उत्तरांचल पंजाबी महिला विंग के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की सीएम ने की प्रशंसा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तरांचल पंजाबी महिला विंग क्लब, ऋषिकेश द्वारा कन्या भ्रूण हत्या रोके जाने विषयक पोस्टर को लॉच किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तरांचल पंजाबी महिला विंग क्लब द्वारा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान में सहभाग किया जा रहा है, यह एक सराहनीय प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा के पानीपत जिले से इस अभियान की शुरूआत की, जहां बेटियों की संख्या सबसे कम थी। उत्तराखण्ड में पिछले दो सालों में बाल लिंगानुपात 887 से बढ़कर 934 हुआ है। उन्होंने कहा कि जब कोई प्रयास अभियान का रूप लेता है और उसमें जनसहभागिता होती है, तो वह अभियान अवश्य सफल होता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में पॉलिथीन मुक्ति के लिए जल्द ही व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जायेगा। हरेला पर्व पर एक ही दिन में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण की योजना बनाई जा रही है। नदियों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में राज्य सरकार कार्य कर रही है।

उत्तरांचल पंजाबी महिला विंग क्लब द्वारा ‘सेव गर्ल्स चाईल्ड’कार्यक्रम के तहत व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। इसके अलावा क्लब द्वारा समय-समय पर ब्लड डोनेशन शिविर, सिंगल यूज प्लास्टिक का बहिष्कार, अस्पतालों में फल वितरण, व बुजुर्गों से मिलकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक हरवंश कपूर, उत्तरांचल पंजाबी महासभा से एसपी कोचर, हरीश नारंग, हरपाल सिंह सेठी, राजीव सच्चर, नीलम खुराना, पूजा नन्दा आदि उपस्थित रहे।

सेना की भर्ती में फर्जी सर्टिफिकेट लेकर सात पहुंचे, पुलिस ने पकड़कर की पूछताछ

चंपावत के बनबसा सेना छावनी में आयोजित भर्ती के दौरान सात ऐसे युवक यूपी और हरियाणा के पाए गए। जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सेना में भर्ती को पहुंचे थे। मिलिट्री इंटेलिजेंस (एमआई) और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के साथ इन सातों को पकड़ा लिया है। इनसे पूछताछ के बाद एलआईयू और पुलिस ने फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले बुलंदशहर, यूपी निवासी सरगना को कार ड्राइवर व एक अन्य के साथ बनबसा में दबोच लिया।

उनके पास यूपी के हाईस्कूल-इंटर और बागेश्वर जिले की तहसीलों के फर्जी निवास प्रमाण पत्र बरामद हुए हैं। पुलिस के अलावा विभिन्न जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर रही हैं। बनबसा सेना छावनी में मंगलवार सुबह कुछ युवकों के फर्जी दस्तावेजों के साथ पहुंचने की सूचना मिली।

पुलिस पूछताछ के बाद मुख्य आरोपी को भी दबोच लिया गया। पकड़े गए युवकों में दीपक भाटी (30) निवासी शाहजहांपुर-बल्लभगढ़, फरीदाबाद एवं उसका भाई जगदीश भाटी (22), प्रमोद कुमार (20) निवासी मोखमपुर गौतमबुद्ध नगर यूपी, पंकज कुमार (22) निवासी बागपुर, पलवल (हरियाणा), लोकेश चौहान (20) निवासी मित्रौल पलवल, अनुज रावत (23) निवासी दुरियाई दादरी गौतमबुद्ध नगर, कुणाल चौधरी (20) निवासी दुरियाई गौतमबुद्ध नगर शामिल हैं। पकड़े गए सरगना समेत सभी युवकों के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471,120बी लगाई है।

पुलिस ने लगाया जोर, तो हुआ शराब कांड का सरगना गिरफ्तार

उत्तराखंड का जनपद देहरादून के पथरिया पीर में जहरीली शराब के सेवन से हुई छह लोगों की मौत के मामले में पुलिस मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया है। 22 सितंबर को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के सख्त रूख के बाद पुलिस ने जोर लगाया तो पूर्व पार्षद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरूण मोहन जोशी ने बताया कि वांछित चल रहे भाजपा से निष्कासित पूर्व पार्षद अजय सोनकर उर्फ घोंचू को गिरफ्तार कर लिया गया है। घोंचू की योजना कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की थी, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। कानून से बचने के लिए घोंचू ने खूब जुगाड़ लगाए थे, लेकिन कामयाब नहीं हो पाया।

उन्होंने बताया कि पथरिया पीर में छह लोगों की मौत के बाद से यह बात सामने आ रही थी कि गौरव, राजू उर्फ राजा नेगी और पूर्व पार्षद अजय सोनकर उर्फ घोंचू इलाके में अवैध रूप से शराब बेचते थे।

बीमार बच्चे पर दो दिन तक नर्स से करवाया गया एक्सपेरिमेंट, परिजनों को नहीं बताया

चिल्ड्रन होम अकादमी में 20 सितंबर को हुई छात्र अभिषेक रविदास निवासी जालंधर पंजाब की मौत मामले में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी सोमवार को स्कूल पहुंची। यहां स्कूल प्रबंधन, समस्त स्टाफ और बच्चों से बातचीत के बाद उन्होंने यहां निठारी कांड यानी मानव अंग तस्करी की आशंका जताई हैं।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि बीमार छात्र को स्कूल के छोटे से अस्पताल में नर्स की देखरेख में रखा गया। इसके लिए अध्यक्ष ने स्कूल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि जब छात्र दो दिन से बीमार था, तो उसे अस्पताल के बजाए अपने स्कूल के ही छोटे से अस्पताल में क्यों रखा गया? स्कूल के अस्पताल में आखिर चिकित्सक की तैनाती क्यों नहीं है? नर्स सिर्फ प्राथमिक उपचार दे सकती है, बीमार बच्चे के साथ दो दिन तक प्रयोग नहीं कर सकती।

आखिर हॉस्टल के बगल में कब्रिस्तान कैसे बना दिया गया
आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बताया कि आखिर हॉस्टल के बगल में ही स्कूल प्रबंधन ने कब्रिस्तान कैसे बना दिया? इसकी इजाजत उन्हें कैसे मिली? स्कूल प्रबंधन से पूछा कि कब्रिस्तान में दफन होने वाले का नाम, पता, जन्मतिथि सहित अंतिम क्रिया की तिथि उसकी कब्र के ऊपर क्यों नहीं लगाई गई है? इस पर स्कूल प्रबंधन ने गोलमोल जवाब दिया।

25 जुलाई 2019 से पहले तीन बच्चे वाले प्रत्याशी भी लड़ पाएंगे पंचायत चुनाव

देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को बड़ा झटका देते हुए ग्राम पंचायत चुनाव में तीन बच्चों वाले मामले में प्रत्याशियों के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह का समय जवाब देने का दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद ग्राम प्रधान, उप प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य के पद पर 25 जुलाई 2019 से पहले तीन बच्चे वाले प्रत्याशियों का चुनाव लडने का रास्ता साफ हो गया है। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में 25 जुलाई 2019 को कट ऑफ डेट माना था। इस तिथि के बाद दो से अधिक बच्चे वाले प्रत्याशी अयोग्य माने जाएंगे।

पंचायत जनाधिकार मंच के प्रदेश संयोजक व पूर्व ब्लॉक प्रमुख जोत सिंह बिष्टड्ढ, कोटाबाग के मनोहर लाल, पिंकी देवी समेत 21 लोगों ने हाई कोर्ट में अलग-अलग याचिका दायर कर सरकार के पंचायत राज एक्ट में किए संशोधन को चुनौती दी थी। जिसमें दो से अधिक बच्चे वाले प्रत्याशियों को पंचायत चुनाव लडने के लिए अयोग्य करार दिया गया था। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि इस संशोधित एक्ट को लागू करने के लिए ग्रेस पीरियड नहीं दिया गया। संशोधन को बैक डेट से लागू करना विधि सम्मत नहीं है। पिछले दिनों मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए इस संशोधन को लागू करने की कट ऑफ डेट 25 जुलाई 2019 नियत कर दी। इस आदेश के बाद कट ऑफ डेट के पहले दो से अधिक बच्चों वाले ग्राम पंचायत प्रधान, उप प्रधान व वार्ड मेंबर के प्रत्याशी चुनाव लडने के योग्य हो गए। इस आदेश के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई। सोमवार को जस्टिस एनवी रमन्ना की अध्यक्षता वाली संयुक्त पीठ ने राज्य सरकार के हाई कोर्ट के आदेश में स्थगनादेश की अपील को नहीं माना। साथ ही याचिकाकर्ताओं को नोटिस जारी किया। राज्य सरकार के एसएलपी दाखिल करने की भनक लगने के बाद पंचायत जनाधिकार मंच द्वारा सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की गई थी।

आरोपी चाहे धरती पर हो या आकाश में, हर हाल में गिरफ्तार करें पुलिसः टीएसआर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गृह, आबकारी व पुलिस विभाग के अधिकारियों को रविवार को तलब किया। उन्होंने अधिकारियों से पथरिया पीर, देहरादून की घटना व इसके बाद की गई कार्यवाही की विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले में जिस व्यक्ति का मुख्य आदमी का नाम सामने आ रहा है, उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। वह आदमी चाहे धरती पे हो, आसमान में हो या पाताल में हो, हर हाल में पकङा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी के संरक्षण की बात पाई जाती है, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच की जाए। उन्होंने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि शहर के बीचों बीच कुछ चल रहा हो और हमारी एजेंसियों को पता न चले, कैसे हो सकता है। घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच की जाए। इसमें जो भी दोषी या जिम्मेदार पाया जाएगा उस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में पुलिस व आबकारी विभाग अवैध शराब की छापेमारी के अभियान चलाए। इसमें जिन लोगों की भी मिलीभगत हो, उन्हें पकड़ा जाए और सख्त से सख्त एक्शन लिया जाए। मुख्यमंत्री ने महकमें के अधिकारियों से कहा कि अगर अवैध शराब का व्यापार करने वालों के खिलाफ कार्यवाही को और सख्त करने के लिए आबकारी एक्ट में किसी प्रकार के संशोधन की जरूरत हो तो उसका प्रस्ताव तैयार करें। अवैध शराब या नशे के व्यापार को रोकने में आम जनता का भी सहयोग लिया जाए। कहीं से भी इस प्रकार की कोई शिकायत आती है तो उसे पूरी गम्भीरता से लिया जाए।
बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजी लाॅ एंड आर्डर अशोक कुमार, प्रमुख सचिव आनंदबर्द्धन, सचिव नितेश झा, आईजी गढ़वाल रेंज अजय रौतेला, आयुक्त आबकारी सुशील कुमार, जिलाधिकारी देहरादून सी.रविशंकर, एसएसपी अरूण मोहन जोशी मौजूद थे।

इस बैंक के संशोधित शुल्क से आप फायदे में रहे कि नुकसान में!

भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, भारतीय स्टेट बैंक ने एटीएम सेवाओं के साथ-साथ जमा और निकासी के लिए अपने सेवा शुल्क में संशोधन किया है। संशोधित शुल्क 1 अक्टूबर से प्रभावी होंगे। ऋणदाता ने इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग लेनदेन पर मासिक सीमा को भी पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। नए बदलावों के प्रभाव में आने के बाद ग्राहक जल्द ही असीमित लेनदेन का आनंद ले सकते हैं, बजाय पिछले महीने में 25,000 रुपये तक के बचत खाते के शेष के साथ ग्राहकों के लिए अधिकतम सीमा 40 की।
एसबीआई ने शहरी केंद्रों के लिए औसत मासिक शेष (एएमबी) को 5,000 रुपये से घटाकर 3,000 रुपये कर दिया है। संशोधित नियम के तहत, जो खाताधारक बचत बैंक खाते में एएमबी के रूप में 3,000 रुपये का रखरखाव नहीं करते हैं और 50 प्रतिशत (1,500 रुपये) से कम आते हैं, उनसे 10 रुपये जीएसटी वसूला जाएगा। अगर खाताधारक 75 फीसदी से कम गिरता है, तो 15 रुपये जीएसटी का जुर्माना लगाया जाएगा।
वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक ने इस साल की शुरुआत में राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) और रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) शुल्क माफ कर दिए। एसबीआई ग्राहकों के लिए जबकि एनईएफटी और आरटीजीएस लेनदेन निःशुल्क हैं, बैंक शाखा में फंड ट्रांसफर करने पर शुल्क लगेगा।
बचत खाते में नकद जमा प्रति माह 3 लेनदेन तक मुफ्त होगा। उसके बाद, खाताधारक से प्रत्येक लेनदेन के लिए 50 रुपये से अधिक जीएसटी लिया जाएगा। गैर-घरेलू शाखा में नकदी जमा करने की अधिकतम सीमा 2 लाख रुपये प्रतिदिन है। वहीं, 25,000 रुपये के एएमबी वाले खाताधारक एक महीने में दो मुफ्त नकद निकासी का लाभ उठा सकते हैं। 25,000 से 50,000 रुपये के एएमबी वाले लोगों को प्रति माह 10 मुफ्त नकद निकासी मिलती है। हालांकि, 50,000-1 लाख रुपये के ब्रैकेट में ग्राहकों को 15 मुफ्त नकद निकासी मिलेगी। मुफ्त सीमा से परे लेनदेन के लिए शुल्क 50 रुपये से अधिक जीएसटी है।
जिन ग्राहकों के पास अपने बचत खातों में 25,000 रुपये तक का एएमबी है, उन्हें एसबीआई के एटीएम में पांच मुफ्त लेनदेन का आनंद मिलेगा। इसमें वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन शामिल हैं। उच्च एएमबी वाले लोगों के लिए कोई टोपी नहीं है। साथ ही, गैर-मेट्रो शहरों के सभी ग्राहक अन्य बैंकों के एटीएम में प्रति माह पांच मुफ्त लेनदेन का लाभ उठा सकते हैं। महानगरों में ग्राहकों के लिए छत गैर-एसबीआई एटीएम में तीन मुफ्त लेनदेन है।
उल्लिखित सीमाओं से परे वित्तीय लेनदेन एसबीआई के एटीएम पर 10 रुपये और गैर-एसबीआई एटीएम पर 20 रुपये का शुल्क लगेगा। गैर-वित्तीय लेनदेन में इस्तेमाल किए गए एटीएम के आधार पर 5-8 रुपये से अधिक जीएसटी लगेगा। इसमें बैलेंस पूछताछ, चेक बुक अनुरोध रखने, करों का भुगतान और धन हस्तांतरण जैसी सेवाएं शामिल हैं। अपर्याप्त संतुलन के कारण अस्वीकृत लेनदेन पर 20 रुपये से अधिक जीएसटी का शुल्क लगेगा। आपको बता दें कि एसबीआई शाखा और एटीएम लेनदेन के बीच एकतरफा अंतर-परिवर्तनीयता की अनुमति देता है। इसका मतलब यह है कि 25,000 रुपये तक के एएमबी वाले ग्राहक को मेट्रो शहरों में अधिकतम 10 मुफ्त डेबिट लेनदेन की अनुमति होगी, बशर्ते वे एसबीआई एटीएम का उपयोग करें और शाखा में दो मुफ्त नकद निकासी लेनदेन का लाभ न लें। इसी तरह, गैर-महानगरों में लोग 12 मुक्त डेबिट लेनदेन का आनंद ले सकते हैं।
आपको पता होना चाहिए कि बैंक द्वारा दिए गए सभी डेबिट कार्ड मुफ्त नहीं हैं। एसबीआई ने गोल्ड डेबिट कार्ड जारी करने के लिए 100 रुपये और जीएसटी को छोड़कर प्लैटिनम कार्ड के लिए 300 रुपये का शुल्क लिया है। इसके अलावा, यदि आपका एटीएम कार्ड या किट गलत पते पर जमा करने के कारण कूरियर द्वारा लौटाया जाता है, तो आपको 100 रुपये से अधिक का भुगतान करना होगा।

ओएलएक्स से बाइक खरीदने के लिए आनलाइन रूपए की ट्रांसफर, अब लगा रहा पुलिस के चक्कर

मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में दो लोगों के साथ ओएलएक्स साइट के जरिये ऑनलाइन ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़ितों को बाइक बेचने के नाम 76,500 रुपये की ठगी हुई है। मुनिकीरेती पुलिस ने तहरीर के आधार जांच शुरू कर दी है। मनीष देवराड़ी निवासी कुराड़ थराली, जिला चमोली ने तहरीर दी कि ओएलएक्स के जरिये एक व्यक्ति ने उन्हें बाइक लेने को कहा। उन्हें बाइक की स्थिति सही लगी तो उन्होंने पेटीएम अकाउंट पर 51 हजार रुपये भेज दिए। उन्होंने बताया कि तथाकथित विक्रेता ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर बुलाया। जब वहां कोई मौजूद नहीं मिला तो उसे ठगी का अहसास हुआ।
मनीष ने बताया कि जिस नंबर से उन्हें कॉल आई थी उसकी डिटेल के आधार पर पहचान इरफान खान नामक युवक के रूप में हुई, जबकि उसने अपना नाम विनोद सिंह बताया था। इसी तरह तपोवन नीरगड्डू निवासी सुनील सिंह को भी ओएलएक्स के बहाने शातिर ने ठग लिया। सुनील ने अपनी तहरीर में बताया कि उन्होंने ठग के झांसे में आकर बाइक लेने के लिए पेटीएम अकाउंट से 25,500 की रकम ट्रांसफर कर दी है। अब ठग का नंबर बंद आ रहा है। दोनों की तहरीर मिलने के बाद मुनिकीरेती पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। इसके लिए साइबर सेल टीम की मदद ली जा रही है।

मुनिकीरेती पुलिस ने बिना वीजा और पासपोर्ट 18 साल से रह रहे विदेशी को पकड़ा

बिना पासपोर्ट और वीजा के पिछले 18 वर्षों से एक विदेशी नागरिक साधुवेश में तीर्थनगरी में डेरा डाले हुए है। कई साल से अवैध निवास कर रहे विदेशी नागरिक के बारे में पुलिस और एलआईयू को शुक्रवार को पता चल पाया। पुलिस सूचना मिलने के बाद मुनिकीरेती क्षेत्र स्थित नावघाट पहुंची। जब नागरिक से उसके वैध दस्तावेज मांगे गए तो उसने काफी देर तक एलआईयू टीम को प्रवचन के झांसे में उलझाए रखा। आखिरकार स्वीकार किया कि उसके पास कोई पासपोर्ट, वीजा या निवास का कोई वैध दस्तावेज नहीं है।
अवैध रूप से निवास कर रहा जर्मन नागरिक जर्गेन रुडोल्फ 1981 में भारत आया था। इस दौरान पिछले 38 साल से वह महाराष्ट्र सहित दक्षिण भारत के विभिन्न शहरों में रहा। पिछले 18 साल से वह ऋषिकेश क्षेत्र में स्थान बदल-बदल कर रह रहा है। फिलहाल उसका मौजूदा ठिकाना मुनिकीरेती स्थित नावघाट बना हुआ है। वह गंगा किनारे बने सीढ़ी पर टेंट डालकर रह रहा है। अवैध तरीके से रहने की सूचना मिलने के बाद करीब 12 बजे मुनिकीरेती पुलिस और एलआईयू की सब इंस्पेक्टर उमा चैहान अपनी टीम के साथ पूछताछ को पहुंचे। पूछताछ के दौरान जर्गेन रुडोल्फ ने पहले तो आनाकानी की। बाद में अपना मूल निवास भी बताने से इनकार कर दिया।
बाद में उसने कुछ दस्तावेज दिखाए जिसके मुताबिक वह जर्मन नागरिक है, और 1981 में भारत आ गया था। तब से वह गेरुआ वस्त्र पहने पिछले 18 सालों से तीर्थनगरी में अलग-अलग स्थानों पर रह रहा है। एलआईयू एसआई उमा चैहान के मुताबिक अवैध निवास कर रहे जर्मन नागरिक की सूचना संबंधित एंबेसी को दी जाएगी। फिलहाल अभी मामले की पड़ताल की जा रही है। वहीं थाना अध्यक्ष मुनिकीरेती आरके सकलानी का कहना है कि विदेशी नागरिक के अवैध प्रवास संबंधी मामले की गहन छानबीन हो रही है। दस्तावेजों की पड़ताल के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, विदेशी जर्गन रुडोल्फ का कहना है कि उसके पास वीजा, पासपोर्ट सहित सभी वैध दस्तावेज थे। कई साल पहले कुछ बदमाशों ने रुपयों के लालच में सारे दस्तावेज फाड़कर फेंक दिए। उनके पास पैसे भी नहीं हैं। जर्मन एंबेसी में एक बार मदद की गुहार लगाई थी। इसके बावजूद एंबेसी के लोग सहयोग नहीं कर रहे हैं। रुडोल्फ का कहना है कि अब उसने भारतीय संस्कृति को आत्मसात कर लिया है। उसका नया नाम आशाराम गिरि है। पूरा विश्व मेरा कुटुंब है। परिवार में कोई नहीं है। मां गंगा ही मेरी सबसे बड़ी शुभचिंतक है।

सांसद ने की, मसूरी एक्सप्रेस में दो कोच कोटद्वार के लिए जोड़ने की मांग

पौड़ी गढ़वाल सीट से भाजपा सांसद तीरथ सिंह रावत ने अपने संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत कोटद्वार के लिए अतिरिक्त रेल सेवाओं के संचालन का आग्रह मुरादाबाद मंडल से किया है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार से रामनगर और टनकपुर रेल सेवा आरंभ किए जाने से राज्य के दोनों मंडलों के लोगों को खासी सहूलियत होगी। सांसद तीरथ सिंह रावत ने बताया कि उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल की बैठक में उन्होंने इस प्रकार का सुझाव दिया है। इनमें यह बात भी रखी गई कि रानीखेत एक्सप्रेस, उत्तरांचल संपर्क क्रांति को पीरुमदारा में यात्रियों की सुविधा के लिए दस मिनट के लिए रोका जाए। गढ़वाल एक्सप्रेस का कोटद्वार पहुंचने का समय दोपहर बाद तीन बजे का है, इस कारण कोटद्वार से गढ़वाल के अन्य हिस्सों में जाने वाले लोगों को यातायात सुविधा नहीं मिल पाती। लिहाजा, इस ट्रेन के समय में परिवर्तन कर इसका कोटद्वार पहुंचने का समय दोपहर एक बजे निर्धारित किया जाए। उन्होंने कहा कि मसूरी एक्सप्रेस में दो कोच देहरादून से कोटद्वार आने वाले यात्रियों के लिए होते थे लेकिन लंबे समय से यह व्यवस्था बंद है। इससे यात्रियों को खासी दिक्कत हो रही है। इस व्यवस्था को बहाल किया जाए। रावत के मुताबिक इन विषयों के अलावा रामनगर रेलवे स्टेशन को बरेली से मुरादाबाद डिविजन में शामिल करने और कोटद्वार व रामनगर रेलवे स्टेशन पर ओवरब्रिज निर्माण का विषय भी बैठक में रखा गया। भाजपा संासद ने उम्मीद जताई कि शीघ्र ही इस संबंध में रेलवे उचित कदम उठाएगा।