रायवाला में बहला फुसलाकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म

14 वर्षीय युवती को बहला फुसलाकर कर दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी तथा जेवरात हड़पने के आरोप में रायवाला पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

थाना प्रभारी अमरजीत सिंह रावत ने बताया कि बीते रोज हरिपुरकला निवासी एक महिला ने थाने में तहरीर दी थी। बताया था कि उनकी नाबालिग ध्वेती के साथ दीपक सिंह नामक युवक ने बहला फुसलाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है। साथ ही उसे जान से मारने की धमकी देकर जेवरात भी हड़प लिए है। मामले की गंभीरता कों देखकर पुलिस ने पोक्सो एक्ट के साथ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी की पहचान दीपक सिंह पुत्र इंद्रदेव सिंह निवासी ग्राम मिर्जापुर विद्यापति नगर जिला समस्तीपुर बिहार हाल निवासी हरिपुरकला थाना जनपद देहरादून के रूप में हुई है।

सास को मुखग्नि देकर इस अधिकारी ने निभाया बेटे का धर्म…

नगर पालिका मुनिकीरेती में अधिशासी अधिकारी के पद पर तैनात बद्री प्रसाद भट्ट ने दिवंगत सास को मुखाग्नि देकर बेटे का धर्म निभाया।

दरअसल ईओ बद्री प्रसाद भट्ट की सास पिछले कई वर्षों से बीमार चल रही थी। कोई बेटा ना होने के कारण ईओ दामाद उनकी सेवा अपने घर पर ही कर रहे थे। मगर आज उनकी सास शकुंतला देवी ने अपनी अंतिम सांसे ली। तो दामाद बद्री प्रसाद भट्ट ने बेटे का धर्म निभाते हुए पूर्णानंद घाट पर पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।

’ईओ कोविड ड्यूटी में भी निभा रहे अहम रोल’
अधिशासी अधिकारी बद्रीप्रसाद नगर पालिका मुनि की रेती क्षेत्र में इन दिनों कोविड की ड्यूटी में अहम भूमिका निभा रहे है। पालिका क्षेत्र में कर्मचारियों के साथ प्रतिदिन सैनिटाइजेशन अभियान में लगे हुए हैं। वह स्वयं प्रत्येक दिन अलग-अलग वार्डो में जाकर सैनिटाइज कर रहे हैं। इसके अलावा लोगों में कोविड को लेकर जागरूकता अभियान भी चला रहे है।

आशा कार्यकर्ताओं को मिलेगी एक-एक हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सीएम राहत कोष से आशा कार्यकत्रियो को एक-एक हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही शादियों में अधिकतम संख्या 25 की जाए। ग्रामीण बाजारों में भी बाजार खुलने के समय को जिलाअधिकारी अपने अनुसार घटा सकते हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ कोविड की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने डोर टू डोर सर्वे के निर्देश दिये, इसके साथ ही 104 के अतिरिक्त सीएम हेल्पलाइन और पुलिस विभाग के कॉल कॉलसेंटर में फोन लाईनों की संख्या बढाई जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कॉलसेंटर और हेल्पलाईन पूरी तरह से सक्रिय रहें और बेड, इंजेक्शन सम्बंधी जानकारी भी अपडेट रहे। आक्सीजन के सिलेंडरों की संख्या बढाने के लिये हर सम्भव कोशिश की जाए। इसमें विभिन्न संगठनों, उद्योगों की सहायता भी ली जा सकती है। कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भोजन, पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई ढिलाई न हो। इसके साथ ही छोटे-छोटे स्थानों में सेनेटाइजेशन का काम किया जाए जहां संक्रमण की अधिक सम्भावनाएं हैं ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आक्सीजन प्लांटों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो। सभी कोविड केयर सेंटर व अस्पतालों में फायर सेफ्टी सुनिश्चित की जाए। कोविड टेस्ट की रिपोर्ट में समय न लगे। टेस्ट होते ही तुरंत सभी को कोविड किट दिया जाए। शासन से जो भी निर्देश दिये जाते हैं, उनका प्रभावी क्रियान्वयन हो। टेस्ट सेंटरों और वैक्सीनैशन सेंटरों में कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जाए। ई-संजीवनी पोर्टल को और प्रभावी बनाते हुए प्रचारित किया जाए ताकि जन सामान्य उसका अधिक लाभ उठा सके। होम आइसोलेशन में रहने वालों को मालूम होना चाहिए कि उन्हें किन बातों का ध्यान रखना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आने वालों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। इसका पालन कङाई से हो। सरकारी व निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों की व्यवस्था को लगातार क्रास चैक करवाया जाए। संबंधित मरीजों और उनके परिजनों से इसका फीड बैक लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड मरीजों हेतु एम्बुलेंस की दरें निर्धारित की जाए ताकी ओवररेटिंग जैसी शिकायत ना हो । दवाओं के कालाबाजारी को रोकने के लिए 147 एसटीएफ टीमें बनाई गई हैं। अभिसूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। सरकारी अस्पतालों के साथ ही प्राईवेट अस्पतालों में भी आक्सीजन बेड की उपलब्धता की व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए।

बॉर्डर में रेजिस्ट्रेशन क्यूआर कोड रीडर के करिए चैकिंग की जाए। कोविड कर्फ्यू में निर्माण कार्यों को छूट है इसलिए निर्माण से संबंधित सीमेंट, सरिया की दुकानों को बंद न करायें।

बैठक में जानकारी दी गई कि बॉर्डर पर अधिकतर लोगों की कोविड नेगेटिव रिपोर्ट प्राप्त हो रही है जिनकी रिपोर्ट नहीं है उनकी भी सैंप्लिंग की जा रही है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव अमित नेगी, शैलेश बगोली, डाॅ पंकज कुमार पाण्डेय, सूचना महानिदेशक रणबीर सिंह चैहान आदि उपस्थित थे।

सेलाकुईः साढ़े तीन लाख की जेवरात के साथ तीन धरे

जिला देहरादून के सेलाकुई थाना क्षेत्र में चोरी की घटना को अंजाम देकर तीन शातिर जब सामान को बेचने जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पुलिस ने शातिरों से साढ़े तीन लाख रूपये के गहने भी बरामद कर लिए है।

दरअसल, सेलाकुई थाना क्षेत्र में तीन शातिरों ने करीब तीन लाख रूपए के गहनों पर हाथ साफ कर लिया था। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई। सब इंस्पेक्टर विकेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक टीम शातिरों की तलाश में जुट गई। मुखबिरों की सूचना पर पुलिस टीम ने आज आरोपियों को पीठ वाली गली ईदगाह के पास से चोरी का सामान बेचने की योजना बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया।

सब इंस्पेक्टर विकेंद्र कुमार ने आरोपियों की पहचान विक्की कुमार और इकबाल खान दोनों निवासी पीठ वाली गली जमनपुर सेलाकुई और तीसरे साथी शिवा क्षेत्री निवासी प्रगति विहार सेलाकुई के रूप में कराई है। एसआई विकेंद्र कुमार ने बरामद सामान 4 अंगूठी पीली धातु, एक कंठी पीली धातु, एक मंगल सूत्र का लॉकेट पीली धातु, पांच जोड़ी कानो की छोटी बाली पीली धातु, एक गले की चैन पीली धातु, दो नाक की लोंग पीली धातु, पांच जोड़ी पैरो की पायल सफेद धातु के रूप में कराई है।

पुलिस टीम में सब इंस्पेक्टर विकेंद्र कुमार, कानि0 संजीत, कानि0 वीर सिंह, कानि0 योगेश सैनी, कानि0 चन्द्रपाल, मनोज कुमार शामिल रहे।

आईडीपीएल में दवाईयों के उत्पादन व आक्सीजन प्लांट को किया जा सकता है पुनर्जीवित

स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने आज मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से भेंट वार्ता की। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल में कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए आवश्यक दवाइयों के उत्पादन एवं बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को पुनर्जीवित किए जाने के संबंध में विस्तृत रूप से वार्ता की एवं इस संबंध में मुख्यमंत्री को एक पत्र भी सौंपा। वहीं कोरोना संक्रमण से प्रदेश में उपजे हालातों पर भी चर्चा की।

विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को अवगत किया कि इंडियन ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल लिमिटेड (आईडीपीएल) ने अपने स्थापना के समय से ही अनेकों दवाएं जिनमें एंटीमलेरियल( क्लोरोक्वीन), टेट्रासाइक्लिन, डॉक्सीसाइक्लिन कैप्सूल आदि की निर्बाध आपूर्ति की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में यह कंपनी सिक यूनिट की श्रेणी में है एवं यहां सीमित मात्रा में ही दवा का उत्पादन किया जा रहा है। स्पीकर ने कहा कि वैश्विक आपदा के समय में सर्वाधिक प्रयोग की जाने वाली एंटीबायोटिक व बुखार से संबंधित अनेकों दवाओं का निर्माण आवश्यकता पड़ने पर इस फैक्ट्री में किया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि इस संबंध में उनके द्वारा आईडीपीएल यूनिट का दौरा किया गया एवं महाप्रबंधक से इस संबंध में विस्तार से वार्ता की गई है। कहा कि यहां सभी प्रकार की उच्च गुणवत्ता की मशीनें उपलब्ध है एवं कच्चा माल उपलब्ध करा दिया जाने पर न्यूनतम समय में ही कोरोना के इलाज से संबंधित दवाइयों का उत्पादन किया जा सकता है।

स्पीकर ने आईडीपीएल में वर्षो से बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को पुनर्जीवित करवाए जाने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने का आग्रह किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि आईडीपीएल में यदि कोरोना से संबंधित दवाइयों का उत्पादन एवं ऑक्सीजन प्लांट को पुनर्जीवित किया जाता है तो प्रदेश के साथ-साथ देश की जनता को भी इस महामारी के समय में लाभ प्रदान किया जा सकता है।

भेंट मुलाकात के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में कोरोना से ईलाज के लिए डीआरडीओ की मदद से 1400 ऑक्सिजन एवं आईसीयू बेड स्थापित करने के लिए बनाए जा रहे अस्थायी अस्पतालों के निर्णय पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। विशेष तौर पर गढ़वाल क्षेत्र में आईडीपीएल, ऋषिकेश में 500 बेड़ो का अस्थायी अस्पताल स्थापित करवाये जाने के लिए मुख्यमंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आईडीपीएल में दवाइयों के उत्पादन एवं ऑक्सीजन प्लांट के पुनर्जीवित कराए जाने के संबंध में केंद्र सरकार से बात कर सकारात्मक हल निकालने का आश्वासन दिया।

जनता के साथ निरंतर संवाद बनाएं विधायक और जनप्रतिनिधिः तीरथ सिंह रावत

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने देहरादून के सभी विधायक गणों के साथ कोविड-19 की रोकथाम के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक ली। कहा कि संकट के इस दौर में सभी विधायक गण, जनप्रतिनिधि जनता के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें। कहा कि जनप्रतिनिधि आम जनता को कोविड वैक्सीनेशन के लिए अधिक से अधिक प्रेरित करें।

सीएम ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए हैं, कि वे जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाते हुए कोरोना के खिलाफ इस जंग को मजबूती से लड़ने में सहयोग लें। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित इस बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, कैंट विधायक हरबंस कपूर, राजपुर विधायक खजान दास, धर्मपुर विधायक विनोद चमोली के अलावा देहरादून में महापौर सुनील उनियाल गामा मौजूद रहे।

18 आयु से अधिक को कोविड वैक्सीनेशन एक मई से नहीं

उत्तराखंड में फिलहाल एक मई से 18 आयुवर्ग के अधिक के लोगों को कोविड वैक्सीनेशन नहीं हो पाएगा। इसकी पुष्टि स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने की है। उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार सरकार द्वारा ऑक्सीजन बेड के लिए इंतजाम किए गए हैं। बताया कि प्रदेश में 18 वर्ष से 45 वर्ष तक की आयु के लोगों को कोविड वैक्सीन हेतु 122108 डोज कोविशील्ड एवं 42 हजार 370 डोज कोवैक्सीन की आपूर्ति जल्द भारत सरकार द्वारा की जाएगी। हम वैक्सीन की निर्माता कम्पनियों से लगातार सम्पर्क में हैं। उन्हें डिमांड भी दे दी गई है। हम भारत सरकार से भी सम्पर्क में हैं। प्रदेश में 18 साल से 45 आयु के लोगों का वैक्सीनेशन की निश्चित डेट बताना अभी मुश्किल है, परंतु यह एक सप्ताह बाद ही शुरू हो पाएगा।’

सचिव अमित नेगी ने यह भी जानकारी दी कि सरकार द्वारा को आम जनता तक पहुंचाने के लिए एक पोर्टल भी बनाया गया है जिसको कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार मॉनिटर भी किया जा रहा है। इसके साथ ही अमित नेगी ने बताया कि ईसंजीवनी पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों को लाभ दिया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, एम्स एवं सेवानिवृत्त चिकित्सकों से भी मदद ली जा रही है। उन्होंने बताया कि कोविड हेल्पलाइन 104 पर रोजाना 2000 फोन को प्राप्त किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के सामने चुनौतियां बहुत हैं लेकिन ऑक्सिजन सपोर्टेड बेड लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दवाओं एवं मेडिकल इक्विपमेंट्स की कालाबाजारी रोकने हेतु शासन और पुलिस के स्तर पर नोडल अधिकारीयों की तैनाती की गई है।

पूर्व सैनिकों की ओर से 15 लाख का चेक काबीना मंत्री ने सीएम राहत कोष में दिया


कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड की ओर से मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को सीएम राहत कोष के लिए 15 लाख रुपए का चेक भेंट किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के साथ प्रबंध निदेशक उपनल ब्रिगेडियर (सेनि) पीपीएस पाहवा मौजूद रहे।

पुलिस की हेल्पलाइन से घर पर हुई कोरोना जांच

ऋषिकेश पुलिस द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की घर पर कोरोना जांच की गई। साथ ही जरूरतमंद को आक्सीजन भी मिल सकी।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि कोविड-19 में अकेले रहने वाले आम जनमानस एवं सीनियर सिटीजन की मदद के लिए ऋषिकेश पुलिस द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर 9897244109 जारी किया गया था। इस हेल्पलाइन नंबर पर एक कॉल आज प्राप्त हुई। जिसमें काँलर द्वारा बताया कि परिवार के तीन सदस्यों जिनमें वह स्वंय, उनकी पत्नी (वरिष्ठ नागरिक) एंव एक बेटी है, सभी गम्भीर रुप से बीमार है घर पर कोविड दृ 19 टेस्ट करवाने की आवश्यकता है। पुलिस ने मौके पर तीनों परिवारजन का घर पर कोविड टेस्ट करवाया। जिसमें उक्त तीनो कोरोना पॉजिटिव पाये गये। वहीं, उनकी बेटी को सांस लेने में परेशानी होने पर आक्सीजन सिलेण्डर भी उपलब्ध कराया गया।

कोतवाल रितेश शाह ने काॅलर की पहचान गणेश दास सप्रा पुत्र धारीवाल सप्रा निवासी 22 गणेश विहार लेन नंबर 6, गंगा नगर ऋषिकेश के रूप में कराई।

ऋषिकेश विधायक की 40 लाख की निधि से एम्स में बनेगा टीन शेड व दो एंबुलेंस

कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए एवं मरीजों को जल्द इलाज मिल सके इसके लिए स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने अपनी विधायक निधि से 40 लाख रुपये एम्स अस्पताल, ऋषिकेश को दिए। उन्होंने इस निधि से आधुनिक चिकित्सीय उपकरणों से सुसज्जित दो एंबुलेंस एवं एम्स परिसर में मरीजों एवं तीमारदारों की सुविधा के लिए टीन शेड लगवाये जाने के लिए देने की घोषणा की।
स्पीकर ने कहा कि विधान सभा क्षेत्र के लोगों को कोविड 19 की इस मुश्किल घड़ी में एंबुलेंस सुविधा के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, कोरोना संक्रमित मरीजों को समय पर इलाज मिल सके इसके लिए दो एम्बुलेंस एम्स को देने की घोषणा की है।

उन्होंने एम्स, ऋषिकेश के निदेशक प्रो रविकांत से एम्स में कोरोना संक्रमित मरीजों की इलाज संबंधित व्यवस्थाओं एवं प्रबंधन को लेकर बातचीत की। प्रो. रविकांत ने स्पीकर को अवगत किया है कि एम्स में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए 200 बेड की व्यवस्था की गई है। जिसमें से 150 वेंटिलेटर बेड है। निदेशक ने बताया कि एम्स अस्पताल में 250 बेडों को और बढ़ाया गया है साथ ही देवभूमि गढ़वाल मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस में भी कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए 150 बेड की व्यवस्था की गई है।

स्पीकर ने एम्स प्रशासन के डॉक्टरो एवं पैरामेडिकल स्टाफ के द्वारा मुश्किल की घड़ी में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए निदेशक से कहा किसी भी मरीज के इलाज में कोई भी कमी न रखें एवं एम्स प्रशासन कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में अपना पूरा सहयोग इसी प्रकार से जारी रखें।

कोरोना प्रभाव को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने एम्स ऋषिकेश के लिए दो एंबुलेंस एवं टीन शेड निर्माण हेतु अपनी विधायक निधि से लगभग 40 लाख रुपये देने की करी घोषणा।