छात्रसंघ चुनावी रंजिशः तीर्थनगरी में तीन युवकों के अपहरण का प्रयास

ऋषिकेश के कुम्हारबाड़ा क्षेत्र में पांच हमलावर तीन युवकों के अपहरण के प्रयास में पहुंचे। जिनमें से दो भीड़ के हत्थे चढ़ गये। गुस्साई भीड़ ने दो की जमकर धुनाई कर दी। इसके बाद कोतवाली ऋषिकेश में इनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर भीड़ अड़ी रही। उक्त मामले को छात्रसंघ चुनाव में चुनावी रंजिश से जोड़ा जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक कुम्हारबाड़ा निवासी रजत गुप्ता मंगलवार शाम अपने दोस्त के घर किताब लेने गया था। जब वह लौट रहा था तो कॉलेज में ही पढ़ने वाले एक छात्र ने उसे जबरन एक बिना नंबर की बोलेरो में बैठा दिया। बोलेरो में पहले से ही चार लोग मौजूद थे, जिनमें से एक युवक ने रजत की कनपट्टी पर तमंचा रखकर उससे कुम्हारबाड़ा में ही रहने वाले सागर श्रीवास्तव, विजय व रंजन के घर का पता पूछा।

आरोप है कि कुम्हारबाड़ा में कार रोककर एक युवक रजत को लेकर सागर के घर की ओर गया। सागर अपने एक अन्य साथी सन्नी के साथ घर के बाहर ही मिल गया। रजत के कहने पर सागर व उसका दोस्त सन्नी सड़क पर खड़े बोलेरो वाहन तक आए और वाहन में बैठ गए। मगर, जब सन्नी को कार में सवार लोगों के हाव-भाव ठीक नहीं लगे तो उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। जिसे देखकर आसपास के लोगों ने कार को घेर लिया। इसी बीच तीन बदमाश कार छोड़कर भाग निकले, जबकि दो बदमाशों को भीड़ ने धर दबोचा। भीड़ ने दोनों की जमकर पिटाई की और बोलेरो वाहन में भी तोड़फोड़ कर दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपित हमलावरों को हिरासत में लेकर राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। जहां दोनों का उपचार किया गया। आरोपितों ने अपने नाम गौरव भारती व विकसित बताया है।

उधर, सरेआम हुई इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। क्षेत्रीय सभासद मीरा प्रजापति, कविता शाह, देवेंद्र प्रजापति सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने कोतवाली पहुंचकर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक का घेराव किया। उन्होंने फरार तीन आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी करने की मांग की।

उधर, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रीतेश शाह ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या यह युवकों के आपसी विवाद का मामला लग रहा है। दो आरोपितों को हिरासत में ले लिया गया है। एक पक्ष की ओर से तहरीर भी मिल गई है, जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

हरिद्वार के एक चौकी प्रभारी को एसएसपी ने किया निलंबित, जाने क्या है वजह?

हरिद्वार के कनखल में जमालपुर कलां की रूद्र विहार नामक कॉलोनी में बदमाशों ने लूट की घटना को अंजाम दिया। बदमाशों ने घर में रखे जेवरात सहित 25 हजार रूपये की नगदी भी झपट ली। विरोध करने पर एक व्यक्ति को लाठी डंडे से पीटकर घायल कर दिया। साथ ही घर से जाते वक्त सभी सदस्यों को एक कमरे में बंद भी कर दिया।

कनखल पीड़ित परिवार वालों के मुताबिक बदमाशों में कुछ ने अपने चेहरे कपड़े से ढक रखे थे, जबकि कुछ हाथ में लाठी डंडे लिए हुए थे। पुलिस के अलावा सीआईयू, डॉग स्कवॉड व फगर पट्र एक्सपर्ट की टीमें डकैतों का सुराग लगाने में जुट गई हैं। पिछले सप्ताह कलियर में हुई डकैती के तौर तरीके में समानता को देखते हुए पुलिस दोनों में एक ही गिरोह का हाथ होने का अंदेशा जताया जा रहा है।

घटना की सूचना देरी से देने के आरोप में एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने जगजीतपुर चौकी प्रभारी नरेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पुलिस के मुताबिक मूलरूप से तीसा गांव, थाना भोपा जिला मुजफ्फरनगर निवासी सतपाल सिंह का परिवार कनखल थानाक्षेत्र के जमालपुर कलां की रुद्र विहार कॉलोनी में रहता है। खेती किसानी से जुड़े सतपाल सिंह शनिवार को अपने गांव गए हुए थे। रात घर पर उनका बेटा विकास, बहु पूजा, पत्नी पूनम व ढाई साल का पोता कृष्णा मौजूद थे। एक कमरे में विकास व उसकी पत्नी पूजा सोए हुए थे। जबकि दूसरे कमरे में पूनम अपने ढाई साल के पोते कृष्णा के साथ सो रही थी।

तड़के करीब पौने तीन बजे सात आठ बदमाश घर में घुसकर विकास के कमरे में पहुंच गए। उन्होंने लाठी डंडों के बल पर विकास व उसकी पत्नी पूजा को धमकाया। तभी एक ने पूजा के कान से कुंडल झपट लिए। उसके कान से खून बहने लगा। विकास ने विरोध किया तो बदमाशों ने लाठी डंडों से उसे पीट डाला। शोर सुनकर दूसरे कमरे में सो रही विकास की मां पूनम की नींद टूट गई। वह कमरे में पहुंची तो नजारा देखकर होश उड़ गए। बदमाशों ने पूनम को धमका कर खामोश रहने को कहा।

इसी दौरान बदमाशों ने घर में रखी 25 हजार की नगदी, मंगलसूत्र, पायजेब कब्जे में ले ली। घरवालों के दो मोबाइल फोन भी उन्होंने तोड़ डाले। फरार होने से पहले बदमाश घरवालों को कमरे में बंद कर गए। एक अन्य फोन से उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को घटनाक्रम की सूचना दी। करीब साढ़े तीन बजे कनखल पुलिस मौके पर पहुंची और बंधक परिवार को मुक्त कराया। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके, एसपी सिटी ममता वोहर, सीओ कनखल स्वप्नकिशोर सिंह ने मौका मुआयना कर पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी जुटाई।

मोदी के जन्मदिन पर सीएम त्रिवेन्द्र ने किया गुणगान

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनायें दी। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ भी की। उन्होंने प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से गहरा नाता होने की बात कही।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रभावशाली कार्यसाधक और वास्तविक विकास पुरुष बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना साकार हो रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर सोमवार से शुरू होने जा रहे कार्याजलि सेवा सप्ताह की तैयारियों में भाजपा जुट गई है। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ ही बस्तियों में स्वास्थ्य शिविर विभिन्न सेवा कार्य होंगे। आयुष्मान भारत योजना के प्रति लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की पूर्व संध्या पर भेजे बधाई संदेश में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को दृढ़ इच्छाशक्ति एवं विशाल व्यक्तित्व का धनी बताया। उन्होंने कहा कि नए भारत के निर्माण के लिए उनके प्रयास निश्चित रूप से सफल होंगे।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से प्रधानमंत्री का विशेष लगाव है। भगवान केदारनाथ के प्रति उनकी गहरी आस्था है। केदारनाथ का पुनर्निर्माण कर उसे विश्वस्तरीय धार्मिक स्थल बनाने का प्रधानमंत्री का सपना साकार हो रहा है।

प्रधानमंत्री के जन्मदिन 17 सितंबर से भाजपा द्वारा पूरे देश में कार्यांजलि सेवा सप्ताह आयोजित किया जा रहा है। इसके माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि भी दी जाएगी। यह सप्ताह 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती तक चलेगा।

हाईकोर्ट बोला, मरीज की पर्ची पर अंग्रेजी के कैपिटल लेटर में लिखे दवा का नाम

प्रदेश के सरकारी व निजी अस्पतालों को आदेश देते हुये हाईकोर्ट ने कहा कि सभी चिकित्सक मरीजों की पर्ची पर कंप्यूटर से दवा व बीमारी का नाम लिखे। साथ ही दवा का नाम अंग्रेजी के कैपिटल लेटर में लिखे। साथ ही अस्पतालों में जांच की दरें समान करने व जेनेरिक दवाएं ही दिए जाने संबंधित आदेश को चुनौती देती याचिकाएं खारिज कर दी।

हिमालयन मेडिकल कॉलेज जौलीग्रांट, सिनर्जी हॉस्पिटल की ओर से पुनर्विचार याचिका दायर की गई थी। जिसमें 14 अगस्त को पारित आदेश पर पुनर्विचार करने की प्रार्थना की गई थी। इस आदेश में क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के विपरीत संचालित अस्पतालों को बंद करने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ के समक्ष पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए सरकारी व प्राइवेट चिकित्सकों को निर्देश दिए कि मरीजों की पर्ची में बीमारी का नाम व दवा कंप्यूटर प्रिंटेड हो।

खंडपीठ ने पुनर्विचार याचिका में जेनेरिक से दूसरी दवा अंकित करने के आग्रह को भी नामंजूर करते हुए ब्रांडेड के बजाय जेनेरिक दवा लिखने के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता द्वारा बताया गया कि राज्य के सभी चिकित्सकों को कंप्यूटर प्रिंटर आदि उपलब्ध कराया जाना संभव नहीं है, लिहाजा उनको समय दिया जाए। इस तर्क से सहमत होते हुए कोर्ट ने कहा कि इसे प्रभावी करने में कम से कम समय लिया जाए।

पूर्व में कोर्ट ने प्रदेश में अवैध ढंग से संचालित अस्पतालों को सील करने व मेडिकल जांच व परीक्षणों के दाम तय करने को कहा था। बाजपुर निवासी अख्तर मलिक की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने हैरानी जताई थी कि बाजपुर दोराहा स्थित बीडी अस्पताल, केलाखेड़ा स्थित पब्लिक हॉस्पिटल के खिलाफ कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई।

जन विकास मंच ने एम्स प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी, नगर में निकाला जुलुस

उत्तराखंड जन विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने नगर में एम्स ऋषिकेश के खिलाफ कई आरोप लगाते हुये जुलुस निकाला। गौरतलब है कि एम्स ऋषिकेश में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को नौकरी से वंचित किये जाने व एम्स में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुये मंच के कार्यकर्ता पिछले कई माह से धरना दे रहे है।

मंच के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम परिसर से हरिद्वार रोड मुख्य मार्ग और घाट रोड होते हुए त्रिवेणी घाट तक जुलूस निकाला। मंच के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड के बेरोजगारों की एम्स प्रशासन लगातार अनदेखी कर रहा है। एम्स में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना कारण निकाल दिया गया है।

नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से इस मामले में उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में श्यामपुर के क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेश व्यास, भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष अनीता ममगाईं, सरोज डिमरी, वीरेंद्र सजवाण, रामकृपाल गौतम, दीपक धमीजा, विनोद भट्ट आदि शामिल हुए।

गंगा में बह रहे चार लोगों को जल पुलिस के जवानों ने बचाया

ऋषिकेश घूमने आए चार लोगों की आफत तब बन आयी जब त्रिवेणी घाट पर नहाने के दौरान वह बहने लगे। इसी बीच जल पुलिस के जवानों ने इन चारों को बचा लिया। जिनमें दो युवक और दो युवती शामिल है।

त्रिवेणी घाट में अजय 23 वर्ष पुत्र टीनू रामधाम कॉलोनी बहादराबाद, सोनू 20 वर्ष पुत्र बलवीर सिंह ग्राम पलूनी भगवानपुर, मोनी 19 वर्ष पुत्री अमरलाल ब्रहमपुरी हरिद्वार और शिवानी 19 वर्ष पुत्री रिखीराम ब्रहमपुरी हरिद्वार गुरुवार की दोपहर त्रिवेणी घाट घूमने के लिए आए थे।

इस बीच एक युवती का पैर फिसला और वह पानी में बहने लगी। उसे बचाने के लिए तीन अन्य साथियों ने भी गंगा में छलांग लगाई। मगर, वह भी बहने लगे। पास में मौजूद जल पुलिस के जवान हरीश गुसाईं, आपदा प्रबंधन दल पीएसी हरिद्वार के सिपाही भोपाल सिंह, शैलेंद्र चमोली, मनेंद्र चौहान और मातवर सिंह ने गंगा में डूब रहे इन चारों लोगों को सकुशल बाहर निकाला।

प्रदेश से बाहर भेजा जाएगा घुसपैठियों कोः सीएम

राज्य में घुसे बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों को सरकार प्रदेश से बाहर भेजने के लिये तैयारी कर रही है। राज्य के सभी जिलों, तहसील स्तर पर इन्हें चिह्नीकरण करने की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने घुसपैठियों पर सख्त रूख अपनाया है। उन्होंने कहा कि कोई भी घुसपैठिया, चाहे वह बांग्लादेशी हो या रोहिंग्या, सबको प्रदेश की सीमाओं से बाहर भेजा जाएगा। हम उन्हें उत्तराखंड में बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। उत्तराखंड सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण व संवेदनशील प्रदेश है। उन्होंने कहा कि जनता को भी कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखे तो सरकार को सूचित करे। उन्होंने कहा कि सीएम एप, मेल व अन्य वेबसाइट के माध्यम से सरकार तक सूचना पहुंचायेे। सरकार एक-एक घुसपैठिये को यहां से बाहर करेगी।

प्रदेश में बीते कुछ महीनों से अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों व रोोहग्या की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस संबंध में खुफिया एजेंसियां भी लगातार सरकार को इनपुट उपलब्ध कराती रही हैं। फिलहाल, इनके आने पर रोक लगाने के लिए अभी तक कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बन पाई है लेकिन इन्हें बाहर निकालने की तैयारी जरूर शुरू हो चुकी है।

दरअसल, कुछ समय पूर्व विधायक खानपुर (हरिद्वार) कुंवर प्रणव चौंपियन ने एक सनसनीखेज बयान में कहा था कि रोोहग्या हरिद्वार तक पहुंच चुके हैं। उस समय मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस बात का समर्थन नहीं किया था। इसके बाद उन्होंने खुफिया एजेंसियों से इसका इनपुट लिया।

इस पर सरकार को प्रदेश में बाहर से आकर अवैध रूप से बसने वालों की जानकारी मिली। इसके बाद सरकार के निर्देश पर हरिद्वार के साथ ही तराई वाले जिलों में खुफिया एजेंसियों ने बस्तियों व झुग्गियों में बाहरी लोगों की जानकारी जुटानी शुरू की। इनकी संख्या देखकर खुफिया एजेंसियों के होश उड़ गए। इसके तुरंत बाद सभी जिलों में इनकी सूची बनाने के निर्देश जारी किए गए, जिस पर इन दिनों तेजी से काम चल रहा है। वहीं, सरकार ने अब आमजन का भी इसमें सहयोग लेने की बात कही है।

चमोली में चार किमी अंदर तक की चीनी सैनिकों ने घुसपैठ

चमोली में चीनी सैनिकों के घुसने की जानकारी मिली हैं। हालांकि चमोली डीएम ने इस बार से इंकार किया है। उनका कहना है कि इस बारे में सेना ही बता सकती है। जानकारी के मुताबिक बाड़ाहोती क्षेत्र में चीनी सैनिक चार किमी अंदर तक घुस गये है।

विदित हो कि इससे पहले भी चीन सैनिकों ने 26 जुलाई को भारतीय सीमा में घुसपैठ की थी। चमोली के बाड़ाहोती क्षेत्र में करीब डेढ़ सौ से दो सौ चीनी सैनिक भारतीय सीमा में घुस आए थे। आइटीबीपी की अग्रिम चौकी रिमखिम पर तैनात जवानों से नियमित गश्त के दौरान उनका सामना हुआ था। आइटीबीपी जवानों के देखते ही चीनी सैनिकों का दल लौट गया था।

जोशीमठ से 105 किलोमीटर दूर चमोली में चीन से जुड़ी भारतीय सीमा घुसपैठ की दृष्टि से संवेदनशील मानी जाती है। विशेषकर 80 वर्ग किलोमीटर में फैला बाड़ाहोती चारागाह। यहां स्थानीय लोग अपने मवेश्यिों को लेकर आते हैं। जून के दूसरे सप्ताह में इस क्षेत्र में दो चीनी हेलीकॉप्टर देखे गए थे। घटना के बाद प्रशासन का एक दल क्षेत्र का जायजा लेने भी गया था। इसके बाद जुलाई माह 18 जुलाई को प्रशासन का 17 सदस्यीय दल सीमावर्ती क्षेत्र का जायजा लेने रवाना हुआ था, लेकिन भारी बारिश के कारण रास्ते क्षतिग्रस्त होने से टीम 18 जुलाई को वापस आ गई थी। गौरतलब है कि वर्ष में चार बार प्रशासन की टीम बाड़ाहोती का जायजा लेने जाती है।

इससे पहले वर्ष 2014 में भी यहां चीन का विमान देखा गया था। इसके बाद जुलाई 2016 में क्षेत्र के निरीक्षण को गई राजस्व टीम से चीनी सेना का सामना हुआ था। सैनिकों ने टीम को लौट जाने का इशारा भी किया। इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भी भेजी गई थी। वर्ष 2015 में चीनी सैनिकों द्वारा चरवाहों के खाद्यान्न को नष्ट करने की घटना भी सामने आई थी।

सरकार ने एनएच-74 के विस्तारीकरण को दी हरी झंड़ी

बुधवार को हुयी कैबिनेट बैठक में मंत्रीमंडल ने एनएच-74 के हरिद्वार-नगीना तक विस्तारीकरण को वन क्षेत्र की 847.98 करोड़ मूल्य की 64.74 हेक्टेयर भूमि नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को मुफ्त देने पर मुहर लगाई है। इससे गढ़वाल को कुमाऊं से जोड़ने में मदद मिलेगी। वहीं यात्रियों का सफर भी सुरक्षित होगा और समय की बचत भी होगी।

वहीं राज्य में अब रात्रि पाली में भी महिला कार्मिक बेरोकटोक कार्य कर सकेंगी। उधर, मंत्रिमंडल ने अगले माह प्रस्तावित इन्वेस्टर्स समिट के दौरान पूंजी निवेशकों के लिए विभिन्न योजनाओं में गांव स्तर तक निवेश का रास्ता साफ करते हुए विभिन्न नियमावलियों को मंजूरी दी। सौर ऊर्जा नीति में संशोधन कर पांच मेगावाट तक सोलर प्रोजेक्ट राज्य के स्थायी निवासियों को आवंटित किए जाएंगे। इन्हें पर्वतीय क्षेत्रों में स्थापित किया जा सकेगा। वहीं नगर निगम सीमा में शामिल क्षेत्रों को कम भी किया जा सकेगा। इसके लिए मौजूदा अधिनियम में संशोधन विधेयक को स्वीकृति दी गई।

त्रिवेंद्र सिंह रावत मंत्रिमंडल की बुधवार को सचिवालय में दिनभर चली बैठक में 24 बिंदुओं पर चर्चा हुई। दो बिंदु स्थगित किए गए। विधानसभा सत्र की अधिसूचना जारी होने के चलते कैबिनेट फैसलों की ब्रीफिंग नहीं की गई। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट ने एक जनवरी, 2016 से पहले के पेंशनरों के लिए केंद्र सरकार की ओर से लागू पेंशन व्यवस्था को राज्य में लागू किए जाने को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी। इससे 1985, 1995, 2006 के पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स की पेंशन में विसंगति दूर होगी। पेंशनर्स को कोई एरियर नहीं दिया जाएगा। शासनादेश जारी होने की तिथि से उक्त पेंशन व्यवस्था लागू मानी जाएगी।

कैबिनेट प्रमुख फैसले
-एक जनवरी, 2016 से पहले सेवानिवृत्त हुए कार्मिकों की पेंशन विसंगति खत्म, पेंशन में 300 से 1000 रुपये की वृद्धि

-इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों के लिए निवेश का रास्ता साफ, सौर ऊर्जा, आयुष समेत कई अहम नियमावलियां मंजूर

-महिला कार्मिकों को रात्रि पाली में काम करने की अनुमति, पहले लगा प्रतिबंध हटाया

-ग्रोथ सेंटर योजना के तहत राज्य की 670 न्याय पंचायत स्तर पर ग्रोथ सेंटर होंगे संचालित, एमएसएमई किसानों, बुनकरों को संगठित कर देगा प्रोत्साहन

-कीड़ा जड़ी दोहन और विपणन की नीति व प्रक्रिया को मंजूरी, जड़ी एकत्र करने वालों को कराना होगा पंजीकरण

-एनएच-74 के हरिद्वार-नगीना तक विस्तारीकरण को वन क्षेत्र की 847.98 करोड़ मूल्य की 64.74 हेक्टेयर भूमि नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को मुफ्त देने पर मुहर

-प्राथमिक स्कूलों के बाद अब 30 से कम छात्रसंख्या वाले 34 सरकारी हाईस्कूल और इंटर को बंद करने का निर्णय

-उत्तराखंड सौर ऊर्जा नीति-2016 में संशोधन को मंजूरी, पांच मेगावाट तक प्रोजेक्ट राज्य के स्थायी निवासियों को आवंटित

-उत्तराखंड (उत्तरप्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959) संशोधन अधिनियम, 2018 विधेयक को मंजूरी, नगर निगम की सीमा को अब घटा सकेगी सरकार

एनएच घोटाले में आइएएस अधिकारी पंकज कुमार व चंद्रेश यादव हुये सस्पेंड

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जीरो टॉलरेंस को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए भ्रष्टाचार के आरोप में दो आइएएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। सरकार के निर्देश पर शासन ने हरिद्वार-ऊधमसिंह नगर-बरेली (एनएच-74) चौड़ीकरण मुआवजा मामले में आइएएस अधिकारी व प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय और अपर सचिव चंद्रेश यादव को निलंबित कर दिया है।

प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय और अपर सचिव चंद्रेश कुमार यादव पर जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर के पद पर रहते हुए आर्बिट्रेटर की भूमिका निभाने के दौरान नियम विरुद्ध मुआवजा वितरित करने का आरोप है। दरअसल, राष्ट्रीय राजमार्ग 74 के चौड़ीकरण के लिए सरकार ने रुद्रपुर में सड़क के दोनों ओर की भूमि का अधिग्रहण किया था। इसके लिए भूस्वामियों को मुआवजा दिया गया। इस दौरान कई तरह की अनियमितताएं सामने आई थीं। इसमें कृषि भूमि को अकृषि दिखाकर अधिक मुआवजा बांटने व नियम विरुद्ध मुआवजा निर्धारण करना आदि शामिल थे। सरकार ने शुरुआती जांच के बाद बीते वर्ष मार्च में सात एसडीएम (एक सेवानिवृत्त) निलंबित कर दिए थे। मामले की विस्तृत जांच के लिए एसआइटी का गठन किया गया।

कुछ समय पूर्व एसआइटी ने अपनी रिपोर्ट में आइएएस अधिकारी डॉ. पंकज कुमार पांडेय और चंद्रेश यादव के आर्बिट्रेटर के रूप में लिए गए फैसलों पर सवाल उठाए थे। इस पर शासन ने दोनों अधिकारियों से इस मामले में स्पष्टीकरण तलब किया। दोनों अधिकारियों के अनुरोध पर दो बार जवाब लेने का समय बढ़ाया गया। इनके जवाब का परीक्षण करने के बाद शासन ने दोनों को निलंबित कर दिया है।

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की ओर से जारी आदेशों में साफ किया गया है कि एसआइटी की विवेचनात्मक जांच आख्या के आधार पर दोनों अधिकारियों को निलंबित किया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दोनों अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही के लिए आरोप पत्र जारी करने और जांच अधिकारी की नियुक्ति के लिए अलग से आदेश जारी किए जाएंगे।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि शासन की मंशा स्पष्ट है। इन अधिकारियों के खिलाफ जांच में सामने आए तथ्यों पर स्पष्टीकरण लिया गया था। विचार विमर्श के बाद दोनों को निलंबित करने का निर्णय लिया गया है।

अब शासन इन दोनों अधिकारियों को अलग से आरोप पत्र जारी करेगा। इसमें उनसे एसआइटी की रिपोर्ट पर उठाए गए सवालों के जवाब लिए जाएंगे। इसके साथ ही एक जांच अधिकारी की भी नियुक्ति की जाएगी। यह जांच अधिकारी वरिष्ठ आइएएस अधिकारी होगा। अधिकारियों का जवाब मिलने के बाद जांच अधिकारी इसकी जांच करेंगे। आरोप पुष्ट होने पर कार्रवाई के लिए डीओपीटी और संघ लोक सेवा आयोग को पत्र भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर सरकार कायम है। भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सरकार सबके खिलाफ समान रूप से कार्रवाई करेगी। इन दोनों अधिकारियों को भी प्रथम दृष्ट्या आरोप पुष्ट होने पर निलंबित किया गया है।