भराड़ीसैंण विस की तैयारियां पूरी, कल से शुरू होगा सत्र

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने आज भराड़ीसैंण (गैरसैंण) विधानसभा का पुनः निरीक्षण कर कल से शुरू हो रहे मानसून सत्र की सभी तैयारियों का जायज़ा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने सभा मंडप में ध्वनि के ईको की समस्या के समाधान को लेकर आईआईटी रुड़की द्वारा किए गए तकनीकी सुधारों का अवलोकन किया और टेस्टिंग के उपरांत संतोष व्यक्त किया।

इस बार भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र का संचालन ई-नेवा प्रणाली के माध्यम से किया जाना है। इस व्यवस्था की सफल टेस्टिंग आज की गई। विधानसभा अध्यक्ष ने इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम से कार्यवाही अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी होगी।

इसके अतिरिक्त, अध्यक्ष महोदया ने महिला जनप्रतिनिधियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए देहरादून विधानसभा की तर्ज़ पर भराड़ीसैंण विधानसभा में भी एक विशेष कक्ष निर्धारित किए जाने की जानकारी दी।

उन्होंने अधिकारियों को शेष व्यवस्थाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि मानसून सत्र के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सीएम धामी के हाथों 220 चिकित्सा अधिकारियों को मिले नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित उत्तराखंड चिकित्सा स्वास्थ्य सशक्तिकरण अभियान में प्रतिभाग करते हुए 220 नव नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त चिकित्सकों को शुभकामनाएं देते हुए इस क्षण को उनके जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। कहा कि आप मात्र चिकित्सक नहीं बल्कि देवभूमि के आरोग्य प्रहरी भी हैं। इसीलिए आप सभी को प्रदेश की चिकित्सा को सस्ती, जनसुलभ और नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूर्ण समर्पण और सेवाभाव से कार्य करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 11 लाख से अधिक पेशेंट्स को 21 करोड़ से अधिक की कैशलेस इलाज की सुविधा प्राप्त हो चुकी है। श्रीनगर में कार्डियो और न्यूरोलॉजी तथा हल्द्वानी में कैंसर से संबंधित विशेष चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। कहा कि आपात स्थिति में सुदूरवर्ती क्षेत्रों से हेली के माध्यम से भी स्वास्थ्य सेवाएं जीवनदायिनी का काम कर रही हैं। अभी हाल ही में धराली में आई आपदा के दौरान भी इसको देखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकतर निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, स्वास्थ्य केंद्रों के आधुनिकीकरण, पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति और टेलीमेडिसिन सेवा के विस्तार से राज्य में चिकित्सा सेवाओं को नया आयाम मिला है।

उन्होंने कहा कि हम प्रत्येक जनपद में एक-एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। ताकि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड प्रत्येक क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का एक तरह से उत्तराखंड नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प उत्तराखंड के विकसित होने से और उत्तराखंड के विकसित होने का संकल्प यहां के समाज, नागरिकों और प्रत्येक क्षेत्र के विकसित होने से ही साकार होगा।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग नियुक्तियों के मामले में नित्य नए कृतिमान स्थापित कर रहा है। कहा कि 220 चिकित्सकों में 04 दिव्यांग कोटे के चिकित्सकों को छोड़कर शेष सभी चिकित्सक दुरस्त क्षेत्रों में तैनाती देंगे। कहा कि विभाग शीघ्र ही और चिकित्सकों, नर्सेज और सपोर्टिंग स्टाफ की भी भर्ती करने जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिवस 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक राज्य के 220 स्थानों पर बड़े अभियान के तौर पर ब्लड डोनेशन कैंप लगाए जाएंगे तथा प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर 25 लाख से अधिक लोगों को इससे लाभान्वित किया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सकों के साथ-साथ सपोर्टिंग स्टाफ की अधिक उपलब्धता सुनिश्चित होने से अधिकतर चिकित्सक इन क्षेत्रों में भी अपने आप सेवाएं देने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि आज भी लोग ईश्वर के बाद सबसे अधिक सम्मान चिकित्सक को देते हैं इसी कारण चिकित्सकों को लोगों के विश्वास को और बढ़ाने के प्रयास करने होंगे।

इस अवसर पर मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, राजकुमार पोरी, व सरिता कपूर, राज्य स्तरीय उपाध्यक्ष राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सुरेश भट्ट, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार, महानिदेशक स्वास्थ्य सुनीता टम्टा सहित संबंधित चिकित्सक व अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंडः 8300 श्रमिकों के खाते में धामी सरकार ने भेजे 25 करोड़

उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से चलाए गए विशेष अभियान के तहत राज्य के श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को बड़ी राहत दी गई है। अभियान के अंतर्गत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 8299 लाभार्थियों को 24.85 करोड़ की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की।

यह राशि श्रमिकों और उनके आश्रितों को विभिन्न योजनाओं जैसे पुत्री विवाह सहायता योजना, मृत्यु अनुदान योजना, प्रसूति सहायता योजना एवं शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत दी गई है। पहली बार बोर्ड स्तर पर इतने बड़े पैमाने पर आनलाइन निस्तारण किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को आयोजित कार्यक्रम में बोर्ड के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, साथ ही उद्योगों और श्रमिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उद्योग और श्रमिक दोनों के बीच तालमेल बेहतर होगा तो रोजगार के अवसर निरंतर उपलब्ध होंगे और छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान तत्काल संभव हो सकेगा। उन्होंने श्रम विभाग के लेबर सेस मैनेजमेंट पोर्टल और ई-श्रम पोर्टल पर की गई उत्कृष्ट प्रगति की भी प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था से न केवल श्रमिकों को समय पर लाभ मिलेगा बल्कि विभाग की कार्यप्रणाली भी मजबूत होगी

कार्यक्रम के दौरान दायित्वधारी गीता रावत, उप श्रमायुक्त मधु नेगी चौहान, विपिन कुमार, उमेश चंद्र राय, केके गुप्ता सहित श्रम विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, एचडीएफसी बैंक की ओर से सुमित गोयल, इशान शर्मा और रोहित थपलियाल भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

चलाया गया विशेष अभियान
श्रम सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी ने जानकारी दी कि विगत एक माह में विशेष अभियान चलाकर यह निस्तारण सुनिश्चित किया गया। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी श्रमिकों से संबंधित आवेदनों का समयबद्ध समाधान अभियान आधारित दृष्टिकोण से किया जाएगा, ताकि पात्र श्रमिक समय पर लाभ उठा सकें।

धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला, उत्तराखंड से मदरसा बोर्ड होगा खत्म

अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों को लेकर धामी कैबिनेट ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस कड़ी में उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान विधेयक-2025 को मंजूरी दी गई है, जिसे ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में 19 अगस्त से प्रारंभ हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा।

इस विधेयक के अधिनियम बनने पर इसके तहत उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। अभी तक अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान का दर्जा केवल मुस्लिम समुदाय को ही मिलता है, लेकिन अधिनियम के तहत मुस्लिम के साथ ही अन्य अल्पसंख्यक समुदायों सिख, जैन, बौद्ध, ईसाई व पारसी को भी यह सुविधा मिलेगी

यही नहीं, मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक संस्थानों में गुरुमुखी व पाली भाषा भी पढ़ाई जा सकेगी। इसके साथ ही मुस्लिम समुदाय के शैक्षिक संस्थानों को मान्यता देने वाले मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 2016 और उत्तराखंड गैर सरकारी अरबी व फारसी मदरसा नियम, 2019 को एक जुलाई, 2026 से समाप्त कर दिया जाएगा।

अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान विधेयक के अधिनियम बनने पर यह देश ऐसा पहला अधिनियम होगा, जो राज्य में सभी अल्पसंख्यक समुदायों द्वारा स्थापित शैक्षिक संस्थानों को पारदर्शी ढंग से न केवल मान्यता देगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता व उत्कृष्टता भी सुनिश्चित करेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से रखे गए इससे संबंधित विधेयक को चर्चा के बाद स्वीकृति दे दी गई। अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान अधिनियम के अंतर्गत राज्य के सभी छह अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षिक संस्थानों को एक छतरी के नीचे लाया जाएगा।

धार्मिक शिक्षा पर कोई रोक नहीं
अधिनियम के लागू होने पर मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों में धार्मिक शिक्षा पर कोई रोक नहीं होगी। प्राधिकरण इसका पाठ्यक्रम निर्धारित करेगा। वह यह भी सुनिश्चित करेगा कि इन संस्थानों में उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड के तय मानकों के अनुसार शिक्षा दी जाए और विद्यार्थियों का मूल्यांकन निष्पक्ष व पारदर्शी हो।

अधिनियम की खास बातें
अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान का दर्जा प्राप्त करने के लिए प्राधिकरण से अनिवार्य रूप से लेनी होगी मान्यता।
मान्यता प्राप्त करने को संस्थान का सोसायटी, ट्रस्ट या कंपनी एक्ट में पंजीकरण अनिवार्य। भूमि, बैंक खाते व अन्य संपत्तियां भी संस्थान के नाम होनी चाहिए।
इन संस्थानों की स्थापना व संचालन में प्राधिकरण हस्तक्षेप नहीं करेगा, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता व उत्कृष्टता सुनिश्चित करेगा।
वित्तीय गड़बड़ी, पारदर्शिता की कमी अथवा धार्मिक व सामाजिक सद्भावना के विरुद्ध गतिविधियों की स्थिति में वापस ली जाएगी मान्यता।
ये होंगे लाभ
अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षिक संस्थानों को पारदर्शी प्रक्रिया से मिलेगी मान्यता।
शिक्षा की गुणवत्ता के साथ अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकार भी रहेंगे सुरक्षित।
संस्थानों के संचालन की निगरानी और समय-समय पर आवश्यक निर्देश जारी कर सकेगी सरकार।

विधानसभा सत्र को लेकर स्पीकर से मिले सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण से उनके यमुना कॉलोनी स्थित आवास पर शिष्टाचार भेंट की और विधानसभा सत्र की तैयारियों को लेकर चर्चा की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल भी मौजूद थे।

अटल जी का जीवन देशभक्ति, सेवा का अनुपम उदाहरणः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री “भारत रत्न“ अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल का जीवन देशभक्ति, समर्पण और सेवा का अनुपम उदाहरण है, जो हमें सदैव राष्ट्र निर्माण के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।

सीएम धामी की धुंआधार पारी से विपक्ष चारों खाने चित, जिपंस की 12 में से 10 सीट भाजपा की

उत्तराखंड की राजनीति में पिछले चार वर्षों में एक बात लगातार साफ होती जा रही है सीएम पुष्कर सिंह धामी का नेतृत्व न केवल सशक्त है, बल्कि भाजपा के लिए लगातार जीत की गारंटी भी बन चुका है। विधानसभा उपचुनाव से लेकर लोकसभा, नगर निकाय और अब पंचायत चुनाव तक, धामी की धुंआधार पारी ने विपक्ष को चारों खाने चित कर दिया है। गुरुवार को जब जिला पंचायत चुनाव के नतीजे आने शुरू हुए, तो पहाड़ से लेकर मैदान तक भाजपा के कमल ने जीत का परचम लहराना शुरू कर दिया।

इस बार हुए 12 जिला पंचायत सीटों के चुनाव में भाजपा ने 10 सीटों पर विजय हासिल की, जिनमें से 5 सीटों पर भाजपा प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध जीत दर्ज कर चुके थे। गुरुवार को हुए चुनाव में रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, पौड़ी, अल्मोड़ा में भाजपा उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की जबकि, उत्तरकाशी, चंपावत, टिहरी, पिथौरागढ़, ऊधम सिंह नगर में भाजपा उम्मीदवार पहले ही जीत दर्ज कर चुके थे, इसके साथ ही नैनीताल पर अभी दुबारा मतगणना होनी है, जिस कारण इस सीट का रिजल्ट होल्ड पर रखा गया है। वहीं हरिद्वार जिला पंचायत सीट पहले से ही भाजपा के कब्जे में है। देहरादून में भी भाजपा की कांटे की टक्कर दी।

यही नहीं, ब्लॉक प्रमुख और ग्राम प्रधान के चुनाव में भी पार्टी का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा, हरिद्वार की छह सीटों को छोड़कर प्रदेश की 89 ब्लॉक प्रमुख सीटों पर चुनाव हुए, जिनमें भाजपा ने 75 प्रतिशत से अधिक सीटों पर कब्जा जमाया। चुनाव के बाद जैसे ही नतीजे आने शुरू हुए तो, भाजपा की आंधी के सामने कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवार कहीं ठहर नहीं पाए। जबकि ग्राम प्रधान की 85 प्रतिशत सीट पर भाजपा का कब्जा है।

इस जीत का सबसे बड़ा पहलू पहाड़ी अंचलों में भाजपा का जबरदस्त दबदबा रहा। धामी के करिश्माई नेतृत्व और जनकल्याणकारी नीतियों ने गाँव-गाँव में विकास की नई कहानी लिखी। सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और रोजगार३ हर क्षेत्र में धामी सरकार के काम ने जनता का भरोसा मजबूत किया है।

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि भाजपा की यह विराट जीत 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले का सेमीफाइनल है। यह साफ संकेत है कि उत्तराखंड की जनता सीएम धामी के नेतृत्व पर न केवल भरोसा करती है, बल्कि भाजपा की नीतियों को ही प्रदेश के विकास की राह मानती है। यह परिणाम विपक्ष के लिए स्पष्ट चेतावनी है कि आने वाले चुनावी महासंग्राम में मुकाबला आसान नहीं होगा।

सीएम धामी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जनसेवा, विकास और पारदर्शी शासन ही उनकी प्राथमिकता है, और यही उनकी जीत की सबसे बड़ी ताकत है। 2027 की राह में यह विजय पताका भाजपा के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दे रही है और विपक्ष के लिए यह एक गंभीर संदेश है। उत्तराखंड में नेतृत्व की पसंद पहले से तय है।

उत्तराखंड में प्रोएक्टिव आपदा प्रबंधन को विभाग को अधिक मजबूत करेंगेः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड देहरादून में राज्य के मुख्य कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया एवं फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक अजय प्रकाश अंशुमान को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया। सेवा के आधार पर मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से श्वेता चौबे, सेनानायक आईआरबी द्धितीय देहरादून, योगेश चन्द्र पुलिस उपाधीक्षक, विपिन चन्द्र पाठक, निरीक्षक नागरिक पुलिस, नरेन्द्र सिंह बिष्ट, निरीक्षक नागरिक पुलिस, राकेश चन्द्र भट्ट, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, अजय प्रकाश सेमवाल, लीडिंग फायरमैन और सुनीत कुमार, मुख्य आरक्षी को सम्मानित किया गया।

विशिष्ट कार्य के लिए मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से शेखर चन्द्र सुयाल, अपर पुलिस अधीक्षक, राजेन्द्र सिंह खोलिया, निरीक्षक नागरिक पुलिस, कैलाश चन्द्र भटट्, निरीक्षक नागरिक पुलिस, मनोहर सिंह रावत, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, ओमकान्त भूषण, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, दीपक कुमार, अपर उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, गोपाल राम मुख्य आरक्षी, अमरजीत, आरक्षी और राहुल, आरक्षी को सम्मानित किया गया गया। विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों प्रिया राणा, मनीषा चौहान, राहुल सरनालिया, अमीषा चौहान विशम कश्यप, अमित बेलवाल और महक चौहान को भी मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए राज्य हित में 06 घोषणाएं की।

1. राज्य के उन विद्यालयों में, जहाँ मिड-डे मील योजना के तहत भोजन बनाने के लिए गैस सिलेंडर और चूल्हा उपलब्ध नहीं हैं, वहाँ राज्य सरकार द्वारा दो गैस सिलेंडर और एक चूल्हा उपलब्ध कराया जाएगा।

2. राज्य के अंतर्गत उन विधानसभा क्षेत्रों में, जहाँ पेयजल आपूर्ति में कठिनाई है, वहाँ प्रत्येक क्षेत्र में 10-10 हैंडपंप स्थापित किए जाएंगे।

3. ग्राम चौकीदार एवं ग्राम प्रहरी के मानदेय में एक हजार रुपए की वृद्धि की जाएगी।

4. सैनिक कल्याण विभाग के अंतर्गत कार्यरत ब्लॉक प्रतिनिधियों के मानदेय में दो हजार रुपए की वृद्धि की जाएगी।

5. राज्य में दूरस्थ व रोजगार मूलक उच्च शिक्षा के समग्र विकास और प्रचार-प्रसार के लिए जनपद स्तर पर राज्य सरकार द्वारा विशेष शैक्षणिक केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनका संचालन व समन्वय उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा।

6. ’गंगोत्री ग्लेशियर सहित प्रदेश के अन्य हिमालयी ग्लेशियर एवं उनके समीपवर्ती क्षेत्रों का नियमित अध्ययन कराया जाएगा,साथ ही प्रीडेक्टिव और प्रोएक्टिव आपदा प्रबंधन हेतु आपदा प्रबंधन विभाग को और अधिक मजबूत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वीर बलिदानियों और स्वतंत्रता सेनानियों का स्मरण किया और उत्तराखंड राज्य स्थापना के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले सभी आंदोलनकारियों को नमन किया। उन्होंने उत्तरकाशी के धराली सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावित हुए सभी परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की कठिन परिस्थितियों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों ने तत्परता, समर्पण और साहस के साथ राहत एवं बचाव का कार्य किया, इसके लिए उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास कार्यों को पूरी संवेदना के साथ और तेज गति से किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी की 78 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा में देशवासियों के अदम्य साहस, अटूट समर्पण और निरन्तर परिश्रम के बल पर हमारा राष्ट्र अनेक चुनौतियों का सामना करने के बावजूद सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, वर्ष 2047 तक भारत पूर्ण विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित होने के संकल्प के साथ, तीव्र गति से प्रगति के पथ पर अग्रसर है। आज भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। रक्षा, विज्ञान, तकनीकी कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर हर क्षेत्र में देश तेजी से कार्य हो रहे हैं। वैश्विक स्तर पर भारत एक सशक्त राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना का मनोबल बढ़ाने के साथ ही देश को रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत की शक्ति और सामर्थ्य को पूरी दुनिया ने देखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। राज्य सरकार विकसित उत्तराखंड के मंत्र के साथ राज्य को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को बेहतर बनाने का कार्य किया गया है। 30 से अधिक क्षेत्रों में विशिष्ट नीतियो के द्वारा उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास का एक विस्तृत रोडमैप तैयार कर राज्य में कई नई योजनाओं को लागू किया है। प्रदेश धार्मिक पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म ,फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन और वेडिंग डेस्टिनेशन के क्षेत्र में देश के एक विशिष्ट हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। राज्य में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में उद्यमियों के साथ 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गये। डेढ़ वर्ष में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में सफल रहे हैं। किच्छा खुरपिया फार्म में हजार एकड़ से अधिक भूमि पर एक स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने की दिशा में भी कार्य किये जा रहे हैं। प्रदेश में स्टार्टअप के अनुकूल इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर बनाने के साथ ही 200 करोड़ के वेंचर फण्ड की भी व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि को खेलभूमि के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य में ग्रीन गेम्स की थीम पर आयोजित राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखण्ड ने 103 पदक जीतकर 7वां स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रचा। खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार राज्य में स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान भी लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। प्रदेश को योग एवं अध्यात्म की वैश्विक राजधानी बनाने के उद्देश्य से प्रदेश में नई योग नीति लागू की है। प्रदेश में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक ’’स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’’ की स्थापना की जा रही है। “हाउस ऑफ हिमालयाज ’’ ब्रांड राज्य के सभी आर्गेनिक उत्पादों को एक छत के नीचे लाने में कारगर सिद्ध हुआ है। ’’होम स्टे योजना’’ के अंतर्गत प्रदेश के युवाओं ने स्वरोजगार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। किसानों को तीन लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि उपकरण खरीदेने के लिए “फार्म मशीनरी बैंक“ योजना से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस के निर्माण के लिए 200 करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान भी किया गया है। 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, ’स्टेट मिलेट मिशन’ और ’ड्रैगन फ्रूट नीति’ जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को राज्य में लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थाटन एवं पर्यटन हमारी अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख स्तम्भ है, इसके लिए “नई पर्यटन नीति’’ बनाई गई है। केदारखंड और मानसखंड मंदिरमाला मिशन पर तेजी से कार्य हो रहे हैं। हरिपुर कालसी में यमुना तीर्थ स्थल तथा हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर के साथ-साथ शारदा कॉरिडोर परियोजना पर भी कार्य किया जा रहा है। अपुणि सरकार पोर्टल, ई-केबिनेट, ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाइन,1905, एंटी करप्शन हेल्पलाइन 1064, डिजिटल उत्तराखंड ऐप जैसी विभिन्न पारदर्शी व्यवस्थाओं के चलते कार्य संस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, वंदे भारत एक्सप्रेस, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, भारतमाला और पर्वतमाला परियोजना, अमृत योजना, ऑल वेदर रोड और उड़ान योजना जैसी महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पिछले चार वर्षाे में लगभग 24 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां प्राप्त की हैं। प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी आई है। सरकार के सतत प्रयासों से राज्य की जी.एस.डी.पी. में 1.3 गुना और प्रति व्यक्ति आय में 11.33 प्रतिशत बढोत्तरी हुई है। देश में सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” कानून लागू करने का ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति भी सरकार पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है। धर्मांतरण रोधी कानून को और अधिक सख्त बनाने का निर्णय लिया है। सात हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। ’ऑपरेशन कालनेमि’ के माध्यम से सनातन धर्म को बदनाम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद महेन्द्र भट्ट, नरेश बंसल, विधायक खजानदास, जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, सचिवगण, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस बर्द्धन ने ध्वजारोहण कर अधिकारी व कर्मियों को दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख सचिव, सचिव, अपर सचिव, सचिवालय प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित बच्चों को राष्ट्रीय पर्व की शुभकामनाएं दी। मुख्य सचिव ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया और कहा कि यह देश उनका ऋणी है। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, साहस और समर्पण को याद करने का अवसर देता है, जिन्होंने हमें आज़ादी का अनमोल उपहार दिया।

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है, ये केवल संकल्पना नहीं हैं, बल्कि उत्तराखण्ड इस लक्ष्य को हासिल करने के लिये कठोर परिश्रम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आप सभी के सहयोग से समृद्ध और सशक्त उत्तराखण्ड की संकल्पना तेजी से साकार हो रही है। उत्तराखण्ड ने विगत वर्षाे में विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्त्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की है, जिसके फलस्वरुप हम सशक्त उत्तराखण्ड के लक्ष्यों को प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति और युवा शक्ति की अहम् भागीदारी से हमारा प्रदेश सर्वश्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी की ओर अग्रसर है।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपेक्षा के अनुरूप वर्ष 2047 तक देश को विकसित बनाने के लिए उत्तराखण्ड को मैन्युफैक्चरिंग हब, स्किल हब, आयुष प्रदेश और वैश्विक पर्यटन डेस्टिनेशन बनाने के विजन को साकार करने के लिये हमें कठोर परिश्रम करने की आवश्यकता हैं। पहाड़ी फसलें, मोटे अनाज और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से उत्तराखण्ड की आजीविका को भी बल दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रगति के लिए यहाँ के छोटे और मझोले किसानों को भी मजबूती देनी आवश्यक है। उन्होंने राज्य के विकास के लिए गर्वनेंस के रिफॉर्म्स और प्रशासनिक सुधारों पर जोर देते हुए इसकी शुरूवात राज्य सचिवालय और जनपदों से ही किए जाने पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने बढ़ती हुई प्राकृतिक आपदाओं के बीच शासन-प्रशासन में कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए एक अभियान चलाने की भी आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्य सचिव ने कहा कि ऑन-लाइन अनुश्रवण-मूल्यांकन हेतु राज्य में पी0एम0 गति शक्ति पोर्टल (स्टेट) तैयार कर परियोजनाओं यथा कैपिटल असिस्टेंस योजना, मिसिंग लिंक योजना, डैशबोर्ड, सीएम कॉन्क्लेव पीएमजी, प्रगति, ई-समीक्षा, ई-आंकलन, मुख्यमंत्री घोषणा आदि कार्यक्रमों की समीक्षा एवं मूल्यांकन कार्य सम्पादित किया जा रहा है। आवास विभाग के ऑनलाईन एप्लीकेशन सिस्टम ऐप को प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग, भारत सरकार द्वारा स्टेट बेस्ड सर्विस डिलीवरी प्लेटफार्म के लिये बेस्ट प्रेक्टिस की श्रेणी में नामित किया है। उन्होंने कहा कि वाईब्रेन्ट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांवों के बहुमुखी विकास हेतु केन्द्र सरकार द्वारा राज्य के जनपद उत्तरकाशी, चमोली तथा पिथौरागढ़ के कुल 51 गांवों का चयन किया गया है।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में ‘अपुणि सरकार‘ परियोजना के अपुणि सरकार पोर्टल को भारत सरकार के प्रशासनिक एवं लोक शिकायत विभाग के छमेक्। फ्रेमवर्क द्वारा देशभर में बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य में जल संरक्षण हेतु स्प्रिंग एवं रिवर रिजुविनेशन ऑथोरिटी का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य के प्राकृतिक जल स्रोतों एवं नदियों का चिन्हीकरण, जल उत्सर्जन में वृद्धि, मापन एवं अनुश्रवण आदि के माध्यम से सतत उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में हाउस ऑफ हिमालय जैसे ब्रांड को विकसित करने का लक्ष्य रखा है। आज मुझे खुशी है हाउस ऑफ हिमालय और वोकल फॉर लोकल जैसे प्रयासों से ग्रामीण विकास एवं आर्थिक विकास को हासिल करने में राज्य सफल होता हुआ दिख रहा है।

मुख्य सचिव ने कहा कि जैसा कि आप सभी जानते हैं, सचिवालय हमारी प्रशासनिक व्यवस्था का वह केंद्र है, जो न केवल नीतियों को आकार देता है, बल्कि देश और प्रदेश के विकास की दिशा भी निर्धारित करता है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता, और समर्पण के साथ करें, ताकि हमारा प्रदेश और समाज प्रगति के पथ पर अग्रसर हो। हमारा कार्य केवल कागजों और फाइलों तक सीमित नहीं है। हमारी नीतियों और निर्णय इस प्रदेश के लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं। इसलिए, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी हर कार्रवाई में जनता का कल्याण सर्वाेपरि हो। उन्होंने कहा कि हमें केंद्र और राज्य सरकार की जनहित एवं राज्य हित की महत्वाकांक्षी योजनाओं को सफल बनाने के लिए मिलकर काम करना होगा। आज हम एक ऐसे भारत में खड़े हैं, जो न केवल आर्थिक और तकनीकी क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है, बल्कि सामाजिक समावेशन, शिक्षा, और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

मुख्य सचिव ने सभी का आह्वान करते हुए कहा कि हमें अपने दायित्वों को और अधिक जिम्मेदारी के साथ निभाना होगा। आइए, हम ईमानदारी, दक्षता और नवाचार की भावना के साथ काम करें, ताकि हम अपने महान राष्ट्र के सपनों को साकार कर सकें। आइए, हम मिलकर प्रयास करें, यह सुनिश्चित करने के लिए कि हमारा हर निर्णय देश की प्रगति और लोगों के कल्याण में योगदान दे।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनई, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिवगण, अपर सचिवगण एवं सचिवालय प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

आईएएस बंशीधर तिवारी ने स्वतंत्रता दिवस पर एमडीडीए में किया ध्वजारोहण

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) कार्यालय परिसर में गरिमामय ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने की। तिरंगा फहराते ही परिसर देशभक्ति के नारों और “वन्दे मातरम्” की गूंज से भर उठा।

इस अवसर पर एमडीडीए के सभी अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि और आम नागरिक मौजूद रहे। सभी ने स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर सपूतों को नमन किया। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए गए और स्वतंत्रता दिवस की महत्ता पर चर्चा हुई। माहौल में देशभक्ति और एकजुटता की भावना साफ महसूस हो रही थी।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अपने संबोधन में कहा स्वतंत्रता दिवस हमें केवल आज़ादी का जश्न मनाने का नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों को याद रखने का अवसर देता है। हमारे वीरों के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम अपने-अपने दायित्वों को ईमानदारी, निष्ठा और पूरी लगन से निभाएं। एमडीडीए का संकल्प है कि हम पारदर्शिता, नियमों का पालन और जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए शहर के सुनियोजित विकास के लिए कार्य करते रहेंगे।

कार्यक्रम का समापन मिठाई वितरण और आपसी सौहार्द के साथ हुआ। अधिकारी व कर्मचारियों ने देश की अखंडता और प्रगति के लिए मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया।