राहत शिविर से फरार हुए युवकों पर मुकदमा दर्ज

सोमवार आधी रात को हरिद्वार जिले में स्थित लक्सर के एक बैंकट हॉल में बनाए गए राहत शिविर से दो युवक दीवार फांदकर फरार हो गए। मंगलवार को गिनती के दौरान दो लोग कम मिलने पर हॉल की सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। इसमें दोनों लोग दीवार फांदकर जाते हुए दिखाई दिए। कैंप प्रभारी बीडीओ ने दोनों के खिलाफ लक्सर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। लॉकडाउन के बाद दूसरे प्रदेशों से अपने घरों को जा रहे मजदूरों को लक्सर में रोक दिया था।
लक्सर में बैंकट हाल, सत्संग भवन, स्कूल और कॉलेजों में कई राहत शिविर बनाए गए थे। इन शिविरों में दूसरे प्रदेश के इन लोगों को क्वारंटीन किया गया था। प्रशासन के मुताबिक इन सभी पांचों राहत शिविरों में लगभग दो सौ से अधिक कामगार प्रवासी रह रहे हैं। एक बैंकट हाल में इस समय 51 लोग रुके हुए थे। मंगलवार सुबह जब एक संस्था की ओर से यहां खाना बांटा जा रहा था तो इस दौरान कैंप के बाहर ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मियों ने उन लोगों की गिनती की। इसमें कैंप में केवल 49 लोग मौजूद मिले। जानकारी मिलने पर शिविर के प्रभारी बीडीओ लक्सर चंदन लाल राही शिविर में पहुंचे। इस दौरान जब बैंकट हाल के सीसीटीवी कैमरे की जांच की गई तो दो लोग जाते दिखे।
जांच में उत्तर प्रदेश के संभल निवासी सतिया पुत्र वेद प्रकाश और मुरादाबाद का गुड्डू पुत्र मंतेराम गायब मिले। एसडीएम के आदेश पर बीडीओ चंदन लाल राही ने दोनों लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। कोतवाली के एसएसआई अभिनव शर्मा ने बताया कि दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही उनकी तलाश की जा रही है।

राज्यों के लॉकडाउन उल्लंघन पर केन्द्र का सख्त, कहा-ढील कहीं भारी न पड़ जाये

गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लॉकडाउन संबंधी संशोधित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की है। मंत्रालय ने पत्र में कहा है कि कुछ राज्य ऐसे कार्यों की अनुमति दे रहे हैं, जो गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों में नहीं दिए गए हैं। मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि लॉकडाउन के उल्लंघन की खबरें मिल रही हैं, जिनसे लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है और कोविड-19 के फैलने का जोखिम उत्पन्न हो सकता है। कोरोना के इलाज से सीधे तौर पर जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों पर हिंसा, परस्पर सुरक्षित दूरी के पूरी तरह से उल्लंघन और शहरी क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही की घटनाएं हुई हैं। केंद्र सरकार ने कोविड-19 की स्थिति के ऑन-स्पॉट आकलन, इसके समाधान के लिए राज्य प्राधिकरणों को आवश्यक निर्देश देने और केंद्र सरकार को उनकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए छह अंतर-मंत्रालय टीमों का गठन किया है। ये टीमें दिशा-निर्देशों के अनुरूप लॉकडाउन के अनुपालन, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, परस्पर सुरक्षित दूरी बनाए रखने, इलाज की तैयारी, स्वास्थ्य पेशेवरों की सुरक्षा और कामगारों तथा गरीबों के लिए राहत शिविरों की शर्तों पर ध्यान केंद्रित करेंगी।

चारधाम यात्रा की बुकिंग रद्द करवा रहे यात्रियों को जीएमवीएन दे रहा सुविधा

वैश्विक महामारी के कारण जहां देशव्यापी लाॅकडाउन हो रहा है, इसी बीच विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा की बुकिंग भी रद्द हो रही है। गढ़वाल मंडल विकास निगम को मिली बुकिंग में एक करोड़ 25 लाख की बुकिंग अभी तक रद्द हो चुकी है। जीएमवीएन के यात्रा कार्यालय को बुकिंग रद्द करने के लिए अभी तक दो हजार ईमेल मिल चुकी हैं। इसके अलावा रोजना काॅल आ रही हैं।
जीएमवीएन की ओर से यात्रियों को बुकिंग रद्द नहीं करने की अपील की जा रही है। जीएमवीएन ने यात्रियों को सुविधा दी है कि वे अपनी बुकिंग का अगले दो वर्षों में समयानुसार उपयोग कर सकते हैं। 26 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट खुल रहे हैं। जबकि 29 अप्रैल को केदारनाथ व 30 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी।

कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को लाॅकडाउन में हो रही समस्याओं की दी जानकारी

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से उनके आवास में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भेंट की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनसमस्याओं के संबंध में मुख्यमंत्री से चर्चा की तथा कोरोना संक्रमण से बचाव में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा इस संबंध में सहयोग का आश्वासन भी मुख्यमंत्री को दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी के सहयोग एवं व्यापक जागरूकता तथा दृढ़ इच्छा शक्ति के बल पर हम इस संकट का सामना कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन की स्थिति में आम जनता को कोई कठिनाई न हो इसके लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। फसल कटाई के लिए किसानों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखने के साथ ही मास्क की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी मास्क तैयार कर वितरण की व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खाद्यान्न सहित अन्य आवश्यक सामग्री की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। प्रदेश के 13 लाख कार्ड धारकों को 15 किलो राशन के अलावा 5 किलो प्रति यूनिट अतिरिक्त राशन उपलब्ध कराए जाने के साथ ही 3 माह का राशन अग्रिम दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉक डाउन के कारण प्रदेश में फंसे पर्यटकों एवं अन्य लोगों के साथ ही कोरोना के दृष्टिगत क्वॉरेंटाइन में रखे गए लोगों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, पूर्व दायित्व धारी अजय सिंह, पूर्व विधायक राजकुमार आदि उपस्थित थे।

कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की समुचित देखभाल होः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्रियों की वीडियो कांफ्रेंसिग में प्रतिभाग किया। वीडियो कांफ्रेंसिग के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने जो निर्देश दिये हैं, उनका पालन किया जाए। एक दो दिन में आगे के लिए केन्द्र से गाइडलाइन आ जाएगी। इसकी अनुपालना सुनिश्चित करनी है।
आरोग्य सेतु मोबाईल एप की उपयोगिता को देखते हुए इसे डाउनलोड करने के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित किया जाए। प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार कोरोना वायरस से लङने के लिए सामाजिक और फोकस्ड प्रयास करने हैं। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि हमारे स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार न हो। ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। आवश्यकता होने पर टेस्टिंग लेब बढाने का प्रयास किया जाए। यह भी देखा जाए कि कहीं भी आवश्यक वस्तुओं का संग्रहण और कालाबाजारी न हो। उत्तराखंड में अभी तक कोरोना से एक भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई है। जबकि 5 लोग ठीक हो चुके हैं। आगे भी हमें देखना है कि कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की समुचित देखभाल हो।
इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, डॉ पंकज कुमार पाण्डेय, निदेशक एनएचएम युगल किशोर पंत उपस्थित थे।

उत्तराखंड में मददगार बनी सीएम हेल्पलाइन 1905

पिछले 23 मार्च से सीएम हेल्पलाइन 1905 पर लाकडाउन के दौरान और कोरोना राहत से सबंधित समस्याओं और जानकारी से सबंधित काल को सुना जा रहा है।

मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविंद्र दत्त ने बताया कि अधिकतम समस्याओं का समाधान 24 घंटे के भीतर ही करवाया जा रहा है, इसके लिए सबंधित अधिकारी को आउटबांड काल करके समस्या का समाधान करने के लिए भी कहा गया है।

उन्होंने बताया कि नागरिक अपनी समस्या का बहुत ही कम समय में समाधान होने पर सीएम हेल्प लाइन पर सकारात्मक फीडबैक वीडियो और ऑडियो के माध्यम से भी दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन के जरिए पानी की समस्या, अंतिम संस्कार में आ रही दिक्कत, अटल आयुषमान योजना के तहत डायलसिस के लिए सरकारी रेफर के बिना इलाज कराने में दिक्कत, राशन प्राप्त न होने की समस्या, मजदूर को बुखार होने पर हॉस्टिपल ले जाने जैसी समस्याएं दर्ज की गई। जिसका बहुत कम समय में निस्तारण किया गया। है।

हेल्पलाइन में सेनिटाईजेशन न होने, गैस सिलेंडर की आपूर्ति न होने, चार दिन से गाँव में लाईट न आने, खाद्य सामग्री और एलपीजी गैस उपलब्ध कराने, गर्भवती की जांच कराने जैसी समस्याएं भी दर्ज हुई। इन्हें भी समय रहते निस्तारित किया गया है।

जमाती सामने आए नही आए तो गंभीर धाराओं में मुकदमा होगा दर्ज

उत्तराखंड में कई जमाती मेडिकल जांच कराने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। इस पर रविवार को मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने चेतावनी जारी की कि छिपे हुए जमातियों के पास सोमवार (आज) को पुलिस के सामने आने का आखिरी मौका है। यदि उसके बाद कोई पकड़ा जाता है तो उस पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
उनके संक्रमण से किसी की जान जाती है तो फिर संबंधित पर हत्या का केस दर्ज होगा। उत्तराखंड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। 26 कोरोना पॉजिटिव में 19 जमाती हैं। इनमें आठ देहरादून जिले से हैं। हिमाचल प्रदेश के डीजीपी के बाद उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने रविवार को जमातियों को कड़ी चेतावनी जारी की है।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि निजामुद्दीन मरकज और जमात में गए 675 लोगों को क्वारंटीन किया जा चुका है। पुलिस के अनुरोध के बावजूद जमाती खुद को छिपा रहे हैं, जो चिंताजनक है। सरकार और पुलिस हर नागरिक की सुरक्षा के लिए गंभीर है। जमाती सामने आए तो पूरे समाज के लिए बेहतर होगा।
कोरोना वायरस से काफी लोग ठीक हो रहे हैं। इसलिए डरने की कोई बात नहीं हैं। जरूरी होगा तो उनका मेडिकल कराया जाएगा। जमातियों के सामने आने का सोमवार को आखिरी दिन है। सामने आने वालों का पुलिस पूरा साथ देगी। इसके बाद आने वाले जमातियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

एसपी सिटी मरीज बनकर पहुंचे बॉर्डर, दारोगा ने की लापरवाही, हुए सस्पेंड

लॉकडाउन में अभी तक लोगों की ओर से उल्लंघन का मामला सामने आने के बाद अब पहला मामला पुलिस विभाग की ओर से आया है। इसमें एक दारोगा को बिना चेकिंग के वाहनों को जाने दिए जाने की कीमत सस्पेंड होकर चुकानी पड़ी।

जानकारी के अनुसार, रूद्रपुर के एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा निजी कार में सवार होकर स्वयं मरीज बनकर बॉर्डर पर जांच के लिए पहुंचे थे। मगर, यहां तैनात दरोगा संजीव कुमार ने मरीज को लेकर जाने की बात कहने पर कार चालक व उसमें सवार लोगों के दस्तावेज नहीं जांचे। दारोगा रामपुर बॉर्डर पर ड्यूटी कर रहे थे। देर रात एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने तत्काल प्रभाव से दरोगा संजीव कुमार को संस्पेंड कर दिया है।

संकट के समय मदद मांगने गई पुलिस को आश्रम ने लौटाया बैरंग

मंगलवार को चैकी इंचार्ज कैलाश गेट विकेन्द्र कुमार पुलिसकर्मियों के साथ शीशमझाड़ी स्थित स्वामी स्वतंत्रतानंद आश्रम शिव शक्ति ट्रस्ट पहुंचे। यहां तीन घंटे तक पुलिसकर्मी आश्रम के कर्मचारियों को आवाज लगाते रहे। मगर, कोई नहीं पहुंचा। तीन घंटे बाद आश्रम के मैनेजर सतीश शर्मा बाहर आए। चैकी इंचार्ज ने पूछा कि क्या आप लॉकडाउन के चलते पीएसी के जवानों को अपने हॉल में ठहरा सकते हैं। इस पर मैनेजर ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस के ठहरने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। चैकी इंचार्ज ने बताया कि आश्रम धर्माथ कार्यों के लिए खोला गया है, यहां प्रतिवर्ष विदेशी नागरिक ठहरते हैं। संकट के समय में आश्रम के इस व्यवहार से नाराज उन्होंने कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने थानाध्यक्ष राम किशोर सकलानी को इसकी सूचना दी है।

रशियन नागरिकों ने बढ़ाई मुश्किल, एबेंसी से अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने किया रवाना
रशियन एबेंसी से बिना अनुमति मिले मंगलवार को 52 नागरिक बस संख्या यूपी17एटी-2444 में सवार होकर दिल्ली एयरपोर्ट जा रहे थे। तभी पुलिस को सूचना मिली और कैलाश गेट पर बस को रोका गया। मौके पर एडिशनल एसपी उत्तम सिंह नेगी भी पहुंचे। उन्होंने बस चालक से अनुमति मांगी। मगर, वह रशियन एंबेसी का कोई अनुमति पत्र नहीं दिखा पाया। चालक ने स्थानीय प्रशासन के अनुमति वाला पत्र दिखाया। इसे पुलिस ने नहीं माना। एडिशनल एसपी ने सभी विदेशी नागरिकों को एक स्थानीय होटल में ठहराया। वहीं, दो घंटे के बाद रशियन एबेंसी से अनुमति मिलने के बाद इन्हें रवाना किया गया।

ऋषिकेश से मुनिकीरेती नहीं प्रवेश कर पाएंगे लोग, बाॅर्डर सील

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय टिहरी गढ़वाल के निर्देश पर थाना मुनिकीरेती पर अपने ऋषिकेश से लगे बॉर्डर रविवार को सील कर दिए हैं। इन स्थानों से अब पैदल व्यक्ति नहीं आ जा पाएंगे। केवल इलाज हेतु ’एम्स अन्य निजी चिकित्सालय, सरकारी चिकित्सालय’ जाने की ही छूट होगी। इसके लिए भी आते जाते समय पुलिस को मेडिकल प्रपत्र दिखाने पड़ेंगे। किसी को भी देहरादून क्षेत्र से आने जाने की अनुमति नहीं होगी।

18 लोगों को किया कुरएन्टीन
नियम का उलंघन कर जनपद में प्रवेश करने पर 18 लोगों को टिहरी प्रशासन की ओर से गढ़वाल मंडल विकास निगम के ऋषिलोक होटल में 14 दिन के लिए कुरएन्टीन में भेज दिया है इनकी सुरक्षा में पुलिस तैनात कर दी गयी है। ऐसे लोगो को रखने के लिए प्रशासन द्वारा अन्य होटलों को भी अधिग्रहित कर लिया गया है।