गढ़ सेवा संस्थान ने जरूरतमंदों में बांटे मास्ट, सेनिटाइजर और औषधि किट


कोविड महामारी के अवसर पर जरूरतमंदों को औषधि उपलब्ध कराने में गढ़ सेवा संस्थान अहम भूमिका निभा रहा है। संस्थान की ओर से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में यह औषधि किट वितरित की जा रही है, इससे संक्रमित लोगों को काफी मदद मिल पा रही है।

गढ़ सेवा संस्थान के अध्यक्ष देवेंद्र नेगी ने बताया कि संस्था की ओर से ऋषिकेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मास्क, सैनिटाइजर का वितरण किया जा रहा है। कहा कि कोरोना काल के दौरान स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ समाज के सुरक्षा का भी ध्यान रखना है।

कहा कि गढ़ सेवा संस्थान इस कठिन दौर में प्रत्येक व्यक्ति के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा है कि जरूरतमंद लोगों को औषधि की कीट भी दी जा रही है जिससे लोगों को कुछ राहत अवश्य मिल सलेगी।

इस अवसर पर संस्थान के सचिव रविंद्र राणा ने बताया कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। ऐसे समय में स्वयं की जागरूकता के साथ-साथ अन्य लोगों को भी जागरूक करने की आवश्यकता है, ताकि इस कोरोना काल के संक्रमण से बचा जा सके।

उन्होंने कहा कि गढ़ सेवा संस्थान द्वारा लोक संस्कृति के क्षेत्र के साथ-साथ अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए विभिन्न प्रकार के वस्तुओं का वितरण किया जा रहा है ताकि जरूरतमंद लाभान्वित हो सके।

इस अवसर पर ताजेंद्र सिंह नेगी, अरुण बडोनी, सुमित पवार, भगवती रतूड़ी, मनोज ध्यानी आदि सामाजिक लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री तीरथ ने आईडीपीएल ऋषिकेश में 500 बेड के कोविड सेंटर का किया उद्घाटन

कोविड केयर सेंटर में सभी ऑक्सीजन युक्त बेड की सुविधा

100 आईसीयू बेड की भी है व्यवस्था

ब्लैक फंगस के मरीजों और बच्चों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने आईडीपीएल ऋषिकेश में डीआरडीओ द्वारा स्थापित 500 बेड के अस्थाई कोविड केयर सेंटर (राइफलमैन जसवंत सिंह रावत, एम.वी.सी) का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कोविड केयर सेंटर की सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया।

आधुनिक सुविधायुक्त इस कोविड केयर सेंटर में सभी बेड ऑक्सीजन युक्त हैं। 100 बेड में आईसीयू की व्यवस्था भी है। इसमें म्यूकरमायोसिस (ब्लैक फंगस) के मरीजों एवं बच्चों के लिए भी अलग से वार्ड बनाये गये हैं। बच्चों के वार्ड में स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए भी आईसोलेशन एरिया बनाया गया है। मात्र 02 सप्ताह में डीआडीओ द्वारा इसे तैयार किया गया है। इस कोविड केयर सेंटर का क्लीनिकल मैनेजमेंट एम्स ऋषिकेश द्वारा किया जायेगा। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने इस कोविड केयर सेंटर की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं में तेजी से वृद्धि की गई है। ऑक्सीजन, वेंटिलेटर आईसीयू एवं ऑक्सीजन बेड की पर्याप्त उपलब्धता है। जल्द ही हल्द्वानी में भी 500 बेड का कोविड केयर सेंटर बनकर तैयार हो जायेगा। आई.डी.पी. एल ऋषिकेश में राइफलमैन जसवंत सिंह रावत, एम. वी.सी के नाम से यह कोविड केयर सेंटर बनाया गया। मुख्यमंत्री तीरथ ने कहा कि राइफलमैन जसवंत सिंह रावत ने 1962 भारत-चीन युद्ध में अपने अदम्य साहस का परिचय दिया। इस युद्ध में वे शहीद हो गए थे। पौड़ी के बीरोखाल के बाड्यू पट्टी में जन्मे जसवंत सिंह रावत की वीरता की कहानी आज भी सबको प्रेरणा देती है।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, एम्स निदेशक प्रो. रविकान्त, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष श्रीवास्तव, डिप्टी मेडिकल सुप्रिटेंट एम्स ऋषिकेश डॉ. मधुर उनियाल एवं डीआडीओ के अधिकारी उपस्थित थे।

पीएम के सात सालः जेपी नड्डा ने दिया भाजपा सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों को टास्क

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के सात साल पूरे होने पर 30 मई को भाजपा सांसद, विधायक, सभी मोर्चे व अन्य पदाधिकारी देशभर में एक लाख गांवों का भ्रमण कर सेवा कार्य करेंगे। इस दौरान 50 हजार यूनिट रक्त भी एकत्र किया जाएगा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्षों और संगठन महामंत्रियों के साथ वर्चुअल माध्यम से हुई बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए। इस कड़ी में प्रदेश भाजपा ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने कहा कि प्रत्येक सांसद को दो गांवों का भ्रमण करना होगा। मंत्री किसी गांव को चिह्नित कर वर्चुअल माध्यम से जनता से जुड़ेंगे। इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम स्तर पर भी जिम्मेदारी तय होगी। भ्रमण के दौरान गांवों में मास्क, सैनिटाइजर, राशन किट, दवाई, काढ़ा समेत जरूरी सामग्री वितरित की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में आक्सीमीटर से ग्रामीणों का आक्सीजन लेबल चेक करने के साथ ही आरटीपीसीआर टेस्ट की व्यवस्था कराई जा सकती है। सभी मोर्चो को रक्तदान शिविरों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि सभी जगह गांव चिह्नित कर लिए जाएं, ताकि 30 मई को सहूलियत रहे। प्रदेश अध्यक्ष कौशिक ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशों के क्रम में पार्टी ने तैयारियों में जुट गई है।

बच्चों को तीसरी लहर से बचाने के लिए राज्य में गठित हुई टास्क फोर्स

देहरादून। उत्तराखंड में कोरोना महामारी की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है। हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.हेम चंद्र की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स में सेवानिवृत्त व विभिन्न अस्पतालों में तैनात बाल रोग विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।

स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ.तृप्ति बहुगुणा ने टास्क फोर्स गठित करने के आदेश जारी किए। कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण का प्रभाव ज्यादा होने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने टास्क फोर्स का गठन किया है। जो सरकारी और निजी अस्पतालों के बीच समन्वय बनाने, संक्रमित बच्चों के उपचार के लिए बेड उपलब्ध कराने, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति, मानव संसाधन, उपचार की प्रक्रिया को प्राथमिक से माध्यमिक और माध्यमिक से उच्च स्तर पर व्यवस्था करने का काम करेगी।

टास्क फोर्स में इन्हें किया शामिल
टास्क फोर्स में डॉ.हेम चंद्र को अध्यक्ष और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ.सरोज नैथानी को सचिव सदस्य बनाया गया है। इनके अलावा स्वास्थ्य निदेशक डॉ.एसके गुप्ता, सेवानिवृत्त स्वास्थ्य महानिदेशक एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.डीएस रावत, सेवानिवृत्त स्वास्थ्य महानिदेशक एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.अर्चना श्रीवास्तव, इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ.आलोक सेमवाल व सचिव डॉ.पीएस रावत, एम्स ऋषिकेश के बाल रोग विभाग के एचओडी डॉ.एनके भट्ट, एचआईएचटी के नवजात विज्ञान विभाग के प्रमुख प्रो.गिरीश गुप्ता, बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो.अश्वनी सूद, दून मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो.अशोक कुमार, एचआईएमएस बाल रोग विभाग के प्रमुख डॉ.अप्ला गुप्ता, महंत इन्दिरेश हास्पिटल के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ.उत्कर्ष शर्मा, हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.रितु रखोलिया, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.अमित सुयाल, एफआईएपी रुड़की के एमडी डॉ.सुधीर चैधरी, सहोता मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल काशीपुर से डॉ.रवि सहोता, डॉ.रवि अदलखा, ऐरन हास्पिटल रुड़की के डॉ.अशांक ऐरन, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.राजेश अग्रवाल और विश्व स्वास्थ्य संगठन उत्तराखंड के एसएमओ डॉ.विकास को सदस्य बनाया गया है।

सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी बोले, धीरे धीरे नियत्रंण में हो रहे हैं संक्रमण के हालात


पत्रकारों को संबोधित करते हुए सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने कहा कि प्रदेश में अब कोरोना संक्रमण की रफ्तार नीचे की ओर आ रही हैं। संक्रमण पर काफी हद तक रोक लग रही है। उन्होंने बताया कि गत दिवस प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 2071 मामले आए थे, और 7051 मरीज स्वस्थ हुए। वर्तमान समय में हमारा रिकवरी रेट 81 प्रतिशत तक पहुंच गया है। अब हम पहले से बेहतर स्थिति में हैं। उन्होंने सप्ताह वार भी संक्रमण और नियंत्रण के आंकड़ों को मीडिया के सामने रखा। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल से 3 मई के सप्ताह में औसत पाजिटिव केस 5887 के थे, 4 मई से 10 मई तक औसत 7375, 11 मई से 17 मई को औसत 5887 तथा 18 मई से 24 मई के सप्ताह में औसतन पाजिटिव 3397 केस आए।

उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष के दौरान प्रदेश में कई तैयारियां की गई हैं। कोविड के खिलाफ स्वास्थ्य इंतजामों को और दुरूस्त किया गया है। खासतौर पर आक्सीजन उत्पादन की दिशा में अभूतपूर्व प्रयास प्रदेश सरकार ने किए हैं। प्रदेश में अभी तक 11 आक्सीजन प्लांट लग चुके हैं। नैनीताल, हल्द्वानी, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कालेज श्रीनगर, चंद्र मोहन सिंह नेगी बेस अस्पताल कोटद्वार में प्लांट शुरू किए जा चुके हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल रूद्रप्रयाग, मेला अस्पताल हरिद्वार, जिला अस्पताल हरिद्वार, जिला अस्पताल रूद्रपुर, नरेंद्रनगर, जिला अस्पताल चमोली, उत्तरकाशी में आक्सीजन प्लांट लग चुके हैं। सरकार की कोशिश है कि सभी जिला अस्पतालों व उप जिला अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट लगाए जाएं। ताकि निर्वाध रूप से आक्सीजन की सप्लाई हो सके। चंपावत, पिथोरागढ़ व बागेश्वर में भी जल्द प्लांट फंक्शनल हो जायेगा। एक और खास बात यह है कि मुख्यमंत्री जी के अनुरोध पर भारत सरकार ने प्रदेश में आक्सीजन की आपूर्ति लोकल स्तर पर करने की स्वीकृति दे दी है। इसके अलावा पूर्व आपूर्ति क्षमता को बढ़ाकर 200 मैट्रिक टन कर दिया है। अब 25 मई से प्रदेश को उत्तराखण्ड के प्लांटों से ही आक्सीजन की आपूर्ति होगी। इंडिया ग्लाइकोस काशीपुर से 40 एमटी, लिंडे सेलाकुई से 100 एमटी, ए लिक्विट से 33 एमटी और इसके अलावा अन्य इकाइयों से 27 एमटी आक्सीजन की आपूर्ति होगी। यह प्रदेश के लिए अच्छी खबर है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 30 हजार से अधिक टेस्टिंग हो रही है। यह पूरे देश के आंकड़ा दर से अधिक है।

प्रदेश में ब्लैक फंगस को लेकर सचिव डा पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि ब्लैक फंगस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसका कारण यह भी है कि एम्स ऋषिकेश में पंजाब, हरियाणा आदि बाहरी प्रांतों के मरीज भी ब्लैक फंगस का उपचार करा रहे हैं। यहां 100 से अधिक केस हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 12 डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों को ब्लैक फंगस के उपचार के लिए अधिकृत किया गया है। ताकि दवा व अन्य व्यवस्थाओं का बेहतर प्रबंधन हो सके। कहा कि इस उपचार में एमफोटरिसम बी का अहम रोल रहा है। प्रदेश को कोटे के हिसाब से 170 लाइफोसोमन मिली थी जिसमें 90 का उपयोग किया जा चुका है, और 430 एमफोटरिसम में से 261 का उपयोग किया जा चुका है। प्रदेश में इन इंजेक्शनों की पर्याप्त आपूर्ति के लिए अन्य संस्थानों को भी आर्डर किया गया है ताकि किसी प्रकार की दिक्कत ना हो। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ब्लैक फंगस के 118 मामले हैं जिसमें से 9 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। और पांच लोग डिस्चार्ज भी हो चुके हैं। सरकार की कोशिश है हर हाल में इस तरह के संक्रमित लोगों की जान बचाई जा सके।

उन्होंने कहा कि जिस तरह कहा जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर सिर्फ बच्चों को प्रभावित करेगी तो ऐसा नहीं है। लेकिन इसमें अहम यह है कि 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लोगों में से अधिकांश वैक्सीनेट हो चुके हैं। 18 साल से उपर के लोग भी वैक्सीनेट हो रहे हैं। और 18 साल से कम आयु वर्ग वाले बच्चे अभी वैक्सीनैशन की प्रक्रिया में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि वैक्सीन आपूर्ति के लिए ग्लोबल टेंडरिंग के अलावा और भी रास्ते तलाशे जा रहे हैं। कोशिश है कि प्रदेश में जल्दी से जल्दी और ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगे।

मानसिक स्वास्थ्य और पोस्ट कोविड मैनेजमेंट के स्टेट नोडल अफसर डीआईजी डॉ नीलेश भरणे ने बताया कि मानसिक अवसाद से गुजर रहे लोगों की मदद के लिए सरकार ने एक हैल्प लाइन 104 जारी किया है। और एक मनु सारथी कार्यक्रम भी चलाया गया है। इस तरह की समस्याओं के समाधान के लिए 109 काउंसलर नियुक्त किए गए हैं। इसमें रोजाना 25 से 50 कॉल्स रोज आ रही हैं। गंभीर मामलों के उपचार के लिए एम्स अस्पताल में भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा ऑनलाइन वेबिनार व सेमिनार के जरिए भी उपचार व जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

स्टाफ नर्स किया मृतक रोगी का मोबाइल चोरी, पुरूष मित्र के साथ अरेस्ट

देहरादून के एक अस्पताल में स्टाफ नर्स की करतूत ने सभी को चैका दिया। दरअसल एक मृतक रोगी का महंगा मोबाइल स्टाफ नर्स ने अपने मित्र की मदद से चोरी कर लिया। पुलिस जब पीड़ित की तहरीर पर छानबीन शुरू की तो दोनों आरोपी पकड़ में आए।

शिकायतकर्ता अमनदीप गिल पुत्र स्व. अवतार सिंह गिल निवासी 156-फेज-02, बसन्त विहार देहरादून ने बताया कि बीते 21 अप्रैल को उनके पिता का स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हे मैक्स अस्पताल, देहरादून में भर्ती कराया था। उपचार के दौरान उनकी आठ मई को मृत्यु हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में ही उनके पिता का महंगा मोबाइल फोन चोरी हो गया। बताया कि उक्त फोन में बहुत ही जरूरी और कान्फिडैशियल डाटा है।

पुलिस ने तहरीर के आधार पर छानबीन शुरू की। मालूम चला की अन्य रोगियों के साथ भी चोरी की वारदातें हुईं है। यही नहीं, कोविड महामारी के दौरान जीवन रक्षक दवायें व रेमीडिसीवर इंजेक्शन भी चोरी करके बाहर भेजे जाने की घटना का उल्लेख भी नर्सिंग स्टाफ द्वारा हुआ। पुलिस ने मोबाइल पर चल रहे दो नंबरों के आधार पर मोबाइल को प्राप्त किया।

सीओ डालनवाला जूही मनराल ने आरोपी की पहचान रूकइया पुत्री मोबिन निवासी संस्कृति लोक काँलोनी, ब्राहमणवाला, थाना पटेलनगर, देहरादून के रूप में कराई। बताया कि आरोपी स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत है और उसके साथी पुरूष मित्र सलमान अहमद पुत्र खुशनुद निवासी नगीना, मोहम्मदपुर त्रिलोक, बिजनौर यूपी हाल निवासी चुक्खुवाला मोहल्ला थाना कोतवाली नगर, देहरादून के रूप में कराई।

डीजीपी अशोक कुमार ने सीएम राहत कोष में दिया 85 लाख 95 हजार का चेक

कोविड-19 के दृष्टिगत डीजीपी अशोक कुमार ने मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु 85 लाख 95 हजार 350 रुपए का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया है।

उत्तराखंड पुलिस के कार्मिकों द्वारा स्वेच्छा से अपने 01 दिन के वेतन से दी गई धनराशि का यह चेक सचिवालय में डीजीपी ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को सौंपा। इस अवसर एडीजी, पीएसी पीवीके प्रसाद, एडीजी प्रशासन अभिनव कुमार एवं आईजी कार्मिक पुष्पक ज्योति आदि मौजूद थे।

छिद्दरवाला में टोल प्लाजा बनाने को लेकर उठे विरोध के सुर, अब तक यह जनप्रतिनिधि उठा चुके हैं आवाज


छिद्दरवाला में बनने जा रहे टोल प्लाजा का विरोध अब तेज हो गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसके विरोध में आवाज उठाई है यहां टोल प्लाजा को सही नहीं बताया है।

आज कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला छिद्दरवाला पहुंचे। यहां प्रदेश महासचिव ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों से वार्ता की। एनएच के अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि यह केंद्र सरकार के नियमों के तहत कार्य किया जा रहा है। प्रदेश महासचिव ने कहा कि एक तरफ ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के लोग लच्छीवाला में बने टोल प्लाजा से परेशान हैं। अब वही केंद्र सरकार एक और टैक्स ऋषिकेश विधानसभा वासियों के ऊपर लगाने जा रही है। कहा कि लच्छीवाला टोल प्लाजा बनने के बाद श्यामपुर, रायवाला, छिद्दरवाला, हरिपुरकलां में रहने वाले तमाम लोगों को रोजमर्रा के काम से जाने पर भी टोल प्लाजा में पैसे देने पड़ेंगे। कहा यह अत्यधिक दुर्भाग्यपूर्ण है एक तरफ कोरोना की महामारी से लोगों की कमर टूटी हुई है दूसरी तरफ इस तरह के जजिया कर लगाना शायद इस सरकार की आदत बन गई है।

उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि छिद्दरवाला टोल प्लाजा को अभिलंब स्थगित न करने पर कांग्रेस पार्टी इसके लिए आंदोलन करने पर बाध्य होगी। इस दौरान साहब नगर प्रधान ध्यान सिंह असवाल सहित सभी पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बर्दाश्त नहीं किया जा जाएगा छिद्दरवाला में टोल प्लाजाः जयेंद्र रमोला

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने कहा कि ऋषिकेश विधानसभा के अन्तर्गत नेपाली फार्म के नजदीक हाइवे प्राधिकरण द्वारा टोल प्लाजा बनाने की तैयारी चल रही है। जो कि सही नहीं है जिसका कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी। कहा कि सरकार लगातार जन विरोधी निर्णय लेकर आम जन को हर रूप से तोड़ने का काम कर रही है। पहले ही सरकार द्वारा बिजली, पैट्रोल, डीजल, रसोई तेल, सिलेंडर सहित कई रोजमर्रा की चीजों के दामों में वृद्धि कर दी है और जहां पूर्व में डोइवाला में टोल प्लाजा लगाकर वसूली की जा रही है। वहीं दूसरी ओर कुछ किलोमीटर में ही फिर से टोल प्लाजा लगवाने की तैयारी सरकार ने कर ली है जो बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। अगर सरकार इसको रोकने काम नहीं करेगी तो हमें मजबूरन सड़कों पर बैठकर व उग्र आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी। कहा कि जल्द ही इसमें रणनीति तय कर आंदोलन शुरू किया जायेगा।

जिपंस संजीव चौहान ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र

देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रहे टोल प्लाजा का प्रस्ताव निवेश करने को लेकर जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान द्वारा केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक को एक पत्र लिखा गया। पत्र में केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया गया है कि हरिद्वार देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर नेपाली फार्म के पास बन रहे टोल प्लाजा से स्थानीय लोगों को आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ेगा। साथ ही अवगत कराया कि उक्त स्थान पर टोल प्लाजा बनने से कई ग्राम सभाओं का संपर्क टोल टैक्स देकर साधना पड़ेगा। आबादी भरे क्षेत्र में टोल प्लाजा बनने से स्कूली छात्र – छात्राओं, बीमार व्यक्ति एवं नौकरी के लिए लालतप्पड इंडस्ट्रियल एरिया में जाने वाले लोगों को टोल टैक्स देकर रोजी-रोटी का साधन जुटाना पड़ेगा।

जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान ने पत्र के माध्यम से केंद्रीय मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक से निवेदन किया है और उम्मीद जताई है कि टोल प्लाजा उक्त स्थान पर नहीं बनाया जाएगा।

सीएम ने चंपावत जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था जान व्यक्त की प्रसन्नता

जनपद चम्पावत के एक दिवसीय भ्रमण पर पंहुचे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा सर्वप्रथम जिला चिकित्सालय चम्पावत के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय सांसद अजय टम्टा के साथ पीपीई किट पहनकर कोविड वार्ड एवं आईसीयू वार्ड में जाकर भर्ती कोरोना मरीजों से वार्ता की और उनके स्वास्थ्य का हाल जाना। मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं भोजन आदि व्यवस्थाओं पर प्रशन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस महामारी के दौर में सभी चिकित्सक, मेडिकल स्टाफ समेत प्रशासन रात-दिन कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी वह इसी प्रकार कार्य करते हुए जिले को कोरोना मुक्त करें।

मुख्यमंत्री ने विकास भवन सभागार में संचालित कोविड कन्ट्रोल रूम में दूरभाष के माध्यम से होम आइसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों से वार्ता कर उनका हाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उसके बाद मुख्यमंत्री ने आपदा कन्ट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया और वहा किये जा रहे कार्यो की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने जिला सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम, उपचार एवं उससे बचाव आदि हेतु किए जा रहे कार्यों के साथ ही आगामी मानसून काल के मद्देनजर पूर्व तैयारी तथा जनपद में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु अधिक से अधिक सैम्पलिंग बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि गांव गांव में जाकर लोगो को इस महामारी के प्रति सचेत कर जन जागरूकता फैलाये। इस हेतु सभी ग्राम सभाओं में मेडिकल टीम जाकर जांच कराएं। लक्षण वाले प्रत्येक व्यक्ति को तत्काल दवा उपलब्ध कराई जाय। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर निगरानी टीम को और अधिक एक्टिव रखते हुए संक्रमण को खत्म करने हेतु कार्य किया जाय। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम जनगणना के समय घर घर जाकर प्रत्येक परिवार का डाटा एकत्र करते हैं।उसी तर्ज पर घर घर जाकर प्रत्येक परिवार की टेस्टिंग करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था मुहैया कराने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के साथ ही आगामी वर्षा के दौरान होने वाले जल जनित रोग, डेंगू की रोकथाम हेतु व्यापक स्तर पर सभी नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में नगर निकाय व पंचायती विभाग सेनेटाइजेसन का कार्य लगातार जारी रखें, साथ ही जनता को इसके प्रति प्रचार प्रसार कर जागरूक भी करें। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक गांव में कोरोना से संबंधित आवश्यक दवा की किट का भी वितरण शीघ्रता से उपलब्ध कराया जाय। उन्होंने कहा कि सभी विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी गांव में जाकर लगातार दवा की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी लेते रहें।उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु कड़ाई से कर्फ्यू का अनुपालन कराने पर पुलिस कार्यवाही करें।

बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा आगामी मानसून काल के मद्देनजर की गई पूर्व तैयारियां की भी जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी विभाग किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु पूर्व तैयारी करते हुए अलर्ट रहें तथा किसी भी प्रकार की आपदा की घटना होने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किए जाय। मानसून की दस्तक होने से पहले ही नाले व कलमठ आदि की सफाई कर ले ताकि वर्ष के दौरान सड़को में पानी इकट्ठा ना हो और लोगो को असुविधा ना हो। सभी तहसील व थाना स्तर पर आवश्यक उपकरण राहत पैकेट आदि की भी व्यवस्था के साथ ही राहत कैम्प चिह्नित कर उनमें आवश्यक व्यवस्था पूर्व से रखी जाए। उन्होंने कहा कि सभी सड़क निर्माण विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए बन्द सड़कों को तत्काल खोले जाने हेतु आपसी सहयोग से कार्य करें। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने पेयजल, लोक निर्माण विभाग, ऊर्जा विभाग तथा विभिन्न कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह निर्माण कार्यों को समयबद्धता से पूर्ण करें। उन्होंने एनएच द्वारा निर्मित चल्थी रोड की तत्काल जांच करा कर रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने दायित्वों का सही निर्वहन करें। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि एक दूसरे के पूरक हैं वह मिलकर कार्य कर जिले को विकास के क्षेत्र में आगे ले जाएं। वह एक टीम भावना के साथ कार्य करें।

बैठक में सांसद अजय टम्टा एवं विधायक लोहाघाट पूरन फर्त्याल व अन्य जनप्रतिनिधियो द्वारा भी जिले के विकास के संबंध में अपनी बात रखी। बैठक के दौरान जिला प्रभारी मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि इस महामारी के कारण बहुत जनहानि हुई हैं जिसे और नही होने देना हैं। परन्तु इस कोरोना के समय मे भी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अपनी जान जोखिम में डाल कर बहुत अच्छा और सरहानीय कार्य किया जा रहा हैं।

बैठक में जिलाधिकारी विनीत तोमर ने जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम एवं वेक्सीनेसन हेतु किए जा रहे कार्यों के अतिरिक्त वर्तमान में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के अतिरिक्त आगामी मानसून काल के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु की गई पूर्व तैयारी के साथ ही जिले में संचालित विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि कोविड की तीसरी लहर की तैयारियां पहले ही सुनिश्चित कर ली गयी हैं।

बैठक के दौरान आयुक्त कुमाऊ अरविंद सिंह ह्यांकी द्वारा भी कोविड संक्रमण के नियंत्रण हेतु किए जा रहे कार्यों के अतिरिक्त अन्य बिंदुओं कोमुख्यमंत्री के सम्मुख रखा गया। उन्होंने कहा कि कुमाऊं के पहाड़ी जिलों में ऑक्सीजन सिलेंडर की समस्या को देखते हुए चंपावत, पिथौरागढ़ एवं बागेश्वर जिलों को 100-100 अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं।आगामी मानसून काल के मद्देनजर और अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की जा रही है।

बैठक में माननीय सांसद अल्मोड़ा अजय टम्टा, दर्जा प्राप्त मंत्री हयात सिंह मेहरा, विधायक लोहाघाट पूरन फर्त्याल, भाजपा जिला अध्यक्ष दीप चन्द्र पाठक, आयुक्त कुमाऊँ मंडल अरविंद सिंह ह्यांकी, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं अजय रौतेला, जिलाधिकारी चम्पावत विनीत तोमर, पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत आदि उपस्थित रहे।

गोपेश्वर में 45.90 लाख की लागत से शुरू हुआ आक्सीजन जनरेशन प्लांट


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जिला अस्पताल गोपेश्वर में 45.90 लाख लागत से स्थापित 200 एलपीएम ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। ऑक्सीजन प्लांट लगने से जिला अस्पताल के सभी बेड तक निर्वाध रूप से ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू हो गई है। इस कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि मा0 राज्य मंत्री डा0 धन सिंह रावत, ब्रदीनाथ विधायक महेन्द्र प्रसाद भट्ट, थराली विधायक मुन्नी देवी शाह, भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट एवं अन्य जनप्रतिनिधि ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चैहान, सीडीओ हंसादत्त पांडे, सीएमओ डा0 एमएस खाती, सीएमएस डा0 जेएस चुफाल, अधिशासी अभियंता आरडब्लूडी अला दिया एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अपने वर्चुअल संबोधन के दौरान स्थानीय विधायकों, जनप्रतिनिधयों, अधिकारियों एवं समस्त जनपद वासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कोविड के दृष्टिगत स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी संशाधन जुटाए जा रहे है और जहॉ पर जो भी आवश्यकता है उसको पूरा करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में प्लांट शुरू होने से यहां पर भर्ती होने वाले मरीजों को इसका लाभ मिलेगा।

राज्यमंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सीमांत जनपद चमोली के जिला अस्पताल में 200 एलपीएम क्षमता का प्लांट एक वरदान साबित होगा। उन्होंने कहा कि अब मरीजों को यहां से रेफर करके हायर सेंटर भेजने की जरूरत नही पडेगी। बताया कि कर्णप्रयाग में भी ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत हो गया है और जल्द यहॉ पर भी ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोविड से निपटने के लिए वैक्सीन की कोई कमी नही है और वैक्सीनेशन का कार्य भी सुचारू ढंग से चल रहा है। राज्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जिले के दर्जनों स्वास्थ्य केन्द्रों का स्वयं निरीक्षण किया है और कही पर भी कोई कमी नही रखी गई है। जहॉ पर जो भी आवश्यकता है उसको पूरा किया जा रहा है। इस महामारी में सरकार जनता के साथ है। जनपद के प्रभारी मंत्री ने कहा कि उन्होंने जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण भी किया है। बताया कि रैणी गांव में आपदा से क्षतिग्रस्त पुल के पुर्ननिर्माण हेतु 6 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है और इसके टेडंर भी हो गए है। साथ ही भंग्यूल गांव को जोड़ने के लिए 4 किलोमीटर सड़क भी स्वीकृत की गई है।