मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में मातृशक्ति की सेवा में सीएम धामी

सीएम धामी ने कहा कि वे एक मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में माताओं-बहनों की सेवा में उपस्थित हैं। उन्होंने अपील की कि प्रदेश की किसी भी बहन-बेटी को कभी भी कोई परेशानी हो तो वो सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय में संपर्क करें, मुख्यमंत्री का प्रयास रहेगा कि वे स्वयं माताओं व बहनों की परेशानी का संज्ञान लेकर उसका निस्तारण कर एक भाई होने का कर्तव्य निभा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ग्रामीण महिलाओं की आजीविका में वृद्धि के लिए जल्द ही ’’जल सखी योजना’’ शुरू करने जा रहे हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति का काम महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपने की भी तैयारी की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में नए कनेक्शन, बिल वितरण, बिल वसूली और योजनाओं के रखरखाव का काम, भी आउटसोर्स के आधार पर महिला समूहों को दिया जाएगा। ये सब केवल योजनाएं नहीं हैं, बल्कि ये बहनों के प्रति मेरी जिम्मेदारी और प्रेम है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में हरबंस कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल, गढ़ीकैंट, देहरादून में आयोजित रक्षाबंधन समारोह 2025 में सम्मिलित हुए।

रक्षाबंधन समारोह में प्रदेशभर से भारी संख्या में उपस्थित माताओं व बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचायत चुनावों में व्यापक समर्थन देने के लिए समस्त उत्तराखंड वासियों का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की मातृ शक्ति के प्रेम और आशीर्वाद से उन्हें प्रदेश की और अधिक सेवा करने हेतु भरपूर ऊर्जा मिल रही है। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन का पर्व पारस्परिक प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक पर्व होने के साथ ही हमें हमारे सामाजिक कर्तव्यों का बोध करवाने वाला त्योहार भी है जो बहनों के प्रति हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेटियों एवं महिलाओं को हर प्रकार से सक्षम, सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरन्तर कार्य कर रहे हैं। जहां एक ओर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और उज्ज्वला योजना जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मोदी सरकार देश की बेटियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने तीन तलाक जैसी कुप्रथा का अंत करने के साथ-साथ, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, शौचालयों के निर्माण, आवास योजना के तहत महिलाओं को प्राथमिकता, मातृत्व अवकाश में वृद्धि तथा बेटियों के लिए सेना और सैनिक स्कूलों का रास्ता खुलवाकर उन्हें सशक्त बनाने का काम भी किया है। इसी का नतीजा है कि देश की महिलाएं खेत में अनाज उगाने से लेकर अंतरिक्ष प्रोग्रामों का हिस्सा बनने तक और खेलों में मेडल लाने से लेकर सेना में कमान संभालने तक, हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी प्रदेश सरकार भी मातृशक्ति के उत्थान एवं सशक्तिकरण हेतु संकल्पित होकर कार्य कर रही है। हमनें सरकारी नौकरियों में प्रदेश की महिलाओं को 30 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देकर रोजगार के क्षेत्र में मातृ शक्ति की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया है। प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमनें स्वयं सहायता समूहों को करोड़ों रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है। प्रदेश की महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद हमारे ’’हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड’’ के जरिए आज विश्व के कोने-कोने तक पहुंच रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला समूहों ने अपने मेहनत और आत्मबल के दम पर उद्यमिता के क्षेत्र में अपार सफलताएं हासिल की हैं। हमारे राज्य में लखपति दीदी योजना के अंतर्गत प्रदेश में 1.63 लाख से अधिक बहनों का लखपति दीदी बनना यह बताता है कि प्रदेश की बहने किसी से भी कम नहीं हैं। महिला समूहों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना से 30 हजार से अधिक महिलाएं लाभान्वित होकर 5 करोड़ रुपए से अधिक का करोबार कर चुकी हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उन्हें हर घर शौचालय तथा जल जीवन मिशन जैसी महिलाओं के कल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में देशभर में महिला सशक्तिकरण के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहा है। सभी योजनाएं महिलाओं को केंद्र में रखकर बनाई जा रही है। उत्तराखंड के दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्र की महिलाओं द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प उत्पादों को केंद्र एवं राज्य सरकार ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का कार्य किया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, भाजपा युवा मोर्चा की उपाध्यक्ष नेहा जोशी सहित भारी संख्या में प्रदेशभर की महिलाएं उपस्थित थी।

रूद्रप्रयाग जिले के पंचायत चुनाव के नव निर्वाचित पदाधिकारियों ने की सीएम से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैंप कार्यालय, मुख्यमंत्री आवास में विधायक भरत सिंह चौधरी के नेतृत्व में आए रुद्रप्रयाग जिले के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को नए दायित्व हेतु शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा हम सबने मिलकर राज्य की जनता के लिए कार्य करना है। उन्होंने कहा हमारा यह कर्तव्य होना चाहिए कि आगे बढ़कर हम सभी अपनी पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाएं। उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्रों के विकसित होने से ही राज्य विकसित होगा। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे उत्तराखंड राज्य को आगे ले जाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें।

सीएम ने सिंचाई विभाग के विभिन्न पदों पर चयनित 144 अभ्यर्थियों को दिए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए सिंचाई विभाग के विभिन्न पदों पर चयनित 144 अभ्यर्थियों एवं उत्तराखण्ड परिवहन निगम में मृतक आश्रित कोटे के अंतर्गत 43 पात्र आश्रितों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस प्रकार मुख्यमंत्री ने कुल 187 विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थियों/आश्रितों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए चयनित अभ्यर्थियों से ईमानदारी, निष्ठा, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का आवाहन किया। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने लंबे समय से लंबित दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को भी नियुक्तियां देने का काम किया है। बीते वर्ष 150 आश्रितों और आज शेष 43 पात्र आश्रितों को भी नियुक्ति पत्र प्रदान कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया राज्य सरकार के प्रयासों से 2024 में निगम ने रिकॉर्ड 56 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ अर्जित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले राज्य में भर्तियों में भारी पक्षपात, धांधली और भ्रष्टाचार हुआ करता था। राज्य सरकार ने युवाओं की समस्या को देखते हुए देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया। अब राज्य में भर्तियां पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों को उनके कौशल और परिश्रम का पूरा लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया बीते साढ़े 3 वर्ष में प्रदेश के 23 हजार से अधिक युवा सरकारी नौकरी पाने में सफल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाया है। अब भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को नहीं छोड़ा जाता है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने का आग्रह किया है। उन्होंने भी प्रदेशवासियों से स्वदेशी और लोकल उत्पादों का उपयोग करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हमारा संकल्प और भी सशक्त होना चाहिए। उन्होंने कहा देवभूमि उत्तराखंड, प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के मंत्र को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा सिंचाई विभाग में चयनित अभ्यर्थी सिंचाई परियोजनाओं के नक्शों और डिज़ाइनों का निर्माण करने के साथ ही भविष्य के विकास की रूपरेखा भी तैयार करते हैं। हमारे राज्य में निरंतर सिंचाई योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। आज चयनित अभ्यर्थी सिंचाई परियोजनाओं के वे जमीनी स्तंभ हैं, जो अपनी तकनीकी कुशलता से किसानों के खेतों तक जल पहुंचाने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा सभी चयनित युवाओं में कई राज्य आंदोलनकारी क्षैतिज आरक्षण कोटे के तहत भी चयनित हुए। जो सभी के लिए हर्ष का विषय है।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में 23 हज़ार से ज्यादा सरकारी नौकरियों में चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का काम हुआ है। देश और प्रदेश में बेरोजगारी में बड़ी गिरावट आई है। उन्होंने कहा सिंचाई विभाग में चयनित अभ्यर्थियों की मदद से विभाग और सक्षम होगा, जिससे विकास को नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, सविता कपूर, सचिव युगल किशोर पंत, अपर सचिव रीना जोशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं को दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली में जोशीमठ के आपदा प्रभावित क्षेत्र के स्लोप स्टेबलाईजेशन कार्ययोजना हेतु रू. 516 करोड़ की योजना स्वीकृत करते हुए प्रथम किस्त के रूप में रू. 40 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने केन्द्र पोषित जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत गतिमान कार्याे हेतु भारत सरकार से केन्द्रांश के रूप में प्राप्त होने वाली धनराशि की प्रत्याशा में पुनर्विनियोग के माध्यम से रू. 200 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने की भी स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने राज्य की नगर निकायों में 52 स्थलों में ‘‘देवभूमि रजत जयंती पार्क’’ का निर्माण किये जाने हेतु रू. 40.49 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पेयजल निगम द्वारा सेल्फ आफ प्रोजेक्ट के अन्तर्गत नाबार्ड, राज्य सेक्टर, ई.ए.पी., रिंग फेसिंग इत्यादि कार्यक्रमों हेतु उत्तराखण्ड पेयजल निगम को रू. 350 लाख एवं उत्तराखण्ड जल संस्थान को रू. 150 लाख की धनराशि अवमुक्त किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद टिहरी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र नरेन्द्र नगर में मुनिकीरेती स्थित रामझूला सेतु के स्ट्रेंथनिंग एवं सुरक्षात्मक कार्य हेतु रू. 11 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने का भी अनुमोदन दिया है।

मुख्यमंत्री ने पाँचवें और छठे वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने की स्वीकृति दी

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार और राज्य स्वायत्त निकायों/उपक्रमों के उन कर्मचारियों को, जो पांचवें एवं छठे केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार लागू वेतन बैंड/ग्रेड वेतन में अपने वेतन एवं भत्ते आहरित कर रहे हैं, को उन्हें स्वीकार्य मंहगाई भत्ते की मौजूदा दर को दिनांक 01 जनवरी, 2025 से क्रमशः पांचवें वेतनमान को 455 प्रतिशत से बढ़ाकर 466 प्रतिशत एवं छठे वेतनमान को 246 प्रतिशत से बढ़ाकर 252 प्रतिशत प्रतिमाह किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

9 करोड़ 71 लाख से अधिक किसानों के खाते में पीएम ने डाली 20 हजार 500 करोड़ रुपये की पीएम किसान सम्मान निधि

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त के तहत देश के 09 करोड़ 71 लाख से अधिक किसानों के खातों में कुल 20 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का डिजिटल हस्तांतरण किया। इसके तहत उत्तराखण्ड के 08 लाख 28 हजार 787 लाभार्थी किसान परिवारों को 184.25 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ीकैंट, देहरादून से इस कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अन्नदाताओं की आय को दोगुना करने तथा उनके जीवन स्तर को उठाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। योजना की 20वीं किस्त जारी किए जाने के साथ ही उत्तराखंड के किसानों को करीब 3300 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के किसानों के कल्याण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। प्रमुख फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि कर किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य प्रदान किया जा रहा है। ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, फसल रोगों और कीटों से होने वाले नुकसान के लिए सुरक्षा कवच भी प्रदान किया जा रहा है। ‘मृदा स्वास्थ्य कार्ड’ योजना के द्वारा खेतों की मिट्टी की वैज्ञानिक जांच कर किसानों को पोषक तत्वों की कमी और आवश्यक उर्वरकों की जानकारी भी दी जा रही है, जिससे उनकी उपज की गुणवत्ता और भूमि की उर्वरता दोनों में सुधार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में किसानों को तीन लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि उपकरण खरीदने के लिए फार्म मशीनरी बैंक योजना के माध्यम से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। किसानों के हित में नहरों से सिंचाई को पूरी तरह मुफ्त किया गया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस के निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान भी किया गया है। गेहूं खरीद पर किसानों को 20 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस प्रदान करने के साथ ही गन्ने के मूल्य में भी 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, ‘स्टेट मिलेट मिशन’ और ‘ड्रैगन फ्रूट नीति’ जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया गया है। इन नीतियों के तहत बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिए किसानों को 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। उत्तराखण्ड राज्य के युवाओं को रोजगार देने में भी प्रदेश अग्रणी बनकर उभरा है। एक वर्ष में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी लाई गई। उत्तराखण्ड देश का सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” को लागू करने वाला राज्य बना। राज्य में प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू करने के बाद लगभग 24 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगारोधी कानूनों को लागू किया गया है। प्रदेश में लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए साढ़े छह हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है। राज्य में ऑपरेशन कालनेमि भी प्रारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से पाखंडियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड को वर्ष 2023-24 में “मिलेट सेक्टर में सर्वश्रेष्ठ प्रदेश“ का पुरस्कार हैदराबाद में आयोजित इंटरनेशनल न्यूट्री-सीरियल कन्वेंशन में प्रदान किया गया। मृदा स्वास्थ्य और उर्वरता योजना तथा जैविक कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य को भारत सरकार से राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि नैनीताल के ग्राम सुनकिया के कृषक हर्ष सिंह डंगवाल को “जैविक इंडिया अवार्ड” मिला, जबकि उत्तरकाशी को लाल धान के लिए “एक जिला-एक उत्पाद” में द्वितीय स्थान और हरिद्वार व टिहरी जनपद को पीएम फसल बीमा योजना में क्रमशः प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, बृज भूषण गैरोला, पूर्व सांसद बलराज पासी, सचिव एस.एन. पाण्डेय, महानिदेशक कृषि रणवीर सिंह चौहान एवं प्रदेशभर से आए किसान उपस्थित थे।

जल निगम के अंतर्गत तैयार किए जा रहे सीवेज मैनेजमेंट प्लांट्स का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करेंः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य गंगा समिति की 18वीं बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि गंगा के संरक्षण और कायाकल्प के लिए किए जा रहे सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए। कहा कि लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट आदि कार्यों के लिए कार्यदायी संस्थाओं को गंभीरता से कार्य किए जाने की आवश्यकता है। मुख्य सचिव ने कहा कि जिला गंगा समितियों की बैठकें भी ससमय अनिवार्य रूप से करवा ली जाएं।

मुख्य सचिव ने कहा कि जल निगम के अंतर्गत तैयार किए जा रहे सीवेज मैनेजमेंट प्लांट्स का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि नई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की बनाने जाने से पहले इसके लिए गठित समिति की संस्तुति अनिवार्य रूप से ले ली जाए। उन्होंने कोटद्वार पौड़ी गढ़वाल एवं रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तिलवाड़ा एसटीपी निर्माण में हो रही देरी के लिए संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों को भूमि हस्तांतरण आदि कार्यों एक माह में निस्तारित कर कार्य पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेशभर में सीवेज मैनेजमेंट का अंतर विश्लेषण करवाये जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने गंगा की विभिन्न सहायक नदियों की फ्लड प्लेन ज़ोनिंग और हाइड्रोलॉजिकल सर्वे कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने मॉनिटरिंग सिस्टम को ऑनलाइन किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाय प्रोडक्ट (ैसनकहम) के लिए स्लज मैनेजमेंट प्लान अनिवार्य रूप से तैयार किया जाए। उन्होंने लेगेसी वेस्ट की बाकी बची ३७ साइट्स को शीघ्र क्लियर किए जाने हेतु कार्य योजना प्रस्तुत किए जाने की बात कही।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, सीसीएफ़ पराग मधुकर धकाते, सदस्य सचिव यूपीसीबी एस पी सुबुद्धि, उपाध्यक्ष एमडीडीए एवं डीजी सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

आदर्श ग्राम सारकोट का अध्ययन करने आएंगे सभी मुख्य विकास अधिकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले में गैरसैंण के निकट सारकोट ग्राम पंचायत की नवनिर्वाचित प्रधान 21 वर्षीय प्रियंका नेगी को बधाई दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार सारकोट को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित कर रही है, अन्य जिलों में भी इसी तरह आदर्श ग्राम बनाए जाएंगे। जल्द ही सभी मुख्य विकास अधिकारी सारकोट का अध्ययन करने के लिए आएंगे।

मुख्यमंत्री ने फोन पर प्रियंका नेगी को बधाई देते हुए कहा कि, जिस तरह सारकोट के ग्रामीणों ने एक पढ़ी लिखी युवा लड़की को अपना प्रधान चुना है, उसके लिए सभी ग्रामीण बधाई के पात्र हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रियंका से कहा कि अब हमें सारकोट को और विकसित करना है, गांव में कृषि, पशुपालन के साथ ही महिला स्वरोजगार से जुड़े सभी कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जाएंगे। सरकार सारकोट को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित कर रही है। इसी की तर्ज पर अन्य जिलों में भी आदर्श ग्राम विकसित किए जाएंगे। जल्द सभी सीडीओ सारकोट के दौरे पर आएंगे। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रियंका को देहरादून आने का भी निमंत्रण देते हुए, गांव के विकास पर मंथन करने का भी आश्वासन दिया। प्रियंका नेगी ने सारकोट को गोद लिए जाने के लिए का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, आदर्श ग्राम सारकोट में पहले के मुकाबले अब सभी जन सुविधाएं उपलब्ध हैं, गांव में कई विकास कार्य सम्पन्न हुए हैं। वो सरकार के सहयोग से गांव के विकास में योगदान देंगी।

सारकोट को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है। हम सभी जिलों में ऐसे आदर्श ग्राम विकसित करेंगे। जहां रोजगार, स्वरोजगार के अवसरों साथ ही सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। इस बार के पंचायत चुनाव में कई युवा और पढ़े लिखे प्रतिनिधि निर्वाचित हुए हैं, जो त्रिस्तरीय पंचायतों के लिए एक शुभ संकेत है, सरकार पंचायतों को पूरा सहयोग प्रदान करेगी।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

सीएम से मिले जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में भारतीय सेना की मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिन्द्य सेनगुप्ता ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य एवं नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को लेकर विचार-विमर्श हुआ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारतीय सेना न केवल देश की एकता, संप्रभुता और अखंडता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, बल्कि नागरिक समाज के साथ समन्वय स्थापित कर विकासात्मक कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता कर रही है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य उत्तराखंड में सेना द्वारा स्थानीय समुदायों की सहायता हेतु विभिन्न सामाजिक उत्तरदायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया जा रहा है। इसके साथ ही, प्राकृतिक आपदाओं के समय सेना द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों में जो सराहनीय सहयोग प्रदान किया जाता है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है।

मुख्यमंत्री ने भारतीय सेना के योगदान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि राज्य सरकार, सेना की सभी महत्वपूर्ण पहलों में पूर्ण सहयोग प्रदान करती रहेगी।

लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने मुख्यमंत्री को सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास हेतु मध्य कमान द्वारा संचालित कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना, सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक विकास हेतु भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास, सामुदायिक सहभागिता, युवाओं के साथ संवाद और अग्रिम क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव दीपेंद्र चौधरी, विनोद कुमार सुमन और अन्य सैन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

प्रदेश के स्कूलों को जोड़कर सरकार नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान पर बना रही व्यापक नेटवर्क

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत राज्य के सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों को सक्रिय रूप से जोड़ा जा रहा है, ताकि बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी जा सके और समाज में दीर्घकालिक बदलाव की नींव रखी जा सके। सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के माध्यम से प्रदेशभर में स्कूली छात्रों को केंद्र में रखकर जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सरकार की मंशा स्पष्ट है हम एक ऐसा उत्तराखंड बनाना चाहते हैं, जहाँ युवा पीढ़ी नशे से मुक्त, जागरूक और सशक्त हो। स्कूली छात्रों को केंद्र में रखकर शुरू किया गया यह जागरूकता अभियान इस दिशा में एक मजबूत कदम है।

इंडियन अकैडमी स्कूल में छात्रों के लिए विशेष व्याख्यान सत्र
इसी क्रम में आज देहरादून के नेहरू ग्राम स्थित इंडियन अकैडमी पब्लिक स्कूल में विशेष व्याख्यान सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण, उत्तराखंड के सहायक निदेशक डॉ. पंकज सिंह ने छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों, लत लगने के जोखिमों तथा इससे बचाव के व्यावहारिक तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था एक संवेदनशील दौर होता है और इस उम्र में नशे की ओर झुकाव जल्दी होता है। ऐसे में छात्रों को समय रहते जागरूक करना बेहद जरूरी है। डॉ. पंकज सिंह ने बताया कि नशे की लत केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर भी गंभीर असर डालती है।

छात्रों से ह्यूमन चेन बनाने का आग्रह
डॉ. पंकज सिंह ने छात्रों से आह्वान किया कि वे इस जानकारी को अपने मित्रों, परिवारजनों और समुदाय के अन्य लोगों तक भी पहुचाएं, ताकि यह एक “ह्यूमन चेन” की तरह समाज में सकारात्मक संदेश फैला सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक निरंतर चलने वाली पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाकर एक नशामुक्त उत्तराखंड की परिकल्पना को साकार करना है।

विद्यालय की भूमिका और छात्रों की सहभागिता
इस कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय की निदेशक मुनेन्द्र खंडूरी की अहम भूमिका रही। प्रधानाचार्य नीलम शर्मा ने कहा माननीय मुख्यमंत्री जी की पहल से अब ज़मीनी बदलाव दिखाई देने लगे हैं। यदि स्कूलों से यह मुहिम शुरू होती है, तो इसका प्रभाव हर घर तक पहुंचेगा। हमारे छात्र ही समाज को नई दिशा दे सकते हैं।

छात्रों की प्रतिक्रियाएं
शिव थपलियाल (छात्र) ने कहा इस मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल सराहनीय है। हमें नशे से दूर रहना चाहिए ताकि भविष्य सुरक्षित रह सके।

नियती उनियाल (छात्रा) ने कहा इस कार्यशाला से बहुत महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलीं। हमें इस अभियान से जुड़कर अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करना चाहिए।

युवा पीढ़ी नशे से मुक्त, जागरूक और सशक्त हो
सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने इस अवसर पर कहा हमारा प्रयास रहेगा कि यह मुहिम हर जिले, हर विद्यालय तक पहुंचे और एक जनांदोलन का रूप ले। उन्होंने आगे कहा इस अभियान में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शिक्षकों और अभिभावकों की सहभागिता से ही दीर्घकालिक सकारात्मक परिणाम सुनिश्चित किए जा सकते हैं। शिक्षकों को चाहिए कि वे छात्रों में संवेदनशीलता एवं आत्मबल बढ़ाने वाले संवादों को प्रोत्साहित करें।

राज्य सरकार एक जनपद, दो उत्पाद योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका को बढ़ावा दे रहीः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डांडा नूरीवाला सहस्रधारा रोड, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹58.32 करोड़ लागत से बनने वाले ग्राम्य विकास भवन का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में पौधारोपण भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्रामीण विकास विभाग के एकीकृत भवन के शिलान्यास पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह भवन ग्रामीण विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि लगभग 58 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस भवन में विभाग की प्रमुख फ्लैगशिप योजनाएं एक ही परिसर में संचालित होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एक जनपद, दो उत्पाद योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने के साथ हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से अपने पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रही है। उन्होंने बताया कि विश्व के प्रमुख देशों में भी राज्य के उत्पादों के निर्यात की योजना पर कार्य किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक 25 करोड़ रुपये के कारोबार को प्राप्त करना है, जिससे राज्य के हज़ारों युवाओं, महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों को स्थायी आजीविका से जोड़ा जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलों के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। होम स्टे योजना के माध्यम से राज्य के दूरस्थ गांव भी अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं। लखपति दीदी योजना से प्रदेश की लाखों महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर सेंटर योजना द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने धार्मिक, साहसिक, ईको-टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म और फिल्म पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों को विकसित किया है। उन्होंने बताया कि राज्य को योग की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए देश की पहली योग नीति शुरू की गई है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से राज्य के चार गांवों – जखोल, हर्षिल, गूंजी और सूपी – को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ग्रामीण विकास क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता अभियान जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत किया गया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के सारकोट गांव को आदर्श गांव बनाने के लिए गोद लिया था, जिसमें राज्य सरकार सफल हुई है। सारकोट के लोग पशुपालन, मशरूम उत्पादन, होम स्टे, मिलेट उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों के परिणामों में राज्य की सबसे युवा प्रतिनिधि के रूप में सारकोट की 21 वर्षीय प्रियंका नेगी प्रधान चुनी गई हैं। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही वे प्रियंका नेगी को आमंत्रित करेंगे और सारकोट सहित प्रदेश के अन्य गांवों के विकास के संबंध में चर्चा करेंगे।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार जिन योजनाओं का शिलान्यास करती है, उनका लोकार्पण भी करती है। उन्होंने कहा कि निश्चित ही जल्द इस भवन का लोकार्पण भी कर लिया जाएगा। यह भवन पहाड़ी शैली में बन रहा है। साथ ही इस नए भवन में सौर ऊर्जा की संपूर्ण व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि लखपति दीदी योजना में अब तक राज्य में 1 लाख 65 हजार लखपति दीदी बनाई गई हैं। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना अंतर्गत 30,678 लोगों को प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें से करीब 19,600 लोगों को रोजगार मिला है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सचिव राधिका झा, अपर सचिव अभिषेक रोहेला, अनुराधा पाल, झरना कमठान एवं ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।