मुख्यमंत्री ने कुमाऊं रेजिमेंट में सैनिकों एवं अग्निवीरों के साथ संवाद कर किया उत्साहवर्धन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र, रानीखेत पहुंचकर अमर बलिदानियों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सैनिकों एवं अग्निवीरों के साथ संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने केंद्र में प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं, आधुनिक हथियारों एवं वीर नारियों के कल्याण की गतिविधियों का अवलोकन भी किया।

कुमाऊं रेजीमेंट मुख्यालय के अपने भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सैन्य अधिकारियों एवं सैनिकों के परिवारजनों से भी भेंट की। सैनिकों एवं अग्निवीरों के संवाद के दौरान मुख्यमंत्री के कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में भारतीय सेना पहले से अधिक सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनी है।

आज हमारी सेना दुश्मनों की गोलियों का जवाब गोलों से देकर देश की सीमाओं की मजबूती से रक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों तथा अमर बलिदानियों के आश्रितों के सम्मान और कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेंशन एवं आर्थिक सहायता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि वीर परिवारों को हर स्तर पर सम्मान, सुरक्षा और संबल मिल सके।

जिलाधिकारियों को कोल्ड वेब एक्शन प्लान तैयार करते हुए कार्यवाही किए जाने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने प्रदेश में शीतलहर की तैयारियों के सम्बन्ध में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को विभिन्न विभागों द्वारा नोडल अधिकारी नामित किया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को कोल्ड वेब एक्शन प्लान भी तैयार करते हुए, उसके अनुसार कार्यवाही किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी जनपदों में बर्फबारी एवं पालाग्रस्त क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर लिया जाए। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शीत़़ऋतु में शीतलहर एवं बर्फबारी से सुरक्षा हेतु सभी जनपदों में अस्थाई रैनबसेरों की व्यवस्था एवं इसके लिए पृथक से नोडल अधिकारी नामित किया जाएं।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आवश्यकतानुसार कम्बलों के वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जनपदों में चिकित्सा स्वास्थ्य हेतु आपातकालीन सेवाओं के लिये कार्यरत चिकित्सकों की सूची, मोबाईल नम्बर एवं आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त मात्रा में भण्डारण भी अनिवार्य रूप से कर लिया जाए। उन्होंने पशुओं के लिए भी पर्याप्त मात्रा में चारा की व्यवस्था तथा दवाइयों का भण्डारण व आपातकालीन सेवाओं के लिए पशु चिकित्सकों की सूची तैयार की जाए।

मुख्य सचिव ने शीतऋतु में शीतलहर एवं बर्फबारी से सुरक्षा हेतु सभी जनपदों में खाद्य आपूर्ति, पेयजल एवं ईंधन का मार्च माह के अन्त तक के लिये पर्याप्त मात्रा में भंडारण की व्यवस्था कर ली जाए। उन्होंने भारी बर्फबारी से प्रभावित होने वाले प्रदेश के सभी दूरस्थ क्षेत्रों में दिसम्बर माह के अंत तक खाद्य, पेयजल एवं ईंधन का भण्डारण अनिवार्य रूप से कर लिया जाए।

मुख्य सचिव ने बर्फ से ढकी सड़कें खुलवाने हेतु आवश्यक उपकरणों, बर्फबारी/पालाग्रस्त स्थानों में साईनेज के साथ रिफलेक्टर आदि की व्यवस्था किये जाने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा ट्रेंकिंग कराने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों के साथ बैठक आहूत करते हुए उनको स्पष्ट रूप से निर्देशित कर दिया जाए कि उनके द्वारा ट्रेकिंग पर भेजे जाने वाले पर्यटकों की पूरी तरह से सुरक्षा हेतु सभी प्रकार की आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाएं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, डॉ. एस.एन. पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन एवं अपर सचिव रंजना राजगुरू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने किया नाबार्ड के राज्य फोकस पेपर 2026-27 का विमोचन

नाबार्ड व राज्य सरकार द्वारा देहरादून में आयोजित सहकारिता मेला 2025 के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नाबार्ड द्वारा तैयार राज्य फोकस पेपर 2026-27 का विमोचन किया।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत, नरेश बंसल, राज्य सभा सांसद, खजान दास, विधायक, राजपुर, सौरभ थपलियाल, महापौर, नगर निगम, देहरादून, मेहरबान सिंह बिष्ट, निबंधक, सहकारी समितियां, उत्तराखंड, पंकज यादव, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड, आदि उपस्थित थे।
यह दस्तावेज़ राज्य के प्राथमिकता क्षेत्रों के लिए ऋण क्षमता का व्यापक आकलन प्रस्तुत करता है, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹65,916 करोड़ अनुमानित है, जो की पिछले वर्ष की तुलना में 20.50% अधिक है ।
जिला स्तर पर तैयार पोटेंशियल लिंक्ड क्रेडिट प्लान (PLPs) के आधार पर तैयार यह दस्तावेज़ संतुलित कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए एक रोडमैप है, जिसमें कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, बुनियादी ढांचा और जलवायु परिवर्तन पहलों जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। नाबार्ड ने राज्य सरकार को समावेशी विकास के लिए ऋण योजना और विकासात्मक हस्तक्षेपों में सहयोग देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
राज्य फोकस पेपर बैंकों और नीति-निर्माताओं के लिए वार्षिक ऋण योजना (ACP) को अंतिम रूप देने और सतत विकास की रणनीतियाँ तैयार करने में एक मार्गदर्शक दस्तावेज़ के रूप में कार्य करेगा।
इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री ने नाबार्ड की इस प्रयास की सराहना की तथा सभी हितधारकों को इस दस्तावेज़ को विभिन्न विभागों की योजनावों में समेकित करने के लिए प्रेरित किया।

सहकारिता केवल आर्थिक मॉडल नहीं, सामाजिक परिवर्तन का माध्यम: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज रेंजर्स ग्राउंड, देहरादून में आयोजित सहकारिता मेला 2025 में प्रतिभाग किया। यह आयोजन “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025” एवं उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में किया गया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सहकारिता मेला केवल उत्पादों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सहकारिता शक्ति, ग्रामीण आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सहकारिता भारतीय जीवन पद्धति का मूल संस्कार रही है, जहां व्यक्ति अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज के सामूहिक हित के लिए कार्य करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में सहकारिता की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है, इसी को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को साकार करने के लिए देश में अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन एक ऐतिहासिक निर्णय है, जिसे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मजबूती से आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आज सहकारिता सुधारों में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। पूरे देश में बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण की शुरुआत उत्तराखंड से हुई और आज प्रदेश की सभी 670 सहकारी समितियां पूर्णतः डिजिटल हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जहां पहले किसान दफ्तरों के चक्कर काटता था, वहीं आज मोबाइल फोन के माध्यम से सभी सेवाओं से जुड़ रहा है— यही कांग्रेस के कागजी मॉडल और भाजपा के जमीनी मॉडल का अंतर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी समितियां अब केवल ऋण देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाइयां, कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में बीमा, पेंशन, बिजली बिल, आधार एवं डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने कहा कि जो संस्थाएं कभी बोझ मानी जाती थीं, वे आज जनता के लिए सुविधा केंद्र बन चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सहकारी समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और सहकारी संस्थाओं को ब्याजमुक्त ऋण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। आज सहकारी बैंकों में हजारों करोड़ रुपये की जमा पूंजी जनता के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है।

महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सहकारिता समितियों और स्वयं सहायता समूहों को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिससे लाखों महिलाएं “लखपति दीदी” बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को केवल नारे दिए, जबकि भाजपा सरकार ने अवसर दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ उत्तराखंड की पहचान और संस्कृति की रक्षा के लिए भी संकल्पबद्ध है। अवैध कब्जों, लैंड जिहाद और अवैध संरचनाओं पर सख्त कार्रवाई की गई है। अवैध मदरसों पर कार्रवाई, ऑपरेशन कालनेमि और समान नागरिक संहिता इसी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया गया है, जिसके चलते हजारों युवाओं को बिना पर्ची-बिना खर्ची सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय नौकरी बिकती थी, जबकि आज योग्यता के आधार पर अवसर मिल रहे हैं।

भ्रष्टाचार पर सरकार की नीति स्पष्ट बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीरो टॉलरेंस के तहत कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा— चाहे वह बड़ा अधिकारी हो या छोटा कर्मचारी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नाबार्ड द्वारा प्रकाशित “स्टेट फोकस पेपर 2026-27, उत्तराखंड” का विमोचन किया तथा सहकारी समूहों को पांच-पांच लाख रुपये के ब्याजमुक्त ऋण के चेक भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहकारिता मेला आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक जनआंदोलन बनेगा और प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के सरकार के “विकल्प रहित संकल्प” को और अधिक मजबूती देगा।

राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक खजान दास, सविता कपूर सहित सहकारिता विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित रही |

भालू हमले की घटना का सीएम ने लिया संज्ञान पीड़ित छात्राओं से की वार्ता, हौसले की तारीफ

जनपद चमोली के विकास खण्ड पोखरी अंतर्गत विद्यालय परिसरों के समीप घटित भालू हमले की घटनाओं को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अत्यंत गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने भालू हमले में घायल हुए पीड़ित छात्र से दूरभाष पर सीधी बातचीत कर न केवल उसका हालचाल जाना, बल्कि उसे ढांढस बंधाते हुए शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उपचार एवं सुरक्षा के हर स्तर पर किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घटना के दौरान अदम्य साहस, सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए भालू से बच्चों की जान बचाने वाली साहसी छात्राओं दिव्या और दीपिका से भी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने छात्राओं की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में जिस साहस, धैर्य और जिम्मेदारी का परिचय उन्होंने दिया है, वह पूरे प्रदेश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की घड़ी में अपनी जान की परवाह किए बिना अन्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना असाधारण साहस का उदाहरण है। उन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि राज्य सरकार ऐसे साहसी बच्चों को सदैव प्रोत्साहित करेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला प्रशासन एवं वन विभाग को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से गश्त बढ़ाई जाए, विद्यालयों, आंगनबाड़ियों एवं आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास सुरक्षा के अतिरिक्त पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो, इसके लिए सभी आवश्यक व प्रभावी कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि घायल छात्र को उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने अधिकारियों से नियमित निगरानी बनाए रखने और स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर विश्वास कायम करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार के लिए बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नागरिकों की जान-माल की रक्षा के लिए सरकार हर परिस्थिति में पूरी प्रतिबद्धता और कठोरता के साथ कार्य करेगी।

सीएम ने मुख्यसेवक के स्टाल पर बैठकर सुनी जनसमस्याएं, दिए त्वरित समाधान के निर्देश

प्रशासन गाँव की ओर अभियान के अंतर्गत विकासखंड ताड़ीखेत की न्याय पंचायत जैनोली में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री ने स्वयं प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिविर में लगाए गए सभी विभागों के स्टालों का एक-एक कर निरीक्षण किया तथा मुख्यसेवक के स्टाल पर बैठकर आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना।

मुख्यमंत्री ने शिविर में उपस्थित नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए प्राप्त शिकायतों पर एक-एक कर चर्चा की और संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित एवं समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सेवाएं आमजन को उनके द्वार पर उपलब्ध हों, ताकि उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से दौड़-भाग न करनी पड़े। अधिकारी स्वयं गांव में आकर जनता के कार्य करेंगे और उनकी परेशानियों का समाधान करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सभी विभाग एक ही मंच पर जनता के द्वार पर उपस्थित हैं और आमजन को इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए। यह कार्यक्रम विशेष रूप से जनता की सुविधा के लिए आयोजित किए जा रहे हैं।

शिविर के दौरान पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज जैनोली के जर्जर भवन को लेकर प्राप्त शिकायत पर मुख्यमंत्री ने विद्यालय भवन के जीर्णोद्धार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन गाँव की ओर अभियान शासन और जनता के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता को सशक्त करने की दिशा में एक प्रभावी पहल है, जिससे जनसमस्याओं का समाधान त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी रूप से किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, जॉइंट मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

रैनबसेरों में शौचालय, पेयजल, प्रकाश, बिस्तर सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं रहें उपलब्धः डीएम

जिलाधिकारी सविन बंसल ने लालपुल स्थित नगर निगम के रैनबसेरा का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रैनबसेरा में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रैनबसेरा में प्रतिदिन ठहरने वाले निराश्रित व्यक्तियों की जानकारी ली, जिस पर बताया गया कि विगत एक सप्ताह से प्रतिदिन लगभग 15 से 19 निराश्रित लोग रैनबसेरा में रात्रि विश्राम कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने रैनबसेरा परिसर में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने तथा रहने वाले व्यक्तियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि शहर के सभी रैनबसेरों में शौचालय, पेयजल, प्रकाश, बिस्तर सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें एवं साफ-सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने शीतलहर के दृष्टिगत निर्देश दिए कि निराश्रित एवं बेसहारा व्यक्तियों को रैनबसेरों में सुरक्षित रूप से ठहराया जाए तथा शहर के चिन्हित सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शीतकाल में निराश्रितों की सुरक्षा एवं सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इस संबंध में सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नमामी बंसल, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने अल्मोड़ा में किया सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ, की अनेक घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा में सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने फुटबॉल और बैडमिंटन प्रतियोगिता का उद्घाटन किया तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी एकता बिष्ट और खेल प्रशिक्षकों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि जनपद अल्मोड़ा में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जी.आई.सी. ग्राउंड में हॉकी एवं फुटबॉल के लिए दिन एवं रात्रि उपयोग हेतु बहुउद्देशीय आर्टिफिशियल टर्फ मैदान का निर्माण किया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्वच्छ व हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने हेतु 200 सोलर लाइटें उपलब्ध कराई जाएंगी। हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम, अल्मोड़ा में 50 बिस्तरों की क्षमता वाला छात्रावास बनाया जाएगा। वहीं, हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम का बैडमिंटन कोर्ट अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार पुनर्निर्मित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है, जो अपने परिश्रम, प्रतिभा और संकल्प के बल पर सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति मानकर ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उनकी प्रेरणा से “फिट युवा फॉर विकसित भारत” की थीम पर आयोजित हो रहा यह “सांसद खेल महोत्सव” केवल एक सामान्य खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का एक महाभियान है। यह हमारे गाँव-गाँव में छिपी खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का सशक्त मंच प्रदान करने के साथ ही युवा शक्ति में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और संघर्षशीलता जैसे गुणों को विकसित करने का प्रभावी माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन से उत्तराखंड “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित हुआ है। राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर एक नया इतिहास रचा है। उत्तराखंड अब विश्वस्तरीय “स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर” के मामले में भी देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है और अब प्रदेश में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी होने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में शीघ्र ही एक “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान” लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय तथा लोहाघाट में एक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेज़ी से कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति भी लागू की गई है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदियमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते युवा खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा के समग्र विकास के लिए पर्यटन, रोजगार और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने हेतु भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत पिछले चार वर्षों में अल्मोड़ा जनपद में ढाई सौ किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया गया है। साथ ही करोड़ों रुपये की लागत से विभिन्न मोटरमार्गों का निर्माण एवं नवीनीकरण भी किया गया है। लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से अल्मोड़ा- पौड़ी गढ़वाल-रुद्रप्रयाग को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कराया गया है। लगभग 922 करोड़ रुपये की लागत से अल्मोड़ा-बागेश्वर सड़क के चौड़ीकरण को भी मंजूरी दी गई है। ‘उड़ान योजना’ के अंतर्गत अल्मोड़ा में पर्यटन को बढ़ावा देने और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से हेली सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। फलसीमा में हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है, जो क्षेत्र को बेहतर हवाई सेवाओं से जोड़ते हुए आवागमन को और अधिक सुलभ बनाएगा। क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को सशक्त बनाने के लिए गगास नदी पर 31.27 करोड़ रुपये की लागत से जलाशय परियोजना का कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए शोभन सिंह जीना मेडिकल इंस्टीट्यूट में 100 नई एमबीबीएस सीटें बढ़ाने के साथ-साथ 36 आईसीयू बेड भी जोड़े गए हैं, जिससे भविष्य में चिकित्सा सुविधाएं और अधिक बेहतर होंगी।

कार्यक्रम के दौरान सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री भारत सरकार अजय टम्टा, मेयर नगर निगम अजय वर्मा, जागेश्वर विधायक मोहन सिंह मेहरा, उपाध्यक्ष महिला उद्यमिता परिषद गंगा बिष्ट, अध्यक्ष जिला पंचायत हेमा गैड़ा, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा महेश नयाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री संकल्प का ग्राउंड एक्शनः ग्राम पंचायत दुधली में जिला प्रशासन ने सुनी जन समस्याएं

मुख्यमंत्री की पहल पर संचालित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार, प्रशासन गांव की ओर अभियान के अंतर्गत विकासखंड डोईवाला के राजकीय इंटर कॉलेज दुधली में एसडीएम अपर्णा ढ़ौडियाल की अध्यक्षता में बहुउदेशीय शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान विधायक बृजभूषण गौरोला, प्रमुख क्षेत्र पंचायत डोईवाला, जिला अध्यक्ष भाजपा सहित अन्य जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्र से जुड़ी 53 समस्याएं एसडीएम के समक्ष रखी। जिसमें से 15 समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया गया और विभागों से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शिविर में ग्रामीणों को जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और कुल 430 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ प्रदान किया गया।

बहुउद्देशीय शिविर में पंचायतीराज विभाग द्वारा 25 परिवार रजिस्टर की नकल, 03 जन्म-मृत्यु, 07 राशन कार्ड से समस्या का निस्तारण किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा 35 पात्र लाभार्थियों के किसान, विधवा, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत की गई। होम्योपैथिक चिकित्सा 34, पशुपालन 16, कृषि 28, उद्यान 07 लाभार्थियों को निःशुल्क सेवाएं प्रदान की गई। विद्युत विभाग द्वारा 06 बिजली के बिल संबंधी समस्याओं का निस्तारण किया गया। वही श्रम विभाग द्वारा 05 श्रमिकों के श्रम कार्ड बनाए गए।

बहुउदेशीय शिविर में कुल 53 समस्याएं प्राप्त हुई, जिसमें से सबसे अधिक 12 समस्याएं वन विभाग से संबंधित थी। वही लोक निर्माण विभाग की सड़कों से संबंधित 09, सिंचाई व लघु सिंचाई विभाग की सुरक्षा दीवार एवं नहरों से जुड़ी 12, ग्राम्य विकास की 05 सहित पेयजल, विधुत, राजस्व, परिवहन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा की एक-एक शिकायत मिली। जिसमें 15 शिकायतों का मौके पर निराकरण किया गया। जबकि विभागों से जुड़ी शिकायतों के लिए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देशित दिए गए। इस अवसर पर न्याय पंचायत के ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

2047 का भारत आज के बच्चों के संकल्प से बनेगा: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सरस्वती शिशु मंदिर, ताड़ीखेत में अध्ययनरत स्कूली बच्चों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर विद्यालय के छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह और प्रसन्नता देखने को मिली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों का स्नेहपूर्वक अभिवादन करते हुए कहा कि आप सभी उत्तराखंड और देश का भविष्य हैं।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए वर्ष 2047 का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होंगे और तब देश की बागडोर आज के बच्चों के हाथों में होगी। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत 2047” केवल एक सरकार का नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी का सामूहिक संकल्प है, जिसकी सिद्धि सभी के साझा प्रयासों से ही संभव है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को अनुशासन और समय पालन का महत्व समझाते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए समय का सदुपयोग और अनुशासित दिनचर्या अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बच्चों से उनके स्कूल आने-जाने की दिनचर्या पर सहज प्रश्न करते हुए संवाद को रोचक बनाया और मुस्कराते हुए अनुशासन को सफलता की कुंजी बताया।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को पौष्टिक भोजन एवं अच्छे स्वास्थ्य का महत्व बताते हुए कहा कि आगे बढ़ने के लिए शरीर और मन दोनों का स्वस्थ होना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को संतुलित आहार लेने और नियमित रूप से खेलकूद में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों को बताया कि आज का दिन विशेष है, क्योंकि आज महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती है, जिसे राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने शिक्षा को व्यक्ति, समाज और राज्य के सर्वांगीण विकास की सबसे मजबूत नींव बताते हुए बच्चों से खूब पढ़ने, खूब खेलने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ के बच्चे कठिन परिस्थितियों में पलकर संघर्ष करना सीखते हैं, जिससे उनमें आगे बढ़ने की विशेष क्षमता होती है। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य निर्धारण, अच्छे नागरिक बनने और अपने कर्तव्यों के निर्वहन का संदेश दिया। साथ ही नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए नशा मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को मजबूत करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से अपनी भाषा, बोली और संस्कृति पर गर्व करने का आह्वान करते हुए कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है, वही ऊँचाइयों तक पहुँचता है। संवाद के अंत में उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में उत्तराखंड का हर बच्चा देश को दिशा देने वाला नागरिक बनेगा। मुख्यमंत्री ने बच्चों से मेहनत, ईमानदारी और बड़े सपने देखने का संदेश देते हुए कहा कि सरकार सदैव उनके साथ खड़ी है।