ऋषिकेश।
गुरुवार को चारधाम यात्रा को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कार्यक्रम परिसर में ही स्थित एक अन्य कार्यक्रम का रुख किया। कार्यक्रम में हंस फांउडेशन के संस्थापक माता मंगला व भोले जी महाराज भी अतिथि रहे। अचानक बढ़ी भीड़ के कारण हंस फांउडेशन के संस्थापकों के निजी सुरक्षा गार्डों ने विधानसभा अध्यक्ष को कार्यक्रम में जाने से रोक दिया, जिससे विधानसभा अध्यक्ष नाराज हो गए। वह कार्यक्रम छोड़कर चले गए। इससे नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया जिससे स्थिति काफी हद तक गड़बड़ा गई।
हंस फांउडेशन के स्थानीय प्रभारी प्रदीप राणा ने बताया कि सीमित स्थान होने और भीड़ बढ़ने से कार्यक्रम स्थल पर उहापोह की स्थिति बन गई थी। माता मंगला और भोले महाराज के सुरक्षा गार्ड दिल्ली से आए थे। सभवत: वह विधानसभा अध्यक्ष को पहचानते नहीं थे। भूलवश: गार्ड से गलती हो गई, जानबूझकर ऐसा नहीं किया गया है। वहीं, प्रशिक्षु आईपीएस व कोतवाली प्रभारी निहारिका भट्ट का कहना है कि उक्त कार्यक्रम की उन्हें कोई सूचना नहीं थी। अचानक सीएम के रुख करने से दूसरे कार्यक्रम का पता नहीं चल पाया। वरना सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते।
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केन्द्र सरकार की नक्सल नीति फेल हुई …
नई दिल्ली।
क्या केंद्र सरकार की नक्सल नीति फ़ेल हो गई है? केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी यही मानते है… इसीलिए अब वो कह रहे है कि केंद्र सरकार इस नीति पर फिर से विचार कर रही है। सरकार का मानना है कि गांवों तक सड़कें जाएंगी तो माओवाद पर क़ाबू पाना आसान होगा। इरादा 44 ज़िलों में 5,000 किलोमीटर से ऊपर सड़कें बनाने का है।
वैसे सुकमा ज़िले के बुरकापाल के पास माओवादी हमले में जो 25 सीआरपीएफ़ जवान शहीद हो गए, वे वहां सड़क बना रहे मज़दूरों की सुरक्षा में लगे थे. सुकमा में बीते डेढ़ महीने में सीआरपीएफ जवानों पर ये दूसरा हमला है। जाहिर है, सड़क बनेगी तो माओवादियों पर क़ाबू पाना आसान होगा. सरकार अब अपनी नक्सल नीति बदलने की बात कर रही है।
हालांकि विकास की बात करने वाली सरकार सड़क निर्माण की नई तकनीक इस्तेमाल करने के सीआरपीएफ़ के प्रस्ताव की अब तक अनदेखी करती रही है. अगर इस पर अमल होता तो शायद ये जानें बच सकती थीं। CRPF का प्रस्ताव है कि नई तकनीक RoadCem के ज़रिए ऐसे ख़तरनाक इलाक़ों में सड़कों का निर्माण होना चाहिए, लेकिन राज्य प्रशासन ने इसे मंज़ूरी नहीं दी। दलील ये दी कि इसके लिए टेंडर दिए जा चुके है, इसलिए मज़दूरों और इंजीनियरों को लेकर इन जवानों को कई महीनों से आना-जाना पड़ रहा था।
योगी का तंज इतनी छुट्टी तो काम कब करोगे भाई
लखनऊ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने आज पांच महत्वपूर्ण फैसले किए हैं। इनमें एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स गठित होगा। महापुरूषों के नाम पर होने वाली १५ छुट्टियां निरस्त कर दी हैं। १५ मई से एक सप्ताह का विधानसभा का विशेष सत्र चलेगा। सार्वजनिक स्थलों पर धर्म के नाम पर कब्जा नहीं कर सकेंगे और कैबिनेट ने आज सुकमा के शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी।
सरकार ने तय किया कि भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में विशेष हेल्पलाइन बनेगी। गृह विभाग के प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन में टोल फ्री नंबर स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मायावती सरकार में बिकी चीनी मिलों की जांच के आदेश के साथ ही सरकार 2007 से 2012 के बीच भूमि, जेएनयूआरएम, यूपीएसआइडीसी, पेंशन, सड़क निर्माण, शीरा, खनन विभाग में हुई अनियमितताओं के पुराने दस्तावेज खंगाल रही है। 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने इन विभागों में घोटाले का आरोप लगाकर एक रिपोर्ट जारी की थी। तब भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री किरीट सोमैया भ्रष्टाचार उजागर समिति के संयोजक के रूप में बसपा सरकार के कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोल रहे थे। उन्होंने मायावती के 100 महाघोटालों की एक रिपोर्ट भी जारी की थी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कहते हैं कि 15 वर्षो में भ्रष्टाचार के एक-एक बिंदु की जांच होगी और कोई भी दोषी बचेगा नहीं।
योगी आदित्यनाथ सरकार बसपा-सपा की सरकार में की गई गड़बडिय़ों की छानबीन में जुट गई है। आज कैबिनेट की चौथी बैठक में भू-माफिया को जड़ से उखाड़ फेंकने का फैसला लिया गया। इसके लिए भू-माफिया रोधी टास्क फोर्स गठित की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर किसी हाल में धर्म के नाम पर कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। ऐसे सभी जमीन हथियाने वाले लोग दो माह में चिह्नित कर लिए जाएंगे। समझा जाता है कि 15 वर्षो की गड़बड़ियां चिह्नित करने के लिए दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश से गुंडाराज और भ्रष्टाचार के कलंक को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया था।
अब सरकार बनने पर भाजपा सरकार ने सपा सरकार में गोमती रिवर फ्रंट, आगरा एक्सप्रेस-वे, जेपी सेंटर निर्माण तथा मायाकाल में चीनी मिल बिकने की जांच के आदेश दिए हैं। गोमती रिवर फ्रंट की जांच के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर 45 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है। समाजवादी पेंशन की गड़बड़ियों की भी जांच के आदेश हैं। यहीं नहीं बसपा शासनकाल में स्मारक को सपा ने सबसे बड़ा मुद्दा बनाया था। तब सपा के लोग कहते थे कि सत्ता में आने के बाद स्मारक घोटाले के दोषियों को जेल भेजा जाएगा।
सपा सरकार ने स्मारक घोटाला और लैकफेड घोटाले की जांच शुरू कराई। लैकफेड घोटाले में तो बसपा सरकार के चार मंत्री चंद्रदेव राम यादव, रंगनाथ मिश्र, बादशाह सिंह और बाबू सिंह कुशवाहा पर शिकंजा जरूर कसा लेकिन, अदालत में किसी पर आरोप साबित नहीं हो सका। स्मारक घोटाले की फाइल दब गई। जनवरी 2014 में सतर्कता अधिष्ठान ने पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और बाबू सिंह कुशवाहा समेत 19 अफसरों और अभियंताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर करीब 15 अरब रुपये के स्मारक घोटाले की जांच शुरू की थी। यह जांच अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। हालांकि भाजपा की सरकार बनने के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने फाइलों की जमी धूल झाड़ ली है और गुनहगारों के खिलाफ साक्ष्यों और गवाहों को सहेजा जाने लगा है।
अब हूटर बजाने पर भी रोक लगायेगी त्रिवेन्द्र सरकार?
ऋषिकेश।
राज्य भ्रमण से लौटने के बाद मंगलवार को भाजपा के मंडल अध्यक्ष चेतन शर्मा के हीरालाल मार्ग स्थित आवास पर मीडिया से मुलाकात में तीरथ सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने देश में लालबत्ती को हटाकर तीसरी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पहली सर्जिकल स्ट्राइक आतंक के खिलाफ रही, तो दूसरी नोटबंदी के रूप में कालाधन वालों के विरुद्ध। उन्होंने कहा कि जनता ने विधानसभा चुनावों में मोदी और भाजपा पर विश्वास जताया है। यूपी और उत्तराखंड में ऐतिहासिक बहुमत मिलना इसका प्रमाण है। उन्होंने दावा किया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में प्रचंड बहुमत से केंद्र में सत्तासीन होगी।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तीरथ सिंह ने कहा कि राज्य में जलाशयों (चाल-खाल) के निर्माण कार्य को मनरेगा से जोड़ा गया है ताकि सूखे की स्थिति से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता हो, इसके लिए सभी विभागों को ऑनलाइन जोड़ दिया गया है। अब केंद्र और राज्य से मिलने वाले एक-एक पैसा संबंधित व्यक्ति के खाते में पहुंचेगा। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में ऑल वेदर रोड का काम शुरू हो गया है। इस साल चारधाम यात्रा के निर्विघ्न आयोजन के लिए प्रदेश सरकार मुस्तैद है।
वार्ता में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कुसुम कंडवाल, सांसद प्रतिनिधि संजय शास्त्री, मंडल अध्यक्ष चेतन शर्मा, मंडल अध्यक्ष महिला अनिता तिवाड़ी, पंकज शर्मा, दिनेश सती, राजपाल ठाकुर आदि मौजूद थे।
अल्ट्रासाउंड न होने से नाराज महिलाओं ने सीएमएस को घेरा
ऋषिकेश।
मंगलवार को राजकीय अस्पताल में अल्ट्रासांउड केन्द्र बंद था। दूरदराज से गर्भवती महिलाएं जोखिम लेकर अस्पताल आईं थीं लेकिन घंटों इंतजार के बाद उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा था। काफी इंतजार के बाद जब अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ तो बाकी बची महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर अव्यवस्था को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए मुख्य गेट बंद कर दिया। वे नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगीं। उन्होंने कार्यालय पहुंच कर सीएमएस का घेराव किया और उनसे तीखी नोंकझोक की। महिलाओं के तेवर को देख अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को बुला लिया। पुलिस के बीच-बचाव पर सीएमएस ने अल्ट्रासाउंड कराने की बात कही। सीएमएस ने अवकाश पर गए चिकित्सक को अल्ट्रासाउंड करने के लिए अस्पताल बुला लिया। जिस पर महिलाओं का गुस्सा शांत हुआ। मौके पर सुरेश डिमरी, ज्योतिष डिमरी, शैलेन्द्र प्रसाद, संजय, शांति बाला, परमानंद, सुशीला, हिमानी, सरोजबाला आदि मौजूद रही।
नाइट शिफ्ट के चलते अल्ट्रासाउंड चिकित्सक अवकाश पर रहे जिस कारण परेशानी हुई। महिलाओं की शिकायत पर चिकित्सक को अस्पताल बुलाया गया। जिस पर दूर से आने वाली महिलाओं के अल्ट्रासाउंड किए गए।
डॉ. अशोक कुमार गैरोला, सीएमएस, राजकीय अस्पताल ऋषिकेश।
स्टॉफ ने दिखाए महिलाओं को तेवर
ऋषिकेश। अल्ट्रासाउंड के लिए पीड़ित महिलाएं मुखर रहीं। सीएमएस द्वारा चिकित्सक बुलाए जाने पर महिलाएं अल्ट्रासाउंड कक्ष में पहुंची जिनमें कई गर्भवती थीं। अल्ट्रासाउंड कक्ष में तैनात दो कर्मचारी महिलाओं की शिकायत पर नाराज दिखे। महिलाओं के पर्ची जमा करने और सीएमएस द्वारा अल्ट्रासांउड करने की जानकारी देने पर दोनों पहले तो महिलाओं से ही उलझने लगी। फिर बाद में कक्ष से यह कहकर चलती बनी कि सीएमएस को ही पर्ची जमा कराओ, वहीं करेंगे अल्ट्रसाउंड।
अभियंता से अभद्रता पर कर्मचारियों का पारा चढ़ा
ऋषिकेश।
मंगलवार को जल संस्थान के तीन दर्जन से अधिक कर्मचारी एसडीएम कार्यालय पहुंचे। एसडीएम वृजेश कुमार तिवारी को कार्यालय में सोमवार को हुई घटना की जानकारी दी। बताया कि मायाकुंड में लीकेज लाइन ढूढ़ंने का काम चल रहा है। एक जगह फॉल्ट पकड़ में आ गया है। कर्मचारी और फॉल्ट की तलाश कर रहे हैं। मायकुंड में दूषित पानी आने की समस्या पर काम किया जा रहा है। बताया कि सोमवार को मायाकुंड क्षेत्र की सभासद विजय लक्ष्मी भट्ट के साथ कुछ लोग कार्यालय आ धमके। एक महिला संगीता पटेल ने सहायक अभियंता मनोज डबराल को दूषित पानी गिलास में डालकर पिलाने का प्रयास किया।
कर्मचारियों ने महिला पर गाली-गलौच करने, अभद्रता और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। बताया कि घटना क्रम कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। कर्मचारियों ने इस तरह का व्यवहार करने का विरोध किया। बताया कि कर्मचारियों में इस घटना के बाद असंतोष और आक्रोश है। सभी कर्मचारी असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मामले की आरोपी महिला पर कार्रवाई करने और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने को कड़े कदम उठाने की मांग की। एसडीएम ने कोतवाली ऋषिकेश को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
शिकायती पत्र देने वालों में जलकल अभियंता अरुण विक्रम सिंह रावत, सहायक अभियंता मनोज डबराल, प्रमोद हटवाल, हिमांशु असवाल, नरेन्द्र कुमार, राशीद, दशरथ दुबे, जितेन्द्र, विनीत शर्मा, युवराज सोलंकी, दाताराम रयाल, आशीष चौहान, चतर सिंह, अनिल कुमार, देवेन्द्र गुप्ता, नीशू शर्मा, नीटू शर्मा आदि शामिल रहे।
केरल में हिंसा के खिलाफ शहर में मार्च निकाला
ऋषिकेश।
मंगलवार को लोक अधिकार मंच के बैनर पर मुखर्जी चौक पर सभा हुई। वक्ताओं ने कहा कि केरल में मार्क्सवादियों द्वारा आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर उनकी हत्याएं की जा रही हैं। खासकर कन्नूर जिले में संघ कार्यकर्ताओं के घरों में आगजनी, तोड़फोड़ की गई हैं। इन हमलों में अब तक 10 से अधिक कार्यकर्ता मारे गए हैं और दर्जनों घायल होकर जिंदगी के लिए अस्पतालों में संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ितों में अधिकतर निर्धन, मजदूर, पिछड़े और अनूसूचित जातियों के लोग हैं।
केरल में आरएसएस कार्यकर्ता इस मसले को कई बार राज्य सरकार के सामने उठा चुके हैं लेकिन राजनीति से प्रेरित हमलों पर मुख्यमंत्री कोई कार्रवाई के लिए तैयार नहीं हैं। यहां तक कि हिंसा को रोकने तक के इंतजाम राज्य सरकार ने अभी तक नहीं किए हैं। मंच कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से केरल में शांति व्यवस्था कायम करने के लिए राज्य सरकार को निर्देशित करने की मांग उठाई।
सभा के बाद सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नगर में आक्रोश रैली निकाली और कोतवाली पहुंचकर एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम सैकड़ों हस्ताक्षरयुक्त एक ज्ञापन दिया।
केंद्र की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन
ऋषिकेश।
प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर नगर इकाई ने हाईवे स्थित काले की ढाल पर केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि केंद्र में भाजपा जिन वायदों के साथ सत्तासीन हुई थी, तीन सालों में उनमें से एक भी मसला हल नहीं हुआ है। भाजपा को अपने सियासी फायदे के अलावा कुछ नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि अब केंद्र ने सस्ता गल्ले की दुकानों से गेहूं और चीनी का कोटा भी खत्म कर दिया है। पेट्रोल, डीजल और गैस के दामों में भी बेतहाशा बढ़ोतरी की गई है। इसके कारण गरीब आदमी का जीना मुहाल हो गया है।
कार्यकर्ताओं ने कश्मीर में सेना पर हमले रोकने में नाकाम रहने पर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। प्रदर्शन में नगर कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष मधु जोशी, सभासद राधा रमोला, रजनी शर्मा, चंद्रकांता जोशी, सुधा त्यागी, विद्यावती देवी, संतोषी जोशी, नूतन पुरोहित, विष्णु राणा, आशु वर्मा, दिनेश चंद्र, ऊषा आदि शामिल थे।
चारधाम यात्रा पंजीकरण ने पकड़ा जोर
ऋषिकेश।
चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के पंजीकरण पर नजर डालें तो ऑनलाइन पंजीकरण को प्राथमिकता मिली है। चारधाम के लिए 2545 श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन पंजीकरण करवा लिया है। सोमवार तक 1405 लोगों ने पैदल मार्ग से चारधाम जाने के लिए पंजीकरण करवाया था। मंगलवार शाम पांच बजे तक इनसे में 117 श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ गई। पैदल जाने वाले अधिकतर साधु-सन्यासी हैं। वही ऑनलाइन पंजीकरण करवाने वाले श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा में आने पर लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। उनके लिए विशेष काउंटर लगाया जा रहा है।
समय की बचत को देखते हुए श्रद्धालुओं ने अब तक ऑनलाइन पंजीकरण को प्राथमिकता दी है। यात्रा को एक दिन शेष रहने पर बुधवार को होने वाले पंजीकरण पर प्रशासन की नजरें टिकी हैं। जानकारों की मानें तो बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद चारधाम यात्रा जोर पकड़ेगी। तभी पंजीकरण की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की जा सकेगी। पंजीकरण कार्यालय के स्थानीय मैनेजर प्रेम अनन्त ने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए यात्रियों द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण के साथ ही सीधे कार्यालय में भी पंजीकरण करावाए जा रहे हैं।
ऋषिकेश को आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाना लक्ष्य: प्रेमचन्द अग्रवाल
ऋषिकेश।
श्यामपुर के हाट बाजार में स्थानीय लोगों ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल का स्वागत किया। जनता मिलन मिलन कार्यक्रम में लोगों ने अपने क्षेत्रों की समस्याएं भी रखीं। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने ग्रामीणों को बताया कि सप्ताहभर पहले ही विधानसभा स्थित कार्यालय में उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है। विकास कार्यों में शिथिलता बरतने पर कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल का कहना है कि पांच वर्षों में ऋषिकेश को आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाना मेरी प्राथमिकता है।
अग्रवाल ने बताया कि क्षेत्र में डिग्री कॉलेज खोलना, पेयजल लाइन दुरस्त करना, सड़कों का जाल बिछाना, बाढ़ सुरक्षा और हाथी की रोकथाम के लिए कार्य करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने लोगों से आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाने के लिए सुझाव भी मांगे। उन्होंने बताया कि किसी भी कार्य दिवस पर उनसे सपंर्क कर सुझाव दिए जा सकते हैं। संचालन प्रदीप नेगी ने किया। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष प्रदीप धस्माना, इन्दु थपलियाल, देवेन्द्र नेगी, राम रतन रतूड़ी, संजीव चौहान, रवि शर्मा, कुसुम डबराल, रवि रावत, कमला नेगी, अक्षय चौधरी, मंजीत राठौर, राजबीर रावत, गब्बर सिंह बिष्ट, उषा रावत आदि उपस्थित रहे।
