आयुष्मान योजना के अंतर्गत प्रदेश के लगभग 17 लाख से अधिक मरीजों का 3300 करोड़ रुपये से अधिक का हुआ कैशलेस उपचार: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से चयनित राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 142 असिस्टेंट प्रोफेसर्स को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नव नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर्स को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये अवसर चिकित्सा के क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि सभी अपने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ उनके भीतर संवेदनशीलता, सहानुभूति और सेवा की भावना भी विकसित करें। जिससे वे कुशल और दक्ष चिकित्सक बनने के साथ समाज के प्रति अपने कर्तव्यों और मानवता के प्रति अपने उत्तरदायित्व को भी पूरी ईमानदारी से निभाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार, प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण पर निरंतर कार्य कर रही है। राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय सुविधाएँ सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक करीब 61 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए हैं। जिसके माध्यम से प्रदेश के लगभग 17 लाख से अधिक मरीजों का 3300 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस उपचार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित कर रही है। जिससे सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों को उनके जिले में ही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इनमें से पाँच मेडिकल कॉलेज पहले से ही संचालित किए जा चुके हैं, जबकि दो और मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी विभाग भी स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा हल्द्वानी में राज्य के प्रथम आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। साथ ही हेली एंबुलेंस, आपातकालीन परिस्थितियों में सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है। राज्य में मरीजों को पैथोलॉजिकल जांचों की भी निःशुल्क सुविधा प्रदान की जा रही है। टेलीमेडिसिन सेवाओं के माध्यम से दूरदराज के गाँवों में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा परामर्श सुविधा भी प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी को दूर किया जा रहा है। 142 असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर रहे हैं, साथ ही 356 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी गतिमान है। 1248 नर्सिंग अधिकारियों और 170 टैक्नीशियनों को भी नियुक्तियां प्रदान की गई है और करीब 600 नर्सिंग अधिकारियों की चयन प्रक्रिया भी गतिमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहले भर्तियों में भारी पक्षपात, धांधली और भ्रष्टाचार हुआ करता था। हमने, राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। आज सभी चयन प्रक्रियाएँ मेरिट के आधार पर सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों को उनके कौशल और परिश्रम का पूरा लाभ मिल रहा है। अब तक प्रदेश के लगभग 27 हजार युवा सरकारी नौकरी पाने में सफल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा जहां भी पद रिक्त हैं, उन्हें जल्द से जल्द आयोग के माध्यम से भरा जायेगा।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आज मेडिकल कॉलेज में 62 प्रतिशत परमानेंट फैकल्टी हैं। भविष्य में ये संख्या और बढ़ने वाली है। उन्होंने कहा पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का काम 70 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। अगले सत्र से दोनों मेडिकल कॉलेज शुरू हो जाएंगे। राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 625 बच्चे एमबीबीएस और 256 बच्चे पीजी कर रहे हैं। राज्य में करीब 100 कॉलेज हैं, जिसमें से 14 हजार बच्चे हर साल नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा हाल ही में नियुक्त हुए 3000 नर्सिंग स्टाफ में 100 प्रतिशत लोग उत्तराखंड राज्य के हैं। उन्होंने कहा राज्य में 32 लाख लोगों की निःशुल्क जांच, 350 लोगों को एयर एम्बुलेंस से हाइय सेंटर रेफर किया गया है।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, विधायक खजान दास, सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अजय आर्य एवं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य मौजूद थे।

कूटरचित दस्तावेज से बुजुर्ग की सम्पति कराई पत्नी के नाम, डीएम ने दर्ज कराया मुकदमा, गिफ्ट डीड भी की रद्द

जिलाधिकारी सविन बंसल को 88 वर्षीय बीमार बुजुर्ग राजेन्द्र स्वरूप अग्रवाल द्वारा एक गंभीर शिकायत प्रस्तुत की गई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बड़े पुत्र ने उनके नाम पर बनाई गई पावर ऑफ अटॉर्नी का दुरुपयोग करते हुए उनकी नेहरू कालोनी स्थिति 2 संपत्तियों को गलत तरीके से अपनी पत्नी पूजा अग्रवाल के नाम गिफ्ट डीड के माध्यम से हस्तांतरित कर दिया।

नेहरू कालोनी स्थित 2 सम्पतियों को कूटरचित दस्तावेजों एवं धोखे से पावर ऑफ अटार्नी करवाकर बुजुर्ग की सम्पत्ति हड़पने का मामला डीएम के सम्मुख आया, जिस पर जिला प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए डीड रद्द करने की कार्यवाही की जा रही है। पिता के अधिकारों को अतिक्रमित करते हुए बेटे ने सम्पति को अपनी पत्नी के नाम करा दिया। सम्पति से प्राप्त किराये से पिता का उपचार चलता था। गिड़गिड़ाते हुए बजुर्ग पिता ने उपहार डीड रद्द करने की जिलाधिकारी से गुहार लगाई थी।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने मामले को गंभीरता से संज्ञान लेते हुए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) तथा उप निबंधक कार्यालय को प्रकरण की जांच कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि वृद्धजनों के साथ किसी प्रकार का धोखाधड़ी, दबाव या कूटरचना कर संपत्ति हड़पने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रकरण की पूरी जांच कर दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से गुहार लगाते हुए बताया कि वे उपचार हेतु अपनी बेटी के पास गाजियाबाद गए हुए थे, इसी दौरान बड़े पुत्र ने कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग कर नेहरू कॉलोनी स्थित उनकी दो संपत्तियों को अपने पक्ष में कर लिया। बुजुर्ग ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उक्त गिफ्ट डीड को निरस्त कराया जाए तथा दोषियों पर कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी के निर्देश पर रजिस्ट्रार कार्यालय ने सम्बन्धित के विरूद्ध थाना नेहरू कालोनी में दर्ज कराया वाद। जिला प्रशासन द्वारा तथ्यों की पड़ताल करते हुए उपहार डीड रद्द कर दिया गया है।

डीएम दरबार: बेटे ने धोखे से बनाई वसीयत, माता मुन्नी देवी की शिकायत पर भरण पोषण एक्ट में वाद हुआ दर्ज

जिलाधिकारी सविन बसंल ने ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम में जन समस्याएं सुनी। दूर दराज से भारी संख्या में पंहुचे लोगों ने घरेलू व जमीन विवाद, सीमांकन, ऋण माफी, आर्थिक अनुदान, भरण पोषण, प्रमाण पत्र आदि से जु़ड़ी 176 समस्याएं रखी। जिलाधिकारी ने मौके पर ही कई मामलों का ऑन द स्पॉट निस्तारण किया साथ ही कुछ प्रकरणों को इससे जुड़े विभागों को अग्रसारित करते हुए विधि सम्मत त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उच्च प्राथमिकता पर उनका समाधान करना सुनिश्चित करें।

बेटी ने ही कर दी घोखाधडी। चलने फिरने में असमर्थ 93 वर्षीय बुजुर्ग प्रेम सिंह ने अपनी ही बेटी पर धोखाधडी कर उनके बैंक से ही 10 लाख निकालने की शिकायत पर लीड बैंक अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं बुजुर्ग मुन्नी देवी ने बताया कि पति की मृत्यु की बाद उनके छोटे बेटे ने घर की सारी संपत्ति एवं बैंक खातों में जमा पूंजी धोखे से वसीयतनामा बनाकर अपने नाम कर दी है। इस पर डीएम ने भरण पोषण एक्ट में वाद दायर करते हुए वसीयतनामा की विधिक जांच कराने के निर्देश दिए। पंडितवाडी निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला लता त्यागी ने बहू द्वारा घर कब्जा करने और घर से निकालने की शिकायत पर भी भरण पोषण एक्ट में वाद दायर कराया गया। दुर्गा नगर निवासी बजुर्ग राधा ने बताया कि उन्होंने एमडीडीए चन्द्रनगर कॉलोनी में अपनी बेटी को रहने के लिए घर दिया था, लेकिन पिता की मृत्यु के बाद बेटी ने उस धोखे से उस घर ही कब्जा कर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवा दी है। इस पर डीएम ने एडीएम को सब रजिस्ट्रार से रिपोर्ट तलब कराई।

विधवा नेहा ने ऋण माफ करने की गुहार लगाते हुए बताया कि उनके पति ने बैंक से 5 लाख का ऋण लिया था। करंट लगने से उनके पति की आकस्मिक मृत्यु हो गई है। तीन साल तक बैंक किस्त नियमित जमा की है। परंतु उनके पास कोई काम नहीं होने के कारण वो किस्त भरने में असमर्थ है। जिस पर लीड बैंक अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए।

शारीरिक रूप से दिव्यांग वकील साहनी ने बताया कि उनकी अभी तक दिव्यांग पेंशन नहीं लगी है। इस पर 80 प्रतिशत दिव्यांग व्यक्ति की मौके पर ही पेंशन स्वीकृत की गई। वहीं 70 वर्षीय बुजुर्ग इन्दु राजवंशी ने वृद्धावस्था पेंशन की लगने की समस्या पर उनका आय प्रमाण पत्र बनाने के लिए मौके पर ही आवेदन कराया गया।

विधवा पिंकी देवी ने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए आर्थिक सहायता चाहने पर एसडीएम को जांच कर प्रकरण प्रस्तुत करने को कहा गया। अपना इलाज कराने में असमर्थ विधवा एकादशी देवी ने उपचार के लिए आर्थिक सहायता की गुहार पर एसडीएम को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया। गरीब महिला सर्वेश एवं माहेश्वरी देवी ने प्रधानमंत्री आवास की गुहार लगाई। परिवार की कमजोर आर्थिकी का हवाला देते हुए सपना ने नर्सिंग की पढ़ाई जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। जिस पर डीपीओ को प्रकरण की जांच करने को कहा गया।

एक पैर से दिव्यांग रेखा देवी ने पुत्री की शादी के लिए आर्थिक सहायता की गुहार पर ओसी क्लेक्ट्रेट को जांच करवा के प्रकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही समाज कल्याण अधिकारी को महिला का दिव्यांग प्रमाण पत्र भी बनाने को कहा गया।

अठूरवाला निवासी अनीता चौहान ने जिलाधिकारी से गुहार लगाएगी दैवीय आपदा के दौरान उनका मकान ध्वस्त हो गया है उन्होंने पुनर्विस्थापन की टीम से गुहार लगा जिस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी एवं निदेशक टीडीसी पुनर्वास को कार्रवाई के निर्देश दिए।

देहरादून से भानिवयावाला, जौली होते हुए थानों तक परिवहन निगम, स्मार्ट सिटी या इलेक्ट्रिक बस सेवा न होने से क्षेत्रवासियों को हो रही परेशानी की शिकायत पर डीएम ने एडीएम से अभी तक बस सेवा शुरू न किए जाने की रिपोर्ट तलब की है। थानों में अवैध मस्जिद एवं अवैध रूप से चल रहे मदरसा की शिकायत पर अपर जिलाधिकारी ने एडीएम को जांच कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। कुडियाल के सदस्य क्षेत्र ने थानों क्षेत्र में फलदार एवं हरे भरे पेड़ों को अवैध तरीके से काटे जाने की शिकायत पर एडीएम को जांच कराने के निर्देश दिए। जोलियो के समस्त ग्राम वासियों ने ग्राम समाज, वन पंचायत की जमीन पर भू माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा मुक्त करवाने पर तहसीलदार को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायत झाझरा की भूमि पर अवैध रूप से झुग्गी-झोपड़ी बनाकर किए गए अतिक्रमण की शिकायत पर जांच के निर्देश दिए गए। कारगी ग्रंाट में ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत पर अपर नगर आयुक्त को त्वरित कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए। लोनिवि द्वारा दारागाड-कथियान मोटर मार्ग पर अनियमितता के साथ अवैध अतिक्रमण की शिकायत पर एसडीएम चकराता व अधिशासी अभियंता को संयुक्त जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। सुन्दरवाला निवासी ओमकार शर्मा ने 33 केबी विद्युत पोल एवं तारें भवन के ऊपर से हटवाने का अनुरोध पर अधिशासी अभियंता को नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया।

पुनीत अग्रवाल ने घर से चोरी हुए आभूषण एवं नकदी की बरामदगी कराए जाने पर सीओ पुलिस को प्रकरण की स्वयं समीक्षा करते हुए तत्काल आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। मौ0 इकबाल, शाहिद, फहीम, फुरकाना, खुर्शीद अहमद, अगस्त में अतिवृष्टि व बाढ़ से घर क्षतिग्रस्त एवं बाथरूम टूट जाने आर्थिक अनुदान सहायता की गुहार लगाई।

इस दौरान पीडित लोगों ने भूमि का सीमांकन, रजिस्ट्री, अवैध कब्जा हटवाने से जुड़ी तमाम शिकायतें और समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जनता दरबार में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम हरिगिरी, एसडीएम विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

डिजिटल उत्तराखंड की दिशा में बड़ा कदम, सीएम धामी ने क्रिएटर्स मीट 2025 में रखी नई दृष्टि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित “उत्तराखंड क्रिएटर्स मीट–2025” में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जुड़े अनेक कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल उद्यमी, व्लॉगर्स तथा युवा इंफ्लुएंसर्स ने प्रतिभाग किया ।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अनेक सोशल मीडिया क्रिएटर्स से अनौपचारिक संवाद किया तथा उनके प्रश्नों का उत्तर दिया। युवा कंटेंट क्रिएटर्स के साथ हुए इस संवाद को मुख्यमंत्री ने “युवा सोच और डिजिटल ऊर्जा का संगम” बताया।

*विकसित भारत—श्रेष्ठ भारत में उत्तराखंड की भूमिका पर मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण*

एक युवा सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत–श्रेष्ठ भारत @2047’ दृष्टिकोण में उत्तराखंड की भूमिका के बारे में प्रश्न किया। इसका उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विकसित भारत का आधार तभी सुदृढ़ होगा जब देश और राज्य का हर ब्लॉक, हर तहसील, हर जिला और हर गांव सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है—चाहे वह बुनियादी ढांचा हो, पर्यटन, महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य या उद्यमिता—सभी क्षेत्रों में तेज़ प्रगति की जा रही है।

*भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री का स्पष्ट रुख*

एक अन्य क्रिएटर द्वारा भ्रष्टाचार से जुड़े प्रश्न पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि अब तक 200 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और “भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई आगे भी पूरी दृढ़ता से जारी रहेगी।”

*राज्य में हो रहे विकासात्मक प्रयासों का उल्लेख*

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य की सामूहिक प्रगति के लिए अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की GSDP को दोगुना करने के लक्ष्य पूरा हो चुका है | हेली कनेक्टिविटी को बड़े स्तर पर विस्तार दिया जा रहा है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन आसान हुआ है, उत्तराखंड में औद्योगिक क्रांति और निवेश वातावरण को सुदृढ़ बनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास किए जा रहे हैं | ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और श्रृंखलाबद्ध रोड शो के माध्यम से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है
अब तक 3.56 लाख करोड़ से अधिक के MOU साइन किए जा चुके हैं और 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है| राज्य में पर्यटकों की संख्या हर वर्ष नया रिकॉर्ड बना रही है,सरकार के प्रयासों से शीतकालीन यात्रा के भी अत्यंत सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं

*महिला सशक्तीकरण पर मुख्यमंत्री का संदेश*

राज्य में महिलाओं की भूमिका पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने स्वरोज़गार, स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, स्वयं सहायता समूहों और पारंपरिक कौशल के क्षेत्र में पूरे देश के सामने उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाओं द्वारा बनाए जाने वाले स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता इतनी उत्कृष्ट है कि वे कई मल्टीनेशनल कंपनियों के उत्पादों से भी बेहतर हैं। सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण तथा उनकी उद्यमशीलता को और मजबूत करने के लिए लगातार नई योजनाओं पर कार्य कर रही है।

*राज्य की सोशल मीडिया नीति पर मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण*

राज्य की आगामी सोशल मीडिया नीति से जुड़े प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष तक उत्तराखंड सरकार की नई सोशल मीडिया नीति लागू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह नीति डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सूचनाओं के बेहतर प्रसारण, सरकारी योजनाओं के प्रभावी संप्रेषण तथा राज्य के युवाओं और क्रिएटर्स को अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर केंद्रित होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि क्रिएटर कम्युनिटी को प्रोत्साहित किया जाए और डिजिटल माध्यमों के जरिए राज्य की संस्कृति, पर्यटन, उद्यमिता एवं उपलब्धियों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अधिक प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया जाए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया आज सूचना, संवाद और जनभागीदारी का सबसे सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज किसी भी घटना की जानकारी कुछ ही सेकंड में लाखों–करोड़ों लोगों तक पहुँच जाती है और सोशल मीडिया ने आम नागरिक की आवाज को एक व्यापक मंच प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक पहलू को प्रभावित करने वाला एक प्रभावशाली मंच बन गया है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका अब केवल कंटेंट क्रिएशन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सामाजिक परिवर्तन लाने वाले सोशल चेंज मेकर्स के रूप में महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की शक्ति के कारण ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को शासन व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बना दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य सरकार भी डिजिटल उत्तराखंड के निर्माण हेतु संकल्पबद्ध है। शासन को अधिक पारदर्शी व उत्तरदायी बनाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल व्यापक स्तर पर किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मुख्यमंत्री कार्यालय सहित विभिन्न विभाग सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं। पहले शिकायत दर्ज कराने के लिए कार्यालयों में बार-बार जाना पड़ता था, जबकि अब एक ट्वीट या संदेश के माध्यम से तत्काल सुनवाई और समाधान संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने सरकार और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण किया है, जिससे प्रशासन और अधिक संवेदनशील और जवाबदेह हुआ है।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ इसके दुरुपयोग के मामले भी सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया का प्रयोग गलत अफवाहें फैलाने, सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने और जनहितकारी योजनाओं के बारे में भ्रम उत्पन्न करने के लिए करते हैं। उन्होंने सभी कंटेंट क्रिएटर्स से आग्रह किया कि किसी भी भ्रामक या तथ्यहीन सामग्री का न केवल फैक्ट-चेक करें, बल्कि उसके सही तथ्यों को लोगों तक पहुँचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई नकारात्मक कंटेंट क्रिएटर्स अधिक व्यूज और फॉलोअर्स पाने की होड़ में समाज, धर्म, सरकार या प्रदेश की छवि को नुक़सान पहुँचाने वाली सामग्री प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रसिद्धि की इस प्रतिस्पर्धा में नैतिक जिम्मेदारी और सामाजिक कर्तव्य को ध्यान में रखना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स राज्य के विकास में भी बड़ा योगदान दे सकते हैं। उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों, स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक धरोहर और समाज की उपलब्धियों पर आधारित सकारात्मक सामग्री न केवल राज्य की छवि को मजबूत करेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुँचाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी स्थानीय कारीगर या उत्पाद की एक सकारात्मक कहानी उसे राष्ट्रीय पहचान दिला सकती है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि किसी भी समस्या, शिकायत या जनहित से संबंधित जानकारी की जानकारी क्रिएटर्स को मिलती है, तो वे इसे तुरंत सरकार तक पहुँचाएँ। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसी प्रत्येक जानकारी पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्रिएटर्स की जागरूकता और रचनात्मकता शासन-प्रशासन को और अधिक प्रभावी और संवेदनशील बनाने में सहायक सिद्ध हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वोत्तम राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” के मंत्र के साथ निरंतर कार्य कर रही है और उन्हें विश्वास है कि इस संकल्प को साकार करने में क्रिएटर समुदाय भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, जागर गायक प्रीतम भरतवाण, तथा देश–प्रदेश भर से आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एवं क्रिएटर्स उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में पहली बार, विज्ञान को नई दिशा देने वाली पहलें, विज्ञान रेडियो को स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। उत्तराखण्ड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने बताया कि राज्य में पहली बार शुरू की गई अनेक पहलें विज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने में ऐतिहासिक सिद्ध हो रही हैं।

विज्ञान रेडियो 88.8 MHz की स्वीकृति

राज्य में पहली बार विज्ञान रेडियो 88.8 MHz को स्वीकृति मिली है। यह पहल विज्ञान को सरल, रोचक और जनहितकारी स्वरूप में प्रत्येक घर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

She for STEM’ कार्यक्रम का शुभारंभ

महिलाओं और छात्राओं को STEM क्षेत्रों में प्रेरित करने हेतु पहली बार She for STEM कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया, जिसके माध्यम से हजारों छात्राओं को मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण मिल रहा है।

राज्य के सभी 13 जनपदों में पहली बार एक-एक मोबाइल विज्ञान प्रयोगशाला Lab on Wheels संचालित होने लगी है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगात्मक शिक्षा उपलब्ध हो रही है।

60 पेटेंट सूचना केंद्रों की स्थापना
राज्य के महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और विभिन्न संस्थानों में पहली बार 60 पेटेंट सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो नवाचार, शोध एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत कर रहे हैं।

पहली बार राज्य के सभी जनपदों और ब्लॉकों में साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रीमियर लीग आयोजित की जा रही है, जिसमें हजारों छात्र शामिल होकर विज्ञान के प्रति प्रतिस्पर्धात्मक और रचनात्मक दृष्टिकोण विकसित कर रहे हैं।

उत्तराखण्ड में विज्ञान और नवाचार को जनआंदोलन बनाने का हमारा संकल्प अब साकार रूप ले रहा है। UCOST द्वारा पहली बार शुरू की गई ये पहलें न सिर्फ हमारे युवाओं को नई दिशा दे रही हैं, बल्कि विकसित उत्तराखण्ड @2027 और विकसित भारत @2047 के संकल्प को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। हम चाहते हैं कि विज्ञान की रोशनी हर गांव, हर स्कूल और हर घर तक पहुँचे। हमारी सरकार युवा वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, स्टार्टअप्स और विशेष रूप से बेटियों को STEM क्षेत्रों में अग्रसर करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उत्तराखण्ड आने वाले समय में विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में देश का प्रेरक राज्य होगा।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

मेधावियों से बोले सीएम, डायरी में अपनी भारत दर्शन यात्रा के अनुभव को लिखकर, उत्तराखंड में पहली बार हुए नवाचारों को भी दर्ज करें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा – 2025 में हाईस्कूल परीक्षा के टॉपर 240 छात्र – छात्राओं के दल को “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण” के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उक्त छात्र- छात्राएं अलग- अलग दलों में विभिन्न राज्यों का भ्रमण करेंगे।

एससीईआरटी ननूरखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम” के जरिए प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को भारत की प्रगति, विज्ञान, तकनीक, इतिहास और संस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से देखने-समझने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने छात्र -छात्राओं से अपील करते हुए कहा कि वो अपनी डायरी में यात्रा अनुभव लिखने के साथ उत्तराखंड में पहली बार हुए नवाचारों और उपलब्धियों को भी दर्ज करें। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तराखंड ने देश में पहली बार यूसीसी लागू कर अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल प्रस्तुत किया है। इसी तरह राज्य में पहली बार सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को पहली बार सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रथम स्थान मिला, इसी तरह, 2023 में कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में उत्तराखंड की झांकी को प्रथम स्थान मिला, राज्य में पहली बार 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है, उत्तराखंड में पहली बार राष्ट्रीय खेलों का भी आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई। राज्य में पहली बार 10 हजार हजार एकड़ जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई, साथ ही साथ मदरसा बोर्ड को समाप्त किया गया, इसी तरह उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण से लौटने बाद इस डायरी के आधार पर प्रत्येक जनपद से दो – दो छात्र – छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कि वर्ष 2024-25 से प्रारम्भ इस कार्यक्रम के प्रथम चरण में 156 छात्रों ने देश के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक व तकनीकी संस्थानों का भ्रमण किया, इस वर्ष प्रतिभागियों की संख्या बढ़कर 240 हो गई है। ये प्रतिभान छात्र- छात्राएं इसरो, श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, प्रोफेसर यूआर राव उपग्रह केंद्र, और विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र जैसे संस्थानों का दौरा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने छात्र – छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब वो इन संस्थानों का भ्रमण करेंगे तो उन्हें ये अनुभव होगा कि तकनीक के क्षेत्र में आज का नया भारत कितना आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि किताबों से मिली शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रत्यक्ष अनुभव से समझ और दृष्टिकोण में कई गुना वृद्धि होती है। इस यात्रा का एक बड़ा लाभ ये होगा कि छात्र-छात्राओं में टीमवर्क, सामाजिक कौशल और आत्मविश्वास का विकास होगा। इस भ्रमण से प्राप्त अनुभवों को वो जीवनभर याद रखेंगे और उत्तराखंड के ब्रांड एम्बेसेडर के रूप में देश के विभिन्न भागों में हमारी संस्कृति, प्रकृति, खान-पान और पर्यटन की विशेषताओं को साझा करेंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज का युग ज्ञान और कौशल का युग है। भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण पर जाने वाले छात्र – छात्राएं भविष्य में जिस भी क्षेत्र में जाएंगे अपने ज्ञान और कौशल से वो भविष्य के हमारे वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, उद्यमी, कलाकार और नीति निर्माता बनेंगे। मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा वो अपने सपनों को हमेशा बड़ा रखें। जीवन में चुनौतियाँ आएंगी, कठिनाइयाँ आएंगी, पर उनसे सीखते हुए आगे बढ़ने से आपको एक न एक दिन अवश्य सफलता मिलेगी।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग ने इस बार वंदेमातरम के डेढ़ सौ वर्ष पूरे होने के अवसर संविधान दिवस के दिन, 23 हजार स्कूलों में वंदेमातरम गायन किया, जिसमें रिकॉर्ड 21 लाख लोगों ने प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अगले वर्ष से शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम में एक हजार प्रतिभाशाली छात्र – छात्राओं को भेजे जाने की अनुमति प्रदान कर दी है।

कार्यक्रम में रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सचिव रविनाथ रामन, अपर सचिव रंजना राजगुरु, शिक्षा महानिदेशक दीप्ति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

होमगार्ड्स स्वंयसेवकों को वर्दी भत्ता अनुमन्य किया जाएगा: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ननूरखेड़ा, देहरादून में होमगार्ड्स स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रैतिक परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की स्मारिका 2025 और विभागीय कैलेंडर 2026 का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने सेवा प्रदत्त एवं दिवंगत होमगार्ड के आश्रितों को चेक भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने घोषणा कि की होमगार्ड्स स्वंयसेवकों को वर्दी भत्ता अनुमन्य किया जाएगा। राज्य में अर्न्तजनपदीय ड्यूटीयों में तैनात होने वाले होमगार्डस स्वयंसेवकों को मिलने वाले भोजन भत्ते को 100 रूपये से बढ़ाकर 150 रुपए प्रतिदिन किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा संगठन के स्वयंसेवकों को मिलने वाले प्रशिक्षण भत्ते को 50 रुपए से बढ़ाकर 140 रुपए प्रतिदिन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने 63वें होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रस्तुत की गई रैतिक परेड अत्यंत गौरवशील है। परेड में राष्ट्रसेवा के प्रति जवानों के समर्पण, साहस और उत्कृष्टता की शानदार झलक देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने कहा होमगार्ड जवान कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, समर्पण और अदम्य इच्छाशक्ति के साथ प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और जनसेवा के दायित्वों को निभाते हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने होम गार्ड्स जवानों के कल्याण और संगठन के उत्थान के लिए अनेकों महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने पहली बार होमगार्ड्स जवानों को 12 आकस्मिक अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया। महिला होमगार्ड्स को प्रसूति अवकाश प्रदान करने की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। पुलिस कर्मियों और एनडीआरएफ की भांति 9 हजार फीट से अधिक ऊँचाई पर ड्यूटी करने वाले होमगार्ड्स स्वयंसेवकों को 200 रुपए प्रतिदिन प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय भी लिया गया है। एसडीआरएफ के जवानों के साथ प्रशिक्षित हुए होमगार्ड्स के जवानों को 100 रुपए प्रतिदिन प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड्स जवान बरसात, ठंड, गर्मी जैसी हर परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण से करते हैं। होमगार्ड्स जवान, यातायात प्रबंधन, कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ कुंभ और कांवड़ यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजनों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। चारों धामों के साथ-साथ हरिद्वार में स्थापित होमगार्ड्स हेल्प डेस्क देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को हर संभव मदद उपलब्ध करा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा होमगार्ड्स के जवान प्राकृतिक आपदाओं के समय में भी आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रूप से घटनास्थल पर पहुँचकर राहत और बचाव कार्य में पूरी तत्परता और समर्पण के साथ जुट जाते हैं। उन्होंने कहा जवानों के हौंसले और समर्पण को राज्य सरकार उचित सम्मान दे रही है। राज्य सरकार होमगार्ड जवानों के हितों के लिए आगे भी पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेगी।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, खजान दास, सविता कपूर, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, मेयर ऋषिकेश शंभू पासवान, कैलाश पंत, मधु भट्ट, श्यामवीर सैनी, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, डी.जी होमगार्ड शपी.वी.के. प्रसाद एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने जनरल रावत के अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च समर्पण का स्मरण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून के कनक चौक स्थित पार्क में भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ स्व. जनरल बिपिन रावत की चतुर्थ पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने जनरल रावत के अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च समर्पण को स्मरण करते हुए उन्हें उत्तराखंड एवं देश का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि जनरल बिपिन रावत का जीवन देशभक्ति, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणादायक मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सैनिकों एवं नागरिकों के साथ दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शहीदों के सम्मान में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास और सविता कपूर भी मौजूद थे।

मानव वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण के हर सम्भव प्रयास जारी: प्रमुख वन सचिव

जनपद में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उच्चाधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण तथा आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं। इन्हीं निर्देशों के क्रम में प्रमुख वन सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक तथा आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तहसील पौड़ी के गजल्ड गांव का दौरा किया और गुलदार के हमले में मृत राजेन्द्र नौटियाल के परिजनों से भेंट कर शोक संवेदना व्यक्त की। प्रमुख वन सचिव ने प्रभावित परिवार को सांत्वना दी और मुआवजे की अग्रिम राशि का चेक भेंट किया।

प्रमुख सचिव वन ने गजल्ड घटना को लेकर जिला प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही और ग्रामीणों के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान सरकारी तंत्र और जनसहभागिता के संयुक्त तंत्र और आपसी सहयोग में निहित है।

उन्होंने घटना स्थल का निरीक्षण कर आदमखोर गुलदार के निस्तारण के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का जायज़ा लेने के उपरांत सत्यखाल गांव में स्थानीय निवासियों से मुलाकात कर उनकी वन्यजीव संबंधी शिकायतें सुनीं और उन्हें शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।

दौरे के बाद प्रभावित क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल ने विकास भवन में प्रमुख वन सचिव से भेंट कर मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रभावी न्यूनीकरण हेतु अपने सुझाव प्रस्तुत किये। इनमें क्षेत्र से परिचित स्थानीय निवासियों को निस्तारण दल में शामिल करने, तेंदुए को न्यूट्रलाइज करने हेतु दो निजी शूटरों की अनुमति देने तथा प्री-रिकॉर्डेड ऑडियो संदेशों के माध्यम से जनजागरुकता प्रसारित करने की मांगें शामिल थीं। प्रमुख वन सचिव ने इन बिंदुओं पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये और मौके पर ही सभी महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान सुनिश्चित किया।

इसके उपरांत उन्होंने विकास भवन सभागार में मानव वन्यजीव संघर्ष पर सभी प्रमुख विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में प्रमुख सचिव वन ने निर्देश दिए कि मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण हेतु प्रत्येक रेंज स्तर पर नियमित रूप से प्रभागीय दिवस आयोजित किया जायेगा। उन्होंने विभाग को निर्देशित किया कि ‘क्या करें-क्या न करें’ आधारित जनजागरुकता सामग्री तैयार कर शीघ्र वितरित की जाय तथा रेंज एवं वन पंचायत स्तर पर व्हाट्सएप समूहों के साथ-साथ प्रभागीय स्तर पर विभागीय सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग वन्यजीव गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं के प्रसार के लिए किया जाये। उन्होंने प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने के निर्देश भी दिये।

जनपद क्षेत्र में झाड़ी कटान अभियान को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए प्रमुख वन सचिव ने लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत और नगर पालिका को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिये। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि इस कार्य हेतु अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता होगी, तो उसे शासन स्तर से उपलब्ध कराया जायेगा।

आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष एक संवेदनशील विषय है, जिसमें त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ समुदाय का सतत सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन, वन विभाग और स्थानीय जनसमुदाय मिलकर कार्य करें तो इस चुनौती को काफी हद तक कम किया जा सकता है। हमारी प्राथमिकता यही है कि जनजीवन सुरक्षित रहे और हर परिवार को समय पर आवश्यक सहायता एवं संरक्षण मिले।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने स्पष्ट किया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों में पशुपालकों के लिए नियमित चारा व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु पशुपालन विभाग को भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही प्रभावित तथा संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के दृष्टिगत विद्यालय तथा आंगनबाडियों में समय परिवर्तन किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वन विभाग के साथ मिलकर जागरुकता प्रसार, झाड़ी कटान तथा गुलदार संकट हेतु अन्य न्यूनीकरण उपाय लिए जा रहे हैं।

बैठक एवं क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) रंजन कुमार मिश्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य वन संरक्षक धीरज पांडे, वन संरक्षक आकाश वर्मा, डीएफओ गढ़वाल अभिमन्यु सिंह, डीएफओ लैंसडौन जीवन मोहन दगाड़े, डीएफओ कालागढ़ तरुण एस, अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

वन्य जीवों के खतरे से निपटने के लिए सचिव पांडेय अधिकारियों के साथ करेंगे मंथन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी जनपद में वन्य जीवों के हमलों में स्थानीय लोगों के मारे जाने या घायल होने की दु:खद घटनाओं का संज्ञान लेते हुए, सचिव एसएन पांडेय को पौड़ी जनपद में कैम्प करते हुए, स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर वन्य जीवों से आम लोगों के बचाव की रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैम्प कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक में, हाल के दिनों में प्रदेश के भीतर वन्य जीवों के हमले में आम लोगों के मारे जाने या घायल होने की घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने विशेषकर पौड़ी जनपद की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए, सचिव राजस्व और सचिव मुख्यमंत्री एसएन पांडेय को पौड़ी पहुंच दो दिन तक कैम्प करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सचिव राजस्व को निर्देश दिए कि, जिला प्रशासन, वन अधिकारियों और स्थानीय लोगों के साथ विचार- विमर्श कर, वन्य जीवों के हमलों से बचाव की रणनीति तय की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार वन्य जीवों से आम लोगों को सुरक्षित रखने के लिए संसाधनों की कमी नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस काम में विशेषज्ञों की राय ली जाए, साथ ही लोगों को जागरुक भी किया जाए। मुख्यमंत्री वन्य जीवों के हमलों में मारे गए लोगों के परिजनों का तत्काल राहत राशि विवरण के साथ ही घायलों का भी समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।