सीएम धामी ने किया उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की कई योजनाओं का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए अनेक नई कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने श्रमिक और श्रमिक परिवारों के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ योजना के अन्तर्गत 02 मेडिकल मोबाइल वैन का भी फ्लैग ऑफ किया।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार श्रमिक कल्याण के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में आज शुरु की जा रही कल्याणकारी योजनाएं भी श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री पोषण योजना” के माध्यम से जहां श्रमिक परिवारों को पोषण सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री शिक्षा सामग्री योजना के माध्यम से श्रमिक भाई -बहनों के बच्चों को शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान से प्रेरणा लेकर शुरु की जा रही मुख्यमंत्री स्वच्छता सामग्री वितरण कार्यक्रम के जरिए श्रमिक परिवारों में हाईजिन किट का वितरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को कौशल प्रदान करने के लिए शुरु की जा रही, मुख्यमंत्री योग एवं वेलनेस आरोग्य योजना, के अंतर्गत पात्र छात्र-छात्राओं को योग एवं वेलनेस के क्षेत्र में निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। योजना के तहत हर साल 210 बच्चों को आवासीय सुविधायुक्त प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस योजना के तहत तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 70 युवाओं को भी प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद रोजगार से जोड़ने की भी व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड पारदर्शी तरीके से कार्य कर रहा है, इसका लाभ वास्तविक श्रमिकों तक पहुंच रहा है। इसी क्रम में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य परीक्षण योजना के अंतर्गत शुरु मोबाइल मेडिकल वैंस के जरिए विशेष स्वास्थ्य दल दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँचकर श्रमिक भाई-बहनों को उनके कार्य एवं आवास स्थल पर ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराएंगे। इस मोबाइल मेडिकल वैन में एक्स-रे, ईसीजी सहित 44 प्रकार की जाँचें पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएँगी। साथ ही इस वैन में टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह भी मिलेगी तथा जाँच के बाद तीन महीने तक उनके स्वास्थ्य की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी। इसकी शुरुआत पौड़ी गढ़वाल और चम्पावत जनपद से हो रही है, जिसे चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में श्रमिकों के मान सम्मान को बढ़ाने के लिए’’श्रमेव जयते’’ का मंत्र दिया था। इसी क्रम में राज्य सरकार भी ’’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’’ के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए राज्य के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों को केवल श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति मानती है।

सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि जो हाथ प्रदेश के विकास का निर्माण करते हैं, उनका और उनके परिवार का जीवन भी सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध होना चाहिए। इसी सोच के तहत एक ओर राज्य सरकार श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है। वहीं महिला श्रमिकों एवं श्रमिक परिवारों को मातृत्व के दौरान बेहतर देखभाल और पोषण के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा श्रमिक परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए भी आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

बोर्ड में पंजीकरण नवीनीकरण कराते रहें श्रमिक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रमिकों को उनके कार्य के लिए आवश्यक औजार, साइकिल और सिलाई मशीन उपलब्ध कराकर उन्हें आजीविका की दृष्टि से और अधिक सशक्त बनाने का प्रयास भी कर रही है। इसके अलावा, पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को अपना घर बनाने या घर खरीदने के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही, वृद्ध निर्माण श्रमिकों को मासिक पेंशन उपलब्ध कराकर उनके जीवन को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान देने का कार्य भी हमारी सरकार द्वारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आग्रह करते हुए कहा कि सभी पात्र श्रमिक उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में अपना पंजीकरण समय-समय पर नवीनीकृत कराते रहें, जिससे सरकार द्वारा संचालित सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुंच सके। इससे पहले बोर्ड के सचिव पीसी दुम्का ने बोर्ड की विभिन्न गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत करने के साथ ही नई योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

इस मौके पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, दुर्गेश्वर लाल, राज्य सलाहकार संविदा बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश पंत, सतर्कता समिति की अध्यक्ष गीता रावत, उपाध्यक्ष मोहनी पोखरिया, अध्यक्ष मीडिया सलाहकार समिति प्रो. गोविन्द सिंह, सचिव श्रीधर बाबू अद्यांकी, श्रमायुक्त पी. सी. दुम्का उपस्थित हुए।

सीएम ने 212 महिला लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में 1 करोड़ 55 लाख 40 हजार रुपये की हस्तांतरित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने योजना के द्वितीय चरण के अंतर्गत 212 नई महिला लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में 1 करोड़ 55 लाख 40 हजार रुपये तथा योजना के प्रथम चरण की 276 महिला लाभार्थियों को द्वितीय किश्त के रूप में 1 करोड़ 20 लाख 76 हजार 875 रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। इस प्रकार आज कुल 488 महिला लाभार्थियों को 2 करोड़ 76 लाख 16 हजार 875 रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई। ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के प्रथम चरण में 10 फरवरी 2026 को 484 महिला लाभार्थियों को 03 करोड़ 45 लाख की सहायता राशि प्रदान की गई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी मातृशक्ति होती है। जब महिलाएं सशक्त होती हैं तो परिवार, समाज और राष्ट्र भी सशक्त बनता है। उत्तराखण्ड की माताएं और बहनें परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। राज्य सरकार का संकल्प प्रत्येक महिला को सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का सशक्त आधार उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का उद्देश्य एकल, निराश्रित, विधवा, परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिलाओं के साथ-साथ एसिड अटैक पीड़िताओं, अन्य आपराधिक घटनाओं से प्रभावित महिलाओं तथा ट्रांसजेंडर को स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना के अंतर्गत महिलाओं को उनके निवास स्थान अथवा स्थानीय क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित करने के लिए अधिकतम 2 लाख रुपये तक की परियोजना स्वीकृत की जाती है, जिसमें 75 प्रतिशत तक अनुदान राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि महिलाओं को सम्मानपूर्वक अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। महिला आरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी अभियान तथा तीन तलाक जैसी कुप्रथा की समाप्ति जैसे ऐतिहासिक निर्णयों ने महिलाओं को विकास की मुख्यधारा में सशक्त भागीदारी प्रदान की है। राज्य सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में महिलाओं के सर्वांगीण विकास एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना तथा मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है। राज्य सरकार 15 हजार से अधिक महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों एवं लखपति दीदियों को इन्क्यूबेशन सुविधा उपलब्ध करा रही है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की लगभग 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी हैं। 7 हजार से अधिक ग्राम संगठन तथा 500 से अधिक क्लस्टर संगठन महिलाओं के सामूहिक नेतृत्व को सशक्त बना रहे हैं। वहीं, 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। राज्य सरकार महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन के लिए भी सुदृढ़ व्यवस्था विकसित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया है। साथ ही, समान नागरिक संहिता लागू कर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें समान न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना प्रदेश की हजारों महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखेगी।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना प्रदेश की एकल महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता, सम्मान और आत्मविश्वास का नया अध्याय लिख रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को सहायता की पात्र नहीं, बल्कि विकास की साझेदार मानते हुए उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य कर रही है। योजना के माध्यम से एकल महिलाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, विपणन और उद्यमिता से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने लाभार्थी महिलाओं से इस अवसर का पूरा लाभ उठाकर अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना की लाभार्थी महिलाओं ने राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना को आगे बढ़ाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर सचिव महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास चन्द्रेश कुमार, निदेशक बंशीलाल राणा एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

जापानी प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय एवं दून विवि का किया भ्रमण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर राज्य के युवाओं को विदेश में सीधे रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में उत्तराखंड सरकार की मुहिम तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार के प्रयासों से मंगलवार को जापान के आए प्रतिनिधि मंडल ने सर्वे चौक, देहरादून स्थित क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय एवं दून विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। यह सभी प्रतिनिधिमंडल अनाडुकी ग्लोबल करियर कंपनी लिमिटेड, जापान से हैं। जिसमें हिदेतारो उसुई, माई इकुता एवं मिहोको मात्सुमोतो शामिल हैं।

जापानी प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा उत्तराखण्ड और जापान के मध्य कौशल विकास, जापानी भाषा प्रशिक्षण तथा अंतरराष्ट्रीय रोजगार सहयोग को नई गति प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा युवाओं को दिए जा रहे भाषा एवं कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अवलोकन किया तथा जाना कि उत्तराखण्ड सरकार किस प्रकार युवाओं को वैश्विक रोजगार के लिए तैयार कर रही है। साथ ही, उन्होंने उन क्षेत्रों की संभावनाओं का अध्ययन किया जिनमें उत्तराखण्ड के युवाओं को जापान में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में भ्रमण के दौरान किया छात्रों से भी किया संवाद

जापानी प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में भ्रमण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन और वैश्विक रोजगार योजना के अंतर्गत जापानी भाषा सीख रहे प्रशिक्षित अभ्यर्थियों से संवाद किया तथा उनके जापानी भाषा, तकनीकी दक्षता एवं रोजगार संबंधी तैयारियों की जानकारी प्राप्त की। प्रतिनिधियों ने छात्रों को जापानी भाषा के सही उच्चारण, व्यावहारिक संवाद और कॉरपोरेट एथिक्स की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने जापान की कार्य संस्कृति से छात्रों को अवगत कराया।प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस समय जापान में आईटी, हॉस्पिटैलिटी, इंजीनियरिंग, केयरगिविंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कुशल और जापानी भाषा जानने वाले युवाओं की आवश्यकता है।

इस अवसर पर मौजूद निदेशक सेवायोजन नरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को वैश्विक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के माध्यम से युवाओं को विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति एवं रोजगार संबंधी आवश्यक कौशल भी प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जापान की प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधियों का उत्तराखंड आगमन राज्य के युवाओं के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जिससे उन्हें विदेशों में बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

दून विश्वविद्यालय में भाषा की बारीकियों के साथ वर्क कल्चर पर हुई चर्चा

जापानी प्रतिनिधिमंडल ने दून विश्वविद्यालय का भ्रमण कर जापानी भाषा विभाग के प्राध्यापकों एवं प्लेसमेंट प्रभारियों के साथ बैठक की। बैठक में जापानी भाषा शिक्षा को और अधिक प्रभावी एवं रोजगारोन्मुख बनाने, शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों के लिए जापान में उच्च शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जापान में सफल करियर के लिए भाषा के ज्ञान के साथ जापान की कार्य संस्कृति, सामाजिक व्यवहार, रहन-सहन और सांस्कृतिक मूल्यों की समझ भी आवश्यक है। साथ ही, दोनों पक्षों के बीच भविष्य में भी शैक्षणिक एवं कौशल विकास संबंधी सहयोग को और सुदृढ़ करने पर भी सहमति बनी।

इस अवसर पर मौजूद मुख्यमंत्री के अपर सचिव मनमोहन मैनाली ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य युवाओं को देश के साथ विदेशों में भी रोजगार देने का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि जापान सहित विभिन्न देशों के साथ स्थापित हो रहा यह सहयोग उत्तराखण्ड के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार और करियर के नए द्वार खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मनमोहन मैनाली ने कहा कि जापानी प्रतिनिधिमंडल द्वारा राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई है। उन्होंने कहा शिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में आगे भी कार्य किया जाएगा, ताकि उत्तराखण्ड के युवा वैश्विक रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें और उन्हें विदेशों में बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त हों।

इस अवसर पर उपनिदेशक चंद्रकांता, नोडल अधिकारी विनीता बड़ोनी, लर्नेट स्किल्स के स्टेट हेड रमेश पेटवाल, दून विश्वविद्यालय से जापानी भाषा की असिस्टैंट प्रोफेसर डॉ. दीपिका भाटिया, प्लेसमेंट सेल की प्रभारी डॉ. स्वाति बिष्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस रेल सेवा का सीएम धामी व रेल मंत्री वैष्णव ने वर्चुअल माध्यम से किया संयुक्त फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल माध्यम से रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस रेल सेवा का संयुक्त रूप से फ्लैग ऑफ कर नियमित संचालन का शुभारंभ किया। यह रेल सप्ताह में दो बार चलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नई रेल सेवा उत्तराखंड की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह केवल एक नई ट्रेन नहीं, बल्कि कुमाऊं और गढ़वाल मंडलों के बीच विकास, संपर्क और अवसरों की नई जीवनरेखा सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखंड में रेलवे अवसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि रामनगर से देहरादून तक संचालित होने वाली यह रेल सेवा काशीपुर, रोशनपुर, पिपलसाना, मुरादाबाद, नजीबाबाद और हरिद्वार होते हुए चलेगी, जिससे कुमाऊं और गढ़वाल के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े क्षेत्र से भी प्रदेश की सीधी और सुगम रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी। इससे यात्रियों, विद्यार्थियों, व्यापारियों, कर्मचारियों तथा पर्यटकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध यात्रा का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे आधुनिकता के नए युग में प्रवेश कर चुकी है। रेलवे सुरक्षा, गति, तकनीकी उन्नयन और यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हैं। वंदे भारत और नमो भारत जैसी अत्याधुनिक ‘मेड इन इंडिया’ ट्रेनों ने भारत की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता को नई पहचान दी है। उन्होंने कहा कि रेलवे अब हरित एवं अत्याधुनिक तकनीकों की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड की महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का कार्य अंतिम चरण में है। यह परियोजना राज्य के सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक तथा पर्यटन विकास को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को दो वंदे भारत ट्रेनों की सौगात मिल चुकी है तथा वर्ष 2026-27 में प्रदेश को रेलवे अवसंरचना विकास के लिए रिकॉर्ड 4,769 करोड़ रुपये का रेल बजट प्राप्त हुआ है। वर्तमान में राज्य में लगभग 39 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न रेलवे परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड में सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी तथा आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से विकास की गति दोगुनी हुई है और राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

केंद्रीय रेल मंत्री बोले- यात्रियों की संख्या बढ़ने पर रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस का संचालन प्रतिदिन किया जाएगा

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेल देश के सर्वांगीण विकास का मजबूत आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में रेल संपर्क को सुदृढ़ करने के लिए केंद्र सरकार निरंतर कार्य कर रही है और नई रेल सेवाएं प्रदेश के आर्थिक विकास, पर्यटन और जनसुविधाओं को नई गति प्रदान करेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। अगर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी तो इसे प्रतिदिन चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेस गढ़वाल और कुमाऊं के लिए सेतु का कार्य करेगी।

उत्तराखण्ड में रेलवे के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों की सराहना करते हुए केन्द्रीय रेल मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड से देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए प्रमुख नई और विस्तसारित 20 रेल सेवाएं शुरू की गई। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के 11 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। उन्होंने राज्य में रेलवे के विस्तार के लिए पूरा सहयोग देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
रेल मंत्रालय द्वारा वर्ष 2023 से अब तक उत्तराखंड से देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए शुरू की गई प्रमुख नई/विस्तारित नियमित रेल सेवाओं की सूची-

1. देहरादून दृ आनंद विहार टर्मिनल वंदे भारत एक्सप्रेस
2. देहरादून दृ लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस
3. योग नगरी ऋषिकेश दृ प्रयागराज एक्सप्रेस
4. योग नगरी ऋषिकेश दृ वीरभूमि (मालदा टाउन) एक्सप्रेस
5. योग नगरी ऋषिकेश दृ यशवंतपुर (बेंगलुरु) एक्सप्रेस
6. देहरादून दृ बनारस एक्सप्रेस
7. देहरादून दृ सुभेदारगंज (प्रयागराज) एक्सप्रेस
8. हरिद्वार दृ गोरखपुर एक्सप्रेस
9. हरिद्वार दृ अमृतसर एक्सप्रेस (विस्तारित/नई सेवा)
10. टनकपुर दृ दिल्ली (पूर्णागिरि जनशताब्दी सेवा का विस्तार/सुदृढ़ीकरण)
11. लालकुआँ दृ राजकोट एक्सप्रेस (विस्तारित सेवा)
12. लालकुआँ दृ कोलकाता एक्सप्रेस
13. काठगोदाम दृ जैसलमेर एक्सप्रेस
14. काठगोदाम दृ मुंबई (बांद्रा टर्मिनस) एक्सप्रेस (विस्तारित सेवा)
15. देहरादून दृ कोटा एक्सप्रेस (सुधारित/विस्तारित सेवा)
16. हरिद्वार दृ लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष सेवा (बाद में नियमित संचालन)
17. लालकुआँ दृ किशनगंज एक्सप्रेस (विशेष से नियमित संचालन की दिशा में सेवा)
18. उत्तराखंड से विभिन्न राज्यों के लिए नई मौसमी/विशेष सेवाओं में से एक को बाद में नियमित सेवा के रूप में शामिल किया गया।
19. टनकपुर से नांदेड़ साप्ताहिक एक्सप्रेस।
20. रामनगर- देहरादून एक्सप्रेस रेल सेवा।

इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, अरविंद पांडे और रेलवे के अधिकारी मौजूद थे।

उत्तराखंड से सेना में सेवा देने वाले प्रत्येक युवा को मिलेगा सम्मानजनक भविष्यः सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूथ फाण्डेशन ट्रेनिंग एरिया-कुआंवाला, देहरादून में यूथ फाउण्डेशन द्वारा आयोजित युवा अग्निवीर संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस अवसर मुख्यमंत्री ने घोषणा कि की पर्यटन विभाग की होमस्टे योजना के अंतर्गत पूर्व सैनिकों तथा अग्निवीरों को होमस्टे स्थापित करने के लिए विशेष अनुदान दिया जाएगा। सीमावर्ती गांवों में स्थानीय निवासियों, पूर्व सैनिकों एवं अग्निवीरों को स्वरोजगार से संबंधित अवस्थापना सुविधाएं विकसित करने हेतु विशेष अनुदान स्वीकृत किया जाएगा एवं सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए एक समर्पित सेल की स्थापना की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अग्निवीरों, सैनिकों और शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। शहीद परिवारों की अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजन की व्यवस्था की गई है। सरकारी नौकरी के लिए आवेदन की समय-सीमा 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष की गई है एवं वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों के सम्मान में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्ध विधवाओं एवं दिव्यांग सैनिकों के लिए विशेष सहायता एवं पूर्व सैनिकों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार हेतु आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है।

अग्निवीरों से वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवारों का सम्मान, राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार, अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। सेवा पूर्ण करने वाले अग्निवीरों को पुलिस, वन विभाग, आपदा प्रबंधन सहित राज्य की सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई है। इसके साथ अधिकतम आयु सीमा में छूट तथा भर्ती प्रक्रियाओं में आवश्यक भी प्राथमिकता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का उद्देश्य है कि सेना में सेवा देने वाले प्रत्येक युवा को सम्मान जनक भविष्य मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा अग्निवीर बनना केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का सर्वाेच्च अवसर है। सेना में बिताए गए चार वर्ष अग्निवीरों के पूरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होगी। अग्निवीरों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटूट है। उन्होंने कहा उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनेगा, जहां अग्निवीरों के लिए विशेष श्अग्निवीर सेलश् की स्थापना भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के मुख्यसेवक के रूप में उन्होंने हमेशा जनता की सेवा की है। राज्य की सेवा करने का अवसर उन्हें देवभूमि की जनता के आशीर्वाद से मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उन्होंने बाबा केदार की भूमि से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था। राज्य सरकार उनके संकल्प अनुसार ही उत्तराखंड को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 2022 में राज्य की जनता ने विकास और सुशासन को चुना है। आज डबल इंजन की सरकार, डबल रफ्तार से विकास को आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा वे स्वयं एक सैनिक के बेटे हैं। उन्होंने बचपन से सैनिकों का अनुशासन, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण को देखा है। उन्होंने अपने जीवन में संस्कार, अनुशासन अपने पिताजी से सीखा। उन्होंने कहा सैनिकों के बीच में आकर उन्हें अपने परिवार की अनुभूति होती है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उत्तराखंड को सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाने का काम किया है। आज देश में सबसे पहले यूसीसी लागू करने वाला राज्य उत्तराखंड बना है। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने भर्ती घोटालों के सभी प्रकरणों को गंभीरता से लिया और सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया, जिसमें उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है। उन्होंने कहा 100 से अधिक नकल माफिया को जेल भेजा गया। सख्त नकल विरोधी कानून लागू करने का परिणाम है कि आज उत्तराखंड के अंदर रिकॉर्ड भर्तियां हुई हैं। पिछले 5 साल में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई। उन्होंने कहा राज्य में पूरी पारदर्शिता के साथ पात्र युवाओं को नौकरी मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में सबसे पहले उत्तराखंड राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर दिया गया है। जिससे सबके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के द्वार खुल गए हैं। उन्होंने कहा हर बच्चे को पढ़ने और आगे बढ़ने का अधिकार है। उन्होंने कहा राज्य में हर क्षेत्र में काम किया जा रहा है। किसानों के लिए कीवी, एप्पल, तिमरु मिशन जैसी कई योजनाएं संचालित हैं। सतत विकास लक्ष्य की सूची में उत्तराखंड में पहला स्थान हासिल किया है। राज्य को फिल्म फ्रेंडली स्टेट के रूप में भी सम्मानित किया गया है। निर्यात सूचकांक में बढ़त हुई है। अब राज्य के युवा अपने घर , गांव में ही रोजगार को बढ़ावा दे रहे हैं। चार धाम यात्रा, आदि कैलाश यात्रा, शीतकालीन यात्रा जैसी अनेकों यात्राओं में बीते 4 सालों में 24 करोड़ से अधिक पर्यटक उत्तराखंड आए हैं।

इस अवसर पर विधायक बृजभूषण गैरोला, यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कौठियाल (से.नि), मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत (से.नि), जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

लोकपर्व हरेला पर सीएम धामी ने किया श्रावणी मेले का शुभारंभ, पौधरोपण कर दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम पहुंचकर पारंपरिक विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रावणी मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जागेश्वर धाम के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं जन-कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने श्रावणी मेले के सफल एवं सकुशल आयोजन की मंगलकामना करते हुए प्रदेशवासियों और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत हमारी सबसे बड़ी धरोहर है। हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और मानव तथा प्रकृति के अटूट संबंध का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिकाधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जागेश्वर मंदिर परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

श्रावणी मेले के उद्घाटन अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को संरक्षित एवं संवर्धित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है और यहां आकर प्रत्येक व्यक्ति दिव्य ऊर्जा एवं आध्यात्मिक शांति का अनुभव करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भी जागेश्वर धाम की पावन भूमि से सदैव नई ऊर्जा एवं प्रेरणा प्राप्त होती है। यही दिव्य ऊर्जा उन्हें प्रदेशवासियों की सेवा के लिए निरंतर कार्य करने की शक्ति प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए उनकी मूल सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर मास्टर प्लान के अंतर्गत लगभग 147 करोड़ रुपये की लागत से जागेश्वर धाम का सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इस परियोजना में मंदिर परिसर की प्राचीन गरिमा एवं मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इससे धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा क्षेत्र की आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जागेश्वर धाम आगमन के बाद देशभर के श्रद्धालुओं में इस पवित्र धाम के प्रति विशेष आकर्षण बढ़ा है। इसका परिणाम है कि पिछले दो महीनों में चार लाख से अधिक श्रद्धालु जागेश्वर धाम पहुंच चुके हैं। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ेगी, जिससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन एवं स्वरोजगार को व्यापक लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘‘विकल्प रहित संकल्प’’ के मंत्र के साथ उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से धार्मिक पर्यटन, आधारभूत ढांचे, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता एवं प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड शीघ्र ही देश के अग्रणी एवं सर्वश्रेष्ठ राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने श्रावणी मेले में आए श्रद्धालुओं से आस्था, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि की पवित्रता, प्राकृतिक संपदा एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। श्रावणी मेला हमारी समृद्ध परंपराओं, लोक संस्कृति एवं सामाजिक समरसता का जीवंत उत्सव है, जिसे और अधिक भव्य एवं दिव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर एस, जागेश्वर मंदिर समिति के पदाधिकारी सहित जनप्रतिनिधि, स्थानीय लोग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रावणी मेला शुभारंभ के साक्षी बने।

उत्तराखंड में ‘सेवा ही संगठन’ का भाव और सुदृढ़ः तरुण चुग

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने आज देहरादून में भारतीय जनता पार्टी, उत्तराखंड की संगठनात्मक बैठक में प्रदेश में चल रहे संगठनात्मक कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की तथा आगामी कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए उपस्थित पदाधिकारियों का मार्गदर्शन किया। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा पूर्व सांसद जमयांग सेरिंग नामग्याल भी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल ने किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, सांसद अजय भट्ट, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, प्रदेश महामंत्री कुन्दन परिहार, प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज सहित सभी कैबिनेट मंत्री, प्रदेश पदाधिकारी, विधायक, जिला प्रभारी, सह-प्रभारी एवं जिलाध्यक्ष उपस्थित रहे।

बैठक से पूर्व चुग की देवभूमि उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से आत्मीय भेंट हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य को जनभागीदारी के माध्यम से साकार करने तथा श्सेवा ही संगठनश् की भावना को और अधिक मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई।

मीडिया को संबोधित करते हुए तरुण चुग ने महाराष्ट्र के यशस्वी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को किसानों के लिए रूपये 36,585 करोड़ की ऐतिहासिक कर्जमाफी योजना लागू करने पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य के लाखों किसानों को बड़ी राहत देने वाला यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की किसान-हितैषी सोच का सशक्त प्रमाण है।

चुग ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वे बताएं कि किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी का चुनावी वादा आखिर कब पूरा होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब का किसान आज भी कर्ज, फसलों के संकट और झूठे आश्वासनों के बोझ तले दबा हुआ है, और वादे करने वाली सरकार जवाबदेही से आखिर कब तक भागती रहेगी।

सीएम धामी ने उत्तराखंड सीएसआर डायलॉग’ कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ किया संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखंड सीएसआर डायलॉग’ कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से उत्तराखंड की विकास यात्रा में सहयोग करने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने कॉर्पाेरेट जगत के प्रतिनिधियों, विभिन्न केंद्रीय उपक्रमों के अधिकारियों, सीएसआर पार्टनर्स, उद्योग एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि हमारे धर्म ग्रंथों में भी लिखा गया है कि तीर्थ स्थलों पर किए गए दान पुण्य का विशेष महत्व है। इसलिए कॉरपोरेट समूहों द्वारा देवभूमि उत्तराखंड में, सीएसआर के तौर पर दिए गए योगदान का महत्व भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि देवभूमि में जन्म लेना का अवसर तो ईश्वर देता है, लेकिन हर कोई देवभूमि में कर्म कर अपना योगदान दे सकता है। इसलिए सभी लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहुत से समूह सीएसआर के तहत शानदार काम कर रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड में स्थापित अन्य समूहों से भी अपना सीएसआर उत्तराखंड में ही खर्च करने की अपील की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ये कार्यक्रम कोई औपचारिक बैठक नहीं बल्कि देवभूमि उत्तराखंड के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक साझा संकल्प है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में कौशल विकास, सड़क सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, ग्राम विकास तथा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए किए गए हैं। साथ ही देश के प्रतिष्ठित कॉर्पाेरेट समूहों ने उत्तराखंड के लिए कई नए प्रोजेक्ट्स की घोषणा भी की है।

उत्तराखंड की विकास संबंधित चुनौतियां भिन्न

इस मौके मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की अपनी विशिष्ट परिस्थितियाँ हैं, उत्तराखंड एक पर्वतीय और सीमांत प्रदेश है। यहां की पारिस्थितिकी अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए इस राज्य की विकास संबंधी चुनौतियाँ भी अन्य राज्यों से भिन्न हैं। यहां ज्यादा संसाधन और मेहनत खर्च करनी पड़ती है। इसलिए हमारे लिए समग्र विकास का अर्थ केवल सड़कें, भवन और आधारभूत संरचनाएँ खड़ी करना ही नहीं है बल्कि रोजगार सृजन, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच समन्वय स्थापित करना है। इसलिए राज्य को ऐसा विकास चाहिए जो पहाड़ों की संवेदनशीलता का सम्मान करे, साथ ही जंगलों और नदियों को भी सुरक्षित रखने के साथ ही युवाओं को राज्य के भीतर ही रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उद्देश्य की प्राप्ति में कॉरपोरेट जगत का अनुभव, संस्थागत क्षमता, आधुनिक प्रबंधन शैली और सामाजिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

औद्योगिक विकास को समर्पित सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार उत्तराखंड को औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में वर्ष 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया, जिसमें राज्य को 3.56 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इसमें से अब तक 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में सफलता मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने व्यापार को सुगम बनाने के लिए लाइसेंसिंग प्रोसेस को आसान करते हुए जहां एक ओर सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था लागू की है। वहीं औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और डैडम् नीति सहित 30 से अधिक नीतियां लाकर उद्योगों को एक बेहतरीन और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने का काम किया है। इसके साथ ही राज्य में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन सेंटर्स की स्थापना और 200 करोड़ रुपए के वेंचर फंड की व्यवस्था भी की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इन्हीं प्रयासों से नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। इसके साथ-साथ, उत्तराखंड को श्ईज ऑफ डूइंग बिजनेसश् में श्एचीवर्सश् तथा स्टार्टअप रैंकिंग में श्लीडर्सश् की श्रेणी प्राप्त हुई है।

पारदर्शी नितियों का लाभ मिला उद्योगों को

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसी भी राज्य में अच्छा औद्योगिक माहौल तब तक नहीं बन सकता जब तक कि शासन में पारदर्शिता न हो। इसीलिए, प्रदेश सरकार ने प्रदेश के इतिहास में पहली बार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए बीते वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की है। राज्य सरकार की पारदर्शिता का सीधा लाभ उद्यमियों को मिल रहा है। उन्हें अब योजनाओं की स्वीकृति, जमीन आवंटन, औद्योगिक लाइसेंस या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में किसी भी अनावश्यक बाधा या भ्रष्टाचार का सामना नहीं करना पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने उद्यमी को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश के अग्रणी “इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट” के रूप में स्थापित करने के लिए संकल्पित है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त करते हुए कहा कि कॉर्पाेरेट कुशलता और प्रदेश सरकार की पारदर्शी नीतियां मिलकर एक ऐसी श्सस्टेनेबल इकोनॉमीश् का निर्माण करेंगी, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनेगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव विनय शंकर पांडेय, एमडी सिडकुल डॉ. सौरभ गहरवार, अपर सचिव मनमोहन मैनाली शामिल हुए।

इनके साथ हुआ एमओयू
किया, हुंडई, लर्नेंट दृ इंफोशिस फाउंडेशन, ओएनजीसी, आईटीसी, महेंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी लिमिटेड, आदित्य बिरला कैपिटल, फिनोलेक्स, पैनोसोनिक।

ऋषिकेश में आयोजित सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम में 3.5 हजार से अधिक लोगों ने उठाया जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईडीपीएल ग्राउंड, ऋषिकेश में सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान कार्यक्रम में 20 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता रही। विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया एवं मुख्यमंत्री को उनके कार्याकाल के सफलतम 5 साल होने पर बधाई दी।

सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में देहरादून, हरिद्वार एवं टिहरी जनपदों के विभिन्न विभागों ने समन्वित रूप से सेवाएं प्रदान कीं। इंटीग्रेटेड एफर्ट (एकीकृत प्रयास) के तहत आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर आमजन को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया गया। इससे नागरिकों को एक ही स्थान पर अनेक विभागों की सेवाएं प्राप्त हुईं।

कार्यक्रम में आयोजित विशाल स्वास्थ्य शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा गंभीर एवं पुरानी बीमारियों की 1009 मरीजों की जांच एवं उपचार किया गया। शिविर में 212 हड्डी रोगियों, 70 स्त्री रोगियों तथा 81 नेत्र, नाक एवं कान संबंधी रोगियों का परीक्षण एवं उपचार किया गया। इसके अतिरिक्त 13 बच्चों का टीकाकरण किया गया, 15 आयुष्मान कार्ड एवं 20 आभा कार्ड बनाए गए। 95 एक्स-रे एवं 70 रक्त जांचें की गईं। आयुष विभाग द्वारा 310 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क औषधियों का वितरण भी किया गया। इसके अतिरिक्त 23 लोगों के विकलांग प्रमाण पत्र ऑनलाइन पंजीकरण किए गए।

समाज कल्याण विभाग द्वारा विधवा वृद्धावस्था दिव्यांग सहित 75 लोगों की पेंशन मौके पर स्वीकृत की गई तथा 10 लोगों के यूडीआईडी कार्ड भी निर्गत किए गए। वही 280 दिव्यांगजनो को सहायक उपकरण वितरित किए गए। शिविर में कृषि, उद्यान, उद्योग, डेयरी, मत्स्य, रेशम, पशुपालन, लीड बैंक ने करीब 1200 से अधिक लाभार्थियों को विभागीय योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

पुरस्कार /सम्मान
राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लघु उद्योगों, स्वयं सहायता समूहों तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान सहकारिता विभाग के अंतर्गत पंजीकृत पांच स्वयं सहायता समूहों को उत्कृष्ट कार्य के लिए मुख्यमंत्री ने प्रत्येक समूह को ₹5 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया।

इसके अतिरिक्त कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत अल्मोड़ा, देहरादून तथा टिहरी जनपद के तीन युवाओं का जापान में रोजगार हेतु चयन होने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें सम्मानित किया। चयनित युवाओं को लगभग ₹1 लाख प्रतिमाह के पैकेज पर रोजगार प्राप्त हुआ है, जिसे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताया गया।

कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के एक, उद्यान विभाग के एक, उद्योग विभाग के तीन तथा डेयरी विभाग के एक लाभार्थी को भी अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य एवं उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

नियुक्ति पत्र देकर सीएम धामी बोले, यह पत्र जनसेवा का संकल्प और सवा करोड़ राज्य की जनता के विश्वास का प्रतीक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पीसीएस मुख्य परीक्षा-2024 में चयनित 182 अभ्यर्थियों तथा कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग में वैयक्तिक सहायक के पद पर चयनित 5 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह नियुक्ति पत्र केवल सरकारी सेवा में प्रवेश का दस्तावेज नहीं, बल्कि सवा करोड़ उत्तराखंडवासियों के विश्वास, अपेक्षाओं और जनसेवा के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक अधिकारी की पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि उसकी कार्यशैली, संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति समर्पण से होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पीसीएस मुख्य परीक्षा-2024 के लिए लगभग डेढ़ लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था तथा 71 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनमें से केवल 182 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। उन्होंने कहा कि यह सफलता चयनित अभ्यर्थियों की प्रतिभा, कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में पद का अर्थ शासन करना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण एवं संतुष्टि के मंत्र के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने नवचयनित अधिकारियों का आह्वान किया कि वे समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले प्रत्येक नागरिक को सरकारी कार्यालय में सम्मान, विश्वास और समयबद्ध समाधान का अनुभव होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया। इसके परिणामस्वरूप भर्ती परीक्षाओं के प्रति युवाओं का विश्वास सुदृढ़ हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बीते साढ़े चार वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ सरकारी सेवाओं में नियुक्ति प्रदान की है। आज 187 और युवाओं के इस अभियान से जुड़ने के साथ राज्य सरकार की युवा हितैषी प्रतिबद्धता और अधिक मजबूत हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के प्रत्येक युवा को उसकी प्रतिभा और योग्यता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि रोजगार की तलाश में युवाओं को राज्य से बाहर जाने के लिए विवश न होना पड़े। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहाड़ के पानी और पहाड़ की जवानी, दोनों को उत्तराखंड के विकास की सबसे बड़ी शक्ति बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की पावन भूमि से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया है। इस संकल्प को साकार करने में नवचयनित अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि सरकार नीतियां बनाती है, लेकिन उन्हें प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने का दायित्व अधिकारियों और कर्मचारियों का होता है। उन्होंने सभी अधिकारियों से विकसित उत्तराखंड के निर्माण के लिए पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ईमानदारी और निष्पक्षता से कार्य करने वाले प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी के साथ राज्य सरकार पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त होकर संविधान, कानून और जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, रामसिंह कैड़ा, विधायक सविता कपूर, गोरखा कल्याण परिषद की अध्यक्ष ज्योति कोटिया, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, दिलीप जावलकर, रविनाथ रमन, चंद्रेश कुमार, बृजेश कुमार संत, विनय शंकर पांडेय, एस.एन. पाण्डेय, डीजी होमगार्ड डॉ. पी. वी. के प्रसाद, डीजी अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, एडीजी डॉ. वी. मुरुगेशन, अपर सचिव नवनीत पाण्डेय एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।