त्रिवेन्द्र सरकार उठाएगी उपचार का खर्च, देगी मुआवजा

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण को महामारी घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही अब अस्थाई रूप से कोरोना संक्रमण को आपदा में शामिल कर लिया गया है। कोरोना से प्रभावित व्यक्ति के उपचार का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी और मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को मुआवजा भी दिया जाएगा।
प्रदेश में अब अगले तीस दिन के लिए कोरोना संक्रमण के लिए मेडिकल कैंप लगाने, उपकरणों की व्यवस्था करने, पीड़ितों को अलग कैंप बनाकर रखने की व्यवस्था राज्य आपदा प्रबंधन फंड से की जाएगी। इन सब मामलों में राज्य आपदा प्रबंधन कमेटी फैसला करेगी। इसके साथ ही टेस्टिंग लैब स्थापित करने और महामारी को रोकने के लिए सर्वे आदि की व्यवस्था भी एसडीआरएफ के तहत की जाएगी।
आपदा प्रबंधन सचिव अमित नेगी के मुताबिक केंद्र सरकार की ओर से नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। संक्रमण से फैलने को रोकने के लिए प्रदेश के आपदा प्रबंधन तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है। सभी को सर्जिकल मास्क, सूट आदि की व्यवस्था करने को कहा गया है।
आपदा प्रबंधन तंत्र से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर भी रोक लगा दी गई है। कोरोना संक्रमण को आपदा में अस्थाई रूप से शामिल कर लिया गया है। कोरोना संक्रमण के आपदा में शामिल होने से अब पीड़ितों के उपचार पर आए खर्च का भुगतान राज्य सरकार करेगी। पीड़ित की मृत्यु होने पर आपदा के तहत निर्धारित मानकों के तहत मुआवजा दिया जाएगा।

त्रिवेन्द्र सरकार ने स्वास्थ्य सचिव को दिए असीमित अधिकारी
महामारी अधिनियम लागू होने के बाद सचिव स्वास्थ्य को असीमित अधिकार होंगे। सचिव स्वास्थ्य अपनी शक्तियां जिलों में जिलाधिकारी और सीएमओ (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) को प्रदान कर सकते हैं।
– धारा 144 के तहत कहीं भी भीड़ एकत्रित करने पर रोक।
– उल्लंघन करने पर धारा 188 के तहत सजा और जुर्माना।
– शिक्षण संस्थान बंद करना या खोलना।
– अनुमति के बिना सार्वजनिक सभा से लेकर कोई भी समारोह नहीं होगा।
– किसी भी संदिग्ध के जांच से मना करने पर जबरन जांच होगी।
– मेडिकल कार्यों के लिए निजी या सार्वजनिक संपत्ति ली जा सकेगी कब्जे में।
– किसी भी वाहन को बतौर टैक्सी या एंबुलेंस इस्तेमाल किया जा सकेगा।
– निजी या सार्वजनिक स्थलों, वाहनों और संपत्तियों को सेनिटाइज करना।

अनुबंध पर सैंकड़ों डाक्टर-नर्सें होंगी नियुक्त
सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश में डाक्टरों के रिक्त साढ़े पांच सौ पदों पर वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से नियुक्ति की जाएगी। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के मौजूदा पदों के 50 प्रतिशत पद और भरे जाएंगे। नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टॉफ के खाली पदों पर 11 माह के अनुबंध पर नियुक्तियां की जाएंगी।

स्वास्थ्य विभाग को पचास करोड़ जारी
सरकार ने कोरोना की रोकथाम के लिए 50 करोड़ रुपये तुरंत महानिदेशक स्वास्थ्य को जारी कर दिए हैं। आइसोलेशन आईसीयू बनाए जाएंगे। सौ बिस्तर के प्री फेब्रिकेटिड अस्पताल बनाने की अनुमति दे दी है। यह अस्पताल जरूरत पड़ने पर कहीं भी बनाया जा सकेगा। चिकित्सा उपकरणों में 125 वेंटिलेटर सहित औषधि आदि की खरीद बिना टेंडर (लेकिन राज्य या केंद्र सरकार की तय दरों अथवा जेम से) हो सकेगी।

रोकथाम को आपदा मद से मिलेगा पैसा
महामारी घोषित होने से कोरोना को आपदा का दर्जा मिला गया है। इसके तहत अब आपदा के मद से महामारी की रोकथाम के लिए पैसा खर्च किया जा सकेगा। इसके तहत राज्य सरकार को केंद्र से भी मदद मिल सकती है। जिलाधिकारी बिना शासन की अनुमति के रोकथाम और उपचार के लिए पैसा खर्च कर सकते हैं।

हड़ताली कर्मचारियों के समर्थन में विधायकों ने पत्र के जरिए प्रमोशन पर रोक हटाने का किया आग्रह

उत्तराखंड में प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ हड़ताल कर रहे जनरल और ओबीसी कर्मचारियों को समर्थन मिल रहा है। कई संगठनों के बाद अब राज्य के विधायकों ने उनके समर्थन में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को पत्र लिखा है। यह सभी विधायक सत्ता पक्ष यानी भाजपाई है।

उत्तराखंड जनरल ओबीसी इम्पलाइज एसोसिएशन पिछले दो मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ, गणेश जोशी, महेंद्र भट्ट, दलीप सिंह रावत, विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान के बाद शुक्रवार को रामनगर के विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री से प्रमोशन पर लगी रोक हटाने का आग्रह किया।

रुद्रप्रयाग जनपद की तुलंगा पंचायत प्रधान नवीन सिंह रावत ने जनरल ओबीसी कर्मचारियों के आंदोलन के समर्थन में सीएम को पत्र लिख कर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही आजाद मंच, अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद ने आंदोलन का समर्थन किया है।

कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कोरोना वायरस के संक्रमण और बजट सत्र का हवाला देते हुए हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने विश्वास दिलाते हुए कहा है कि विधानसभा बजट सत्र के बाद सरकार कर्मचारियों की मांगों का समाधान तलाश लेगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कर्मचारियों की हड़ताल राज्य के लिए आत्मघाती साबित होगी। सरकार कोरोना वायरस से निपटने की कोशिश में लगी है। सरकार का यह प्रयास कर्मचारियों की सहभागिता के बिना संभव नहीं है।

ऐसे में यदि प्रदेश में कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहती है तो उसका असर पड़ना स्वाभाविक है। सभी हड़ताली कर्मचारी संगठनों को प्रदेश की जनता के व्यापक हित को देखते आंदोलन स्थगित कर काम पर लौटना चाहिए।

गंगा में डूब रहे एक युवक को बचाने के चक्कर में दूसरा युवक भी डूबा

ऋषिकेश में होली के दिन पिकनिक मनाना दिल्ली और जम्मू कश्मीर के दो युवकों को भारी पड़ गया। जबकि एक युवती सहित अन्य युवक को एक विदेशी नागरिक ने सकुशल बचा लिया है। वहीं, सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और गंगा में लापता हुए दोनों युवकों की तलाश को रेस्क्यू अभियान चलाया।

चौकी इंचार्ज तपोवन विनोद कुमार ने बताया कि मंगलवार को होली के दिन दिल्ली से एक युवक मिलन पौडल मूल निवासी नेपाल, हाल जामिया मीलिया इस्लामिया कॉलेज दिल्ली से अपनी सहपाठी के साथ तपोवन नीम बीच पहुंचे। वहीं, दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर थाना रियासी शिवनगर निकट महादेव मंदिर निवासी कौशिक तुषार पुत्र प्रभुदयाल अपने मित्र साहिल के साथ नीम बीच पहुंचे।

सुबह करीब साढ़े 10 बजे मिलन पौडल नीम बीच के समीप गंगा में बने एक टापू से दूसरे टापू पर जाने की कोशिश करने लगा। इसी बीच उसका पैर फिसला और वह गंगा में डूबने लगा। उसे डूबता देख पास बैठे कौशिक तुषार ने उसे बचाने की कोशिश की। मगर, वह भी गंगा में डूबने लगे। दोनों को डूबता देख मिलन पौडल के साथ पहुंची युवती और कौशिक तुषार के साथ आए युवक साहिल कुमार भी उन्हें बचाने के लिए गंगा में उतर गए।

मगर, वह दोनों भी डूबने लगे। तभी दूसरे टापू पर बैठे जर्मनी निवासी क्रिश्चन रोसेनथाल ने गंगा में छलांग लगाकर युवती और साहिल को सकुशल बाहर निकाल लिया। उधर, सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और देर शाम तक गंगा में रेस्क्यू अभियान चलाया। मगर, सफलता नहीं लग पाई।

बर्फबारी और बारिश ने बढ़ाई परेशानी, ठंड लौटी

होली के दिन प्रदेश के कई इलाकों में चटख धूप खिली रही, लेकिन आज मौसम ने ऐसी करवट ली कि ठंड का अहसास हो गया। राजधानी देहरादून सहित मैदानी इलाकों में सुबह से बादल छाए रहे। वहीं, मंगलवार को कहीं-कहीं बारिश भी हुई है।
चमोली जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में आज तड़के बर्फबारी हुई और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, घांघरिया के साथ ही अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की सूचना है। फिर ठंड लौटी आई है। श्रीनगर क्षेत्र में बादल छाए हुए हैं। यहां तेज हवांए चल रही हैं।
नैनीताल हल्के बादल छाए हैं। पिथौरागढ़ में हल्के बादलों के साथ धूप खिली है। पंतनगर में बादलों के साथ सूरज की आंख मिचैली जारी हैं।

बारिश और ठंड से परेशान हो रहे लोग
अभी बारिश और ठंड लोगों को और सता सकती है। आईआईटी के वैज्ञानिकों के अनुसार हरिद्वार जिले में 12 से 14 मार्च के बीच ओलावृष्टि और गरज के साथ कुल 47 मिमी बरसात होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान आठ से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। आईआईटी के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र के अनुसार अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता 80-90 प्रतिशत और न्यूनतम सापेक्षिक आर्द्रता 40 से 50 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है।

ओलावृष्टि और गरज के साथ बारिश की संभावना
11 मार्च को उत्तर-पश्चिम तथा 12-14 मार्च को दक्षिण-पूर्व दिशा से छह से 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। वहीं पौड़ी गढ़वाल जनपद में 12-14 मार्च के बीच कुल 38 मिमी बरसात होने की संभावना है। देहरादून जनपद में 12-14 मार्च के बीच ओलावृष्टि और गरज के साथ कुल 60 मिमी बरसात होने की संभावना है। उन्होंने सलाह दी है कि किसान 14 मार्च तक सिंचाई, कीटनाशकों के छिड़काव तथा उर्वरकों के उपयोग को रोक दें।
निचले, गहरे स्तर के खेतों से पानी की अत्यधिक मात्रा को निकालने के लिए जल निकास की उचित व्यवस्था करें। साथ ही दुधारू पशुओं को संतुलित आहार दें। ओलावृष्टि व बरसात के पूर्वानुमान को देखते हुए पशुधन को खुले में न छोड़ें।

कोरोनावायरस से बचने के लिए इन उपायों को करें

कोरोनावायरस से पूरा विश्व में दहशत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, कोरोनावायरस से भी खतरनाक वायरस पहले भी सक्रिय हुए हैं। इनसे बड़ी संख्या में लोग ग्रसित हुए और मौत का शिकार भी हुए जबकि कोरोना में राहत वाली बात यह है कि इसमें मृत्यु दर बहुत कम है। फिर भी कोरोना को लेकर दहशत का माहौल बहुत ज्यादा है। ऐसे में डॉक्टर दहशत में न आने और एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।

क्या है कोरोनावायरस
चिकित्सकों ने बताया कि कोरोना (कोविद-19) वायरस विषाणुओं का एक बड़ा समूह है। जो इंसानों में सामान्य जुकाम से लेकर श्वसन तंत्र की गंभीर समस्या तक पैदा कर सकता है। इसके अलावा कोरोनावायरस से सार्स और मर्स जैसी जानलेवा बीमारियां भी हो सकती हैं।

कोरोना इंफेक्शन के लक्षण
कोरोनावायरस की वजह से रेस्पेरेटरी ट्रेक्ट यानी श्वसन तंत्र में हल्का इंफेक्शन हो जाता है। जैसा कि आमतौर पर कॉमन कोल्ड यानी सर्दी, जुकाम में देखने को मिलता है। हालांकि इस बीमारी के लक्षण बेहद कॉमन है और कोई भी कोरोनावायरस से पीड़ित न हो तब भी उसमें ऐसे लक्षण दिख सकते हैं। जिसमें नाक बहना, सिर में तेज दर्द, खांसी और कफ, गला खराब, बुखार, थकान और उल्टी महसूस होना, सांस लेने में तकलीफ होना, निमोनिया और ब्रांकाइटिस।

कैसे फैलता है कोरोना
यह वायरस बीमार रोगी के खांसने, छींकने से स्वस्थ इंसान के शरीर में सांस व मुंह के रास्ते प्रवेश करता है।

कैसे बचे-सुझाव
– जब कोई खांसे या छींके तो आपको उस व्यक्ति से छह फीट से अधिक रखनी चाहिए, ताकि विषाणु आप तक जीवित न पहुंच सके।
– मुंह को मास्क से कवर कर रखें और रोज बदलें
– मास्क न होने पर कुहनी से मुंह ढक कर खांसे
– बचाव के लिए भीड़भाड़ वाले इलाके में प्रवेश न करें। शुरुआती दौर में संक्रमित व्यक्ति में कोई लक्षण नहीं दिखते बल्कि यह रोग को फैलाने मेें सक्षम होता है।
– किसी भी संभावित संक्रमित वस्तु को छूने के बाद हाथों को पानी साबुन से 20 सेकेंड तक धोएं।
– हाथ मिलाने से बचें, अभिवादन के लिए नमस्ते कर सकते हैं।

वहीं, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती ने बताया कि कोरोना को लेकर घबराने की नहीं सावधानी बरतने की जरूरत है। अफवाहों पर ध्यान न दें। उत्तराखंड में कोरोना का कोई केस अब तक सामने नहीं आया है। एक कोरोना मरीज के निजी अस्पताल में भर्ती होने का जो पत्र वायरल हुआ है, वह निराधार हैं। देहरादून के किसी निजी अस्पताल में कोरोना का मरीज भर्ती नहीं है। पत्र में गलत तथ्य लिखने वाले संबंधित चिकित्सा अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है।

मौसम का फिर बिगड़ा मिजाज, बर्फबारी और ओलावृष्टि का अलर्ट

उत्तराखंड के कई इलाकों में आज और कल भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने के भी आसार हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, प्रदेशभर के कई इलाकों में आज मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। राज्य के ज्यादातर स्थानों में गरज और चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं, तीन हजार मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ भी गिर सकती है।
राजधानी देहरादून और उसके आसपास के इलाकों में आंधी और बारिश के साथ ओले भी गिर सकते हैं। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में बिजली गिरने का अनुमान भी जताया है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार एक मार्च को भी ज्यादातर स्थानों पर मौसम इसी तरह का बना रहेगा। उसके बाद हालांकि मौसम में सुधार होगा। बारिश के बावजूद राजधानी में तापमान सामान्य बना रहने की उम्मीद है।

केदारनाथ में बर्फ हटाने का कार्य शुरु
केदारनाथ यात्रा तैयारियों के तहत प्रशासन के दिशा-निर्देशन में यात्रा मैनेजमेंट फोर्स (वाईएमएफ) का 60 सदस्यीय दल गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर चरणबद्ध बर्फ सफाई में जुट गया है। शुक्रवार को भीमबली से रामबाड़ा के बीच बर्फ को काटकर रास्ता बनाने का कार्य शुरू किया गया है।
यात्रा मैनेजमेंट फोर्ट (वाईएमएफ) के 44 जवानों समेत 60 सदस्यीय दल बीते एक सप्ताह से भीमबली में डेरा जमाए हुए है। पहले चरण में जंगलचट्टी से भीमबली तक पैदल मार्ग पर जमा हल्की बर्फ को साफ किया गया। दूसरे चरण में शुक्रवार को भीमबली से रामबाड़ा के बीच बर्फ को काटकर रास्ता बनाने का कार्य शुरू किया गया है।
2013 की आपदा के बाद निर्मित नए मुख्य मार्ग के बजाय डेढ़ किमी वैकल्पिक मार्ग पर पांच से छह फीट तक बर्फ है, जिसे साफ करने में दिक्कतें आ रही हैं। क्योंकि यहां घना जंगल होने से धूप कम पड़ती है, जिससे बर्फ की मोटी परत कठोर हो चुकी है। सहायक अभियंता (एई) दीपचंद्र नवानी ने बताया कि एक माह में मरम्मत के सभी कार्य पूरे कर दिए जाएंगे।

देहरादून जाने से पहले करा ले अपने वाहन की फिटनेस

राजधानी देहरादून सहित आसपास के इलाकों में प्रदूषण फैला रहे वाहनों की अब खैर नहीं होगी। परिवहन विभाग की ओर से आज से बडे़ स्तर पर जांच अभियान शुरू किया जा रहा है।
बताया जा रहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देश पर वायु प्रदूषण नियंत्रण को गठित मॉनीटरिंग कमेटी की पहल पर परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा गाड़ियों की जांच की जाएगी। अभियान चलाने को लेकर एआरटीओ प्रवर्तन अरविंद पांडे की अगुवाई में अफसरों की सात सदस्यीय टीम भी गठित कर दी गई है।
एआरटीओ (प्रवर्तन) अरविंद पांडे ने बताया कि अभियान की शुरुआत सुबह सात बजेे से हुई। इस दौरान गाड़ियों के प्रदूषण जांच के साथ ही ओवरलोडिंग, ओवरस्पीड, फिटनेस, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस की भी जांच की जाएगी। अभियान के दौरान प्रदूषण जांच पर खास फोकस रहेगा। जिन गाड़ियों के प्रदूषण निर्धारित मानकों से अधिक पाए गए, उन गाड़ियों पर तत्काल मौके पर ही नियमों के तहत भारी जुर्माना लगाने के साथ ही सीज करने की भी कार्रवाई की जाएगी।
केंद्र सरकार की ओर से नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद पांच माह पहले परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा गाड़ियों के प्रदूषण जांच को लेकर बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया था इस दौरान हजारों हजारों गाड़ियों का चालन करने के साथ ही बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई थी।
गाड़ियों के प्रदूषण जांच कराने को लेकर जबरदस्त मारामारी मची थी। आलम यह रहा कि गाड़ियों की प्रदूषण जांच कराने को लेकर जांच केंद्रों पर लंबी लाइनें लगी रहीं। गाड़ियों के प्रदूषण की जांच जल्द की जा सके, इसके लिए परिवहन विभाग की ओर से शहर में 100 से अधिक जांच केंद्र खोले गए थे।

शरजील पीएफआई के संपर्क में था, फंडिंग की जांच में जुटी पुलिस

देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जेएनयू के स्कॉलर शरजील इमाम से पूछताछ में पुलिस को चैंकाने वाली जानकारियां मिल रही हैं। पता चला है कि शरजील पीएफआई के नौ लोगों के संपर्क में था। इनसे उसकी लगातार बातचीत होती थी। ये सभी व्हाट्स ऐप ग्रुप ‘मुस्लिम स्टूडेंट ऑफ जेएनयू’ और ‘मुस्लिम स्टूडेंट ऑफ जामिया’ से जुड़े थे।
वहीं, शरजील के मोबाइल की जांच के बाद पुलिस ने जामिया और अलीगढ़ विश्वविद्यालय के 15 छात्रों की पहचान की है। ये शरजील के संपर्क में थे। पुलिस ने इनको पूछताछ के लिए नोटिस दिया है। शरजील का रिमांड सोमवार को खत्म होने के बाद उसे साकेत कोर्ट के चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के घर पेश किया गया। वहां उसका रिमांड तीन दिन और बढ़ा दिया गया है। हालांकि पुलिस को उसके किसी आतंकी संगठन से जुड़े होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शरजील के लैपटॉप और डेस्कटॉप की जांच के दौरान पता चला है कि शरजील ने जामिया हिंसा से पूर्व उर्दू और अंग्रेजी में कुछ भड़काऊ पोस्टर बनाए थे। इनको उसने विभिन्न व्हाट्स ऐप ग्रुप पर पोस्ट किया था। दूसरी ओर, उसके बैंक खातों की जांच के दौरान किसी बाहरी फंडिंग की अभी जानकारी नहीं मिली है।
पुलिस खातों की डिटेल की जांच कर रही है। पुलिस ने शरजील के मोबाइल का डिलीट डाटा भी बरामद कर लिया है। मोबाइल से मिले कई वीडियो में शरजील भड़काऊ भाषण देता दिखा है। शरजील को भड़काऊ बातें बोलने में महारथ हासिल है। उसने अपनी बातचीत के जरिये पुलिस को भी गुमराह करने की कोशिश की थी।
मोबाइल से मिले वीडियो में शरजील लोगों से सीएए और एनआरसी के खिलाफ लामबंद होने के लिए कह रहा है। जामिया मिल्लिया और शाहीन बाग में प्रदर्शन शुरू होने के बाद वह देश के दूसरे शहरों में भी इसी तरह के प्रदर्शन खड़े करने की कोशिश कर रहा था।

जंगल से निकलकर आबादी में घुसा बारहसिंघा, देखने उमड़ी भीड़

शनिवार को श्यामपुर जेजे ग्लास फैक्ट्री के समीप एक बारहसिंघा कौतुहल का विषय बन गया। इसे देखने के लिए वहां स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।
मौके पर पहुंचे वन विभाग की टीम ने उसे टेंट गोदाम में कैद कर लिया। रेंजर आरपीएस नेगी के अनुसार बारहसिंघा को रात्रिकाल में ट्रैफिक जीरो करने के बाद ट्रैक किया जाएगा। वहीं, रेंजर ने इसकी चपेट में किसी भी व्यक्ति के आने की घटना से इंकार किया है।

घटना दोपहर दो बजे के आसपास की है। जब आईडीपीएल के जंगलों से निकलकर एक नर बारहसिंघा श्यामपुर स्थित जेजे ग्लास फैक्ट्री के समीप महालक्ष्मी टैंट हाउस के गोदाम में जा घुसा। इसी बीच स्थानीय लोगों की बारहसिंघा को देखने के लिए मौके पर जमा हो गई। सूचना पाकर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बारहसिंघा को टेंट गोदाम के अंदर ही कैंद कर लिया। वन क्षेत्राधिकारी आरपीएस नेगी ने बताया कि बारहसिंघा नर है। वह काफी डरा हुआ है। ऐसे में उसे ट्रैक कर पाना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि बारहसिंघा को ट्रैक करने के लिए रात्रिकाल में दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही को रोका जाएगा। इसके बाद इस पर काबू पाया जाएगा। उन्होंने बारहसिंघा से किसी भी व्यक्ति के जख्मी होने की घटना से इंकार किया है।

स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से गिरी दीवार, दबकर बच्चे की मौत, दो बुरी तरह जख्मी

राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय नंबर-1 की 10 फुट ऊंची दीवार बुधवार करीब सवा छह बजे ढह गई। इसकी चपेट में आकर एक बच्चा दब गया जिससे उसकी मौत हो गई है। इसके अलावा दो लोग बुरी तरह घायल हैं। बच्चे के शव को राजकीय चिकित्सालय में रखा गया है, जबकि दोनों घायलों को राजकीय चिकित्सालय से प्राथमिक उपचार करने के बाद एम्स रेफर कर दिया गया। घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। तत्काल एहतियात बरतते हुए निगम टीम ने बची हुई दीवार को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया है। साथ ही सड़क पर बिखरे मलबे को हटवाया गया।

जानकारी के मुताबिक, बुधवार की शाम करीब सवा छह बजे वार्ड संख्या पांच पुष्कर मंदिर मार्ग स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय नंबर एक की 10 फुट ऊंची और करीब 15 फिट दीवार अचानक ढह गई। इस दौरान दीवार से सटे मार्ग से गुजर रहा एक बच्चा, एक महिला तथा एक व्यक्ति चपेट में आ गए। बच्चा दीवार के ज्यादा करीब था। इस कारण वह दीवार के नीचे आ गया। यह देख मौके पर चीख पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित कर दीवार के मलबे में दबे बच्चे को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। इस घटना का शिकार हुए तीनों को आननफानन में राजकीय चिकित्सालय ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। वहीं दो अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद एम्स रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने बच्चे के शव की शिनाख्त के लिए राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में शिफ्ट करवा दिया है। मृतक की उम्र करीब 15 वर्ष बताई जा रही है। मगर, उसकी पहचान नहीं हो पाई है। वहीं, घायलों की पहचान शांतिनगर निवासी 57 वर्षीय कृपाल सिंह और पुष्कर मंदिर मार्ग निवासी 65 वर्षीय स्नेहलता गुप्ता पत्नी सतपाल गुप्ता के रूप में हुई है।

घटना के बाद देखते ही देखते मौके पर मजमा लग गया। इस मौके पर मेयर अनिता ममगाईं, स्थानीय पार्षद देवेन्द्र प्रजाघ्पति भी घटनास्थल पर पहुंचे। मेयर ने निर्माण विभाग के निगम के एई आनंद सिंह मिश्रवाण और अन्य निगम कर्मियों को मौके पर बुलवाकर जेसीबी से जर्जर हुई बची दीवार को भी गिरवाया। साथ ही सड़क पर बिखरे मलबे को भी साफ करवाया गया।