सुरकंडा रोपवे में चाइनीस उपकरणों के स्थान पर स्वदेशी उपकरणों को प्रयोग में लाएंः पर्यटन मंत्री

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई। पर्यटन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड के पर्यटन व्यवसाइयों को कोरोना संकट की परिस्थितियों से उबारने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके मद्देनजर पूर्व में 75 करोड़ की आर्थिक सहायता पर कैबिनेट अपनी मुहर लगा चुकी है। नेगेटिव कोरोना टेस्ट रिपोर्ट वाले पयर्टक अब आराम से चारधाम यात्रा तथा अन्य पर्यटक स्थलों की यात्रा कर सकते हैं। मेरा अनुरोध है कि सभी लोग सामाजिक दूरी तथा आत्म अनुशासन का परिचय दें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि यथाशीघ्र विकास कार्यों को पूरा कर राज्य की जनता को समर्पित किय जाये।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कैरवान पार्क बनाने के साथ-साथ यात्रियों के लिए सभी तरह की आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कोविड- 19 को देखते हुए तय किया गया है कि 72 घण्टे पूर्व कोविड टेस्ट करवाने वाले यात्री की रिपोर्ट यदि नेगेटिव पाई जाती है तो वह कहीं भी घूम सकता है। पर्यटन मंत्री ने कहा कि सुरकंडा रोपवे निर्माण कंपनी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह चाइनीस उपकरणों के स्थान पर स्वदेश निर्मित उपकरणों को रोपवे निर्माण में प्रयोग करे। इसीलिए उसे एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिया गया है।

सतपाल महाराज ने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रह आवास (होम स्टे) योजना जो कि कोविड-19 के चलते हुए लॉकडाउन की वजह से काफी प्रभावित हुई है उससे जुड़े व्यक्तियों एवं कार्मिकों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री राहत कोष से स्वीकृत 24. 30 करोड़ रुपए की धनराशि के सापेक्ष 11. 85 करोड़ की धनराशि उपलब्ध करवाई गई है। पर्यटन मंत्री ने बताया कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना को और अधिक आकर्षक बनाए जाने के उद्देश्य से प्रदेश के मार्गों पर संचालन हेतु एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 50 बसों-इलेक्ट्रॉनिक बसों के क्रय हेतु ऊंची संक्रम की लागत के 50 प्रतिशत किंतु अधिकतम 15 लाख रुपए की राजकीय सहायता देने का निर्णय लिया गया है।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि प्रसाद योजना के तहत केदारनाथ विकास कार्यों का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। बद्रीनाथ में भी विकास कार्य किए जा रहे हैं गंगोत्री एवं यमुनोत्री के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। बाह्य सहायतित योजनाओं में झील के समग्र पर्यटन विकास हेतु 1210 करोड रुपए के ऋण प्रदान किए जाने पर नेशनल डेवलपमेंट बैंक द्वारा सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है।

पर्यटन मंत्री जी कहा कि शीतकालीन डेस्टिनेशन के रूप में टिबरसैंण महादेव के मंदिर को विकसित करने के लिए कंेन्द्र सरकार से अनुमति मांगी है। टिबरसैंण महादेव में अमरनाथ की तरह बहुत बड़े शिवलिंग की रचना होती है। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी से मोरी हरकीदून एवं जखोल सर्किट को पर्यटन एवं ट्रैकिंग के रूप में विकसित करने के लिए कनैक्टिविटी को ध्यान रखते हुए दिशा निर्देश बोर्ड लगाने चाहिए। रोप वे परियोजनाओं के अंतर्गत हम शीतकालीन में भगवान केदारनाथ के दूर से दर्शन करते हुए केदारनाथ घाटी के सुन्दर व रमणीक पर्वतीय पहाड़ों के दर्शन कर सकते हैं।

प्रदेश के पर्यटन धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने संस्कृति विभाग के अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि वह सभी कार्यों को समय पर पूरा करें। संस्कृति विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों जानकारी देते हुए संस्कृति मंत्री श्री सतपाल महाराज ने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीर्थ यात्रियों को दी जाने वाली धनराशि को 25000 से बढ़ाकर 50,000 कर दिया गया है। इसके अलावा लोक कलाकारों का मानदेय भी दुगना कर दिया गया है। बताया कि प्रदेश में विरासत की अंगीकार योजना लागू की गई है। उन्होंने बताया कि तीलू रौतेली के नाम पर संग्रहालय बनाने की स्वीकृति मिल गई है। बागेश्वर, चंपावत, जोशीमठ, नरेंद्र नगर एवं उधम सिंह नगर में प्रेक्षाग्रह का निर्माण जारी है। सुमित्रानंदन पंत वीथिका कौसानी, जनपद बागेश्वर में उनके घर का जीर्णोद्धार का काम पूरा हो चुका है। जबकि अनाशक्ति आश्रम, कौसानी के जीर्णोद्धार का कार्य प्रगति पर है। ऋषिकेश में हिमालय संग्रहालय का निर्माण कार्य और गड़ीकैट में हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र का कार्य भी प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को किया संबोधित, सरकार के कार्यो की दी जानकारी

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड यंग थिंकर्स मीट की वर्चुअल कांफ्रेंस के माध्यम से युवाओं को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी अभियान से जब युवा जुड़ते हैं, तो वह अभियान जरूर सफल होता है। सरकार की विभिन्न योजनाओं को आगे बढ़ाने में युवा वर्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जब कोई कार्य जन सहभागिता से किया जाता तो उसे अवश्य ही सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में राज्य सरकार बनने के बाद हमने जल संरक्षण अभियान चलाया। इस अभियान में लोगों का अच्छा सहयोग रहा है। रिस्पना एवं कोसी नदी के पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया गया। कोसी नदी पर एक घण्टे में 1 लाख 67 हजार पौधे रोपे गये। देहरादून में भी एक दिन 3 लाख 52 हजार पौधे लगाये गये। यह जनसहभागिता का परिणाम रहा। युवाओं एवं पंचायत प्रतिनिधियों से लगातार संवाद किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड देने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के तहत सभी परिवारों को 5 लाख रूपये तक का हैल्थ कवरेज दिया गया। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना लागू करने वाला भी उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। इस योजना के तहत 150 प्रकृति के कार्यों को शामिल किया गया है। प्रदेश में जिस भी क्षेत्र में लोग कार्य करना चाहते हैं, लगभग सभी कार्यक्षेत्र इस योजना से आच्छादित हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव हेतु जागरूकता के लिए युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस वायरस से बचाव के लिए फिजिकल डिस्टेंस, मास्क का उपयोग एवं स्वच्छता जरूरी है। इसके लिए लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 13 डिस्ट्रिक्ट 13 न्यू डेस्टिनेशन पर कार्य कर रही है। प्रत्येक जनपदों में अलग-अलग थीम पर डेस्टिनेशन विकसित किये जा रहे हैं। प्रदेश के 500 विद्यालयों को वर्चुअल क्लास से जोड़ा गया है। 5 विश्वविद्यालयों एवं 104 महाविद्यालयों को ई-ग्रंथालय से जोड़ा गया है। प्रदेश में ई-कैबिनेट की शुरूआत की गई है। सचिवालय के 16 ऑफिस ई-ऑफिस बन चुके हैं। गैरसैंण विधानसभा भवन को ई-विधानसभा बनाया जा रहा है। देहरादून कलक्ट्रेट को ई-कलक्ट्रेट बनाया गया है। देहरादून के एसडीएम कार्यालय भी जल्द ही ई-कार्यालय से जुड़ जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में विशेष ध्यान देना होगा। स्वरोजगार से हम अपने साथ अन्य लोगों को भी रोजगार से जोड़ सकते हैं।

मुख्य सचिव ने प्रदेश के लिए अनलॉक-2 की गाइडलाइन की जारी

उत्तराखंड में नाइट कफर््यू रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक रहेगा, लेकिन इसमें रात की शिफ्ट में काम करने वालों के साथ ही शादी समारोह से लौट रहे लोगों, ट्रेन, बस से उतरकर घर जाने वाले लोगों को छूट मिलेगी।

रेस्टोरेंट रात 9 बजे तक खोले जा सकेंगे और शॉपिंग मॉल, होटल आदि पर से भी प्रतिबंध हटा लिया गया है। इसी तरह शादी समारोह आदि में शामिल होने आने वाले अतिथियों को भी क्वांरटीन नहीं होना होगा। मुख्य सचिव उत्पल कुमार की ओर से बृहस्पतिवार को अनलॉक-2 के तहत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए। इन दिशा-निर्देशों में सोशल डिस्टेंस सहित अन्य नियमों का पालन करने की शर्त कायम है।

मुख्य सचिव की ओर से गाइडलाइन जारी होने के बाद अब इस संबंध में जिलों के जिलाधिकारियों की ओर से आदेश जारी किए जाएंगे, उसके बाद ही नई व्यवस्था जिलों में लागू हो सकेगी।

इन पर अभी भी रोक बरकरार
– सिनेमा हॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, पार्क, थियेटर, बार, ऑडिटोरियम, सभागार आदि।
– स्कूल, कॉलेज आदि शक्षिण संस्थान 31 जुलाई तक बंद रहेंगे।
– केंद्र और राज्य सरकार के प्रशिक्षण संस्थान 14 जुलाई तक बंद रहेंगे।
– कंटनेमेंट जोन में पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा और जिला प्रशासन बफर जोन भी तय करेगा।
– सामाजिक, राजनीतिक, खेल, धार्मिक, सांस्कृतिक आदि गतिविधियों पर प्रतिबंध जारी।

अन्य राज्यों से आने वालों के लिए व्यवस्था
– स्मार्ट सिटी वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। परमिट आदि की जरूरत नहीं होगी, सीमा चेक पोस्ट पर रजिस्ट्रेेशन देखा जाएगा।
– हाई कोविड लोड से इतर अन्य शहरों से आने वालों को 14 दिन होम क्वारंटीन होना होगा।
– हाई कोविड लोड शहरों से आने वालों को सात दिन के लिए होम और सात दिन के लिए संस्थागत क्वारंटीन होना होगा।
– कोविड हाई लोड शहरों से फ्लाइट बदल कर आने वालों को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन होना होगा।

विदेश से आने वालों के लिए नियम
– स्मार्ट सिटी के वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। सात दिन संस्थागत और सात दिन होम क्वांरटीन रहना होगा। सात दिन तक कोविड टेस्ट का परिणाम नहीं आता है तो संस्थागत क्वारंटीन केंद्र से घर जा सकेंगे।

पर्यटकों के लिए
– पर्यटकों को 72 घंटे पहले तक कराया गया कोविड टेस्ट और परिणाम निगेटिव रहने पर संस्थागत क्वारंटीन होने की जरूरत नहीं होगी।- इन्हें भी स्मार्ट सिटी के वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
– पर्यटकों को कम से कम सात दिन की बुकिंग करानी होगी। अगर आइसीएमआर की ओर से घोषित कोविड परीक्षण केंद्रों से कराया गया टेस्ट निगेटिव है तो सात दिन का नियम लागू नहीं होगा।

होटल, रेस्टोरेंट, मॉल आदि को रियायत
– कंटेनमेंट जोन को छोड़कर पूरे प्रदेश में सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक रेस्टोरेंट खुले रह सकते हैं।
– शॉपिंग मॉल आठ बजे तक खुले रहेंगे। परिसर में स्थित रेस्टोरेंट नौ बजे तक खुले रह सकेंगे। 50 प्रतिशत दुकानें ही खुलेंगी।

धार्मिक स्थल रात आठ बजे तक खुलेंगे
– कंटेनमेंट जोन को छोड़कर सुबह सात बजे से लेकर रात आठ बजे तक धार्मिक स्थल खुले रहेंगे। हालांकि यहां किसी तरह की सभा या समारोह की इजाजत नहीं होगी।
– चार धाम यात्रा के संदर्भ में देवस्थानम बोर्ड जिला प्रशासन से राय लेकर व्यवस्था करेगा।

विवाह के मेहमानों को रियायत
– विवाह और अन्य संबंधित आयोजनों के लिए विवाह स्थलों, सामुदायिक भवनों के उपयोग की अनुमति।
– हाई कोविड लोड शहरों से किसी विवाह में शामिल होने वाले ऐसे लोग, जिनमें कोविड संक्रमण के लक्षण नहीं हैं, उन्हें क्वारंटीन नहीं होना होगा।
इसी तरह इन शहरों से आने वाले दूल्हा व दुल्हन और उनके परिजनों को भी क्वारंटीन नहीं होना होगा, लेकिन वे विवाह स्थल के अलावा कहीं और नहीं जाएंगे।

डेंगू से बचाव कार्यो की तैयारी में जुटा स्वास्थ्य विभाग, दिए जिलाधिकारियों को निर्देश

(एनएन सर्विस)
कोविड-19 के साथ ही डेंगू की रोकथाम के लिए भी प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। सचिव अमित सिंह नेगी ने सभी जिलाधिकारियों को डेंगू निरोधात्मक गतिविधियों का संचालन करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारियों को जारी निर्देशो में यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोविड-19 के नियंत्रण के लिए बनाए गए क्वारेंटाईन फैसिलिटी और कोविड केयर सेंटरों में जलभराव की समस्या न हो। इसी प्रकार जिला चिकित्सालयों और अन्य चिकित्सा इकाईयों में भी पानी इकट्ठा न होने पाए। यहां जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए पीआरडी के कार्मिकोंध्स्वयंसेवकों को तैनात किया जा सकता है। जिन स्थानों पर भी पानी की निकासी अवरुद्ध रहती है, वहां समस्या का निराकरण समय से कर लिया जाए। जन जागरूकता व जनसहभागिता के लिए आई०ई०सी० संसाधनों का समुचित व समयान्तर्गत उपयोग हो। स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य विभागों जैसे नगर निगम, शिक्षा विभाग, ग्राम्य एवं शहरी विकास, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, लोक निर्माण, जल संस्थान, जल निगम आदि में अंतर्विभागीय समन्वय किया जाए। सभी जिलाधिकारी, डेंगू की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा भी करें।

डेंगू की रोकथाम के लिए ब्लॉकवार माइक्रो प्लान
डेंगू रोग पर रोकथाम और नियंत्रण के लिए ब्लाक वार, माइका्रे प्लान बनाकर कार्यवाही की जाए। जनपदों के चिकित्सालयों (जिला/बेस व मेडिकल कालेज) में भारत सरकार की गाईडलाइन के अनुसार आवश्यक कार्यवाही जैसे पृथक डेंगू आईसोलेशन वार्ड तैयार कर मच्छरदानी युक्त पर्याप्त बेड की उपलब्धता, स्टेंडर्ड केस मैनेजमेंट आदि सुनिश्चित किया जाए और डेंगू आइसोलेशन वार्ड के लिए नोडल अधिकारी नामित किया जाए।

प्लेटलेट्स की उपलब्धता सुनिश्चित हो
डेंगू पीड़ित गंभीर रोगियों के लिए प्लेटलेट्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। डेंगू जांच केन्द्रों में समय से आवश्यक सामग्री जैसे एलिसा जांच किट व अन्य जांच सामग्री की उपलब्धता अवश्य हो। डेंगू रोगियों की शुरूआती चरण में पहचान के लिए फीवर सर्वे किये जाए, लक्षणों के आधार पर डेंगू रोग की संदिग्धता होने पर जांच की जाये। डेंगू रोगी पाये जाने की स्थिति में रोगी के घर के आस-पास लगभग 50 घरों की परिधि में आवश्यक रूप से स्पेस/फोकल स्प्रे कराने के साथ-साथ जनपदीय आर0आर0टी0 द्वारा क्षेत्र में सघन फीवर सर्विलेन्स एवं लार्वा निरोधात्मक कार्यवाहियां (सोर्स रिडक्शन) कराई जाएं। स्वास्थ्य विभाग व आई0एम0ए0 प्रतिनिधियों/निजी चिकित्सालयों/पैथोलॉजी लैबों के मध्य समन्वय बैठक की जाये ताकि आमजन में डेंगू रोग के प्रति व्याप्त भ्रान्ति/भय को दूर किया जा सके। किसी भी प्रकार की आकस्मिक/आपातकालीन आवश्यकता के दृष्टिगत जनपद स्तर पर जिला कार्ययोजना में भी डेंगू के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया जाये।

डेंगू के लिए हेल्पलाईन 104
आमजन को डेंगू सम्बन्धी जागरूकता और समुचित जानकारी प्रदान करने के लिये राज्य मुख्यालय पर इंटीग्रेटेड हेल्पलाईन क्रियाशील है जिसका टोल फ्री नं 104 है। इसी प्रकार जनपद स्तर पर डेंगू के संक्रमण काल (माह जून से नवम्बर तक) के दौरान कन्ट्रोल रूम स्थापित कर उक्त दूरभाष न० से राज्य एन०वी०बी०डी०सी०पी0 यूनिट को अवगत कराया जाए।

नगर क्षेत्रों में पार्षदों के सहयोग से हो साफ-सफाई
सचिव अमित सिंह नेगी ने सभी नगर निगमों के नगर आयुक्तों और नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को नगर क्षेत्रों में जन सहयोग से डेंगू की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। नगर निगमों द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया जाये ताकि डेंगू रोग के मच्छरों को पनपने से रोका जा सके। समस्त पार्षदों के सहयोग से लोगों को जागरूक किया जाए और साफ-सफाई की मॉनिटरिंग की जाए। निगम और नगर पंचायतों में ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए जहां मच्छर पनपने का खतरा बना रहता है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ परिसीमांत उप नगरीय क्षेत्रों में डेंगू निरोधात्मक गतिविधियों जैसे सोर्स रिडक्शन (डेंगू मच्छर के पैदा होने के स्थान को नष्ट करना), फागिंग आदि कार्य सुनिश्चित किए जाएं।

ऑनलाइन कक्षाओं में डेंगू से बचाव की जानकारी दी जाए
सचिव नेगी ने शिक्षा विभाग से भी अपेक्षा की है कि विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से डेंगू रोग से बचाव के लिए जागरूक किया जाए। अभिभावकों को भी जागरूक किया जाए। सभी विभागाध्यक्षों को भी निर्देशित किया गया है कि राजकीय कार्यालयों में नियमित रूप से परिसर में साफ सफाई की जाए। पानी की टंकियों को ढक कर रखा जाए। परिसर में कहीं भी जलभराव की समस्या न हो।

राज्य में फिल्मांकन के लिए राज्य सरकार ने गाइडलाइन जारी की

(एनएन सर्विस)
राज्य सरकार ने प्रदेश में फिल्मों की शूटिंग के लिए गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत कोविड-19 के चलते प्रदेश में पहले से लागू नियम शूटिंग दल पर प्रभावी रहेंगे। फिल्म निर्माता को शूटिंग यूनिट का वेबसाइट पर पंजीकरण करवाना होगा। महानिदेशक सूचना कार्यालय देहरादून में शूटिंग दल, अवधि और लोकेशन को लेकर पूरा विवरण देना होगा।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने गाइडलाइन जारी करते हुए बताया कि कोई भी फिल्म निर्माता इसका पालने करते हुए राज्य में फिल्मांकन कर पाएगा। फिल्म प्रोडक्शन कंपनी को कोविड-19 की रोकथाम के लिए उठाए गए समस्त कदमों का विवरण राज्य सूचना विभाग को देना जरुरी होगा। महानिदेशक सूचना की तरफ से समस्त सूचनाएं और अनुमतियां संबंधित जिलाधिकारियों को भेजी जाएंगी। शूटिंग में आने वाले दल के प्रत्येक व्यक्ति की कोविड को लेकर ट्रेनिंग अनिवार्य रहेगी। सोशल डिस्टेसिंग, फेस्क मास्क, दस्ताने और अन्य सुरक्षा उपकरणों को दल साथ में लाएगा। अगर दल के किसी सदस्य में कोरोना के लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत निकटवर्ती सरकारी अस्पताल और जिला प्रशासन को इसकी जानकारी देगा।
वहीं, शूटिंग के दौरान प्रोडक्शन कंपनी को एक नोडल अधिकारी की तैनाती भी करनी होगी। जो जिला प्रशासन को प्रत्येक सदस्य का डाटा बेस तैयार करके देगा। थर्मल स्कैनिंग से लेकर पीपीई किट व अन्य उपकरणों की जानकारी रखनी होगी। इस्तेमाल के बाद उन्हें कैसे नष्ट किया जा रहा है इसकी भी सूचना प्रशासन को देनी होगी।  
प्रोडक्शन कंपनी कोे फिल्म सेट का दिन में दो बार सैनिटाइजेशन करना अनिवार्य होगा। फोर्क लिफ्ट का कम से कम इस्तेमाल करने, सेट के बाहर, वेटिंग रूम, रेस्ट रूम में हैंड सैनिटाइजर रखना अनिवार्य होगा। स्टाफ में 65 साल से अधिक के बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं लाने की अनुमति नहीं दी गई है। गाइडलाइन में कहा गया है कि अगर लाना बेहद जरूरी है तो इसकी अनुमति जिलाधिकारी से प्राप्त करनी होगी।
वहीं, शूटिंग स्थल पर व्यक्तियों की संख्या भी कम से कम रखने पर जोर दिया गया है। इंडोर में होने वाली शूटिंग में अनिवार्य स्टाफ की संख्या 15 और आउटडोर में 30 लोग ही रहेंगे। मेकअप और हेयर ड्रेंसिंग के स्थान पर बार बार सैनिटाइजेशन करना होगा। शूटिंग स्थल पर सभी को मास्क, दस्ताने व फेस शील्ड पहननी होगी। 
एक अन्य निर्देश में शूटिंग दल को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए ट्रैवलिंग प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। जिला प्रशासन इसकी निगरानी करेगा। वाहनों में यात्रियों की संख्या गाइडलाइन के अनुसार ही रहेगी। प्राइवेट प्रापर्टी पर शूटिंग के लिए अनिवार्य अनुमति के साथ लोकेशन के सैनिटाइजेशन का खास ख्याल रखना होगा।

उत्तराखंड में 837 संक्रमित मरीज ठीक हुए

राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार इजाफा हो रहा है। आज प्रदेश में 75 और कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। अपर सचिव स्वास्थ्य डॉ. युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की है। अब प्रदेश में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 1637 हो गई है। जबकि 837 संक्रमित मरीज ठीक हो चुके हैं। अब एक्टिव केस की संख्या 778 हो गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, टिहरी जनपद में 30, देहरादून में 16, चमोली में तीन, हरिद्वार में 15, पौड़ी में एक, रुद्रप्रयाग में छह, ऊधमसिंह नगर में तीन केस सामने आए हैं। वहीं, एक प्राईवेट लैब से आई जांच रिपोर्ट में भी संक्रमित केस सामने आया है।
जबकि बीते दस दिनों में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या सक्रिय मामलों से अधिक हो गई है। प्रदेश की रिकवरी दर 51.79 प्रतिशत हो गई है। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि केंद्र की ओर से कोरोना संक्रमित मरीजों को डिस्चॉर्ज करने के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। जिसमें संक्रमित मरीज को 10 दिन निगरानी में रखा जाएगा। सात दिन के बाद यदि मरीज में कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई देते हैं तो उसे अस्पताल से घर भेजा जाएगा। प्रदेश में रिकवरी दर 51 प्रतिशत पहुंच गई है।   

डॉक्टर समेत तीन में कोरोना की पुष्टि
राजकीय दून मेडिकल अस्पताल की एक और महिला डॉक्टर समेत तीन स्वास्थ्य कर्मियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। कोरोना के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. एनएस खत्री ने इसकी पुष्टि की है। जूनियर रेजिडेंट महिला डॉक्टर कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज और देखभाल कर रही थीं। जबकि स्वास्थ्य कर्मी भी लगातार रोटेशन पर कोरोना मरीजों की देखभाल कर रहे हैं।  दून अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के कोरोना संक्रमण की जद में आने से स्वास्थ्य विभाग के साथ ही शासन प्रशासन की भी चिंता बढ़ी हुई है।

प्रवासियों में संक्रमण मिलने की प्रक्रिया हुई तेज, 146 हुए पाॅजीटिव केस

आज प्रदेशभर में 16 कोरोना संक्रमित मामले सामने आए है। जिसके बाद अब राज्य में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 146 हो गई है। वहीं इनमें से 54 मरीज ठीक हो चुके हैं। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि आज 16 नए मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें से तीन उत्तरकाशी, दो हरिद्वार, एक अल्मोड़ा, चार बागेश्वर, दो ऊधमिसंहनगर, तीन नैनीताल और एक देहरादून में सामने आया है।

बाजार बंद, सैनिटाइज कराया
जाखणीधार ब्लॉक के ढुंग में एक युवक में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने से पूरे ढुंगमंदार क्षेत्र में दहशत फैल गई है। कस्बे के बाजार बंद हो गए। प्रशासन ने पूरे गांव को सैनिटाइज कराया है।
ढुंगमंदार पट्टी में अभी तक बाहरी राज्यों से करीब चार सौ प्रवासी पहुंचे हैं। इनमें से कई रेड जोन से आए हैं। ग्राम पंचायतों ने उन्हें गांव में क्वारंटीन किया हुआ है। मुंबई से आए युवक के कोरोना पॉजिटिव आने से लोग डरे हुए हैं। बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे प्रशासन की टीम ने युवक को गांव से जिला मुख्यालय में बनाए गए कोविड-19 के केयर सेंटर में भर्ती करा दिया है।

पुलिस महानिदेशक ने दिए निर्देश…
आज पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी पुलिस कप्तानों, सेनानायकों और परिक्षेत्र प्रभारियों के साथ वीडियो कॉन्फेंसिंग कर कोरोना वायरस से बचाव की तैयारियों और लॉकडाउन की स्थिति की समीक्षा की। डीजी अपराध अशोक कुमार ने निर्देश दिए कि लॉकडाउन चार के नियमों और निर्देशों का अनुपालन्र विनम्रता और दृढ़ता के साथ कराना है। होम क्वारंटीन का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। क्वारंटीन उल्लंघन के संबंध में डायल 112 की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। इसके अलावा डायल 112 से प्राप्त घरेलू हिंसा से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लें।
सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने वालों, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वालों को किसी तरह की छूट ना दी जाए। पुलिसकर्मियों को समय-समय पर प्रशिक्षित करने और संक्रमण से बचाव हेतु उन्हें डबल प्रोटेक्शन दिया जाए। डीजी ने कोरोना ड्यूटी में नियुक्त पुलिसकर्मी तथा उल्लेखनीय कार्य करने वाले जनता के एक व्यक्ति को कोरोना वॉरियर्स के रूप में प्रतिदिन सम्मानित करने के निर्देश दिए।

गांव में बनाये जा रहे क्वारेंटाईन सेंटरों की साफ-सफाई के लिए 5-5 हजार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होम क्वारेंटाईन का उल्लंघन करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। ग्राम स्तर पर कार्यरत प्रधानों, आशा कार्यकत्रियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा की जाने वाली शिकायतों को गम्भीरता से लिया जाए। मुख्यमंत्री, वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मास्क, सेनेटाईजेशन, फिजीकल डिस्टेंस आदि बातों को लेकर निरंतर लोगों को जागरूक किए जाने की जरूरत है। सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, मीडिया व समाज के अन्य प्रबुद्धजनों के साथ संवाद कायम रखें। जो लोग भी उत्तराखण्ड आना चाहते हैं, उन्हें लाया जाना है। बाहर से घर लौटने वाले लोगों को मनोवैज्ञानिक रूप से सशक्त भी रखना है और उन्हें व्यस्त भी रखना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में बनाए जा रहे क्वारेंटाईन सेंटरों की उचित साफ सफाई के लिए ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियों को एनएचएम से 5-5 हजार रूपए दिए जा रहे हैं।
प्रधान, ग्रामीण समाज का महत्वपूर्ण अंग होते हैं। इसे देखते हुए प्रधानों को जिम्मेदारी दी गई है। परंतु इसका मतलब ये नहीं है कि उन्हें अकेले इस काम को देखना है। ग्राम स्तर के प्रशासनिक कर्मचारियों को उनके नेतृत्व में काम करना है। प्रधानों का जो भी व्यय होता है, उसकी प्रतिपूर्ति प्राथमिकता से की जाए।
मुख्यमत्री ने कहा कि इन दिनों में पॉजिटिव केस पहले की अपेक्षा अधिक बढ़े है, परंतु हमारी तैयारी बेहतर है। पेशेन्ट केयर का हमारा रिकार्ड बेहतर रहा है। अभी तक बेहतर तरीके से जिम्मेदारी का निर्वहन किया है। अब नई चुनौती आई है। इस चुनौती पर व्यावहारिकता और कुशलता के साथ खरा उतरना है। कोरोना से लम्बी लड़ाई है। इसके लिए हमें मनोवैज्ञानिक रूप से भी तैयार रहना है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग लें। हर वार्ड में चार-पांच लोगों की एक टीम हो। लोगों की आजीविका के लिए भी योजनाओं पर काम करना है। किसानों को बीज उपलब्ध करवाए जाएं। इसी प्रकार केंद्र व राज्य सरकार ने जो योजनाएं घोषित की हैं, उनसे लोग, लाभान्वित हों, यह सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि जो भी लोग बाहर से अपने घरों को आ रहे हैं, उन पर सतत निगरानी रखनी है। इसमें जिलाधिकारी ग्रामीण स्तर के स्वास्थ्य कर्मियों का उपयोग करें। आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जरूरी जांच की जाएं। एक-एक केस को ट्रेस करना है। और उनका हेल्थ चैकअप किया जाए। बीआरटी को सक्रिय रखा जाए। कॉल सेंटर के माध्यम से भी आने वाले लोगों से लगातार सम्पर्क रखा जाता है। रेड जोन से आने वालों को इंन्स्टीट्यूशनल क्वारेंटाईन में रखा जाना है। अच्छी प्रतिष्ठा वाले एनजीओ का भी सहयोग लिया जा सकता है। जिस प्रकार गांवों में प्रधानों का सहयोग लिया जा रहा है, उसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में स्थानीय निकायों को भी अधिकृत किया जाएगा। पार्षदों की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा कि क्वारेंटाईन का उल्लंघन करने वालों, सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने वालों, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वालों पर कार्रवाई की जानी है। हमें लोगों का समझाना भी है और जो न समझे उस पर कार्रवाई की जानी है।
सचिव स्वास्थ्य, नीतेश झा ने प्रदेश में कोविड-19 की अपडेटेड स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि बाहर से लोगों के आने के बाद पॉजिटिव केस बढ़ रहे हैं। अभी तक 120 पॉजिटिव केस हो चुके हैं, इनमें से 53 रिकवर हो चुके हैं। 66 एक्टीव केस हैं। अभी जितने भी केस हैं, उनमें कोई भी गम्भीर नहीं है। उन्होंने बताया कि हमारे पास आईसीयू बैड, वेंटिलेटर, पीपीई किट, एन 95 मास्क, अस्पताल/फेसिलिटी सेंटर की पर्याप्त संख्या में व्यवस्था है।
सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि प्रदेश में वापस आने के लिए अभी तक 2 लाख 33 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। लगभग 1 लाख 29 हजार लोग वापस आ चुके हैं। अभी तक 10 ट्रेनें आ चुकी हैं। और 2 ट्रेनें मार्ग में हैं। निर्धारित एसओपी के अनुसार सारी चेकिंग की प्रक्रिया की जाती है। जिलाधिकारियों को आने वाले लोगों का पूरा विवरण उपलब्ध करवाया जाता है।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, आईसीयू, वेंटीलेटर और बाईपैप मशीनों की हुई स्थापना

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के 8 जनपदों एवं देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज में 73 आई०सी0यू0, 46 वेण्टीलेटर तथा 21 बाईपैप मशीनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में राज्य में जहां केवल 3 मेडिकल कालेजों में 62 आई०सी0यू0, 37 वेण्टीलेटर तथा 4 बाईपैप मशीनें ही थीं। जबकि वर्तमान में कुल 251 आई0सी0यू0, 113 वेण्टीलेटर तथा 33 बाईपैप मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि आगामी चार माह में राज्य में आई0सी0यू0 बैड्स की संख्या 525, वेण्टीलेटर की संख्या 363 तथा बाईपैप मशीनों की संख्या 52 किये जाने की योजना को धरातल पर लाने के लिये विशेष प्रयास किये जाएं, इसके लिए धनराशि की व्यवस्था करायी गई है। मुख्यमंत्री ने इस पर भी सन्तोष व्यक्त किया कि वर्ष 2017 में जहां प्रदेश में मात्र 3 जनपदों में आई0सी0यू0 स्थापित थे वहीं अब राज्य के 11 जनपदों में आई0सी0यू0 की स्थापना पूर्ण हो चुकी है शेष 02 जनपदों अल्मोड़ा तथा बागेश्वर में भी अगले सप्ताह तक आई0सी0यू0 का संचालन प्रारम्भ हो जायेगा।
मुख्यमंत्री द्वारा ऑनलाइन वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से जिन चिकित्सालयों में आई.सी.यू वेण्टीलेटर तथा बाईपैप मशीनों का लोकापर्ण किया उनमें मेला हास्पिटल हरिद्वार में 10 आई0सी0यू0, 3 वेण्टीलेटर तथा 4 बाईपैप मशीनें, संयुक्त चिकित्सालय, रूड़की में 10 आई0सी0यू0, 1 वेण्टीलेटर तथा 2 बाईपैप मशीनें, बी.डी पांडे जिला चिकित्सालय, नैनीताल में 4 आई0सी0यू0, 1 वेण्टीलेटर तथा 1 बाईपैप मशीन, माधव आश्रम चिकित्सालय, रूद्रप्रयाग में 6 आई0सी0यू0, 4 वेण्टीलेटर तथा 2 बाईपैप मशीनें, जिला चिकित्सालय चमोली में 6 आई0सी0यू0, 3 वेण्टीलेटर तथा 5 बाईपैप मशीनें, जिला चिकित्सालय चम्पावत में 6 आई0सी0यू0, 3 वेण्टीलेटर तथा 2 बाईपैप मशीनें, जिला चिकित्सालय पिथौरागढ़ में 1 आई0सी0यू0, 2 वेण्टीलेटर तथा 1 बाईपैप मशीन, जिला चिकित्सालय पौड़ी में 1 वेण्टीलेटर तथा 1 बाईपैप मशीन के साथ ही दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून में 30 आई0सी0यू0, 28 वेण्टीलेटर तथा 3 बाईपैप मशीनों की स्थापना शामिल है।
इस अवसर पर कोविड-19 के दृष्टिगत उपचार हेतु की गई व्यवस्थाओं की भी मुख्यमंत्री ने समीक्षा की। मुख्यमंत्री को बताया गया कि वर्तमान में कोविड-19 के पोजिटिव मामलों के लिये 753 आइसोलेशन बेड सरकारी तथा 856 निजी अस्पतालों में की गई है, जबकि सस्पेकटेड कोविड-19 के लिये 745 बेड सरकारी तथा 2450 निजी अस्पतालों में की गई है। इसी के तहत 103 वेण्टीलेटर सरकारी तथा 189 वेण्टीलेटर निजी अस्पतालों में की गई है जबकि 136 आई0सी0यू बेड सरकारी तथा 498 आई0सी0यू0 की व्यवस्था निजी अस्पतालों में की गई है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी सम्बन्धित चिकित्सालयों के चिकित्सकों से भी वार्ता कर उनकी समस्यायें सुनी तथा उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव स्वास्थ्य नितेश झा, अपर सचिव युगल किशोर पंत, अरूणेन्द्र सिंह चैहान व महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमिता उप्रेती उपस्थित थीं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को लाॅकडाउन में हो रही समस्याओं की दी जानकारी

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से उनके आवास में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भेंट की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनसमस्याओं के संबंध में मुख्यमंत्री से चर्चा की तथा कोरोना संक्रमण से बचाव में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा इस संबंध में सहयोग का आश्वासन भी मुख्यमंत्री को दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी के सहयोग एवं व्यापक जागरूकता तथा दृढ़ इच्छा शक्ति के बल पर हम इस संकट का सामना कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन की स्थिति में आम जनता को कोई कठिनाई न हो इसके लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। फसल कटाई के लिए किसानों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखने के साथ ही मास्क की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी मास्क तैयार कर वितरण की व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खाद्यान्न सहित अन्य आवश्यक सामग्री की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। प्रदेश के 13 लाख कार्ड धारकों को 15 किलो राशन के अलावा 5 किलो प्रति यूनिट अतिरिक्त राशन उपलब्ध कराए जाने के साथ ही 3 माह का राशन अग्रिम दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉक डाउन के कारण प्रदेश में फंसे पर्यटकों एवं अन्य लोगों के साथ ही कोरोना के दृष्टिगत क्वॉरेंटाइन में रखे गए लोगों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, पूर्व दायित्व धारी अजय सिंह, पूर्व विधायक राजकुमार आदि उपस्थित थे।