत्सव के अंतिम दिन के कार्यक्रमों में पर्यटन विभाग के सहयोग से योग स्कूलों में से एक हार्टफुलनेस संस्थान की छवि सिसोदिया ने रक्तचाप उपचार के लिए एक योग सत्र का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने योग साधकों को बल्ड प्रेशर नियंत्रण के लिए अनेक योग प्रणायामों के बारे में बताया व इनके करने की विधि समझाई। इस दौरान उन्होंने बताया कि बल्ड प्रेशर अनेक रोगों का कारक है। आज रोजमर्रा के जीवन में लोगों की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्या हाई बल्ड प्रेशर है, जो अनेक रोगों का जनक है, जिनमें हृदय, किडनी एवं आँख संबंधी रोगों के साथ मेटाबॉलिक सिन्ड्रोम, सांस लेने में कठिनाई, नींद की समस्या, थायरॉइड समस्या आदि प्रमुख हैं। इसके अलावा अन्य दूसरे सत्र में छवि सिसोदिया के मार्गदर्शन में साधकों ने ध्यान योग किया। अन्य सहयोगी योग संस्थान में चेन्नई स्थित कृष्णामचार्य योग मंदिरम के योगाचार्य एस श्रीधरण ने भक्ति सत्र का आयोजन किया।
योग महोत्सव के समापन कार्यक्रम पर उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद निदेशक विपणन व प्रचार सुमित पंत ने योग महोत्सव में आये सभी योग विद्यालयों के गुरूओं को प्रमाण पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट किए। योग महोत्सव के समापन कार्यक्रम का संचालन पर्यटन विभाग के जनसंपर्क अधिकारी कमल किशोर जोशी ने किया।
समापन कार्यक्रम में डॉ. सुनील जोशी उप कुलपति आयुर्वेद विश्वविद्यालय, डॉ. छवि सिसौदिया हार्टफुलनेस संस्थान, राजीव कालरा ईशा फाउंडेशन, वीपी सिंह कैवल्यधाम, अरूण पेरूमल कृष्णामचार्य योग मंदिरम, सुश्री एकता राममणि स्मृति योग संस्थान, नंदलला शिवानंद आश्रम, कुमार नारायण आर्ट ऑफ लिविंग, सुनील भगत नारायण स्वामी सहित देश-विदेश के पर्यटक मौजूद रहे।
अंतिम दिन के कार्यक्रमों में दैनिक आधार पर चल रहे सहयोगी योग संस्थानों द्वारा 2 घंटे का योग, हास्य योग विशेषज्ञ मनोज रंगढ़ द्वारा हास्य योग सत्र, आयुर्वेद विश्वविद्यालय द्वारा नाड़ी परीक्षण का आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त होली के उपलक्ष्य में शाम को इस्कॉन द्वारा राधा कृष्ण की मूर्ति का पुष्पाभिषेक किया गया, जिसके बाद फूलों की होली खेली गई।
गौरतलब है कि पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारंभ एक मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज द्वारा किया गया। सात दिनों के इस महोत्सव में योगाभ्यास, भक्ति के अलावा विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन किए गये।
महोत्सव में आए पर्यटकों ने ईशा फाउंडेशन, शिवानंद आश्रम, आर्ट ऑफ लिविंग, कृष्णामचार्य योग मंदिरम, कैवल्यधाम, राममणि स्मृति योग संस्थान, हार्टफुलनेस संस्थान के योगाचार्यों व प्रशिक्षकों के सान्निध्य में विभिन्न प्रकार के योगाभ्यास व योगकलाएं सीखी। साथ नाड़ी परीक्षण, ध्यान योग एवं भक्ति सत्रों से आरोग्य एवं भक्ति का लाभ कमाया। विदेशी योग साधकों में राज्य के परिधानों व स्वादिष्ट व्यंजनों एवं लोक कलाओं को लेकर खासी दिलचस्पी देखी गई। इसके अलावा विभिन्न विषयों पर पैनल परिचर्चाओं एवं रात्रि के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आगंतुकों को ज्ञान अर्जन के साथ मनोरंजन का भी सुख प्रदान किया।
योग महोत्सव के दौरान उत्तराखण्ड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय द्वारा मर्म चिकित्सा, नाड़ी परीक्षण, चिकित्सीय परामर्श एवं निःशुल्क औषधि वितरण किया गया। विश्वविद्यालय के चिकित्सक डॉ. विपिन चंद्र ने बताया कि 1 मार्च से 7 मार्च तक ओपीडी में 500 से अधिक लोगों ने अपना परीक्षण करवाया एवं चिकित्सीय परामर्श प्राप्त किया।

होली मिलन समारोह में होल्यारों ने खेली होली

श्यामपुर स्थित होटल नंदा में कुमाऊंनी सभा द्वारा होली मिलन कार्यक्रम आयोजन किया गया। इसमें होली कार्यक्रम में बैठकी और खड़ी होली का आयोजन किया गया है।

इस दौरान होल्यार होली के गीतों और गुलाल में झूमते नजर आए। कुमाऊं में शास्त्रीय रागों पर आधारित बैठकी और कदमताल के साथ खड़ी होली में समूहबद्ध होकर होली गायन हुआ। शास्त्रीय रागों में काफी, जंगला काफी, विहाग, देश, जैजैवंती, परन, बागेश्वरी, श्याम कल्याण, परज, झिंझोटी, जोगिया, भैरवी, खम्माज, पीलू, बहार आदि रागों में होली गायन होता है। खड़ी होली में समूहबद्ध होकर गायन किया गया इसमें दो पक्ष बनाए गये एक पक्ष होली गायन शुरू करता है तो दूसरा पक्ष उन स्वरों को दोहराता है। होली गायन में हारमोनियम, तबला, ढोलक, ढोल, दमाऊं, मजीरा, हुड़का समेत तमाम स्थानीय वाद्य यंत्रों का प्रयोग किया गया।

इस मौके पर नंदन जोशी. गिरीश चंद्र सोठा, चंद्र शेखर पांडे, जगदीश पांडे, महेश पाठक, संजय बोरा, मुकुल दुर्गापाल, तारादत्त चंदोला, बाला दत्त पांडे, भुवन चंद्र फुलारा, भावेश जोशी, ललित चंदोला, कृष्णा तिवारी, इंदु जोशी, बसंती सोता, शोभा उप्रेती, प्रेम सिंह रागी, प्रभा जोशी, गीता रावत, विमला बोरा, हरीश उप्रेती, दिनेश भट्ट, चंद्र बल्लभ कर्नाटक, विजय कर्नाटक, पुष्पा पांडे, बसंती चंदोला, मनोहर पांडे, मारकंडे आदि उपस्थित रहे।

इंडियन डेंटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों का हुआ सम्मान

अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा ने आईडीए की ऋषिकेश शाखा के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ मनोज कांडपाल व उनकी टीम के पद्दाधिकारियों को सम्मानित किया। इस मौके पर इंडियन डेंटल ऐसोसिएशन ने जनसरोकार से जुड़े कार्यक्रमों में अपनी भागेदारी सुनिश्चित करने के साथ चरणबद्ध श्रंखला में निर्धन रोगियों के लिए निःशुल्क डेंटल कैंप आयोजित करने का संकल्प लिया।

गढ़वाल महासभा के देहरादून रोड़ स्थित कार्यालय में आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे नेगी ने ऋषिकेश डेंटल एसोसिएशन के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ मनोज कांडपाल, उपाध्यक्ष डॉ मनीष भट्ट,सचिव डॉ नवीन शुक्ला एवं कोषाध्यक्ष डॉ लवित चन्डोक को शॉल ओढ़ाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया।

इस मौके पर आरडीए के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ मनोज कांडपाल ने कहा कि एसोसिएशन का उद्देश्य रहा है कि हर जरूरतमंद तक बेहतर एवं लाभकारी दंत चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सकें। इसके लिए एसोसिएशन द्वारा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र की मलिन बस्तियों में हर माह निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर महासभा के तमाम सदस्यों सहित मनोज नेगी,डॉ मयंक भट्ट,अंजली वर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

पौड़ी में कनेक्टिविटी बढ़ाकर पलायन रोका जा सकता हैः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने सचिवालय में देवप्रयाग और ऋषिकेश के मध्य पौड़ी क्षेत्र से कनेक्टिविटी बढ़ाए जाने के सम्बन्ध में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और जिलाधिकारी पौड़ी के साथ बैठक आयोजित की।

मुख्य सचिव ने कहा कि कनेक्टिविटी को बढ़ाकर इस क्षेत्र में पलायन को रोका जा सकता है, साथ ही, कनेक्टिविटी बढ़ने से इन क्षेत्रों का विकास हो सकेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने जिलाधिकारी पौड़ी से देवप्रयाग से ऋषिकेश के मध्य ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करने के निर्देश दिए जहां मोटर पुल बनाकर अधिक से अधिक जनसंख्या को लाभान्वित किया जा सकता है या ऋषिकेश – देहरादून से कनेक्टिविटी बढ़ाई जा सकती है।
मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग को भी निर्देश दिए कि इस सम्बन्ध में अपने स्तर पर भी प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले से झूला पुल हैं इन्हें विकसित कर मोटर पुल बनाकर अपग्रेड भी किया जा सकता है। इसके लिए संभावनाएं तलाशी जाएं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी पौड़ी आशीष चौहान उपस्थित थे।

अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का सीएम ने किया उद्धाटन, यह मंत्री भी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश स्थित योग भरत घाट में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड देश की सांस्कृतिक राजधानी ही नहीं अपितु योग और वेलनेस का उत्कृष्ट केंद्र भी है। इसलिए राज्य सरकार प्रदेश में योग व वेलनेस केंद्रों का विकास करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। योग हमारे प्रदेश की प्राचीनतम परंपरा है, योग के माध्यम से उत्तराखंड के लोगों को देश विदेश में नई पहचान मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा योग के क्षेत्र में काम कर रहे उत्तराखंड के लोगों को सम्मानित किया जाना समस्त प्रदेशवासियों के लिए सम्मान का विषय है। यह हमारा सौभाग्य है कि इस अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में पद्मश्री से सम्मानित आदरणीय योगाचार्य स्वामी शिवानंद जी, रजनीकांत जी का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। योग महोत्सव में आगंतुकों को जहां एक ओर योग, ध्यान और प्राणायाम की बारीकियों को सीखने का मौका मिलता है, वहीं दूसरी ओर वे नाड़ी परीक्षण और आयुर्वेद शिविरों के माध्यम से अपनी समस्याओं का निःशुल्क समाधान भी पाते हैं।

उन्होंने कहा कि ऋषिकेश की आध्यात्मिक भूमि पर संध्या काल में गंगा आरती, भजन, संकीर्तन और आंचलिक लोक-संगीत की धुन योग महोत्सव में भाग लेने वालों को उत्तराखंड की संस्कृति और विरासत से रूबरू कराने का कार्य करेगी। आज हम कितने तनावपूर्ण माहौल में क्यों न हों, कुछ मिनट का ध्यान हमें आराम देता है, हमारी क्षमताओं को बढ़ा देता है। इसलिए, हमें योग को एक अतिरिक्त काम के तौर पर नहीं लेना है, हमें योग को जानना भी है, हमें योग को जीना भी है, हमें योग को पाना भी है और हमें योग को अपनाना भी है। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत, विश्व को योग का संदेश दे रहा है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का महत्व और भी बढ़ जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा की ऋषिकेश की नैसर्गिक सुंदरता भी ऐसी है कि लोग स्वयं यहां प्रकृति का आनंद लेने के लिए आते हैं और योग महोत्सव के दौरान यह सौंदर्य और आनंद अपने चरम को छू लेता है। संपूर्ण विश्व में आज हमारे ऋषिकेश को योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी कहा जाता है, यह हम सभी के लिए बड़ी गौरव की बात है।

उन्होंने कहा की कुछ ही दिनों बाद यहां होने वाली जी20 बैठक के बाद तो ऋषिकेश की इस आध्यात्मिक भूमि से विश्व का कोना कोना परिचित हो जायेगा। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में घर-घर में योग का प्रचार हुआ है, आज योग ’पार्ट ऑफ लाइफ’ नहीं बल्कि अब ’वे ऑफ लाइफ’ बन चुका है। उन्होंने कहा कि ऋषि-मुनियों की तपस्थली ऋषिकेश जैसे भारत के आध्यात्मिक केन्द्रों ने जिस योग-ऊर्जा को सदियों से पोषित किया, आज वो योग ऊर्जा विश्व स्वास्थ्य को दिशा दे रही है। आज योग वैश्विक सहयोग का पारस्परिक आधार बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज योग मानव मात्र को निरोगी जीवन का विश्वास दे रहा है, आज दुनिया के अलग-अलग देशों में सूर्याेदय के साथ, सूर्य की गति के साथ, लोग योग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि कि इस महोत्सव में आयोजित होने वाले सत्रों की सार्थक चर्चा, हमारी सरकार को योग के क्षेत्र में और अधिक कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशन में उत्तराखण्ड की हमारी डबल इंजन की सरकार उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को पूरा करने के लिए संकल्पबद्ध होकर निरंतर कार्य कर रही है। आज जब पूरी दुनिया में हमारे प्रदेश की पहचान योग और आध्यात्म की जननी के रूप में है, तब हम सभी का दायित्व है कि इस पहचान को उत्कृष्टता प्रदान करने का कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चार धाम यात्रा यहां आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों को सुगम और सरल हो इसके लिये व्यापक तैयारियों की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले बार की यात्रा में तमाम चुनौतियों के बावजूद 50 लाख से अधिक यात्री देवभूमि के दर्शन हेतु आये। इस बार अभी तक 1.51 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके है तथा जीएमवीएन को 4 करोड़ की बुकिंग प्राप्त हो चुकी है। होटल व्यवसायियों की भी बुकिंग यात्रियों द्वारा की जा रही है। इस अवसर मुख्यमंत्री ने आस्थापथ सेतु के विस्तार की भी घोषणा की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पद्मश्री स्वामी शिवानन्द को सम्मानित किया। जबकि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज द्वारा पद्मश्री रजनीकान्त को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री गंगा आरती में भी शामिल हुए, उन्होंने गंगा पूजन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने योग पर आधारित आकर्षक ड्रोन शो का भी अवलोकन किया।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि यह महोत्सव उत्तराखण्ड के पर्यटन को नये आयाम प्रदान करेगा। इससे हमारे परम्परागत उत्पादों को भी पहचान मिलेगी। देश व दुनिया के लोगों को यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा की यहां की बर्ड वाचिंग के साथ कई क्षेत्रों में पहचान बन रही है। राज्य के अन्य पर्यटन क्षेत्रों को पहचान दिलाने का भी कार्य किया जा रहा है। वेडिंग डेस्टिनेशन को भी उत्तराखण्ड में प्रमोट करने का कार्य किया जा रहा है। जिससे लोग यहां विवाह कर देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करें। अनेक धार्मिक सर्किटों के माध्यम से प्रदेश को पहचान दिलाने का कार्य भी किया जा रहा है। इससे पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि चारधाम के साथ लगे अन्य दर्शनीय स्थलों का भी भ्रमण करें।

सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे ने सभी आगन्तुको का स्वागत करते हुए अन्तराष्ट्रीय योग महोत्सव के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी। सचिव पर्यटन ने कहा कि यह योग महोत्सव उत्तराखण्ड के पर्यटन को बढ़ावा देने के हमारी अतिथि देवो भवः की परम्परा को और अधिक प्रभावी बनाने मे मददगार होगा। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव 2023 में 6 प्रतिष्ठित योग संस्थान भाग ले रहे हैं ईशा फाउंडेशन, आर्ट ऑफ लिविंग, रमामणि अयंगर स्मृति योग संस्थान, कैवल्यधाम, कृष्णमाचार्य योग मंदिरम तथा शिवानंद योग वेदांत सेंटर।

कार्यक्रम को कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल ने भी सम्बोधित किया।