विद्यालय विशेष बच्चों के लिये अलग से हॉस्टल बनायें

शारीरिक व मानसिक रूप से विकलांग व विशेष आवश्यकता वालें बच्चों पर हाईकोर्ट नैनीताल ने आदेश पारित किया है। इस आदेश में इन बच्चों के लिये विद्यालय को विशेष सुविधायें मुहैया करायी जायेंगी। साथ ही विद्यालयों को अलग से शिक्षकों की नियुक्ति करने व अलग हॉस्टल बनाये जाने के आदेश दिए गये है।

वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ ने कमल गुप्ता के पत्र पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने पत्र में कहा था कि प्रदेश के विद्यालयों में दिव्यांगों व विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा के लिए कोई सुविधा नहीं है। जिस कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संविधान के अनुच्छेद 21 ए में छह से 14 साल तक के बच्चों को निरूशुल्क व अनिवार्य शिक्षा की बात कही गई है। खंडपीठ ने पिछले दिनों मामले में सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

हाईकोर्ट ने जरूरतमंद बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति करने तथा बच्चों को हर माह एक हजार छात्रवृत्ति प्रदान करने के आदेश पारित किए हैं। आदेश में यह भी कहा है कि सरकार ऐसे बच्चों को शैक्षणिक सत्र से पहले यूनीफार्म, किताबें उपलब्ध कराई जाएं। राज्य सरकार विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए एक साल के भीतर राज्य के चार जिलों में छात्रवास बनाए। जिन विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के अभिभावक उनकी जरूरतें पूरी नहीं कर सकते, ऐसे अभिभावकों की मदद सरकार करे। सरकार सरकारी, गैर सरकारी, सहायता प्राप्त व गैर सहायता प्राप्त विद्यालयों के दिव्यांग बच्चों को स्वतंत्र विचरण के लिए मुफ्त में ट्रांसपोर्ट सुविधा प्रदान करे।

राज्य को मिली आईडीपीएल की 833 एकड़ भूमि

इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (आईडीपीएल) की 899.53 एकड़ भूमि से 833.25 एकड़ भूमि केंद्र ने राज्य सरकार को सौंप दी है। विदित हो कि इस भूमि में से 200 एकड़ भूमि राज्य सरकार एम्स ऋषिकेश को देने का एलान कर चुकी है तथा शेष भूमि पर राज्य सरकार कन्वेंशन सेंटर बनायेगी।

मंगलवार को देहरादून के निकट डोईवाला में सिपेट का उद्घाटन करने पहुंचे केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को दस्तावेज सौंपने के बाद कहा कि आइडीपीएल का संचालन केंद्र सरकार पूर्ववत करती रहेगी।

उन्होंने राज्य को सौंपी गयी शेष भूमि में से 200 एकड़ भूमि ऋषिकेश एम्स के विस्तार के लिए प्रदान करने का आग्रह किया। जबकि शेष भूमि पर विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर खोलने की योजना को आगे बढ़ाने की सहमति दी।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस जमीन पर सरकार आगामी पांच वर्षों में विश्व स्तरीय कन्वेंशन सेंटर का निर्माण करेगी। जिससे राज्य में पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।

साईबर सुरक्षा केंद्र से राज्य में साईबर क्राइम पर रोक लगेगीः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र भारत का पहला प्रशिक्षण केंद्र हैं। पॉलीटेक्निक कॉलेजों का सेलेक्शन कर उनमें भी ड्रोन एप्लीकेशन प्रोग्राम द्वारा प्रशिक्षित किया जायेगा। साईबर सुरक्षा केंद्र की स्थापना से प्रदेश में साईबर क्राइम पर नजर रखने एवं अपराधियों को पकड़ने में पुलिस को मदद मिलेगी। यह बात मुख्यमंत्री ने देश के पहले ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र के उद्घाटन समारोह के दौरान कही।

एनटीआरओ के अध्यक्ष आलोक जोशी ने कहा कि साईबर सिक्योरिटी एवं ड्रोन एप्लिकेशन स्मार्ट पुलिस का एक कान्सेप्ट है। देहरादून में साईबर सिक्योरिटी एवं ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर बनाना जरूरी था। उन्होंने कहा कि साईबर सिक्योरिटी किसी एक संस्था के भरोसे नहीं चल सकता है। इसके लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षित करना जरूरी है। एनटीआरओ हमेशा पुलिस को सहयोग करने के लिए तैयार है। यह सेंटर आने वाले समय में ड्रोन एक्टिविटी एवं रिसर्च के लिए हब बनेगा।

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि साईबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही है। साईबर क्राइम से बचने के लिए उत्तराखण्ड के सामने अनेक चुनौतियां हैं। ड्रोन एप्लिकेशन अनुसंधान केन्द्र एवं साईबर सुरक्षा केन्द्र की स्थापना से उत्तराखण्ड को इस क्षेत्र में अच्छा अवसर मिला है।

ड्रोन अनुसंधान प्रयोगशाला एवं प्रशिक्षण केन्द्र के लिए उत्तराखण्ड सरकार एवं एनटीआरओ के बीच दिसम्बर, 2017 में एमओयू हस्ताक्षर किया गया। जिसमें ड्रोन अनुप्रयोग एवं अनुसंधान के लिये अत्याधुतिक केन्द्र की स्थापना ड्रोन संचालन हेतु उच्च तकनीकी के प्रशिक्षण सुविधा केन्द्र की स्थापना, वन सर्वेक्षण, आपदा राहत एवं बचाव संचालन क्षेत्र में ड्रोन अनुप्रयोग को विकसित कर सामर्थ्य बनाने में तकनीकी सुविधा प्रदान करना है। ड्रोन अनुसंधान प्रशिक्षण केन्द्र के माध्यम से सरकार, छात्रों, पुलिस, वन, आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा कार्मिकों को प्रशिक्षित किया जायेगा। ड्रोन प्रयोगशाला के माध्यम से कठिन एवं दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षा बल संचालन हेतु रियलटाइम सैटलाइट सूचना एकत्रित करने, वनों पर नजर रखने, वन तस्करों पर निगरानी रखने तथा आपदा प्रबन्धन इत्यादि में मदद प्राप्त होगी।

साईबर सिक्योरिटी प्रशिक्षण केन्द्र के लिये उत्तराखण्ड सरकार एवं राष्ट्रीय क्रिटिकल इनफॉरमेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर, भारत सरकार के मध्य दिसम्बर-2017 में एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। महत्वपूर्ण सूचना अवस्थापना एवं कार्यस्थल पर साईबर स्वच्छता को बेहतर करने में सहयोग प्रदान करना है। इसके अन्तर्गत पुलिस, सूचना प्रौद्योगिकी, सरकारी कार्मिकों एवं छात्रों को साईबर अपराध जाँच तथा साईबर सुरक्षा की बारीकियों पर प्रशिक्षित किया जायेगा।

इससे राज्य तथा देश में बढ़ते साईबर अपराध, साईबर धोखाधड़ी, साईबर धमकियों को पकड़ने में मदद मिलेगी तथा साथ ही राष्ट्र एवं राज्य में साईबर क्राइम पुलिस स्टेशन एवं साईबर अपराध जाँच एवं फरेन्सिक में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस संचार प्रशिक्षण केन्द्र में डिजिटल इन्वेस्टिगेशन ट्रेनिंग एवं एनालिसिस सेंटर का उद्घाटन एवं निरीक्षण किया।

यात्रियों से भरी बस में लगी आग, हादसा टला

राजस्थान की एक प्राइवेट बस मध्यप्रदेश के यात्रियों को लेकर तीर्थनगरी पहुचंी। जिसमें तहसील चौक के निकट आग लगने से हड़कंप मच गया। अगर मौके पर दलकल कर्मी न पहुंचते तो बड़ा हादसा हो सकता था।

सोमवार को मध्यप्रदेश के 55 यात्रियों का एक जत्था राजस्थान के चित्तौडगढ़ से ओम शांति ट्रेवल एजेंसी की बस से अमरनाथ दर्शन के लिए गया था। अमरनाथ दर्शन के बाद यह लोग इसी बस से ऋषिकेश-हरिद्वार के दर्शन के लिए आ गए। रविवार को यात्रियों ने हरिद्वार में विश्राम किया, जबकि सोमवार को जत्थे में शामिल 45 यात्री ट्रेवल एजेंसी की बस से ऋषिकेश घूमने के लिए आ गए।

बाइपास मार्ग पर तहसील तिराहे के समीप अचानक बस के पिछले टायर में आग लग गई। जिससे बस के भीतर भी धुंआ भरने लगा। बस चालक ने तिराहे समीप ही सड़क पर बस खड़ी कर दी। देखते ही देखते बस आग की लपटों से घिर गई और बस के चारों ओर से काला धुंआ उठने लगा। इससे बस में बस में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया।

इसको जहां से रास्ता मिला वह बाहर कूद गया। स्थानीय लोगों ने दमकल केंद्र को इसकी सूचना दी। घटनास्थल से चंद मिनट की दूरी पर स्थित दमकल केंद्र से तत्काल दमकल दस्ता मौके पर पहुंचा और करीब आधा घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। जिससे आग बस के ऊपरी हिस्से में नहीं पहुंची। सरेराह बस में लगी आग को देखने के लिए मौके पर भारी संख्या में भीड़ जमा हो गई। जिस जगह पर बस में आग लगी वहीं सड़क के दूसरी ओर पेट्रोल पंप भी स्थित है।

चित्तौडगढ़ राजस्थान की ओम शांति ट्रेवल एजेंसी की जिस बस में ऋषिकेश में आग लगी। उसमें तीन रसोई गैस सिलेंडर भी रखे हुए थे। बस के पिछले टायर में सबसे पहले आग लगी थी। जब दमकल की टीम आग बुझाने का प्रयास कर रही थी तो अधिकारियों ने बस के चालक पप्पू सिंह से बस में किसी तरह की ज्वलनशील वस्तु होने की बात भी पूछी, मगर चालक ने इन्कार कर दिया। मगर, जब आग पर काबू पाने के बाद दमकल कर्मियों ने पिछले टायर के ऊपर बनी डिग्गी को खोला तो तीन रसोई गैस सिलेंडर रखे मिले, जिससे बचाव दल के भी होश उड़ गए।

जिस डिग्गी में यह सिलेंडर रखे थे, वहां रसोई का अन्य सामान भी रखा था, जो आग से जल गया। इतना ही नहीं रसोई गैस सिलेंडर भी आग से काले पड़ गए थे। इस पर दमकल कर्मियों ने चालक को फटकार लगाई।

पेट्रोल पंप के अग्निशमन संयंत्र बेकार तहसील तिराहे पर बस में आग लगने के बाद आसपास के लोग सबसे पहले समीप ही स्थित पेट्रोल पंप से अग्निशमन यंत्र लेने पहुंचे। पेट्रोल पंप संचालकों ने स्थानीय लोगों को कुछ छोटे उपकरण थमा दिए। लोगों ने जब इन उपकरणों से आग बुझाने की कोशिश की तो गैस नहीं बल्कि बुरादा बाहर निकला। जब गौर से देखा तो पता चला कि सभी उपकरण की उपयोग तिथि समाप्त हो चुकी है। अनुमान लगाया जा सकता है कि अग्निशमन विभाग संवेदनशील संस्थानों में सुरक्षा को लेकर किस तरह गंभीर है।

22 जुलाई को ढाई लाख पौधे रोपने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मिशन रिस्पना से ऋषिपर्णा के लिये स्थानीय लोगों से जनसहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि इसी माह 22 जुलाई के दिन रिस्पना के उद्गम से मोथरोवाला तक एक ही दिन में 2.5 लाख से अधिक अनेक प्रजाति जैसे फलदार वृक्ष, चारा प्रजाति के व जल संरक्षण करने वाले पौधे रोपे जाएंगे।

22 जुलाई को होने वाले पौधरोपण, सामाजिक संगठनों, संस्थाओं व जन सहयोग से किये जायेंगे। कोसी नदी पर 1.5 लाख से अधिक पौधे लगाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारम्भिक चरण में रिस्पना एवं कोसी नदी को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा गया। इसके बाद अन्य नदियों को भी पुनर्जीवित किया जायेगा। आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित रखने के लिए जल संरक्षण की दिशा में विशेष प्रयासों की जरूरत है। इसके लिए सरकारी संस्थानों में रेन वाटर हॉर्वेस्टिंग की व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि जो लोग 22 जुलाई को रिस्पना नदी पर पौधरोपण नहीं कर पायेंगे व लोग ‘‘मेरा वृक्ष मेरी याद’’ के भाव से अपने घरों या उसके आसपास एक पौधा अवश्य लगाएं। जल संरक्षण के लिए पौधरोपण करना जरूरी है। हमें जो जल स्रोत सूख गये हैं, उन्हें पुनर्जीवित करना होगा। देहरादून को पूर्ण ग्रेविटी का पानी उपलब्ध कराने के लिए मार्च 2020 तक सौंग बांध बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जून 2019 तक सूर्यधार जल विद्युत परियोजना को पूर्ण करने का प्रयास किया जायेगा।

लोक गायिका कबूतरी देवी को नहीं मिल सका हैलीकॉप्टर, हो गयी मौत

उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक गायिका कबूतरी देवी का शनिवार को समय पर इलाज नहीं मिल पाने के कारण निधन हो गया। निधन के वक्त पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में भर्ती थी और उन्हें देहरादून में इलाज के लिये हैलीकॉप्टर से ले जाने का इंतजार किया जाता रहा। मगर, हैलीकॉप्टर की सुविधा नहीं मिल पाने से उनका निधन हो गया।

पिथौरागढ़ जिले के क्वीतड़ गांव की रहने वाली कबूतरी देवी प्रदेश की जानी मानी लोक गायिका थीं। गायन की कई विधाओं में माहिर लोक गायिका राज्य की सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन देश भर में कर चुकी हैं। 70 वर्ष की हो चुकी कबूतरी देवी का स्वास्थ शुक्रवार को अचानक खराब हो गया। परिजन उन्हें जिला चिकित्सालय लाए। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एसएस कुंवर ने उनके स्वास्थ की जांच की। जांच के बाद उन्होंने बताया कि कबूतरी देवी का ब्लड प्रेशर कम है और उनका हॉर्ट कमजोर हो रहा है।

उपचार के बाद हालत में हल्का सुधार होने के बाद उन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया है। इस दौरान नगर के तमाम लोगों ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर उनका हालचाल जाना। परिजन उन्हें हेलीकॉप्टर से देहरादून ले जाने का प्रयास कर रहे थे। शक्रवार सायं उन्हें हैलीकॉप्टर से देहरादून ले जाना था। शाम को हैलीकॉप्टर नही आया। शनिवार सुबह भी हेलीकॉप्टर नहीं पहुंचा और उनकी अस्पताल में ही मौत हो गई।

शनिवार सुबह छह बजे कबूतरी देवी को देहरादून ले जाने के लिए जिला अस्पताल से चार किमी दूर नैनीसैनी हवाई पट्टी पहुंचाया गया। जहां पर लगभग तीन घंटे प्रतीक्षा करने के बाद भी हेलीकॉप्टर नही पहुंचा। इस बीच कबूतरी देवी की तबीयत खराब हो गई और उन्हें वापस जिला अस्पताल लाया गया। जहां आईसीयू में रखा गया। बाद में चिकित्सको ने उनका परीक्षण करने के बाद मृत घोषित कर दिया।

सूचना मिलते ही लोग अस्पताल में जुटने लगे है। प्रशासन की ओर से एसडीएम नायब तहसीलदार पहुंचे। वहीं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। लोगों का कहना था कि यदि समय रहते हेलीकॉप्टर की व्यवस्था हो जाती तो कबूतरी देवी की जान बच सकती थी।

सीएम त्रिवेन्द्र ने की राज्य में फार्मा उद्योग की प्रगति पर समीक्षा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को कहा कि महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये सेलाकुई चौकी को थाना बनाया जायेगा। साथ ही यहां महिला पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाई जायेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को सचिवालय में राज्य में फार्मा उद्योग की प्रगति की समीक्षा के दौरान उक्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने युवाओं में नशे के बढ़ते प्रचलन पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि जल्द से जल्द दवाईयों की जांच व नशे के व्यापार करने वालो पर कड़े नियन्त्रण हेतु पर्याप्त संख्या में ड्रग्स इन्सपेक्टरों की व्यवस्था की जाए।

सचिव स्वास्थ्य ने जानकारी दी कि राज्य की स्थापना के समय मात्र 1500 मेडिकल स्टोर थे जिनकी वर्तमान में संख्या 15000 तक पहुंच गई है। राज्य में 80 ड्रग्स इन्सपेक्टरों की आवश्यकता है। जबकि वर्तमान में मात्र चार ड्रग्स इन्सपेक्टर कार्यरत है। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि राज्य की दुर्गम पहाड़ी स्थिति को ध्यान में रखते हुए फार्मा उद्योग हेतु मशीनरी, कच्चा माल एवं पैकिंग के कारण दवाईयंो की लागत बढ़ने की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए फार्मा इकाईयों को माल भाडे में अनुदान के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने सचिव ऊर्जा तथा ऊर्जा निगमों के अधिकारियो को फार्मा उद्योगो को अबाधित बिजली आपूर्ति पर विशेष ध्यान देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने हरिद्वार में एक्सपोर्ट हब स्थापित करने की संभावनाओं पर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्यात की जाने वाली दवाईया अर्न्तराष्ट्रीय गुणवता मानकों पर खरी उतरे इसके लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाए स्थापित करने हेतु प्रस्ताव पर विचार किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि फार्मा उद्योग तथा बायो डायवर्सिटी बोर्ड के मध्य समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु शीघ््रा बैठक आयोजित की जाए। देहरादून के सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र व फार्मासिटी होने के कारण यहां पर महिला श्रमिकों की संख्या बहुत अधिक हैं।

सेलाकुई फार्मासिटी में महिला सुरक्षा के मुद्ये पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने वरिष्ठ पुलिस अघीक्षक देहरादून को निर्देश दिए कि सेलाकुई चौकी को थाने में तब्दील किया जाय तथा थाने में पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि दवा निर्यात बढाने तथा अत्याध्ुानिक इकाईयो, प्रयोगशालाओं व अन्य सुविधाओं की स्थापना हेतु औद्योगिक भूमि की आवश्यकता को देखते हुए अन्य ऐसे उद्योग या अस्पताल जिन्हें सरकार द्वारा पूर्व में भूमि आवटित की गई थी। परन्तु जिसका उपयोग पिछले 10 वर्ष से नही हुआ, ऐसे खाली पडे भूखण्डों की सूचना एकत्र की जाए।

प्रशासन की कार्यवाही से बेरोजगार हुये राफ्टिंग व्यवसायी

कोर्ट के राफ्टिंग व अन्य जल क्रीडाओं पर रोक लगाने के बाद इससे जुड़े व्यवसायियों के सम्मुख बड़ा संकट आ खड़ा हुआ है। रोक लगने के बाद यह सभी बेरोजगार हो गये है। अब इन्हें शासन के अगले कदम का इंतजार है।

गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति टिहरी गढ़वाल की चुप्पी से राफ्टिंग व्यवसायियों में नाराजगी है। मुनिकीरेती कौड़ियाला इको टूरिज्म जोन में 281 राफ्टिंग कंपनियां गंगा नदी क्षेत्र में राफ्टिंग का संचालन करती आई हैं। कोर्ट के आदेश के बाद शासन के फैसले से इन सभी व्यवसायियों ने अपना सामान समेट लिया है।

शासन द्वारा राफ्टिंग के क्षेत्र में नियमों का पालन और पर्यटकों की सुविधाओं के लिए गंगा नदी राफ्टिंग पर्यटन समिति टिहरी गढ़वाल का गठन किया गया था। जिसमें जिलाधिकारी टिहरी अध्यक्ष, उप जिलाधिकारी नरेंद्रनगर उपाध्यक्ष और जिला पर्यटन अधिकारी को सचिव बनाया गया था। प्रति पर्यटक बीस रुपया शुल्क समिति वसूल रही थी। राफ्टिंग में रोक के बाद राोफ्टग व्यवसायियों को समिति से काफी उम्मीदें थी। मगर समिति की चुप्पी इनकी नाराजगी बढ़ा रही है।

उत्तराखंड फाइनेस्ट आउटडोर (यूएफओ) से जुड़े राफ्टिंग व्यवसायियों ने बैठक कर गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति से संबंधित मामले में न्यायालय में पैरवी करने की मांग की है। कैलाश गेट में यूएफओ के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में बेरोजगार हुए राोफ्टग व्यवसायियों ने कहा कि प्रबंधन समिति ने पर्यटकों से जो राजस्व वसूली की है वह करीब एक करोड़ रुपये है। समिति द्वारा राफ्टिंग में आए पर्यटकों की निगरानी और सुविधाओं पर जो खर्च करना था वो नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जब राफ्टिंग व्यवसायी ही नहीं रहेगा तो प्रबंधन समिति का औचित्य क्या रह जाता है। बैठक में इन व्यवसायियों ने जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से अपनी बात रखने का निर्णय लिया। कहा कि राफ्टिंग के कारण जाम लगने की बात कही जा रही है, लेकिन दो दिन से राफ्टिंग बंद है तो अब कैसे जाम लग रहा है।

पीएम बोले, योग ने दुनिया को वैलनेस का रास्ता दिखाया

अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर देहरादून के एफआरआई मैदान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हजारों योग साधकों के बीच बैठकर योगाभ्यास किया। उन्होंने कहा कि आज विश्व का हर नागरिक व देश योग को अपना रहा है। यह हिन्दुस्तान की जनता के लिए बहुत बड़ा संदेश है कि हम उस महान परम्परा की विरासत को संजोय हुए है। आज योग ने सिद्ध कर दिया है कि हिन्दुस्तान ने फिर से एक बार योग के सामर्थ्य से दुनिया को जोड़ दिया है। योग ने दुनिया को वैलनेस का रास्ता दिखाया है। यही वजह है कि दुनिया भर में योग की स्वीकार्यता इतनी तेजी से बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एफआरआई मैदान से दुनियाभर के योग प्रेमियों को चौथे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुये कहा कि योग दिवस पर हम सभी का इस तरह एकत्रित होना, किसी सौभाग्य से कम नहीं। उत्तराखंड तो वैसे भी अनेक दशकों से योग का मुख्य केंद्र रहा है। यहां के ये पर्वत स्वतः ही योग और आयुर्वेद के लिए प्रेरित करते हैं। सामान्य से सामान्य नागरिक भी जब इस धरती पर आता है, तो उसे एक अलग तरह की, एक दिव्य अनुभूति होती है। इस पावन धरा में अद्भुत स्फूर्ति है, स्पंदन है, सम्मोहन है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब यूनाइटेड नेशन्स में योग के लिए प्रस्ताव रखा तो, यह पहला ऐसा प्रस्ताव था जिसको दुनिया के सर्वाधिक देशों ने कॉस्पान्सर किया। ये पहला ऐसा प्रस्ताव था जो जब यूनाइटेड नेशन्स के इतिहास में सबसे कम समय में स्वीकृत हुआ। आज विश्व का हर नागरिक, हर देश योग को अपना मानने लगा है और अब हिन्दुस्तान के लोगों के लिए एक बहुत बड़ा संदेश है कि हम उस महान विरासत के धनी है, हम उन महान परम्परा की विरासत को संजोय हुए है। आज योग ने सिद्ध कर दिया है कि हिन्दुस्तान ने फिर से एक बार योग के सामर्थ्य से दुनिया को जोड़ दिया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि चतुर्थ अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस की मेजबानी का अवसर उत्तराखण्ड को मिला और प्रधानमंत्री के सानिध्य में योग करने का सौभाग्य मिला यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से आज हम 21 जून को विश्व भर में योग दिवस मना रहे है। उन्होंने कहा योग हमारे पुरातन परम्परा की अमूल्य देन है। योग मन, शरीर, विचार, कर्म, संयम और उपलब्धि की एकाग्रता तथा मानव प्रकृति के बीच सामंजस्य का मूर्त रूप है। योग स्वास्थ्य और कल्याण का समग्र दृष्टिकोण है। योग केवल व्यायाम न होकर अपने आप से वह प्रकृति के साथ तादात्म्य को प्राप्त करने का माध्यम है। यह हमारी जीवनशैली में परिवर्तन लाकर तथा हममें जागरूकता उत्पन्न करके जलवायु परिवर्तन में लडने में सहायक सिद्ध हो सकता है। प्रधानमंत्री के इस संकल्प को लेकर सारे देश एकजुट हो गये।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री का देवभूमि से गहरा लगाव है। हम यहां पूरे वर्ष चारधाम यात्रा कर सके, इसके लिए उन्होंने हमे ऑल वैदर रोड जैसा तोहफा राज्य को दिया है। केदारनाथ का नवनिर्माण प्रधानमंत्री के मागदर्शन में हो रहा है। देवभूमि में रेल और सड़क का विस्तार तेजी से हो रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखण्ड में निर्मित गुलाब का तेल भेंट किया।

आमजन के सहयोग से ही गंगा होगी स्वच्छः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि गंगा को स्वच्छ व निर्मल बनाने के लिये आम जनता को सहयोग बहुत आवश्यक है। यह बात मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश स्थित चंद्रेश्वर घाट में परमार्थ निकेतन के सौजन्य से निर्मित सीवरेज ड्रेन री-मीडिएशन प्रोजेक्ट के उद्धाटन के दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परमार्थ निकेतन द्वारा सीवरेज के पानी को स्वच्छ बनाने के लिए उपयोग की जा रही हालैंड से आयातित तकनीक कम खर्च पर पानी को स्वच्छ बनाने में सक्षम है। इस तकनीक का उपयोग प्रायोगिक तौर पर चंद्रभागा नदी के माध्यम से गंगा नदी में मिलने वाले सीवरेज को साफ करने में किया जाएगा। यह तकनीक कारगर साबित होने पर इसे गंगा नदी से जुड़े अन्य सीवरों में भी स्थापित किया जाएगा। जिन नदियों को पार करने में बदबू के कारण लोगों को परेशानी होती थी। वर्ष 2020 तक इन्हें इतना स्वच्छ कर दिया जाएगा कि उन स्थानों पर सेल्फी खिंचवा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोमुख से समुद्र तट पर 2500 किलोमीटर लंबी विश्व प्रसिद्ध नदी गंगा को स्वच्छ बनाने में आमजन के साथ अन्य संस्थाओं को भी आगे आना होगा। ताकि गंगा नदी को स्वच्छ व साफ रखा जा सके। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश विश्व योग की राजधानी के रूप में स्थापित हुआ है, जो कि हमारे राज्य व देश के लिए गौरव की बात है।

विश्व प्रसिद्धि रखने वाले इस सुंदर शहर को स्वच्छ रखना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है, जिसमें विभिन्न संस्थाओं का सहयोग अपेक्षित है। स्वच्छ गंगा की स्वच्छता व साफ सफाई से जुड़े अधिकारियों के कार्य की निरंतर समीक्षा की जाएगी। इस अवसर पर स्वामी चिदानंद महाराज ने कहा कि गंगा इस देश की धरोहर है। इस को स्वच्छ रखना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली निवासी विकास द्वारा एक वीडियों पिछले दिनों वायरल हुयी थी। जिसे हमने संज्ञान में लेकर गंगा पर गिर रहे इस नाले के दूषित पानी को स्वच्छ कर गंगा में मिलाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि हम सीवर प्वाइंट को सेल्फी प्वाइंट बनाएंगे और बुधवार को प्रोजेक्ट के उद्धाटन अवसर मुख्यमंत्री ने सेल्फी लेकर इसका शुभारंभ किया।