अनाथ बच्चों को 5 प्रतिशत आरक्षण देगी राज्य सरकार

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के वैष्णो माता मंदिर, पोस्ट ऑफिस चैक नत्थनपुर में रूपये 96.33 लाख की लागत से नलकूप निर्माण कार्य, रूपये 96.01 लाख लागत से ग्राम पंचायत नत्थनपुर में नलकूप निर्माण कार्य का शिलान्यास, अम्बेडकर बस्ती नत्थनपुर में रूपये 97.11 लाख की लागत से नलकूप निर्माण कार्य का लोकार्पण एवं मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा नत्थनपुर में सामुदायिक भवन एवं मिलन केन्द्र निर्माण कार्य का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया।
अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि क्षेत्र से लगे सैयद नाले के शेष बचे कार्यों को शीघ्र ही पूर्ण किया जाएगा, जिसमें लगभग 4.5 करोड़ रूपये की लागत आएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की पानी की समस्या को दूर करने के लिए इन निर्माण कार्यों को ससमय पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देहरादून के आसपास के क्षेत्र की पानी की समस्या को दूर करने के लिए सूर्यधार झील का कार्य किया जा रहा है। इससे क्षेत्र के 29 गांवों को गुरूत्व आधारित पीने का पानी उपलब्ध होगा। इसके साथ ही, सौंग बांध हेतु भूमि की व्यवस्था हो गयी है। प्रभावितों के विस्थापन के तुरन्त बाद इसके निर्माण का कार्य प्रारम्भ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बांध के निर्माण का कार्य 350 दिनों में पूर्ण किया जाएगा।

सैनिकों के लिए उनका आई कार्ड ही प्रवेश पत्रः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक देश का गौरव हैं। राज्य सरकार सैनिकों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री आवास एवं सचिवालय में सैनिकों के प्रवेश के लिए उनके आई कार्ड को मान्यता दे दी गयी है। अब कोई भी सैनिक अपना आई कार्ड दिखा कर सचिवालय में प्रवेश कर सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा परम विशिष्ट सेवा मेडल प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली धनराशि को 15 हजार से बढ़ाकर 2 लाख रूपये किया गया है। इसी प्रकार अति विशिष्ट सेवा मेडल की धनराशि को भी 7 हजार से बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार किया गया है। सेना मेडल प्राप्त सैनिकों को 1 लाख रूपये दिए जाएंगे। इसी प्रकार विशिष्ट सेवा मेडल प्राप्त सैनिक को दी जाने वाली धनराशि को 3 हजार से बढ़ाकर 75 हजार किया गया है। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों 5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें कौशल विकास कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाएगा।

अनाथ बच्चों को भी 5 प्रतिशत आरक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में अनाथ बच्चां के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की है। इससे राजकीय अनाथालयों में रह रहे अनाथ बच्चों को रोजगार प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस वर्ष महिलाओं के लिए 5100 किओस्क की व्यवस्था की जाएगी, ताकि महिलाएं अपने पैरों में खड़ी हो सकें। महिलाओं को मजबूती प्रदान करने के लिए एकल महिलाओं को बिना ब्याज के 1 लाख रूपये एवं महिला समूहों को बिना ब्याज के 5 लाख रूपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

कलेक्ट्रेट होंगे ऑनलाइन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कलेक्ट्रेट को ऑनलाइन किया जायेगा जिससे आम जनता को पेपर लैस सुविधा प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सुविधा के माध्यम से आम जनमानस की समस्याओं का निस्तारण करने में आसानी होगी तथा साथ ही लोगों की समस्याओं को ट्रेस कर यथा समय निराकरण करने में भी मदद मिल सकेगी।

फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षाः कोचिंग सेंटर का संचालक गिरफ्तार

फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस से नकल कराने का झांसा देकर युवकों से ठगी करने वाले गिरोह के सरगना कोचिंग सेंटर संचालक मुकेश सैनी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से एक ब्लूटूथ, ईयर फोन, मोबाइल और अन्य दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
पुलिस ब्लूटूथ की बारीकी से जांच कर रही है। साथ ही फरार चल रहे गिरोह के सात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस ने सरगना को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
एसएसपी ने बताया कि गिरोह का सरगना युवाओं को परीक्षा में नकल कराने के लिए ईयर फोन और ईयर पिक डिवाइस का प्रयोग कराता था। ईयर पिक से परीक्षार्थी फोटो खींचकर आरोपी को भेजते थे। इसके बाद उधर से ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से पेपर साल्व करवाया जाता था। ब्लूटूथ के माध्यम से ये लोग मात्र दो घंटे में ही पूरा पेपर सॉल्व करवा देते थे। उन्होंने बताया कि मुकेश के पास जो ब्लूटूथ डिवाइस मिला है, उसकी बारीकी से जांच की जा रही है। उम्मीद है कि ब्लूटूथ से कई अन्य जानकारियां मिलेंगी, जिसके आधार पर आगे की जांच की जाएगी।
एसएसपी डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने प्रेसवार्ता कर बताया कि देहरादून एसटीएफ और हरिद्वार पुलिस को शिकायत मिल रही थी कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और प्राविधिक शिक्षा परिषद में पेपर लीक कराने के साथ ही ब्लूटूथ के माध्यम से नकल कराई जा रही है। 16 फरवरी को फॉरेस्ट गार्ड भर्ती के लिए लिखित परीक्षा थी। मंगलौर क्षेत्र स्थित कुआंहेड़ी निवासी आलोक हर्ष पुत्र शिवलोक हर्ष ने पुलिस से शिकायत कर बताया था कि वह गुरुकुल नारसन स्थित ओजस्व कॅरियर इंस्टीट्यूट से परीक्षा की तैयारी कर रहा था। कोचिंग सेंटर के संचालक मुकेश सैनी ने बताया कि था कि वह चार लाख रुपये में परीक्षा का पेपर उपलब्ध करा सकता है। साथ ही पास करवाकर नौकरी भी लगवा देगा।
इसी बीच मुकेश सैनी के दोस्त कपिल से उसकी मुलाकात हुई। कपिल ने भी बताया कि मुकेश ने उससे भी चार लाख रुपये मांगें हैं और वह रुपये दे रहा है। झांसे में आकर उसने मुकेश को एक लाख रुपये दे दिए थे। मुकेश ने बताया था कि परीक्षा से पहले उसे कॉलेज के बाहर ही पेपर उपलब्ध करा दिया जाएगा।
ऐसे संज्ञान में आया मामला
बताया कि कपिल को उसने एक ब्लूटूथ डिवाइस दी है, जो वह उसे उपलब्ध करा देगा और ब्लूटूथ के जरिये पेपर साल्व करवा देगा। परीक्षा वाले दिन आलोक ज्वालापुर स्थित परीक्षा केंद्र के बाहर खड़ा था, लेकिन उसे पेपर और ब्लूटूथ उपलब्ध नहीं करवाया गया था। इस चक्कर में उसकी परीक्षा भी छूट गई थी। एसएसपी ने बताया कि मंगलौर पुलिस ने शिकायत के आधार पर गिरोह के सरगना मुकेश सैनी, निवासी ग्राम हरचंदपुर हाल निवासी गुरुकुल नारसन, कुलदीप राठी, गुरु वचन, हाकम सिंह जसोल निवासी उत्तरकाशी हाल निवासी ज्ञान आईएएस कोचिंग सेंटर, पंकज, अश्वनी, निवासी नारसन कलां, सुधीर, अशोक ग्राम बूढ़पुर जट्ट के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। तभी से आरोपी फरार चल रहे थे। एसएसपी ने बताया कि शुक्रवार को कोचिंग सेंटर पर छापा मारकर गिरोह के सरगना मुकेश सैनी को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि मामले में आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा भी बढ़ाई गई है।
एसएसपी के अनुसार, जांच में सामने आया है कि गिरोह का सरगना मुकेश सैनी प्रदेश स्तरीय और एसएससी की प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक या फिर ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से नकल कराता था। वह नकल से पास कराने के बाद नौकरी भी लगवाता था। साथ ही युवाओं को नकल का झांसा देकर एडवांस में रकम लेता था। कई ऐसे युवाओं के बारे में जानकारी मिली है, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है।
फॉरेस्ट गार्ड की कमी से जूझ रहा महकमा
वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड केे करीब 3650 पद हैं। इनमें से 1218 पद खाली हैं। इन पदों पर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से जल्द भर्ती होने की उम्मीद वन विभाग को थी। इसी के चलते वन विभाग ने कई-कई साल से फॉरेस्ट गार्ड के पद पर काम कर रहे कई वन कर्मियों को प्रमोट कर वन दरोगा बना दिया। नई भर्ती होने तक इनमें से कइयों को फॉरेस्ट गार्ड की ड्यूटी अब भी निभानी पड़ रही है। कारण यह भी है कि प्रदेश में अब फायर सीजन शुरू हो गया है। विभाग में फॉरेस्ट गार्ड की कमी है। ऐसे में प्रमोट होने वाले कर्मियों को प्रभारी के रूप में काम करना पड़ रहा है।

नगर निगम की टीम ने मांस विक्रेताओं को नोटिस जारी किये

स्वास्थ्य अधिकारियों से जांच करवाए बिना मांस बेचने वालों पर नगर निगम का डंडा चला। इस दौरान निगम की टीम ने यहां दो मांस विक्रेताओं का चालान काटकर दस हजार रुपये जुर्माना वसूला है। साथ ही छह लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस भी जारी किया गया है।
नगर निगम और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम इंद्रा नगर स्थित मीट मार्केट पहुंची। इस दौरान सफाई निरीक्षक सचिन रावत ने मांस विक्रेताओं के लाइसेंस और नालियों का निरीक्षण लिया। इसमें अधिकांश के लाइसेंस की वैधता समाप्त पाई गई। इस पर सफाई निरीक्षक ने शीघ्र ही ऑनलाइन लाइसेंस नवीनीकरण कराने का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने दो मांस विक्रेताओं का चालान कर दस हजार रुपये का जुर्माना वसूला। खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने यहां बिक रहे मांस का परीक्षण किया। इसमें उन्होंने छह मीट विक्रेताओं को बिना मांस की जांच कराए बिक्री करने पर नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि स्लाटर हाउस में मांस कटना चाहिए। साथ ही वहीं डॉक्टरों को मांस का निरीक्षण करवाना चाहिए। उनकी लिखित सहमति के बाद ही मांस को बेचा जा सकता है। इस अवसर पर सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल भी उपस्थित थे।

केन्द्रीय बजट में लॉजिस्टिक्स नीति जारी करने की घोषणा

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के जरिये निवेशकों को आकर्षित करने, छोटे और मझोले कारोबारियों को उत्पीड़न से बचाने और प्रतिस्पर्धी बाजारों में उनके लिए मौका बनाए रखने की कोशिश कर रही केंद्र सरकार निवेश से लेकर निर्यात तक, नियमन, प्रमाणन और परिवहन संबंधी खर्चे घटाएगी। साथ ही इनसे संबंधित झंझट भी खत्म करेगी। हालांकि सरकार लॉजिस्टिक्स नीति बनाने की घोषणा कर इस दिशा में पहले ही आगे बढ़ चुकी है, लेकिन बजट में कुछ प्रावधान कर इसे जल्द ही अमली जामा पहनाने का भी संकेत दिया गया है। वित्त मंत्री ने सिंगल विंडो ई-लॉजिस्टिक्स मार्केटप्लेस की सुविधा के साथ लॉजिस्टिक्स नीति जारी करने की घोषणा बजट में की है।
सिंगल विंडो
सिंगल विंडो से नियमन-प्रमाणन में लगने वाला वक्त बचेगा, दुश्वारियां घटने के साथ लॉजिस्टिक्स मद में लागत कम होगी। अभी इस मद में सकल घरेलू उत्पाद का 14 फीसद से अधिक खर्च होता है, जिसे वर्ष 2022 तक 10 फीसद के नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत का लॉजिस्टिक्स सेक्टर 20 से अधिक सरकारी एजेंसियों, सरकार की 40 सहायक पार्टनर कंपनियों, 37 निर्यात संवर्धन परिषद और 500 से अधिक प्रमाणपत्रों के साथ बेहद जटिल है। अभी 16,000 करोड़ डॉलर (करीब 12 लाख करोड़ रुपये) के बाजार वाले इस सेक्टर में 200 शिपिंग कंपनियां, 36 लॉजिस्टिक्स सेवाएं, 129 इनलैंड कंटेनर डिपो, 168 कंटेनर फ्रेट स्टेशन और 50 से अधिक आइटी सिस्टम व बैंक शामिल हैं, जो 10 हजार से अधिक वस्तुओं के परिवहन में अपनी भूमिका निभाते हैं।
यह क्षेत्र 1.20 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देता है। इतनी अहम भूमिका निभाने वाले इस सेक्टर की जटिलता यहीं खत्म नहीं होती। आयात-निर्यात के मामले में भी 81 प्राधिकरणों और 500 प्रमाणपत्रों की जरूरत पड़ती है। नियमन, प्रमाणन के बाद ही परिवहन के जाल में उलझे इस सेक्टर से संबंधित कार्यशैली पर आर्थिक सर्वेक्षण में भी सवाल उठाए गए थे। निर्यात के लिए दिल्ली से जा रहे माल के बंदरगाह तक पहुंचने में 19 दिन लगने का उदाहरण देकर सर्वे रिपोर्ट में खामी से निजात पाने का सुझाव दिया गया था।
वित्त मंत्री ने बजट पेश करने के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों के लिए लॉजिस्टिक्स के संबंध उन सभी उपायों और सुविधाओं की घोषणा की है, जिससे परिवहन, प्रमाणन और नियमन में खर्च घटेगा। बजट में ब्लॉकध्तालुका स्तर पर भंडारण गृह, गांव स्तर पर बीज भंडार गृह, रेल और हवाई सेवा से जुड़ी कोल्ड चेन की व्यवस्था की गई है। सरकार का मानना है कि इससे लॉजिस्टिक्स खर्च घटेगा और निर्यात में 5-8 फीसद की वृद्धि होगी। उद्यमी गुणवत्ता पूर्ण निर्माण करेंगे। इसके अलावा सरकार ने लॉजिस्टिक्स बाजार को 2022 तक 250 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है। वह मान रही है तब इस क्षेत्र में करीब 2.20 करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा।
इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस सेल
निवेशकों के लिए एंड-टु-एंड यानी शुरू से लेकर अंत तक हर स्तर पर सुविधाएं देने के लिए इस सेल का प्रावधान किया गया है। इसमें निवेशक को निवेश से पहले सलाह, भूमि की उपलब्धता के साथ केंद्र और राज्य से अनुमति दिलाने की सुविधा भी शामिल होगी। यह सेल भी फेसलेस होगा यानी इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस सेल का पोर्टल बनेगा और आवेदन से लेकर निस्तारण तक पूरी व्यवस्था ऑनलाइन होगी।
निर्यातकों के लिए ई-रिफंड
केंद्र, राज्य एवं स्थानीय स्तर पर निर्यातित वस्तु पर लिए गए शुल्क व कर की वापसी ई-रिफंड से होगी। निर्यातकों को विभागों के चक्कर नहीं काटने होंगे। इसके लिए सरकार योजना लांच करने जा रही है।

कौशल विकास रोजगार मेले में युवाओं का हुआ चयन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एसजीआरआर पीजी कॉलेज, पथरी बाग, देहरादून में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग द्वारा आयोजित वृहद रोजगार मेले का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस रोजगार मेले में लगभग 70 कम्पनियों द्वारा 4500 युवाओं को रोजगार दिया जायेगा। उन्होंने सरकार के अनुरोध पर युवाओं को सेवायोजित करने के लिए बड़ी संख्या में प्रतिभाग करने पर कम्पनियों का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा परिश्रमी एवं ईमानदार हैं। युवाओं के कौशल विकास पर ध्यान देने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से राज्य, जनपद एवं तहसील स्तर पर रोजगार मेले आयोजित किये जा रहे हैं। इन रोजगार मेलों में कम्पनियों द्वारा युवाओं का साक्षात्कार कर उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी दी जा रही है। यह वर्ष रोजगार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। राज्य सरकार सरकारी सेवाओं एवं अन्य माध्यमों से युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। सरकारी सेवाओं में भी विभिन्न पदो ंके लिए विभागों द्वारा लोक सेवा आयोग एवं अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को अधियाचन भेजे गये हैं। इन पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जायेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का स्किल इंडिया का जो सपना है, उस दिशा में हमें तेजी से आगे बढ़ना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उत्तराखण्ड में अनेक प्रशिक्षण संस्थान खोले गये हैं। डोईवाला में सीपेट शुरू किया गया है। इस संस्थान में अभी सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किये गये हैं। इस संस्थान से कोर्स करने के बाद युवाओं को रोजगार भी मिले हैं। अभी सीपेट का विस्तार किया जा रहा है। इस संस्थान में डिप्लोमा एवं डिग्री कोर्स शुरू होने के बाद रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिए अभी तक 82 ग्रोथ सेंटर की स्वीकृति दी जा चुकी है। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली योजना के तहत प्रदेश के युवाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर बसें दी जा रही हैं। इन बसों का अनुबंध रोडबेज से किया गया है।
कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है, जहां कौशल विकास, सेवायोजन एवं प्रशिक्षण के लिए एक विभाग एवं मंत्रालय बनाया गया है। उत्तराखण्ड देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां कौशल विकास से संबिधत कार्यों के लिए जिला एवं तहसील स्तर पर कोर्डिनेशन करने की जिम्मेदारी दी गई है। हमारे युवा हर क्षेत्र में दक्ष हैं, उनकी प्रतिभाओं को उजागर करने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक विनोद चमोली, इंडस्ट्री ऐसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज गुप्ता, अनिल गोयल, सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन डॉ. रणजीत सिन्हा, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, निदेशक कौशल विकास एवं सेवायोजन जीवन सिंह नगन्याल, प्रधानाचार्य एसजीआरआर पीजी कॉलेज, पथरीबाग प्रो. वी.ए. बौड़ाई आदि उपस्थित थे।

सर्वे ऑफ़ इंडिया के सहयोग से चकबंदी में मिलेगी मदद

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में कृषि भूमि की चकबंदी के लिए सरकार थ्री डी मैपिंग कराने जा रही है। इससे कृषि भूमि के खसरा नंबर की वास्तविक स्थिति का पता लग सकेगा। राजस्व विभाग सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से थ्री डी मैप तैयार करवा रहा है। पहाड़ों में चकबंदी न होने के कारण सरकार की अनुबंध खेती की योजना परवान नही चढ़ पा रही है। पौड़ी जनपद के पांच गांवों में भी अभी तक चकबंदी नहीं हो पाई है। अब निर्णय लिया गया है कि इन गांवों में ड्रोन के जरिये एरियल सर्वे कराया जाएगा।
पर्वतीय क्षेत्रों में बिखरी कृषि जोत होने से किसानों को मेहनत ज्यादा करनी पड़ती है और खेती से मुनाफा कम होने के चलते लोगों का कृषि से रुझान कम हो रहा है। गौरतलब है कि सरकार ने पहाड़ों के लिए आंशिक और स्वैच्छिक चकबंदी को कानूनी रूप से मान्य किया है। लेकिन अभी तक पर्वतीय क्षेत्रों में एक भी गांव में चकबंदी नहीं हो पाई है। सरकार ने पौड़ी जनपद के पांच गांवों से आंशिक व स्वैच्छिक चकबंदी की शुरुआत की है।
इनमें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के गांव खैरासैंण, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गांव पंचूर, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल का गांव औणी समेत दो अन्य गांव शामिल हैं। इन गांवों में कृषि भूमि अभिलेखों का डाटा तैयार कर लिया है। अब ड्रोन से एरियल सर्वे किया जाएगा। प्रदेश में भूमि बंदोबस्त न होने के कारण चकबंदी करने में सबसे बड़ी समस्या आ रही है। एक ही जमीन के गोल खाते में कई हिस्सेदार हैं, लेकिन उन्हें यह पता नहीं है कि उनकी जमीन कहां पर है। अब सरकार चकबंदी को बढ़ावा देने के लिए सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों में थ्री डी मैपिंग करेगी।
वहीं, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जनपद में अनिवार्य चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें हरिद्वार में 108 और ऊधमसिंह नगर में 50 गांव शामिल हैं। जबकि पर्वतीय जनपद पौड़ी के मात्र पांच गांवों में चकबंदी हो रही है। मैदानी जनपदों की तुलना में पहाड़ों में चकबंदी करना मुश्किल है।
अपर सचिव एवं आयुक्त, चकबंदी, बीएम मिश्र ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में चकबंदी के लिए सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से थ्री डी मैप तैयार किया जाएगा। इससे पहाड़ों में गोल खातों व बिखरी कृषि जोत की वास्तविक स्थिति सामने आने से चकबंदी में आसानी होगी।

खुशखबरीः सरकार ने अशासकीय स्कूलों में भर्ती प्रक्रिया शुरु की

प्रदेश के अशासकीय स्कूलों में लटकी शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भर्ती के प्रस्ताव पर शिक्षा मंत्री के अनुमोदन के बाद भर्ती का रास्ता साफ हो गया। शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को लोक सभा और इसके बाद पंचायत चुनाव की आचार संहिता के चलते पूरा नहीं किया जा सका था।
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के मुताबिक भर्ती की अधूरी प्रक्रिया को अब पूरा किया जाएगा। प्रदेश के अशासकीय स्कूलों में शिक्षकों, प्रिंसिपलों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की इसी वर्ष जनवरी और फरवरी में भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
विभिन्न जनपदों की ओर से इसके लिए नियुक्ति विज्ञप्ति निकालकर अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए थे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक तीन महीने के भीतर भर्ती की प्रक्रिया पूरी होनी थी, लेकिन फरवरी 2019 में लोक सभा चुनाव और इसके बाद पंचायत चुनाव की आचार संहिता के चलते भर्ती प्रक्रिया को पूरा नहीं किया जा सका। शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों एवं कर्मचारियों के विभिन्न पदों पर लटकी भर्ती को पूरा करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन से अनुमोदन मांगा गया था। शासन की ओर से प्रस्ताव को अनुमोदन के लिए शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे को भेजा गया था।
शिक्षा मंत्री के मुताबिक शुक्रवार को इस पर अनुमोदन दे दिया गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि भर्ती केवल उन पदों पर होगी, जिन पदों पर इसकी प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन इसे पूरा नहीं किया जा सका था। वहीं, राज्य युवा कल्याण परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष रविंद्र जुगरान के नेतृत्व में अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री से मिलकर शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भर्ती चयन प्रक्रिया पूरी करने की मांग की।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर रिक्त प्रक्रिया में तेजी लाने के दिए निर्देश

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नियमावलियों के संबंध में किसी प्रकार की समस्या हो तो विभागीय अधिकारी कार्मिक विभाग में व्यक्तिगत रूप से आकर दिशा-निर्देश प्राप्त करें। अपर मुख्य सचिव, सचिवालय में आयोजित बैठक में सीधी भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा कर रही थीं। विगत नवम्बर माह में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रत्येक माह की 9, 19 व 29 तारीख को भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा करने के निर्देश दिए थे। उसी क्रम में बैठक आयोजित की गई। इसमें उत्तराखण्ड राज्य लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग व तमाम विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि जिन विभागों में एकीकरण की प्रक्रिया की जानी है, वहां इसे जल्द से जल्द करते हुए रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अध्याचन राज्य लोक सेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को प्रेषित करें। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि अध्याचन की प्रक्रिया में पहले से तेजी आई है, परंतु इसमें और शीघ्रता की आवश्यकता है। जिन विभागों को नियमावली संबंधी कारणों से अध्याचन भेजने में कठिनाई हो रही हो, वे शासन में कार्मिक विभाग में व्यक्तिगत रूप से मिलकर परामर्श प्राप्त कर लें। इसमें औपचारिक पत्राचार में समय नष्ट न करें। सभी विभागीय अधिकारी रिक्त पदों के अध्याचन भेजने को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लें।
बताया गया कि उत्तराखण्ड राज्य लोक सेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा अध्याचन की प्रक्रिया को 30 दिसम्बर तक आनलाईन कर दिया जाएगा। बैठक में इसका प्रस्तुतिकरण भी दिया गया। सोमवार से संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण देना प्रारम्भ किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर भर्ती प्रक्रिया की लगातार समीक्षा की जा रही है। इससे पूर्व 3 व 13 दिसम्बर को अपर सचिव कार्मिक के स्तर पर समीक्षा की जा चुकी है। 3 दिसम्बर को पीसीएस की भर्ती व 13 दिसम्बर को यांत्रिक सेवा में भर्ती के संबंध में समीक्षा की गई थी।

योगनगरी ऋषिकेश स्टेशन से उत्तराखंड की विश्व में बनेगी विशिष्ट पहचान

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन के निर्माण से पर्वतीय क्षेत्रों के विकास एवं चार धाम यात्रा को नये आयाम प्राप्त होंगे। इस रेल लाइन की शुरूआत में ऋषिकेश में बनने वाला सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त योग नगरी ऋषिकेश स्टेशन देश व दुनिया में उत्तराखण्ड की विशिष्ट पहचान बनाने के साथ ही राज्य को देश के विभिन्न भागों तक रेल सुविधायें उपलब्ध कराने में भी मददगार होगा। उन्होंने इस योजना की कार्य प्रगति के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए निर्माण कार्यों से जुड़े अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रमुखों से निर्माण कार्यों में और तेजी लाने के साथ ही रेलवे स्टेशनों के निर्माण में उत्तराखण्ड के शिल्प, संस्कृति एवं धार्मिक धरोहरों के स्वरूप को प्रदर्शित करने की भी अपेक्षा की।

मंगलवार को ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के निर्माण कार्यों का विभिन्न स्थानों पर स्थलीय निरीक्षण करने के पश्चात योग नगरी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश में योजना से जुड़े अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रमुखों के साथ आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि उत्तराखण्ड के लिये विशिष्ट महत्व की यह परियोजना निर्धारित समय सीमा के अंदर गुणवत्ता एवं समय बद्धता के साथ पूर्ण हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना राज्य को न केवल विशिष्ट पहचान देने वाली होगी बल्कि चार धाम यात्रा को और अधिक सुगम बनायेगी। यह योजना संपूर्ण पर्वतीय क्षेत्र की लाइफ लाइन बनने के साथ ही इन क्षेत्रों से पलायन रोकने, रोजगार को बढ़ावा देने तथा उद्योगों की स्थापना में भी मददगार होगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इस रेल लाइन से पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य की बेहतर व्यवस्थायें सुनिश्चित हो सकेगी। निजी क्षेत्र के सहयोग से अच्छे स्कूल व अस्पतालों की भी यहां उपलब्धता हो सकेगी। यह योजना धार्मिक पर्यटन के साथ ही पर्यटन के अन्य स्वरूपों को भी बढ़ावा देने में भी सहायक होगी।

रेल विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि परियोजना के तहत 16 टनल के कार्य को 9 पैकेज में बांटा गया है। इन सभी पैकेज के लिए डीडी एंड पीएमसी कॉन्ट्रेक्ट अवार्ड किये जा चुके हैं। इनके डिजाइन का कार्य प्रगति पर है। इसी प्रकार लछमोली व श्रीनगर में अलकनंदा नदी पर आर.ओ.बी. का कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है। श्रीनगर, गौचर व सिवाइ में रोड ब्रिज का कार्य हाल ही में प्रारम्भ किया गया है। वीरभद्र-न्यू ऋषिकेश ब्लॉक सेक्शन का काम 2019-20, न्यू ऋषिकेश-देवप्रयाग ब्लॉक सेक्शन का कार्य 2023-24 और देवप्रयाग-कर्णप्रयाग ब्लॉक सेक्शन का कार्य 2024-25 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

प्रतिभाशाली बच्चों को जयहरीखाल के आवासीय विद्यालय में मिलेगा प्रवेश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को राजकीय इण्टर कॉलेज जयहरीखाल के जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण कार्यों का शिलान्यास तथा निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जयहरीखाल में बन रहा यह आवासीय विद्यालय एक अलग तरह का विद्यालय होगा। इस विद्यालय में बच्चों को उच्च गुणवत्ता की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जायेंगी। इस विद्यालय में परीक्षा के आधार पर चयनित प्रतिभाशाली बच्चों को प्रवेश मिलेगा। आर्थिक रूप से गरीब परिवारों के बच्चों को यहां पर शिक्षा के समान अवसर दिये जायेंगे। यह आवासीय विद्यालय प्रतिभाशाली बच्चों के लिए होगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इस विद्यालय में स्थानीय बच्चों की जो पढ़ाई होती है, वह यथावत होती रहेगी। इस आवासीय विद्यालय के लिए हंस फाउण्डेशन सहयोग कर रहा है। हंस फाउण्डेशन राज्य में पांच सौ करोड़ रूपये से अधिक का कार्य कर रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं, स्कूल बसों एवं पेयजल के क्षेत्र में हंस फाउण्डेशन ने राज्य के लिए काफी सहयोग दिया है। पौड़ी जनपद में हंस फाउण्डेशन द्वारा एक नेशनल स्किल इंस्टीट्यूट बनाया जा रहा है। बच्चों को गुणात्मक एवं रोजगारपरक शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। राज्य के बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो इसके लिए राज्य सरकार, बच्चों एवं उनके अभिभावको को मिलकर प्रयास करने होंगे। इस आवासीय विद्यालय में उच्च गुणवत्ता के साथ ही बच्चों के बहुआयामी विकास पर ध्यान दिया जायेगा।