आंतकियों से दो-दो हाथ कर ऋषिकेश के हमीर सिंह हुये शहीद

जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों से मुकाबला करते उत्तराखंड के दो वीर शहीद हो गए। इनमें एक जवान ऋषिकेश, जबकि दूसरे पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार से हैं।

ऋषिकेश स्थित कुंजापुरी कालोनी, गुमानीवाला निवासी 27 वर्षीय राइफलमैन हमीर सिंह पोखरियाल मंगलवार सुबह आतंकियों से लोहा लेते शहीद हो गए। वह वर्ष 2013 में 12वीं गढ़वाल राइफल में भर्ती हुए और वर्तमान में 36 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे। उनका परिवार मूल रूप से पोखरियाल गांव उत्तरकाशी के लम्बगांव का रहने वाला है।

शहीद के पिता जयेंद्र सिंह पोखरियाल एसएसबी में सब इंस्पेक्टर हैं और अमरनाथ यात्रा के चलते जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं। हमीर की शहादत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। घर में हमीर की पत्नी, एक ढाई वर्ष की बेटी, मां और एक छोटा भाई हैं। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने शहीद के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी।

इस मुठभेड़ में ग्राम शिवपुर, कोटद्वार निवासी 28 वर्षीय मनदीप सिंह रावत भी शहीद हुए हैं। उनके पिता बुथी सिंह भी फौज से रिटायर हैं। मनदीप 2012 में 15 गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हुए थे और छह माह पूर्व ही उनकी तैनाती 36 राष्ट्रीय राइफल में हुई थी। मनदीप की शहादत की सूचना के बाद से ही उनके घर मातम छाया हुआ है। तमाम लोग उनके घर पहुंचकर माता-पिता को ढांढस बंधा रहे हैं। मनदीप के छोटे भाई हाल ही में सेना में भर्ती हुए हैं और जम्मू-कश्मीर में ही तैनात हैं।

बाढ़ की समस्या से बावजूद गौहरीमाफी के ग्रामीण पेश कर रहे मिशाल

बाढ़ की समस्या से जूझते हुये ग्रामीण दैनिक राशन की समस्या से जूझ रहे है। लेकिन इसी बीच सभी ग्रामीण आपस में मिल जुलकर भोजन आदि कर रहे है। इससे गौहरीमाफी गांव के ग्रामीणों ने एक मिशाल पेश की है।

बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों के बीच पहुंचकर हालात का जायजा लेने पर यह बात सामने आई कि गांव में करीब 50 परिवार ऐसे हैं जिनके घरों में राशन व अन्य खाद्य सामग्री पूरी तरह खत्म हो गई है। कुछ घरों में ईंधन व रसोई गैस उपलब्ध नहीं है। कहीं चीनी तो कहीं नमक खत्म हो गया है। गांव की छोटी दुकानों में सामान उपलब्ध नहीं है।

कई घरों में बारिश का पानी घुसा हुआ है। घरेलू सामान खराब हो गया है। लोगों के पास ठीक से रात काटने को जगह नहीं बची है। लेकिन ग्रामीणों के बीच परस्पर सहयोग एक दूसरे के लिए बना हुआ है। लोग एक दूसरे की मदद कर रहे हैं। कई घरों में सामूहिक भोज बन रहा है। गांव की युवा इस काम में बढ़-चढ़कर जुटे हैं। युवा एक दूसरे के घरों में जाकर जानकारी जुटा रहे हैं और मदद के लिए हाथ बढा रहे हैं।

सोमवार रात को जब कई घरों में बारिश का पानी घुसा तो युवाओं ने की मदद से ही लोग सुरक्षित जगह पर पहुंचे। रात को गंगा प्रेम हॉस्पिस के पास आठ घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। इन लोगों को स्थानीय युवाओं ने ही सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया। रात को ही गंगा प्रेम हॉस्पिस की तरफ से भोजन का प्रबंध किया गया।

युवाओं के इस जज्बे को हर कोई सलाम कर रहा है। लोगों को भरोसा है प्रकृति उनकी पीड़ा को समझेगी और संकट जल्द दूर होगा। वहीं बाढ़ प्रभावितों, एसडीआरएफ व् राहत कार्य में सहयोग कर रहे लोगों के लिये भी स्थानीय लोगों की मदद से आनंदमयी स्कूल में भोजन व्यव्स्था की गयी है। देर शाम बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राशन सामग्री पंचायत घर में पहुंच गई। जिला पूर्ति अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवारों तक पहुंचाने के लिए राशन उपलब्ध करा दी गयी है। जरूरत पड़ने पर और भी राशन भेजी जाएगी।

क्या हुआ जब ग्रामीणों ने एसडीआरएफ टीम की मदद को किया मना

एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर सौंग नदी की बाढ़ से घिरे गौहरीमाफी के परिवारों को जरूरी सामान उपलब्ध कराया है। मगर, चाहे शासन हो या प्रशासन दोनों की यहां की समस्या का निदान करने में विफल साबित हो रहे है। यहां अभी तक बाढ़ पीड़ितों की मदद करने में शायद कुछ दिन और लग सकते है।
क्षेत्र में एसडीआरएफ की टीम लगातार रेस्क्यू अभियान चलाये हुये है। सोमवार को भी टीम को संसाधन जुटाने में पांच घण्टे से अधिक का समय लग गया। जिससे लोगों आक्रोशित होने लगे। इस दौरान रेस्क्यू कर लाया जा रहा एक युवक पानी की लहरों में गोता खा गया। हालांकि टीम ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया लेकिन इससे ग्रामीण भड़क उठे। गुस्साए लोगों ने प्रशासन पर उनकी जान से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।

कुछ लोगों ने एसडीआरएफ की रैपिड की रस्सियां काट दी। हंगामा बढ़ता देख एडीआरएम वित्त वीएस बुदियाल और एसडीएम हरगिरि ने किसी तरह लोगों को समझाया। वहीं ग्रामीणों ने रैपिड में बैठने से मना कर दिया। इसके बाद रेस्क्यू रोक दिया गया। वहीं निर्देश के बाद भी रायवाला प्राथमिक केंद्र से चिकित्सक क मौके पर नहीं आए। हैंडपंप से दूषित पानी निकलने की वजह से संक्रामक व जल जनित रोगों के फैलने का खतरा बढ़ रहा है। दोपहर बाद फिर से रेस्क्यू शुरू किया गया।

एसडीएम हरगिरि ने बताया कि जिन घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है वहां से लोगों को आनंदमयी स्कूल में बने राहत कैंप में लाया गया है। गांव में रसद, रसोई गैस व् अन्य जरुरी सामग्री पहुंचाने का काम मंगलवार से शुरू किया जाएगा। जरुरी सामग्री मंगा ली गयी है, वितरण के लिए और सूची बनाने का काम चल रहा है।

पन्नी में लिपटा मिला युवक का शव, हत्या की आशंका

एक अगस्त को घर से अचानक लापता हुये युवक का शव रविवार को घर के पास स्थित एक नाले में पड़ा मिला। घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। बता दें कि युवक के बड़े भाई की मौत तीन अगस्त हो हुयी थी। जिसका अंतिम संस्कार शनिवार को किया गया। परिवार में तीन दिन के अंदर दो युवकों की मौत से सन्नाटा छाया हुआ है।

मनेरी भाली परियोजना के स्टील यार्ड के समीप नेहरू ग्राम, इंदिरा नगर निवासी सत्य प्रकाश त्यागी उर्फ छोटू (30) पुत्र रतिराम त्यागी एक अगस्त की शाम अपनी दुकान बंद कर घर में आ गया था। इसी दौरान कुछ युवक उसे बुलाकर अपने साथ ले गए। जब पूरी रात सत्य प्रकाश घर नहीं लौटा तो परिजन चिंतित हो गए। उन्होंने उसके मोबाइल पर भी कॉल करने की कोशिश की, मगर मोबाइल स्विच ऑफ था। जिसके बाद दो अगस्त को परिजनों ने कोतवाली पुलिस में उसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। रविवार को युवक के घर से कुछ ही दूरी पर रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले नाले में बदबू आने पर आसपास के लोगों का ध्यान उस ओर गया। यहां नाले में पड़े एक प्लास्टिक की पन्नी को जब लोगों ने खोलकर देखा तो उसमें शव रखा हुआ था। सूचना पाकर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रवीण ोसह कोश्यारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को बाहर निकाला, जिसके बाद उसकी पहचान पांच दिन से लापता सत्य प्रकाश त्यागी उर्फ छोटू के रूप में की गई। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है।

तीन अगस्त को हुई थी बड़े भाई की मौत

नेहरू ग्राम निवासी सत्य प्रकाश त्यागी एक अगस्त की शाम लापता हो गया था। तीन अगस्त को ही उसके बड़े भाई अनिल त्यागी की भी बीमारी के चलते मौत हो गई, जिसका शनिवार को ही दाह संस्कार किया गया है। घर में एक साथ दो लोगों की मौत से परिवार सदमे में है। मृतक सत्य प्रकाश त्यागी आठ भाई थे, जिनमें से तीन की मौत हो चुकी है। मृतक सत्य प्रकाश त्यागी शादीशुदा था और उसकी दो बेटियां भी हैं।

युवक की हत्या से क्षेत्र में सनसनी
नेहरू ग्राम के समीप नाले में मिले युवक के शव से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने शनिवार को ही यहां नाली में यह प्लास्टिक की पन्नी देख ली थी। मगर, कोई जानवर होने की आशंका के उन्होंने इस ओर कोई गौर नहीं किया। रविवार को जब नाले में बदबू आई तो आसपास के लोगों ने इस पन्नी को खोलकर देखा तो उनके होश उड़ गए।

परिजनों के बयान व मोबाइल की लोकेशन खोल सकती है राज
मृतक सत्य प्रकाश त्यागी उर्फ छोटू के परिजनों ने बताया कि एक अगस्त की शाम को कुछ युवक उसे घर से बुलाकर अपने साथ ले गए थे। वह इसके बाद कहां गए परिजनों को कुछ भी पता नहीं है। परिजन यह भी नहीं बता पाए कि आखिर सत्य प्रकाश को अपने साथ ले जाने वाले लोग कौन थे। वहीं एक अगस्त की रात से ही सत्य प्रकाश का मोबाइल भी स्विच ऑफ है, जिससे पुलिस उसकी लोकेशन को भी ट्रेस नहीं कर पाई। फिलहाल पुलिस को परिजनों के बयान और मृतक सत्य प्रकाश की आखिरी लोकेशन से ही इस मामले में कुछ सफलता हाथ लग सकती है।

एनएसयूआई ने सीएम आवास घेरा, पुलिस ने किया बल प्रयोग

उत्तराखंड सरकार पर रोजगार न दे पाने का आरोप लगाते हुये एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने सीएम का आवास घेरा। इस दौरान पुलिस और एनएसयूआई कार्यकर्ताटों के बीच झड़प भी देखने को मिली। पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग कर कार्यकर्ताओं की भीड़ को काबू किया।

बढ़ती बेरोजगारी की समस्या को लेकर एनएसयूआइ कार्यकर्ताओं ने दोपहर करीब डेढ़ बजे सीएम आवास कूच किया। हाथीबड़कला में पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग लगाई गई थी। जुलूस के पहुंचते ही पुलिस ने बल पूर्वक छात्रों को रोकने का प्रयास किया। इससे नाराज एनएसयूआइ और कांग्रेसी नेताओं ने जबरन बेरिकेडिंग फांदनी शुरू कर दी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग किया।

इस दौरान कुछ नेताओं की पुलिस के साथ तीखी झड़प भी हुई। करीब दो दर्जन नेता बैरिकेडिंग फांदकर सीएम आवास की ओर घुसने लगे। जिस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। नेताओं एवं पुलिस के बीच करीब 20 मिनट तक धक्का-मुक्की हुई। नेताओं ने बैरिकेडिंग स्थल पर ही धरना शुरू कर दिया।

करीब एक घंटे बाद एनएसयूआइ के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज खान एवं प्रदेश अध्यक्ष मोहन भंडारी ने सिटी मेजिस्ट्रेट मनुज गोयल के माध्यम से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन प्रेषित किया। पुलिस कार्रवाई का कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह एवं एनएसयूआइ के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज खान ने कड़ा विरोध किया।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संग्राम सिंह पुंडीर ने कहा कि पीएम ने युवाओं से वादा किया था कि प्रतिवर्ष दो करोड़ को रोजगार दिया जाएगा। लेकिन, चार साल पूरे होने के बाद देश में मात्र छह लाख युवाओं को रोजगार मिला।

भाजपा-कांग्रेस के बागी आए एक मंच पर

उत्तराखंड की सत्तारूढ़ भाजपा व विपक्षी पार्टी कांग्रेस से असंतुष्ट नेता रविवार को तीर्थनगरी में एक मंच पर नजर आये। दोनों दलों के इन बागी नेताओं की बैठक का उद्देश्य प्रदेश की राजनीति में तीसरे मोर्चे को खड़ा करना है। जल्द ही यह दोनों दलों के बागी नेता जनता के बीच एक नया विकल्प लिये पहुंचने वाले है। इस बैठक गुपचुप तरीके से आयोजित की गयी। जिससे प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया को दूर रखा गया था। मगर, मीडिया तो मीडिया है, बात निकाल ही लेती है।

ऋषिकेश में वीरभद्र मार्ग स्थित एक होटल में भाजपा व कांग्रेस की विचारधारा के असंतुष्ट नेता एक मंच पर नजर आए। इनमें ज्यादातर भाजपा के टिकट पर पूर्व में विधायक रह चुके और भाजपा से बगावत कर पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ चुके नेता शामिल थे। बैठक में कुछ अन्य पूर्व विधायकों के भी आने की सूचना थी। मगर, मार्ग खराब होने के चलते वह बैठक में नहीं शरीक हो सके।

खास बात यह रही कि इस बैठक को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया। और मीडिया को अदंर आने की इजाजत नहीं दी गयी। सूत्रों के मुताबिक पूर्व विधायक सुरेश चंद्र जैन की अध्यक्षता में चली बैठक में चर्चा के केंद्र में प्रदेश की राजनीति, आगामी निकाय चुनाव और नई राजनीतिक की उम्मीद रही। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों दलों के बागी नेताओं ने नया राजनीतिक दल बनाने पर भी चर्चा की। मगर, इस पर दोनों ओर से मिलीजुली प्रतिक्रिया ही रही।

फिलहाल यह बात सामने आयी कि एक मजबूत मंच का गठन कर प्रदेश की जनता की समस्याओं और उनके हक के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी। जिसके लिए इस कुनबे को सामाजिक जन संघर्ष मंच के तौर पर प्रदेश भर में पहचान दी जाएगी। बैठक के दौरान सभी असंतुष्टों ने भाजपा व कांग्रेस पर प्रदेश की जनता के साथ वादाखिलाफी का आरोप लगाया। फिलहाल वरिष्ठ नेता सुरेश चंद्र जैन को ही इस मंच का अघोषित संरक्षक बनाया गया है।

महेंद्र सिंह नेगी के संचालन में चली बैठक में पूर्व विधायक व काबीना मंत्री दिनेश धनै, पूर्व विधायक ओमगोपाल रावत, भाजपा व कांग्रेस से बगावत कर चुनाव लड़ चुके पूर्व दायित्वधारी संदीप गुप्ता, सूरतराम नौटियाल, आरेंद्र शर्मा, प्रमोद नैनवाल, सुभाष चंचल, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गोविंद अग्रवाल, ज्योति सजवाण सहित भाजपा, कांग्रेस व संघ पृष्ठभूमि के कई नेता उपस्थित रहे।

महिला दारोगा पर पुलिस ने किया मुकदमा, जानिए क्यों?

उत्तराखंड के क्राइम ब्रांच में तैनात महिला दारोगा पर मुकदमा हुआ है। महिला दारोगा दीपारानी पर ऋषिकेश के एक आश्रम से पांच लाख रूपये डकारने का आरोप है। डीजीपी के आदेश के बाद महिला दारोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

आरोप है कि महिला दारोगा ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक योग अकादमी के संचालक से पांच लाख रुपये की वसूली की। पीड़ित ने बताया कि दो युवक और एक युवती वहां पहुंचे और उन्हें ड्रग्स बेचने के मामले में फंसाने की बात कही। जिसके बाद एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। वहीं, प्राथमिक जांच में इस बात की पुष्टि हो गई। जिस पर डीआइजी गढ़वाल अजय रौतेला ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

मामला टिहरी गढ़वाल जिले के मुनिकीरेती थाना क्षेत्र का है। मुनिकीरेती में योग अकादमी का संचालन करने वाले एक डॉक्टर ने डीजीपी को शिकायत सौंपते हुए बताया कि उनकी अकादमी डब्ल्यूएचओ से मान्यता प्राप्त है। आरोप लगाया कि विगत 12 जुलाई को एक महिला और दो पुरुष उनके दफ्तर में आए।

महिला ने खुद को क्राइम ब्रांच की दारोगा और दो पुरुषों ने खुद को उनका अधीनस्थ बताया। इसके बाद वह उनके कार्यालय की जबरन तलाशी लेने लगे। डॉक्टर का आरोप है कि वह अपने साथ कुछ दवाएं और एक जहर की सीसी लाए थे, उसके साथ वह वीडियो बनाने लगे। इसके बाद वह उसे धमकाने लग गए और विदेशियों को नशा बेचने के आरोप में फंसाने की धमकी देने लगे।

डॉक्टर का ये भी आरोप है कि उन्होंने उससे पहले दस लाख रुपये मांगे। हालांकि बाद में पांच लाख रुपये न देने पर योग केंद्र सील करने की धमकी देकर चले गए। डॉक्टर के मुताबिक, उन्होंने किसी तरह से पांच लाख रुपये एकत्रित कर उन्हें दिए। बताया कि 18 जुलाई को दोबारा महिला दारोगा उनके पास आई और किसी से इसकी शिकायत करने पर अंजाम भुगतने की धमकी देकर चली गई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी ने एडीजी को इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने बताया कि मामला काफी गंभीर है। कोटद्वार के एएसपी हरीश वर्मा को इसकी जांच सौंपी गई।

एकमात्र शर्त-आरएसएस समर्थित न हो दावेदार

कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को पार्टी का चेहरा बनाकर पीएम प्रत्याशी बनाने का दांव चला हो, लेकिन अब वह अपने ही दांव से पलटती नजर आ रही है। पार्टी के शीर्ष सूत्रों ने स्पष्ट किया कि उसे आरएसएस समर्थक को छोड़कर विपक्ष के किसी भी दल का नेता प्रधानमंत्री पद के लिए कुबूल होगा।

पार्टी के रुख में यह बदलाव राहुल की दावेदारी को पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा को छोड़ किसी विपक्षी दल से समर्थन नहीं मिलने के बाद आया है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने तो कहा है कि राहुल ही विपक्ष के एकमात्र नेता नहीं हैं। उधर, बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सम्मानजनक सीटें मिलने पर ही उनकी पार्टी गठबंधन करेगी। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि 2019 में पार्टी अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग दलों के साथ गठजोड़ करेगी।
इस सवाल पर कि क्या राहुल संभावित गठजोड़ से किसी महिला प्रत्याशी के पक्ष में पीछे हटेंगे। सूत्रों ने कहा कि वह संघ समर्थित दल को छोड़कर किसी भी दल के नेता को प्रधानमंत्री के रूप में देखने को तैयार हैं। विपक्षी कैंप में अटकलें हैं कि किसी महिला को पीएम प्रत्याशी बनाया जाए। इस पर सहमति बनी तो बसपा सुप्रीमो मायावती व तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी के नाम पर विचार हो सकता है।

कांग्रेस सूत्रों ने यह भी बताया कि 2004 की तुलना में 2019 का भारत अलग है। सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस को लगता है कि टीडीपी और शिवसेना जैसी पार्टियां खुश नहीं हैं, इसलिए भाजपा को अगले आम चुनाव में पर्याप्त सीटें नहीं मिलेंगीं। वहीं, उप्र और बिहार में भाजपा के खिलाफ महागठबंधन बना तो मोदी का जीतना भी मुश्किल हा जाएगा।

कैबिनेट ने अध्यादेश लाकर दूर की भाजपा विधायकों की नाराजगी

उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में मलिन बस्तियों को अतिक्रमण हटाओ अभियान से राहत देने के लिए अध्यादेश लाकर मंजूरी दे दी गई है। साथ ही तीन साल के भीतर मलिन बस्तियों का नियमितीकरण करने का भी फैसला लिया गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें कई अहम फैसलों पर मुहर लगी है। बैठक में उत्तराखंड ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संशोधन नियमावली को मंजूरी दी गई है। जबकि सातवें वेतनमान के भत्तों के लिए वित्त मंत्री प्रकाश पंत की अध्यक्षता में समिति गठित की है।

कैबिनेट के कुछ अन्य महत्वपूर्ण फैसले
-उत्तराखंड नगर निकाय एवं प्राधिकरण हेतु विशेष प्रावधान प्रावधान 2018 अध्यादेश कैबिनेट में पास। इसके अंतर्गत लागू तिथि से तीन साल तक कोई भी दंडात्मक कार्यवाही नहीं की जाएगी। पूर्व में 2016 के अध्यादेश की नियमावली कब तक लागू रहेगी, जब तक नई नियमावली नहीं बन जाती है। इस अध्यादेश का संबंध केवल मलिन बस्तियों के लिए ही है।

-किशोरी बालिका सेनेटरी नैपकिन योजना के अंतर्गत प्रति पैकेट आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दो रुपये प्रोत्साहन धनराशि दी जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार छह करोड़ रुपए का रिवॉल्विंग फंड बनाएगी।

-राज्य पुनर्गठन आयुक्त कार्यालय उत्तराखंड लखनऊ को धन कर संबंधित कार्मिकों को देहरादून वापस बुलाया जाएगा। इस वक्त चार कार्मिक कार्यरत हैं।

-न्यायालय शुल्क संशोधन विधेयक 2018 को मंजूरी। कोर्ट फीस ट्रेजरी के अतिरिक्त ई-पेमेंट को मिली मंजूरी। यह व्यवस्था नैनीताल हाईकोर्ट और अधीनस्थ न्यायालय में होगी लागू।

-उत्तराखंड पुलिस निरीक्षक एवं उप निरीक्षक सेवा नियमावली 2018 को मंजूरी।

-डब्ल्यूएचओ सहायतित उत्तराखंड परियोजना मे 25 आइटीआइ को चुनकर उन्हें अपग्रेड किया जाएगा।

-उत्तराखंड निवेश सम्मेलन 2018 को मंजूरी, 25 करोड़ का बजट स्वीकृत। 1250 करोड़ जारी करने को मिली मंजूरी।

टिहरी जनक्रांति के नायक श्रीदेव सुमन को सीएम ने दी श्रद्धांजलि

स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत अमर शहीद श्रीदेव सुमन की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री ने उन्हें श्रद्धांजलि देकर नमन किया। उन्होंने ने कहा कि टिहरी जनक्रांति के नायक श्रीदेव सुमन का बलिदान को प्रदेश कभी भुला नहीं सकता है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी लोकशाही के लिये संघर्ष किया और अपना जीवन बलिदान कर दिया।

मुख्यमंत्री ने डॉ.एम.आर. सकलानी द्वारा सम्पादित पत्रिका सुमन सुधा टीकाराम मैठाणी की पुस्तक गुलदस्ता का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने टिहरी जन क्रान्ति के नायक अमर शहीद श्रीदेव सुमन का भाव पूर्ण स्मरण करते हुए कहा कि श्रीदेव सुमन ने अपने समय की कठिन परिस्थितियों में लोकशाही के लिए संघर्ष करते हुये अपने प्राणी की बलि दे दी।

अमर शहीद श्रीदेव सुमन नई पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा दंेगे। वे हमारे दिलों में एक महानायक के रूप में विराजमान रहेंगे। मुख्यमंत्री ने अमर शहीद श्रीदेव सुमन की उपलब्धियों व संघर्षो पर प्रकाश डालते हुए उनके संपूर्ण जीवन को अनुकरणीय बताया। इस दौरान श्रीदेव सुमन संस्कृति, साहित्य एवं शिक्षा संस्थान द्वारा मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत तथा वित्त मंत्री प्रकाश पन्त को सम्मानित किया गया।