पिकनिक के दौरान देहरादून के छात्र की मौत

लालतप्पड़ स्थित फन वैली में देहरादून स्कूल से आए छात्रों के एक दल में उस समय कोहराम मच गया। जब कक्षा छह में पढ़ने वाले दस वर्षीय छात्र आयुष सिंह बेहोश हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे हिमालयन अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टर्स की टीम ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जौलीग्रांट पुलिस चौकी इंचार्ज मुकेश डिमरी ने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे आर्मी स्कूल बीरपुर देहरादून से 400 बच्चे माजरीग्रांट के लाल तप्पड़ स्थित फन वैली में पिकनिक मनाने के लिए आए थे। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे फन वैली के भीतर नहाने और सैर सपाटा करने के बाद सभी छात्र दोपहर के लंच में एकत्र हुए। इस दौरान लोअर कैंप समीप चीड बाग थाना कैंट देहरादून निवासी कक्षा छह का छात्र आयुष सिंह अचानक बेहोश होकर गिर गया। स्कूल स्टाफ ने आयुष को फन वैली में प्राथमिक उपचार दिलाया।

उसके बाद आयुष को हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने आयुष को मृत घोषित कर दिया। डोईवाला कोतवाल ओमवीर सिंह रावत ने बताया कि फनवैली में पूछताछ में लोगों ने बताया कि छात्र नहाने बाद जब बाहर आया तो अचानक बेहोश हो गया। छात्र के मुंह से झाग निकल रहा था। शव को पंचनामा भर मोर्चरी में रखवा दिया गया है मंगलवार को पोस्टमार्टम होने के बाद मौत का सही कारण का पता चलेगा। उन्होंने बताया कि आयुष परिवार का इकलौता पुत्र था। उसकी एक छोटी, एक बड़ी बहन है।

सीएम ने इन्वेस्टर्स समिट के तहत नौ नीतियों का विमोचन किया

राज्य में सरकार की ओर से इन्वेस्टर्स समिट को सफल बनाने के प्रयास सफल होते दिख रहे है। विभिन्न औद्योगिक घरानों से राज्य में इन्वेस्ट के लिये 74 हजार करोड़ से अधिक के प्रस्ताव प्राप्त हुये है। साथ ही 61 हजार करोड़ के प्रस्तावों पर निवेश के लिए समझौता पत्रों पर हस्ताक्षर (एमओयू) किए जा चुके हैं।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा तैयार की गई नौ नीतियों का विमोचन किया। इनमें वृहद औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति, उत्तराखंड सौर ऊर्जा नीति, उत्तराखंड आयुष नीति, बायोटेक्नोलॉजी नीति, पिरुल व अन्य प्रकार के बायोमास से विद्युत उत्पादन नीति, उत्तराखंड एरोमा नीति, राइट ऑफ वे नीति, उत्तराखंड इलेक्टिक वाहन विनिर्माणक ई वी उपयोग संवर्धन और संबंधित अवसंरचना नीति तथा उत्तराखंड पर्यटन नीति शामिल हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि के मद्देनजर उद्योग व अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन करने के साथ ही बाजार को देखकर नीतियां बनाई गई हैं। इनका मकसद यह है कि राज्य में उद्योग और बेहतर निवेश करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि से पहले सरकार 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान लगा रही थी लेकिन विभिन्न स्थान पर किए गए रोड शो से काफी सकारात्मक रुझान मिले हैं।

पर्वतीय क्षेत्रों का विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में है। सौर ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग, हर्बल, ऑर्गेनिक, आयुष व पर्यटन में होने वाले निवेश का लाभ राज्य को मिलेगा। सोलर पावर नीति में पांच मेगावाट प्रोजेक्ट में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक ईकाइयों की स्थापना के लिए प्रदेश के पास पर्याप्त भूमि है कुछ और क्षेत्रों का चयन किया गया है। पर्वतीय जिलों में लघु औद्योगिक क्षेत्र स्थापित हैं और जिलाधिकारियों को भी नए स्थान चिह्नित करने को कहा गया है।

सभी जिलाधिकारी किन्नरों के रिकॉर्ड रखेः हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने किन्नरों के सम्मानजनक जीवन के लिये मुख्य धारा में शामिल किये जाने व उनके आवास के लिये व्यवस्था करने के लिये कहा है।

देहरादून निवासी किन्नर रजनी रावत ने अपनी सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में उनका कहना था कि 1996 में विरासत में मिली देहरादून की गद्दी की वजह से वह वसूली करती आई है, मगर हरियाणा, उत्तर प्रदेश के किन्नर शहर में आकर उनके नाम से वसूली कर रहे हैं। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।

उन्होंने देहरादून एसएसपी को मांग पत्र देकर बाहरी किन्नरों को हटाने की मांग की थी, मगर उन्हें नहीं हटाया गया। आरोप लगाया कि बाहरी किन्नर अवैध रूप से वसूली कर रहे हैं। शुक्रवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की किन्नर रजनी रावत व रानो तथा अन्य को सुरक्षा मुहैया कराने के एसएसपी देहरादून को दिए।

कोर्ट ने सभी जिलाधिकारियों से किन्नर समुदाय का रिकार्ड रखने को कहा है, ताकि समाज में कोई भेदभाव न हो सके और दूसरे व्यक्तियों की तरह इन्हें भी समान अधिकार प्राप्त हों। कोर्ट ने कहा कि किन्नरों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा मिले, उन्हें सार्वजनिक स्थान जिसमें खेल मैदान, सड़कें, शिक्षण संस्थान, बाजार, अस्पताल, होटल पर आने-जाने की छूट हो। सरकार किन्नरों के लिए सरकारी इमारतों, बस स्टेशन में छह माह के भीतर अलग शौचालय बनाए। सरकार किन्नर वेलफेयर बोर्ड का गठन करते हुए इसमें किन्नरों को भी प्रतिनिधित्व दे।

सभी जिलाधिकारी किन्नरों का पंजीकरण करें और यह सुनिश्चित करें कि किन्नर किसी बच्चे को उसके माता-पिता की अनुमति के न ले जाएं। किन्नर बच्चा अगर पैदा होता है तो उसे जुदा न किया जा सके, इसके लिए तीन माह में उचित नियम व कानून बनाया जाए। जिस परिवार में ऐसे बच्चे पैदा होते हैं, उन्हें सरकार आर्थिक सहायता दे।

दस हजार छात्रों को शिक्षित करेगा पतंजलि का आचार्यकुलम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पतंजलि योगपीठ के नव निर्मित आचार्यकुलम भवन का लोकार्पण कार्यक्रम में कहा कि स्वामी रामदेव ने जो शिक्षा का संकल्प लिया है, वह भारतीय संस्कृति को सुदृढ़ करने का कार्य भी करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी रामदेव की ओर से योग क्रांति के बाद जो शिक्षा क्रांति का संकल्प लिया गया है, वह भारतीय संस्कृति को सुदृढ़ करने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि 10 हजार छात्रों को शिक्षित करने की क्षमता रखने वाला आचार्यकुलम वैदिक और आधुनिक शिक्षा पद्धति के समन्वय का केन्द्र बनेगा।

उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव विश्व में योग के प्रसार के बाद अब वैदिक शिक्षा पद्धति को विश्व स्तर पर ले जाने की दिशा में अग्रसर हुए हैं। यह मानव निर्माण की प्रयोगशाला है, जहां भविष्य के भारत का निर्माण होगा। भारत को विश्व गुरू बनाने में हम सभी स्वामी रामदेव के इस अभियान में सहयोगी और साथी हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्वामी रामदेव भारत के भविष्य का निर्माण कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व गुरू बनाने में पतंजलि योग पीठ का आचार्यकुलम प्रभावी भूमिका निभायेगा। इसके लिये उन्होंने स्वामी रामदेव के प्रयासों की सराहना की।

859 पोर्न साइट्स को तत्काल बंद करें केंद्र सरकारः हाईकोर्ट

अश्लील वीडियो देख बढ़ रही दुष्कर्म की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिये न्यायालय ने केंद्र सरकार को 859 पोर्न साइट्स को बंद करने का आदेश दिया है। साथ ही इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को भी केंद्र सरकार की सूची के अनुसार पोर्न साइट्स बंद करने को कहा है।

पिछले दिनों देहरादून के भाऊवाला स्थित बोर्डिंग स्कूल में दसवीं की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने जांच पड़ताल की तो सामूहिक दुष्कर्म में चार नाबालिग छात्रों का भी नाम सामने आया। चारों ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि पोर्न साइट देखने के बाद उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया।

इस मामले का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ द्वारा स्वतरू संज्ञान लिया गया। गुरुवार को खंडपीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए अहम दिशा-निर्देश जारी किए। कोर्ट ने केंद्र सरकार को 859 पोर्न साइट्स को बंद करने तथा इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडरों (आइएसपी) को भी केंद्र की सूची के आधार पर पॉर्न साइट्स नहीं चलाने के आदेश पारित किए।

कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह बताने को कहा है कि 2014 में इस संबंध में जारी नोटिफिकेशन के अनुपालन में क्या कार्रवाई की गई। केंद्र को इस पर 11 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करना होगा। कोर्ट ने इस मामले में अधिवक्ता अरविंद वशिष्ट को न्याय मित्र नियुक्त किया है।

उत्तराखंड पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्णः अडाणी

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी से शिष्टाचार भेंट की। इस दोनों के बीच राज्य में ऊर्जा के अलावा कृषि, संचार एवं पर्यटन से सम्बन्धित अवस्थापना योजनाओं में निवेश से सम्बन्धित प्रस्तावों पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अडाणी के प्रस्तावों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य में निवेश की पहल को देश विदेश के उद्यमियों द्वारा सराहा गया है, जो राज्य के आर्थिक विकास एवं रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्यमियों को अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया जायेगा। इसके लिये राज्य सरकार द्वारा व्यापक पहल व व्यवस्थायें भी सुनिश्चित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने अडाणी से बेमौसमी खाद्य उत्पादों, एरोमेटिक प्लान्ट तथा फलोत्पादन की दिशा में भी सहयोग की अपेक्षा की।

इस दौरान अडाणी ने देहरादून, मसूरी, नैनीताल, हेमकुण्ड साहिब, यमुनोत्री व केदारनाथ में रोपवे के निर्माण के प्रति दिलचस्पी दिखायी। इसके अलावा स्मार्टसिटी योजना, ऋषिकेश में स्थापित होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेन्टर, टिहरी लेक में होने वाली पर्यटन गतिविधियों, वेलनेस सेन्टर, सौर ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण, दुग्ध उत्पाद एवं कृषि से सम्बन्धित विभिन्न निवेश योजनाओं पर भी व्यापक चर्चा की।

अडाणी ने कहा कि उत्तराखण्ड का प्राकृतिक सौन्दर्य पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसके दृष्टिगत पर्यटन गतिविधियों पर विशेष फोकस किये जाने की जरूरत है। उन्होंने स्थानीय उत्पादों के प्रोसेसिंग व पैकेजिंग पर भी ध्यान दिये जाने की बात कही तथा कृषि उत्पादों के बेहतर प्रसंस्करण के लिये अपनी टीम उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया।

छात्रसंघ चुनावों में महिला पदाधिकारियों के चुने जाने पर त्रिवेन्द्र ने जताई प्रसन्नता

सूबे के मुखिया त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एक देश एक चुनाव का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि व ब्लॉक प्रमुख, विधायक एव सांसद का चुनाव एक साथ कराये जाने से न सिर्फ धन की बचत होगी बल्कि ऊर्जा व समय की भी बचत होगी। उन्होंने छात्रसंघ चुनावों में महिला पदाधिकारियों के चुने जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये कहा कि महिलाओं को अन्याय, उत्पीड़न, अत्याचार व सामाजिक भेदभाव के खिलाफ मजबूती से सामने आना होगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में समस्त राजकीय महाविद्यालयोंध्विश्वविद्यालयों के निर्वाचित छात्र पदाधिकारियों के एक दिवसीय सम्मेलन में प्रतिभाग कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में एक ही दिन सभी छात्र संघों के चुनाव से देश के समक्ष मिशाल कायम हुई हैं। यह देश को उदाहरण देने वाली शुरूआत है। अब हमें एक देश एक चुनाव के संकल्प पर गम्भीरता से विचार करना होगा।

मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों व छात्र-छात्राओं से कहा कि जीवन में कुछ अच्छा करने का ध्येय बनाए। पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, कॉलेज परिसर को पॉलिथिन मुक्त करने, निरक्षरों को साक्षर बनाने व अन्य रचनात्मक सामाजिक कार्यो का दृढ़ संकल्प के साथ अणुव्रत लें। हमने 2019 तक उत्तराखण्ड को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा हैं। इसमें कॉलेज के छात्र-छात्राएं महत्वपूर्ण योगदान दे सकते है।

छात्र संघ में निर्वाचित महिला पदाधिकारियों को विशेष बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण को धरातल पर लागू कर रही है। महिलाएं अपनी जिम्मेदारी गम्भीरता से निभा रही है। इसके साथ ही महिलाओं को हर प्रकार के अत्याचार व उत्पीड़न के विरूद्ध आगे आना होगा।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के गुणवत्ता विकास पर ठोस कार्य किए जा रहे है। केन्द्र सरकार द्वारा राज्य के 55 डिग्री कॉलेजों को रूसा-1 व रूसा-2 के तहत 300 करोड़ रूपये की धनराशि दी गई है। तीन मॉडल कॉलेज विकसित किए जा रहे है। 76 डिग्री कॉलेज शीघ्र ही अपने भवनों में स्थान्तरित कर दिए जाऐंगे। प्राचार्यो की शत-प्रतिशत भर्ती कर दी गई है। पुस्तक दान अभियान चलाया गया हैं।

विधायक निधि से 65 लाख रूपये स्कूल-कॉलेजों में किताबें व फर्नीचर व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान कर दिया गया है। 180 दिन का शैक्षिक कैलेण्डर कड़ाई से लागू कर दिया गया है। आगामी सत्र से 30 जून तक परीक्षाएं सम्पन्न करवा ली जाएगी। 15 जुलाई से एडमिशन प्रारम्भ कर दिए जाऐंगे। हमारा लक्ष्य है कि कॉलेजों में 200 दिन का कार्यदिवस लागू किया जाए। 96 डिग्री कॉलेजों में डै्रस कोड लागू कर दिया गया है। हमारा लक्ष्य है कि 100 प्रतिशत छात्र वोटिंग हो। इसके लिए ऑनलाइन वोटिंग की पहल भी की जाएगी। जल्द ही कॉलेजों में नशा मुक्ति अभियान चलाए जाएगें।

बांदीकुई के एक साल बाद चलने से यात्रियों में उत्साह

लंबी दूरी की रेल सेवा ऋषिकेश-बांदीकुई पैंसेंजर एक वर्ष तक बंद रहीं। शनिवार से यह रेल सेवा एक बार पुनः चलने लगी। रेल सेवा के चलने पर शनिवार को स्टेशन पर यात्रियों की अच्छी खासी संख्या उमड़ी। इस रूट पर चलने वाले यात्रियों, व्यापारियों व स्थानीय लोगों ने रेल सेवा के पुनः संचालित होने पर हर्ष व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि मुरादाबाद रेलवे ट्रेक पर काम होने के चलते करीब एक वर्ष पूर्व ऋषिकेश-बांदीकुई रेल सेवा को रद कर दिया गया था। बांदीकुई के रद होने से इस रूट पर सफर करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आखिर एक वर्ष के इंतजार के बाद एक बार फिर से बांदीकुई ऋषिकेश से अपने नियत समय 11 बजकर 50 मिनट पर रवाना हुई। इससे पूर्व शनिवार को यह गाड़ी हरिद्वार से पैसेंजर बनकर 10 बजकर 20 मिनट पर ऋषिकेश पहुंची। इसके बाद यह सेवा पूर्व की भांति अपने नियत समय दोपहर 2रू45 बजे ऋषिकेश पहुंची। जबकि यह गाड़ी 6-एचआर बनकर रात 10 बजकर 20 बजे हरिद्वार पैसेंजर के रूप में संचालित हुई।

बताते चलें कि रेलवे ने हाल में ही दून-नैनी रेल सेवा शुरू होने के बाद ऋषिकेश-हरिद्वार के बीच संचालित होने वाली पैसेंजर को हमेशा के लिए रद कर दिया था। जिसके बाद सुबह साढ़े सात बजे के बाद रात्रि साढ़े दस बजे तक ऋषिकेश-हरिद्वार के बीच कोई भी पैसेंजर सेवा नहीं रह गई थी।

मगर, अब लोगों को दोपहर में ऋषिकेश-हरिद्वार के बीच बांदीकुई एक विकल्प के तौर पर जरूर मददगार बनेगी। समाजसेवी लोकेश झा ने बताया कि करीब एक वर्ष से बंद बांदीकुई का संचालन होना खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि इस सेवा से लंबी दूरी के यात्रियों के अलावा ऋषिकेश-हरिद्वार के बीच के यात्रियों को भी पैसेंजर सेवा के रूप में मदद मिलेगी। स्टेशन मास्टर मनोज कुमार ने बताया कि बांदीकुई के आने व जाने का समय पूर्ववत ही रहेगा।

बत्ती गुल मीटर चालू ने मचाया धमाल, दर्शकों की भीड़ सिनेमाघरों में पहुंची

शुक्रवार को बत्ती गुल मीटर चालू फिल्म प्रदेश के साथ ही देशभर में रिलीज हो गयी। उत्तराख्ंाड में फिल्म का अधिकांश भाग फिल्माया गया। जिसे देखने के लिये राज्य के सिनेमाघरों खचाखच भरे रहे। दर्शकों ने फिल्म को सराहा। साथ ही दर्शकों ने बल और ठहरा जो कि स्थानीय भाषा शब्द है। को अजीब ठहराया।

नारायण सिंह की ओर से निर्देशित फिल्म में शाहिद कपूर ने सुशील कुमार पंत उर्फ एसके और श्रद्धा कपूर ने ललिता नौटियाल का किरदार निभाया है। फिल्म की कहानी में बिजली देने वाली कंपनी के भ्रष्टाचार को दिखाया गया है। शाहिद (एसके) फिल्म में वकील की भूमिका निभा रहे है। जबकि श्रद्धा फैशन डिजाइनर है। एसके का दोस्त सुंदर लोन लेकर प्रिंटिंग प्रेस खोलता है। उसका बिजली का बिल 54 लाख रुपये आ जाता है। वह बिजली विभाग के चक्कर काटता रहता है, लेकिन कोई हल नहीं निकलता।

फिल्म में तीनों किरदारों के बीच प्रेम त्रिकोण को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। गढ़वाल से लेकर कुमांऊ के सभी छोटे व बड़े सभी सिनेमाघरों में दर्शकों की अच्छी भीड़ देखने को मिली। दोपहर से शाम तक के शो हाउसफुल रहे। कहीं शो के छह शो तो कहीं पांच शो दिखाये गये।

स्थानीय शब्दों का ज्यादा प्रयोग हास्यास्पद

फिल्म की कहानी में आम आदमी के मुद्दे को उठाया गया है। वहीं स्थानीय लहजा लाने के लिए कुमाऊंनी और गढ़वाली शब्दों का प्रयोग किया गया है। लेकिन, दर्शकों को हद से ज्यादा ठहरा और बल शब्दों का प्रयोग किये जाने पर हास्यास्पद लगा। साथ ही यह फिल्म को कमजोर भी बनाते है।

हाईकोर्ट नैनीताल ने सीआरपीसी की धारा 438 को बनाया प्रभावी

नैनीताल हाईकोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 438 को प्रभावी बनाते हुये आदेश दिया किया है। जिसके अनुसार राज्य की निचली अदालतें भी अब अग्रिम जमानत दे सकती है। विदित हो कि अभी तक मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपित को हाई कोर्ट से ही अंतरिम जमानत मिल पाती थी।

दरअसल, नोएडा निवासी व मूलरूप से किच्छा निवासी विष्णु सहाय व मोहन कुमार मित्तल ने हाई कोर्ट की एकलपीठ के दंड प्रक्रिया संहिता उत्तर प्रदेश संशोधन अधिनियम-1976 के तहत दिए गए आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि यह प्रावधान संविधान के अनुच्छेद-14, 19, 21, 22 का उल्लंघन है। अनुच्छेद 14 में समानता का अधिकार व 21 में जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार प्रदत्त है। उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या-16 द्वारा भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 438 को पुराना कानून मानते हुए निरस्त कर दिया गया था।

हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए राज्य में भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 438 प्रभावी कर दी है। इस आदेश के बाद राज्य की निचली अदालतों को भी अग्रिम जमानत देने का अधिकार मिल गया है। अभी तक मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपित को हाई कोर्ट से ही अंतरिम जमानत मिल पाती थी।

दरअसल, नोएडा निवासी व मूलरूप से किच्छा निवासी विष्णु सहाय व मोहन कुमार मित्तल ने हाई कोर्ट की एकलपीठ के दंड प्रक्रिया संहिता उत्तर प्रदेश संशोधन अधिनियम-1976 के तहत दिए गए आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि यह प्रावधान संविधान के अनुच्छेद-14, 19, 21, 22 का उल्लंघन है। अनुच्छेद 14 में समानता का अधिकार व 21 में जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार प्रदत्त है। उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या-16 द्वारा भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 438 को पुराना कानून मानते हुए निरस्त कर दिया गया था।