एनएच के खिलाफ शहर के व्यापारी लामबंद

एनएच के अधिकारी किसी भी तरह की कारवाई से पूर्व अपनी स्थिति स्पष्ट करें। यह मांग राष्ट्रीय राजमार्ग 58 के व्यापारियों ने रेलवे रोड़ स्थित नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र के कार्यालय में आहुत बैठक में एक स्वर में कही।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए व्यापार मंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने कहा कि लोनिवि द्वारा अनेकों बार पूर्व के वर्षों में सड़कों की स्थिति विज्ञप्ति के माध्यम से जारी की गई है। जिसके आधार पर ही हरिद्वार रोड़ पर दुकानों एवं भवनों का निर्माण हुआ है। उसी आधार पर एन एच को कारवाई करनी चाहिए। उन्होंने व्यापारियों को कहा कि नियम विपरीत यदि प्रशासन द्वारा कारवाई की गई तो उसका पुरजोर विरोध किया जायेगा।
बैठक में रवि जैन, सुनील गुप्ता, शेखर कुमार, आशु डंग, अश्वनी गुप्ता, विजय सिंघल, ललित इच्पिलानि, दीपक गुप्ता, प्रदीप कुमार, अतुल सरीन, कमल अरोड़ा, विजेंद्र गौड़, सुनील ग्रोवर, कपिल कुमार, विनय गॉड, अंकित गॉड, किशोर मेहता, नरेश अग्रवाल, अनिल कुमार, शैलेंद्र चैहान, अखिल गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

अतिक्रमण का नोटिस देने से व्यापारी नेता भड़के

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ऋषिकेश ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण डोईवाला द्वारा हरिद्वार रोड पर व्यापारियों को अतिक्रमण के नोटिस दिए जाने की निंदा की है। उन्होंने कहा कि एनएच पहले सड़क की चैड़ाई को लेकर स्थिति स्पष्ट करें। कहा कि नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमडल व्यापारियों के साथ किसी भी सूरत में अन्याय नहीं होने देगा।
नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने कहा कि गत दिनों राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा कुछ व्यापारियों को अतिक्रमण के नोटिस जारी किए गए, जिसमें सात फरवरी तक अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि द्वारा पूर्व में न्यायालय में घाट चैक से चंद्रभागा तक सड़क चैड़ाई 40 फीट बताई गई है, जो वर्तमान स्थिति के मुताबिक 40 फीट ही है, मगर एनएच द्वारा अधिकांश जगहों पर 40 फीट से ऊपर सड़क चैड़ी होना बताया जा रहा है,जो सही नही है। कहा कि वर्तमान अधिकारी पूर्व के अधिकारियो द्बारा जारी आदेशों को भी अनदेखा कर रहें है।
मिश्रा ने कहा कि एनएच व्यापारियों को बिना आधार के नोटिस देकर परेशान कर रहा हैं, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल सबसे पहले सड़क की चैड़ाई स्पष्ट करने की मांग करता है, उसके पश्चात यदि किसी व्यापारी द्वारा अतिक्रमण किया गया है, तो व्यापार मंडल अतिक्रमण अभियान में प्रशासन का पूर्ण सहयोग करेगा।

न्यायालय के आदेश के बाद चेक बाउंस के आरोपी को राहत, हुआ दोषमुक्त

न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश की अदालत ने चेक बाउंस के आठ साल पुराने मामले में आरोपी को राहत देते हुए अपना फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी को दोषमुक्त किया है। मामला 2015 से न्यायालय में विचाराधीन था।

दरअसल, न्यायालय में दायर वाद में यह बताया गया कि शूरवीर सिंह कंडियाल निवासी ऋषिकेश ने सतेंद्र सिंह पोखरियाल को उधारी के तौर पर 40 लाख रूपये माह दिसंबर 2012 को दिये। जिसे मार्च माह 2013 तक न लौटा पाने पर सतेंद्र सिंह ने शूरवीर को दो चेक 20-20 लाख रूपये के 28 अप्रैल 2015 के दिए। जो 08 मई 2015 को बाउंस हो गए। इसके बाद मामला न्यायालय में विचाराधीन था।

जबकि आरोपी सतेंद्र सिंह पोखरियाल के अधिवक्ता शुभम राठी ने ठोस पैरवी के चलते न्यायालय के समक्ष यह साबित किया कि वादी और आरोपी के बीच किसी भी प्रकार का लेन-देन नहीं हुआ है। अधिवक्ता शुभम राठी ने न्यायालय को बताया कि सतेंद्र पोखरियाल के जानकार ने वादीपक्ष से 13 लाख रूपये उधार लिये थे, जिसमें गारंटर के तौर पर उन्होंने दो चेक दिए थे। अधिवक्ता ने न्यायालय में यह साबित किया कि उधार की 13 लाख रूपये की रकम को वापस लौटा दिया गया। मगर, वादीपक्ष ने गारंटर के चेक वापस नहीं किए।

वहीं, इस मामले में न्यायालय राजेंद्र कुमार की अदालत के समक्ष वादीपक्ष 40 लाख रूपये का लेनदेन साबित नहीं कर सका। न्यायालय ने आरोपी सतेंद्र पोखरियाल निवासी गढ़ी मयचक होशियारपुर ऋषिकेश को दोषमुक्त किया है।

नुकीली वस्तु से हमला कर सेवादार को किया मृतक

गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब परिसर में आज दोपहर मुख्य द्वार पर लंगर वितरण के दौरान एक व्यक्ति ने गुरुद्वारा के सेवक पर नुकीली वस्तु से हमला कर दिया। हमला गर्दन पर पीछे से किया गया। घायल को राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश लाया गया। जहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए एम्स रेफर किया गया है। गुरुद्वारा के अन्य सेवकों ने हमलावर को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया।

गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहब लक्ष्मण झूला ऋषिकेश के मुख्य द्वार पर प्रतिदिन गरीब लोग को भोजन वितरित किया जाता है। सोमवार की दोपहर करीब दो बजे भोजन समाप्त हो चुका था, इस दौरान एक व्यक्ति भोजन को लेकर विवाद करने लगा। वहां मौजूद आश्रम के सेवक कपिल शाह (45 वर्ष) हाल निवासी गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब परिसर ऋषिकेश ने इस व्यक्ति को समझाने की कोशिश की।

मगर, वह कपिल के साथ ही झगड़ा करने लगा। इस दौरान उसने किसी नुकीली चीज से उसकी गर्दन पर पीछे से वार कर दिया। कपिल वहीं गिर गया, जिसे तुरंत राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश लाया गया। एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों ने कपिल शाह को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया की गर्दन और छाती में बायीं ओर पेचकस से वार किया गया था। आरोपी की पहचान लक्की पुत्र करनैल सिंह निवासी शीशम झाड़ी, मुनिकीरेती के रुप में हुई है। पुलिस आरोपी को पकड़ कर मामले की जांच कर रही है।

धार्मिक स्वरूप से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं, संत समाज

संत समिति (रजि.) ऋषिकेेश ने महानंद आश्रम रेलवे रोड़ में बैठक की। बैठक में ऋषिकेश तीर्थनगरी क्षेत्र में तेजी से बदले जा रहे तीर्थनगरी के धार्मिक स्वरूप पर संत समिति ने चिंता जताई।

संत समिति के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत महाराज की अध्यक्षता में समिति की बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महंत विनय सारस्वत महाराज ने कहा कि तीर्थनगरी ऋषिकेश का धार्मिक स्वरूप लगातार बिगड़ता जा रहा है। यहां मौजूद सैकड़ों धर्मशालाओं, मठ और मंदिरों से तीर्थनगरी की पहचान पूरे विश्व में धार्मिक क्षेत्र के रूप में जानी जाती थी। मगर, दुर्भाग्य का विषय है कि लगातार कुछ भू-माफियाओं द्वारा धार्मिक संपत्तियों को खुर्द-बुर्द कर उन्हें व्यवसायिक स्वारूप में तब्दील किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश चारधाम यात्रा का प्रमुख स्थल और प्रवेश द्वार है, यहां पूरे वर्ष भर लाखों की संख्या में तीर्थयात्री पहुंचते हैं। मगर, मंदिर, मठ और धर्मशालाओं के अभाव में तीर्थयात्रियों को अन्न क्षेत्र और धर्मशालाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। लगातार खुर्द-बुर्द हो रही धर्मशालाओं व अन्न क्षेत्रों के कारण विगत कुछ वर्षों से यात्रियों को सड़कों पर खुले आसमान के नीचे सोते हुए देखा जा सकता है।

महंत विनय ससरस्वत महाराज ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी कई धार्मिक संपत्तियों का स्वरूप बदला जा चुका है। जबकि वर्तमान में भी स्वामी विशुद्धानंद महाराज द्वारा स्थापित काली कमली ट्रस्ट द्वारा यात्रियों के निवास स्थान को व्यवसायिक उपयोग के लिए उसका स्वरूप बदला जा रहा है। टाल वाली धर्मशाला तथा स्थित न्यू बिल्डिंग में भी दुकानदारों को ऊपर के यात्री कमरों को भीतर से ही रास्ता देकर गोदाम बनाकर बेचा जा रहा है। इसी तरह सुभाष चैक स्थिति जिंदबाड़ा जो, राजा जिंद द्वारा संस्कृत विद्यालय, गोशाला व अन्य धार्मिक कार्यों के लिए दान दिया गया था, उसमें भी व्यवसायिककरण करने का प्रयास किया जा रहा है, पूरी तरह से निंदनीय है।

महंत विनय सारस्वत महपराज ने कहा कि संत समिति इस मामले को लेकर पूर्व में भी कई बार सरकार व प्रशासन को चेता चुकी है। मगर, इस पर अमल नहीं किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया कि जो भी धार्मिक संस्थाएं व ट्रस्ट, धार्मिक संपत्तियों का व्यवसायीकरण कर रहे हैं, संत समिति उसका विरोध करती है। संतों ने मांग की कि धार्मिक संपत्ति को बेचने और खरीदने वाले दोनों पक्षों के खिलाफ सरकार रासूका व गुंडप एक्ट के तहत कार्रवाई करे। इस अवसर पर प्रस्ताव पास किया गया कि संत समिति शीघ्र ही इस संबंध में मुख्यमंत्री व राज्यपाल से मुलाकात कर पूर्व में खुर्द-बुर्द हुई धार्मिक संपत्तियों को उनके पुराने स्वरूप में लाने तथा वर्तमान में खरीद-फरोक्त की जा रही संपत्तियों की जांच की मांग करेगी। साथ ही ऐसी संपत्तियों को सरकारी नियंत्रण में लेने की मांग करेगी। यदि सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो संत समिति उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेगी।

बैठक में प्राचीन सिद्ध सोमेश्वर महादेव मंदिर के शिवरात्रि के उपरांत भव्य शोभायात्रा में भी सभी संतों ने सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर समिति के महामंत्री महंत रामेश्वर गिरी महाराज, महंत पूर्णानंद, महंत कृष्णानंद महाराज, महंत राजेंद्र गिरी, महंत हरिनारायणाचार्य, महंत केवल्यानंद महाराज, महंत नित्यानंद गिरी, महंत निर्मल दास, महंत कृष्णकांत, स्वामी धर्मवीर दादूपंथी, महंत धर्मदास, महंत नित्यानंद पुरी, महंत बलवीर सिंह, महंत इंदर गिरी, महंत हृयग्रीवाचार्य, महंत सुंदरानन्द, महंत हरिदास महाराज, महंत धर्मानंद गिरी, महंत कृष्णकांत आदि संत उपस्थित थे।

ई-रिक्शा संचालकों ने बैठक कर एसोसिएशन का किया गठन

ई-रिक्शा संचालकों की एक आवश्यक बैठक ग्राम खदरी खड़क माफ में संपन्न हुई।

बैठक में सर्वसम्मति से ई-रिक्शा एसोसिएशन के गठन पर विचार विमर्श कर श्यामपुर ई-रिक्शा एसोसिएशन का गठन किया। जिसमें सर्वसम्मति से अध्यक्ष विजय पाल सिंह रावत, उपाध्यक्ष उमेश जोशी, सचिव देवानंद बर्थवाल, सह सचिव राकेश सिंह नेगी, कोषाध्यक्ष कुमार सिंह चैहान का चुनाव किया गया। कार्यकारिणी सदस्य हेतु सुशील लखेड़ा, मोहन कुकरेती, रोहिणीधर बर्थवाल, रमेश राणाकोटी, करण सिंह रावत, विक्रम सिंह रावत का चुनाव सर्वसम्मति से किया गया

एसोसिएशन का कार्यकाल 3 वर्ष का तय किया गया साथ ही भविष्य में एसोसिएशन के कार्यालय व आधारभूत सुविधाओं के लिए कार्य करने का निर्णय हुआ, एसोसिएशन की मासिक बैठक प्रत्येक माह 11 तारीख को करने का निर्णय लिया गया, साथ ही एसोसिएशन के प्रपत्र ,स्टीकर, टोकन और अभिलेखों को भी बनाने का निर्णय लिया गया इस अवसर पर सभी ने नवगठित श्यामपुर ई रिक्शा एसोसिएशन की कार्यकारिणी के सदस्यों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।

मंत्री डा. अग्रवाल ने राइंका में किया जीआरसी का निरीक्षण, की सराहना

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने राजकीय बालिका इंटर काॅलेज ऋषिकेश में संचालित जेंडर समानता एवं बालिका शिक्षा कार्यक्रम के तहत जनरल रिसोर्स सेंटर (जीआरसी) का निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री डा. अग्रवाल ने जीआरसी द्वारा बालिकाओं के उत्थान की दिशा में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

देहरादून रोड स्थित विद्यालय में पहुंचे मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने जीआरसी भवन का निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद जीआरसी में कार्यरत निशा सजवाण ने बताया कि वर्ष 2017 से जीआरसी राजकीय बालिका इंटर काॅलेज में कार्यरत है। वर्तमान में 479 बालिकाओं को जेंडर समानता एवं बालिका शिक्षा कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है।

उन्होंने मंत्री डा. अग्रवाल को बताया कि विद्यालय की बालिकाओं को जीआरसी द्वारा कई विषयों पर मार्गदर्शन, विद्यालय के अध्यापक व समुदाय के साथ वार्ता कर उनके अधिकारों की जानकारी दी जाती है। उन्होंने बताया कि बालिकाओं को जीवन कौशल के साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर बालिकाओं को शिक्षा के लिए मदद जैसे स्कूली फीस, पाठ्य सामग्री आदि दी जाती है।

निरीक्षण के दौरान मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने जीआरसी द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जीआरसी द्वारा बालिका उत्थान की दिशा में किए जा रहे कार्यों से बालिकाएं शिक्षित हो रही है। बालिकाओं को उनके अधिकारों की सही जानकारी मिल रही है। साथ ही बालिकाओं को स्वयं के भीतर छिपे कौशल को निखारने का अवसर भी प्राप्त हो रहा है।

डा. अग्रवाल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम के तहत अन्य विद्यालयों में भी खोले जाने चाहिए। जिससे अन्य स्कूलों की बालिकाओं का भी व्यापक मार्गदर्शन हो सकेगा। साथ ही बालिकाओं के समक्ष शिक्षित होने में आने वाली अड़चनों को भी दूर करने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर मंत्री डा. अग्रवाल ने जीआरसी भवन में बालिकाओं द्वारा तैयार वस्तुओं का भी निरीक्षण किया। जिसमें बालिकाओं ने अपनी भावनाएं, स्वयं के बारे में, पारस्परिक संबंधों में तालमेल बनाने तथा स्वास्थ्य को लेकर जानकारी दी गई थी।

इस अवसर पर राइंका की प्रधानाचार्या टीना राणा, जीआरसी की निशा सजवाण, जया धीमान, शानू पाल, सोनिया धीमान, प्रियंका बर्थवाल आदि उपस्थित रही।

एनएच अधिकारियों को पड़ी फटकार, तय समय के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण न होने का है मामला

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने नेशनल हाईवे द्वारा किये जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तय समय के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण न होने पर मंत्री डा. अग्रवाल ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों की कार्यशैली निराशाजनक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि तीन दिन के भीतर ठेकेदार के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाए। साथ ही 31 मार्च तक निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए।

डा. अग्रवाल हरिद्वार मार्ग स्थित पुरानी चुंगी पहुंचे। यहां पर नेशनल हाईवे के अधिकारियों से निर्माण कार्यों की जानकारी मांगी। जिस पर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नेपाली फाॅर्म से कोयलघाटी (7.8 किलोमीटर) तक सड़क के दोनों ओर दो-दो मीटर की टाइल्स को लगाया जाना है, जबकि कोयलघाटी से दून तिराहा (1.7 किलोमीटर) तक बीच सड़क में डेढ़ मीटर का डिवाइडर तथा डिवाइडर के दोनों ओर सात-सात मीटर चैड़ी सड़क तथा उसके बाद दो-दो मीटर की दोनों ओर टाइल्स तथा उसके बाद डेढ़-डेढ़ मीटर चैड़ा नाला बनना है।

विभागीय अधिकारियों ने मंत्री डा. अग्रवाल को बताया कि निर्माण कार्य सात करोड़ 49 लाख रूपये में किया जाना है। बताया कि इस कार्य को 26 अक्टूबर 2022 को पूर्ण किया जाना था। इस पर मंत्री डा. अग्रवाल ने नाराजगी व्यक्त की और कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश विधानसभा के सौंदर्यीकरण के लिए उनकी ओर से अनेक कदम उठाये जा रहे हैं, मगर अधिकारी अपनी लचर कार्यशैली के चलते जनता को भ्रमित कर रहे है।

डा. अग्रवाल ने कहा कि निर्माण कार्य तय समय बीत जाने के बाद भी पूरी तरह शुरू नहीं हो सका है। डा. अग्रवाल ने कड़े शब्दों में कहा कि निर्माण कार्य 31 मार्च तक पूर्ण किया जाए। साथ ही तीन दिन के भीतर ठेकेदार के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाए।

इस मौके पर एनएच के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार, मंडल अध्यक्ष सुमित पंवार, प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत, सरदार सतीश सिंह, पार्षद शिव कुमार गौतम, कविता शाह, नितिन सक्सेना, विवेक शर्मा, रंजन अंथवाल, अभिनव पाल, जगावर सिंह, सहायक अभियंता अमित कुमार वर्मा, अपर सहायक अभियंता विकास परमार, अपर सहायक अभियंता छत्रपाल सिंह आदि उपस्थित रहे।

जनता के लिए समर्पित है सरकार, अधिकारियों की कार्यशैली निराशाजनक-अग्रवाल

क्षेत्रीय विधायक और मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने नेशनल हाईवे द्वारा किये जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तय समय के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण न होने पर मंत्री डा. अग्रवाल ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों की कार्यशैली निराशाजनक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि तीन दिन के भीतर ठेकेदार के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाए। साथ ही 31 मार्च तक निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए।
शुक्रवार को मंत्री डा. अग्रवाल हरिद्वार मार्ग स्थित पुरानी चुंगी पहुंचे। यहां पर नेशनल हाईवे के अधिकारियों से निर्माण कार्यों की जानकारी मांगी। जिस पर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नेपाली फाॅर्म से कोयलघाटी (7.8 किलोमीटर) तक सड़क के दोनों ओर दो-दो मीटर की टाइल्स को लगाया जाना है, जबकि कोयलघाटी से दून तिराहा (1.7 किलोमीटर) तक बीच सड़क में डेढ़ मीटर का डिवाइडर तथा डिवाइडर के दोनों ओर सात-सात मीटर चैड़ी सड़क तथा उसके बाद दो-दो मीटर की दोनों ओर टाइल्स तथा उसके बाद डेढ़-डेढ़ मीटर चैड़ा नाला बनना है।
विभागीय अधिकारियों ने मंत्री डा. अग्रवाल को बताया कि निर्माण कार्य सात करोड़ 49 लाख रूपये में किया जाना है। बताया कि इस कार्य को 26 अक्टूबर 2022 को पूर्ण किया जाना था। इस पर मंत्री डा. अग्रवाल ने नाराजगी व्यक्त की और कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश विधानसभा के सौंदर्यीकरण के लिए उनकी ओर से अनेक कदम उठाये जा रहे हैं, मगर अधिकारी अपनी लचर कार्यशैली के चलते जनता को भ्रमित कर रहे है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि निर्माण कार्य तय समय बीत जाने के बाद भी पूरी तरह शुरू नहीं हो सका है। डा. अग्रवाल ने कड़े शब्दों में कहा कि निर्माण कार्य 31 मार्च तक पूर्ण किया जाए। साथ ही तीन दिन के भीतर ठेकेदार के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाए।
इस मौके पर एनएच के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार, मंडल अध्यक्ष सुमित पंवार, प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत, सरदार सतीश सिंह, पार्षद शिव कुमार गौतम, कविता शाह, नितिन सक्सेना, विवेक शर्मा, रंजन अंथवाल, अभिनव पाल, जगावर सिंह, सहायक अभियंता अमित कुमार वर्मा, अपर सहायक अभियंता विकास परमार, अपर सहायक अभियंता छत्रपाल सिंह आदि उपस्थित रहे।

प्रदेश में पंचकर्मा केन्द्रों को बढ़ावा देने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में आयुष विभाग के अन्तर्गत प्रदेश में पंचकर्मा केन्द्रों को बढ़ावा दिए जाने के सम्बन्ध में बैठक की।
मुख्य सचिव ने कहा कि यह प्रदेश में आयुर्वेद को मजबूती दिए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए आयुर्वेद में पंचकर्मा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऋषिकेश और देहरादून में विश्वस्तरीय पंचकर्मा केन्द्र बनाए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि केरला आयुर्वेद को प्रदेश में बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के डॉक्टर्स सहित 100 प्रतिशत स्टाफ को प्रशिक्षण कराया जाए। डॉक्टर्स को प्रशिक्षण हेतु उच्च स्तरीय संस्थानों में भेजे जाने की आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए सेमिनार भी आयोजित किए जाने की बात कही। कहा कि आयुर्वेदिक संस्थानों और आयुर्वेदिक चिकित्सकों को राज्य से जो भी सहायता चाहिए, उन्हें दी जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि आयुर्वेदिक पद्यति उच्च स्तरीय होने के बावजूद प्रमाणों की कमी के कारण ज्यादा प्रयोग में नहीं ली जाती। उन्होंने कहा कि इसके लिए अनुसंधान और प्रलेखन की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। रिसर्च को बढ़ावा दिए जाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने कहा कि जानकारी और प्लेटफॉर्म न मिलने के कारण इस दिशा में किए गए कार्यों की किसी को जानकारी नहीं होती। उन्होंने इसके लिए ई-मैगजीन भी संचालित किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इसमें सभी के लिए शोध आदि प्रकाशित किए जाएं, ताकि इससे इस दिशा में किए जा रहे कार्यों की सभी को जानकारी हो सके। साथ ही, आमजन को जानकारी के लिए ई-पत्रिका, टीवी चैनल और रेडियो चैनल भी संचालित किए जा सकते हैं।
मुख्य सचिव ने आयुष विभाग को अपनी वेबसाइट भी अपग्रेड करने के निर्देश दिए। कहा कि अपनी वेबसाइट में बीमारी और उनके उपचार के साथ ही प्रदेश में उनसे सम्बन्धित कौन कौन सी सुविधाएं कहां कहां उपलब्ध हैं, सभी प्रकार की जानकारी उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने हाईपरटेंशन, डायबिटीज आदि जैसी आम बीमारियों के कारण एवं उपचार को भी इसमें शामिल किए जाने की बात कही।
मुख्य सचिव ने इस क्षेत्र में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे फर्जी डॉक्टर्स और संस्थानों को रोकने हेतु सिस्टम विकसित किए जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता बनाए रखने के लिए संस्थानों को रजिस्टर किए जाने के साथ ही मान्यता पर भी कार्य करने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर सचिव आयुष डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।