राज्य की विभिन्न योजनाओं के लिये सीएम ने दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़वाल एवं कुमाऊं परिक्षेत्रों के नलकूपों पर विभिन्न क्षमता के सर्वाे वोल्टेज स्टैबलाईजर की आपूर्ति एवं अधिष्ठान की योजना हेतु 1.63 करोड की योजना का अनुमोदन प्रदान किया है। मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ नगर के कुमोर वार्ड में सीवर लाईन विस्तार की योजना 2.77 करोड़, पिथौरागढ़ नगर के ही बजेटी वार्ड में सीवर लाईन विस्तार की योजना हेतु 2.90 करोड़ तथा पिथौरागढ नगर की विवेकानन्द कालोनी एवं खारकोट वार्ड में सीवर लाईन विस्तार की योजना के लिये भी 2.91 करोड़ की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद पौडी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र पौड़ी में बिलफेदार-गौरीकोट मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं पक्कीकरण के कार्य हेतु 3.67 करोड़ का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट में बाट नेत्रसलान पचेश्वर में पड़ने वाले सेतुओं के निर्माण हेतु 31.75 लाख का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

फूड सैंपल की टेस्टिंग सही से हो सके इसके लिए टेस्टिंग लैब बढ़ायी जाएंः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में सुरक्षित भोजन एवं स्वस्थ आहार पर राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की 5वीं बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट को रोकने के लिए राज्य एवं राज्य के बाहर से आने वाले दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों के परीक्षण के लिए संबंधित राज्यों के एफडीए के साथ संयुक्त अभियान संचालित किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के एफडीए से सूचनाएं साझा कर आपसी सहयोग से खाद्य उत्पादों की संयुक्त निगरानी एवं प्रवर्तन कराया जाए।

मुख्य सचिव ने नियमित रूप से मिलावटखोरी में संलिप्त व्यक्तियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि मिलावटखोरी से सम्बन्धित न्यायालयों में चल रहे मामलों पर मजबूत पैरवी की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में फूड टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि फूड सैंपल की टेस्टिंग सही से हो सके इसके लिए टेस्टिंग लैब बढ़ायी जाएं, साथ ही, फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स को शीघ्र से शीघ्र धरातल पर उतारा जाए।

मुख्य सचिव ने ईट राईट कैम्पस सर्टिफिकेशन को और अधिक बढ़ावा दिए जाने की बात भी कही। साथ ही निर्देश दिए कि मिड डे मील और आंगनवाड़ी केन्द्रों में दी जाने वाली टेक होम राशन में भी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने प्रयुक्त खाना पकाने के तेल को फूड चेन से बाहर करने हेतु यूज्ड कुकिंग ऑयल कलेक्शन के लिए मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कलेक्शन मैकेनिज्म मजबूत नहीं होगा, यूज्ड कुकिंग ऑयल को फूड चेन से बाहर कर पाना मुश्किल होगा। उन्होंने इसके लिए शीघ्र योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव आर. राजेश कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1684 खाद्य पद्वार्थों के सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 1509 का विश्लेषण किया जा चुका है। इसमें 62 सैंपल असुरक्षित पाए गए एवं 78 सैंपल घटिया अथवा गलत ब्रांड वाले पाए गए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा एवं कांवड़ यात्रा के दौरान भी यात्रा मार्गों पर सैंपल लिए गए थे। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (07 जून 2025) के अवसर पर शुरू किए गए सर्व सेफ फ़ूड कार्यक्रम के अंतर्गत, कुमाऊँ क्षेत्र में कुल 1000 स्ट्रीट फ़ूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। स्ट्रीट फ़ूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित करने के लिए अब तक 18 प्रशिक्षण आयोजित किए जा चुके हैं। रुद्रपुर और काशीपुर में 540 स्ट्रीट फ़ूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित किया गया है। शेष 460 स्ट्रीट फ़ूड विक्रेताओं को चंपावत, रानीखेत, अल्मोड़ा और बागेश्वर में प्रशिक्षित किया जाएगा।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर सीएम ने किया काशीपुर में वर्चुअल प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर काशीपुर, ऊधमसिंहनगर में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभाजन स्मृति स्मारक स्थल का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने देश के विभाजन का दंश झेलने वालों को नमन करते हुए कहा कि 14 अगस्त 1947 का दिन हम कभी नहीं भूल सकते, जब मजहब की आड़ में भारत को दो हिस्सों में बाँट दिया गया। जहां एक ओर 15 अगस्त 1947 को पूरा देश आजादी का जश्न मनाने की तैयारी कर रहा था वहीं, उससे ठीक एक दिन पहले ही, देश को दो टुकड़ों में बाँट दिया गया। करोड़ों लोगों को विभाजन की विभिषिका से गुजरते हुए अपने घर, गाँव, खेत-खलिहान, दुकान-व्यापार और अपनों से बिछड़कर शरणार्थी के रूप में रहने को मजबूर होना पड़ा। आज भी उन लोगों की आँखों में वो पीड़ा है, जिनके माँ-बाप इतिहास के उस काले दौर में उन्हें छोड़ कर इस दुनिया से चले गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के लिए यह समझ पाना भी कठिन है कि देश की स्वतंत्रता के समय विभाजन की विभीषिका से गुज़रने वाले लोगों ने उस दौर में किस अकल्पनीय पीड़ा, भय और संघर्ष को सहा था। देश की आजादी के बदले किये गये उनके त्याग और बलिदान की भरपाई कर पाना असंभव है। उनके इस त्याग, बलिदान और पीड़ा के महत्त्व को समझते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने पूर्वजों द्वारा किए गए त्याग और बलिदान को हमेशा याद रख सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विभाजन केवल एक भूभाग का बँटवारा नहीं था, बल्कि लाखों लोगों की जिंदगियों और उनकी सांस्कृतिक पहचान का भी विभाजन था। मानव विस्थापन का इतना भयानक और विकराल रूप इतिहास ने पहले कभी नहीं देखा था। मुख्यमंत्री ने उस वैमनस्य और दुर्भावना का डटकर सामना करने वाले लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की जिन्होंने विभाजन की त्रासदी झेलने के बाद भी अपने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति अटूट विश्वास को बनाए रखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का समग्र विकास हो रहा है। हमारी सांस्कृतिक धरोहरों, परंपराओं और मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में अनेक कार्य किए जा रहे हैं। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण, बद्रीनाथ और केदारनाथ धामों का पुनर्निर्माण, बाबा विश्वनाथ के गलियारे का विस्तार, महाकाल लोक का निर्माण और करतारपुर साहिब कॉरिडोर के निर्माण कार्यों के माध्यम से हमारी धार्मिक विरासत को दिव्यता और भव्यता के साथ पुनर्स्थापित कर देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई धारा प्रवाहित की जा रही है। कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति, ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा का अंत, सीएए एवं वक्फ संशोधन कानून लागू करने तथा 1984 के दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने जैसे निर्णयों के माध्यम से एक भारत, श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को भी साकार रूप प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित कर रहा है। राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। केदारखंड की भांति ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के भी पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। काशीपुर के चौती मंदिर को मानसखंड कॉरिडोर का हिस्सा बनाया है। हेमकुंड साहिब आने वाले सिख श्रद्धालुओं की यात्रा को और अधिक सुरक्षित और सहज बनाने के लिए गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण किया जा रहा है।

उत्तराखण्ड देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता को लागू करने वाला राज्य है। देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद लगभग 24 हजार से अधिक युवा सरकारी नौकरियां पाने में सफलता प्राप्त की है। राज्य सरकार उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिये पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया है। प्रदेश में सात हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सांसद अजय भट्ट, मेयर काशीपुर दीपक बाली, मेयर रुद्रपुर विसा शर्मा, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा,स्वामी हरि चौतन्या महाराज, अजय मौर्य एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री धामी से की भेंट, आपदा राहत के लिये दिए एक करोड़

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस दौरान यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा उत्तरकाशी जिले के धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में आई आपदा के राहत कार्यों के लिए रू 1 करोड़ की धनराशि का योगदान दिया गया।

मुख्यमंत्री ने यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा दिए सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न संस्थाओं द्वारा आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए दिया जा रहा सहयोग प्रशंसनीय है।

इस अवसर पर अपर सचिव मनमोहन मैनाली, यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया देहरादून से अर्चना शुक्ला, बिभूति भूषण राउत व मनोहर सिंह उपस्थित थे।

सीएम धामी ने हजारों की संख्या में युवाओं, छात्र-छात्राओं, महिलाओं एवं बच्चों के साथ तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया

सीएम धामी ने गाँधी पार्क, देहरादून से जनप्रतिनिधियों, हजारों की संख्या में युवाओं, छात्र – छात्राओं, महिलाओं एवं बच्चों के साथ हाथ में तिरंगा लेकर ‘भारत मां की जयकार, वंदे मातरम’ की गूंज के साथ तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया। सीएम ने उपस्थित लोगों का उत्साहवर्धन किया, विशेषकर युवाओं का हौसला बढ़ाया। उन्होंने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान (13-15 अगस्त) का शुभारंभ भी किया। राष्ट्रभक्ति के गीतों की धुनों के बीच मुख्यमंत्री ने तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया। सीएम ने युवाओं का अभिनंदन करते हुए सभी को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं भी दी। तिरंगा यात्रा को देख लग रहा था कि देहरादून की सड़कों पर समूचा भारत उमड़ पड़ा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि तिरंगा हमारी स्वतंत्रता, एकता और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों से आग्रह किया कि इस स्वतंत्रता दिवस पर अपने घर, प्रतिष्ठान, कार्यस्थल और संस्थानों पर तिरंगा पूर्ण सम्मान एवं गौरव के साथ फहराएं। स्वाधीनता के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर सेनानियों को स्मरण कर नमन करें।

सीएम धामी ने कहा कि तिरंगा यात्रा केवल यात्रा नहीं, बल्कि भारत माता, स्वाधीनता सेनानियों, शहीद सैनिकों, वीरांगनाओं एवं भारत के महान सपूतो के प्रति आभार व्यक्त करने अवसर भी है। उत्तराखंड का हर गांव, नगर, जनपद में भव्य तिरंगा यात्रा इसका उदाहरण है।

उत्तराखंड को योग एवं अध्यात्म की वैश्विक राजधानी बनाने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही सरकारः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारपुरम में योगा पार्क एवं अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने एआई चौटबॉट ‘निगम सारथी’ लॉन्च किया और हरित नीति के डोक्यूमेंट का अनावरण भी किया। मुख्यमंत्री ने पर एक पेड़ माँ नाम के नाम के तहत रूद्राक्ष का पौधा रोपा, जो सरकार द्वारा चलाये गये बृहद पौधारोपण अभियान के तहत नगर निगम क्षेत्र देहरादून के अन्तर्गत इस वर्ष रोपा गया एक लाखवां पौधा था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वच्छता सम्मान सेनानियों और कर निरीक्षकों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नशा मुक्ति के लिए सामूहिक शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केदारपुरम में आधुनिक योगा पार्क के जरिए हम राजधानी देहरादून में स्वास्थ्य, खुशहाली और पर्यावरण को साथ लेकर चलने की दिशा में एक और मजबूत कदम उठा रहे हैं। यह योगा पार्क आने वाले समय में शहरवासियों के लिए न केवल आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि स्वास्थ्य, फिटनेस सहित सामाजिक गतिविधियों का भी एक प्रमुख केंद्र होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग एवं अध्यात्म की वैश्विक राजधानी बनाने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य के साथ, इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेश में देश की पहली ’योग नीति’ लागू कर दी गई है। साथ ही राज्य में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक ’’स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’’ की स्थापना भी की जा रही है। सरकार का प्रयास है कि योग लोगों की जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बने, जिससे उनका शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास हो सके। इसी सोच के साथ केदारपुरम सहित अन्य पार्कों का निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में, देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए लगभग 14 सौ करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न विकास परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज हम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर वर्ष 2020 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रारंभ किए गए नशा मुक्त भारत अभियान की पांचवी वर्षगांठ भी मना रहे हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए हम सभी को मिलकर नशे के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक जंग लड़नी होगी। नशा स्वास्थ्य और सामाजिक प्रतिष्ठा, दोनों को तो नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति के लिए प्रत्येक स्तर पर कार्य कर रहे हैं, इस महत्वपूर्ण कार्य में जनभागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उसके बिना “ड्रग्स फ्री उत्तराखंड“ का हमारा सपना पूरा नहीं हो सकता। राज्य में पिछले 3 वर्षों में जहां मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त चार हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वहीं 203 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नशीली सामग्री भी जब्त की गई है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं भी नशे को पूरी मजबूती के साथ “ना“ कहें और अपने साथियों को भी नशे के लिए ’’ना’’ कहने के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री ने पुष्कर सिंह धामी ने कहा का राज्य सरकार ड्रग्स के कारोबार और इससे होने वाली कमाई के खिलाफ ’’जीरो टॉलरेंस’’ की नीति के अनुरूप कार्यवाही कर रही है। इसलिए ’’नशा मुक्त उत्तराखण्ड से नशा मुक्त भारत’’ बनाने के लिए हम कोई कसर नहीं छोड़ेगें।

कार्यक्रम में मेयर सौरभ थपलियाल ने नगर निगम देहरादून द्वारा किये जा रहे विभिन्न कार्यों के बारे में जानकारी दी।

राज्यसभा सांसद डॉ. कल्पना सेनी ने इस अवसर पर उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा में पीड़ितों के पुनर्वास और राहत कार्यों के लिए एक माह का वेतन और अपने सांसद निधि से एक करोड़ रूपये निर्माण कार्य के लिए प्रदान करने की बात कही।

कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, नगर आयुक्त देहरादून नमामि बंसल, पार्षदगण एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

विकास कार्यों का विवरण

शिलान्यास
गांधी पार्क का विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य – 164.33 लाख।

नगर निगम टाउन हॉल का जीर्णाेद्धार एवं हाल के अंदर और मुख्य बिल्डिंग के बाहर एफआरपी कार्य- 232.50 लाख।

लोकार्पण
वार्ड 33 यमुना कॉलोनी में पार्क निर्माण कार्य – 139.49 लाख।

वार्ड 88 हरबाजवाला में मछली तालाब का रखरखाव, वनीकरण एवं वाकिंग ट्रैक निर्माण – 170.32 लाख।

वार्ड 58 डिफेंस कॉलोनी केदारापुरम में योगा पार्क का निर्माण एवं अन्य विकास कार्य – 437.07 लाख।

ऋषिकेश में अंडरग्राउंड बिजली लाइन के लिए 547 करोड़ मंजूर, सीएम ने पीएम का आभार किया

गंगानगरी ऋषिकेश में प्रमुख बाजारों और मार्गों पर बिजली लाइन अंडरग्राउंड की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने 547 करोड़ रुपए की मंजूरी प्रदान की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है।

ऋषिकेश कुंभ क्षेत्र (गंगा कॉरिडोर) में विद्युत लाइनों के भूमिगतीकरण तथा ऋषिकेश, हरिद्वार एवं देहरादून में विद्युत प्रणाली को स्वचालित (स्काडा) किए जाने हेतु प्रस्तावित डी.पी.आर. के सापेक्ष केंद्र सरकार से कुल रू० 547.83 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है। बिजली लाइन भूमिगत किए जाने से ऋषिकेश शहर के नागरिकों को विशेष सुविधा मिलेगी। इससे भीड़ भरे बाजारों से तारों का जाल हट पाएगा, साथ ही सड़कों बाजारों में आवाजाही भी सुगम हो पाएगी।

उत्तराखंड सरकार लगातार विद्युत अवसंरचना के आधुनिकीकरण का प्रयास कर रही है। अंडरग्राउंड केबलिंग से विद्युत आपूर्ति अधिक स्थिर होगी, साथ ही आपदा और प्रतिकूल मौसम के कारण पैदा होने वाले अवरोधों से सुरक्षा मिलेगी, रखरखाव की लागत घटेगी तथा शहर का सौंदर्य भी बेहतर होगा। इस वित्तीय सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष आभार।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री ।

हर घर तिरंगा’ अभियान आज जन-जन तक पहुंचकर राष्ट्रभक्ति का एक महाअभियान बन चुकाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत तिरंगा फहराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आज जन-जन तक पहुंचकर राष्ट्रभक्ति का एक महाअभियान बन चुका है। तिरंगा हमारी स्वतंत्रता, एकता और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस स्वतंत्रता दिवस पर सभी अपने घर, कार्यालय, दुकान आदि पर तिरंगा गर्व और सम्मान के साथ फहराएं तथा देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले वीर सेनानियों को नमन करें। साथ ही तिरंगे के साथ अपनी फोटो लेकर harghartiranga.com पर अवश्य साझा करें।

राज्य में “एआई मिशन“ प्रारंभ होगा, जो “एक्सीलेंस सेंटर“ के रूप में विकसित होगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाओं का शुभारंभ किया। इनमें डिजिटल उत्तराखण्ड एप का उद्घाटन, सुरक्षित, स्केलेबल और सुगम्य प्लेटफॉर्म आधारित 66 वेबसाइटों का उद्घाटन, नगरीय क्षेत्र में कूड़ा उठाने वाले वाहनों की रियल टाइम ट्रैकिंग के लिए विकसित की गई जीआईएस आधारित वेब एप का उद्घाटन, जन सुविधा के लिए संचालित 1905 सीएम हेल्पलाइन में एआई के अनुप्रयोग नवाचार का शुभारंभ और अतिक्रमण की निगरानी के लिए वेब आधारित एप्लीकेशन का शुभारंभ शामिल हैं।

मुख्यमंत्री घोषणाएं-
1-भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए राज्य में नेक्स्ट-जनरेशन डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत डिजास्टर रिकवरी के लिए भी एक अलग से मैकेनिज्म बनाया जाएगा।

2-राज्य में शीघ्र ही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए “एआई मिशन“ प्रारंभ किया जाएगा, जिसे “एक्सीलेंस सेंटर“ के रूप में विकसित किया जाएगा।

3-गुड गवर्नेंस की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए राज्य में नेक्स्ट-जनरेशन रिमोट सेंसिंग एवं ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का विकास किया जाएगा।

4-राज्य में एक विशिष्ट आईटी कैडर स्थापित करने के लिए सरकार प्रयास करेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड सुंदर पहाड़ी राज्य होने के साथ ही तकनीकी रूप से दक्ष राज्य के रूप में आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार “हिल से हाइटेक“ के मंत्र पर कार्य कर रही है। आज प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी 5 महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की गई है। ये सभी नवाचार शासन व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने के साथ ही विभिन्न सेवाओं में गति एवं पारदर्शिता भी लाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया अभियान के माध्यम से प्रौद्योगिकी और नवाचार का विस्तार हुआ है। उनके ’डिजिटल इंडिया’ के सपने को साकार करने के लिए राज्य सरकार भी निरंतर प्रयास कर रही है। “डिजिटल उत्तराखण्ड“ एप के माध्यम से लोग घर बैठे ही अनेक सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह एप प्रधानमंत्री के ’मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्नेंस’ के मंत्र को साकार करने में सहायक होगा। इससे सरकारी सेवाओं को एकीकृत, सरल और सुलभ बनाने में सहायता मिलेगी और विभिन्न गतिविधियों की मॉनिटरिंग भी आसानी से होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लेटफॉर्म पर आधारित 66 नई सरकारी वेबसाइटें विभागीय जानकारी को सुरक्षित, त्वरित और पारदर्शी तरीके से जनता तक पहुंचाएंगी। जीआईएस आधारित वेब ऐप शहरी क्षेत्रों में कूड़ा उठाने वाले वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा। अतिक्रमण की रोकथाम के लिए एक वेब-आधारित ऐप के माध्यम से कोई भी नागरिक अतिक्रमण की तस्वीर या वीडियो अपलोड कर सकेगा, जिस पर संबंधित विभाग तुरंत जांच कर कार्यवाही सुनिश्चित करेगा। इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि 1905 सीएम हेल्पलाइन राज्य के नागरिकों और सरकार के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस सेवा में भी एआई आधारित सुविधाओं से शिकायतों का ऑटो-केटेगराइजेशन, त्वरित समाधान और फॉलो-अप मॉनिटरिंग और भी बेहतर तरीके से होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ऑनलाइन शिक्षा, ई-स्वास्थ्य सेवा और भूलेख डिजिटलीकरण जैसे कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल और सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से लोगों को घर बैठे ही अनेक सरकारी सेवाओं का लाभ प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लासरूम और ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म का भी विस्तार किया जा रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को टेलीमेडिसिन और ई-संजीवनी सेवाओं के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह घर बैठे उपलब्ध कराने का भी कार्य किया जा रहा है। “अपणी सरकार“ पोर्टल द्वारा 886 सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध करवाया जा रहा है। राज्य के लगभग 95 प्रतिशत गांवों में दूरसंचार कनेक्टिविटी पहुंच चुकी है।

इस अवसर पर विधायक खजानदास, प्रमुख सचिव एल. फैनई, सचिव नितेश झा, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, नीरज खेरवाल, डॉ. वी. षणमुगम, श्रीधर बाबू अदांकी, महानिदेशक यू-कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, निदेशक आईटी गौरव कुमार (वर्चुअल माध्यम), नगर आयुक्त देहरादून नमामि बंसल, संबंधित विभागों के अपर सचिव एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

सीएम से मिले स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस दौरान स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी द्वारा उत्तरकाशी जिले के धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में आई आपदा के राहत कार्यों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹ 51 लाख की धनराशि का योगदान दिया गया।

मुख्यमंत्री ने स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी द्वारा दिए सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि निश्चित रूप से विभिन्न संस्थाओं द्वारा आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए दिया जा रहा यह सहयोग सराहनीय है।