दीपावली पर हाई अलर्ट मोड में स्वास्थ्य विभाग, 24 घंटे रहेंगी एक्टिव

दीपावली पर्व के अवसर पर उत्तराखंड सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पूरी तरह सक्रिय और सतर्क बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के दिशा-निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के प्रशासन और चिकित्सा संस्थानों को अलर्ट मोड पर रखा है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पर्वों की खुशियाँ तभी सार्थक हैं जब हर नागरिक सुरक्षित और स्वस्थ हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दीपावली के दौरान आग, सड़क दुर्घटनाओं या अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए चौबीसों घंटे स्वास्थ्य सेवाएँ तैयार रहें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि सभी अस्पतालों, एम्बुलेंस सेवाओं और आपात चिकित्सा इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। विभाग ने पर्याप्त चिकित्सा कर्मियों की तैनाती, आवश्यक दवाओं और उपकरणों के भंडारण, तथा ब्लड बैंक और बर्न यूनिट की पूर्ण कार्यशीलता सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि जन सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है, और हर जिले में व्यवस्था की सतत समीक्षा की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नागरिकों से अपील की कि दीपावली उत्साह से मनाएं, लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन अवश्य करें।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्साधिकारियों को त्योहारों के दौरान 24×7 सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पर्वों के दौरान आग लगने, दुर्घटनाओं या अन्य स्वास्थ्य आपात स्थितियों की संभावना को देखते हुए अस्पतालों, ट्रॉमा सेंटरों और नियंत्रण कक्षों को पूरी तरह क्रियाशील रखा गया है। जारी परिपत्र के अनुसार, 108 नेशनल एम्बुलेंस सेवा, जिला नियंत्रण कक्ष, और अस्पतालों के आपातकालीन वार्ड सतत निगरानी में रहेंगे। आपात सेवाओं के लिए पर्याप्त डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी तय की गई है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि सभी जिलों में अग्निशमन, पुलिस, परिवहन और स्वास्थ्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके। उन्होंने बताया कि पर्वों के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और बाजारों में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स तैनात रहेंगी। जिलाधिकारियों को स्वास्थ्य संस्थानों की तैयारियों की समीक्षा और आवश्यक प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है।

स्वास्थ्य सचिव ने यह भी कहा कि जनजागरूकता के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षित पर्व मनाने का संदेश दिया जा रहा है। स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया और सामुदायिक नेटवर्क के माध्यम से लोगों से अपील की गई है कि आतिशबाज़ी सावधानी से करें, विद्युत उपकरणों का प्रयोग सोच-समझकर करें और किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत 108 हेल्पलाइन पर संपर्क करें। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकार जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि “सभी अधिकारी और कर्मचारी यह सुनिश्चित करें कि पर्वों की खुशी के बीच किसी भी नागरिक को चिकित्सा सुविधा पाने में कठिनाई न हो।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि विभाग का उद्देश्य केवल उपचार देना नहीं, बल्कि समय पर राहत और रोकथाम सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि दीपावली और इगास पर्व के दौरान विभाग पूरी तत्परता से कार्य करेगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध हो सके। उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे पर्वों की खुशियाँ जिम्मेदारी के साथ मनाएं, दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद के लिए संपर्क करें।

पीएमश्री और लखपति दीदी योजना की मुख्य सचिव ने की समीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में पीएमश्री और लखपति दीदी योजना की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड में भी पीएमश्री योजना की तर्ज पर स्कूलों के आधुनिकीकरण के लिए योजना संचालित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि पीएमश्री योजना के तहत् स्कूलों को 5 वर्षों तक 40 – 40 लाख की धनराशि (कुल 2 करोड़ रुपए) उपलब्ध कराई जाती है, जिससे स्कूलों में स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय एवं खेल सुविधाएं उपलब्ध करायी जाती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीएमश्री योजना की तर्ज पर प्रदेश में भी योजना संचालित की जाए जिससे स्कूलों में बच्चों के पठन पाठन के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सकें। इससे प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशालाएं एवं पुस्तकालय आदि से संतृप्त किए जाने में तेजी आएगी। उन्होंने क्लस्टर विद्यालयों से इसकी शुरूआत किए जाने की बात कही।

स्वयं सहायता समूहों के लिए क्षमता विकास कार्यक्रम किए जाएं संचालित

मुख्य सचिव ने लखपति दीदी योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के और अधिक कारगर बनाए जाने एवं स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों में तकनीक के अधिकतम उपयोग से गुणवत्ता सुधार के लिए लगातार क्षमता विकास कार्यक्रम संचालित किए जाने के निर्देश दिए हैं। लखपति दीदी योजना की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय संचालन समिति और राज्य स्तरीय निगरानी समिति का गठन शीघ्र कर इनकी निरन्तर बैठकें आयोजित की जाएं। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, ई-कॉमर्स प्लेटफार्म, रिटेल चेन आदि पर अधिक से अधिक फोकस किया जाए। उन्होंने उत्पादों को हाऊस ऑॅफ हिमालयाज में भी शामिल किए जाने की बात कही।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे, मेहरबान सिंह बिष्ट एवं झरना कामठान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

खनन तत्परता सूचकांक में पंजाब, त्रिपुरा के साथ ‘सी’ कैटेगरी में अग्रणी स्थान पर उत्तराखंड

खनन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी राज्य खनन तत्परता सूचकांक में उत्तराखंड ने ‘सी’ कैटेगरी में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि राज्य सरकार के खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, दक्षता, सतत विकास और तकनीकी उन्नयन के प्रति किए जा रहे सतत प्रयासों का परिणाम है।

केंद्रीय बजट 2025-26 में की गई घोषणा के अनुरूप तैयार किया गया यह सूचकांक देश के विभिन्न राज्यों का मूल्यांकन खनन सुधारों, नीतिगत पारदर्शिता, पर्यावरणीय संतुलन, खनिज अन्वेषण क्षमता और प्रशासनिक दक्षता जैसे अनेक मापदंडों के आधार पर करता है।

इस सूचकांक में मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान को ‘ए’ कैटेगरी में, गोवा, उत्तर प्रदेश और असम को ‘बी’ कैटेगरी में तथा उत्तराखंड को पंजाब और त्रिपुरा के साथ ‘सी’ कैटेगरी में अग्रणी स्थान प्रदान किया गया है।

खनन मंत्रालय के अनुसार, यह सूचकांक राज्यों में खनन क्षेत्र में बेंचमार्किंग और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने का कार्य करेगा, जिससे देशभर में खनन सुधारों की गति और पर्यावरण-अनुकूल नीतियों के क्रियान्वयन को और बल मिलेगा।

उत्तराखंड के खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करने के लिए कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ई-नीलामी प्रणाली को और अधिक सशक्त किया गया है, जिससे खनन पट्टों के आवंटन में पारदर्शिता आई है। खनन से संबंधित प्रक्रियाओं को डिजिटाइज कर जनता और उद्यमियों के लिए प्रक्रिया को सुगम बनाया गया है। अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए सैटेलाइट आधारित निगरानी प्रणाली लागू की गई है। खनिज परिवहन के लिए ई-रवन्ना प्रणाली को सख्ती से लागू कर राजस्व हानि पर प्रभावी रोक लगाई गई है। पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में सस्टेनेबल माइनिंग प्रैक्टिसेस को अपनाने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह उपलब्धि उत्तराखंड सरकार के सशक्त शासन मॉडल, पारदर्शी नीतियों और जन केंद्रित दृष्टिकोण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास और पर्यावरणीय संतुलन के बीच सामंजस्य स्थापित करते हुए खनन क्षेत्र को सतत विकास की दिशा में अग्रसर करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने खनन क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अपारदर्शिता को समाप्त करते हुए एक उत्तरदायी और आधुनिक प्रणाली विकसित की है। राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन नहीं, बल्कि उनका संवेदनशील प्रबंधन ही हमारी प्राथमिकता है।”

उन्होंने खनन विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि टीम उत्तराखंड के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के राजस्व वृद्धि के संदर्भ में विशेष रूप से खनन विभाग ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य के खनन राजस्व में हुई 800 करोड़ की अप्रत्याशित बढ़ोतरी इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार की नवीन खनन नीति प्रभावी, पारदर्शी और सशक्त रूप से लागू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के प्रतिनिधि व अधिकारी भी उत्तराखण्ड आकर खनन क्षेत्र में क्रियान्वित मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं तथा यहाँ की नीतियों और व्यवस्थाओं को अपने-अपने राज्यों में लागू करने के प्रयास कर रहे हैं।

खनन विभाग ने बताया कि राज्य में खनन क्षेत्र के समुचित नियमन, सतत निगरानी और स्थानीय जनहितों की सुरक्षा के लिए ठोस कार्ययोजनाएं लागू की जा रही हैं। भविष्य में खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक दोहन और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को और मज़बूती प्रदान की जाएगी। उत्तराखंड सरकार का उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में खनन क्षेत्र में पारदर्शी प्रक्रियाओं, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के लिए देश में एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित हो।

सीएम ने 09 मोबाइल यूनिट एंबुलेंस को दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 09 मोबाइल मेडिकल यूनिट (एम्बुलेंस) को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना।

हंस फाउंडेशन देहरादून के सहयोग से प्रदत्त 08 व हिन्दुस्तान जिंक व ममता संगठन के संयुक्त सौजन्य से 1 मोबाइल स्वास्थ्य सेवा वाहन को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को निजी आवास, नगला तराई खटीमा से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हंस फाउंडेशन तथा हिन्दुस्तान जिंक कम्पनी व ममता संगठन के यह प्रयास स्वास्थ सुविधाओं के विस्तार में सहायक सिद्ध होगी। उन्होने कहा मोबाईल स्वास्थ्य सेवा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए काफी लाभदायक होगी। जनता को इन स्वास्थ्य सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ होगा।

प्रोजेक्ट मैनेजर हंस फाउंडेशन युद्धवीर सिंह ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा जो 08 मोबाइल यूनिट दी गई हैं उनमें से 04 मोबाइल यूनिट जनपद उधम सिंह नगर में व 04 मोबाइल यूनिट जनपद नैनीताल में स्वास्थ सेवाएं देंगी। हिन्दुस्तान जिंक कम्पनी के निदेशक अनामिका झा ने अवगत कराया कि राजस्थान के 04 जनपद व उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर के गदरपुर एवं किच्छा क्षेत्र के 25 ग्रामों में संचालित सचल चिकित्सा वाहन में डॉक्टर, स्टाफ नर्स, काउंसलर के माध्यम से परामर्श, जांच उपचार करने के लिए प्रारम्भ की गई है।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

बॉलीबिल्डिंग फिटनेस एसोसिएशन के अध्यक्ष बने विवेक तिवारी

ऋषिकेश बॉडीबिल्डिंग फिटनेस एसोसिएशन की वार्षिक बैठक आयोजित की गई। इसमें सर्वसम्मति से विवेक तिवारी को एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा प्रतियोगिता के लिए कार्यक्रम संयोजक की जिम्मेदारी कैलाश सेमवाल व महामंत्री की जिम्मेदारी रवि नेगी को दी गई।

इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष शैलेंद्र बिष्ट और निवर्तमान अध्यक्ष प्रदीप कोहली व निर्वतमान कार्यकारिणी को अपना कार्यकाल पूर्ण करने पर बधाई दी गई। नवनियुक्त अध्यक्ष विवेक तिवारी ने कहा कि हमारा उद्देश्य युवाओं के शरीर को स्वस्थ रखना, युवाओं को नशे से दूर रखना है, क्योंकि बलवान शरीर ही बलवान समाज और एक सशक्त शक्तिशाली राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।

बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता की तिथियों की जानकारी देते हुए अध्यक्ष विवेक तिवारी ने बताया कि प्रतियोगिता 7 और 8 फरवरी 2026 का आयोजित कराई जाएगी। अगली मीटिंग में स्थान का भी चयन कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आकर्षक पुरस्कारों की भी रूपरेखा तैयार की जाएगी। जिससे प्रतियोगियों का मनोबल बढ़ाया जा सके व युवाओं को प्रेरणा मिलें। बैठक में मीडिया कॉर्डिनेटर रंजन अंथवाल को नियुक्त किया गया।

इस मौके पर संगठन के संरक्षक कपिल गुप्ता, राज वर्मा, पार्षद वीरेंद्र रमोला, पार्षद राजेंद्र बिष्ट, प्रवीण सजवाण, विकास सेमवाल, राकेश कुमार, नीरज चौहान, आदेश कुमार, अभिषेक रावत, अंकित जोशी, अभिषेक कुमार, विवेक शर्मा, प्रवीन रावत, संदीप भट्ट, अमित कश्यप, वंश बिष्ट आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंड में सीमाओं पर मिलावट पर बढ़ी चौकसी, देहरादून हरिद्वार, यूएस नगर और नैनीताल में रखी जा रही है विशेष निगरानी

त्योहारी बाजारों में मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच उत्तराखंड सरकार ने मिलावटखोरों पर सख्ती की रणनीति अपना ली है। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में चलाया जा रहा यह व्यापक अभियान न केवल उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि मिलावट के कारोबार में लिप्त लोगों को स्पष्ट संदेश दे रहा है “मिलावट पर जीरो टॉलरेंस।” मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के सख्त निर्देशों पर प्रदेशभर में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। सचिव स्वास्थ्य व आयुक्त खाघ संरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार के आदेश और अपर आयुक्त खाद्य सुरक्षा ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में राज्यभर में लगातार छापेमारी की जा रही है। सीमाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि बाहरी राज्यों से मिलावटी मावा और मिठाइयाँ उत्तराखंड में प्रवेश न कर सकें।

सचिव स्वास्थ्य व आयुक्त खाद्य संरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग ने बताया कि दीपावली तक पूरे प्रदेश में स्पेशल टास्क फोर्स की तर्ज पर निगरानी दल गठित किए गए हैं। जिन क्षेत्रों से मिलावट की शिकायतें मिल रही हैं, वहां सरप्राइज चेकिंग की जा रही है। प्रत्येक जिले से रोजाना रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी, ताकि आवश्यकतानुसार अभियान की तीव्रता और जांच के दायरे को और बढ़ाया जा सके। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि सस्ती मिठाइयों और खुले मावे से बचें, और मिठाई खरीदते समय ब्रांड, पैकिंग और एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें।

देहरादून में व्यापक निरीक्षण अभियान
दीपावली से पहले जनपद देहरादून में भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने मिठाई और दुग्ध उत्पाद बेचने वाले प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना के नेतृत्व में टीमों ने हर्रावाला, मोहकमपुर, हरिद्वार रोड और सहसपुर क्षेत्र में छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान कलाकंद, घी और दूध उत्पादों के कुल 10 नमूने जांच हेतु लिए गए जिन्हें खाद्य विश्लेषण शाला भेज दिया गया है। इस अभियान में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह (नगर निगम क्षेत्र), संजय तिवारी (विकासनगर) और कपिल देव (मसूरी) सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। विभाग ने साफ किया कि आगामी दिनों में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अमानतगढ़ में बड़ी कार्रवाईरू 10 क्विंटल मावा जब्त
दीपावली से ठीक पहले खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने थाना बुग्गावाला क्षेत्र स्थित पुलिस चौकी अमानतगढ़ में बड़ी कार्रवाई की। टीम ने महिंद्रा एसयूवी-500 वाहन (मुज़फ्फरनगर से देहरादून की ओर) को रोककर तलाशी ली, जिसमें लगभग 900 किलो (10 क्विंटल) मावा बरामद किया गया। मावा में मिलावट की आशंका के चलते नमूने संग्रह कर रुद्रपुर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। वाहन चालक आरिफ पुत्र मोहम्मद नईम और मावा के मालिक छुट्टन लाल प्रमोद कुमार, निवासी मुज़फ्फरनगर से पूछताछ की जा रही है। मावा देहरादून के हनुमान चौक क्षेत्र में सप्लाई किया जाना था। इस कार्रवाई में टीम उपायुक्त थ्क्। गढ़वाल आर.एस. रावत, सहायक आयुक्त थ्क्। हरिद्वार एम.एन. जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, तथा अमानतगढ़ पुलिस टीम शामिल रही। विभाग ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रुड़की में बिना तापमान नियंत्रण के मावा सप्लाई पकड़ा गया
इसी क्रम में, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं मानक नियंत्रण विभाग की एक अन्य टीम ने रुड़की क्षेत्र में भी बड़ी कार्रवाई की। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी के नेतृत्व में टीम ने दिल्ली से आ रहे एक वाहन (मारुति ैन्ट, नंबर क्स्10ब्ज्0544) को रोका। वाहन की जांच में लगभग 10 लीटर मावा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब ₹55,000 आंकी गई। वाहन में न तो तापमान नियंत्रण प्रणाली थी और न ही मावा के परिवहन का लाइसेंस। जांच में यह मावा अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में तैयार किया गया पाया गया। टीम ने मौके से नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। वाहन से प्लास्टिक के कट्टे और पॉलीथीन बैग भी मिले, जो खाद्य भंडारण के लिए प्रतिबंधित हैं। बरामद मावा को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान
राज्य सरकार प्रदेशवासियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। दीपावली जैसे त्योहारों पर मिलावटखोरों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है और हर जिले में निरीक्षण टीमों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का बयान
त्योहारी सीजन में दूध, मावा और मिठाई जैसे उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट की आशंका अधिक होती है। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध सामग्री या प्रतिष्ठान पर तुरंत कार्रवाई करें। आम जनता से भी अपील है कि वे संदिग्ध खाद्य वस्तुओं की सूचना तुरंत दें।

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त खाद्य सुरक्षा डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
प्रदेशभर में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। सीमाओं, मंडियों और शहरी क्षेत्रों में गहन निरीक्षण हो रहा है। जो भी व्यक्ति या व्यापारी खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ एफएसएसएआई एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मावा, मिठाई, तेल और घी की गुणवत्ता की जांच के लिए प्रतिदिन अभियान चलाएं। सीमावर्ती जनपदोंकृदेहरादून हरिद्वार, उधमसिंहनगर,और नैनीताल में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

डीरिग्यूलेशन एवं ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस पर टास्क फोर्स ने उत्तराखण्ड में प्रगति की समीक्षा की

भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय की एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स ने 16 अक्टूबर 2025 को देहरादून में उत्तराखण्ड राज्य में डीरिग्यूलेशन एवं ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस पहल की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक की अध्यक्षता सचिव, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग मीता राजीवलोचन एवं मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने संयुक्त रूप से की।

बैठक में टास्क फोर्स ने डीरिग्यूलेशन फ्रेमवर्क के अंतर्गत चिन्हित प्राथमिक क्षेत्रों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान विनियमों के सरलीकरण, अनुपालन बोझ में कमी तथा निवेश अनुकूल वातावरण सृजित करने हेतु आगे की रणनीतियों पर चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री की पहल पर प्रारंभ की गई यह डीरिग्यूलेशन पहल, जिसे भारत सरकार के कैबिनेट सचिव द्वारा व्यक्तिगत रूप से मॉनिटर किया जा रहा है, राज्यों को भूमि, भवन एवं निर्माण, श्रम, तथा उपयोगिताएं एवं अनुमतियों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में नियमों के सरलीकरण और सुधार में सहायता प्रदान करती है। इस पहल का उद्देश्य एक विश्वास-आधारित, पारदर्शी एवं व्यवसाय-अनुकूल शासन प्रणाली की स्थापना करना है।

टास्क फोर्स ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा सुधारों के क्षेत्र में किए गए सक्रिय प्रयासों की सराहना की तथा राज्य को अंतरविभागीय समन्वय और डिजिटल एकीकरण को और सुदृढ़ करने हेतु प्रोत्साहित किया, ताकि सुधार की गति को निरंतर बनाए रखा जा सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव विनय शंकर पांडे, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग डॉ. सौरभ गहरवार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सशक्त बहना उत्सव कार्यक्रम में बोले सीएम, “महिलाएँ बनें आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की अग्रदूत”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर के छीनीगोठ में आयोजित “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव” में प्रतिभाग कर महिलाओं के आत्मविश्वास, उद्यमशीलता और पारंपरिक कौशल का उत्सव मनाया।

कार्यक्रम में पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बेटियों के उत्साह को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि “महिलाओं की भागीदारी से ही ‘विकसित उत्तराखण्ड’ का सपना साकार होगा। राज्य सरकार महिलाओं को केवल सहयोग नहीं दे रही, बल्कि उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

मुख्यमंत्री धामी ने उत्सव स्थल पर लगे विभिन्न लाइव स्टालों का अवलोकन किया और महिलाओं के श्रम व कौशल को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया। उन्होंने न केवल प्रदर्शनी देखी, बल्कि महिलाओं की गतिविधियों में स्वयं भाग लेकर उन्हें प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री धामी ने एक स्टाल पर जाकर महिलाओं के साथ पारंपरिक तरीके से मट्ठा बनाने की प्रक्रिया में भाग लिया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खाद्य पदार्थ हमारी संस्कृति और स्वास्थ्य दोनों से जुड़े हैं, इन्हें आधुनिक रूप में बाजार से जोड़ना समय की मांग है।

इलेक्ट्रिक कार्यों में संलग्न महिलाओं के स्टाल पर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने महिलाओं के साथ दीपावली की लाइटों की सोल्डरिंग करते हुए “लोकल फॉर वोकल” के मंत्र को साकार रूप दिया। उन्होंने कहा कि “महिलाएँ अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि उत्पादक और उद्यमी बन रही हैं। यही आत्मनिर्भर भारत की असली तस्वीर है।” मुख्यमंत्री ने दीपावली पर महिलाओं द्वारा निर्मित अधिक से अधिक उत्पाद खरीदने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कृषि आधारित गतिविधियों की सराहना करते हुए महिलाओं के साथ ओखल में धान कूटने की प्रक्रिया में भी सहयोग किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक कृषि पद्धतियाँ और हस्तनिर्मित खाद्य पदार्थ आज स्वास्थ्य, पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़ रहे हैं। उन्होंने इस दिशा में महिलाओं के योगदान को प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लिया और महिला समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड के हर जिले में ऐसे उत्सवों के माध्यम से महिलाओं के उत्पादों को मार्केट लिंक उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘महालक्ष्मी किट’ का वितरण लाभार्थी महिलाओं को किया। इसके पश्चात् उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से बाल भोग खिलाया और उनसे आत्मीय बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि “हर बच्चा स्वस्थ और शिक्षित हो कृ यही सशक्त समाज की पहली शर्त है।” उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे जमीनी स्तर पर पोषण अभियान और प्रारंभिक शिक्षा को सफल बनाने की सबसे मजबूत कड़ी हैं।

महिलाओं द्वारा संचालित लौह उद्योग स्टाल पर मुख्यमंत्री धामी ने स्वयं चरखा चलाया, भट्टी गर्म की और लौह उत्पाद निर्माण की प्रक्रिया में सहभागिता की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भी महिलाओं की तकनीकी दक्षता और आत्मनिर्भरता का उदाहरण बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिला समूहों को सामूहिक उद्यमों, उत्पाद निर्माण, परिवहन सेवाओं और हस्तशिल्प क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए हर संभव वित्तीय, तकनीकी और विपणन सहयोग प्रदान कर रही है।

उन्होंने कहा कि “महिलाओं के सशक्तिकरण से ही राज्य सशक्त होगा। जब बहनें आत्मनिर्भर होंगी, तभी उत्तराखण्ड आत्मनिर्भर बनेगा।”

धामी ने कहा “नारी तू शक्ति है, नारी तू सृष्टि की मुस्कान है; जब नारी सशक्त होगी, तभी उत्तराखण्ड समृद्ध होगा।” उन्होंने सभी लोगों को दीपावली पर्व की अग्रिम शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “महिलाएँ लक्ष्मी स्वरूपा हैं, उनके सशक्त होने से परिवार, समाज और राष्ट्र सब सशक्त होते हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नारी तू नारायणी’ मंत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मातृशक्ति के कल्याण हेतु निरंतर कार्यरत हैं। उज्ज्वला, जन धन, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास, बेटी बचाओदृबेटी पढ़ाओ तथा नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी योजनाओं से महिलाओं को सशक्त बनाया गया है।

उन्होंने कहा प्रदेश में लगभग 70 हजार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 5 लाख से अधिक महिलाएँ स्वरोजगार से जुड़ी हैं, जिनमें 1.65 लाख ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू कर चुकी है तथा समान नागरिक संहिता लागू कर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा का ऐतिहासिक कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं, माताओं और बहनों के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए पूर्णतः समर्पित है। उन्होंने मातृशक्ति से आह्वान किया कि वे ‘लोकल फॉर वोकल’ के मंत्र को जन आंदोलन बनाकर आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण में सहभागी बनें।

कार्यक्रम में दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, प्रदेश महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, जिला पंचायत सदस्य सरस्वती चंद, नगर पालिका अध्यक्ष चंपावत प्रेमा पांडे, टनकपुर नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार, बनबसा नगर पंचायत अध्यक्ष रेखा देवी, जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ० जी एस खाती सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, गणमान्य नागरिक व हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

टनकपुर में सीएम ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपी ‘खुशियों की चाबी’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्रीड़ा स्थल छीनीगोठ, टनकपुर में आयोजित “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव” कार्यक्रम के दौरान टनकपुर में नवनिर्मित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय भवन सहित कुल 15 महत्त्वपूर्ण विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने टनकपुर में आयोजित कार्यक्रम में कुल ₹3630.89 लाख (लगभग ₹36.30 करोड़) की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन योजनाओं का उद्देश्य शिक्षा, पेयजल, कानून व्यवस्था, पर्यटन और कल्याण जैसे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मज़बूत करना और जनता को सुगम सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।

09 योजनाओं का लोकार्पण- ₹938.33 लाख की लागत से
मुख्यमंत्री श्री धामी ने विभिन्न विभागों की कुल 09 विकास योजनाओं का लोकार्पण किया।
टनकपुर में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय भवन का लोकार्पण-प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग, चंपावत द्वारा निर्मित ₹45.00 लाख की लागत से बने इस भवन में आधुनिक व्यवस्था स्थापित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “यह कैंप कार्यालय केवल एक प्रशासनिक भवन नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान केंद्र बनेगा। इससे स्थानीय जनता और प्रशासन के बीच संवाद और समन्वय और अधिक सुदृढ़ होगा।”

इसके साथ साथ राजकीय प्राथमिक विद्यालय फागपुर एवं जूनियर हाई स्कूल फागपुर को स्मार्ट कक्षाओं में परिवर्तित कर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया (₹76.40 लाख)।

राजकीय प्राथमिक विद्यालय भजनपुर के भवन का पुनर्निर्माण (₹74.50 लाख)।

डेविड पेंटर स्कूल, गुदमी में दो कक्षा-कक्षों का निर्माण (₹16.00 लाख)।

भैंसियाखाल पंपिंग पेयजल योजना (₹136.77 लाख)।

बिचाई पंपिंग पेयजल योजना (₹182.61 लाख)।

कोतवाली टनकपुर परिसर में सिटी कंट्रोल रूम की स्थापना एवं यातायात व्यवस्था के सुधार हेतु उपकरण व सामग्री की आपूर्ति (₹239.05 लाख)।

पर्यटक आवास गृह, टनकपुर के अवशेष कक्ष एवं हॉल का उच्चीकरण (₹68.00 लाख)।

एनएचपीसी बनबसा द्वारा टनकपुर पावर स्टेशन मुख्य गेट से पाटनी तिराहा, बनबसा तक सड़क की मरम्मत (₹100.00 लाख)।

06 योजनाओं का शिलान्यास- ₹2692.56 लाख की लागत से
मुख्यमंत्री श्री धामी ने 06 महत्त्वपूर्ण योजनाओं का शिलान्यास भी किया।

ब्रिडकुल हल्द्वानी द्वारा राजकीय महाविद्यालय टनकपुर में परीक्षा हॉल का निर्माण (₹826.99 लाख)।

जल संस्थान द्वारा लादीगाड़ श्री पूर्णागिरी पंपिंग पेयजल योजना (₹811.70 लाख)।

ठुलीगाड़/बाबलीगाड़ पंपिंग पेयजल योजना (₹712.87 लाख)।

ग्राम खिरद्वारी में बुक्सा एवं राजी जनजाति के लिए बहुउद्देशीय भवन का निर्माण (₹60.00 लाख)।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बनबसा में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट की स्थापना (₹50.00 लाख)।

एनएचपीसी बनबसा द्वारा माँ पूर्णागिरि धाम आने वाले यात्रियों के लिए ग्राम चुका, टनकपुर में शेड निर्माण (₹231.00 लाख)।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “इन योजनाओं के पूर्ण होने से टनकपुर क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिलेगी। यह निवेश सीमांत क्षेत्र के सर्वांगीण उत्थान का आधार बनेगा।”

मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपी ‘खुशियों की चाबी’
मुख्यमंत्री श्री धामी ने इस दौरान रीप परियोजना के अंतर्गत प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को 5 ई-रिक्शा की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने स्वयं महिला समूह की प्रतिनिधियों को ई-रिक्शा की ‘खुशियों की चाबियाँ’ सौंपते हुए कहा कि यह पहल महिलाओं की आर्थिक स्वावलंबन और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक नई शुरुआत है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि “यह ई-रिक्शा केवल एक वाहन नहीं, बल्कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता और गरिमा की नई पहचान है। इसके माध्यम से महिलाएं न केवल बेहतर आय अर्जित करेंगी, बल्कि सार्वजनिक परिवहन जैसे पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएंगी।”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य महिलाओं को ‘सहायता प्राप्तकर्ता’ नहीं, बल्कि ‘सशक्त उद्यमी’ के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों को सामूहिक रूप से इस प्रकार के उद्यम स्थापित करने के लिए हर संभव वित्तीय, तकनीकी और प्रशिक्षण सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भरता के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर सकें।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस प्रकार के प्रयास न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएंगे, बल्कि “नारी शक्ति को नये अवसरों और सम्मान से जोड़ने का माध्यम बनेंगे।”

मुख्यमंत्री ने किया 20.89 करोड़ रुपये की लागत से खटीमा मेलाघाट सड़क पुनर्निर्माण कार्यों का शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद ऊधम सिंह नगर के खटीमा मेलाघाट राज्य मार्ग (राज्य मार्ग संख्या 107) के पुनर्निर्माण कार्यों का विधिवत पूजा-अर्चना कर शिलान्यास किया। यह परियोजना ₹2089.74 लाख की लागत से बनाई जाएगी। इसके अंतर्गत 11.50 किलोमीटर लंबी सड़क का पुनर्निर्माण, केसी ड्रेनेज सिस्टम, सड़क सुरक्षा कार्य, रोड साइनएज की स्थापना, तथा टीबीएम एवं बीसी द्वारा सुदृढ़ीकरण कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सड़क केवल खटीमा क्षेत्र के विकास की धुरी नहीं है, बल्कि भारत-नेपाल सीमावर्ती संपर्क का भी महत्वपूर्ण मार्ग है। इस सड़क के सुधारीकरण से खटीमा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को न केवल सुगम यातायात सुविधा मिलेगी, बल्कि सीमावर्ती व्यापार, पर्यटन और शिक्षा से जुड़े अवसरों को भी नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों के साथ-साथ भू-कटाव रोकने और स्थानीय जल निकासी व्यवस्था के सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि सड़क लंबे समय तक टिकाऊ और सुरक्षित बनी रहे। उन्होंने कहा कि खटीमा अब शिक्षा का हब बन चुका है, जहाँ से प्रदेश ही नहीं बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थी भी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड का हर क्षेत्र सुगम, सशक्त और समृद्ध बने। विकास की हर परियोजना जनता के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। खटीमा मेलाघाट सड़क परियोजना भी इसी दृष्टि से एक मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “कनेक्टिविटी ही विकास की रीढ़” के संकल्प को आगे बढ़ा रही है। इसी भावना के अनुरूप राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में सड़कों का विस्तार और आधुनिकीकरण तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने सड़कों को गढ्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को आगामी दीपावली और अन्य त्योहारों की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि पर्वों के अवसर पर राज्य की सुरक्षा, सौहार्द और स्वच्छता बनाए रखना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दायित्वधारी फरजाना बेगम, अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।