स्वरोजगार के लिये जागरूकता जरूरीः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को उत्तराखंड तकनीकि विश्वविद्यालय के नवीन परिसर का लोकापर्ण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में शौर्य दीवार का अनावरण एवं यूनिवर्सिटी ,केडिमिया इंडस्ट्री फोरम का भी शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड तकनीकि विश्विद्यालय का नाम वीर माधो सिंह भंण्डारी के नाम पर रखने की घोषण भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा तकनीकि विश्वविद्यालय के छात्रों का औद्योगिक संस्थानों के साथ संवाद स्थापित कराना जरूरी है। उद्योंगों की डिमांड को समझना जरूरी है। आधुनिक तकनीक जिस तेजी से बदल रही है, उस दिशा में प्रयास करने की जरूरत है। परिवर्तन के दौर में तकनीक के विकास के साथ आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कौशल विकास पर अधिक बल दिया है। कौशल विकास को बढ़ावा देने एवं स्वरोजगार के लिये लोगों को प्रेरित करना जरूरी है। उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को कौशल विकास के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिये कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 तक प्रदेश में एक लाख युवाओं को स्किल्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिये राज्य में कौशल विकास मंत्रालय का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि आस-पास के गांवों और स्कूलों में जाकर छात्र-छात्रायें लोगों को कौशल विकास के लिये कुछ समय दे सकते हैं। इससे लोगों को लाभ मिलेगा और छात्र-छात्राओं को समाज में घुलने-मिलने का समय भी मिलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मेधावियों को सम्मानित भी किया।

मुख्य सचिव ने किया बाबा केदार में चल रहे निर्माण कार्यो का निरीक्षण, दिये ये निर्देश

मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने बाबा केदार के दरबार पहुंचे। उन्होंने अपनी पूरी टीम के साथ पीएम के प्रोजेक्ट के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यो का जायजा लिया। उन्होंने आगामी 10 अप्रैल तक मंदिर के पैदल मार्ग पर पत्थर बिछाने निर्देश भी दिये।

मुख्य सचिव ने धाम मे निरीक्षण के दौरान एम-आई 26 से सरस्वती पुल तक निर्माण किए जा रहे रास्ते को दस अप्रैल से तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने समयान्तर्गत कार्य पूर्ण न करने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात भी कही।

किसी भी कीमत पर केदारनाथ मन्दिर का दृश्य बाधित न हो, इसके लिए रास्ते के दोनो ओर सुरक्षा दीवार निर्मित करने के निर्देश दिए। केदारनाथ मे 50 फीट रास्ते के पीछे अवस्थित मकानों को ध्वस्त कराने व उनकी पैमाइस करने के साथ ही क्षतिग्रस्त होने वाले मकान स्वामियों को अन्यत्र ठहरने की व्यवस्था के लिए जगह चिन्हित करने के निर्देश उपजिलाधिकारी ऊखीमठ को दिए।

धाम में एमआई-17 हैलीपेड के पीछे लगाई गई पत्थर काटने की मशीन को संचालित करने व विद्युत आपूर्ति करने के निर्देश क्रमशः लोनिवि व विद्युत विभाग को दिए। सोनप्रयाग में प्रतिदिन कारीगरों द्वारा तराश कर तैयार किए जा रहे पत्थरों को धाम में समय से पहुँचाने के निर्देश लोनिवि विभाग को दिए। उन्होंने निम द्वारा 10 हजार व अवशेष पत्थरों के लिए लोनिवि द्वारा उपलब्ध कराने को कहा, तत्काल पत्थरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए जिससे कार्य गतिमान रहे।

मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने कहा कि शंकराचार्य समाधि का निर्माण कार्य, ध्वस्त मकानों का निर्माण व तीन मकानों में हल्की तोड़-फोड़ की मरम्मत के कार्य की जिम्मेदारी जिंदल गु्रप की है तथा शीघ्र कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

बजट सत्र की तैयारियों को लेकर विस अध्यक्ष ने अधिकारियों की ली क्लास

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने भराड़ीसैण (गैरसैण) में 20 मार्च से शुरू होने जा रहे बजट सत्र हेतु व्यवस्थायें को लेकर उच्च अधिकारियों संग बैठक की। विधान सभा अध्यक्ष द्वारा सुरक्षा बैठक में विभिन्न विषयों पर गहनता से चर्चा की गयी।

इस वर्ष राज्यपाल डा. कृष्ण कांत पाल का अभिभाषण भी भराड़ीसैंण में होना है, जिस कारण अभिभाषण हेतु राज्यपाल के आगमन व प्रस्थान के समय हैलिपैड से सम्बन्धित एवं सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की गयी। राज्यपाल के आगमन के दौरान स्थानीय लोगों द्वारा राज्यपाल का स्वागत किया जाना प्रस्तावित किया गया। इस बार ड्रोन कैमरे से सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जायेगी।

सुरक्षा बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने शान्ति व्यवस्था, अग्नि शमन दल एवं उससे सम्बन्धित व्यवस्था, बिजली की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ, वाटर सप्लाई के लिए सम्बन्धित अधिकारयों को निर्देश दिया कि व्यवस्थायें चौक-चौबन्ध होनी चाहिए। बैठक में सत्र के दौरान भराडीसैंण में उपस्थित सभी मंत्री, विधायक, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खाने की उचित व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।

अग्रवाल ने बीएसएनएल के अधिकारयों को पिछले सत्र में नेटवर्क एवं इण्टरनेट की भारी समस्या को लेकर जमकर फटकार भी लगायी। विधानसभा अध्यक्ष ने बीएसएनएल के अधिकारयों को साफ शब्दों में कहा कि इस बार ऐसी कोई भी कमी न रहे, जिससे मीडिया एवं शासकीय कार्यवाही में कोई दिक्कत हो। अग्रवाल ने कहा कि यदि नेटवर्क एवं वाई-फाई की व्यवस्था अच्छी होगी तो सदन के कार्यो मे विभाग एवं शासन जिलों एवं सचिवालय से वीडियों कॉन्फ्रेसिंग के जरिये तुरन्त सम्पर्क साध कर सदन की कार्यवाही में तीव्रता ला सकते है।

विधान सभा अध्यक्ष ने बताया कि विधायकों एवं मंत्रियों के रहने के लिए विधानसभा भवन भराणीसैण में 60 कमरे एवं 14 ऑफिसर रूम पूर्ण रूप से तैयार है। अधिकारी, स्टाफ तथा मीडिया के लिए गैरसैण, कर्णप्रयाग, आदिबद्री, गौचर तथा कालेश्वर के गढ़वाल मण्डल विकास के गैस्ट हाउस एवं लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग के गैस्ट हाउस को जिलाधिकारी स्तर से रोक दिया गया है।

विधान सभा अध्यक्ष ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देते हुए कहा डाक्टर की विधिवत व्यवस्था, सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो को अलर्ट रखने पर जोर दिया गया। साथ ही इमरजेन्सी के लिए स्वास्थ्य मोबाइल बैन 108 की उचित व्यवस्था तथा हैलीकाप्टर सेवा की बात कही गयी। अस्थायी एवं मोबाइल टोयलेट की व्यवस्था को गम्भीरता से लिया गया।

विस अध्यक्ष ने कहा कि इस बार का सत्र चुनौती भरा है, क्योंकि इस बार राज्यपाल प्रथम बार भराडीसैंण आ रहे है और इस बार सत्र भी सबसे लम्बा चलने वाला है। अग्रवाल ने सभी अधिकारियों से सहयोग की बात कही तथा बैठक में जिन भी विषयों पर विर्मश किया गया। उन्हें जमीन स्तर पर सार्थक बनाने के लिए कहा।

सचिवालय में ई-पास के लिये ऐसे करे आवेदन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में सचिवालय व विधानसभा में प्रवेश हेतु आगन्तुकों के लिए ई-गेट पास सिस्टम का शुभारम्भ किया। सचिवालय व विधानसभा में वर्तमान पास व्यवस्था के साथ-साथ ई-पास व्यवस्था लागू की गयी है। यह स्वचालित व्यवस्था है। आगन्तुकों, कर्मचारियों तथा कार के लिए किसी भी स्थान तथा किसी भी समय गेट पास बनाया जा सकता है। ई-पास व्यवस्था हेतु पूर्व-पंजीकरण करवाया जा सकता है। इससे बाहर से आने वाले आगन्तुकों की पहचान आसानी से हो सकेगी। इससे गेट पास में शुद्धता, ज्यादा साफ फोटाग्राफ तथा एमआईएस रिर्कोडिग सुनिश्चित होगी।

ई-पास व्यवस्था की प्रक्रिया

ई-पास व्यवस्था हेतु आगन्तुक अपने तथा अपने वाहन के लिए सम्बन्धित अधिकारी से निर्धारित तिथि पर मिलने के लिए गेट पास हेतु मळंजमचंेे.नाण्पद पर ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन कर सकते है।

एक बार आगन्तुक द्वारा गेटपास हेतु आवेदन करने पर एप्लीकेशन द्वारा सम्बन्धित कार्यालय को स्वीकार-अस्वीकार करने हेतु भेजा जायेगा। एक बार आवेदन स्वीकार होने पर आगन्तुक को उनके उनके मोबाइल एवं ई-मेल पर एक ओटीपी भेजा जायेगा। आगन्तुक ओटीपी भरकर गेटपास के बूथ पर गेटपास प्रिंट कर सकता है। आगन्तुक गेटपास एप पर भी गेटपास हेतु आवेदन कर सकता है।

निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा ने बताया कि ई-पास सिस्टम के सम्बन्ध में आईटीडीए के माध्यम से सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है तथा गेट पास बूथ से गेट पास हेतु कम्प्यूटर भी स्थापित कर दिया गया है। जिसका संचालन सुरक्षा कर्मिकों के द्वारा किया जा रहा है। साथ ही ई-गेट पास सुविधा के सम्बन्ध आईटीडीए के माध्यम से सचिवालय व विधानसभा में तैनात 92 निजी सचिवों को व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।

यहां बन रहे थे तमंचे, पुलिस ने पकड़ी फैक्ट्री

मुखबिर की सूचना पर मंगलौर पुलिस ने अवैध रूप से तमंचा बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया। इनके पास से सात तमंचे और तमंचा बनाने का सामान भी बरामद किया गया है।

14 मार्च दिन बुधवार को हरिद्वार जिले की मंगलोर पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम गोपालपुर में स्थित एक मकान में अवैध रूप से तमंचों का निर्माण किया जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने मकान पर दबिश दी, तो मौके पर मौजूद तीन लोग भागने लगे। पुलिस ने तीनों को दबिश देकर पकड़ लिया। पुलिस को फैक्ट्री से सात तमंचे और तमंचा बनाने का काफी सामान भी बरामद हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपने नाम काला निवासी ग्राम रेती थाना भवन शामली वसीम निवासी कैराना और इशाक निवासी राजू पुर थाना बुढाना मुजफ्फरनगर बताया। पुलिस आरोपियों इसकी जड़ तक जाने के लिये लगातर पूछताछ कर रही है।

देश की नजर आज उत्तराखंड परः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जनता मिलन हॉल में उत्तराखण्ड सरकार एवं वर्ड हिन्दू इकोनॉमिक फोरम के तत्वावधान में उद्यमियों एवं विषय विशेषज्ञों के साथ आयोजित आर्थिक परिचर्चा में प्रतिभाग किया। उन्होंने उद्यमियों का आभार व्यक्त कर कहा कि इस परिचर्चा से प्रदेश में पर्यटन, शिक्षा, उद्योग, आईटी, कृषि आदि के क्षेत्र में हुए मंथन का लाभ प्रदेश को मिलेगा तथा विकास के प्रति हमारी सोच को नया दायरा मिलेगा।

मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी श्री केदारनाथ के कपाट खुलने व बन्द होने के समय दो बार श्री केदारनाथ आये। उनकी सोच स्पष्ट है कि दुनिया के 120 करोड़ हिन्दू उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा पर आना चाहते है। इसके लिये इस देवभूमि में सड़क, रेल व वायु परिवहन सेवाओं का बेहतर होना आवश्यक है, इसी दिशा में उन्होंने 12 हजार करोड़ रूपये ऑल वेदर रोड, 13 हजार करोड रूपये भारतमाला योजना तथा 1600 करोड रूपये ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के लिये स्वीकृत किये है, जिस पर कार्य तेजी से किया जा रहा है।
जॉलीग्रांट हवाई अड्डे को एलीवेटेड रूप में विस्तार कर इसे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसके साथ ही पंतनगर हवाई अड्डे, चिन्यालीसौड, नैनी सैनी हवाई पट्टियों के विस्तारीकरण के साथ ही चौखुटिया में नई हवाई पट्टी बनायी जायेगी। उत्तराखण्ड में भविष्य के पर्यटन का आधार तैयार किया जा रहा है।

कई फिल्मों का फिल्मांकन यहां पर किया जा रहा है। इसके लिये सूटिंग फीस को माफ किया गया है। जनपद चमोली के सीमांत गांव घेस व हिमनी को वाई-फाई सुविधा से जोडा गया है। 36 अस्पताल व ब्लड बैंको, दवा स्टोरों को ऑनलाइन किया गया है। टेली मेडिसिन से जुडे अस्पतालो को अपोलो अस्पताल से जोडा गया है। जहां से विशेषज्ञ डॉक्टरो का परामर्श प्राप्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 144 ई-अस्पतालों में से 47 उत्तराखण्ड में है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकि के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र की कमियों को दूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 03 साल के अन्दर प्रदेश के सभी गांवों को ऑप्टीकल फाइवर से जोडने का हमारा प्रयास है, इससे प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के लोग देश व दुनिया को देख सकेंगे।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखण्ड सदियो से साधको मनीषियों व पर्यटको के आर्कषण का केन्द्र रहा है। प्रदेश में गढवाल व कुमाऊं में 24 धार्मिक पर्यटन सर्किट बनाये जा रहे है। चारधाम पैदल यात्रा मार्ग की हजारों साल पुरानी परम्परा की शुरूआत की जा रही है। इससे हमारे पड़ाव व चट्टियों को पुनर्जीवित करने तथा पलायन रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोकल खान-पान व ट्राईवल दूरिज्म को भी बढ़ावा दिये जाने की योजना हमारी है।

जया ने इस नेता की तुलना पदमावत के खिलजी से कर डाली

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और अभिनेत्री से नेता बनी जया प्रदा के आपसी मतभेद किसी से छिपे नहीं है। यह दोनों एक ही पार्टी के होने के बाद भी एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाने से नहीं कतरते। अब जया प्रदा ने आजम खान पर एक और टिप्पणी की है।

बतौर जया प्रदा मैंने जब फिल्म पदमावत देखी, तो खिलजी के किरदान ने मुझे आजम खान की याद दिला दी। मुझे चुनाव के दौरान की बात याद आ गयी, कि किस तरह मुझे आजम खान परेशान करते थे।

दोनों के बीच लंबा विवाद

दरअसल, जया प्रदा अमर सिंह की करीबी मानी जाती हैं और आजम खान से उनका विवाद काफी लंबा है। इसकी वजह जया प्रदा का आजम खान के गृहनगर रामपुर से चुनाव लड़ना रहा है। वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जया प्रदा को टिकट दिया और वो चुनाव जीत गईं।

इस चुनाव को लेकर जया प्रदा ने आजम खान पर कई आरोप लगाए। यहां तक कि आजम खान पर जया प्रदा को चुनाव हराने के भी आरोप लगे। हालांकि, जया प्रदा चुनाव जीत गईं। इसके बाद वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में भी जया प्रदा ने रामपुर से चुनाव लड़ा और आजम खान पर फिर उनके विरोध के आरोप लगे। एक बार फिर जया प्रदा ने चुनाव जीता।

सिर्फ चुनाव हराने की कोशिश तक ही जया प्रदा के आरोप सीमित नहीं रहे हैं। उन्होंने आजम खान पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। वहीं दूसरी तरफ आजम खान भी सार्वजनिक मंचों से जया प्रदा को लेकर विवादित टिप्पणी करते रहे हैं। ऐसे में जब जया प्रदा से बीजेपी या किसी दूसरे दल के साथ जाने को लेकर सवाल किए जा रहे हैं, उन्होंने एक बार फिर अपने पुराने प्रतिद्वंदी आजम खान को निशाने पर लिया है।

मूर्ति तोड़ने की सियासत थम नहीं रही, अब आजमगढ़ में भी तोड़ी

त्रिपुरा में सत्ता परिवर्तन के बाद मूर्ति तोड़ने की जो सियासत शुरू हुई थी, वो तमिलनाडु होते हुए अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच चुकी है और थमने का नाम नहीं ले रही है। त्रिपुरा में व्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा तोड़ी गई, इसके बाद तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया गया और फिर बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति के बदसलूकी करने के बाद यूपी के मेरठ में बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति को जमींदोज कर दिया गया।

मूर्ति तोड़ने का ये सिलसिला यहीं थमता नहीं दिख रहा है। उत्तराखंड के हरिद्वार के बाद अब यूपी के आजमगढ़ में भी संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति को निशाना बनाया गया है।

आजमगढ़ के थाना अहरौला के गांव राजापट्टी में लगी बाबा साहब की प्रतिमा बीती रात तोड़ दी गई। ग्रामीणों ने सुबह जब मूर्ति टूटी हुई देखी तो वो आक्रोशित हो गए। इसके बाद घटना स्थल पर भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। बाद में मौके पर पुलिस अधिकारी समेत भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

बता दें कि त्रिपुरा में बीजेपी की जीत के बाद लेफ्ट सरकार द्वारा स्थापित लेनिन की मूर्तियों को तोड़ा गया। इसके बाद तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति गिराई गई, फिर बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन घटनाओं पर नाराजगी जताई थी। बावजूद इसके ऐसी घटनाएं रुक नहीं रही हैं।

पशु पक्षियों के संरक्षण के लिये जनता को आगे आना होगाः हरक

तीन दिवसीय वर्ल्ड फेस्टिवल का शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में जैव विविधता की दृष्टि से अपार संभावनाएं है। सरकार हर क्षेत्र में आगे बढ़कर कार्य कर रही है। जिससे उत्तराखंड में पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा मिल सके।

उत्तराखंड वन विभाग द्वारा थानो वन रेंज में पहली बार आयोजित वर्ल्ड फेस्टिवल का शुभारंभ मुख्यमंत्री व वन मंत्री ने किया। मुख्यमंत्री व वन मंत्री ने वर्ल्ड फेस्टिवल में आयोजित वन विभाग, वन विकास निगम, जिला कारागार, डब्लू डब्लू एफ, सहज योग आदि कई विभागों के अलावा स्थानीय स्तर पर लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया। उन्होंने वर्ल्ड फेस्टिवल में संजय लोधी व अनीति भूषण दत्ता की तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा उत्तराखंड देशी व विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिये ईको पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्राकृतिक झरने, बुग्याल, जैव संसाधन आदि है। जो पर्यटन की दृष्टि से आय का स्त्रोत बन सकता है। उन्होंने कहा कि गुजरात की दर्ज पर उत्तराखंड में भी ऑप्टिकल पार्क बनाये जा सकते है।

वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि देश में पाये जाने वाली करीब 1200 प्रजातियों में से अकेले 710 के लगभग प्रजातियां उत्तराखंड में पाई जाती है। वन विभाग व आम लोगों के बीच आपसी तालमेल अच्छा हो सके, इसके लिये पशु-पक्षियों के संरक्षण के लिये जनता को भी सहयोग करना होगा।

सात महिलाओं को सीएम ने प्रदान की सखी ई-रिक्शा

अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अपने आवास पर कार्यक्रम आयोजित किया। महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में राज्य में सामाजिक दृष्टि से कमजोर व निराश्रित एकल महिलाओं के लिये पं. दीन दयाल उपाध्याय सामाजिक सुरक्षा कोष एकल महिला ऋण योजना के तहत एक लाख तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज पर दिये जाने की योजना का शुभारम्भ किया।

इस योजना का उद्देश्य गांवों में ही रोजगार सृजन कर महिलाओं की स्थिति को सुदृढ़ करते हुये उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। राज्य सरकार द्वारा अकेली महिलाओं के लिये यह सौगात दी है। पशुपालन व मत्स्य पालन को भी इसमें सम्मिलित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एकल मंिहलाओं के लिये सखी ई-रिक्शा योजना के तहत सात महिलाओं को ई-रिक्शा की चाबी व सेफ्टी किट प्रदान की। उन्होंने ई-रिक्शा में बैठकर इसके संचालन की भी शुरूआत की। इसके लिये 50 हजार प्रति ई-रिक्शा अनुदान दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कैलेण्डर तथा विभिन्न प्रचार सामग्री का भी विमोचन किया तथा महिलाओं को सेफ्टि नैपकिन किट भी वितरित किये। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आंगनबाडी कार्यकत्रियों को मोबाईल तथा सुपर वाईजर केा टेबलेट उपलब्ध कराये जायेंगे ताकि उन्हें अपने कार्यो के सम्पादन में आसानी हो सके।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने महिलाओं से अपना उत्साह एवं आत्म विश्वास हर समय बनाये रखने को कहा। उन्होंने कहा कि धरती को हम मां कहते हैं धरती की भंाति महिलाओं में भी धारण करने की क्षमता है ।

प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारियों में भी महिला अधिकारी बेहतर क्षमता का प्रदर्शन कर रही है। प्रदेश में 03 डीएम, 04एसएसपी, 05 सीएमओ के अलावा अन्य महिला अधिकारी कार्यरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस में महिलाओं की भागीदारी 11 प्रतिशत है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर इसका प्रतिशत 07 ही है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश में 293 एएनएम को नियुक्ति पत्र जारी किये गये है। 380 वेकेंसी निकाली गई है। 481 डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है। जिसमें 193 महिलायें है उसमें भी 159 उत्तराखण्ड की है। 2100 एएनएम तथा 12 हजार आशा वर्करों का 02 लाख का बीमा का लाभ दिये जाने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश की आशा कार्यकत्रियों को वर्ष 2012-13 से रूकी हुई वार्षिक प्रोत्साहन धनराशि हेतु 33 करोड़ रूपये जारी कर दिये गये हैं। 108 योजना के तहत 61 एम्बुलेंस वाहन दी गई है। शीघ्र 111 और एम्बुलेंस वाहन उपलब्ध कराये जायेंगे। हर जिले में आईसीयू स्थापित किये जा रहे है। प्रति आईसीयू पर दो करोड़ व्यय होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2011 में 0-06 का आयु लिंगानुपात प्रति 1000 के विपरीत 890 था।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं से अपील भी की कि वे सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिये संचालित विभिन्न कार्यक्रमों व योजनाओं की जानकारी प्राप्त का उनका अधिक से अधिक उपयोग कर आर्थिक व सामाजिक रूप से मजबूत बने।