टिहरी रियासत की जनक्रांति का केन्द्र रहा है झंडा चौक

हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि ऋषिकेश के झंडा चौक का इतिहास गौरवशाली है। टिहरी रियासत की जनक्रांति और पर्वतीय जिलों का ऋषिकेश प्रवेश द्वार होने के कारण झंडा चौक संपूर्ण क्रांतिकारी गतिविधियों का केंद्र रहा है।
रविवार को मकर संक्रांति पर्व पर ऋषिकेश झंडा चौक पर नवनिर्मित झंडा स्तंभ का उद्घाटन करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद हरिद्वार रमेश पोखरियाल निशंक ने यह बात कही। कहा कि आंदोलनकारी झंडा चौक में एकत्र होकर जुलूस की शक्ल में आंदोलन में शामिल होते थे। यहां पर ध्वज फहराने की परंपरा थी। सन् 1929 में नमक सत्याग्रह में देहरादून जिले के 400 लोग जेल गए थे, जिनमें 70 संन्यासी भी थे, जो ऋषिकेश झंडा चौक से एकत्र होकर देहरादून गए थे। निशंक ने कहा कि क्रांतिकारियों का मिलन केंद्र रहा झंडा चौक किसी विश्व धरोहर से कम नहीं है। इस मौके पर श्री भरत मंदिर के महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य, हर्षवर्धन शर्मा, वरुण शर्मा, हरिनारायणचार्य, जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान, संजय शास्त्री, जगमोहन सकलानी, दीप शर्मा, विनय उनियाल, प्रतीक कालिया, मनोज पंवार, दीपक धमीजा, विकास नेगी, राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट, जितेंद्र अग्रवाल, अशोक जैन, अनिकेत गुप्ता, प्रदीप दुबे, गोविंद सिंह रावत, डॉ. सुनील दत्त थपलियाल, रंजन अंथवाल, मदन मोहन शर्मा आदि उपस्थित रहे।

मंत्री की नाराजगी के बाद हरकत में आया वन विभाग

बीते मंगलवार को क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने जंगल के बाहर हाईवे में गंदगी फैले होने पर डीएफओ देहरादून से नाराजगी जताई थी और कड़े निर्देश दिये थे। अब मंत्री की नाराजगी का असर देखने को मिल रहा है, वनकर्मियों ने हाईवे के दोनों ओर न सिर्फ सफाई अभियान चलाया, बल्कि जागरूकता संबंधी स्लोगन बोर्ड भी लगाए।
शुक्रवार को मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल की नाराजगी का असर देखने को मिला। बड़कोट रेंज में वनकर्मियों ने बड़ी संख्या में हाईवे किनारे स्वच्छता अभियान चलाया। इस मौके पर कई किलो टन कूड़ा एकत्र किया गया। साथ ही प्लास्टिक कूड़ा न फेंकने, वैधानिक चेतावनी जैसे स्लोगन बोर्ड भी लगाए।
बता दें कि मंत्री डॉ अग्रवाल ने बीते मंगलवार को बड़कोट रेंज में स्थित हाइवे किनारे फेंके जा रहे कूड़े के सम्बंध में जानकारी जुटाई थी। इस पर डीएफओ द्वारा जानकारी न दिए जाने पर मंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कड़ी फटकार लगाई गई थी। मंत्री डा. अग्रवाल ने पूर्व में इस संबंध में दिए गए निर्देश का पालन न करने पर भी डीएफओ को फटकारा था।

मंत्री ने संजय झील सहित विभिन्न मुद्दों की जानकारी जुटाई

जिला वन अधिकारी देहरादून नीतीश मणि त्रिपाठी के साथ आज क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने समीक्षा बैठक की। इस दौरान अधूरी जानकारी व पूर्व में दिए गए निर्देश का पालन न करने पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने सर्वप्रथम संजय झील की प्रगति जानी। उन्होंने संजय झील में आ रहे दूषित पानी के निस्तारण के लिए निर्देशित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा कैम्पा से की गई घोषणा को अमल में लाने के निर्देश दिए।
इस दौरान मंत्री डॉ अग्रवाल ने बड़कोट रेंज में स्थित हाइवे किनारे फेंके जा रहे कूड़े के सम्बंध में जानकारी जुटाई। इस पर डीएफओ द्वारा जानकारी न दिए जाने पर कड़ी फटकार लगाई गई। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार स्वच्छता अभियान को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में हाईवे पर जागरूकता सन्देश संबंधित बोर्ड लगाना चाहिए। उन्होंने पूर्व में इस सम्बंध में दिये गए निर्देश पर अमल न करने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही कूड़ा न फेकने सम्बंधित बोर्ड लगाया जाए।

सहारा के खाताधारकों व एजेंटों ने की कोतवाल ऋषिकेश से मुलाकात, रखी समस्या

भाजपा नेता एवं नगर उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री प्रतीक कालिया के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में सहारा के खाताधारको एवं एजेंटों ने ऋषिकेश कोतवाली में कोतवाल के आर पांडेय व वरिष्ठ उपनिरीक्षक डीपी काला से मुलाकात कर अपनी जमा धनराशि की वापसी के लिए वार्ता की।

कोतवाल के आर पांडेय से प्रतीक कालिया ने वार्ता करते हुए बताया कि ऋषिकेश शहर व ग्रामीण क्षेत्रों से करोड़ों रुपए सहारा इंडिया में लोगों का जमा है और बरसों से यह उनके रुपए इन्हें वापस नहीं मिल रहे हैं। लिहाजा इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई कर लोगों की जमा पूंजी को वापस कराया जाए। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कोतवाल ने ऋषिकेश ब्रांच मैनेजर से फोन पर बातचीत की।
इस पर ब्रांच मैनेजर ने कहा कि 12 जनवरी को पूरे देश में लगभग साढ़े छह हजार मुकदमे सहारा इंडिया पर दर्ज किए गए हैं और उसका फैसला आने वाला है यदि वापसी हेतु सहारा इंडिया कोर्ट के आदेश को मानता है तो हम सभी के पैसे वापस करेंगे हमारे लिए संभव नहीं है कि हम सभी खाताधारकों के रुपए वापस कर सकें।

इस पर कोतवाल ने कहा कि यदि 12 तारीख तक जमा राशि लोगों की नहीं दी गई तो हम मुकदमा दर्ज करेंगे और कठोर से कठोर कार्रवाई का आश्वासन देने पर सभी लोग वापस आए।

कोतवाल से मिलने वालों में प्रमुख रूप से श्याम बिहारी मौर्य, हरिओम गुप्ता, सुनील झंडियाल, नरेंद्र सिंह नेगी, राजेश साहनी, शिवप्रसाद सिंह, प्रमोद कुमार पार्षद शिव कुमार गौतम आदि शामिल थे।

दर्शकों की कसौटियों पर खरी उतरी उत्तराखंड की पहली हिंदी फिल्म कलरव

इंटरनेशनल अवार्ड विनर हिंदी फीचर फिल्म कलरव के पहले शो का समाजसेवी डॉ राजे नेगी ने रिबन काटकर शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश की बेटी अम्बिका आर्य ने फिल्म में अभिनेत्री की भूमिका निभाकर तीर्थ नगरी के लोगों को गौरवांवित किया है।

दर्शकों से खचाखच भरे हिंदी फिल्म कलरव के पहले शो का शुभारंभ करते हुवे अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा के अध्यक्ष ड़ॉ राजे नेगी ने कहा कि कलरव फ़िल्म में भारतीय संस्कृति एवं सनातन का पर्व हरिद्वार महाकुंभ को बड़े ही सुंदर ढंग से दर्शाया गया है। साथ ही फ़िल्म में वैश्विक महामारी कोरोना के कारण उत्पन चुनोतियों एवं मुद्दों को बड़ी सादकी से दर्शाया गया है।इस अवसर पर फ़िल्म की पूरी कॉस्ट उपस्तिथ थी। फ़िल्म की अभिनेत्री अम्बिका आर्य ऋषिकेश से है इसलिए भारी संख्या में उनके समर्थन में फ़िल्म देखने दर्शक पहुंचे थे।

इस मौके के पर फ़िल्म के निर्माता राकेश धामी, निर्देशक जगदीश भारती, अभिनेता नितिन शर्मा, उत्तराखंड फिल्मों के लोकप्रिय अभिनेता राजेश मालगुडी, उत्तम सिंह असवाल, सिनेमा हाल के मालिक अशोक कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

स्वच्छता अभियान चलाकर मंत्री ने लोगों से की अपील

नववर्ष 2023 की पूर्व संध्या में क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान मंत्री अग्रवाल ने लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फेंकने की अपील की। साथ ही लोगों से अपने आसपास के परिवेश में स्वच्छता बनाये रखने का आवाहन किया।
मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर आज पूरा देश स्वच्छता के प्रति जागरूक हुआ है। लोगों के भीतर पिछले आठ वर्षों में स्वच्छता के प्रति एक अलख जगी है। उन्होंने कहा हमारे राज्य में भी स्वच्छता को लेकर अनेक अभियान निकाय स्तर पर चलाये जा रहे हैं। यही कारण है कि उत्तराखंड को इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में छह पुरस्कार प्राप्त हुए है। उन्होंने कहा कि इस नववर्ष की पूर्व संध्या में हमें संकल्प लेना होगा कि अपने आसपास का वातावरण स्वच्छ रखेंगे। कूड़ा को सार्वजनिक स्थलों पर नहीं फेंकेंगे। साथ ही कूड़ा दिखने पर उसे कूड़ादान पर डालेंगे।
मंत्री ने कहा कि यदि कूड़ा को सार्वजनिक स्थलों पर कोई डालता हुआ दिखाई दें तो जागरूक नागरिक की भूमिका निभाते हुए रोके। इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने हनुमान मंदिर के सामने आईडीपीएल गेट से अंदर तक स्वच्छता अभियान चलाया। साथ ही नगर निगम की टीम को मुख्य मार्गों में सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा।
इस मौके पर निवर्तमान मंडल अध्यक्ष वीरभद्र भाजपा अरविंद चौधरी, नगर आयुक्त राहुल गोयल, सहायक नगर आयुक्त रमेश रावत, पुनीता भंडारी, निर्मला उनियाल, आरती दूबे, सुनील यादव, तिलक चौहान, निर्भय गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

चिंतन शिविर के संकल्पों को लेकर शहरी विकास विभाग की भावी योजनाएं तैयार-अग्रवाल

शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचन्द अग्रवाल ने बताया कि केन्द्र सरकार की ’स्पेशल असिस्टेन्ट टू स्टेट फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेन्ट’ योजना के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य का चयन किया गया है। योजना में लगभग 100 करोड रुपए का अनुदान केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को अर्बन रिफॉर्म हेतु दिया जाना है। राज्य ने योजना के अन्तर्गत छः घटकों की अनुपालन आख्या का प्रस्तुतीकरण भारत सरकार को प्रस्तुत किया गया। जिसके उपरान्त ही राज्य सरकार को अनुदान हेतु पात्रता प्राप्त हुई हैं।
मंत्री ने बताया कि राज्य में स्वच्छ भारत मिशन शहरी के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मद में 91 निकायों हेतु 64 परियोजनाए भारत सरकार से स्वीकृत करा ली गई है। जिनमें से 89 निकायों हेतु 62 परियोजनाओं की धनराशि रु० 71.63 करोड़ (35 प्रतिशत) वी०जी०एफ० के रूप में प्राप्त की गई है तथा शेष 65 प्रतिशत रु० 221.31 करोड़ राज्य सरकार व स्थानीय निकायों द्वारा वहन की जायेगी। बताया कि राज्य के शहरी क्षेत्रों में 1535.50 मी०टन ठोस अपशिष्ट प्रति दिन उत्पन्न होता है। जिसमें से 1062.07 मी०टन अर्थात 69 प्रतिशत का प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) प्रतिदिन किया जाता है। इस हेतु 38 मटीरियल रिकवरी फेसिलिटी केन्द्रों, 60 अपशिष्ट कॉम्पेक्टर तथा 855 कम्पोस्ट पिट निकायों में संचालित है। उदहारण के तौर पर दूरस्थ पालिका जोशीमठ द्वारा 1200 टन अजैविक कूड़े का विक्रय कर लगभग 79 लाख की आय अर्जित की गई है। लीगेसी वेस्ट निस्तारण हेतु 07 नगर निगमों की रु० 80.00 करोड़ की परियोजनाएं भारत सरकार द्वारा स्वीकृत की गई है तथा प्रथम किस्त रु० 29.00 करोड राज्य को अवमुक्त किया गया है।
मंत्री ने बताया कि शहरी विकास विभाग के एक वरिष्ठ प्रतिनिधि मण्डल द्वारा जर्मनी में रिसाइकलिंग एवं वेस्ट टू एनर्जी, ई०पी०आर० आदि के क्षेत्र में किये जा रहे नवाचारों का एक सप्ताह का अध्ययन किया गया तथा जी0आई0जेड के तकनीकि सहयोग से इन नवाचारों को राज्यों में क्रियान्वित किये जाने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना अंतर्गत 2993 महिला स्वयं सहायता समूहों एवं 73 क्षेत्र स्तरीय संघ का गठन किया गया, विपणन हेतु नगर पालिका परिषद चम्पावत, टनकपुर तथा नगर निगम रुद्रपुर में नगर आजीविका केन्द्रों (सी०एल०सी०) को स्वीकृत किया गया है। 20870 फेरी व्यवसायियों को सर्वेक्षण कर पेंडिंग सेटिफिकेट एवं पहचान पत्र उपलब्ध कराया गया है। निकायों में फेरी व्यवसायियों को सुव्यवचित करने हेतु कुल 333 वेंडिंग जोनों का चिन्हिकरण किया गया है, महिला फेरी व्यवसायियों हेतु नगर निगम हरिद्वार में पिंक वेंडिंग जोन, तथा नगर निगम में देहरादून में स्मार्ट वेंडिंग जोन की स्थापना की गई है। 7422 शहरी गरीबों को स्वरोजगार हेतु बैको के माध्यम से 103 करोड़ का ऋण की स्वीकृति तथा रू0 448 करोड़ का व्याज सब्सिडी अनुदान निर्गत किया गया है।
मंत्री ने कहा कि डे०एन०यू०एल०एम० योजना के अंतर्गत शहरी बेघरों हेतु आश्रय (एस0यू0एच0) के अन्तर्गत 801 आश्रितों की क्षमता के 14 रैन बसेरो का संचालन निराश्रित बेघरों हेतु किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) अंतर्गत 151 स्वीकृत परियोजनाओं में से वर्तमान तक रू0 339.45 करोड़ की 117 योजनाएं पूर्ण की जा चुकी है, 34 योजनाएं रू0 253.52 करोड़ की गतिमान है जिन्हे मार्च 2023 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। योजना अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा रू0 593.02 के सापेक्ष रू0 591.02 करोड़ (केन्द्राश व राज्यांश को जोड़कर) अवमुक्त किये जा चुके है। 66203 उपभोक्ताओं को ष्पेयजल कनेक्शनष् तथा 67219 सीवरेज कनेक्शन उपभोगक्ताओं को दिया गया है। निकाय अंतर्गत 82337 सोडियम लाईटों को एल०ई०डी० लाईट में परिवर्तित किया गया। उन्होंने बताया कि अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन 2.0 (अमृत 2.0) के अंतर्गत पूर्व चयनित 7 अमृत नगरों में सीवर/सैप्टेज निस्तारण तथा प्रदेश के सभी नगरों में जल संयोजन दिया जाना निर्धारित है। 111 शहरों (102 स्थानीय निकाय तथा 09 कन्टेनमेंट बोर्ड) हेतु केन्द्रांश 582.00 करोड़ तथा राज्यांश रू0 64.66 करोड़, कुल 646.66 करोड़ की धनराशि निर्धारित की गई है, प्रथम चरण हेतु किस्त रू0 233.74 करोड, केन्द्रांश तथा राज्यांश रू0 25.97 कुल 259.71 करोड़ के सापेक्ष केन्द्रांश (20ः) धनराशि रू0 42. 08 अवमुक्त कर दी गयी है। योजना के अन्तर्गत कुल 65915 जल संयोजन दिया जाना प्रस्तावित है। शास्त्रीनगर वार्ड (देहरादून) को 24ग्7 किया जायेगा।
मंत्री ने बताया कि वित्तीय सुदृढीकरण-राज्य में म्युनिसिपल एकॉउटिंग मैनुवल, 2021 तैयार कर लागू कर दिया गया है एवं सम्बन्धित अधिनियमों में संशोधन कर दिया गया है। सिंगल एन्ट्री सिस्टम से डबल एन्ट्री एकॉउंटिंग सिस्टम सभी नगर निकायों में लागू किया जा रहा है। म्युनिसिपल एकॉउटिंग मैनुवल को लागू करने हेतु म्युनिसिपल एकॉउटिंग सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। म्युनिसिपल एकॉउटिंग ऑडिट रूल्स तैयार किये जा रहे है। इसके अतिरिक्त 08 नगर निगमों में सैल्फ एस्सेमेन्ट लागू है एवं 68 निकायों के सम्पत्ति रजिस्टर को डिजिटाईज किया जा चुका है। 07 अमृत शहरों हेतु क्रेडिट रेटिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना सबके लिए आवास (शहरी) प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी आधारित निर्माण घटक अंतर्गत 22175 आवासों की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त की गई है, जिनमें में 6175 आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है तथा 8000 आवासों से अधिक पर कार्य प्रगति पर हैं। अफडेबल रेंटल हाउसिंग काम्पलेक्स शहरी गरीबों हेतु प्रदेश में 600 से अधिक आवासों को चयनित किया गया। लालकूओं में 100 आवास व देहरादून में 70 आवास आवंटित किया गया, भागीदारी में किफायती आवास घटक अंतर्गत 13 आवासीय कालोनियों में 14500 आवासों का शिलान्यास व वर्तमान में कार्य प्रगति पर है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के ए०एच०पी० घटक में भारत सरकार से 21 योजनाओं (17304 आवास) की स्वीकृति कराकर 464 आवासों का कब्जा लाभार्थियों को दिया जा चुका है। शेष समस्त आवास वर्ष 2024 तक पूर्ण कर कब्जा दिया जाना प्रस्तावित है। लाभार्थियों के आवास की बुकिंग आवंटन एवं लॉटरी हेतु ऑनलाईन पोर्टल शुरू किया गया है तथा इसके माध्यम से आवास की बुकिंग सुविधा प्रदान की गयी है। उन्होंने कहा कि राज्य अवस्थापना निधि में राज्य सेक्टर के अंतर्गत समस्त निकायों में ओपन जिम पार्क निर्माण हेतु नगर निगमों को रू0 3.00 लाख नगर पालिका परिषद को रु0 2.00 लाख तथा नगर पंचायतों को रू0 1.50 लाख अवमुक्त किये गये।

’आवास विभाग की उपलब्धियां/भावी योजनाएं’
1. समस्त विकास प्राधिकरणों के कार्यों (मानचित्र स्वीकृति, प्रशासनिक कार्य, सूचना का अधिकार शिकायतों का निस्तारण) ईज एप के माध्यम से ऑनलाईन किया गया है। 2. एकल आवासीय एवं गैर एकल आवासीय मानचित्रों की स्वीकृति हेतु समय-सीमा क्रमशरू 15 एवं 30 दिवसों का निर्धारण।
3. मानचित्र स्वीकृति हेतु अनापत्ति प्रक्रिया का सरलीकरण/समय-सीमा निर्धारण एवं डीम्ड अनापत्ति व्यवस्था की गयी है।
4. भवन निर्माण विकास उपविधि (बिल्डिंग बॉयलाज) में मार्ग, ऊंचाई, एफ०ए०आर० आदि मानकों का शिथिलीकरण किया गया है।
5. सीएससी के माध्यम से मानचित्र जमा किये जाने की सुविधा प्रदान की गयी है।
6. भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया का सरलीकरण एवं प्रतिनिधायन, 4000 से 10000 वर्गमीटर तक प्राधिकरण स्तर पर 10000 से 50000 वर्गमीटर तक उड़ा स्तर पर भू-उपयोग परिवर्तन संभव है।
7. भू-उपयोग परिवर्तन की शुल्क की पूर्व दरों 100 से 150 प्रतिशत को घटाकर 10 से 15 प्रतिशत किया गया है।
8. सभी नगर निकायों की मास्टर प्लान बनाये जाने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गयी है।
9. पार्किंग परियोजना हेतु सभी जिलाधिकारियों एवं प्राधिकरणों के मध्य सामंजस्य स्थापित करते हुए राज्य के 158 स्थानों पर पार्किंग, जिसमें सरफेस पार्किंग की 51, मल्टीलेवल कार पार्किंग की 87, ऑटोमेटेड कार पार्किंग की 09 तथा टनल पार्किंग हेतु 11 स्थान चिन्हित किये गये हैं, जिसमें 91 स्थानों हेतु डी०पी०आर० तैयार कर ली गयी है, जिसमें 33 परियोजनाओं में रू0 5286.07 लाख की धनराशि स्वीकृत कर कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।
10. शहरी क्षेत्रों में टी०डी०आर० (ज्तंदेमिततंइसम क्मअमसवचउमदज त्पहीजे) नीति अधिसूचित की गयी है।
11. मुख्य यातायात मार्गों एवं मेट्रो परियोजनाओं में प्रस्तावित स्टेशनों के समीप नियोजित विकास हेतु टी०ओ०डी० नीति अधिसूचित की गयी है।
12. मेट्रो रेल परियोजना हेतु डी०पी०आर० राज्य सरकार स्तर से अनुमोदित करते हुए भारत सरकार को प्रेषित की गयी है। भारत सरकार स्तर पर स्वीकृति की प्रक्रिया गतिमान है।
13. आमजन की सुविधाएं हेतु भू-सम्पदा नियामक प्राधिकरण (रेरा) में अनुमोदित किया गया है।
14. शहरों के विसंकुलन कम करने हेतु उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद् द्वारा निजी सहभागिता से छोटे टाउनशिप परियोजना हेतु प्रस्ताव आमंत्रित किये गये है।
15. नये शहरों की स्थापना हेतु मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में टॉस्क फोर्स का गठन किया गया है। राज्य के सभी जिलों में नये शहरों की संभावना हेतु अन्तर विभागीय समिति का गठन कर प्रारम्भिक सर्वे कराया गया है, जिसमें 23 शहरों का स्थलीय परीक्षण पूर्ण कर लिया गया है।

दर्शकों की कसौटियों पर खरी उतरी फिल्म मेरू गौ

दर्शकों से खचाखच भरे तीर्थ नगरी के रामा पैलेस थियेटर में गढवाली फिल्म मेरु गौं के पहले शो का शुभारम्भ भारत माता मंदिर के महंत निरंजनी अखाड़ा हरिद्वार के महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद जी महाराज एवं अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे नेगी, समाजसेवी हर्षमणि व्यास और समाजसेवी कमल सिंह राणा ने संयुक्त रूप से किया।
शुक्रवार को गढ़वाली फीचर फिल्म मेरू गौ ऋषिकेश के रामा पैलेस सिनेमाहाल में भी रीलिज हो गई। फिल्म दर्शकों की कसौटियों पर खरा उतरने में पूरी तरह से कामयाब रही। अधिकांश सिने प्रेमी जब फिल्म देखकर थियेटर से बाहर निकले तो उनकी आखें नम थी। इससे पहले शुक्रवार को फिल्म के उद्वाटन अवसर पर मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद महाराज व विशिष्ट अतिथि डा राजे नेगी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भाषा और संस्कृति पर गर्व होना चाहिए। पलायन और पहाड़ के दर्द को जिस वास्तविकता के साथ फिल्म में दर्शाया गया है वह अद्वभुद है। उत्तराखंड की फीचर फिल्मों को बड़ावा देने में यह फिल्म निश्चित ही मील का पत्थर साबित होगी। उल्लेखनीय है कि मेरु गौं देहरादून में पांचवे हफ्ते में प्रवेश कर चुकी है और पिछले 25 वर्षों में ये रिकॉर्ड बनाने वाली एकमात्र गढवाली फ़िल्म है। फ़िल्म को बुद्धिजीवी एवं आम नागरिक सभी पसंद कर रहे है। मेरु गौं से उत्तराखंडी सिनेमा के नए दौर का आगमन हुआ है।फ़िल्म में जबरदस्त हास्य के साथ भावनाओं का ज्वार भी है। साथ ही कर्णप्रिय संगीत व अर्थपूर्ण संवादों ने दर्शकों को भाव विभोर किया है। मुख्य अभिनेता राकेश गौड़ ने अपने कंधों पर पूरी फिल्म को उठाए रखा है। मदन डुकलान, गोकुल पँवार, गीता उनियाल व रमेश ठंगरियाल के भवपूर्ण अभिनय ने फ़िल्म को जीवंत बनाने में अहम भूमिका निभाई है। फिल्म में रमेश रावत, गिरीश पहाड़ी, गीता गुसांई नेगी व निशा भंडारी की जबरदस्त कॉमेडी ने विशेष प्रभाव छोड़ा है। सुमन गौड़ बहुत ही स्वाभाविक दिखी हैं। तीन बाल कलाकारों का काम भी अद्भुत है। फ़िल्म में पहाड़ों के गांवों का स्वर्णिम युग जब गांव जिंदा थे से लेकर आज मरते हुए गांवों की दुर्दशा का प्रभावी चित्रण है। साथ ही आश्चर्यजनक रूप से पलायन व परिसीमन के मुद्दों पर जबरदस्त बहस है। फ़िल्म का लेखन व निर्देशन सुप्रसिध्द उत्तराखंडी फ़िल्म निर्देशक अनुज जोशी का है व निर्माता राकेश गौड़ हैं। गीत नरेंद्र सिंह नेगी व जितेंद्र पंवार ने गए हैं। संगीत संजय कुमोला का व सिनेमेटोग्राफी राजेश रतूड़ी की है। अन्य कलाकारों में गम्भीर जायडा, सुशीला रावत, खुशहाल सिंह बिष्ट, गिरधारी रावत, डॉक्टर सतीश कालेश्वरी व अजय बिष्ट आदि शामिल हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूज्यनीय माता हीरा बेन के आकस्मिक निधन पर शोक भी व्यक्त किया गया। मौके पर समाजसेवी उत्तम सिंह असवाल, फ़िल्म के अभिनेता मदन डुकलान, विकास उनियाल, अभिनेत्री गीता उनियाल, सिनेमेंटोग्राफर राजेश रतूड़ी, शिवेंद्र रावत व धर्मेंद्र चौहान ,कमल सिंह राणा, कुसुम जोशी, सतेंद्र चौहान, अरुण बडोनी, डॉ गौरव भल्ला, डीपी रतूड़ी मौजूद रहे।

श्री भरत मंदिर में आयोजित भागवत कथा का हुआ समापन

श्रीमद्भागवत कथा के नवम दिवस पर कथा व्यास पूज्य वेदांती जी महाराज ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष की मार्मिक कथा के साथ अनेक भावपूर्ण व्यवहारिक प्रसंगों का भक्तों को श्रवण कराया। जिसमें प्रभु कृष्ण के 16 हजार शादियां के प्रसंग के साथ, सुदामा प्रसंग और परीक्षित मोक्ष की कथायें सुनाई। इन कथाओं को सुनकर सभी भक्त भाव विभोर हो गए।

कथा समापन के दौरान पूज्य डा राम कमल वेदांती ने भक्तों को भागवत को अपने जीवन में उतारने की बात कही। जिससे सभी लोग धर्म की ओर अग्रसर हो। कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र के माध्यम से भक्तों के सामने दोस्ती की मिसाल पेश की और समाज में समानता का संदेश दिया। साथ ही भक्तो को बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का नो दिनों तक श्रवण करने से जीव का उद्धार हो जाता है तो वहीं इसे कराने वाले भी पुण्य के भागी होते है।

कथा के समापन के बाद महाराज ने श्री भरत मंदिर परिवार की सुख समृद्धि की कामना और कल्याण का आशीर्वाद दिया और कहा कि गोलोक वासी पूज्य महंत अशोक प्रपन्नाचार्य के धर्म मार्ग के संपूर्ण कार्यों को आगे बढ़ाने का संदेश परिवार को दिया।

इस अवसर पर श्री भरत मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के नवम दिवस पर कथा मे श्री भरत मंदिर के महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य, हर्ष वर्धन शर्मा, वरुण शर्मा, मधुसूधन शर्मा, रवि शास्त्री, दीप शर्मा, रामकृपाल गौतम आदि सहित सैकड़ों की संख्या में भक्तगण उपस्थित थे।

गंगा किनारे बसे शहरों में सेप्टेज मैनेजमेंट की तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय गंगा समिति की 14वीं बैठक आयोजित हुयी। मुख्य सचिव ने गंगा के किनारे बसे शहरों में भी सेप्टेज मैनेजमेंट की तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि गंगा में ड्रेनेज का अशोधित जल न जाए यह सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने सभी एसटीपी का सोशल ऑडिट किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोशल ऑडिट में स्थानीय लोगों से भी उनके विचार लिए जाएं। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न स्थानों में जमा पुराने कूड़े (लीगेसी वेस्ट) को प्रोसेस कर उसके निस्तारण की व्यवस्था भी शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित नगर निकायों को दिये। साथ ही, समस्त जिला विकास समितियों को एनजीटी की गाइड लाइन के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चत करने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में भूजल के स्तर को बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि पूरे प्रदेश को छोटे चेक डैम बनाए जाएं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को अपने जनपदों में चेक डैम के लिए मास्टर प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग को भी प्रदेश के अंतर्गत सभी फ्लड प्लेन जोन में वृक्षारोपण कार्य सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही नदियों के किनारे पूर्व में दिए गए दिशा निर्देशों के अनुसार नए निर्माण कार्यों को अनुमति न दी जाए। साथ ही जो पूर्व में निर्मित हो चुके हैं, नष्ट करने के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नए निर्माण न हों इसके लिए प्रत्येक माह ड्रॉन आदि से वीडियोग्राफी की जाए ताकि नए निर्माण का पता चल सके, वीडियोग्राफी का डाटा, डाटा सेंटर में संकलित किया जाए।
बैठक के दौरान बताया गया कि मनरेगा के तहत 689735 ग्रामीण परिवारों को 120182.07 लाख रुपये का प्रत्यक्ष मजदूरी रोजगार प्रदान किया गया। व्यक्तिगत स्वरोजगार, कृषि और कृषि संबद्ध क्षेत्र और स्वयं सहायता समूहों से संबंधित वृद्धि गतिविधियों पर 110201.65 करोड़ रुपये खर्च किए गए। कृषि गतिविधियों के तहत जैविक खेती के अन्तर्गत 1182 गांव के 74522 किसान जैविक खेती के लिए लगे हुए हैं।
बताया गया कि गंगा के किनारे ऋषिकेश में पर्यटन सर्किट के विकास के लिए व्यापक योजना तैयार की गई है। हर की पौड़ी, हरिद्वार में गंगा आरती के लिए ऑडियो वीडियो सुविधा विकसित की जा रही है। ग्रामीणों को अपने घरों को होमस्टे के रूप में पंजीकृत करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है और पर्यटन वेबसाइट और अन्य लोकप्रिय ओटीए पर प्रचारित किया जाता है। नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट और हरिद्वार में चंडी घाट पर गंगा पर एक संग्रहालय स्थापित किया गया है।
इस अवसर पर पीसीसीएफ (हॉफ) विनोद कुमार, अपर सचिव पर्यटन सी. रविशंकर, उदयराज सिंह सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।