मानवीय संवेदनशीलता दिखाकर सीएम ने ब्लड कैंसर पीड़ित बालक के उपचार को परिजनों से की वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर अपनी मानवीय संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने कोटद्वार (जिला पौड़ी गढ़वाल) निवासी प्रीति नेगी से दूरभाष पर वार्ता कर उनके 12 वर्षीय पुत्र सुशांत नेगी के स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की।

प्रीति नेगी ने अपने पुत्र, जो ब्लड कैंसर से पीड़ित है, के उपचार हेतु सहायता की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक पत्र प्रेषित किया था। पत्र का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से नेगी से संपर्क साधा और बालक सुशांत के उपचार की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि सरकार हर जरूरतमंद व्यक्ति के साथ खड़ी है और किसी भी असहाय परिवार को अकेला महसूस नहीं होने देगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार द्वारा सुशांत के उपचार में हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर बालक के उपचार हेतु यथाशीघ्र मदद उपलब्ध कराई जाए, ताकि उसके उपचार में कोई बाधा न आए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह कदम प्रदेश में जनसरोकारों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता का एक और उदाहरण है।

सीएम धामी ने पुलिस स्मृति दिवस परेड के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन, देहरादून में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस एवं अर्द्ध सैन्य बलों के शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस जवानों के परिजनों को भी सम्मानित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के सुअवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त कार्मिकों को एक विशेष रजत जयंती पदक प्रदान किए जाने, आगामी 3 वर्षों में पुलिस कर्मियों के आवासीय भवनों के निर्माण हेतु प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपए की धनराशि दी जाने, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु पुलिस कल्याण निधि के अन्तर्गत वर्तमान में प्रावधानित ढाई करोड़ रुपए की धनराशि को पुनरीक्षित करते हुए आगामी एक वर्ष के लिए साढ़े चार करोड़ रुपए किए जाने एवं भवाली, नैनीताल, ढालमल्ला, काण्डा, बागेश्वर, नैनीडांडा, धुमाकोट, पौड़ी, घनसाली, टिहरी, सतपुली और पौड़ी में एसडीआरएफ के जवानों हेतु 5 बैरकों का निर्माण कराए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्यों के पुलिस बलों और अर्धसैनिक बलों के जवानों पर है। अपने इस उत्तरदायित्व को निभाते हुए बीते एक वर्ष में, संपूर्ण भारत में 186 अर्धसैनिक बलों और पुलिस कर्मियों ने अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखंड पुलिस के 4 वीर सपूत भी शामिल हैं। सभी वीर बलिदानी हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा की बुनियाद हैं, उनका बलिदान हम सभी के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, राज्य की पुलिस व्यवस्था को और भी अधिक सक्षम और संसाधन युक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार, पुलिस बल के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क के अंतर्गत फत्ज् का गठन किया गया है। सरकार ने विगत तीन वर्षों में पुलिस विभाग के भवनों के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की है। ये राशि पूर्व वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक है। प्रशासनिक भवनों के साथ 688 आवासीय भवनों का निर्माण कार्य गतिमान है। शीघ्र ही हम 120 नए आवासों का निर्माण भी प्रारंभ करने जा रहे हैं। सरकार ने स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना को साकार करने के लिए जवानों के बैरक मैस और कार्यस्थलों के अपग्रेडेशन के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई है। सरकार ने नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के लिए अब तक 5 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। सरकार स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत समस्त पुलिस कर्मियों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध करा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा पुलिस कर्मियों की पदोन्नति प्रक्रिया को समयबद्ध किया गया है। इस वर्ष 356 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी विभिन्न श्रेणियों में पदोन्नत किए गए हैं। विभिन्न श्रेणी के 115 रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए भी कार्यवाही गतिमान है जिन्हें शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। इस वर्ष हमारे 215 कर्मियों को विशिष्ट कार्य एवं सेवा के लिए विभिन्न पदक एवं सम्मान चिन्हों से अलंकृत किया गया है। राज्य सरकार पुलिसकर्मियों की कैपेसिटी बिल्डिंग की दिशा में भी लगातार काम कर रही है। प्रशिक्षण संस्थानों को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करा रहे हैं। पीटीसी नरेंद्र नगर को सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। एआई और साइबर सुरक्षा से जुड़े प्रशिक्षण के लिए पुलिस कर्मियों को देश के प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थानों में भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा पुलिस कर्मियों के वेतन, भत्ते, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, और अवकाश से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है। सरकार ने आपदा राहत कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एसडीआरएफ की एक नई कंपनी की भी स्वीकृति प्रदान की है, जिसके तहत 162 नए पदों का सृजन किया गया है। पुलिस उपाधीक्षक सीधी भर्ती के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों को वर्तमान में पीटीसी नरेंद्र नगर में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उप निरीक्षक के 222 पदों के साथ-साथ 2000 सिपाहियों की भर्ती भी प्रक्रियाधीन है।

मुख्यमंत्री ने कहा मृतक पुलिस कर्मियों के परिवारों को सहयोग और संबल प्रदान करने के लिए इस वर्ष मृतक आश्रित कोटे के अंतर्गत 136 आश्रित परिवारों को विभिन्न पदों पर नियुक्तियां प्रदान की हैं। राज्य में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ष्उत्तराखण्ड खेल नीतिष् के तहत कुशल खिलाड़ियों के लिए पुलिस विभाग में विशेष कोटे के माध्यम से भर्तियों का प्रावधान भी किया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से आग्रह करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों के लिए समय – समय पर मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा वीर जवानों की वीरता और उनके समर्पण की याद में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की स्थापना की है। यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को हमारे जवानों की वीरता और साहस की गाथाओं से परिचित कराएगा। मुख्यमंत्री ने कहा हमारे पुलिस जवान हर परिस्थिति में अदम्य साहस का अभूतपूर्व परिचय देते हैं। उन्होंने कहा हमारा प्रदेश भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है ऐसे में राज्य की शांति और सुरक्षा बनाए रखने में हमारे पुलिसकर्मियों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा इस वर्ष उत्तराखंड पुलिस ने कांवड़ यात्रा में लगभग 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं और चारधाम यात्रा में करीब 50 लाख से अधिक भक्तों को सुरक्षित और सुगम यात्रा एवं दर्शन कराने में अद्वितीय योगदान दिया है। वी.आई.पी कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के साथ ही राष्ट्रीय खेलों और राज्य में आयोजित विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने सराहनीय कार्य किया। उन्होंने कहा राज्य में प्राकृतिक आपदाओं के खतरे का सामना भी हमारी पुलिस ने अदम्य साहस और तत्परता से किया। जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी।

मुख्यमंत्री ने कहा आधुनिक युग में अपराध का स्वरूप बदल रहा है, पुलिस की भूमिका और भी चुनौतीपूर्ण हो रही है। चोरी, डकैती, हत्या और महिला अपराधों के साथ नशा और साइबर अपराध जैसे नए खतरों का भी सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार ने पुलिस की एक त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक फोर्स का गठन किया है। इस फोर्स ने बीते तीन वर्षों में 6199 से अधिक नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई की है, और लगभग 275 करोड़ रुपये से अधिक के नारकोटिक पदार्थ भी बरामद किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा हमारे लिए साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बन चुका है। एआई के आने के बाद पुलिस को इस दिशा में और भी अधिक सजग रहना होगा क्योंकि साइबर अपराधों का स्वरूप अब दिन-प्रतिदिन बदल रहा है। उन्होंने कहा हमें साइबर अपराधियों से मुकाबला करने के लिए एक कदम आगे रहना होगा, और इसके लिए हमारी पुलिस को तकनीकी ज्ञान में दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने कहा पुलिस फोर्स ने साइबर फ्रॉड के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए 63 करोड़ रुपये से अधिक की राशि, पीड़ितों को लौटाकर उत्तराखंड पुलिस पर जनता के विश्वास को मजबूत किया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, बृजभूषण गैरोला, सविता कपूर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, पूर्व मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

चकराता रोड की दुकानों पर पहुंचे सीएम धामी, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का दिया संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीपावली पर्व के अवसर पर आज देहरादून स्थित चकराता रोड की स्थानीय दुकानों से मिट्टी के दीये, बर्तन एवं अन्य पारंपरिक स्वदेशी सामानों की खरीदारी की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय दुकानदारों, कुम्हारों और हस्तशिल्पकारों से संवाद भी किया तथा उन्हें पारंपरिक कलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री ने दीपावली की खरीदारी के दौरान डिजिटल भुगतान (यूपीआई) के माध्यम से सामान खरीदा और आम जनता से भी आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी करें, जिससे छोटे व्यवसायियों, कारीगरों और स्वावलंबी भारत के संकल्प को मजबूती मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “दीपावली का पर्व प्रकाश और समृद्धि का प्रतीक है। इस शुभ अवसर पर हमें अपने देश के कारीगरों और स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करना चाहिए। स्वदेशी उत्पादों की खरीद न केवल हमारी परंपरा को जीवित रखती है, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को भी सशक्त बनाती है।”

दीपावली की खरीदारी के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने चकराता रोड पर स्थित दुकानदारों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत भी की। दुकानदारों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस वर्ष जीएसटी की कम दरों के कारण सामान सस्ता हुआ है, जिससे बिक्री पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार दीपावली के दौरान व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वदेशी अपनाओ’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान का भी परिणाम है, जिसके चलते लोगों ने स्थानीय दुकानदारों से अधिक से अधिक खरीदारी की है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस दीपावली पर घरों को स्वदेशी मिट्टी के दीयों से रोशन करें और भारतीय परंपरा व संस्कृति की खुशबू को अपने उत्सवों का हिस्सा बनाएं।

मुख्यमंत्री की इस पहल से स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों में हर्ष और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।

भाजपा जिलाध्यक्षों से सीएम धामी ने की वर्चुअल बैठक, दी दीपावली की शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में भाजपा जिला अध्यक्षों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएँ दीं और जनता तक राज्य सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से पहुँचाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनता के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और इन प्रयासों की जानकारी घर-घर तक पहुँचाना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सभी लोग वोकल फॉर लोकल अभियान को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाएं तथा स्थानीय उत्पादों के उपयोग के लिए लोगों को प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री ने सभी पदाधिकारियों से जनता से संवाद बनाए रखने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के साथ सीधा संवाद ही जनसेवा का सबसे मजबूत माध्यम है, और यही लोकतंत्र की असली शक्ति भी है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने दून के मझाड़ा गांव में आपदा प्रभावितों के बीच मनाई दीपावली

दीपों के पर्व दीपावली पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सोमवार को सहस्त्रधारा, देहरादून स्थित मझाड़ा गाँव पहुंचे। जहां उन्होंने काली गाड़, मझाड़ा गाँव एवं सहस्त्रधारा क्षेत्र के आपदा प्रभावितों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना एवं उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र में चल रहे पुर्ननिर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया।

संवेदनशीलता और अपनत्व का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी दीपावली आपदा प्रभावित परिवारों के बीच में जाकर मनाई। मुख्यमंत्री स्वयं उनके घर पहुँचे, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों, और ग्रामवासियों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने ग्रामवासियों की मांग अनुसार अधिकारियों को रिवर ट्रेनिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों का हालचाल जाना और उन्हें हर संभव सहायता व पुनर्वास का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित लोगों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। आपदा से प्रभावित हर व्यक्ति की पीड़ा, सरकार की पीड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा दीपावली केवल रोशनी का नहीं, बल्कि संवेदनाओं और एकता का त्योहार है। हमारे जीवन में भी उम्मीद और मुस्कान की ज्योति जलाते रहनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्यों को शीघ्र गति से पूरा किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा आपदा के कारण किसी भी परिस्थिति में बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। जिन परिवारों के घर आपदा में क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। साथ ही, ऐसे प्रभावित परिवार जो फिलहाल किराए पर रह रहे हैं, उनके किराए के भुगतान की व्यवस्था भी निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के आगमन से प्रभावित परिवार खुश नज़र आए। स्थानीय लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री का इस तरह उनके बीच आना और दीपावली मनाना उनके कठिन समय में हौसल अफजाई करता है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुआ दीपावली मिलन समारोह, सीएम धामी भी पहुंचे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित दीपावली मिलन समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा दीपावली पर्व पर आयोजित पूजा-अर्चना में भी भाग लिया।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, नरेश बंसल, विधायक सुरेश गढ़िया, खजान दास सहित अनेक विधायकगण, प्रदेश पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं संगठन के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित रहे। दीपावली के इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व प्रकाश, सद्भाव, समृद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दीपावली का यह पर्व देश के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए भी विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी लागू की गई है, जिससे देशभर में व्यापारिक वातावरण और अधिक सरल हुआ है। उन्होंने कहा कि जीएसटी की दरों में कमी आने से यह दीपावली “महा बचत उत्सव” के रूप में मनाई जा रही है, जिससे व्यापारियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी बड़ा लाभ हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का आह्वान किया है। आज भारत मात्र एक बड़ा बाजार नहीं रह गया है, बल्कि एक उभरती हुई वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित हो रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि वर्ष 2028 तक भारत विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर प्रधानमंत्री के “वोकल फॉर लोकल” के संकल्प को आगे बढ़ाना चाहिए। यह न केवल देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगा, बल्कि लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी प्रधानमंत्री के विज़न के अनुरूप उत्तराखंड को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थित जनों से आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

यमकेश्वर का ‘हर्बल वर्ल्ड हिमालय श्री धन्वंतरि धाम’ आयुर्वेद पूरे विश्व में एकमात्र समग्र केंद्रः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माला ग्राम, यमकेश्वर में आयोजित ‘प्रथम धन्वंतरि महोत्सव’ में वर्चुअल रूप से प्रतिभाग किया। उन्होंने सभी को ‘प्रथम धन्वंतरि महोत्सव’ की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यमकेश्वर के माला ग्राम में स्थापित ‘हर्बल वर्ल्ड हिमालय श्री धन्वंतरि धाम’ आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा का पूरे विश्व में एकमात्र समग्र केंद्र है। यह धाम भारत की “आरोग्य संस्कृति” का जीवंत स्वरूप होगा, जहां हमारे महान ऋषि-मुनियों द्वारा स्थापित स्वास्थ्य सिद्धांतों के साथ-साथ वनस्पति विज्ञान आधारित 09 प्रमुख चिकित्सा पद्धतियों और विश्व की लगभग 964 चिकित्सा विधाओं का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पवित्र स्थल आयुर्वेद, योग, औषधीय वनस्पतियों और समग्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में उपयोगी होने के साथ ही प्राकर्तिक चिकित्सा के क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और प्रशिक्षण को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद विश्व की एक ऐसी विशिष्ट चिकित्सा प्रणाली है जो प्राचीन काल से ही मानव सभ्यता का आरोग्य सुनिश्चित करती आ रही है। आयुर्वेद के समग्र दृष्टिकोण के कारण आज इसकी स्वीकार्यता लगातार बढ़ती जा रही है। आयुर्वेद हमें शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक तीनों रूप से स्वस्थ बनाता है। उत्तराखंड प्राचीन काल से ही आयुर्वेद और औषधीय संपदा की प्रज्ञा भूमि रही है। हमारे पर्वतीय अंचल में पाई जाने वाली औषधीय जड़ी-बूटियों ने आयुर्वेद को आरोग्य के आधारभूत तत्व के रूप में स्थापित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्राचीन आयुर्वेदिक चिकित्सकीय पद्धतियों को बढ़ावा देने और लोगों को स्वस्थ जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से आयुष मंत्रालय की स्थापना की गई। जिसके अंतर्गत ‘राष्ट्रीय आयुष मिशन’ और ‘प्रकृति परीक्षण अभियान’ जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से आज जहां एक ओर नागरिकों में स्वास्थ्य और आरोग्य स्थापित किया जा रहा है, वहीं आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान, प्रशिक्षण और नवाचार को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में आयुष आधारित 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालयों की स्थापना भी की जा रही है। प्रदेश में आयुष नीति को लागू कर औषधि निर्माण, वेलनेस, शिक्षा, शोध और औषधीय पौधों के उत्पादन एवं संवर्धन के लिए भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकार आगामी वर्षों में आयुष टेली-कंसल्टेशन सेवाओं की शुरुआत करने के साथ-साथ 50 नए योग और वेलनेस केंद्रों की स्थापना करने दिशा में भी कार्य कर रही है। प्रदेश में योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख रुपए तक के अनुदान का प्रावधान भी किया है। प्रदेश में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना की जा रही है।

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, बाबा हटयोगी उपस्थित थे।

रोडवेज ने यात्रियों की सुविधाओं को लिये दिल्ली, बरेली और हल्द्वानी जैसे मार्गों में बढ़ाई अतिरिक्त बसें

उत्तराखंड रोडवेज ने दिवाली के मद्देनज़र यात्रियों की सुविधा के लिए दिल्ली, बरेली, हल्द्वानी जैसे मार्गों पर अतिरिक्त बसें चलाई हैं। आईएसबीटी देहरादून में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ी, खासकर हल्द्वानी और बरेली काउंटर पर। यात्रियों को टिकट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। रोडवेज ने 10 बसों को रिजर्व में रखा है ताकि आवश्यकतानुसार संचालन किया जा सके। अतिरिक्त बसों से यात्रियों को राहत मिलेगी।

ग्रामीण डीपो सहायक महाप्रबंधक प्रतीक जैन ने बताया बसों को रिजर्व में रखा गया है। टिकट काउंटर पर यात्रियों की भीड़ देर शाम लगनी शुरू हुई। चालक-परिचालक को दिल्ली, गुड़गांव, बरेली रूट के लिए सात अतिरिक्त बसें रवाना की गई। बताया भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कर्मचारियों का सहयोग लिया गया।

सीएम धामी ने सरकारी सेवा में चयनित युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास स्थित कैंप कार्यालय में राजस्व परिषद में नव-चयनित सहायक समीक्षा अधिकारी एवं समीक्षा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कार्मिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दीपावली से पूर्व यह नियुक्ति पत्र प्राप्त होना नवनियुक्त कार्मिको और उनके परिवारजनों के लिए विशेष प्रसन्नता का अवसर है। मुख्यमंत्री ने उनके परिवारजनों को भी इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते चार वर्ष में राज्य में 26,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर भर्ती प्रक्रिया को अभियान के रूप में निरंतर आगे बढ़ाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ समय पूर्व हरिद्वार में हुई परीक्षा से संबंधित एक प्रकरण सामने आया था, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया और एसआईटी जांच गठित की गई। इसके पश्चात छात्रों की भावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्वयं छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों के अनुरूप परीक्षा को निरस्त करते हुए सीबीआई जांच की संस्तुति की।

उन्होंने कहा कि राज्य में बीते वर्षों के दौरान सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आयोजित की गई हैं। भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद से ही उन्होंने रिक्त पदों को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरने का अभियान शुरू किया, जिसके फलस्वरूप आज हजारों युवाओं को सरकारी सेवा में अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार आगे भी पूर्ण पारदर्शिता के साथ भर्ती प्रक्रिया को अभियान के रूप में जारी रखेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने नवनियुक्त कार्मिकों से कहा कि सरकारी सेवा को जनसेवा का माध्यम मानकर कार्य करें। उन्हें अपने कार्य में पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में सरलीकरण और गति लाना आवश्यक है, ताकि जनता को शीघ्र और सरल सेवाएं प्राप्त हों।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, सचिव एस.एन. पांडे, अपर सचिव रंजना राजगुरु, राजस्व परिषद के अधिकारीगण तथा नव-नियुक्त सहायक समीक्षा अधिकारी एवं समीक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी के प्रयासों से उत्तराखंडवासियों को मिली बड़ी रेल सौगात, तीन दिन चलेगी दून टनकपुर एक्सप्रेस

उत्तराखंड के रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है- रेल मंत्रालय, भारत सरकार ने देहरादून-टनकपुर एक्सप्रेस (15019/15020) की सेवा आवृत्ति को साप्ताहिक से बढ़ाकर त्रि-साप्ताहिक (तीन दिन) करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में रेल मंत्रालय ने आदेश जारी कर दिया है।

मुख्यमंत्री धामी के प्रयासों का नतीजा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की 08 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में माननीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से हुई मुलाकात के दौरान इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री के आग्रह पर रेल मंत्रालय ने शीघ्र कार्रवाई करते हुए टनकपुर-देहरादून रेल सेवा को सप्ताह में तीन बार चलाने की स्वीकृति प्रदान की है।

नई समय सारिणी के अनुसार 15019 देहरादून-टनकपुर एक्सप्रेस अब बुधवार, शुक्रवार और रविवार को चलेगी।

(पूर्व में केवल रविवार को चलती थी) 15020 टनकपुर-देहरादून एक्सप्रेस अब मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को चलेगी। (पूर्व में केवल शनिवार को चलती थी)

प्रदेशवासियों को मिलेगी बड़ी सुविधा
यह सेवा वृद्धि यात्रियों की बढ़ती मांग और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए की गई है। रेल मंत्रालय ने उत्तराखंड के यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए इस निर्णय को शीघ्र प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस निर्णय के लिए रेल मंत्री एवं रेलवे बोर्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा “देहरादून-टनकपुर रेल सेवा के विस्तार से कुमाऊँ और गढ़वाल के बीच आवागमन और अधिक सुगम होगा। यह न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति देगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य हो रहे हैं। राज्य के कई हिस्सों में रेल परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी है, जिससे आने वाले समय में पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों तक रेल संपर्क सुनिश्चित होगा।

रेल मंत्रालय के संयुक्त निदेशक (कोचिंग) विवेक कुमार सिन्हा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि इस निर्णय को शीघ्र लागू करने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।