कोविड संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं तो अपना रक्त प्लाज्मा अवश्य दान करें


कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों का रक्त प्लाज्मा अन्य संक्रमित रोगियों के उपचार में सहायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि यदि कोविड संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं तो अपना रक्त प्लाज्मा अवश्य दान करें, ताकि दूसरों की जान बचाई जा सके।

चिकित्सकों के अनुसार, रक्त प्लाज्मा का दान एक अत्यंत आसान प्रक्रिया है। 18 से 60 आयु वर्ग का कोई भी व्यक्ति प्लाज्मा दान कर सकता है और खास बात यह है कि प्लाज्मा दान करने से स्वास्थ्य पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। चिकित्सकों का कहना है कि जब भी प्लाज्मा दान करें, इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पिछले 14 दिनों से आपमें किसी भी प्रकार के कोविड के लक्षण तो नहीं। प्लाज्मा दान करने से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें और जरूरी सावधानियां बरतें।

मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया है कि हिचकिचाएं नहीं, आगे आएं और रक्त प्लाज्मा का दान कर किसी कोरोना पीड़ित की जान बचाने में मदद कर अपनी जिम्मेदार भूमिका निभाएं।

पत्रकारों को वैक्सीनेशन के लिए अलग से व्यवस्था बनाने के सीएम ने दिए निर्देश

सूचना महानिदेशक रणवीर सिंह चैहान ने सूचना विभाग के अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण समय में जनता तक सही एवं समय पर सूचनाएं पहुंचे, इसमें सूचना विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पत्रकार बंधु भी कोविड पर जनजागरुकता के दृष्टिगत लगातार फील्ड में हैं। इस दौरान कई बार वे भी कोविड से संक्रमित हो रहे हैं। प्रदेश में कोई भी पत्रकार बंधु संक्रमित हो रहे हैं तो, उनको विभाग की ओर से हर संभव मदद देने के प्रयास किए जाय। मुख्यालय स्तर पर एवं सभी जनपदों में मीडिया से निरंतर संवाद स्थापित किया जाय। किसी भी मीडियाकर्मी की कोविड संक्रमित होने की सूचना पर प्रशासन से समन्वय स्थापित करते हुए उन्हें हर संभव मदद दी जाय।

सूचना महानिदेशक रणवीर सिंह चैहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के कोविड वैक्सीनैशन की अलग से व्यवस्था करने के निर्देश दिये हैं। जिला सूचना अधिकारी इस संबंध मे भी जिलाधिकारी मार्गदर्शन में समन्वय करें।

सूचना महानिदेशक ने कहा कि नियमित निगरानी की जाय कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से कोई भ्रामक सूचनाएं न प्रसारित हो। कोविड के दृष्टिगत जनजागरूकता में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। मीडिया से लगातार संपर्क स्थापित किए जाय। कोविड की इन विषम परिस्थितियों में हमारी भूमिका और बढ़ जाती है। सटीक और प्रमाणिक जानकारी जनता तक पहुंचे।

सूचना महानिदेशक रणवीर सिंह चैहान ने सभी जिला सूचना अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपदों में जिलाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं पुलिस से निरंतर संपर्क स्थापित कर कोविड से बचाव के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों एवं जन जागरूकता के लिए की जा रही पहलों को मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाया जाय। सूचनाओं के आदान – प्रदान में और तेजी लाई जाए। जनपदों में पत्रकार बंधुओं से समन्वय बना कर रखें।

बैठक में वर्चुअल माध्यम से अपर निदेशक सूचना डॉ. अनिल चंदोला, सयुक्त निदेशक आशीष त्रिपाठी, उपनिदेशक के. एस. चैहान, नितिन उपाध्याय, सहायक निदेशक मनोज श्रीवास्तव, रवि बिजारनियाँ आदि उपस्थित थे।

10 मई सोमवार से 18 प्लस को लगेगी कोरोना वैक्सीन

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देश पर 18 से 44 आयु वर्ग के नागरिकों के लिए राज्य में 10 मई 2021 से टीकाकरण का कार्य आरम्भ किया जा रहा है।

उत्तराखण्ड में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों के टीकाकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा कोविड वैक्सीन का क्रय किया जा रहा है तथा कोविस 19 वैक्सीन की निर्माता कम्पनी द्वारा कोविड वैक्सीन की आशिक आपूर्ति कर दी गयी है। सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने वैक्सीन प्राप्त होने की जानकारी देते हुए बताया कि आज 08 मई 2021 को अपराह्न 420 बजे कोविशील्ड वैक्सीन की 1 लाख डोज इंडिगो एयरलाईन की उड़ान संख्या 68 953/04881236 से देहरादून जौलीग्रांट पहुंची, जहां से उसे प्राप्त कर राज्य औषधि भण्डार केन्द्र, चन्दरनगर के कोल्ड स्टोर / वॉक इन कूलर में रख दिया गया है और सभी जनपदों को आपूर्ति की जा रही है।

सचिव अमित नेगी ने बताया कि यह वैक्सीन 18 से 44 आयु वर्ग के नागरिकों के लिए है और अब राज्य में 10 मई 2021 से टीकाकरण का कार्य आरम्भ कर दिया जायेगा। अमित नेगी के अनुसार कोविड-19 टीकाकरण अभियान के इस आयु वर्ग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड के लगभग 50 लाख लोगों को निशुल्क वैक्सीन दी. जायेगी। यह टीकाकरण केन्द्रों पर होगा जिसकी जानकारी कोविन पोर्टल पर लाभार्थियों को मिलेगी। ज्ञातव्य है कि टीकाकरण के लिए 18 से 44 आयु वर्ग के लाभार्थियों हेतु 28 अप्रैल 2021 से कोदिन पोर्टल और आरोग्य सेतू पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा आरम्भ कर दी गयी थी जिसमें रजिस्ट्रेशन कराने वाले साभार्थियों को टीकाकरण कराने से पूर्व ऑनलाईन अपॉइंटमेंट लेना अनिवार्य है। लाभार्थियों को अपॉइंटमेंट प्राप्त

होने के पश्चात् ही टीकाकरण केन्द्रों पर वैक्सीनेशन के लिए जाना होगा।

वैक्सीन केवल Colwin या आरोग्य सेतु के माध्यम से स्व पंजीकरण एवं अग्रिम अपॉइंटमेंट के बाद दी जायेगी। पंजीकरण के लिए selfregistration.cowin.gov.in पर लॉगइन करना आवश्यक है। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया कोविन पोर्टल पर उपलब्ध है।

मई और जून माह का पीएमजीकेएवाई के तहत निशुल्क राशन केंद्र से उत्तराखंड को हुआ प्राप्त

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई-3) के तीसरे फेज के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा उत्तराखंड को दो माह (मई और जून) हेतु आवंटन प्राप्त हो गया है। इस आवंटन के साथ ही राज्य सरकार द्वारा मई माह का वितरण प्रारम्भ हो गया है, जबकि जून माह का अगले महीने किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत उत्तराखंड के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत 13 लाख 84 हजार परिवारों के 61 लाख 94 हजार लोगों को निशुल्क राशन प्राप्त होगी। यह राशन प्रति यूनिट 5 किलो दी जाएगी, जिसमें 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल दिया जा रहा है।

खाद्य आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत अंत्योदय परिवार (गुलाबी कार्ड) व प्राथमिक परिवार (सफेद कार्ड) अपने सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से राशन प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना एवं राज्य खाद्य योजना के अंतर्गत नियमित खाद्यान्न भी राज्य सरकार द्वारा वितरित किया जा रहा है।

खाद्य और नागरिक आपूर्ति आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि ऐसे प्रवासी जो अन्य राज्यों से उत्तराखंड में कार्य हेतु प्रवास कर रहे हैं और जिनका अपने राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का राशन कार्ड है वह भी “वन नेशन वन राशन कार्ड योजना” के अंतर्गत उत्तराखंड में राशन प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही उत्तराखंड के निवासी अगर अन्य राज्य में काम कर रहे हैं तो वह भी “वन नेशन वन राशन कार्ड” के माध्यम से अन्य राज्यों में लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

कोविड डेथ को रोकने के लिए सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरतः तीरथ सिंह रावत

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने निर्देश दिये कि कोविड वैक्सीनैशन को और तेजी से करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उत्तराखंड में 18 वर्ष से 45 वर्ष तक की आयु के लोगों के लिये कोविड वैक्सीन आते ही इनके वैक्सीनैशन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। इसके लिये पहली खेप आज उत्तराखंड पहुँच जाएगी।

प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति और वैक्सीनैशन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हमें कोविड डेथ को रोकने के लिए सबसे ज्यादा ध्यान देना होगा। कोविड संक्रमित तुरंत जरूरी दवाइयां लें, इसके लिये हमें मेडिकल किट उपलब्ध कराने के लिए विकेंद्रीकृत व्यवस्था की ओर जाना होगा। ’मुख्यमंत्री ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विभिन्न समारोहों और आयोजनों में निर्धारित सीमा से अधिक संख्या में लोगों के शामिल होने पर सख्त एक्शन लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कंटेनमेंट जोन पर विशेष फोकस किया जाए ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सेना के रिटायर्ड कर्मियों की भी मदद कोरोना के खिलाफ इस जंग में ली जाए।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सीनैशन सेंटरों में कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जाए। जहाँ तक हो सके, बङी और खुली जगहों पर वैक्सीनैशन का प्रबंध किया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि कालाबाजारी और ओवर रेटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। आक्सीजन के समुचित उपयोग की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। अस्पतालों में आक्सीजन उपयोग की लगातार आडिटिंग की जाए। निर्माणाधीन आक्सीजन प्लांट का काम तेजी से पूरा किया जाए। आक्सीजन प्लांटों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो।

मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि आगामी दिनों के लिए जरूरी आक्सीजन का आंकलन करते हुए उसी के अनुरूप आवश्यक संख्या में टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित करनी है। इसके साथ ही कोरोना के बदलते स्ट्रेन को देखते हुए आगे की तैयारियां भी की जाएँ।

सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने कहा कि प्रदेश में रेमडेसिविर की पर्याप्त उपलब्धता है। इसके लिए पूरी प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है। कोविड की चेन को ब्रेक करने पर फोकस किया जा रहा है। जो भी टेस्ट कराने आता है, उसे तुरंत मेडिकल किट दी जा रही है। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस द्वारा थाना स्तर पर मिशन हौंसला शुरू किया गया है। इसमें आकस्मिक स्थिति में जरूरतमंदों तक दवाईयों की होम डिलीवरी, आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराना, कोविड संक्रमितों को घर पर भोजन पहुंचवाना, एम्बुलेंस उपलब्ध करवाई जा रही है।

सचिव डॉ पंकज कुमार पाण्डेय ने कोविड व वैक्सीनैशन की विस्तार से जानकारी दी। कोविड प्रबंधन के लिये नियुक्त किये गये विभिन्न नोडल अधिकारियों से भी जानकारी ली गयी।

वीडियो कांफ्रेंसिग में अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी उपस्थित थे।

कोरोना मरीजों को कैशलेश उपचार न देने पर राज्य सरकार ने शुरू किया शिकंजा कसना

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई), अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना (एएयूवाई) और स्टेट गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (एसजीएचएस) के अन्तर्गत सूचीबद्ध होने के बावजूद कोरोना मरीजों को निशुल्क (कैशलेस) उपचार न देने वाले अस्पतालों के खिलाफ राज्य सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ऐसे ही एक निजी अस्पताल को राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने नोटिस जारी किया है। नोटिस में कोरोना मरीजों को निशुल्क (कैशलेस) उपचार न देने पर अस्पताल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।

अरिहन्त एडवांस सर्जरी एण्ड फर्टिलिटी सेंटर शास्त्रीनगर देहरादून के चिकित्सक डा. अभिषेक जैन को राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक (हास्पिटल मैंनेजमेंट) डॉ. ए.के. गोयल की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि कई लोगों की ओर से शिकायत मिली है कि अरिहन्त एडवांस सर्जरी एण्ड फर्टिलिटी सेंटर सरकार की विभिन्न योजनाओं पीएमजेएवाई, एएयूवाई और एसजीएचएस में सूचीबद्ध् होने के बावजूद कोरोना के मरीजों को निशुल्क कैशलेस उपचार मुहैया नहीं करवा रहा है जबकि राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट आदेश हैं कि इन योजनाओं के सूचीबद्ध अस्पतालों में कोरोना मरीजों का उपचार निशुल्क किया जाना है।

इतना ही नहीं राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अधिकारी जब इस सम्बंध में अस्पताल प्रबंधन से मोबाइल फोन पर सम्पर्क करते हैं तो कोई प्रतिउत्तर नहीं दिया जाता। पत्र में कहा गया है कि यदि अस्पताल ने आगे पीएमजेएवाई, एएयूवाई और एसजीएचएस योजनाओं के तहत कोरोना मरीजों को उपचार निशुल्क नहीं किया तो अस्पताल की सूचीबद्धता समाप्त करने के साथ ही अस्पताल के खिलाफ क्लीनिकल इस्टेबलिश्मेंट एक्ट के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की होगी।

डीआरडीओ द्वारा बनाए जा रहे कोविड अस्पताल का सीएम तीरथ सिंह रावत ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने आज आईडीपीएल में डीआरडीओ की ओर से तैयार किए जा रहे 500 बेड के कोविड अस्पताल का निरीक्षण किया। मौके पर डीआरडीओ के अधिकारियों से निर्माण कार्यों की जानकारी हासिल की। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बताया कि 17 मई तक हॉस्पिटल तैयार कर लिया जाएगा। इसमें 120 आईसीयू बेड के अलावा ऑक्सीजन प्लांट भी होगा। योजना के अंतर्गत हल्द्वानी और ऋषिकेश में 500-500 बेड के अस्पताल का निर्माण हो रहा है।

इसके बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने ऋषिकेश एम्स पहुँचकर यहां निदेशक प्रोफेसर रविकांत एवं उनकी टीम के साथ तैयारियों को लेकर बैठक की। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर आदि के बारे में जानकारी ली। कहा कि अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि वे 24 घंटे पहले अपनी ऑक्सीजन जरूरतों के लिए प्रशासन को अवगत कराएं ताकि अफरा तफरी की स्थिति न बने। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कोविड महामारी से जंग में जुटे सभी डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ का आभार भी जताया। मुख्यमंत्री को एम्स निदेशक ने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में कम क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट हैं जिसे बढ़ाने की आवश्यकता है। एम्स निदेशक ने कहा कि अस्पताल में 40 हजार लीटर के ऑक्सीजन प्लांट की आवश्यकता है जिस पर मुख्यमंत्री ने इस मामले में सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, जिलाधिकारी डा. आशीष श्रीवास्तव, एसडीएम वरुण चैधरी, तहसीलदार अमृता शर्मा, नगर आयुक्त नरेन्द्र सिंह क्वीरियाल, हॉस्पिटल डिजाइनर ले कर्नल रमन त्यागी, सूबेदार मेजर सुभाष, निगम के जेई उपेन्द्र गोयल आदि मौजूद थे।

कोविड कर्फ्यू में बिना वजह घूम रहे 27 वाहन सीज

ऋषिकेश में कोविड कर्फ्यू का पालन करवाते हुए दोपहर दो बजे अनावश्यक घूमने वाले 27 वाहन को पुलिस ने सीज किया है।

कोतवाल रितेश शाह के मुताबिक, दोपहर दो बजे अनावश्यक रूप से घूमने वाली 27 गाड़ी, स्कूटी, मोटरसाइकिल चालकों के वाहनों को सीज किया गया है।

स्टेशन के शौचालय पर मृत मिला ग्रीफ का सिपाही

अपर पुलिस अधीक्षक जीआरपी मनोज कत्याल कोविड संक्रमण के विषय में सतर्कता से ड्यूटी करने पर पुराने स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां स्टेशन के शौचालय पर ग्रीफ में पाईनियर के पद पर कार्यरत 47 वर्षीय मनोज डबराल मूर्छित हालत में गिरे हुए पाए गए। अपर पुलिस अधीक्षक जीआरपी उन्हें राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। यहां डॉक्टर ने उन्हें मृत बताया। इसके बाद मृतक के परिजनों को कोतवाली ऋषिकेश की सहायता से अंतिम संस्कार के लिए पीपीई किट उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा मृतक का सारा सामान उनके परिजनों को सौंपा गया। मौके पर देहरादून से उप निरीक्षक अनिल कुमार प्रभारी एस.ओ जीआरपी हरिद्वार भी मौजूद रहे।

वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक जीआरपी मनोज कत्याल को स्थानीय व्यक्ति ने सूचना देकर बताया कि जीआरपी चैकी से 200 मीटर दूर एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति गंभीर अवस्था में बीमार पड़ा हुआ है। सूचना पाकर अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और 108 इमरजेंसी सेवा के जरिए राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। साथ ही ऑक्सीजन की व्यवस्था भी की गई। जहां डॉक्टर द्वारा बताया गया कि उक्त व्यक्ति का आक्सीजन लेवल बहुत कम है, समय पर अस्पताल पहुंचा पाने के बाद आक्सीजन सही हो सकी और व्यक्ति की जान बच गई। हालांकि अभी उक्त व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई है।

प्रतिबंध के बावजूद इन छह दुकानों को खोलने पर संचालक पर मुकदमा दर्ज

कोतवाली पुलिस ने कोविड कर्फ्यू के दौरान आपदा प्रबंधन अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करते हुए, पूजा सामग्री, मोबाइल, बिस्तर, इजी डे, गाड़ियों की सजावट व मोटर रिपेयरिंग की दुकान खोलने पर छह संचालकों पर मुकदमा दर्ज किया है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि क्षेत्र में गश्त के दौरान छह दुकानें संचालित हो रही थी। उनके खिलाफ मुकदमें की कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि मुकदमा वंशिक मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर के संचालक बलराम पुत्र रविन बैरागी निवासी मायाकुंड ऋषिकेश, निसार बिस्तर भंडार के संचालक निसार अहमद पुत्र मोहम्मद अनवर निवासी भरत मंदिर मार्ग ऋषिकेश, राम सिंह एंड संस के संचालक विजय कुमार पुत्र राम सिंह निवासी गली नंबर 7 प्रसाद हॉस्पिटल के सामने ऋषिकेश, इजी डे के संचालक मुकेश प्रसाद पुत्र रमेश चंद निवासी गली नंबर 14 आदर्श ग्राम ऋषिकेश, पूजा सीट कवर व कार श्रंगार के संचालक शेखर श्रीवास्तव पुत्र बलदेव श्रीवास्तव निवासी गली नंबर 2 गंगा नगर ऋषिकेश और आरके सुरी एंड कंपनी के संचालक प्रवीण कुमार पुत्र ब्रहम पाल निवासी गली नंबर 4 मॉडर्न स्कूल के पास ऋषिकेश के खिलाफ किया गया है।