पशुपालन और पंतजलि गो मूत्र और साइलेज का कारोबार करेंगे

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक बैठक में पतंजलि संस्था के साथ प्रस्तावित ’सहयोग’ कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर वन मंत्री डाॅ.हरक सिंह रावत तथा पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने विभागों को निर्देश दिये कि जिन बिन्दुओं पर सहमति बनी है उनके क्रियान्वयन हेतु सभी पक्षो पर विचार कर विस्तृत एम.ओ.यू. तैयार कर अग्रिम कार्यवाही की जाए। उन्होंने जड़ी-बूटी उत्पादन विपणन को प्रोत्साहित करने के लिये सिंगल विण्डो सिस्टम की आवश्यकता बताई। जड़ी-बूटी खेती को किसानों के लिये लाभकारी बनाना होगा। जड़ी बूटियों के लिये बीज और नर्सरी उपलब्ध कराना जरूरी है। गांवों में पर्यटन और आयुष गतिविधियों पर आधारित रोजगार के अवसर उत्पन्न करने जरूरी है। पशुपालन और औद्यानिकी को क्लस्टर्स में योजनाबद्ध तरीके से बढ़ाना होगा। उन्होंने पतंजलि द्वारा इस दिशा में सकारात्मक सहयोग पर संतोष व्यक्त करते हुए बाबा रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण को धन्यवाद भी दिया।
बैठक में उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के शोधार्थियों हेतु पतंजलि द्वारा लैब सुविधाएं उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। पतंजलि संस्था लैब कार्यों के लिये शीघ्र ही ’आइटमाइज्ड’ दरें उपलब्ध करायेगी, जो बाजार दरो से कम होगी। उत्तराखण्ड के किसानों से मोटे अनाज के क्रय हेतु पतंजलि को क्लस्टरवार विपणन हेतु उपलब्ध अनाज उत्पादन का विवरण उपलब्ध कराया जायेगा। इसके साथ ही पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में पतंजलि किसी एक ग्राम या क्लस्टर में कान्ट्रैक्ट फार्मिंग भी शुरू करेगी। पतंजलि को राज्य सरकार उपलब्ध जड़ी बूटियों की सूची तथा उनके बीज की उपलब्धता का विवरण देगी। पतंजलि द्वारा जडी बूटियों के लिये शीघ्र ही न्यूनतम क्रय मूल्य घोषित किया जायेगा।
पतंजलि मुनिकीरेती में वन विभाग के डाॅ.सुशीला तिवारी हर्बल गार्डेन को माॅडल हर्बल गार्डेन एवं नर्सरी में विकसित करेगा। इस हर्बल गार्डेन को पर्यटक आकर्षण का केन्द्र भी बनाया जायेगा। पशुपालन विभाग के पास गो-मूत्र उपलब्ध है जबकि पतंजलि के पास साइलेज (पशुचारा) की उपलब्धता है। दोनो परस्पर विनियम की शर्तें निर्धारित करते हुए गो-मूत्र एवं साइलेज का आदान प्रदान करेंगे। अगले तीन माह के लिये पशुपालन विभाग द्वारा 1073 मीट्रिक टन साइलेज की मांग की गई। पशुपालन विभाग द्वारा टेस्टिंग प्रक्रिया के रूप में पतंजलि को दूध आपूर्ति भी की जा रही है। शीघ्र ही 12000 लीटर दूध की आपूर्ति प्रारम्भ की जायेगी। इसके साथ ही चंपावत में नरियाल गांव में बद्री गाय संवर्द्धन योजना को भी पतंजलि द्वारा संचालित किया जायेगा। पर्यटन विभाग द्वारा प्रस्ताव दिया गया कि राज्य में ऐसे 12 गांवों में जहां ए.डी.बी. द्वारा अवस्थापना सुविधाएं विकसित की जा रही है वहां स्थानीय लोगों को पतंजलि के माध्यम से पंचकर्म, योग आदि में प्रशिक्षित कर पर्यटक केन्द्र विकसित किया जा सकता है। इसी प्रकार बंद पडे टूरिस्ट सेंटरों में से कुछ सेंटर पतंजलि पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में ले सकता है। पतंजलि संस्था द्वारा हरिद्वार जनपद के सभी आंगनबाडी केन्द्रों पर हाईजीन सुविधाएं विकसित करने हेतु सहमति दी गई। बैठक में सहकारिता, एरोमैटिक प्लांट, मधुमक्खी पालन, जड़ी बूटी पादप डाक्यूमेंटेशन आदि विषयों पर भी चर्चा हुई।

शराब के ठेकों में डिजिटल पेमेंट से शराब बिक्री को बढ़ावा!

ओवर रेट की शिकायतों को देखते हुए प्रशासन अब डिजिटल पेमेंट से शराब खरीदने को बढ़ावा देने जा रहा है। इसके लिए शराब की दुकानों में स्वैप मशीन लगाने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों की मानें तों इससे ओवर रेट में शराब बिकने पर रोक तो लग ही जायेंगी। वहीं केन्द्र सरकार की योजना डिजिटल पेंमेट को भी बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब है कि आये दिन राज्य में ओवर रेट पर शराब बेचने के मामले निकल कर सामने आते है। नतीजतन सरकार लगातार ओवर रेट पर लगाम लगाने की बात तो कहती रहती है, लेकिन ओवर रेटिंग रुकने का नाम नही ले रही है। जिसको देखते हुए सरकार अब सभी शराब की दुकानों में स्वैप मशीन लगाने जा रही है, विभाग का दावा है कि कई दुकानों में तो मशीन लग चुकी है जबकि बाकी दुकानों में जल्द ही स्वैप मशीन लगाई जाएगी। स्वैप मशीन लगने से न सिर्फ ओवर रैट पर लगाम लगेगी साथ ही डिजिटल लेन देन को भी बढ़ावा मिलेगा। जिला आबकारी अधिकारी मनोज कुमार उपाध्याय ने डिजिटल पेमेंट से शराब बिक्री को बढ़ावा देने की बात कही है।

परेड ग्रांउड में 28 अगस्त से विश्व स्तरीय पुस्तक मेले का आयोजन

आम नागरिको में पढाई-लिखाई की प्रवृत्ति को बढ़ाने के लिए एवं जागरूकता में वृद्धि के उद्देश्य से लगाये जाने वाले विश्व पुस्तक मेला के आयोजन को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने समीक्षा की। पढेगा उत्तराखण्ड और बढेगा उत्तराखण्ड थीम को लेकर परेड ग्राउण्ड में लगाई जाने वाले विश्व पुस्तक मेला का आयोजन 28 अगस्त से 05 सितम्बर तक किया जा रहा है। पुस्तक मेला का उद्घाटन राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि एनबीटी के अधीन लगाई जाने वाले विश्व पुस्तक मेला में लगभग 200 प्रकाशको के स्टॉल लगाये जायेंगे। आशा जताई कि 2019 तक पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य हासिल करने में यह पुस्तक मेला सहयोगी होगा। 9 दिवसीय विश्व पुस्तक मेला में प्रतिदिन सुबह 11 बजे से सायं 8 बजे तक अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। विचार गोष्ठी, बौद्धिक परिचर्चा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विश्व विद्यालय, अर्न्तविद्यालय प्रतियोगिता के आयोजन में प्रख्यात साहित्यकार, शिक्षाविद् एवं समाजसेवी को आमंत्रित किया गया है।
आम नागरिको को न्यूनतम 10 प्रतिशत की छूट पुस्तको पर होगी। जो छात्र अपने पहचान पत्र के साथ आयेंगे, उन्हें 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इसके अतिरिक्त महापुरूषों से संबंधित पुस्तकों पर 20 प्रतिशत की छूट होगी। पुस्तक मेला का उद्देश्य उत्तराखण्ड के छात्र-छात्राओं में पढ़ने की अभिरूचि को जगाना है तथा विश्व स्तरीय पुस्तकों की उपलब्धता आमजन तक पहुंचाना है।

तो क्या रेल हादसों का इंतजार कर रहा रुद्रपुर रेलवे स्टेशन!

बढ़ते रेल हादसों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से बरेली मंडल के डीआरएम निखिल पांडेय ने रुद्रपुर रेलवे स्टेशन का दौरा करके कई खामियों को पकड़ा। उन्होंने लापरवाही बरतने पर सीनियर सेक्शन इंजीनियर टेलीकॉम को निलंबित कर दिया। बरेली मंडल के डीआरएम निखिल पांडेय ने रेलवे स्टेशन का दौरा करके कई खामियों को पकड़ा। डीआरएम को निरीक्षण के दौरान इलैक्ट्रॉनिक सिस्टम में अनियिमतिताएं मिली। बताया जाता है कि रेलवे ट्रेक में भी गड़बड़ी पाई गई, जिस पर डीआरएम ने स्थानीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने यहां मिली तकनीकी गड़बडिय़ों के लिए सीनियर सेक्शन इंजीनियर टेलीकॉम के पद पर तैनात मनोज जंगपांगी को निलंबित करने के आदेश दिये। इसके अलावा डीआरएम ने रेलवे स्टेशन का बारीकी से निरीक्षण करके सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने रेलवे के स्टेशन अधीक्षक को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डीआरएम ने कहा कि रेलवे हादसों को रोकने के लिए सभी उपाय कर रहा है। इसी क्रम में उनका दौरा हुआ है।

हरियाणा दंगे के बाद राम रहिम के अनुयायियों पर पुलिस रख रही नजर!

यौन शोषण मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद हरियाणा में हुई हिंसा के बाद ऊधमसिंह नगर जिले में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है। संदिग्धों पर नजर रखने के साथ ही पुलिस ने उत्तरप्रदेश से सटे जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में चेकिंग अभियान चलाना शुरू कर दिया है। साथ ही खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है।
आपको बत दे कि डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद पंजाब, हरियाणा में उनके समर्थक हिंसा व आगजनी पर उतर आए। इससे प्रशासन सतर्क हो गया। ऊधमसिंह नगर जिले में पुलिस अलर्ट हो गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जिले के गदरपुर, बाजपुर और रुद्रपुर क्षेत्र में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के समर्थक होने के कारण खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस ने बार्डर क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाकर संदिग्धों से पूछताछ भी की। ऊधमसिंह नगर के एएसपी देवेंद्र पींचा का कहना है कि जिले में एहतियातन अलर्ट घोषित कर दिया गया है। खासकर बाजपुर और गदरपुर क्षेत्र में संदिग्धों पर नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया है। विरोध स्वरूप सड़कों पर उतरने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों का आरोप, कभी भी ढह सकता हैं उनका मकान!

चमोली जिले के दुर्गापुर बौंला गांव के समीप टीएचडीसी के द्वारा बनाए जा रहे टनल निर्माण में हो रहे विस्फोटों के कारण यह गांव भूस्खलन के चपेट में है। भूस्खलन होने के कारण दुर्गापुर की निवासी मथुरा देवी का आवासीय मकान खतरे की जद में है। यह मकान कभी भी टूट सकता है। प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद भी ना तो अभी तक कोई अधिकारी मौके पर आया और ना तो टीएचडीसी द्वारा द्वारा कोई कार्यवाही की गई है। बता दे चमोली जिला भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील की श्रेणी में आता है। इस आवासीय मकान में मथुरा देवी के अलावा उनकी नातिन रहती है। अधिक वर्षा होने के कारण कभी भी यह मकान टूट सकता है, लेकिन इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। अधिक वर्षा होने के कारण यह परिवार मकान टूटने के डर से रात भर सो नहीं पा रहा है। प्रशासन का आलम यह है कि जांच की बात तो कह रहा है लेकिन मौके पर जाने को कोई तैयार ही नहीं है। प्रशासन की इस अड़ियल रवैये से यह लगता है कि वह कोई अप्रिय घटना होने की इंतजार कर रहे हैं।​ वहीं, मामले में एसडीएम कह रहे है कि यह मामला उनके संज्ञान में है और जल्द ही इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।​

टीएचडीसी द्वारा किए जा रहे विस्फोटों के बारे जिले के तमाम अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हमारा मकान कभी भी टूट सकता है, लेकिन हमारी कोई सुध लेने वाला नहीं है। अगर कल के दिन कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
मथुरा देवी

कंपनी द्वारा किए जा रहे विस्फोटों के कारण पूरा गांव प्रभावित हो रहा है मथुरा देवी का मकान तो कभी भी ध्वस्त हो सकता है।
प्रकाश नेगी ग्राम प्रधान

बाढ़ से नुकसान की भरपाई को मोदी का बिहार को 500करोड़ी पैकेज

हवाई सर्वे के जरिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मोदी के साथ रहे। पीएम मोदी ने बिहार के लिए 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान किया है। इससे पहले पीएम मोदी ने पूर्णिया में सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सुशील मोदी और आला अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए उच्चस्तरीय बैठक भी की। बिहार में बाढ़ की वजह से अब तक 418 लोगों की मौत हो गई है। हाई लेवल मीटिंग के बाद पीएम मोदी ने बिहार को हर मुमकिन मदद का भरोसा दिया है। मोदी ने बाढ़ से हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए एक केंद्रीय दल भेजने का भी आश्वासन दिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों की फसल बीमा का तुरंत आंकलन करने के लिए बीमा कम्पनियां अपने पर्यवेक्षक तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में भेजें। जिससे किसानों को शीघ्र ही राहत पहुंचाई जा सके।
बाढ़ से प्रभावित सड़कों की मरम्मत के लिए सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को उपयुक्त कार्रवाई करने का भी निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ से विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर को जो नुकसान हुआ है उसकी शीघ्र बहाली के लिए भी केन्द्र, राज्य सरकार की हर संभव मदद करेगा। प्रधानमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपए एवं गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपए की दर से सहायता भी दी जाएगी।

एम्स ऋषिकेश में मरीजों के साथ आने वालों के लिये 500बेड की आवासीय व्यवस्था

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने डोईवाला में एक स्थानीय वेडिग प्वाइंट में शहीद मेजर दुर्गामल्ल के 74वें बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि देहरादून से ऋषिकेश के लिए जाने वाली तथा हरिद्वार से ऋषिकेश को आने वाली सभी रोडवेज बसे एम्स ऋषिकेश से होते हुए जाएगी, इसके साथ ही एम्स ऋषिकेश में मरीजो के साथ आने वाले तीमारदारों के रहने हेतु 500 बेड की आवासीय व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि डोईवालाखता रोड शहीद मेजर दुर्गामल्ल के नाम से जानी जायेगी। डोईवाला डिग्री कॉलेज में शहीद मेजर दुर्गामल्ल की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि अब कोई भी जनसमस्या सम्बन्धित विभागीय मंत्रियो द्वारा एक निर्धारित दिन उनके कार्यालय में सुनी जाएगी। मंत्रियो द्वारा अपने विभागों से सम्बन्धित जन समस्या की सुनवाई तथा निपटान त्वरित तथा प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने राज्य भर के सभी डिग्री कॉलेज छात्रछात्राओं से अपील की है कि प्रधानमंत्री की स्वास्थ्य बीमा योजना के अर्न्तगत डिग्री कॉलेज के छात्रों को 2 लाख तक की बीमा सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी छात्रछात्राएं प्रधानमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का आवेदन पत्र भरे तथा योजना का लाभ उठाए। शहीद मेजर दुर्गामल्ल को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए हुए त्रिवेन्द्र ने कहा कि शहीद किसी जाति विशेष या समुदाय विशेष के नहीं होते बल्कि उनका बलिदान और त्याग सम्पूर्ण समाज या देश के लिए होता है। यह मात्र गोर्ख्याली समुदाय का ही कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह हर देशभक्त का कार्यक्रम है। हमारे शहीद देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देते है। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि हमारे राज्य से अनेक ऐसे वीर है जिन्हें परमवीर चक्र, शौर्य चक्र जैसे तमाम सर्वोच्च पुरस्कार मिल चुके है। हम उन तमाम ज्ञातअज्ञात वीरों को नमन करते है। उन्होंने कहा कि जिस देश में वीरो की पूजा बन्द हो जाती है वह देश समाप्त हो जाता है। यदि देश को जीवित तथा मजबूत रखना है तो हमें अपने वीरों को याद रखना होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने हाल ही में कारगिल में शहीद हुए बंजारावाला निवासी लांस नायक जीत बहादुर थापा की पत्नी श्रीमती रानी थापा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। गोर्ख्याली समाज द्वारा संसद भवन में शहीद दुर्गा मल्ल की प्रतिमा की स्थापना हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा त्रिवेन्द्र सिंह रावत का आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नगर पालिका परिसर डोईवाला में शहीद मेजर दुर्गामल्ल की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल तथा शहीद मेजर दुर्गामल्ल के भतीजे राजेन्द्र मल्ल व काफी मात्रा में लोग मौजूद थे।

उत्तराखंड में चीनी जूते के डिब्बे में छपा मिला तिरंगा

चीन अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। इस बार डोकलाम विवाद के बीच एक चीनी कंपनी ने भारतीय ध्वज का अपमान किया है। दरअसल कंपनी ने अपने जूतों की पैकिंग के लिए बनाए गए डिब्बों पर तिरंगा बनाया हुआ है।
चीनी कंपनी की इस करतूत का उदाहरण उत्तराखंड के अल्मोड़ा में देखने को मिला। मिली जानकारी के अनुसार, अल्मोड़ा के एक स्थानीय दुकानदार बिशन बोरा ने डिस्ट्रीब्यूटर से चीनी कंपनी के जूते मंगवाए थे। तय वक्त में जूते भी मिल गएं दुकानदार ने जब जूतों का डिब्बा देखा तो वह दंग रह गए।
जूते बनाने वाली कंपनी ने डिब्बों पर तिरंगा बनाया हुआ था। मामले के तूल पकड़ते ही पुलिस के पास इसकी शिकायत पहुंचीं पुलिस ने जांच शुरू की तो पाया कि यह जूते उधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर शहर स्थित एक डिस्ट्रीब्यूटर ने भेजे हैं। जिले के एसएसपी ने फौरन डिस्ट्रीब्यूटर को तलब किया।
डिस्ट्रीब्यूटर ने बताया कि यह जूतों की खेप उसने दिल्ली के बड़े डिस्ट्रीब्यूटर से मंगवाई थी। फिलहाल उत्तराखंड पुलिस जल्द दिल्ली वाले डिस्ट्रीब्यूटर से पूछताछ करने की बात कह रही है। पुलिस ने शिकायतकर्ता दुकानदार बिशन बोरा की तहरीर मिलने के बाद केस दर्ज कर लिया है।

हाइकोर्ट ने पंचकुला मामले में सरकार को लताड़ा, कहा हर मोर्चे पर रहे नाकाम

डेरा सच्चा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पंचकूला की सीबीआई की एक कोर्ट ने शुक्रवार को रेप के 15 साल पुराने मामले में दोषी माना। बाबा को दोषी ठहराए जाने के तुरंत बाद ही उनके समर्थक उग्र हो गए और हरियाणा-पंजाब समेत 5 राज्यों में उन्होंने तांडव मचाया। हिंसा का सबसे ज्यादा असर पंचकूला में देखने को मिला, जहां 29 लोगों की मौत हो गई। वहीं सिरसा में भी 2 लोगों की जान चली गई.हिंसा पर पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने खट्टर सरकार को लगातार तीसरे दिन जमकर लताड़ा है. कोर्ट ने कहा कि सरकार ने राजनीतिक फायदे के लिए शहर को जलने दिया. ऐसा लगता है कि सरकार ने सरेंडर कर दिया।
इससे पहले शुक्रवार को कोर्ट के फैसले के बाद पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि स्वयंभू बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह के अनुयायियों द्वारा की जा रही हिंसा और आगजनी के कारण हुई क्षति की भरपाई डेरा सच्चा सौदा से कराई जाए। अदालत ने आदेश दिया कि कोई भी राजनीतिक, सामाजिक या धार्मिक नेता कोई भड़काऊ बयान नहीं दे और अगर कोई ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए। पीठ ने आदेश में कहा, स्थिति से निपट रहे अधिकारी बिना भय के और निष्पक्षता के साथ अपना काम करे। अगर कोई अधिकारी कर्तव्य के निर्वहन में चूकता है तो उसके खिलाफ अदालत कड़ी कार्रवाई करेगी।