देहरादून।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शनिवार को सचिवालय में प्रतिभा ज्योति द्वारा लिखित एसिड हमले के पीड़ितों के दर्द एवं संवेदनाओें को व्यक्त करने वाली पुस्तक ‘‘एसिड वाली लड़की’’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि किसी पर भी एसिड से हमला करना अत्यंत घृणित एवं जघन्यतम अपराध है। यह पुस्तक एसिड हमले की शिकार हुई बेटियों एवं बहनों की संवेदनाओं को अभिव्यक्त करने तथा समाज में सामाजिक चेतना के प्रसार में मददगार होगी।

हरीश रावत ने पुस्तक की लेखक एवं प्रकाशक को इस सामाजिक एवं जन चेतना के प्रसार के कार्य के लिये बधाई दी। उन्होंने इस पुस्तक को प्रदेश के पुस्तकालयों के लिये क्रय किये जाने के भी निर्देश दिये है। पुस्तक में एसिड पीड़ित महिलाओं के जीवन संघर्ष पर आधारित अध्याय हैं। इसमें उत्तराखण्ड सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए ब्रांड एम्बेसेडर बनाई गई कविता बिष्ट का अनुभव भी शामिल है। इस अवसर पर एसिड हमले की शिकार उत्तराखण्ड की ब्राण्ड अम्बंसडर कविता बिष्ट के साथ ही पुस्तक की लेखक प्रतिभा ज्योति आदि उपस्थित थे।
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राज्य के विकास में इंजीनियरों की बड़ी भूमिका: मुख्यमंत्री
देहरादून।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इंजीनियरों से डीपीआर आदि बनाने में योजनाओं की लागत खर्च में कमी करने की अपेक्षा की है। राज्य के संसाधनों को कैसे बेहत्तर उपयोग किया जा सकता है, इस पर भी इंजीनियरों को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने डिप्लोमा इंजीनियरों की विभिन्न मांगों के संबंध में संघ के पदाधिकारियों से सोमवार को मुख्य सचिव से वार्ता करने को कहा। स्थानीय रेंजर कालेज में उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के नवें महाधिवेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि राज्य के विकास में इंजीनियरों की बड़ी भूमिका है, उन्हें अपनी ताकत एवं क्षमताओं को पहचाना होगा। हमारा प्रयास है कि हमारी आंतरिक संस्थाओं की ताकत बढ़े इसीलिये राज्य में अवस्थापना विकास निगम का ओर मजबूत किया जा रहा है। पुल रोपवे के लिये अलग अलग कारपोरेशन बनाये जा रहे है। समय के साथ हमे अपनी तकनीकि दक्षता को विकसित कर विभागीय स्तर पर कार्य संचालन करने के प्रयास करने होंगे। हमारा यह भी प्रयास है कि आउट सोर्सिंग के बजाय संस्थागत रूप से कार्मिकों की नियमित नियुक्ति की व्यवस्था हो, इसके लिये नियुक्ति के लिये अधीनस्त चयन सेवा आयोग, तकनीकि शिक्षा परिषद, माध्यमिक स्नातक शिक्षा बोर्ड, चिकित्सा शिक्षा चयन बोर्ड का गठन किया गया है। विभिन्न विभागों की नीतिया बना दी गई है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि स्थानान्तरण की भी पालिसी बननी चाहिए ताकि कार्मिकों को यह सुनिश्चित हो सके कि उन्हें कब कहा कितने साल तक सेवा करनी है। उन्होंने कहा कि कार्मिकों की वेतन विसंगति के प्रकरणों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुति लागू होने के बाद भी किया जायेगा। केन्द्रीय सहायता में बदलाव के कारण हमें अपने संसाधनों को बढ़ाने पर ध्यान देना है इसमें सभी का सहयोग अपेक्षित है। आय के संसाधन बढ़ाने से ही समस्याओं का समाधान हो सकेगा। सभी राज्य अपने रिर्सास पर टैक्स लगा रहे है। हमें भी अपनी जल सम्पदा व राज्य में प्रवेश कर की और ध्यान देना होगा। उन्होंने राज्य की समस्याओं के समाधान के लिये चिन्तन करने पर भी बल दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रावत ने स्मारिका का भी विमोचन यिका। इस अवसर पर पी.सी.जोशी, पीसी उनियाल, यूएस मेहर, हरीश नौटियाल सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर के डिप्लोमा इंजीनियर उपस्थित थे।
हॉट ड्राई रॉक जियोथर्मल एनर्जी मॉडल अव्वल
ऑटोनॉमस कॉलेज में भौतिक विज्ञान विभाग में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन
ऋषिकेश।
शुक्रवार को भौतिक विज्ञान विभाग में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी का शुभारंभ पूर्व उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. एमसी त्रिवेदी ने किया। विज्ञान प्रदर्शनी में भौतिक विज्ञान के छात्रों ने सोलर वाटर हीटर, सोलरसेल, सोलर ग्रीन हाउस, सोलर पॉण्ड, सोलर कूकर, सोलर हाइड्रोजन इकॉनमी, जियोथर्मल हॉट ड्राई रॉक एनर्जी, जियोथर्मल हाइड्रोप्रेशर रिसर्वायर, ओसेन बेब एनर्जी सिस्टम, ओसेन थर्मल एनर्जी कनवर्सन, टाइटल बेब एनर्जी, विंड एनर्जी, हाइड्रोइलेक्ट्रिसिटि, पिजोइलेक्ट्रिक प्रभाव से व ह्यूमन पावर से जिम में इलेक्टिसिटि प्रोडक्सन पर मॉडल प्रस्तुत किये।
विज्ञान प्रदर्शनी की संयोजिका डॉ. सुमित्रा श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदर्शनी में 150 छात्रों ने भाग लिया। एक सप्ताह पहले सभी छात्रों ने अपने मॉडल की थीम चुन ली थी। प्रदर्शनी में हॉट ड्राई रॉक जियोथर्मल एनर्जी मॉडल को पहला, विंड एनर्जी मॉडल को दूसरा व ओसेन थर्मल एनर्जी कनवर्सन मॉडल को तीसरा स्थान दिया गया। निर्णायक मंडल में डॉ. बीपी बहुगुणा, डॉ. हेमन्त परमार, डॉ. विजेन्द्र लिंगवाल शामिल रहे। इस मौके पर प्रभारी प्राचार्य डॉ. अशोक नेगी, भौतिक विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. डीपी भटट, डॉ. दयाधर दीक्षित आदि मौजूद थे।
नन्हें बच्चों को पाठ्य सामग्री वितरित की
ऋषिकेश।
चंद्रेश्वरनगर स्थित उड़ान स्कूल में शुक्रवार को नन्हें बच्चों को पाठ्य सामाग्री वितरित की गई। इस अवसर पर बच्चों को स्वच्छता के बारे में बताया गया।
शुक्रवार को समाज सेवक राजेश अरोड़ा ने उड़ान स्कूल के नन्हें बच्चों को पाठ्य सामग्री वितरित की। कहा कि बच्चे भविष्य की रीढ हैं। उन्हें वर्तमान समय में मन लगाकर पढाई करनी चाहिए। ताकि वह अपने घर व देश का नाम रोशन कर सके। बच्चों को सफाई के बारे में भी बताया गया। बताया कि अपने आसपास सफाई रखने से वातावरण शांत व रोग मुक्त रहता है। उन्होंने उड़ान संस्था के बारे में कहा कि संस्था गरीब पृष्ठ भूमि के बच्चों को निशुल्क शिक्षा के साथ लोकभाषा का ज्ञान भी दे रहा है। जोकि सराहनीय कार्य है।
समाज के जरूरतमंदों की सहायता करना ही मानवता कहलाता है। इस अवसर पर संस्था निदेशक डा. राजे नेगी, कमल सिंह राणा, उत्तम सिंह असवाल, राजा ढिंगरा, प्रतीक यादव, हर्षित गुप्ता, रवि कुकरेती, दिव्या सक्सेना, निधि शर्मा, रिचा रावत, रमेश लिंगवाल आदि उपस्थित रहे।
विदेशी वस्तुऐ को कहे ना स्वदेशी को अपनाऐ
ऋषिकेश।
शुक्रवार को स्वदेशी जागरण मंच के प्रदेश संयोजक सुरेन्द्र सिंह ने छात्रों को बताया कि किस तरह से भारत में विदेशी बाजार ने अपनी पकड़ बना रखी है। विशेषकर चाइना बाजार भारत पर हावी हो गया है। उन्होंने कहाकि एक तरफ तो चीन भारत को एक बड़े बाजार के रुप में देख रहा है, वहीं पाकिस्तान की नापाक हरकतों पर भारत को विश्व पटल पर दबाब बनाने का प्रयास कर रहा है।
प्रदेश संयोजक ने कहाकि अब समय आ गया है कि भारत के लोग ऐसी विदेशी ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दे। उन्होंने विदेशी बाजार को बढ़ावा देने के बजाय स्वदेशी उत्पादों की खरीद करने पर जोर दिया। कहाकि स्वदेशी उत्पाद को बढ़ावा देने से देश के नौजवानों को रोजगार भी मिलेगा। विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल ने भी छात्रों से स्वदेशी अपनाने की अपील की। गोष्ठी में छात्रों को स्वदेशी उत्पाद अपनाने की शपथ भी दिलाई गयी।

गोष्ठी की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डॉ. अशोक नेगी ने की। संचालन डॉ. दयाधर दीक्षित ने किया। गोष्ठी में राजीव थपलियाल, कौशल बिजल्वाण, अमित गांधी, ताजेन्द्र नेगी, अंकित पाण्डेय, विकास चौहान, संजीव चौहान, शुभम गौड़, दीपक रावत आदि उपस्थित थे।
श्रीनगर को हरा ऑटोनॉमस कॉलेज फाइनल में पहुंचा
दो दिवसीय अंतर महाविद्यालय पुरुष खो-खो प्रतियोगिता शुरू
ऋषिकेश।
ऑटोनॉमस कॉलेज के खेल मैदान में हेमवंती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि की ओर से आयोजित प्रतियोगिता का शुभारंभ शुक्रवार को स्थानीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने किया। उद्घाटन मैच डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून और बिड़ला कैंपस चौरास (बीसीसी) श्रीनगर के बीच खेला गया। इसमें बीसीसी श्रीनगर ने डीएवी कॉलेज देहरादून को 21-6 से हराया। दूसरा मैच राजकीय महाविद्यालय नरेंद्रनगर और आरएमपी कॉलेज नारसन के मध्य खेला गया। इसमें नरेंद्रनगर ने नारसन को 8-7 से मात दी।

सेमीफाइनल में ऑटोनॉमस कॉलेज ऋषिकेश और बीसीसी श्रीनगर के बीच कड़ा मुकाबले हुआ। ऑटोनॉमस कॉलेज ने 20-1 से बीसीसी श्रीनगर को हराकर फाइनल में जगह बनाई। प्रतियोगिता में सात महाविद्यालयों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। शनिवार को फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। इस मौके पर प्रभारी प्राचार्य डॉ. अशोक नेगी, क्रीड़ा सचिव पूनम रावत, डॉ. वीपी अग्रवाल, डॉ. बीसी गोस्वामी, डॉ. राजेश नौटियाल, डॉ. मुक्तिनाथ यादव, डॉ. एनके शर्मा, सुरेन्द्र गौनियाल, डॉ. गिरीश डंगवाल, डॉ. वीके गुप्ता आदि मौजूद रहे।
मातृत्व अवकाश बढ़ाने पर पीएम का आभार जताया
ऋषिकेश।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मातृत्व अवकाश की अवधि बढ़ाने पर भाजपा महिला मोर्चा परवादून ने केन्द्रीय नेतृत्व को पत्र भेजकर संगठन व सरकार का आभार जताया है।
शुक्रवार को भाजपा महिला मोर्चा परवादून की जिलाध्यक्ष अनिता ममगाईं ने बताया कि केन्द्रीय सरकार ने मातृत्व अवकाश की अवधि बढ़ा दी है। अब महिलाऐं घर में रहकर ही शिशु की देखभाल और अच्छी तरह कर सकेगी। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा के द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र भेजकर संगठन और सरकार का धन्यवाद दिया है।

इस मौके पर मंजू नेगी, अनीता तिवाड़ी, अनीता प्रधान, शैलेन्द्र कौर, सुनीता थापा, अंजू ध्यानी, पुष्पा मित्तल, कमला गुनसोला, संगीता रानी, अनीता बहल, राजकुमारी जुगरान, गुड्डी कलूड़ा, उषा जोशी, कमलेश जैन आदि मौजूद रही।
शराब पीने से रोका तो फंदा लगाकर दी जान
ऋषिकेश।
शराब पीने से रोकने पर युवक ने फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस के अनुसार युवक नशे का आदी था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना शुक्रवार सुबह 11 बजे की है। पुलिस के अनुसार चंद्रमोहन पाल (27) निवासी नंदा कॉलोनी भट्टोंवाला, श्यामपुर नशे का आदी था। शुक्रवार की सुबह चंद्रमोहन ने अपनी बहन से कहा कि वह शराब पीना चाहता है। बहन ने भाई को शराब पीने से मना कर दिया और घर से बाहर आ गई। कुछ देर बाद बहन को पड़ोसियों ने सूचना दी कि चंद्रमोहन ने कमरे में पंखे के खूंटे से चुन्नी के सहारे फांसी लगा ली है। आनन-फानन में परिजनों और पड़ोसियों ने चंद्रमोहन को खूंटे से उतारकर 108 एंबुलेंस से सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

सीओ चक्रधर अंथवाल के अनुसार पूछताछ में युवक के दोस्त भूपेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि चंद्रमोहन पाल नशे का आदी था। शराब पीने से मना करने पर उसने आत्महत्या कर ली। प्रथम दृष्टया मौत का कारण यही माना जा रहा है। बहरहाल, मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
खुले में शौच को लेकर चलाया अभियान
ऋषिकेश।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत नगर पालिका ऋषिकेश ने चन्द्रभागा नगर में जागरुकता अभियान चलाया। पालिका की टीम न लोगों से खुले में शौच न करने की अपील की। इस दौरान सार्वजिक शौचालयों का उपयोग करने की सलाह दी गई। टीम ने सरकार द्वारा निजी शौचालयों का निर्माण कराने की जानकारी भी लोगों को दी। बताया कि इस ओर लाभार्थी पालिका में आवेदन कर सकता है। टीम में सुपरवाइजर नरेश खैरवाल, जितेन्द्र, विनोद आदि शामिल रहे।
वैश्विक आर्थिक परिदृश्य की चुनौतियों का सामना करने को तैयार रहे युवा
नैनीताल।
उत्तराखण्ड के राज्यपाल डा0 कृष्ण कांत पाल ने शुक्रवार को कुमाऊँ विश्वविद्यालय के तेरहवें दीक्षान्त समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को ऐसा शैक्षणिक आधार विकसित करने की ओर उन्मुख होना होगा जो विद्यार्थियों में विश्वास जागृत करे और कौशल विकास से सुसज्जित करके उन्हें ‘स्टार्टअप्स’ तथा उद्यमशीलता के लिए मदद कर सके।
उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण के इस युग में विश्वविद्यालयों को विशिष्ट कौशल से प्रेरित उत्कृष्ट ज्ञान से युवाओं को तैयार करना होगा। हमारे युवाओं को तेजी से बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा, चाहे वे विश्व में कहीं पर भी हों। उन्होंने कहा कि कुमाऊँ विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक सत्र का समयानुसार पालन करने में सक्षम रहा जो एक बड़ी उपलब्धि है। विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं मान्यता परिषद से ‘ए’ श्रेणी का प्रमाणपत्र मिल चुका है जो बेहद गौरवपूर्ण है।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय को पेटेंट पर अधिक ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। विश्वविद्यालय के नैनोसांइस तथा नैनोटैक्नोलाजी सेंटर को अपनी गतिविधियों में भी तेजी लानी होगी। विषय विशेषज्ञों(स्कालर्स) और विद्यार्थियों को प्रयोगशालाओं में यथासंभव अधिक से अधिक समय देने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के कुमाऊँ क्षेत्र के सूदूरवर्ती एवं आंतरिक परिक्षेत्र में कुमाऊँ विश्वविद्यालय सराहनीय संस्थान है। यह प्रशंसनीय है कि विश्वविद्यालय ने अन्तर्राष्ट्रीय संस्थानों के साथ मिलकर अनुसंधान एवं तकनीकी विकास कार्यक्रमों की दिशा में संभावनाओं के निर्माण का कार्य प्रारम्भ किया है। 
राज्यपाल ने कहा स्थापित विषयों के अलावा हमारे विश्वविद्यालयों को अब पर्यावरण अध्ययन, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, जैव सूचना विज्ञान तथा उद्यमशीलता विकास जैसे उभरते क्षेत्रों से सम्बन्धित विषयों पर विशेष ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। यहाँ से पढ़ाई पूरी करके भविष्य की दुनिया में कदम रखने जा रहे युवा भारतीय नागरिकों को अपने अर्जित ज्ञान और अंतर्निहित योग्यताओं के आधार पर यह साबित करना होगा कि वे दुनिया के सुयोग्य नागरिक हैं। उन्होंने कहा-‘बदलते समय के दृष्टिगत शैक्षणिक संस्थाओं को विभिन्न कौशल विषयों के लिए विशेष पाठ्यक्रम चलाने पर भी विचार करना होगा। पाठ्यक्रम बनाने वालों को पाठ्यक्रम संरचना/डिजाइन के समय समसामयिक रोजगारोन्मुख के अलावा भविष्य के लिए भी आकर्षक पाठ्यक्रम को ध्यान में रखना चाहिए।’
विश्वविद्यालय के इस तेरहवें दीक्षान्त समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल ने आज विद्धानों व छात्रों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिए गए मैडल्स हेतु बधाई और शुभकामनायें दी और उनका आह्वाहन करते हुए कहा कि इस बात का ध्यान रखना होगा कि-‘परफैक्ट अपौर्चुनिटी’ के इंतजार में कहीं सही अवसर भी उनके हाथ से न निकल जाये।’ उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति सहित सभी संकाय सदस्यों, सहयोगियों, अभिभावकों तथा इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
