टनकपुर में सीएम को च्यूड़ा पूजन कर भैया दूज कार्यक्रम में शामिल हुईं महिलाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक दिवसीय जनपद चंपावत भ्रमण के दौरान बनबसा और टनकपुर क्षेत्र में स्थानीय महिलाओं द्वारा आयोजित भैया दूज (च्यूड़ा पूजन) समारोह में प्रतिभाग किया।

कुमाऊं की गौरवशाली परंपरा का प्रदर्शन कर महिलाओं ने पारंपरिक रूप से कुमाऊं का प्रसिद्ध ‘च्यूड़ा पूजन’ नाम से जाना जाता है। इस पवित्र अनुष्ठान के माध्यम से, महिलाओं ने मुख्यमंत्री की लंबी आयु, स्वस्थ जीवन और दीर्घायु की कामना की। यह पूजन भाई-बहन के अटूट बंधन और लोक परंपराओं के प्रति स्थानीय लोगों की गहरी आस्था का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान महिलाओं द्वारा दिए गए अपार स्नेह और सम्मान के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराएं हमारी पहचान हैं, और इन पर्वों के माध्यम से हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री ने इस पावन अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं और बहनों को भैया दूज की शुभकामनाएं देते हुए राज्य के विकास और जनता के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

टनकपुर स्थित शारदा घाट में मुख्यमंत्री ने की पूजा अर्चना।
मुख्यमंत्री ने टनकपुर स्थित शारदा घाट पहुंचकर पूजा-अर्चना की एवं प्रदेश में सुख शांति एवं कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा पूर्णागिरि क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को यह आरती अपनी ओर आकर्षित करती है। शारदा घाट में आने से धार्मिक भावनाओं का संचार और प्राकृतिक नजरों के दर्शन भी होते हैं। उन्होंने कहा इस आरती के शुरू होने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बड़ी हैं, जिससे यहां के लोगों को रोजगार भी मिला है।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ० जी एस खाती, स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी/कार्मिक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

नर्सिंग कोर्स संचालन को संस्थानों के आवेदनों को विभिन्न स्तरों में सिंगल विंडो सिस्टम तैयार की जाएः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में नर्सिंग पाठ्यक्रम संचालन हेतु गठित एम्पावर्ड समिति की बैठक आयोजित हुयी। बैठक के दौरान समिति द्वारा विभिन्न मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेजों को नर्सिंग कोर्स संचालन एवं सीट वृद्धि की संस्तुति दी गयी।

मुख्य सचिव ने नर्सिंग कोर्स संचालन हेतु संस्थानों के आवेदनों को विभिन्न स्तरों में छंटनी करने के बजाय इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे संस्थानों को आवेदन करने से लेकर शासन से स्वीकृति की प्रक्रिया में सरलता आएगी। उन्होंने तत्काल इस दिशा में कार्य शुरू किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि संस्थानों द्वारा आवेदन किए जाने से लेकर विभिन्न चरणों की प्रक्रिया की एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी शीघ्र तैयार की जाए।

बैठक के दौरान समिति द्वारा 39 कॉलेजों की 1790 नई नर्सिंग सीट्स को संस्तुति प्रदान की गयी। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि स्टेट नर्सिंग काउंसिल में वर्ष 2024 तक पंजीकृत नर्सों की कुल संख्या 21541 है। वर्तमान में सरकारी एवं प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों में 9806 लोगों का नर्सिंग प्रशिक्षण चल रहा है।
इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

सीएम ने बनबसा में 500 करोड़ से बनने जा रहे आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जनपद के बनबसा स्थित गुदमी क्षेत्र में लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) द्वारा लगभग ₹500 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाली आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा यह परियोजना भारत-नेपाल के बीच सहयोग, व्यापार और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में बेहद सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया इस महत्वाकांक्षी परियोजना को उत्तराखंड सरकार के सहयोग से तेज़ी से आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के आरंभ से ही पर्यावरणीय मंजूरी, प्रतिपूरक पौधारोपण और भूमि हस्तांतरण की सभी औपचारिकताएँ पूर्ण होती रही हैं। इस वर्ष पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा लगभग 84 एकड़ वन भूमि को अंतिम स्वीकृति मिल चुकी थी, जिसके बाद परियोजना के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग ₹500 करोड़ की लागत से बनने जा रहा यह आधुनिक लैंड पोर्ट भारत और नेपाल के बीच व्यापार एवं यात्री आवागमन के लिए एक समेकित, सुविधाजनक और सुरक्षित प्रणाली विकसित करेगा। यहाँ कस्टम, सुरक्षा, व्यापार एवं बॉर्डर से जुड़ी सभी प्रमुख एजेंसियाँ एक ही परिसर में कार्य करेंगी, जिससे सीमा प्रबंधन में अधिक तेज़, पारदर्शी आयेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल अवसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीमांत क्षेत्रों के आर्थिक परिदृश्य को बदलने का माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि रणनीतिक रूप से स्थित बनबसा लैंड पोर्ट सीमा पार व्यापार को भी सशक्त बनाएगा, कृषि व औद्योगिक उत्पादों के लिए एक औपचारिक प्रवेश द्वार तैयार करेगा और स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर उत्पन्न करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लैंड पोर्ट के माध्यम से किसानों और छोटे उत्पादकों को सीमा पार बाजारों तक सीधी पहुँच मिलेगी, जिससे परिवहन लागत घटेगी और उत्पादों का मूल्य संवर्धन संभव होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल भारत और नेपाल के आपसी संबंधों को और मजबूत करेगी, जिससे पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पारस्परिक सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना भारत सरकार की क्षेत्रीय एकीकरण की दृष्टि और सुरक्षित, सतत सीमा विकास नीति के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि LPAI द्वारा डिज़ाइन प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसके माध्यम से ऐसा पर्यावरण-अनुकूल मॉडल तैयार किया जाएगा जो आधुनिकता और प्रकृति संरक्षण का संतुलित उदाहरण बने।

मुख्यमंत्री ने भारत सरकार, भूमि पोर्ट प्राधिकरण और राज्य के सभी विभागों, एजेंसियों को आपसी समन्वय से कार्य करने की बात कही, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र हो सके। उन्होंने कहा कि बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना उत्तराखंड की सीमाओं को समृद्धि, सहयोग और अवसरों की नई पहचान देगी।

सीएम ने खटीमा में लौह पुरूष सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के तैयारियों की बैठक ली

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोहियाहेड अतिथि गृह, खटीमा में राष्ट्रीय एकता के प्रतीक, लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में Sardar@150 Campaign की तैयारियों के सम्बध में वर्चुअल बैठक की।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि एकता मार्च के सफल आयोजन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों और महाविद्यालयों में सांस्कृतिक एवं जन जागरूकता कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किए जाए। उन्होंने कहा इस अभियान में युवाओं, महिलाओं, स्थानीय निकायों, एनसीसी, स्वयं सहायता समूहों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी तय कार्यक्रमों की जानकारी राज्य स्तर पर साझा की जाए, ताकि अभियान का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि Sardar@150 अभियान का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता का संदेश घर-घर तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान और एक भारत, श्रेष्ठ भारत के उनके संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने के लिए इस कार्यक्रम को भव्य एवं प्रेरणादायक रूप में आयोजित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती को ऐतिहासिक रूप से मनाना है, ताकि देश की नई पीढ़ी उनके योगदान और विचारों से प्रेरणा ले सके। उन्होंने कहा सरदार पटेल ने अपने अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और कौशल से भारत को एक सशक्त राष्ट्र बनाया। उन्होंने कहा सरदार पटेल ने देश की विभिन्न रियासतों को जोड़कर एक भारत की नींव रखी। उनके प्रयासों से ही भारत एक अखंड और एकीकृत राष्ट्र के रूप में स्थापित हो सका है। मुख्यमंत्री ने कहा सरदार पटेल की कूटनीति और दूरदर्शिता का स्वतंत्र भारत के इतिहास में बड़ा योगदान रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरदार पटेल के सपनों को आगे बढ़ाया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक भारत श्रेष्ठ भारत के विजन के साथ भारत को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल के सम्मान में गुजरात के नर्मदा जिले के केवडिया में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण कराया गया, जो विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है और भारत की एकता, अखंडता तथा राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल के विचार आज भी देश को एकता, समरसता और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में प्रेरित करते हैं।

बैठक में बताया गया कि Sardar@150 Campaign के तहत राज्य के नागरिक माई भारत पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा रहे हैं। इसके अन्तर्गत सोशल मीडिया रील प्रतियोगिता, निबंध लेखन, क्विज और Sardar@150 young Leaders जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। साथ ही राज्य के 13 जिलों में 31 अक्टूबर से 16 नवम्बर के मध्य एकता मार्च के रूप में आयोजित होगा। यह एकता मार्च 3 दिन आयोजित होगा। जिसके तहत 8 से 10 किलोमीटर की पैदल यात्रा होगी। जिसमें कोई भी नागरिक प्रतिभाग कर सकता है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय पदयात्रा दिनांक 26 नवम्बर से 06 दिसम्बर तक 152 कि.मी. की पदयात्रा करमसद (सरदार पटेल का जन्म स्थान) से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, केवड़िया तक निकाली जाएगी। इस यात्रा में राज्य के प्रत्येक जिले से 2 युवा प्रतिभाग करेंगे, जिनका चयन माई भारत पोर्टल से होगा।

इस अवसर पर जिला अधिकारी नितिन भदौरिया, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, एवं वर्चुअल माध्यम से विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी एवं सभी जिलाधिकारी भी मौजूद रहे।

उत्तराखंड में 1100 से अधिक स्टार्टप्स को मान्यता देते हुए अत्याधुनिक 15 इनक्यूबेटर स्थापित किएः धामी

युवा संकल्प लेकर लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़े व कैरियर बनाते हुए उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। यह बात मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा कैम्प कार्यालय में आयोजित मुख्य सेवक युवा संवाद कार्यक्रम में कही।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को सम्बोधित करते कहा कि जब युवा ऊर्जा, उम्मीद और सकारात्मक सोच से भरे हों, तो माहौल अपने आप उत्साह से भर जाता है। मेरे अनुभव ने मुझे बताया है कि जिस देश के युवा ठान लें वे अपने देश को शिखर पर ले जाना चाहते हैं, तो उस देश को आगे बढ़ने से कोई भी नहीं रोक सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत की आर्थिक और सामाजिक प्रगति इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि हमारे युवा सजग और जागरूक है। आज दुनिया भारत को आशा और विश्वास की दृष्टि से देखती है, क्योंकि भारत का जन भी युवा है और भारत का मन भी युवा है। भारत अपने सामर्थ्य से युवा है। भारत अपने सपनों और चिंतन से युवा है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा आधुनिकता को अपनाया है और परिवर्तन को स्वीकार किया है और यही वजह है कि आज भारत से आने वाली आवाज़ ष्दुनिया की दिशा तय कर रही है। उन्होंने कहा कि मुझे मालूम है कि कई बच्चों के घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है, संसाधन सीमित होते हैं, लेकिन इच्छाशक्ति होने पर पर्वत भी रास्ता दे देते हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज उत्तराखंड के हजारों युवा सेना और डिफेंस सेवाओं में, सरकारी और प्राइवेट नौकरियों में, स्टार्टअप्स और नए व्यवसायों में, बेहतरीन काम कर रहे हैं। आज यहां मौजूद वे युवा जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में सरकारी नौकरियां प्राप्त की हैं या अन्य स्वरोजगार के कार्य प्रारंभ किए हैं, ये इसका स्पष्ट प्रमाण हैं। ये भी आपकी ही तरह ही संघर्ष और मेहनत करके यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि आज भारतीय संस्कृति को संरक्षित एवं संवर्धित करने के साथ ही आदरणीय मोदी जी भारत को आगामी 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के मिशन पर कार्य कर रहे हैं। परंतु भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अभी भी बहुत कुछ करना है और इस ध्येय को पूर्ण करने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी राष्ट्र आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से तब तक विकसित नहीं हो सकता जब तक वहां की युवा शक्ति संगठित, आत्मनिर्भर और राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित ना हो। उन्होंने कहा कि जिस तरह से इंजन को चालू करने के लिए ईंधन की आवश्यकता होती है, उसी तरह राष्ट्र की प्रगति सुनिश्चित करने हेतु युवा शक्ति की ताकत, उनकी इनोवेटिव सोच और प्रतिभा की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि आज भारत एक युवा देश के रूप में जाना जाता है और अगर देश के युवा सही दिशा में कार्य करेंगे तो निश्चित ही हमारा देश पुनः विश्व गुरु के पद पर अवश्य आसीन होगा। उन्होंने कहा कि आज आदरणीय मोदी जी के नेतृत्व में भारत के युवाओं में अपने देश को आगे ले जाने की भावना विकसित हो चुकी है। आज हमारा युवा अपने देश के प्रति जिम्मेदार और कर्तव्यपरायण बन रहा है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि ये युवा संवाद भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने के उद्देश्य से निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड स्टार्टअप नीति आने के बाद से राज्य में स्टार्टअप कल्चर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम उत्तराखंड के स्टार्टअप्स को आर्थिक सहायता देने के साथ ही उन्हें पूरा माहौल मुहैया करवा रहे हैं। हमने राज्य में 1100 से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता देते हुए अत्याधुनिक 15 इनक्यूबेटर स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, आईटी, एआई, जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और कल्याण जैसे क्षेत्रों में उत्तराखंड के स्टार्टअप्स ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि हमारे युवाओं में पर्याप्त सामर्थ्य और ऊर्जा है, उनका सही मार्गदर्शन ही हमारे देश के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है। उन्होंने सभी प्रतिभावान युवाओं से आज युवा संवाद के इस अवसर पर अपील करना करते हुए कहा कि आप चाहे जिस भी क्षेत्र में कार्य करें, आप सदैव यह ध्यान रखें कि आपके प्रत्येक कार्य से आपकी निजी प्रगति होने के साथ ही प्रदेश और देश के विकास में भी अवश्य सहायता मिले। आप लोग उम्र के जिस पड़ाव में हैं, वो आपके करियर का बहुत महत्वपूर्ण समय है। इस समय आप जो भी कार्य करने की ठान लेंगे वो कार्य निश्चित ही पूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि मैं आप सभी युवाओं से यह कहना चाहता हूं कि आप लोग नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनें। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मेरे युवा साथियों, मैं, आप सभी को ये विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि हमारी सरकार आपके समग्र विकास और उन्नति के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है, क्योंकि हमें अपने युवाओं और उनकी अद्वितीय प्रतिभा पर पूरा भरोसा है। श्री धामी ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी युवा साथी प्रदेश की प्रगति और समृद्धि के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपना योगदान इसी प्रकार देते रहेंगे तथा देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे विकल्प रहित संकल्प को पूर्ण करने के लक्ष्य में हमारे भागीदार बनेंगे। उन्होंने सभी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में निकिता उपाध्याय, कविता गोस्वामी, खुशी जोशी, चारु बोरा, पूर्वा गोस्वामी,हर्षिता राणा, गुलनाज, सुरजीत सिंह, रोहित जोशी आदि युवाओं ने अपनी बात रखी।

इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, एसएसपी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, युवा आदि मौजूद थे।

प्रदेश का रजत जयंती समारोह पूरे प्रदेश में मनाया जाएगाः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में नवम्बर माह में प्रस्तावित रजत जयंती समारोह की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रजत जयंती समारोह का आयोजन प्रदेशभर में किया जाए। बैठक के दौरान 01 नवम्बर से 09 नवम्बर तक पूरे प्रदेश में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गयी।

मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग एवं पर्यटन के साथ ही सड़कों एवं नेटवर्क की कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उपलब्धियां अर्जित की हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में पिछले 25 साल की उपलब्धियों के साथ ही अगले 25 सालों का रोडमैप भी प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तरीय एवं राज्य स्तरीय कार्यक्रमों को सभी विभाग आपसी सामंजस्य के साथ आयोजित करें।

मुख्य सचिव ने कहा कि 01 नवम्बर से 09 नवम्बर तक प्रत्येक दिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों में श्रमिकों, किसानों, पूर्व सैनिकों और महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में आमजन की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनाई, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत एवं धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

680 करोड़ का बड़ा बजट विश्व बैंक से उत्तराखंड को मिलने जा रहा

राज्य में वित्तीय पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और सेवा वितरण में सुधार हेतु “Strengthening Public Financial Management for Improved Service Delivery in Uttarakhand” परियोजना को विश्व बैंक के विचारार्थ भारत सरकार ने किया अनुशंसित

उत्तराखंड सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय, आर्थिक मामलों के विभाग (एफ.बी. प्रभाग), नई दिल्ली ने राज्य की महत्वाकांक्षी परियोजना “Strengthening Public Financial Management for Improved Service Delivery in Uttarakhand ” को विश्व बैंक के विचारार्थ अनुशंसित किया है।

इस परियोजना के अंतर्गत उत्तराखंड सरकार ने राज्य में सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सक्षम, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने तथा सेवा प्रदाय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विश्व बैंक से लगभग ₹680 करोड़ (लगभग 80 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की बाह्य सहायता का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था।

भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा इस प्रस्ताव को विश्व बैंक भारत कार्यालय, नई दिल्ली के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर श्री पॉल प्रूसी को औपचारिक रूप से प्रेषित किया गया है। पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि उत्तराखंड सरकार के इस प्रस्ताव की प्रति संलग्न करते हुए इसे विचार एवं स्वीकृति हेतु अनुशंसित किया जा रहा है।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की वित्तीय प्रणाली को तकनीकी रूप से अधिक आधुनिक, कुशल और पारदर्शी बनाना है, ताकि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ जनता तक तेजी, सटीकता और पारदर्शिता के साथ पहुंच सके। परियोजना के तहत वित्तीय प्रबंधन, बजट नियंत्रण, लेखा प्रणाली, व्यय प्रबंधन और सेवा वितरण के क्षेत्रों में संरचनात्मक सुधार लागू किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यक्त की प्रसन्नता

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अनुशंसा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “ यह उत्तराखंड के वित्तीय सुधार और सुशासन के प्रयासों की बड़ी स्वीकृति है। राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है कि प्रत्येक सरकारी रुपया जनता के हित में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ व्यय हो। विश्व बैंक की यह संभावित सहायता राज्य की वित्तीय प्रणालियों को डिजिटल, सुदृढ़ और परिणामोन्मुख बनाएगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से राज्य में राजकोषीय अनुशासन, वित्तीय डेटा पारदर्शिता, और सेवा प्रदाय तंत्र की गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार आएगा।

उत्तराखंड सरकार के वित्त विभाग के अनुसार, यह परियोजना राज्य की ई-गवर्नेंस और डिजिटल पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट को नई दिशा देगी। इससे राज्य के प्रत्येक विभाग में वित्तीय अनुशासन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग प्रणाली को मजबूत किया जाएगा।

यह पहल उत्तराखंड को एक वित्तीय रूप से सुदृढ़, पारदर्शी और उत्तरदायी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगी। भारत सरकार एवं विश्व बैंक के सहयोग से राज्य की वित्तीय प्रशासनिक संरचना को सशक्त बनाने के साथ-साथ नागरिकों तक सरकारी सेवाओं की प्रभावी डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी।

उत्तराखंडः अग्निवीर भर्ती पूर्व निशुल्क प्रशिक्षण के लिए एसओपी तैयार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग सेना में अग्निवीर बनकर देश की सेवा करने के इच्छुक युवक- युवतियों को भर्ती पूर्व निशुल्क प्रशिक्षण देगा। इसके लिए विभाग ने एसओपी तैयार कर ली है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते दिनों खेल एवं युवा कल्याण विभाग को प्रदेश के युवाओं को अग्निवीर भर्ती के लिए प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए थे। ताकि वो उत्तराखंड की महान सैन्य परंपरा के अनुसार सेना में अपना करियर बना सके। इसी क्रम में विभाग ने युवाओं को अग्निवीर भर्ती पूर्व निशुल्क प्रशिक्षण देने की तैयारी पूरी कर ली है। जल्द ही 13 जिलों में अग्निवीरों का भर्ती पूर्व प्रशिक्षण प्रारंभ कर दिया जाएगा।

प्रमुख बातें
1.अग्निवीर भर्ती पूर्व प्रशिक्षण हेतु इच्छुक युवक- युवतियों के लिए उत्तराखण्ड राज्य का मूल / स्थायी निवासी अथवा उत्तराखण्ड राज्य में किसी संस्थान में अध्ययनरत / सेवारत होना अनिवार्य है।
2. प्रशिक्षण हेतु हाईस्कूल परीक्षा 45 प्रतिशत या उससे अधिक अंक के साथ उत्तीर्ण तथा प्रत्येक विषय में 33 प्रतिशत अंक अथवा उससे अधिक होना अनिवार्य है।
3. आयु 16 वर्ष से अधिक होना अनिवार्य है।
4. जिला खेल कार्यालय/जिला युवा कल्याण अधिकारी कार्यालय में पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
5. छात्र/छात्रा को चिकित्सक द्वारा प्रदत्त स्वास्थ्य सम्बन्धी प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
6. प्रशिक्षण के समय छात्र/छात्रा को खेल किट (वेशभूषा-टी शर्ट, नेकर, स्पोर्ट्स शूज, मौजा) में उपस्थित होना अनिवार्य है।
7. छात्र/छात्रा के शरीर पर किसी प्रकार कोई टैटू अथवा किसी प्रकार अप्राकृतिक स्थायी निशान आदि न गुदा हो।
8. इच्छुक छात्र/छात्रा को खेल स्टेडियम /खेल मैदान में नियुक्त विभागीय प्रशिक्षक द्वारा ही प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

उत्तराखंड की शानदार सैन्य परंपरा रही है, यहां के प्रत्येक परिवार से कोई ना कोई सदस्य सेना में जाता ही है। इसीलिए सरकार अग्निवीर भर्ती पूर्व प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। ताकि युवा अग्निवीर के जरिए सेना को अपनी सेवाएं दे सके। प्रदेश सरकार अग्निवीरों को सेवाकाल के बाद प्रदेश की सरकारी नौकरियों में आरक्षण भी प्रदान करने का फैसला ले चुकी है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

श्री केदारनाथ धाम के कपाट हुए बंद, मुख्यमंत्री सीएम धामी रहे मौजूद

विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025 (भैया दूज, कार्तिक शुक्ल सप्तमी, अनुराधा नक्षत्र) के पावन अवसर पर प्रातः 08रू30 बजे विधिवत रूप से बंद हो गए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।

कपाट बंद होने से पूर्व मंदिर को पुष्पों से भव्य रूप में सजाया गया। सेना के बैंड की भक्ति धुनों और “जय बाबा केदार” के जयघोष के साथ मंदिर परिसर श्रद्धाभाव से गूंज उठा। ठंडे मौसम के बावजूद लगभग 10 हजार श्रद्धालु कपाट बंद होने की ऐतिहासिक घड़ी के साक्षी बने।

कपाट बंद करने की प्रक्रिया के अंतर्गत ब्रह्म मुहूर्त में श्री केदारनाथ धाम के मुख्य पुजारी बागेश लिंग एवं आचार्यगणों द्वारा यज्ञ, हवन एवं समाधि पूजन किया गया। तत्पश्चात भगवान केदारनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को स्थानीय पुष्पों-कुमजा, बुकला, राख, ब्रह्मकमल, सूखे पुष्प-पत्रों से ढककर समाधि रूप दिया गया। इसके बाद गर्भगृह के द्वार जय बाबा केदार के उदघोष के साथ शीतकाल हेतु बंद किए गए।

कपाट बंद होने के पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मंदिर के पूर्वी व दक्षिणी द्वार विधिवत बंद किए गए। इसके उपरांत भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली को मंदिर की परिक्रमा कर प्रथम पड़ाव रामपुर के लिए प्रस्थान कराया गया। सेना के बैंड, डोली वाहकों, पुजारियों और श्रद्धालुओं के जयघोषों से संपूर्ण धाम गुंजायमान हो उठा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर देश-विदेश से आए सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन के अनुरूप केदारपुरी का भव्य और दिव्य पुनर्निर्माण कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में चारधाम यात्रा के अंतर्गत रिकॉर्ड 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने धामों के दर्शन किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कपाट बंद होने के पश्चात शीतकालीन यात्रा को भी राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु चार धामों के शीतकालीन गद्दी स्थलों में भी पूजा अर्चना कर सकें। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से शीतकाल में भी चारों धामों के गद्दी स्थलों में आकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किय। शीतकाल में भी श्रद्धालुओं के यात्रा करने से स्थानीय व्यापारियों, होमस्टे एवं होटल चालकों आदि की आजीविका निरंतर गतिमान रहेगी।

मुख्यमंत्री ने यात्रा से जुड़े सभी विभागों, सुरक्षा बलों, मंदिर समिति, स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया तथा इस वर्ष की यात्रा को सफल, सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाए रखने के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष केदारनाथ यात्रा का संचालन अत्यंत सुचारु एवं सफलतापूर्वक हुआ। तथा इस वर्ष कुल 17,68,795 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए, जो पिछले वर्ष 2024 के 16,52,076 तीर्थयात्रियों की तुलना में लगभग सवा लाख अधिक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा के दौरान प्राकृतिक आपदा को छोड़कर संपूर्ण यात्रा अवधि में व्यवस्थाएं सुचारु रहीं। शीतकालीन अवधि में भी श्री केदारनाथ धाम में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रहेगी और शीतकालीन पूजाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।

कपाट बंद होने के पश्चात बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली आज प्रस्थान कर प्रथम पड़ाव रामपुर में रात्रि विश्राम हेतु पहुंचेगी।

कल शुक्रवार, 24 अक्टूबर को डोली श्री विश्वनाथ मंदिर, गुप्तकाशी पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम के पश्चात शनिवार, 25 अक्टूबर को शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करेगी।

कपाट बंद समारोह के अवसर पर विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, कृषि विपणन बोर्ड अध्यक्ष अनिल डब्बू, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

गोवर्धन पूजा प्रकृति संरक्षण, मनुष्यों एवं जानवरों के बीच के प्रेम को दर्शाता हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित गौशाला में गोवर्धन पूजा के अवसर पर गौ माता की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जन कल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति संरक्षण, मनुष्यों एवं जानवरों के बीच के प्रेम को दर्शाता है। यह पर्व हमें अपनी परंपराओं, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बने रहने का भी संदेश देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा मिला है। गौमाता सनातन संस्कृति और कृषि जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उनकी सेवा और संरक्षण, हमारे जीवन को आगे बढ़ाता है। कई परिवारों का भरण-पोषण गाय पालन और गो-सेवा से होता है। गौ-संवर्धन धार्मिक भावनाओं से जुड़े होने के साथ ही आजीविका और आत्मनिर्भरता से भी जुड़ा हुआ है।

मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि हम सभी मिलकर गायों की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण के लिए प्रयास करें। उन्होंने कहा राज्य सरकार निराश्रित गोवंश के लिए गौ सदनों के निर्माण और संचालन को बढ़ावा दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में निराश्रित पशु (जिन्हें गौशालाओं में पाला जा रहा है) उनके भरण पोषण के लिए पहले 5 रुपए प्रति दिन प्रति पशु दिया जाता था, इसे बढ़ाकर अब 80 रुपए प्रति पशु/ प्रति दिन किया गया है। निजी रूप से गौशालाओं के निर्माण में राज्य सरकार ने 60 फीसदी सब्सिडी देने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा राज्य में करीब 54 गौ सदनों का निर्माण कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा आगे भी राज्य सरकार गौ संरक्षण के लिए कार्य करते रहेगी।