सीसी मार्ग हेतु पानी की कमी न हो, इसका रखे ध्यानः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकास कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पेयजल, सिंचाई, विद्युत एवं सड़कों की अद्यतन स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देष दिए कि सड़कों की गुणवत्ता पर विषेष ध्यान दिया जाए। विभाग द्वारा बनाये जाने वाले पुलों और सड़कों का कार्य तय समय सीमा के अंदर पूर्ण कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीसी मार्ग हेतु पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। साथ ही आवष्यकता के अनुसार सड़कों को बंद भी रखा जाए, ताकि सड़कों की मजबूती बनी रहे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सिंचाई विभाग को निर्देष दिए कि सूर्यधार झील को इस प्रकार से बनाया जाए, ताकि यह झील भविष्य में टूरिस्ट डेस्टिनेषन के रूप में विकसित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने जल संस्थान को ऐसे क्षेत्रों, जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या आ सकती है, को चिन्हित करने के निर्देष दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देष दिए कि सिंचाई विभाग, जल निगम और जल संस्थान आदि आपस में समन्वय बैठा कर कार्य करें, ताकि पानी की समस्या को समाप्त किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में ग्रीष्मकाल में पानी की समस्या हो सकती है उन क्षेत्रों की योजनाओं को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास कार्यों को करने में संबंधित विभागों को आपस में समन्वय बैठा कर कार्य करना चाहिए, ताकि भविष्य में कार्य में बाधा उत्पन्न न हो।

डाटकाली टनल में दिखेगी उत्तराखंड की संस्कृति

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा देहरादून में निर्माणाधीन अजबपुर, आईएसबीटी के फ्लाई ओवर तथा डाटकाली टनल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था को निर्देष दिये कि निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि के अन्दर पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि समयबद्धता एवं गुणवत्ता का विषेष ध्यान रखा जाए। कार्य की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाष्त नहीं की जायेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कार्यदायी संस्था को अजबपुर के फ्लाई ओवर का कार्य जुलाई 2018 तक पूर्ण करने के निर्देश दिये। कार्यदायी संस्था द्वारा अजबपुर फ्लाई ओवर के ऊपर विद्युत लाईन के होने के कारण कार्य में परेषानी होने के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने इस सम्बंध में सचिव ऊर्जा को आवष्यक कार्यवाही के निर्देष दिए।
आईएसबीटी के फ्लाई ओवर के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देष दिये कि जन-सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कार्य में तेजी लायी जाए। उन्होंने कहा कि जो भी फ्लाई ओवर बनाये जा रहे हैं, उनके दोनो तरफ सौन्दर्यीकरण कार्य भी किया जाए। इस अवसर पर उन्होंने मोहकमपुर के फ्लाई ओवर की कार्यप्रगति की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस से पूर्व दोनों फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि इनका निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लोगों को चौराहों पर लगने वाले जाम से निजात मिलेगी।

इसके उपरान्त मुख्यमंत्री ने डाटकाली टनल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि टनल का निर्माण कार्य एक वर्ष के अन्दर पूर्ण कर लिया जाए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था को निर्देष दिये कि टनल के प्रवेष द्वारो की दीवारों पर इस तरह सौन्दर्यीकरण किया जाए कि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विषेषताओं की झलक एक साथ पर्यटकों को दिखाई दे। देवभूमि एवं वीरभूमि उत्तराखण्ड की संस्कृति की झलक दिखाने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाए।

जिस्म का सौदा करते थे मां-बेटा, गिरफ्तार

कोतवाली पुलिस ऋषिकेश ने जिस्मफरोसी के आरोप में देहरादून के एक मां और उसके बेटे को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार मां ने कबूल किया कि वह अपने पति की मौत के बाद से ही जिस्मफरोसी के धंधे में लग गयी थी। वहीं पुलिस ने उनके कब्जे से दो युवतियों को मुक्त कराया है।

देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश में जिस्मफरोसी का धंधा चलाने वाली लक्खीबाग देहरादून निवासी एक मां और उसके बेटे को पुलिस ने देहरादून रोड़ नटराज चौक से गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से आजादपुर दिल्ली निवासी दो युवतियों भी बरामद हुयी है। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग की टीम के मुख्य उप निरीक्षक प्रदीप रावत को यह सूचना मिली कि मंजू नाम की एक महिला कुछ युवतियों को दिल्ली से लाकर ऋषिकेश, देहरादून और हरिद्वार में देह व्यापार करवा रही है।

पुलिस टीम ने बुधवार को देहरादून रोड नटराज चौक पर वाहनों की चेकिंग शुरू की। इस दौरान यह स्विफ्ट डिजायर कार आती दिखी, जिसे पुलिस ने रोक लिया। कार में दो युवतियां और मां-बेटे बैठे हुये थे। पूछताछ में आजादपुर दिल्ली निवासी इन युवतियों ने बताया कि एक वर्ष पूर्व उनका संपर्क मंजू नामक इस महिला से हुआ। मंजू ने उन्हें अच्छी नौकरी दिलाने के बहाने देहरादून बुलाया था। तब से मंजू हमें देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश में ग्राहकों के पास भेजकर जिस्मफरोसी करवा रही है। इस काम में उसके बेटे ऋषभ का भी पूरा हाथ है। युवतियों ने बताया कि बुधवार को देहरादून जा रहे थे। पुलिस के अनुसार मंजू ने बताया कि उसके पति की मौत के बाद वह इस धंधे में लग गई। पुलिस ने मंजू पत्नी स्वर्गीय आदर्श कुमार और उसके पुत्र ऋषभ दोनों निवासी 315 रामनगर लक्खीबाग कोतवाली देहरादून को जिस्मफरोसी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

राज्य में तो विरोध करने की परंपरा सी बन गयीः त्रिवेन्द्र

इन दिनों मेडिकल कोर्स की फीस को लेकर भारी विरोध देखने को मिल रहा है। जिस पर प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने सरकार का इस संबंध में रूख बयां करते हुये कहा कि प्राइवेट निवेशक कॉलेज निर्माण से लेकर अन्य खर्चों की भरपाई स्वयं उठाते है। इसके लिये सरकार की ओर से उन्हें कोई अनुदान नहीं दिया जाता है। तो ऐसे में हम उन्हें हतोत्साहित नहीं कर सकते है। प्रदेश में कई ऐसे अभिभावक है, तो इन फीस को भरने में सक्षम है, तो निवेशकों को हतोत्साहित नहीं करना चाहिए।

सरकार ने हाल ही में हुए बजट सत्र में उत्तराखंड अनुदानित निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थाओं (प्रवेश तथा शुल्क निर्धारण विनियम) (संशोधन) विधेयक-2018 पारित किया है। इस संशोधित विधेयक में निजी मेडिकल कॉलेजों को फीस निर्धारण का अधिकार दिया गया है। इससे पहले निजी मेडिकल कॉलेजों के लिए फीस का निर्धारण हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति के जिम्मे था। अब विधेयक के एक्ट का स्वरूप लेते ही निजी मेडिकल कॉलेजों में फीस वृद्धि का रास्ता भी तकरीबन साफ हो गया है। निजी मेडिकल कॉलेजों ने फीस वृद्धि की कसरत शुरू कर दी है। प्रदेश में इसका विरोध भी शुरू हो गया है। इस संबंध में बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने साफगोई के साथ सरकार का पक्ष रक्षा।

उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में ऐसे बच्चे या अभिभावक आते हैं जो खर्च कर सकते हैं तो उन्हें लगता है कि निजी मेडिकल कॉलेजों के क्षेत्रों में पूंजी निवेशकों को रोकना नहीं चाहिए। प्रदेश में तमाम निजी कालेज हैं और कई निवेशक निजी कॉलेज खोलने के लिए आवेदन कर रहे हैं। अगर हम इन्हें रोकते हैं तो राज्य का अहित होता है। प्रदेश में इस मसले पर चल रहे विरोध पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विरोध हर चीज का होता है चाहे अच्छा किया जाए या बुरा। विरोध करना राज्य की परंपरा सी बन गई है।

सरकार जनता के अनुरूप ही कार्य कर रही

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रायपुर विधानसभा क्षेत्र में 102 करोड़ के कार्यो का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने जनता से अपील की कि रिस्पना से ऋषिपर्णा मिशन के अर्न्तगत शीघ््रा ही व्यापक जनभागीदारी से रिस्पना नदी के तटों पर एक ही दिन में लगभग ढाई लाख पौधे लगाये जायेगे। कोसी व रिस्पना नदियों को पुनर्जीवित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण करने की अपील की। कहा कि रिस्पना के उद्गम स्थल लंढौर से राजपुर तक लगभग ढाई लाख पौधों में 30 प्रतिशत फलदार वृक्ष होंगे। पौधे ऐसे लगाए जाएंगे जो भू जलस्तर को सुधारने में सहायक हो।

त्रिवेन्द्र ने कहा कि भ्रष्टाचार की दीमक को नष्ट करना ही होगा। इसके लिए लगातार प्रयास करने होंगे। भ्रष्टाचार के खिलाफ जो लड़ाई सरकार द्वारा शुरू की गई है वह जारी रहेगी। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेन्स की नीति अपनाई गई है। एसआईटी सही दिशा में काम कर रही हैं। शिक्षा विभाग में भी फर्जी डिग्री के कई मामले पकड़े गए है। खनन राजस्व में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। परिवहन विभाग 150 करोड़ रूपये की लाभ की स्थिती में है। ऊर्जा निगमों के लाभ में भी वृद्धि हुई है। राज्य सृद्ढ़ कानून व्यवस्था की दृष्टि से देश में दूसरे स्थान पर है। समय पर उचित उपचार मिलने से दुर्घटना के बाद मौतों में कमी आई हैं। जनता ने सरकार में जो विश्वास जताया है, सरकार उसी दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि इस बार गैरसैंण में विधानसभा सत्र ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण रहा। भविष्य में राज्य के आर्थिक व सामाजिक विकास की दिशा तय करने में वित सत्र सबसे महत्वपूर्ण होता हैं। इस बार के बजट में राज्य के युवाओं, सैनिकों, किसानों, महिलाओं की व्यापक भागीदारी रही। यह बजट पूरी तरह से सर्वसमावेशी बजट है। बजट राज्य के चहुमुखी विकास को सुनिश्चित करेगा।

लोस, विस के बाद निकाय चुनाव में भी करें भाजपा का समर्थन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि नगर निगमों को 1500 करोड़ रूपये दिये गये है। 2000 कर्मियों की भर्ती भी नगर निकायों में की जाएगी। जिसमें पर्यावरण मित्र तथा अन्य स्टाफ होगा। नगर निकायों में जो नए क्षेत्र मिलाए गए है, आने वाले 10 सालों तक उनसे कोई टैक्स ( होम टैक्स आदि) नहीं लिया जायेगा। 

उन्होंने जनता से अपील की, कि जिस तरह से लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को समर्थन दिया, उसी तरह आने वाले निकाय चुनाव में भी दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निकाय में दो हजार स्टाफ की भर्ती करने जा रही है। जिसमें पर्यावरण मित्र व अन्य स्टाफ होगा। कार्यक्रम के दौरान परिसीमन के बाद 24 निकायों में सीमा विस्तार की नाराजगी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने टैक्स माफी और विकास कार्यो को गति देने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि सरकार जीरो टोलरेंस पर काम कर रही है। ऐसे में राज्य को लोकायुक्त की जरूरत महसूस नहीं होगी। इसके शुरुआती परिणाम देखने को मिल रहे हैं। गैरसैंण में बजट सत्र को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की जरूरतों के अनुरूप राज्य का बजट तय हुआ है। इस बजट से राज्य के विकास को नई गति मिलेगी। भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार काम कर रही है। इसमें जनता का सहयोग चाहिए। उन्होंने कहा कि एनएच मुआवजा घोटाले में फंसे लोग अब कार्रवाई की डर से पैसा वापस कर रहे हैं। अब तक दो करोड़ रुपये वापस आ गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द पानी की समस्या खत्म होगी। सभी को ग्रेविटी वाटर का लाभ दिया जायेगा। देहरादून के 43 गांवों में इसकी शुरुआत की जा रही है। इससे 60 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष बिजली का खर्चा बचेगा, और जनता को स्वच्छ जल उपलब्ध हो सकेगा।

पाकिस्तान को नहीं मिल पायेगा भारत का पानी

केंद्रीय जल संसाधन एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पाकिस्तान के ऊपर कड़ा एक्शन लिया है। ने कहा कि देश की तीन नदियों का जल अब पाकिस्तान नहीं ले पाएगा। उन्होंने कहा कि नदियों के पानी को बांध बनाकर भारत में ही रोक दिया जाएगा, जिससे हरियाणा में कृषि कार्य करने में मदद मिलेगी और पानी की समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को लागत मूल्य का डेढ़ गुना दाम देने का जो विश्वास दिया है उसे पूरा करके दिखाएंगे।

सोमवार को गडकरी हरियाणा के रोहतक में आयोजित तीसरे एग्री लीडरशिप समिट में किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में तीन बांधों का निर्माण किया जाएगा ताकि नदियों का भारत के हिस्से के पानी को पाकिस्तान की ओर बह कर जाने से रोका जा सके। अभी यह पानी बहकर पाकिस्तान चला जाता है जिसकी वजह से भारत इसका इस्तेमाल नहीं कर पाता।

जल संसाधन एवं परिवहन मंत्री गडकरी ने कहा कि बांधों से पानी को यमुना नदी से होते हुए हरियाणा लाया जाएगा। इस पानी के आने से राज्य में सिंचाई से वंचित भूमि की सिंचाई हो सकेगी तथा पानी की किल्लत दूर हो पाएगी। गडकरी ने यहां तीसरे कृषि शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन कहा कि यह पानी अन्य राज्यों जैसे राजस्थान में भी ले जाया जाएगा।

हरियाणा और राजस्थान को मिलेगा पानी

गडकरी ने कहा कि सरकार उत्तराखंड में तीन बांध का निर्माण करने जा रही है। इसके बाद भारत की तीन नदियों के हिस्से को पानी को पाकिस्तान में जाने से रोका जा सकेगा और उसे बांध बनाकर यमुना नदी में लाया जाएगा। इसके बाद इस पानी को हरियाणा और राजस्थान तक पहुंचाया जाएगा।

खत्म होगी सिंचाई की समस्या

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विभाजन के समय भारत को तीन नदियां (सतलुज, रावी व ब्यास) मिली थीं और पाकिस्तान को तीन नदियां (सिंधु, झेलम व चेनाब) मिली थी, लेकिन फिर भी भारतीय नदियों का पानी पाकिस्तान जाता रहा। उन्होंने कहा कि डिप इरिगेशन से किसानों को अधिक पानी मिलेगा, जिससे वो ज्यादा उत्पादन कर सकेंगे।

जानिए आखिर कैसे दो गुने आकार के साथ बढ़ेगी अर्थव्यवस्था

वित्त मंत्रालय ने सोमवार को कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2025 तक दोगुनी हो जाएगी. मंत्रालय के मुताबिक 2025 तक इकोनॉमी पांच हजार अरब डॉलर की हो जाएगी।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2025 तक दोगुनी होगी। यह तेज रफ्तार से बढ़ते हुए 5,000 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी। मंत्रालय ने इसके साथ ही कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तय मुद्रास्फीति के लक्ष्य को लेकर कोई खतरा नहीं है।

आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था सात से आठ फीसदी की दर से बढ़ने के प्रति अग्रसर है। स्टार्टअप, एमएसएमई और बुनियादी ढांचे के निवेश पर ध्यान दिए जाने से इकोनॉमी की रफ्तार और भी बढ़ेगी। इसमें लगातार तेजी आ सकती है।

गर्ग भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इसमें उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि अगर अगले 7-8 सालों के भीतर वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन बढ़ता है और मांग का सृजन होता है, तो हम 2025 तक अर्थव्यवस्था के आकार को 5,000 अरब डॉलर तक पहुंचा सकेंगे। यह एक उचित लक्ष्य है।

बता दें कि फिलहाल भारत के सकल घरेलू उत्पाद का आकार 2,500 अरब डॉलर का है। यह दुनिया की 6वीं छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। मुद्रास्फीति को लेकर गर्ग ने कहा कि यह काफी हद तक रिजर्व बैंक के लक्ष्य चार प्रतिशत (दो प्रतिशत ऊपर या नीचे) के दायरे में है।

थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति फरवरी में सात महीने के निचले स्तर 2.48 फीसदी पर आ गई है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति फरवरी में चार महीने के निचले स्तर 4.44 प्रतिशत पर रही है। रिजर्व बैंक ने अपनी फरवरी की मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में बदलाव नहीं किया था।

अब गाड़ियों में बीएस-6 पेट्रोल डलेगा, फायदे जानने के लिए अधिक पढ़े

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से देश के 13 मेट्रो शहरों में माह अप्रैल 2019 से बीएस-6 फ्यूल उपलब्ध कराने पर विचार करने को कहा है। इससे पहले भी बीएस-6 पेट्रोल-डीजल उपलब्ध करवाने के बारे में कहा गया है।

आखिर ये बीएस-6 क्या है?
बीएस का अर्थ भारत स्टेज है और यह वायु प्रदूषण फैलाने वाले मोटर गाड़ियों सहित सभी इंजन वाले उपकरणों के लिए मानक है। बताया जा रहा है कि बीएस-6 ग्रेड के ईंधन से प्रदूषण में कमी होगी।

बीएस-6 नियम आने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। बीएस-6 फ्यूल आने से पर्टिकुलेट मैटर में इनकी 20 से 40 एमजीसीएम तक ही हिस्सेदारी रहेगी।

जानकारी के अनुसार बीएस-6 फ्यूल से सल्फर की मात्रा बीएस-4 से 5 गुना तक कम होगी। यह काफी क्लीन फ्यूल होता है। इस फ्यूल के इस्तेमाल से सड़कों पर चल रही पुरानी गाड़ियों में भी फैल रहा प्रदूषण कम होगा। बीएस-6 गाड़ियों में भी एडवांस एमिशन कंट्रोल सिस्टम फिट होगा। हालांकि इसके लिए गाड़ियों के ईंजन को भी इसके अनुसार ही होना चाहिए।

क्या हैं बीएस (भारत चरण) के नॉर्म्स
वायु प्रदूषण फैलाने वाले मोटर गाड़ियों सहित सभी इंजन वाले उपकरणों के लिए भारत चरण उत्सर्जन मानक (बीएस) की शुरुआत केंद्र सरकार ने वर्ष 2000 में की थी। इसके विभिन्न मानदंडों को समय और मानकों के अनुसार, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन के मंत्रालय के तहत आने वाले केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर लाया जाता है। भारत चरण (बीएस) मानदंड यूरोपीय नियमों पर आधारित हैं।

कितना महंगा होगा
वर्ष 2020 की डेडलाइन के मुताबिक ज्यादा स्वच्छ पेट्रोल-डीजल बनाने के लिए ऑयल रिफाइनरियों को 28000 करोड़ रुपए का निवेश करना होगा। हालांकि, फ्यूल कितना महंगा होगा या नहीं होगा। यह उस वक्त क्रूड (कच्चा तेल) की कीमतों पर निर्भर करेगा। आम आदमी पर सीधा असर ये होगा कि अब उन्हें किसी भी कंपनी का एंट्री मॉडल पहले की तुलना में महंगा मिलेगा।
वहीं स्वास्थ्य के तौर पर ये गाड़ियां पहले की अपेक्षा बेहतर साबित होंगी। हालांकि सरकार का लक्ष्य बीएस-6 मॉडल को देश में लागू करवाना है, जिसमें अभी वक्त लगेगा।

किसानों की आय बढ़ाने के लिये स्थानीय उत्पादों को दे बढ़ावा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विकासखण्ड कर्णप्रयाग के कालेश्वर में हिमालयन एक्शन रिसर्च सेन्टर (हार्क) एवं यू-कॉस्ट के संयुक्त तत्वावधान में हिमालय जंगली उत्पादों के मूल्य सवंर्धन से बने उच्च उत्पाद के ब्रॉन्ड ‘‘माउन्टेन बीम‘‘ का शुभांरभ किया। इस दौरान उन्होंने हार्क संस्थान के कोल्ड स्टोर, नये उत्पादों के रिसर्च यूनिट एवं खाद्य प्रसंस्करण यूनिट का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हार्क संस्था ने तीन उत्पादों से कार्य शुरू किया था और आज संस्था द्वारा 30 से अधिक उत्पाद तैयार किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि परम्परागत कार्यो के साथ प्राकृतिक उत्पादों को उपयोगी बनाकर उनका मूल्य संवर्धन करना जरूरी है। किसानों की आय में वृद्वि करने के लिए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उसकी ब्रान्डिंग और प्रोसेसिंग पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों में व्यावसायिक सोच विकसित करना जरूरी है। राज्य सरकार द्वारा न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेन्टर के रूप में विकसित करने की योजना बनायी जा रही है। इन ग्रोथ सेन्टरों में स्थानीय उत्पादों को बढावा दिया जायेगा तथा अधिक से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों को इससे जोडा जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए महिला सशक्तिकरण जरूरी है। उन्होंने हार्क संस्था में कार्य करने वाली सभी महिलाओं को उत्तम प्रोसेसिंग एवं ब्रान्डिंग हेतु आवश्यक प्रशिक्षण देनेे को कहा, जिससे उच्च गुणवत्ता के उत्पाद तैयार कर राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा मूल्य मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए हमें अपने अधिकार एवं कर्मो के प्रति सजग रहना होगा।

त्रिवेन्द्र ने कहा कि जैविक उत्पादों की मांग तेजी से बढ रही है। जैविक उत्पादों को तैयार कर हम अच्छी आजीविका अर्जित कर सकते है। उन्होंने कहा कि बाजार की डिमांड को देखते हुए किनवा एवं शहद की अच्छी तरह से प्रोसेसिंग और ब्रान्डिंग कर आजीविका में वृद्वि की जा सकती है। शहद के उत्पादन को बढाने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में सहकारी संस्थाऐं बनायी जायेंगी। उन्होंने हार्क संस्था द्वारा तैयार किये गये उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि जंगली फलों की सही ढंग से प्रोसेसिंग कर उत्तम उत्पाद तैयार किये जा रहे है, जिससे स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के अवसर भी मिल रहे है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया तथा हार्क संस्था द्वारा तैयार किये 14 उत्पादों की मॉउन्टेन वैन को हरी झण्डी दिखाकर देहरादून में मार्केटिंग के लिए रवाना किया।

हार्क संस्था विगत 30 वर्षो से हिमालय क्षेत्र के सीमांत किसानों के साथ आजीविका से संबधित गतिविधियों में कार्य कर रही है, जिसमें बागवानी, कृषि एवं सहकारिता उत्पादों को तैयार किया जा रहा है। महिला सहकारिता का गठन हार्क ने 10 वर्ष पूर्व कालेश्वर में किया था, जिसमें वर्तमान में दो हजार महिलाएं जुडी है। हार्क संस्था द्वारा दो ब्रान्डों में 30 से अधिक उत्पाद तैयार किये जा रहे है।