जरूरतमंदों के आवागमन को एडवोकेट अजय कथूरिया ने दिया अपना निजी वाहन

कोविड संक्रमण को देखते हुए जहां तमाम सामाजिक संगठन आगे आकर लोगों की मदद कर रहे हैं। पुलिस के सिपाही बिना परवान किए हर वक्त लोगों की सेवा में तैनात है। इसी कड़ी में अब एक नाम अधिवक्ता अजय कथूरिया का भी जुड़ गया है।

जी हां, बार एसोसिएशन ऋषिकेश के वरिष्ठ अधिवक्ता अजय कथूरिया ने अपना निजी वाहन को जरूरतमंद, बीमार रोगी और असहाय लोगों को समर्पित किया है। कोरोना काल तक उनकी ओर से यह सेवा जारी रहेगी। कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति द्वारा निसंकोच रूप से वाहन की सेवा प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए वह वरिष्ठ अधिवक्ता अजय कथूरिया को उनके मोबाइल नंबर 9897240442 पर संपर्क कर सकता है।

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने सरकार तक पहुंचाई व्यापारियों की पीड़ा

कोविड के कारण प्रदेश भर में बाजार बंद होने से होनी वाली व्यापारिक समस्याओं को आज नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ऋषिकेश ने शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल के जरिए पहुंचाई। शासकीय प्रवक्ता से मुलाकात के दौरान उन्हें सकारात्मक आश्वासन भी मिला।

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ऋषिकेश के प्रतिनिधिमंडल ने शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल से मुलाकात की। जिलाध्यक्ष नरेश अग्रवाल के दिशा निर्देश पर नगर अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र और महामंत्री प्रतीक कालिया के नेतृत्व में यह मुलाकात संभव हुई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि व्यापारियो को इस बाजार बंदी की वजह से आर्थिक समस्यायों का सामना करना पड़ रहा है, बताया कि अभी तो पिछले वर्ष के लाॅकडाउन से ही व्यापारी उबर नहीं पाया है। ऐसे में इस वर्ष भी बाजार पूरी तरह से बंद होने के चलते भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल को यथा शीघ्र व्यापारियो के लिए राहत प्रदान करने का आग्रह किया। इस पर शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने 24 मई को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के साथ होने वाली बैठक मे उपरोक्त बात रखने का विश्वास दिलाया और कुछ सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर जिला संयुक्त महामंत्री पवन शर्मा, विनीत शर्मा भी मौजूद रहे।

आपदा के दृष्टिगत जिलाधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों की फोन लिस्ट अपडेट रखेंः तीरथ सिंह रावत

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर लें। यह समय चुनौती का है, बादल फटने की घटनाएं भी हो रही हैं। आपदा के दृष्टिगत सभी आवश्यक उपकरण तैयार रखे जाय। जनपद के साथ ही तहसील एवं ब्लॉक लेवल पर भी आपदा कंट्रोल रूम बनाए जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि किसी क्षेत्र में आपदा आने पर रिस्पॉन्स टाइम कम से कम हो। सभी जिलाधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों की फोन लिस्ट अपडेट रखें, ताकि किसी भी प्रकार की घटना होने पर त्वरित कार्यवाही की जा सके। आपदा के दृष्टिगत संवेदनशील स्थानों पर रिलीफ कैंप के लिए जगह चिन्हित की जाय।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून सीजन के दृष्टिगत पर्वतीय जनपदों में खाद्यान्न की पूर्ण व्यवस्था रखी जाय। सभी लाइन डिपार्टमेंट से नोडल ऑफिसर की नियुक्ति जल्द की जाय। यह सुनिश्चित हो कि आपदा के दौरान किसी भी प्रकार की क्षति होने पर आपदा के मानकों के हिसाब से संबंधित को क्षतिपूर्ति का भुगतान जल्द हो। जिन जनपदों में अभी मॉक ड्रिल नहीं हुई है, कोविड अप्रोप्रिएट बिहेवियर का ध्यान रखते हुए जल्द की जाय। आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील एवं संवेदनशील स्थानों पर हर समय पर्याप्त उपकरणों की व्यवस्था की जाय। आपदा के दृष्टिगत सभी जिलाधिकारी हेलीपैड मेंटिनेंस पर विशेष ध्यान दें।

मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों को आवागमन में कम से कम परेशानी हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों की पूर्ण व्यवस्था हो। आपदा प्रबंधन की दृष्टि से पेयजल एवं बिजली की आपूर्ति के लिए क्विक रिस्पॉन्स हो। पेयजल गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाय।

मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि संवेदनशील जल विद्युत परियोजनाओं के दृष्टिगत इनके आस-पास अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाये जाय। आपदा की दृष्टि से हेलीपैड मेंटिनेंस के लिए डीएम, एसडीआरएफ एवं नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारी इनका स्थलीय निरीक्षण करें। यह सुनिश्चित किया जाय कि संचार व्यवस्थाएं सुचारू रहे।

बैठक में वर्चुअल माध्यम से आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार शत्रुघ्न सिंह, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, एस.ए.मुरुगेशन, डीआईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

सीएम तीरथ सिंह रावत ने प्रदेश में की वात्सल्य योजना की घोषणा


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राज्य में मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना की घोषणा की है। यह योजना उन अनाथ बच्चों के लिए है, जिन्होंने कोविड -19 के संक्रमण से अपने माता-पिता को खोया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के ऐसे अनाथ बच्चों की आयु 21 वर्ष होने तक उनके भरण पोषण, शिक्षा एवं रोजगार के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था राज्य सरकार करेगी। ऐसे बच्चों को प्रतिमाह 3000 रुपए भरण-पोषण भत्ता दिया जाएगा। इन अनाथ बच्चों की पैतृक संपत्ति के लिए नियम बनाए जायेंगे कि, उनके वयस्क होने तक उनकी पैतृक संपत्ति को बेचने का अधिकार किसी को नहीं होगा। यह जिम्मेदारी संबंधित जिले के जिलाधिकारी की होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन बच्चों के माता-पिता की मृत्यु कोविड-19 संक्रमण के कारण हुई है उन बच्चों को राज्य सरकार की सरकारी नौकरियों में 05 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जायेगा।

साथ ही मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में ऐसे बच्चों को भी प्रतिमाह 3000 रुपए का भरण-पोषण भत्ता दिया जायेगा। जिनके परिवार में कमाने वाला एकमात्र मुखिया था और जिनकी मृत्यु कोविड-19 संक्रमण से हुई हो।

कोविड रोकथाम को लेकर सीएम तीरथ सिंह रावत की समीक्षा, तीसरी लहर के लिए तैयारियां करें तेज

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ सचिवालय में वीडियो कांफ्रेंसिग द्वारा प्रदेश में कोविड की रोकथाम और बचाव कार्यों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने ऐसे बच्चों के लिए विशेष योजना बनाने के निर्देश दिये जिनके माता-पिता या परिवार के मुखिया की मृत्यु कोविड के कारण हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे बच्चों की सहायता की जा सके, इसके लिये जल्द से जल्द इनका चिन्हीकरण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर के लिये तैयारियों को शीघ्रता से धरातल पर लागू किया जाए। वर्तमान में कोविड के मामलों में कमी देखने को मिल रही है, फिर भी हमें पूरी तरह से सावधान रहना है। किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। तीसरी लहर में बच्चों पर फोकस करना है। जिला व ब्लॉक स्तर तक इसकी मैपिंग हो। फील्ड में काम करने वालों को मालूम होना चाहिए कि किसी तरह की परिस्थिति में उन्हें क्या करना है। कोविड की तीसरी लहर से पहले सारी तैयारियां पुख्ता कर ली जाएं। इसमें किसी तरह की कोई कमी न हो। जिलाधिकारी ग्रामवार इसकी पूरी प्लानिंग रखें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। कालाबाजारी को रोकने के लिए लगातार जरूरी कार्रवाई की जाएं। ई-संजीवनी का अच्छा रेस्पोंस मिल रहा है। इसे और अधिक सुदृढ़ और प्रचारित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बायो मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल पर भी ध्यान दिये जाने की जरूरत है। नगर निकायों में शहरी विकास विभाग और ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग इसे सुनिश्चित कराएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड को लेकर अधिक ध्यान देना है। इसके लिए विकेंद्रीकृत योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। आशा, एएनएम की सही तरीके से ट्रेनिंग हो। पीएचसी व सीएचसी स्तर तक तैयारियां हों। हर ब्लॉक में कन्ट्रोल रूम हों। ग्राम सभाओं का सहयोग लिया जाए। जहाँ तक सम्भव हो दूरस्थ क्षेत्रों के लिए मोबाईल टेस्टिंग वैन, मोबाईल लैब, सेम्पलिंग वैन की व्यवस्था हो। गांव-गांव, घर- घर तक जरूरी मेडिकल किट व दवाओं की उपलब्धता हो। गांवों में क्वारेंटाईन सेंटर चिन्हित कर उन्हें जरूरी सुविधाओं से युक्त किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सीनेशन में धन की कमी नहीं है। इसके लिये हर सम्भव प्रयास कर वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में तेजी लानी है। प्रस्तावित और निर्माणाधीन आक्सीजन जेनरेशन प्लांट को जल्द पूरा किया जाए। आक्सीजन आपूर्ति में बहुत सुधार हुआ है। इसे आगे भी बनाये रखना है। हमारे सभी आईसीयू संचालित होने चाहिए। कोविड से सम्बंधित सूचनाओं की रियल टाईम डाटा एन्ट्री सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डेंगू को लेकर भी तैयारियां की जाएं। इसके बचाव के संबंध में जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं। यह देख लिया जाए कि हमारे कोविड अस्पताल और कोविड केयर सेंटर के आस-पास पानी एकत्र न हो।

मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि टेस्टिंग विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में टेस्टिंग को बढाने की जरूरत है। कोविड की तीसरी लहर की अभी से सारी तैयारी की जानी है। बाहर से आने वालों पर विशेष ध्यान दिया जाए। जनजागरूकता में ग्राम समितियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। आक्सीजन आपूर्ति की तैयारी मानसून को ध्यान में रखते हुए कर ली जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार शत्रुघ्न सिंह, डीजीपी अशोक कुमार, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, सचिव अमित नेगी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय आदि उपस्थित थे।

हरीश रावत सरकार में दायित्वधारी रहे जयपाल जाटव का निधन

हरीश रावत सरकार में दायित्वधारी रहे व दलित समाज के नेता जयपाल जाटव का आज निधन हो गया। जयपाल जाटव कोरोना संक्रमण के चलते एम्स में भर्ती थे। उनके करीबी व एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला ने बताया कि 25 दिनों से वह एम्स में भर्ती थे। उन्होंने हमेशा निचले वर्ग के लिए संघर्ष किया। कांग्रेस ने अपना सच्चा सिपाही खो दिया। रमोला ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, पूर्व सीएम हरीश रावत ने उनके बड़े पुत्र जतिन को फोन पर सांत्वना दी और परिवार का ढांढ़स बंधाया।

ऋषिकेश नगर कांग्रेस ने जताया शोक
वरिष्ठ कॉंग्रेस नेता एवं पूर्व राज्यमंत्री जयपाल जाटव के निधन पर ऋषिकेश के कॉंग्रेस जनों ने दुख प्रकट किया है। कहा कि स्व. जयपाल जाटव ने अपना पूरा जीवन कॉंग्रेस की सेवा में लगाया। वह कॉंग्रेस के सच्चे सिपाही थे। उन्होंने सदैव दलितो के उत्थान के लिए कार्य किया। उनके जाने से महानगर कॉंग्रेस को अपूरणीय क्षति हुई है।

शोक प्रकट करने वालोँ में प्रदेश महासचिव बिजय सारस्वत, महानगर अध्यक्ष महंत बिनय सारस्वत, अरविंद जैन, वेद प्रकाश प्रधान, राजकुमार तलवार, प्रदीप जैन, ललित मोहन मिश्र, रुक्म पोखरियाल, विक्रम भंडारी, नंद किशोर जाटव, संजय राजभर आदि मौजूद रहे।

ऋषिकेश पुलिस ने मृतक बुजुर्ग का किया अंतिम संस्कार


ऋषिकेश पुलिस ने एक बार पुनः कोरोना पीड़ित बुजुर्ग की मौत होने पर पुत्र धर्म निभाया है। पुलिस ने 91 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद उनका चंद्रेश्वर नगर स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया।

बता दें कि 91 वर्षीय बुजुर्ग मोहन सिंह रावत पुत्र शमशेर सिंह रावत निवासी प्रेम विहार, श्यामपुर की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। पुलिस को सूचना मिलने पर पता चला कि मृतक की तीन बेटियां और उनकी पत्नी है। फिलहाल बुजुर्ग दंपति ही ऋषिकेश में अकेले रह रहे थे। एक बेटी आशा रावत देहरादून में हैं। परिवार के लोग आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण अंतिम संस्कार कर पाने में असमर्थ थे। पुलिस ने चंद्रेश्वरनगर स्थित श्मशान में शनिवार को विधि विधान से बुर्जुग को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया।

लैब संचालक पर महिला कर्मचारी के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप, मुकदमा दर्ज


कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्रांतर्गत सीआरएल लैब में कार्यरत महिला ने लैब संचालक पर अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया है। महिला ने इस बावत कोतवाली को तहरीर भी दी है, वहीं, कोतवाली पुलिस ने तहरीर को आधार बनाकर सीआरएल लैब संचालक पर आईपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

महिला ने तहरीर में बताया कि सीआरएल लैब के संचालक आशीष कुमार से वह जाॅब के संदर्भ में मिली थी। इस पर 14 मई को मुझे सीआरएल लैब में ज्वाइनिंग मिल गई। मगर, 18 मई को संचालक आशीष की ओर से मुझे कमर से पकड़कर अपनी ओर खींचा गया और गलत हरकत की गई। जब उन्होंने उसका विरोध किया तो आशीष कुमार की ओर से उन्हें धमकी दी गई। इस कारण वह मानसिक रूप से अस्वस्थ्य चल रही है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर आरोपी व सीआरएल लैब संचालक आशीष कुमार पर आईपीसी की धारा 354(क) (1) 506 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

प्रदेश में स्टाफ नर्स की भर्ती परीक्षा सीएम के निर्देश पर हुई स्थगित

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कोविड की स्थिति में अभ्यर्थियो की सुरक्षा व सुविधा हेतु चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के अन्तर्गत 28 मई को होने जा रही स्टाफ नर्स की सीधी भर्ती परीक्षा को प्रदेश के दो जनपदों की बजाय सभी जनपदों में आयोजित करने के निर्देश दिये हैं।

बोर्ड द्वारा इसकी व्यवस्था करने के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध करने पर मुख्यमंत्री ने उक्त परीक्षा को स्थगित कर मध्य जून तक आयोजित करने के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान कोविड-19 संक्रमण की स्थिति में अभ्यर्थियो को आने जाने में असुविधा न हो, आवास की परेशानी ना हो और एक साथ अधिक भीङ न हो, इसलिए यह परीक्षा सभी जनपदों में करायी जाए , साथ ही यह भी निर्देश दिये की सभी जनपदों में परीक्षा को ले कर तैयारी शीघ्र पूरी कर ली जायें।

राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार कलस्टर बनाये जायः तीरथ सिंह रावत


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जड़ी बूटी शोध एवं विकास संस्थान तथा उत्तराखण्ड संगन्ध पौधा केन्द्र (कैप) सेलाकुई की योजनाओं की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि कृषकों की आय में वृद्धि करने के लिए एग्रीकल्चर एवं हार्टिकल्चर के साथ हर्बल उत्पादों को बढ़ावा दिया जाय। हर्बल उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए लोगों में जागरूकता लाने के साथ ही इसकी प्रशिक्षण की व्यवस्था भी जाय। किसानों की मदद कैसे की जा सकती है, इस ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। किसानों को अच्छी गुणवत्ता के प्लांटिंग मैटीरियल उपलब्ध हों।

प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से अलग-अलग प्रजातियों के उत्पादों के कलस्टर बनाये जाय। मुख्यमंत्री ने कैप की शोध एवं विकास टीम द्वारा बनाये गये ‘गनिया’ हर्बल हैण्ड सेनिटाइजर को लाँच किया। जड़ी बूटी शोध एवं विकास संस्थान की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियो को निर्देश दिये कि कुछ बड़े उत्पादों को बढ़ावा दिया जाय। तीन-चार ऐसे उत्पाद चयनित किये जाय, जिससे उत्तराखण्ड की देश में अलग पहचान बने। इसके लिए मार्केटिंग प्लान भी हो। पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने एवं किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए उत्पादों को अलग पहचान देना जरूरी है। इसके लिए उत्पादों का चयन जल्द करें। यह सुनिश्चित किया जाय कि 06 माह के अन्दर परिणाम दिखने शुरू हो जाय। एच.आर.डी.आई द्वारा आयुष विभाग की सहायता से जल्द एक हर्बल हीलिंग एवं वैलनेस सेंटर की स्थापना की जाय। उत्तराखण्ड की हर्बल आधारित स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए किसानों को जागरूक किया जाय।

उत्तराखण्ड संगंध पौधा केन्द्र की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कैप के जो 109 कलस्टर बने हैं, उनमें से कई कलस्टर एच.आर.डी.आई के लिए भी इस्तेमाल किये जा सकते हैं। एच.आर.डी.आई एवं कैप दोनों में वैल्यू चैन मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाय। भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं का फायदा उठाने के लिए सटीक प्रोजक्ट बनाये जाय। आगामी 06 माह में हाईटैक नर्सरी के निर्माण, एरोमा पार्क नीति एवं इण्डस्ट्रियल एवं मेडिसनल हैम्प की नीति की दिशा में तेजी से कार्य किया जाय।

बैठक में जानकारी दी गई कि उत्तराखण्ड संगंध पौध केन्द्र से प्रदेश के 21 हजार किसान जुड़े हैं। प्रदेश में 109 कलस्टर बनाये गये हैं। इसके अन्तर्गत परित्यक्त भूमि के पुनर्वास, बाउन्ड्री फसल के रूप में डैमस्क गुलाब का कृषिकरण, मिश्रित खेती के रूप में जापानी मिन्ट का कृषिकरण, वानिकी फसल के रूप में तेजपात के कृषिकरण एवं अल्प अवधि के रूप में कैमोमिल व अन्य फसलों के कृषिकरण की ओर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। कैप का सीएजीआर 37 प्रतिशत है। जड़ी बूटी शोध एवं विकास संस्थान से प्रदेश के 26 हजार किसान जुड़े हैं। सीमान्त जनपदों चमोली, उत्तरकाशी एवं पिथौरागढ में जड़ी-बूटी अनुसंधान एवं विकास का अनुश्रवण व पर्यवेक्षण हेतु 03 केन्द्रों की स्थापना की गई है । संस्थान की मण्डल पौधशाला में 12 विभिन्न औषधीय उद्यानों के मॉडल की स्थापना की गई हैं। संस्थान मुख्यालय मण्डल में म्यूजियम तथा हर्वेरियम की स्थापना की गई है। संस्थान द्वारा 6 हर्बल चाय यथा मार्निंग हर्बल टी, इवनिंग हर्बल टी, नाईट हर्बल टी, क्वीन हर्बल टी, किंग हर्बल टी एवं हिपोफी हर्बल टी की तकनीकी हस्तानान्तरण हेतु निर्माण किया गया। प्रदेश के काश्तकारों हेतु 38 प्रजातियों की संक्षिप्त कृषि तकनीक की बुकलेट का प्रकाशन किया गया। 100 औषधीय उत्पादों को विकसित किये जाने हेतु शोध एवं विकास की कार्यवाही चल रही है।

बैठक में कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार शत्रुघ्न सिंह, प्रमुख सलाहकार आर.बी.एस.रावत, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, सचिव हरबंस सिंह चुघ, निदेशक उद्यान डॉ. एच.एस.बवेजा, सगन्ध पौधा केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. नृपेन्द्र चैहान, जड़ी बूटी शोध एवं विकास संस्थान के निदेशक डॉ सी.एस. सनवाल आदि उपस्थित थे।