विश्व के टॉप-10 में दून का चिड़ियाघर

देहरादून का चिड़ियाघर न सिर्फ देश, बल्कि विश्वभर में खूब चमक बिखेर रहा है। सोशल साइट फेसबुक के ऑफीशियल पेज पर सक्रिय दुनिया के 181 चिड़ियाघरों की रैंकिंग में उसे टॉप टेन में जगह मिली है, जबकि देश में वह पहले स्थान पर है। नेचर पार्क की तर्ज पर विकसित हो रहे देहरादून जू ने यह अहम उपलब्धि महज 45 दिन के अंतराल में हासिल की है।

यूं तो दुनियाभर में चिड़ियाघरों की संख्या हजारों में है, मगर फेसबुक के ऑफीशियल पेज पर 181 ही सक्रिय हैं। इनमें इसी साल पांच जून को शामिल हुआ देहरादून जू भी है। देहरादून जू के निदेशक पीके पात्रो के अनुसार फेसबुक के लाइक एलीजर सॉफ्टवेयर के जरिये यह रैंकिंग तय की जाती है। इसमें सभी चिड़ियाघर अपनी गतिविधियां इस पेज पर शेयर करते हैं। फिर लाइक, पोस्ट, कमेंट और प्रत्येक जू पर लोगों के ठहराव जैसे बिंदुओं के आधार पर सॉफ्टवेयर के जरिये इनकी रैंकिंग तय की जाती है, जो लाइक एलीजर पर देखी जा सकती है। इस रैंकिंग के ताजा आंकड़ों ने देहरादून जू को भी खिलखिलाने का मौका दे दिया। यह बताता है कि न सिर्फ देश, बल्कि विदेशों में भी देहरादून जू को लोग खासा पसंद कर रहे हैं।

देहरादून में मसूरी मार्ग पर मालसी में वर्ष 1976 में 25 हेक्टेयर क्षेत्र में वन चेतना केंद्र की स्थापना की गई। बाद में वहां हिरणों की कुछ प्रजातियां रखी गईं और नाम दिया गया मालसी डीयर पार्क। धीरे-धीरे यहां रेसक्यू किए जाने वाले पशु-पक्षी भी रखे जाने लगे और फिर शुरू हुई इसके उच्चीकरण की कवायद। 2012 में इस पार्क को मिनी जू का दर्जा मिला और 2015 में यह देहरादून जू बना।

सालभर में साढ़े छह लाख पर्यटक
नेचर पार्क की तर्ज पर विकसित हो रहे देहरादून जू में 350 पशु-पक्षी मौजूद हैं। इसके साथ ही वहां एक्वेरियम, फन पार्क कैक्टस पार्क सैलानियों के आकर्षण का केंद्र हैं। देहरादून जू के निदेशक पीके पात्रो के मुताबिक सैलानियों की संख्या हर साल बढ़ रही है। 2014-15 में यहां 2.10 लाख पर्यटक आए, जबकि 2015-16 में 3.20 लाख, 2016-17 में 4.30 लाख और 2017-18 में 6.50 लाख।

जल्द सुनाई देगी टाइगर की दहाड़
देहरादून जू में जल्द ही टाइगर की दहाड़ सुनाई देगी। इसके अलावा भालू, हाइना, घड़ियाल समेत अन्य वन्यजीव भी इसकी शोभा बढ़ाएंगे। जू के निदेशक पात्रो के मुताबिक इन जानवरों को देश के विभिन्न चिड़ियाघरों से लाया जाएगा। इस संबंध में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को प्रस्ताव भेजा गया है।

सीएम बोले, राज्य में महिलायें स्वावलंबी बन रही

सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि केदारनाथ में 19 लाख का प्रसाद वितरित किया गया। यह आंकड़ा भविष्य में डेढ़ करोड़ रूपये तक पहुंचने की उम्मीद है। सीएम ने बताया कि यह सभी प्रसाद केदारनाथ क्षेत्र की ही महिलाओं ने बनाया था। इससे जहां महिलाओं को रोजगार मिला। वहीं पलायन पर भी रोक लगी। उन्होंने बताया कि प्रसाद के बदले मिला रूपया सीधे महिलाओं को मिला।

सीएम ने चौलाई, मंडवा आदि पारंपरिक उत्पादों को लेकर कहा कि ग्रोथ सेंटर भविष्य में रोजगार का एक बड़ा बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि 22 जुलाई को रिस्पना से ऋषिपर्णा अभियान के अंतर्गत लंढौर मसूरी से लेकर मोथरोवाला तक पेड़ लगाएं। बैठक में सीएम ने डोईवाला में सीपेट की स्थापना का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि इससे पहले साल 1500 बच्चे निकलेंगे, जिन्हें कम से कम 30000 रुपये महीने का रोजगार मिलेगा। क्योंकि सीपेट की डिमांड बच्चों की तुलना में 300 फीसद अधिक है और सीपेट में 85 फीसद बच्चे उत्तराखंड से ही लिए जाएंगे। सीएम ने निफ्ट का जिक्र करते हुए कहा कि इसके लिए 200 करोड़ स्वीकृत हुआ है पर इसमें सीपेट के मुकाबले रोजगार सृजन की इतनी गारंटी नहीं है।

इजरायल से सीखना होगा बर्षा जल का इस्तेमाल

वहीं, सीएम ने बताया कि झाझरा में बनने वाली साइंस सिटी के लिए जमीन उपलब्ध कराने पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने पिरुल के लिए भी वित्त उपलब्ध कराने की बात कही। इसके साथ ही सूखते हुए नदी-नाले और स्त्रोत को लेकर उन्होंने कहा कि एक रिपोर्ट में बताया गया है कि गंगा में आज 45 प्रतिशत जल कम हो गया है। हमें इजराइल से सीखना होगा कि वो किस तरह से बारिश के पानी का 95 प्रतिशत तक दोबारा इस्तेमाल कर लेता है।

देहरादून में बन रहे सौंग बांध को लेकर सीएम ने कहा, हमारी योजना है कि करीब एक साल में बांध को तैयार कर लिया जाए। उन्होंने बताया कि समय सीमा में कार्य करने के कारण इसकी लागत 1200 सौ करोड़ से घटकर 750 करोड़ हो गई है। वहीं, मलढूंग बांध और सौंग बांध से देहरादून की पेयजल की समस्या भी हल होगी और विद्युत उत्पादन के साथ लैंड रिचार्ज भी होगा।

आईडीपीएल वापस पाना एक बड़ी उपलब्धि

कार्यसमिति की बैठक में सीएम ने कहा कि ऋषिकेश आईडीपीएल वापस पाना एक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस पूरी 936 एकड़ जमीन का मूल्य करीब दो हजार करोड़ रुपये है। जिसमें से 200 एकड़ एम्स को, कुछ भूमि आईडीपीएल को और शेष लगभग 700 एकड़ भूमि पर कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा, जो पूरे भारत में एक अनूठी मिसाल होगा।

सीएम ने मलिन बस्तियों के मुद्दे पर कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2021 तक एक लाख चालीस हजार घर बनाने का लक्ष्य है। इसे समय से पूरा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। प्रभारी मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि जनता ने हमें जनादेश दिया है और इस कारण तोड़फोड़ से जनता को होने वाली परेशानी को हमें ही समझना होगा। उन्होंने एक दिन पहले बुलाई बैठक का हवाला देते हुए कहा कि हमने इस संबंध में वीसी एमडीडीए और जिलाधिकारी को आदेश दे दिए हैं। वहीं, कार्यसमिति के समापन पर बस दुर्घटनाओं और आपदाओं में मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा गया ।

चंबा-उत्तरकाशी बस दुर्घटना में घायलों को लाया गया एम्स, सीएम ने जाना हाल

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने चम्बा-उत्तरकाशी राष्ट्रीय राजमार्ग पर किरगनी के पास हुई बस दुर्घटना के 14 घायल व्यक्तियों का हाल जाना। मुख्यमंत्री ने एम्स पहंुचकर इन सभी घायलों की सुध लेते हुये एम्स के निदेशक से अपेक्षा जतायी कि सभी घायलों के इलाज में कोई कमी न रह पाये।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं बेहद दुःखद है। दुर्घटना के मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिये गये है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न घटित हो इसके लिये भी ठोस कार्ययोजना बनायी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटना के बाद घायलों को दो हैलीकाप्टरों के माध्यम से एम्स अस्पताल लाया गया है। घायलों की सरकार द्वारा हर सम्भव मदद की जायेगी। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रूपये एवं घायलों को 50-50 हजार रूपये की राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये है।

एम्स में भर्ती घायलों की सूची

एम्स ऋषिकेश में जिन घायलों को भर्ती किया गया है, उनमें घनसाली टिहरी की सीमा पुत्री आनन्द सिंह, चम्पारन के मनोज शाह पुत्र पन्ना लाल, रूड़की के रघुवीर पुत्र भजन सिंह, शिकारपुर बुलंदशहर के ममता पत्नी लोकेश, शिकारपुर बुलंदशहर के अयांश पुत्र लोकेश, बतीया बिहार के रहमान पुत्र मो.अनवर, रायवाला देहरादून के आदित्य पुत्र सुरेश, रमोला गांव टिहरी के कुसुम पुत्री सुरतम सिंह नेगी, हंसकोटी मीनगदेरा के रमेश चन्दोला पुत्र तुलाराम चन्दोला, चिन्यालीसौड़ टिहरी के विजय राज पुत्र प्रीतम सिंह, शिकारपुर बुलंदशहर के लोकेश पुत्र राजबीर सिंह, बतीया बिहार के शिव कुमार पुत्र भुत्ती शाह व दो अन्य लोग शामिल है।

पूर्व विधायक शहजाद की बसपा में वापसी के कुछ दिन बाद ही हुआ निष्कासन, जानिए वजह क्या रही?

पूर्व विधायक मोहम्मद शहजाद को कुछ दिन पूर्व बसपा ने अपने पाले में ले लिया था। फिर आखिर ऐसा भी क्या हुआ जो उन्हें कुछ दिन के भीतर ही पार्टी से निष्कासित होना पड़ा। कारण मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत रहे। जी हां, दरअसल पूर्व विधायक ने अपने बेटे की शादी में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को जो बुलाया था। बस पार्टी को यही बात नागवर गुजरी और मोहम्मद शहजाद को पार्टी से निष्कासित कर दिया।

रविवार को शिवालिकनगर स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश महासचिव नत्थू सिंह, सतीश कुमार सिंह, सूरजमल व जिलाध्यक्ष राजेश कुमार ने इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक शहजाद ने पार्टी का भरोसा तोड़ा है।

बसपा पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व विधायक ने पार्टी को गुमराह करने का काम किया है। वे भाजपा के संपर्क में बने रहे। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती से पूर्व की गलतियों की माफी मांगी थी, जिसके बाद उन्हें पार्टी में शामिल किया गया था। पूर्व विधायक को चार साल में तीसरी बार निष्कासित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक की अभी भी भाजपा से नजदीकी है।

उन्होंने कहा कि शहजाद ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और उनके सरकार के सहयोगियों को अपने यहां पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत बुलाया। यह पार्टी के साथ विश्वासघात है। वे पार्टी को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। इसे नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। इस दौरान पूर्व विधायक हरिदास भी मौजूद रहे।

अपने निष्कासन के सवाल पर पूर्व विधायक मोहम्मद शहजाद ने कहा कि उन्होंने कोई ऐसा कार्य नहीं किया जो बसपा के हितों के विपरीत हो। वे 25 जून को बसपा में फिर से शामिल हुए थे। इस बीच कौन सा चुनाव हुआ, जिसमें उन्होंने पार्टी के विपरीत काम किया है, यह बसपा बताए। उन्होंने कहा कि जल्द ही वे प्रेसवार्ता कर आरोपों का जवाब देंगे।

युवक ने अश्लील फोटो व्हाट्सअप पर डाला, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

एक युवक ने व्हाट्सअप ग्रुप में एक के बाद एक करीब 11 अश्लील फोटो व एक वीडियो अपलोड कर दी। जिससे ग्रुप के सभी सदस्यों में गुस्सा उमड़ पड़ा और उन्होंने इसकी कड़ी निंदा की। पुलिस ने भी इस बात को संज्ञान में लेते हुये युवक के खिलाफ आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया।

टनकपुर में लोगों को क्षेत्रीय समाचारों की सूचना तत्काल मिल सके। इसके लिये एक समाचार पत्र के रिपोर्टर ने टनकपुर नाम से न्यूज ग्रुप बनाया। जिसमें शहर के प्रतिष्ठित नागरिकों के साथ ही अधिकारियों और महिलाओं को जोड़ा गया।

इन दिनों व्हॉट्सएप ग्रुप पर फैलाए जाने वाले भ्रामक मैसेजों को लेकर पुलिस भी सतर्कता बरते हुए है, लेकिन लोगों पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। रविवार की शाम एक मोबाइल नंबर से एक के बाद एक कर इस ग्रुप में 11 अश्लील फोटो और एक अश्लील वीडियो डाली गई। ग्रुप में जुड़े लोगों ने घटना की कड़ी निंदा की। वहीं, ग्रुप से जुड़ी महिलाओं ने ग्रुप से लेफ्ट होना शुरू कर दिया।

हालांकि ग्रुप एडमिन ने भी स्वयं इस ग्रुप से कई लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। सीओ राजन सिंह रौतेला ने उक्त मामले को स्वयं संज्ञान में लिया और आरोपित युवक की शिनाख्त करते हुए उसके खिलाफ 66-आइटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।

वायदे से मुकरी महिला, सरोगेसी मां बनने के नाम पर डकार ली रकम

एक महिला ने सरोगेसी मां बनने के नाम पर ऋषिकेश के दंपत्ति से ढाई लाख रूपये डकार लिये और खुद रफूचक्कर हो गयी। पुलिस ने उक्त महिला को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है।

ऋषिकेश थाना क्षेत्र निवासी एक दंपति ने बीती छह मार्च 2018 को ऋषिकेश कोतवाली में तहरीर दी थी। उनका कहना था कि शादी के कई साल बाद भी उनकी कोई संतान नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी के साथ सलाह मशवरा कर सरोगेसी विधि द्वारा संतान प्राप्त करने पर एक राय की। जुलाई 2014 में उन दोनों की मुलाकात एक महिला से हुई जिसने सरोगेसी विधि के जरिए उन्हें बच्चा पैदा कर देने की बात कही।

दंपति ने बताया कि इसके एवज में महिला ने उनसे ढाई लाख रूपय में बात तय की। आरोप है कि मेरठ के एक टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर में भ्रूण प्रत्यारोपण के बाद उक्त महिला के समस्त इलाज, खान-पान, रहन रहन-सहन और और दवा आदि का प्रबंध दंपति द्वारा अलग से किया गया। गर्भधारण के तीन माह बाद उक्त महिला का अल्ट्रासाउंड कराया गया तो पता चला कि उसके गर्भ में एक नही बल्कि दो भ्रूण जीवित अवस्था में हैं। महिला को जब इसका पता चला तो उसने एक भ्रूण दंपत्ति को देने की बात कही। मगर, कुछ समय बाद महिला की नीयत बदल गयी और वह बिना कुछ बताये अचानक दंपति से दूर होकर गायब हो गई। काफी खोजबीन के बाद भी उक्त महिला का कोई पता नहीं चल पाया। जब उसके मोबाइल पर संपर्क किया गया तो महिला ने बताया कि उसकी एक ही संतान पैदा हुई, दूसरी संतान मृत पैदा हुई है, इसलिए वह अपने संतान दंपत्ति को नहीं देगी।

कोतवाली पुलिस ने आरोपित महिला के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने पूरे मामले में की छानबीन के लिए एसटीएफ की भी मदद ली। जिसके बाद पुलिस ने 11 जुलाई को उक्त महिला को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि महिला सरोगेसी मां बनने के नाम पर कुछ अन्य लोगों से भी धोखाधड़ी कर चुकी है। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। आरोपित महिला को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

स्वच्छ भारत मिशन में छात्रों को लेना होगा बढ़चढ़कर हिस्सा

भारतीय पेट्रोलियम संस्थान पहुंचे उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू ने इफ्काई यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में एमबीए, बीटेक, बीबीए, एलएलबी एवं बीएड के स्नातकों को आठ गोल्ड मेडल, आठ सिल्वर मेडल प्रदान किये गए। उन्होंने विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल लगभग 249 स्नातकों को उपाधि भी प्रदान की।

उन्होंने उपाधि धारक छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि आज दुनिया, सूचना तकनीकि के कारण ग्लोबल विजेल में सिमट रही है। समन्वय, सहयोग व प्रतिस्पर्धा की भावना हो। हमारा लक्ष्य उत्कृष्टता व कार्यक्षमता में सुधार होना चाहिए। आज दुनिया बड़ी तेजी से आगे बढ़ रही है और कड़ी प्रतिस्पर्धा है। एलपीजी का युग है अर्थात लिबराईजेशन, प्राईवेटाईजेशन व ग्लोबलाईजेशन।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज छात्रों के समक्ष अनेक अवसर होने के साथ ही अनेक चुनौतियां भी हैं। विश्वविद्यालयों को इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए छात्रों को शिक्षा देनी चाहिए। भारत दुनिया की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। यह हमारे लिए गौरव की बात है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सुधारों को ठोस तरीके से लागू कर रहे हैं। कई तरह की चुनौतियां आती हैं, और इन पर विजय भी प्राप्त की जाती है।

राज्यपाल डॉ कृष्ण कांत पाल ने कहा कि विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण, क्लास रूम में होता है और वही से राष्ट्र निर्माण भी होता है। हमारी शिक्षण संस्थाओं और विश्वविद्यालयों को विभिन्न सम-सामयिक चुनौतियों में सकारात्मक भूमिका निभानी होगी, जिससे यहां पढ़ने वाले विद्यार्थी मजबूती से अपने पैरों पर खड़े हो सकें तथा दुनिया का सामना करें।

इस दौरान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि ये अवसर स्नातकों को अपनी दीक्षा व शिक्षा को पूर्णकर दीक्षांत के बाद जीवन के गंतव्य की ओर बढ़ने का है। ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती, यह केवल एक पड़ाव है, जहां आप अपनी शिक्षा पूरी करके जा रहे हैं। इसलिए आपके सामने समाज के लिए कुछ करने और योगदान देने की बड़ी अहम जिम्मेदारियां हैं। किसी भी प्रकार का ज्ञान तभी मूल्यवान है, जब वह इस पृथ्वी पर मनुष्यमात्र के कल्याण व विकास का साधन बनता है। हमारे प्राचीन गंथों में ज्ञान को महत्वपूर्ण बताता गया है। आज का युग तकनीक का युग है, इसलिए नित नए परिवर्तनों के अनुसार खुद को ढालने के लिए आप तैयार रहें।

महिलाओं ने किया मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत, जाने क्या है वह फैसला

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड की देश और विश्वभर में एक अलग पहचान है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवों की भूमि है और देव भूमि में नाबालिग बच्चियों के साथ जघन्य अपराधों के लिये मृत्युदंड से कम सजा हो ही नहीं सकती। इस दौरान प्रदेशभर से आयी 300 से अधिक महिलाओं ने मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने विचार किया कि उत्तराखण्ड में छोटी मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों के लिए मृत्युदंड का कानून बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में वर्ष 2016 में 38947 रेप के केस दर्ज किए गए, जिनमें से 33628 में ही चार्जसीट दर्ज हो सकी। इनमें से 18552 में ट्रायल पूरी हुई एवं 4739 में सजा हो पाई। छोटी-छोटी बालिकाओं के साथ रेप जैसे जघन्य अपराधों के लिए मृत्यु दंड से कम सजा नहीं हो सकती।

अपराधी के मन में मौत का भय आना ही इस कानून का मकसद है। मुख्यमंत्री ने कहा इसके लिए मां को मजबूत होना आवश्यक है। मां मजबूत होगी तो परिवार मजबूत होगा। हमारी बच्चियां ऐसे हालात का मुकाबला कर सके इसके लिए हमें उन्हें मजबूत बनाना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस आधुनिक युग में सिर्फ नौकरी का इंतजार करना ठीक नहीं। आज के युवाओं को स्वरोजगार की ओर बढ़ना होगा। राज्य सरकार द्वारा इसके लिए छोटी सी शुरुआत की है। महिला स्वयं सहायता समूह की सहायता से देवभोग प्रसाद तैयार कर प्रदेश के मंदिरों में वितरित किया जा रहा है।

केदारनाथ में सवा करोड़ का देवभोग प्रसाद बेचा गया। उन्होंने कहा कि हमने 110 महिलाओं को एलईडी लाइट बनाने का प्रशिक्षण दिया है। हमारी महिला बहनों ने इसमें बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। इनके द्वारा निर्मित उत्पाद बहुत ही सस्ता एवं टिकाऊ है। जहां अन्य उत्पादों की एक साल की वारंटी है, हमारी बहनों द्वारा तैयार उत्पाद की दो साल की वारंटी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पिरूल नीति तैयार की गई है। इस में महिला समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई है जिसमें देश की 40 प्रतिशत आबादी को हेल्थ कवरेज दिया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार में प्रदेश के सभी नागरिकों को हेल्थ कवरेज देने का फैसला किया है। प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति देश के किसी भी हॉस्पिटल में इलाज करा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जानकारी के अभाव में प्रदेश की बहुत सी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को नहीं मिल पाता। हम सभी का प्रयत्न होना चाहिए, ऐसे पात्र लोगों को इसकी जानकारी देकर उनकी सहायता करें।

किसी भी जाति का प्रशिक्षित व्यक्ति बन सकता है मंदिर में पुजारी

हाईकोर्ट नैनीताल ने साफ किया है कि राज्य के एससी-एसटी व अन्य निम्न वर्ग के लोगों को किसी भी मंदिर में प्रवेश से रोका नहीं जाएगा। उच्च कुलीन पंडित निम्न जाति के लोगों को मंदिर में पूजा के लिये रोक नहीं सकते है। कोर्ट ने यह भी कहा कि एक प्रशिक्षित व योग्य व्यक्ति ही मंदिर का पुजारी बन सकता है। फिर चाहे वह किसी भी जाति का क्यों न हो।

राजस्थान निवासी पुखराज और अन्य ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि हरिद्वार हर की पैड़ी में अर्धकुंभ के दौरान बनाई गई सीढ़ियां संत रविदास मंदिर को जोड़ती हैं। इन सीढ़ियों के बनने से मंदिर को बहुत नुकसान हुआ है और लोगों को मंदिर दर्शन से वंचित रहना पड़ रहा है। 2016 में सरकार के आदेश के बाद रविदास मंदिर की सीढ़ियां 42.17 लाख रुपये खर्च कर फिर से बनाई जा रही हैं। जिससे मंदिर को फिर नुकसान हो रहा है और यह सरकारी धन का दुरुपयोग भी है। वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ ने गुरुवार को इस मामले का विस्तृत संदर्भ लेते हुए एससी-एसटी वर्ग के व्यक्तियों के प्रवेश व पूजा को लेकर भी आदेश पारित किया है। खंडपीठ ने जिला प्रशासन हरिद्वार को सीढ़ियां हटाने से पहले नगर निगम व एससी-एसटी वर्ग के लोगों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए।

डेढ़ माह में हरिद्वार की सभी सड़क, गलियों व पैदल मार्गो से अतिक्रमण हटाने, चंडीघाट, चंडी पुल पर अवैध कब्जे विशेष अभियान चलाकर हटाने को कहा है। जिलाधिकारी हरिद्वार को गंगा घाट की सफाई सुनिश्चित करने, कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त गढ़वाल को उन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जिनके कार्यकाल में अतिक्रमण हुआ। हर की पैड़ी में संत रविदास का उचित रखरखाव व सौंदर्यीकरण तीन माह में किया जाए।

वहीं पूर्व राज्यसभा सदस्य व भाजपा नेता तरूण विजय ने मंदिरों में पुजारी की नियुक्ति को लेकर हाइकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अब इस संबंध में हिंदू संगठनों को आगे आकर सेतु बनने का कार्य करना चाहिए।

मनोरंजन से भरपूर रेडियो चैनल उत्तराखंड में हुआ लांच

रेड एफएम 93.5 रेडियो चैनल का शुभारंभ मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने किया। यह रेडियो चैनल राज्य का पहला रेडियो चैनल है। यह रेडियो चैनल राज्य में 24 घंटे लोगों को मनोरंजन प्रदान करेगा। साथ ही कई सामाजिक मुद्दों पर भी प्रकाश डालेगा।

देहरादून के कौलागढ़ रोड स्थित साउथ एशिया एफएम लिमिटेड के कार्यालय से रेड एफएम 93.5 रेडियो चैनल का बुधवार को शुभारंभ हो गया। मुख्यमंत्री ने राज्य के पहले इस निजी रेडियो चैनल का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने रेडियो चैनल की टीम को बधाई व शुभकामना देते हुए कहा कि रेड एफएम 93.5 का उत्तराखण्ड व देहरादून में पहला रेडियो स्टेशन है।

उन्होंने उम्मीद जतायी कि रेड एफएम 93.5 मनोरंजन के साथ-साथ, विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सामाजिक चेतना लाने में अहम भूमिका निभायेगा। साथ ही राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं व नीतियों को लोगों तक पहुंचाने में कारगार सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर एफएम रेडियो चैनल से उत्तराखण्ड की रमणीय, सौन्दर्य, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक विशेषताएं और अधिक उजागर होंगी। रेडियो चैनल की शुरूआत से राज्य के ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं, जो रोचक तरीके से रेडियो पर प्रस्तुतिकरण दे सकते हैं, के लिए नये अवसर मिलेंगे।

विदित हो कि इस रेडियो स्टेशनक की फ्रीक्वेंसी 48 किलोमीटर तक की रहेगी। शुरूआती दौर में देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, मंसूरी और विकासनगर के अलावा कई अन्य शहरों को इसका लाभ मिलेगा। यह रेडियों चैनल पांच आरजे की टीम वाला है। जिसे लीड आरजे काव्य करेंगे।