सीएम ने किया तीन हजार किलोवाट की परियोजना का लोकार्पण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को कल्पगंगा नदी पर उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम (यूजेवीएन) द्वारा निर्मित तीन हजार किलोवाट की ‘‘उर्गम जल विद्युत परियोजना‘‘ का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्पगंगा नदी पर बनी यह परियोजना पर्वतीय क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना से उत्पादित विद्युत से जहां भरकी, भेटा, उर्गम, चाई-थाई, सलना, जोशीमठ, बडगॉव सहित समीपवर्ती क्षेत्रों के लगभग 25 गॉवों की विद्युत आपूर्ति में सुधार होगा। वहीं स्थानीय बेरोजगार युवकों को इस परियोजना से रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लघु जल विद्युत परियोजनाओं की आपार सम्भावनाऐं है तथा छोटी-छोटी जल विद्युत परियोजनाआंें से जल शक्ति का पूरा सदुपयोग हो सकता है।

जून 2013 की आपदा में क्षतिग्रस्त उर्गम जल विद्युत परियोजना के पुनर्निर्माण के लिए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा 13.05 करोड़ की धनराशि उपलब्ध करायी गयी थी। आपदा के दौरान बाढ़ से इस परियोजना का हैड वर्क्स, पावर डक्ट, विद्युत गृह, टीआरसी तथा लगभग 100 मीटर शक्तिनहर क्षतिग्रस्त होने के कारण विद्युत उत्पादन बन्द हो गया था।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने शुक्रवार को ही पीपलकोटी में स्वामी विवेकानंद चैरिटेवल ट्रस्ट द्वारा संचालित चिकित्सालय का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा तथा स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने मेें यह चिकित्सालय लाभकारी साबित होगा। मुख्यमंत्री ने पीपलकोटी में चल रहे सेना भर्ती पूर्व प्रशिक्षण शिविर में पहुंचकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से भेंट कर उनका मनोबल बढाया।

त्रिवेन्द्र सरकार के बजट में आम नागरिकों को राहत

वित्तीय वर्ष 2018-19 का बजट पेश हो गया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस बजट को करमुक्त रख जहां आम नागरिको को राहत दी है तो वहीं सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने, बुनियादी सेवाओं के विस्तार एवं गुणवत्ता, किसानों से लेकर युवाओं और शहरों से लेकर गांवों तक आम नागरिक से जोड़ने के लिये भाजपा और केंद्र सरकार के एजेंडे को आगे किया है।

विधानसभा सत्र के तीसरे दिन गुरुवार शाम वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने दूसरा बजट सदन में पेश किया। पिछले बजट की तुलना में नए वित्तीय वर्ष 2018-19 में 14.08 फीसद ज्यादा बजट प्रावधान किया गया है।

त्रिवेंद्र सरकार के दूसरे बजट में भी मोदी फेक्ट नजर आ रहा है। बजट में प्रधानमंत्री के मूल मंत्र रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार की ओर से अपने एक साल के कार्यकाल में सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली, सरकारी खरीद में पारदर्शिता, जन सेवाओं की गुणवत्ता, केंद्रपोषित योजनाओं का अधिक लाभ लेने की रणनीति को नए वित्तीय वर्ष में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया है।

सड़कों-पुलों को दी वरियता

शहरों में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग हों, रेलवे ओवरब्रिज, टनल या पुल, इन सभी को समय पर पूरा करने पर जोर है तो गांवों में अवस्थापना विकास को सरकार ने अपने एजेंडे की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल किया है।

बजट के तहत राज्य में एक लाख युवाओं को रोजगार व कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जायेगा। राज्य के प्रत्येक जिले में ट्रॉमा सेंटर, इंटेसिव केयर यूनिट और ब्लड बैंक, राज्य के बेस चिकित्सालयों के लिए पहली बार पूंजीगत मद में 20 करोड़ रूपये, किसानों की आमदनी दोगुनी करने की मुहिम के तहत माइक्रो प्लानिंग शुरू, कृषि व औद्यानिक समेत विभिन्न महकमों के कार्यों को संयोजित कर किसानों को राहत, आर्गेनिक हर्बल स्टेट बनाने को 1500 करोड़ की योजना को मंजूरी, 300 अतिरिक्त फार्म मशीनरी बैंकों की होगी स्थापना, राज्य में 9.12 लाख जोतों के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करने का लक्ष्य, 2019 तक चयनित 1374 ग्राम पंचायतों को गरीबी मुक्त करेंगे घोषित, जन शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1905 शुरू, 14947 आंगनबाड़ी केंद्रों व 5120 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री स्कूल किट व मेडिसिन किट और कार्यकर्ताओं को ड्रेस, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 75000 परिवारों की गर्भवती व धात्री महिलाओं को प्रति महिला 5000 रुपये, गंगा गाय महिला डेरी योजना में 2000 महिला दुग्ध उत्पादकों को मिलेगा लाभ, 2020 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 फीसद कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।

बजट में हरिद्वार, देहरादून व ऊधमसिंहनगर के परिवहन निगम डिपो की सभी बसों को दो साल में सीएनजी से करेंगे संचालित, 2020 तक केंद्र की उज्ज्वला योजना के दायरे से बाहर सभी परिवारों को निश्शुल्क गैस सुविधा, राज्य के सभी जिलों की रिसोर्स एटलस बनाने की प्रक्रिया होगी तेज, 2020 तक सभी सरकारी योजनाओं को डीबीटी से करेंगे संचालित, उद्यमिता विकास को 600 करोड़ की बाह्य सहायतित योजना को मंजूरी, आगे बढ़ेंगे कदम, डाट काली मंदिर के समीप डबल लेन टनल का निर्माण नए वित्तीय वर्ष में होगा पूर्ण, देश का सबसे लंबा 440 मीटर मोटर झूला पुल डोबरा-चांटी अगले वित्तीय वर्ष में होगा पूरा, 2020 तक सभी महिला मंगल दल व युवक मंगल दल लेंगे आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण, 250 से अधिक आबादी के गांव सड़क से जुड़ेंगे, मेट्रो रेल निर्माण के तहत 86 करोड़ का प्रावधान, आशा कार्यकर्ताओं व एएनएम के लिए दुर्घटना बीमा योजना होगी शुरू, प्रत्येक जिले में बंधुआ पुनर्वास निधि की स्थापना, आम आदमी बीमा योजना में 11.37 करोड़ का प्रावधान, किसानों को सस्ता ऋण देने की दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना को 30 करोड़, नैनीताल झील के पुनर्जीवीकरण को पांच करोड़ की व्यवस्था की है।

बजट में राज्य की नदियों व झीलों के पुनर्जीवीकरण कार्यों के लिए धन, पर्वतीय क्षेत्रेां में उद्यमिता प्रोत्साहन व पलायन रोकने को ग्रोथ सेंटर स्थापना को 15 करोड़, एमएसएमई के तहत बाह्य सहायितत परियोजनाओं के लिए 30 करोड़, क्षेत्रीय संपर्क योजना के लिए 10 करोड़, ऋषिकेश में यात्रियों के रजिस्ट्रेशन ऑफिस कम ट्रांजिस्ट कैंप के निर्माण को सात करोड़, पर्यटन विभाग की होम स्टे योजना को 15 करोड़, अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को जल्द शुरू करने का लक्ष्य रखा है।

योगी सरकार कर रही बीएसपी के वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी

फूलपुर और गोरखपुर उपचुनाव में हार और सपा-बसपा के बीच बढ़ती दोस्ती को सियासी मात देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महादलित का मास्टर कार्ड खेला है। योगी ने विधानसभा के बजट सेशन में कहा कि जरूरत पड़ने पर महादलित और अति पिछड़ों को आरक्षण देने पर विचार किया जा सकता है। साफ है कि योगी आदित्यनाथ ने इस चाल से बीएसपी के वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी कर दी है।

उपचुनाव में बीजेपी के बिगड़े समीकरण के मद्देनजर योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर गैर यादव ओबीसी और गैर जाटव दलित को साधने की कवायद की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कार्ड के जरिए सपा-बसपा की बढ़ती नजदीकियों के चलते एकजुट हो रहे दलित-पिछड़ों के वोटबैंक में सेंधमारी की तैयारी की है। गुरुवार को विधानसभा के बजट अभिभाषण में योगी आदित्यनाथ ने सूबे के अतिपिछड़ों और महादलितों को अलग से आरक्षण देने पर विचार करने की बात कही है।

गौरतलब है कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लालू यादव के दलित वोटबैंक में इसी फॉर्मूले से सेंध लगाई थी और अपना वोट बैंक तैयार किया था। इसी का नतीजा है कि वे मौजूदा दौर में बिहार की सत्ता में काबिज हैं।

इस कानून के तहत गैर जमानती अपराध होगा जबरन धर्म परिवर्तन

हिमाचल, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की तर्ज पर अब उत्तराखंड में भी धर्म स्वतंत्रता अधिनियम लाया गया है। इस सिलसिले में हाल में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया था।

विधानसभा के बजट सत्र में इससे संबंधित विधेयक सदन में पेश कर दिया गया। इसके पारित होने पर उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम-2018 अस्तित्व में आ जाएगा। इसके तहत राज्य में जबरन धर्म परिवर्तन गैर जमानती अपराध होगा।

इस विधेयक के अधिनियम बनने पर कोई भी व्यक्ति मिथ्या निरुपण, बल, असर, प्रपीड़न, प्रलोभन के प्रयोग या कपटपूर्ण माध्यम अथवा विवाह द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को एक से दूसरे धर्म में परिवर्तित या परिवर्तन का प्रयास नहीं करेगा। न किसी व्यक्ति को ऐसे धर्म परिवर्तन के लिए उकसाएगा या षड़यंत्र करेगा। यदि कोई व्यक्ति अपने पूर्व धर्म में वापस आता है तो ऐसा इस अधिनियम के अधीन एक धर्म से दूसरे धर्म का परिवर्तन नहीं कहा जाएगा।

धर्म परिवर्तन के प्रति परिवाद दायर किया जा सकेगा। जो भी अधिनियम के उपबंधों का उल्लंघन करेगा उसमें दंड का प्रावधान है। इसमें कारावास व जुर्माना दोनों का प्रावधान किया जाएगा। यही नहीं, धर्म परिवर्तन के एकमात्र उद्देश्य से किया गया विवाह अकृत और शून्य माना जाएगा। विधेयक के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन का इच्छुक है तो वह कम से कम एक माह पहले जिला मजिस्ट्रेट अथवा जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्राधिकृत कार्यपालक मजिस्टेट के समक्ष उद्घोषणा करेगा। शुद्धता संस्कार के संबंध में पूर्व में रिपोर्ट देनी अनिवार्य होगी। जिला मजिस्ट्रेट इस सूचना के बाद प्रस्तावित धर्म परिवर्तन के वास्तविक आशय, प्रयोजन व कारण के संबंध में पुलिस के माध्यम से जांच करेगा।

मोदी सरकार पूरे देश में एक ही राशन कार्ड करने करने जा रही

मोदी सरकार एक ऐसी व्यवस्था करने शुरू करने जा रही है, जिसके बूते आप देशभर में एक ही राशन कार्ड का इस्तेमाल कर सकेंगे। साथ ही इससे गलत तरीके से राशन कार्ड बनने पर रोक लग सकेगी।

मोदी सरकार चाहती है कि आधार कार्ड की तर्ज पर हर एक राशन कार्ड को एक विशिष्ट (यूनिक) पहचान नंबर दिया जाए। इससे फर्जी राशन कार्ड बनाना काफी मुश्किल हो जाएगा। इसके साथ ही सरकार ऐसी व्यवस्था करेगी, जिसमें एक ऑनलाइन एकीकृत (इंटेग्रेटेड) सिस्टम बनाया जाएगा। इस सिस्टम में राशन कार्ड का डेटा स्टोर होगा।

इसके बन जाने के बाद अगर देश में कहीं भी कोई अगर फर्जी राशन कार्ड बनवाने की कोशिश करेगा, तो इस सिस्टम के जरिये से पता चल जाएगा। इसके बाद अगर कोई नया राशन कार्ड बनवाने जाता है, तो वह ऐसा कर नहीं पाएगा।

अगले महीने से शुरू होगा काम

इस ऑनलाइन सिस्टम का एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि कोई भी लाभार्थी देश के किसी हिस्से में और किसी भी राशन की दुकान पर सब्सिडी वाला अनाज ले सकेंगे। इस व्यवस्था पर अगले महीने से काम शुरू होगा।

इसका सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा, जो अपने राज्य से दूसरे राज्य में नौकरी की खातिर पलायन कर चुके हैं। मौजूदा समय में लाभार्थी अपने गांव या आसपास की राशन की दुकान से सब्सिडी वाला अनाज खरीदते हैं। मगर, एक बार यह ऑनलाइन नेटवर्क तैयार हो गया, तो दूसरे राज्यों में नौकरी के सिलसिले में गए लोगों को कहीं से भी राशन लेने की सुविधा मिल जाएगी. इससे काफी बड़े स्तर पर लोगों को फायदा मिल सकेगा।

मौजूदा समय में देश के सिर्फ चार राज्यों में ही यह सुविधा है, जहां कि एक राज्य के लाभार्थी दूसरे राज्य के राशन की दुकान से अनाज खरीद सकते हैं। यह राज्य हैं, राजस्थान, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना।

सीएम ने लांच किया वैक्सीन इंटेलीजेंस नेटवर्क

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को विधानसभा भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अन्तर्गत इलैक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटैलीजेंस नेटवर्क (ईवीआईएन), मीजिल्स रूबैला टीकाकरण, आरएनटीसीपी तथा कायाकल्प पुरस्कार वितरण समारोह 2017-18 में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मीजल्स एवं रूबेला के टीकाकरण में स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा एवं आईसीडीएस विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रदेश में 28 लाख बच्चों के मीजल्स एवं रूबेला टीकाकरण के निर्धारित लक्ष्य को सम्बन्धित विभागों द्वारा समय से पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को 2024 तक क्षय रोग से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने प्रदेश के सभी 13 जिलों के क्षय रोग निदान हेतु कार्य करने वालों को टेबलेट वितरण किया। किसी भी लक्ष्य को प्रदान करने के लिए विभागों में आपसी समन्वय होना जरूरी है। विभागों के समन्वय के कारण ही मीजल्स एवं रूबेला के टीकाकरण में प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य से अधिक टीकाकरण हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षय रोग मुक्ति के लिए शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इलैक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटैलीजेंस नेटवर्क को मोबाईल एप से लॉच किया।

मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के जिला चिकित्सालयों, उप जिला चिकित्सालयों एवं प्रत्येक जिले में श्रेष्ठ कार्य करने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को पुरस्कृत किया एवं प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किये। जिसमें कायाकल्प पुरस्कार के तहत श्रेणी ’ए’ में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले जवाहर लाल नेहरू, जिला चिकित्सालय ऊधमसिंह नगर को 50 लाख रूपये की धनराशि प्रदान की गई। जबकि 06 जिला चिकित्सालयों चेनराय जिला महिला चिकित्सालय हरिद्वार, बी.डी.पाण्डेय जिला पुरूष चिकित्सालय नैनीताल, जिला चिकित्सालय गोपेश्वर, चमोली, बीडीपाण्डेय जिला महिला चिकित्सालय नैनीताल, जिला चिकित्सालय रूद्रप्रयाग एवं जिला महिला चिकित्सालय उत्तरकाशी को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 03-03 लाख रूपये की धनराशि प्रदान की गई।

श्रेणी ’बी’ में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले उप जिला चिकित्सालय नरेन्द्रनगर, टिहरी गढ़वाल को 15 लाख रूपये, द्वितीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले उप जिला चिकित्सालय कोरोनेशन, देहरादून को 10 लाख रूपये एवं सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करने वाले संयुक्त चिकित्सालय प्रेमनगर, देहरादून एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोईवाला, देहरादून को 01-01 लाख रूपये की धनराशि प्रदान की गई।

श्रेणी ’सी’ के अन्तर्गत जनपद में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 02-02 लाख रूपये एवं सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 50-50 हजार रूपये की धनराशि प्रदान की गई।

क्या वाकई विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है आयुष्मान भारत

नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम यानी आयुष्मान भारत को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूदी दे दी है। इस योजना को मोदी केयर भी कहा जाता है। विदित हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषण इस साल के बजट में वित्त मंत्री अरूण जेटली ने की थी।

कैबिनेट ने नेशनल हेल्थ मिशन को जारी रखने पर भी सहमति दी है। यह योजना 31 मार्च 2020 तक चलेगी और केंद्र सरकार इसके लिए 85,217 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
इस योजना के तहत हर परिवार को पांच लाख रुपये तक का हेल्थ इंश्योरेंस मिलेगा। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या पर कोई रोक नहीं है। इस योजना के तहत कौन से परिवार आएंगे, इसका फैसला आर्थिक आधार पर होगा। इस योजना के दायरे में आने वाले परिवारों को सरकारी और चुने हुए प्राइवेट अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी। जो परिवार इस योजना के तहत आएंगे उन्हें इलाज की सुविधा देश भर में कहीं भी मिल सकेगी।

क्या है आयुष्मान भारत योजना

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल पेश किए गए बजट में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि इसके तहत करीब 10 करोड़ परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये का मेडिकल कवर भी दिया जाएगा। साथ ही इस योजना का लाभ देश की 40 फीसदी आबादी यानी 50 करोड़ लोगों को मिलेगा। इसमें निजी क्षेत्र की कंपनियां भी भाग ले सकेंगी।

जेटली ने कहा था कि भारत को स्वस्थ भारत बनाया जाएगा, इसके लिए देशभर में 1.5 लाख स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे। इन स्वास्थ्य केंद्रों के खोले जाने का फायदा आम लोगों को फौरी तौर पर होगा, क्योंकि उन्हें आम बीमारियों के इलाज के लिए दूर नहीं जाना होगा और पास के इन केंद्रों से इलाज करा सकेंगे। साथ ही आरोग्य से जुड़ी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।

शुरुआती इलाज में मिलेगा फायदा

आम लोगों को पांच लाख रुपये की बीमा का फायदा तब मिलेगा जब बीमारी बड़ी या फिर गंभीर होने की स्थिति में वह हॉस्पिटल में भर्ती होगा, लेकिन स्वास्थ्य केंद्रों का फायदा छोटे और बड़े हर तरह के बीमार लोगों को तुरंत मिलेगा।

नई योजना के तहत हर तीन संसदीय क्षेत्र या फिर एक राज्य में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। फिलहाल देश में निजी और सरकारी दोनों मेडिकल कॉलेजों से हर साल 67 हजार एमबीबीएस और 31 हजार पोस्ट ग्रेजुएट डॉक्टर पास होकर निकलते हैं। ऐसे में कई नए मेडिकल कॉलेज खुलने से डॉक्टरों की कमी दूर होगी और लोगों के इलाज के लिए पर्याप्त डॉक्टर सुलभ हो सकेंगे।

राज्य सरकार सैनिक व आश्रितों की मदद को हर संभव तैयारः जोशी

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद मेजर जनरल (से.नि.) भुवन चन्द्र खण्डूड़ी एवं आर्मी चीफ बिपिन रावत के साथ सहस्त्रधारा रोड स्थित डांडा लखौण्ड में गढ़वाल राईफल्स के वार मेमोरियल बॉयज एवं गर्ल्स छात्रावास का उद्घाटन किया। इस छात्रावास में कुल 250 छात्र-छात्राएं रह सकते हैं। जिसमें से 125 छात्रों एवं 125 छात्राओं के लिए रहने की व्यवस्था है। छात्रावास में भोजन, छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने के लिए बस की सुविधा, चिकित्सा सुविधा, पुस्तकालय, व्यावसायिक परिक्षाओं के लिए कोचिंग सुविधा प्रदान की जायेगी। 

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि इस छात्रावास के बनने से हमारे सैनिक परिवारों के बच्चों को पढ़ाई के लिए अच्छी सुविधाएं एवं अच्छा वातावरण मिलेगा। प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों से आकर बच्चे यहां पर आकर शिक्षा ग्रहण करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि सेना तैयार हो जाती है, तो हल्द्वानी में भी सैनिक आश्रितों के लिए छात्रावास बनाने की योजना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमित संसाधन होने के बाबजूद भी अपने सैनिको एवं सैन्य परिवारों के लिए हर सम्भव मदद करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की स्थिति को सुधारने के लिए स्कूल को दी जाने वाली ग्रान्ट को तीन करोड़ से बढा़कर पांच करोड़ किया गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड में पलायन एक गम्भीर समस्या है। दूरस्थ क्षेत्रों से किस तरह पलायन रोका जा सके इसके लिये में प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि सभी 670 न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में जो पोष्टिक आहार दिया जाता है, उसको राष्ट्रीय स्तर पर काफी प्रसिद्धि मिली है। इस पोष्टिक आहार में सभी स्थानीय उत्पादों कोदा, झंगोरा, चोलई, कुटू आदि का प्रयोग किया गया है। इनकी पैदावार को और अधिक बढ़ाकर तथा ब्राडिंग कर बेचने पर अच्छी इनकम की जा सकती है।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद मेजर जनरल (से.नि) भुवन चन्द्र खण्डूड़ी ने कहा कि सैनिक आश्रितों की सुविधा के लिए यह एक सराहनीय कार्य हुआ है। छात्र-छात्राएं, इस छात्रावास में रहकर अच्छी शिक्षा ग्रहण करेंगे तथा सैन्य एवं अन्य क्षेत्रों में अच्छे पदों पर आगे बढ़ेंगे।

आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने कहा कि चैत्र माह के नवरात्रि के दिन गढ़वाल राईफल्स के वार मेमोरियल बॉयज एवं गर्ल्स छात्रावास का उद्घाटन एक शुभ प्रतीक है। छात्रावास के बनने से सेना मेडल जवानों एवं फौज में तैनात जवानों को बच्चों की परवरिश के लिए अधिक भटकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने इस हॉस्टल के निर्माण में सहयोग के लिए उत्तराखण्ड सरकार, विभिन्न संस्थाओं का अभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में छात्र-छात्राओं को अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी, जिससे वे आर्मी एवं अन्य संस्थानों में नौकरी करने के लिए अच्छी पढ़ाई कर सकें।
विधायक गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों व उनके आश्रितों की हर सम्भव मदद के लिये तैयार है। उन्होंने अपनी विधायक निधि से छात्रावास के लिये 50 लाख रूपये देने की बात कही।

पांच वर्षों की तुलना एक वर्ष से करेंः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने भ्रष्टाचार को मिटाने में जनता से सहयोग की अपेक्षा की है। प्रदेश में पिछले एक वर्ष में संस्थागत भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है। यह भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का ही परिणाम है कि आज प्रदेश में भ्रष्टाचारियों में दहशत ही नहीं बल्कि भ्रष्टाचारी, भ्रष्ट तरीके से कमाये गये धन को वापस करने की बात कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कैंसर रोगियों और हृदय रोगियों के लिये एक माह के भीतर मॉडल लैब स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एक वर्ष के भीतर प्रदेश की सड़कों के सभी दुर्घटना सम्भावित क्षेत्र (ब्लैक स्पॉट) ठीक कर दिए जाएंगे। अपै्रल माह तक 108 सेवा की 111 अतिरिक्त एम्बुलेंस आ जाएंगी। प्रदेश में खाद्य सामग्री की जांच के लिये मोबाईल फूड टेस्टिंग लैब की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने इन सचल वाहनों को भी झंडी दिखाकर रवाना किया।

रविवार को प्रदेश सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर परेड ग्राउण्ड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने पिछले एक वर्ष में अपनी सरकार द्वारा प्रदेश हित में लिये गये निर्णयों व कार्यों की जानकारी जनता के समक्ष रखी। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर जनता के समक्ष राज्य सरकार के गुड गवर्नेंस मॉडल को प्रस्तुत किया। लगभग 20 मिनट के सम्बोधन में मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने की बात दृढ़ता के साथ दोहराई। उन्होंने ग्राम्य विकास, महिला सशक्तिकरण, चिकित्सा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी, जल संरक्षण, विद्युतीकरण, शिक्षा, स्वच्छता, समाज कल्याण जैसे सभी महत्वपूर्ण सैक्टरों में पिछले एक वर्ष में किये गए कार्यों की जानकारी दी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास के अपने विजन को भी साझा किया। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में बाल लिंगानुपात पर किये गये अध्ययन को जारी किया।

उन्होंने कहा कि उनके द्वारा जनता से उत्तराखण्ड को विकसित पारदर्शी व भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने का वायदा किया गया था। उसके परिणाम भी सामने है। पांच वर्षों की तुलना में प्रदेश में इस एक वर्ष की अवधि में अपराध, हत्या, मृत्यु की घटनाओं में कमी आयी है। पुलिस द्वारा अपराधों के नियन्त्रण में प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।

उन्होंने अपनी सरकार द्वारा एक वर्ष की उपलब्धियों को जनता के सम्मुख पेश किया। जिनमें फॉर्म मशीनरी बैंक, सस्ता ऋण वितरण, मॉडल स्कूलों के लिये ‘के’ यान मशीने, गैस कनेक्शन वितरण, स्टैण्डअप योजना, डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र, आशाओं को सम्मान, दुग्ध संघो को प्रोत्साहन, ओडीएफ नगर निकायों का सम्मान, ई रिक्शा योजना, सौभाग्य योजना आदि योजनाओं रही।

सीएम ने एक वर्ष के कार्यकाल पर आभार जताया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर प्रदेश वासियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में राज्य सरकार ने उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए समाज के हर वर्ग का उत्थान करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। किसान, महिला और गांव सरकार की नीतियों के केंद्र में हैं। पहाड़ से पलायन रोकना, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना, बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकताएं हैं। मात्र कोरी घोषणाएँ नहीं की गयी हैं, बल्कि ऐसी घोषणाएं की गयी हैं, जिन्हें पूरा किया जा सकता है।

सीएम बोले ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। राज्य के 99.60 प्रतिशत ग्राम विद्युतीकृत हो गये हैं। विगत एक वर्ष में 51 दूरस्थ गाँव विद्युतीकृत किए गए एवं शेष 21 गाँव मार्च के अन्त तक विद्युतीकृत हो जाएंगे।

एक वर्ष में 552 नई बस्तियों को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गयी है। 572 नये स्थानों पर हैण्डपम्प लगाए गए हैं। 1273 ग्रामीण पेयजल योजनाओं का सुदृढ़ीकरण एवं जीर्णोद्धार किया गया है। प्रदेश में 3837 चाल-खाल, जलकुण्ड, फार्म पॉण्ड का निर्माण किया गया है। देहरादून में सूर्यधार झील परियोजना का कार्य शुरू हो गया है। देहरादून में रिस्पना नदी व अल्मोड़ा में कोसी नदी के पुनर्जीवीकरण हेतु अभियान प्रारम्भ हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में लगभग 600 अतिरिक्त चिकित्सकों को पर्वतीय क्षेत्रों में नियुक्त किया गया। इनमें 239 बॉन्डधारी चिकित्सकों की भी नियुक्ति भी सम्मिलित हैं। मैदानी क्षेत्रों में सुविधा जनक स्थानों पर वर्षों से जमें डाक्टरों की संबद्धता समाप्त कर उन्हें वापस मूल स्थानों पर तैनात किया गया है।

राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए भी सरकार सदैव प्रयासरत है। 15 ग्रॉथ सेंटरों में महिलाओं को एलईडी उपकरण निर्माण की टेªनिंग दी जा रही है। सामाजिक रूप से कमजोर एवं निराश्रित महिलाओं के लिये एक लाख तक ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जा रहा है। एकल महिलाओं के लिये सखी ई-रिक्शा योजना शुरू की गयी है। इसके साथ ही प्रथम स्पर्श सैनेटरी नैपकिन उत्पादक इकाई शुरू कर दी गयी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दो गुनी करने हेतु शुरू की गयी योजना के अन्तर्गत अब तक सवा लाख से अधिक किसानों को लगभग 600 करोड रूपये का ऋण मात्र 02 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जा चुका है। पर्वतीय क्षेत्र में छोटी एवं बिखरी जोतों की चकबन्दी का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अन्तर्गत स्टेट कम्पोनेंट में देश का पहला प्रशिक्षण केन्द्र उत्तराखण्ड में खोला गया है। एमएसएमई के क्षेत्र में 2951 ईकाइयों की स्थापना की गयी है, जिससे लगभग 17 हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। राज्य में सेण्ट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ प्लास्टिक्स इंजीनियरिंग एण्ड टैक्नोलॉजी के लिये भवन एवं भूमि चिन्ह्ति कर ली गयी है, जिसमें इस वर्ष से कक्षाओं की शुरूआत कर दी जाएगी।

सिंगल विण्डो सिस्टम के अन्तर्गत लगभग 2500 करोड रूपये के 460 निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है। नई स्टार्ट अप नीति-2018 भी लागू कर दी गयी है। उद्यमियों को नये उद्यमों हेतु भूमि खरीदने की अनुमति अब जिला स्तर से ही प्राप्त हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि राज्य के विकास के लिये रोडमैप निर्धारित करते हुए हमने लक्ष्य 2020 के अन्तगर्त 2020 तक राज्य की सभी योजनाओं में डीबीटी लागू करने, राजस्व दोगुना करने, 05 हजार होम स्टे का निमार्ण, 01 लाख युवाओं को स्किल्ड बनाने, 200 स्टार्ट अप आरम्भ करने, 04 लाख 35 हजार वंचित परिवारों में से कम से कम एक व्यक्ति प्रति परिवार को जीविका के साधन देने, सर्विस सेक्टर में 01 लाख नए रोजगार उत्पन्न करने, सभी ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाईबर कनेक्टिविटी देने जैसे लक्ष्य रखे है।