ग्रामीणों के विरोध को लेकर शहरी विकास मंत्री ने विभागीय अधिकारियों से की चर्चा

शहरी विकास मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने ऋषिकेश नगर निगम के अंतर्गत डंप हो रहे कूड़े के निस्तारण तथा लालपानी स्थित बनने जा रहे वैज्ञानिक कूड़ा निस्तारण केंद्र के संदर्भ में शहरी विकास विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की।
मंत्री डॉ. अग्रवाल ने ऋषिकेश में वर्षाे से डंप हो रहे कूड़े के निस्तारण के लिए शीघ्र कार्यवाही शुरू करने को कहा। वहीं लालपानी में चिन्हित जमीन में वैज्ञानिक कूड़ा निस्तारण केंद्र के हो रहे ग्रामीणों द्वारा विरोध के संदर्भ में भी अतिशीघ्र मौका मुआयना कर दोनों समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए।
इस अवसर पर डॉ. अग्रवाल ने कहा कि ऋषिकेश में वर्षाे से डंप हो रहे कूड़े से जहाँ स्थानीय लोगों को दुर्गंध और बीमारियों से जूझना पड़ता है, वहीं आने वाले यात्री गलत संदेश ले कर जा रहे हैं। लालपानी (गुमानीवाला) में बनने जा रहे वैज्ञानिक कूड़ा निस्तारण केंद्र का ग्रामीणों द्वारा विरोध पर भी अधिकारियों को तुरंत क्षेत्र में जाकर समस्या निस्तारण के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव शहरी विकास दीपेंद्र चौधरी, निदेशक नवनीत पांडेय मौजूद रहे।

शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 115वी जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन

बैराज रोड स्थित कैम्प कार्यालय में शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 115वी जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जीवन पर प्रकाश डाला।
बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि हर भारतीय की तरह भगत सिंह का परिवार भी आजादी का पैरोकार था। उनके चाचा अजीत सिंह और श्वान सिंह भी आजादी के मतवाले थे और करतार सिंह सराभा के नेतृत्व में गदर पाटी के सदस्य थे। अपने घर में क्रांतिकारियों की मौजूदगी से भगत सिंह पर गहरा प्रभाव पड़ा। इन दोनों का असर था कि वे बचपन से ही अंग्रेजों से घृणा करने लगे। 14 वर्ष की उम्र में भगत सिंह ने सरकारी स्कूलों की पुस्तकें और कपड़े जला दिए। जिसके बाद भगत सिंह के पोस्टर गांवों में छपने लगे। डॉ अग्रवाल ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड ने भगत सिंह पर अमिट छाप छोड़ा। अंग्रेजों की सरकार को ‘नींद से जगाने के लिए’ उन्होंने 8 अप्रैल 1929 को सेंट्रल असेंबली के सभागार में बम और पर्चे फेंके थे। इस घटना में भगत सिंह के साथ क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त भी शामिल थे। और यह जगह अलीपुर रोड दिल्ली स्थित ब्रिटिश भारत की तत्कालीन सेंट्रल असेंबली का सभागार थी। लाहौर षड़यंत्र केस में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू को फांसी की सजा सुनाई गई और बटुकेश्वर दत्त को आजीवन कारावास दिया गया। भगत सिंह को 23 मार्च, 1931 की शाम सात बजे सुखदेव और राजगुरू के साथ फांसी पर लटका दिया गया। तीनों ने हंसते-हंसते देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि भगत सिंह आजादी के मतवाले ही नहीं थे। भगत सिंह एक अच्छे वक्ता, पाठक, लेखक और पत्रकार भी थे। वे हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, पंजाबी, उर्दू, बंगला और आयरिश भाषा के बड़े विद्वान थे। उन्होंने 23 वर्ष की उम्र में आयरलैंड, फ्रांस और रूस की क्रांति का के बारे गहरा अध्ययन कर लिया था। भगत सिंह को भारत में समाजवाद का पहला प्रवक्ता माना जाता है। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष वीरभद्र अरविंद चौधरी, महामंत्री सुंदरी कंडवाल, महामंत्री श्यामपुर रवि शर्मा, महामंत्री ऋषिकेश सुमित पंवार और जयंत शर्मा, युवा मोर्चा अध्यक्ष विजय जुगलान, निर्मला उनियाल, रविंद्र रमोला, संजय व्यास, गंभीर सिंह राणा, दीपक जुगलान, रूपेश गुप्ता, सुभाष वाल्मीकि आदि ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

माता अहिल्या का उद्धार कर श्रीराम ने श्राप से दिलाई मुक्ति

सुभाष बनखंडी श्री रामलीला कमेटी के द्वारा रंगमंच के तीसरे दिन श्रीराम जन्म, श्री सीता जन्म, ताड़का और सुबाहु वध व अहिल्या उद्धार की लीलाओं का मंचन स्थानीय कलाकारों द्वारा दिया गया।
श्रीराम जन्म की लीला में दर्शाया गया कि राजा दशरथ की संतान ना होने के चलते उनके द्वारा एक यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसके पश्चात उनकी तीन रानियों को चार पुत्रों की प्राप्ति हुई। वहीं, श्री सीता जन्म में दर्शाया गया कि राजा जनक के यहां अकाल पड़ने की वजह से ऋषि-मुनियों ने उन्हें स्वयं हल चलाने की सलाह दी गई। जिसके फलस्वरुप राज्य में वर्षा होने की संभावना जताई गई। राजा जनक के द्वारा हल चलाने पर पृथ्वी से एक घड़े में उन्हें एक कन्या की प्राप्ति हुई। जिसका नाम सीता रखा गया और राज्य में वर्षा होने से अकाल की समस्या का समाधान हो गया।
वहीं, ताड़का और सुबाहु वध में दर्शाया गया कि राक्षसों का आंतक बढ़ने से ऋषि-मुनियों के यज्ञ प्रभावित होने लगे। जिस पर विश्वामित्र ऋषि ने राजा दशरथ से मदद मांगी। उन्होंने श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ जंगल ले जाकर ताड़का और मारिच-सुबाहु का वध करने की बात कही। राजा दशरथ ने स्वयं चलकर उनका वध करने का अनरोध किया लेकिन विश्वामित्र ने उनके पुत्रों के द्वारा ही उनका वध होगा, ऐसा बताया। जिस पर पिता की आज्ञा पाकर श्रीराम और लक्ष्मण जंगल पहुंचे। उन्होंने ताड़का और सुबाहु का वध किया। मारिच श्रीराम से अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहा।
वहीं, अहिल्या उद्धार में दर्शाया गया कि विश्वामित्र ने श्रीराम के द्वारा पत्थर बनी अहिल्या का उद्धार करवाया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी के अध्यक्ष विनोद पाल, महामंत्री हरीश तिवाड़ी, राजेश दिवाकर, राकेश पारछा, दीपक जोशी, रोहताश पाल, हुकुम चंद, मनमीत कुमार, पप्पू पाल, संजय शर्मा, प्रशांत पाल, महेंद्र कुमार, अनिल धीमान, ललित शर्मा, दया शंकर पांडेय, अशोक मौर्य, सुभाष पाल, पवन पाल, नीतीश पाल आदि उपस्थित रहे।

आईडीपीएल में एनएसएस के स्थापना दिवस पर हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम

राजकीय इंटर कॉलेज आईडीपीएल वीरभद्र ऋषिकेश में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस को आजादी की 75वीं वर्षगांठ को समर्पित करते हुए कई कार्यक्रम, संगोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों के प्रचार-प्रसार एवं जागरुकता विषयक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. धीरेंद्र रांगड़ ने द्वीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना से सेवा की सीख मिलती है सेवा समर्पण का भाव रखने वाला हमेशा सुखी रहता है। सेवा भाव का पालन करते हुए उसे धरा पर परिलक्षित कर सेवार्थी छात्र छात्राओं को एक आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए।

विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य सूरज मणि, एनएसएस प्रभारी विजय पाल सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम अधिकारी ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, सफाई, मतदाता जागरूकता, पर्यावरण सुरक्षा आदि के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

सुनीता सिरवान, ईशा, महक, मनीषा, इन्दु, अंबिका, छवि, हेमंत, अभिषेक, संगीता, गीता आदि ने गढ़वाली गीत, गढ़वाली व पंजाबी सामूहिक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी तथा छात्रों ने राष्ट्र सेवा समर्पण पर व्याख्यान प्रस्तुत किए।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि नगर निगम ऋषिकेश पार्षद सुंदरी कंडवाल, शिक्षक ललित मोहन जोशी, मोनिका रौतेला, डॉ. संजय ध्यानी,एनसीसी अधिकारी सुशील रावत, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद नोटियाल, दिवाकर नैथानी, सीडी डंगवाल, श्याम सुन्दर रयाल, मनोज कुमार गुप्ता, ज्योति किरण लोहनी, माधुरी रावत, सुनीता पंवार, हरेंद्र सिंह राणा, इन्दु नेगी, रेखा भट्ट, आभा भट्ट, शकुंतला नैथानी आदि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन समन्वयक ऋषिकेश परिक्षेत्र मनोज कुमार गुप्ता ने किया।

पुलिस ने लापता रिसेप्शनिस्ट मामले में छह कर्मचारियों से की पूछताछ

यमकेश्वर प्रखंड के गंगा भोगपुर स्थित रिसार्ट से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई रिसेप्शनिस्ट का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। शुरुआत से ही संदिग्ध प्रतीत हो रहा यह मामला अब राजस्व पुलिस से नागरिक पुलिस में ट्रांसफर कर दिया गया है।

युवती के स्वजन की ओर जताई गई अनहोनी की आशंका के चलते वहीं पुलिस ने रिसार्ट पर ताला जड़कर वहां मौजूद छह कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जबकि युवती की गुमशुदगी दर्ज कराने वाला रिसार्ट स्वामी तथा मैनेजर अभी तक पुलिस के सामने नहीं आए हैं।

राजस्व क्षेत्र गंगा भोपगुर स्थित वनंन्तरा रिसार्ट में ग्राम श्रीकोट पट्टी नांदलस्यूं पौड़ी गढ़वाल निवासी अंकिता भंडारी (19 वर्ष) पुत्री वीरेंद्र सिंह भंडारी रिसेप्शनिस्ट के रूप में कुछ समय से काम कर रही थी।

बताया जा रहा है कि 19 सितंबर की सुबह अंकिता भंडारी रिसार्ट के अपने कमरे में नहीं मिली। जिसके बाद रिसार्ट के संचालक पुलकित कुमार ने राजस्व पुलिस को तहरीर दी।

उसमें बताया कि अंकिता कुछ समय से अंकिता मानसिक तनाव में थी। उसके मन को बहलाने के लिए पुलकित और सौरभ उसे 18 सितंबर को दुपहिया वाहन पर ऋषिकेश की ओर ले गए थे। जहां से देर सायं को वह सभी रिसार्ट में लौट आए थे।

इसके बाद वह अपने-अपने कमरे में सोने के लिए चले गए। 19 सितंबर की सुबह पता चला कि अंकिता अपने कमरे में नहीं है।

जिसके बाद अंकिता की काफी तलाश की गई मगर, उसका कुछ पता नहीं चल पाया।

अंकिता के पिता से भी जानकारी लेने पर पता चला कि वह गांव भी नहीं पहुंची।

रोटरी क्लब द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कराटे प्रशिक्षण का हुआ समापन

रोटरी क्लब ऋषिकेश के तत्वावधान में हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय कराटे आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर तेजस्विनी का आज समापन हो गया।

समापन दिवस पर पहुंची राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, क्लब अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, प्रशिक्षण शिविर की आयोजिका मीनू डंग एवं विद्यालय की प्रधानाचार्य पूनम शर्मा ने सभी प्रतिभागी छात्राओ को प्रशस्ति पत्र भेंटकर बधाई दी। अंतरराष्ट्रीय कराटे कोच विश्व नाथ राजपूत के दिशा निर्देशन में चले तीन दिवसीय कराटे प्रशिक्षण शिविर में बड़ी संख्या में शामिल हुई छात्राओं ने आत्मरक्षा के गुर सीखे।

इस अवसर पर मुख्यातिथि कुसुम कंडवाल ने कहा कि आज के समय मे पढ़ाई लिखाई के साथ ही बच्चों को खेलकूद की ट्रेंनिग एवं अपनी आत्मसुरक्षा हेतु जुडो, कराटे एवं किकबॉक्सिंग जैसी आत्मरक्षा प्रशिक्षण सिखाये जाने अतिआवश्यक है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को लेकर रोटरी क्लब की मुहिम हेतु क्लब को बधाई दी।

क्लब की सदस्य वह प्रोजेक्ट चेयरमैन मीनू डंग कहा कि क्लब द्वारा ऐसे आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर और भी स्कूलों में चलाए जाएंगे।

इस मौके पर क्लब अध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने मुख्यातिथि एवं स्कूल की प्रधानाचार्य एवं कराटे कोच को शाल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर क्लब के सचिव विशाल तायल, राजीव गर्ग, बलवंत सिंह, डॉ राजे नेगी, मेहरबान सिंह बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

स्कूली बच्चों को बताया डेंगू से बचाव का रास्ता

श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज ऋषिकेश में डॉ संतोष कुमार के द्वारा छात्र छात्राओं को डेंगू वायरस और डेंगू को रोकने की विधियों से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि हम किस तरह से डेंगू से अपने और अपने परिवार तथा अपने समाज की रक्षा करेंगे।

डॉक्टर संतोष कुमार ने कहा कि एम्स के द्वारा जो भी सहयोग चाहिए वह मिलेगा और डेंगू फ्री मोहल्ले को एम्स की तरफ से पुरस्कृत भी किया जाएगा और बताया गया है कि डेंगू का मच्छर संक्रमित व्यक्ति से बहुत तेजी से संक्रमण को अन्य स्वस्थ व्यक्तियों में भी फैलाता है जिसकी कोई प्रमुख दवाई अभी तक नहीं है लेकिन डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों को समाप्त करना ही एकमात्र विकल्प है अपने घरों के आसपास पानी एकत्र ना होने दें साथ ही डेंगू हो जाने पर तरल पेय पदार्थ और बुखार आने पर पेरासिटामोल का सेवन करें और पौष्टिक भोजन अपने आहार में शामिल करें।

प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत ने कहा कि डॉक्टर संतोष कुमार के द्वारा बताई गई बातों का पालन करवाया जाएगा और सभी छात्र छात्राओं को जागरूक किया जाएगा कि वह अपने घर परिवार और पास पड़ोस को जागरूकता के द्वारा डेंगू के प्रसार को रोकें ताकि ऋषिकेश में यह महामारी का रूप ना ले पाए। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य यमुना प्रसाद त्रिपाठी, लेफ्टिनेंट लखविंदर सिंह, जितेंद्र बिष्ट, जयकृत रावत, डॉक्टर सुनील दत्त थपलियाल, रंजन अंथवाल, प्रवीण रावत, विकास नेगी, विवेक शर्मा आदि उपस्थित थे।

सेवा पखवाड़ाः वीरभद्र मंडल ने स्वच्छता अभियान चला महापुरूषों की मूर्तियां की स्वच्छ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस को भारतीय जनता पार्टी में सेवा पखवाड़े के रूप में मनाया गया। इस क्रम में आज वीरभद्र मंडल द्वारा स्वच्छता अभियान में क्षेत्र में बनी महापुरुषों के मूर्तियों को साफ सुथरा कर और पुष्प माला पहनाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

बापू ग्राम पंचायत घर नगर निगम मिनी कार्यालय में महात्मा गांधी, संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर और मीराबेन जी की मूर्तियों की सफाई कर पुष्प माला पहनाई गई।

इसके बाद शहीद स्मारक अमित ग्राम में शहीदों की स्मारकों में स्वच्छता अभियान चलाया गया। मंडल अध्यक्ष अरविंद चौधरी, जिला महामंत्री सुदेश कंडवाल, मंडल महामंत्री व पार्षद सुंदरी कंडवाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष अविनाश, वायुराज, रोहित भारद्वाज, निर्मला उनियाल, पुनीता भंडारी, गीता मित्तल, माया घले, शशि सेमल्टी, बालम सिंह रावत, महावीर चमोली, प्रताप राणा, विवेक चतुर्वेदी, अनीता देवी, रंजीत, सुशील आदि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

न्यायालय ने चेक बाउंस में आरोपी बनाए व्यक्ति को किया बरी

चेक बाउंस के मामले पर न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश ने अपना फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी को दोषमुक्त किया है।

अधिवक्ता शुभम राठी ने बताया कि सुनील रावत पुत्र केएस रावत निवासी नटराज चौक ढालवाला टिहरी गढ़वाल ने न्यायालय में वाद दायर किया। जिसमें वादी ने बताया कि बलवीर सिंह पुत्र सतनाम निवासी गढ़ीमयचक ऋषिकेश से अच्छी जान पहचान थी। वादी के अनुसार बलवीर सिंह के साथ एक जमीन का सौदा किया। जिसके बयाने के लिए वादी ने 12 लाख 50 हजार रूपये दिए। मगर, कुछ समय बाद जमीन का सौदा निरस्त हो गया। इस पर सुनील रावत ने बलवीर से अपने रूपये वापस मांगे। जिस पर बलवीर ने चेक दिया, जो बाउंस हो गया।

अधिवक्ता शुभम राठी ने इस मामले में आरोपी बनाए गए बलवीर सिंह की ओर से मजबूत पैरवी की। उन्होंने न्यायालय को बताया कि बलवीर सिंह ने सुनील रावत से 12 लाख 50 हजार रूपये नहीं लिये थे। सिर्फ 10 लाख रूपये लेकर एक ब्लैंक चेक दिया था, जिसे वापस न देने पर जमीन पर कब्जा करने को लेकर सहमति बनी थी। अधिवक्ता ने न्यायालय में यह आवश्यक दस्तावेज के जरिए यह साबित कर दिखाया कि सिर्फ 10 ही लाख रूपये लिए थे, जो वापस भी लौटा दिए।

अधिवक्ता शुभम राठी की ठोस पैरवी को आधार बनाते हुए न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार ने बलवीर सिंह को दोषमुक्त किया है।

दिव्यांग 12 वर्षीय बच्ची को नीरजा गोयल ट्रस्ट ने दी व्हील चेयर

नीरजा देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट ने 12 वर्षीय दिव्यांग बच्ची को व्हील चेयर प्रदान की है। ट्रस्ट की संस्थापक व पैरा ओलंपिक खिलाड़ी नीरजा गोयल ने बताया कि इंदिरा नगर निवासी 12 वर्षीय बिटिया के परिजनों की आर्थिक स्थिति सही न होने पर व्हील चेयर लेने में असमर्थ थे।
बताया कि ट्रस्ट ने परिवार की आर्थिक स्थिति और बच्ची की कंडीशन को देखते हुए व्हीलचेयर उपलब्ध कराई।

ट्रस्ट संस्थापक नीरजा गोयल जी ने बताया की ट्रस्ट ऋषिकेश क्षेत्र में हर संभव सहायता करने तत्पर रहता है। फिर चाहे हो किसी भी निर्धन व्यक्ति की सेहत को लेकर, चाहे निर्धन लोगों में भोजन कराना हो, व्हीलचेयर प्रदान करनी हो, दिव्यन्ग्जनों को प्रोत्साहित करना है।

ट्रस्ट समाज में रह रहे निर्धन वर्ग के लोगों की सहायता के लिए सदेव तत्पर रहता है