कुंभ कार्यों को समय और गुणवत्ता के साथ संपन्न करांए अधिकारीः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिद्वार में कुम्भ 2021 के सम्बन्ध में अखाड़ा परिषद के संत महात्माओं के साथ विचार विमर्श किया। बैठक के दौरान मेलाधिकारी दीपक रावत ने कुम्भ मेले हेतु किए जा रहे कार्यों की अद्यतन जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने सभी महात्माओं का माल्यार्पण कर स्वागत करते हुए कहा कि कुंभ की परंपरा में संतों के आशीर्वाद की आवश्यकता रहती है। संत महात्माओं ने मुख्यमंत्री के आश्वासन पर संतोष व्यक्त करते हुए मेले के सफल आयोजन के लिए अपना पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने श्री गंगा सभा हरिद्वार द्वारा कुम्भ महापर्व 2021 की प्रमुख स्नान तिथियों में से सभी अखाड़ों के संत महात्माओं की उपस्थिति में उनकी सर्वसम्मति से आगामी कुंभ मेले में आयोजित होने वाले चार शाही स्नानों की घोषणा की कुंभ मेले में होने वाले शाही स्नान में 11 मार्च 2021 (महाशिवरात्रि), 12 अप्रैल 2021 सोमवती अमावस्या, 14 अप्रैल 2021 बैसाखी कुम्भ स्नान एवं 27 अप्रैल 2021 चौत्र पूर्णिमा स्नान आयोजित होंगे। इसके साथ ही 6 पर्व स्नान 14 जनवरी 2021 (मकर संक्रान्ति), 11 फरवरी 2021 (मौनी अमावस्या), 16 फरवरी 2021 (बसंत पंचमी), 27 फरवरी 2021 (माघ पूर्णिमा), 13 अप्रैल 2021 (नव सम्वत् सर) एवं 21 अप्रैल 2021 (राम नवमी) को आयोजित होंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे कुंभ कार्यों को समयबद्धता एवं गुणवत्ता के साथ संपन्न कराएं। इसमें जिन विभागों को कोई भी समस्या हो, उसे मेलाधिकारी के संज्ञान में लाएं। यदि स्वीकृति शासन स्तर से की जानी हो तो उसकी भी व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने जल संस्थान के अधिकारियों को सीवर के कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएचएआई को भी कुम्भ क्षेत्र में नेशनल हाइवे के कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों को दिन रात करते हुए युद्ध स्तर पर करने के निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने सभी आवश्यक अधिकारी तैनात किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख संतों को आवश्यक सुरक्षा एवं अखाड़ों से लगातार संपर्क कर कुंभ मेले हेतु कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए समयबद्धता के साथ कार्य किया जाए। कुंभ क्षेत्र में निर्माण कार्यों के लिए निर्माण सामग्री की आवश्यकता के अनुसार विभागों को पट्टे आबंटित किए जाएंगे। इसके लिए दिन रात कार्य करने हेतु परमिट दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेले के सफल आयोजन हेतु सभी अखाड़ों के संत महात्माओं का सहयोग आवश्यक है।

बैठक में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक सुरेश राठौर, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी महाराज, महामंत्री हरिगिरी महाराज, रविन्द्र पुरी महाराज, महंत प्रेम गिरी महाराज, महंत धर्म दास, महंत राजेन्द्र दास, मुखिया मंहत भगत राम, महन्त जसविंदर सिंह, महंत साधना नन्द, मंहत देवेंद्र सिंह शास्त्री, महंत राम दास आदि उपस्थित रहे।

राज्य के समग्र विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धताः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को सहस्त्रधारा में विश्वबैंक पोषित यूडीआरपी योजना के अन्तर्गत काली-रो नदी पर 688 लाख लागत से निर्मित होने वाले 48 मीटर स्पान के स्टील ट्रस सेतु तथा 219.91 लाख की लागत से निर्मित होने वाले 30 मीटर स्पान के स्टील गर्डर मोटर सेतु का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इस अवसर पर सहस्त्रधारा में बस अड्डे, सरोणा स्कूलका उच्चीकरण के साथ ही सहस्त्रधारा चामासारी मोटरमार्ग के डामरीकरण की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पुलो के निर्माण से इस क्षेत्र की 13 हजार की आबादी लाभान्वित होगी। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। राज्य में सड़क, रेल व हवाई सेवाओं के विस्तार पर ध्यान दिया जा रहा है ताकि राज्य के लोगों के साथ ही पर्यटकों को भी सुविधा हो। उन्होंने कहा कि पर्यटन हमारी आर्थिकी का आधार है। पर्यटन व साहसिक खेलों को बढ़ावा देने से देश व दुनिया के लोग यहां आयेंगे। ओली में शुरू हुई नेशनल स्कीइंग एंड स्नोबोर्ड चैम्पियनशिप में विभिन्न देशों के प्रतिभागी शामिल हुए हैं। गोचर चिन्यालीसौड के लिये हेली सर्विस शुरू की गई है।

देहरादून से दिल्ली जयपुर व अन्य शहरों के लिये अतिरिक्त हवाई सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने युवाओं से पर्यटन से जुड़ी स्वरोजगार योजनाओं पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि 5000 होम स्टे बनाने का हमारा लक्ष्य है। अब तक 2200 रजिस्टर्ड हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री से जुड़ें फेसबुक लाइव में और बताएं कैसा हो बजट

नये बजट के स्वरूप को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत मुख्यमंत्री आवास में फेसबुक लाईव के माध्यम से जनता से करेंगे सीधा संवाद।
प्रदेश के आगामी बजट में जन सुझावों पर भी ध्यान दिया जायेगा। इसके लिए आपका बजट आपका सुझाव कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री आम जनता से शनिवार 8 फरवरी, 2020 को मुख्यमंत्री आवास में सांय 6ः30 बजे से 7ः30 बजे तक फेसबुक लाईव द्वारा जन-संवाद करेंगे। हर साल राज्य सरकार द्वारा बजट पर लोगों के सुझाव प्राप्त किये जाते हैं। सुझाव जनहित में पाए जाने पर बजट में शामिल भी किए जाते रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जन आकांक्षाओं के अनुरूप प्रदेश का विकास है। उन्होंने सरकार में जनभागीदारी को भी जरूरी बताया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से फेसबुक लाईव में शामिल होकर अपने अमूल्य सुझाव देने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपयोगी सुझावों को अमल में लाया जाएगा। प्रदेश के बजट को अंतिम रूप देने से पहले समाज के सभी वर्गों से सुझाव आमंत्रित किये जाने से समावेशी बजट की अवधारणा को भी मजबूती मिलेगी।
ज्ञातव्य है कि पहले यह कार्यक्रम 8 फरवरी को पूर्वाह्न 11ः00 बजे वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार सचिवालय में निर्धारित था जिसे अब संशोधित कर मुख्यमंत्री आवास में शनिवार को सांय 6ः30 बजे से 7ः30 बजे निर्धारित किया गया है।

आइए जानते है कि वित्त मंत्री के बजट में क्या है खास

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने जो बजट 2020 का पेश किया है। आइए जानते है बजट भारत के नागरिकों के लिए क्या सौगात लेकर आया है-

– पहली बार इनकम टैक्स स्लैब के दो विकल्प दिए गए हैं।
– 5 से 7.5 लाख तक आमदनी वालों को 10ः टैक्स, 7.5 लाख से 10 लाख आय तक 15 फीसदी टैक्स, 10 से 12.5 लाख आय पर 20 फीसदी टैक्स देना होगा।
– 12.5 से 15 लाख तक कमाई पर 25 फीसदी टैक्स देना होगा। 15 लाख से ज्यादा कमाई पर 30 फीसदी टैक्स देना होगा।
– नए स्लैब में 15 लाख तक की आमदनी पर टैक्स कम लगेगा, लेकिन इसके लिए करीब 70 छूटों को छोड़ना होगा।
– दोनों ही विकल्पों में पांच लाख रुपये तक की आय को कर मुक्त किया गया है।
– किसान रेल का गठन किया जाएगा। इस योजना के तहत एक्सप्रेस व मालगाड़ियों में रेफ्रिजरेटर कोच लगेंगे ताकि दूध, मांस, मछली जैसी चीजों को कोल्ड स्टोरेज में रखने की व्यवस्था हो सके।
– दिल्ली समेत देशभर के शहरों में प्रदूषण से लड़ने के लिए 4400 करोड़ रुपये का बजट आवंटन किया गया है।
– टीबी हारेगा देश जीतेगा रू 2025 तक टीबी को खत्म करने की प्रतिबद्धता
– नीली अर्थव्यवस्था रू 2024-25 तक मत्स्य निर्यात को एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य।
तेजस एक्सप्रेस जैसी 150 निजी ट्रेनों को और नए रूटों पर चलाया जाएगा। 550 स्टेशनों पर वाईफाई को शुरू किया गया है।

– सत्र 2020-21 में शिक्षा के क्षेत्र में करीब 99,300 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। इस बजट में देश में दो नए विश्वविद्यालयों का प्रस्ताव किया गया है। ये होंगे – राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय ) और राष्ट्रीय न्यायिक विज्ञान विश्वविद्यालय।

– तेजस एक्सप्रेस जैसी 150 निजी ट्रेनों को नए रूटों पर चलाया जाएगा। 550 स्टेशनों पर वाईफाई को शुरू किया गया है। रेलवे की खाली जमीन पर सौर उर्जा उत्पादन की पहल की जाएगी। 27000 किमी के ट्रेक को इलेक्ट्रिक किया जाएगा।

– 11 करोड़ किसान फसल बीमा योजना। पीएम कुसुम योजना के तहत 20 लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे। 2020-21 के लिए 15 लाख करोड़ कृषि लोन का लक्ष्य। महिलाओं के धन लक्ष्मी योजना शुरू की जाएगी। 2022-23 तक मत्स्य उत्पादन बढ़ाकर 200 लाख टन करने का प्रस्ताव।

– रक्षा बजट 3.18 लाख करोड़ से बढ़कर 3.37 लाख करोड़ रुपये हो गया है। अगर रक्षा क्षेत्र में दी जानेवाली पेंशन को जोड़ लें तो यह 4.7 लाख करोड़ हो गया है।

– 2020-21 में परिवहन अवसंरचना के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव। राजमार्गों के तेजी से विकास पर ध्यान दिया जाएगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और दो अन्य पैकेज 2023 तक पूरे हो जाएगे। चेन्नई-बंगलूरू एक्सप्रेस-वे की शुरूआत होगी।

– उड़ान स्कीम को बढ़ावा देने के लिए 100 नए वायुपत्तन कानिर्माण किया जाएगा। इसी अवधि के दौरान हवाई जहाजों की संख्या वर्तमान के 600 से 1200 हो जाने की उम्मीद है।

– डाटा सेंटर पार्क बनाए जाएंगे, जिससे सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा। भारत नेट योजना के तहत गांवों में ब्रॉडबैंड पहुंचाने के लिए अगले वित्त वर्ष में 60 अरब रुपये की राशि का एलान।

– सूखा प्रभावित जिलों में खेती के लिए योजना। वाटर और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने वाली कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा। 2024 तक सभी घरों में पाइप के जरिए पानी पहुंचाने की योजना के लिए 36 खरब रुपये का प्रावधान।

– सरकार ने प्रदूषण के रोकथाम के लिए 4400 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा की है। इसके तहत स्मॉग टॉवर, स्मॉग गन, पानी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।

– 2024-25 तक मत्स्य निर्यात को एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना। 2022-23 तक देश में 200 लाख टन मत्स्य उत्पाद का लक्ष्य रखा गया है। 3,477 मित्रों और 500 मत्स्य पालन कृषक संगठनों द्वारा युवाओं को मत्स्य पालन क्षेत्र से जोड़ना।

– सरकार ने बजट में स्मार्ट मीटर को बढ़ावा दिया है। बिजली वितरण कंपनियों में सुधार के लिए विभिन्न उपाय किए गए हैं।

– जन औषधि केंद्र योजना के तहत वर्ष 2024 तक सभी जिलों में 2000 दवाओं और 300 शल्य चिकित्सा की पेशकश की जाएगी।

– टीबी हारेगा देश जीतेगा अभियान शुरू किया गया वर्ष 2025 तक तपेदिक को समाप्त करने की प्रतिबद्धता।

मुख्यमंत्री ने खेल पुरस्कारों से सम्मानित किया, कहा-आगे बढ़ो सरकार देगी सहायता

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सर्वे चैक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न खिलाड़ियों को देवभूमि उत्तराखण्ड खेलरत्न, देवभूमि उत्तराखण्ड द्रोणाचार्य एवं लाईफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया।
खिलाड़ियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश है कि खेलों इंडिया में अधिक से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी हो सके। उन्होंने कहा कि ऑलम्पिक 2024 को लक्ष्य बना कर हमें अपनी तैयारियां करनी होंगी। इसके लिए सरकार द्वारा हर सम्भव सहायता की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें खेलने और खिलाने के साथ-साथ कबड्डी और खो-खो जैसे खेलों को भी फोकस करना होगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रूद्रपुर में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलो इंडिया के तहत अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है। इस वर्ष राज्य के दो लाख से अधिक बच्चों ने इसमें प्रतिभाग किया है। उन्होंने कहा कि हमें राज्य में 2-4 खेलों पर विशेष ध्यान देना होगा। उनके लिए लक्ष्य निर्धारित करने होंगे।
खेल मंत्री श्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि खेल महाकुम्भ और खेलो इंडिया के माध्यम से योग्य बच्चों को एक प्लेटफार्म मिला है। न्यायपंचायत, ब्लॉक स्तर और राज्य स्तर पर लगभग दो लाख से अधिक खिलाड़ियों द्वारा प्रतिभाग किया गया है। उन्होंने कहा कि सम्मानित किये जाने से मनोबल बढ़ता है परन्तु खेल मात्र पुरस्कार पाने तक ही सीमित नहीं है, यह स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है।
इस अवसर पर मनीष सिंह रावत एवं एशियन पैरागेम्स बैडमिन्टन खिलाड़ी मनोज सरकार को देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार, अनूप बिष्ट को देवभूमि उत्तराखण्ड द्रोणाचार्य पुरस्कार एवं अरूण कुमार सूद को लाईफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

नगर निगम में मेयर अनिता देशभक्ति के रंग से रंगी नजर आईं, ध्वजारोहण के बाद किया पौधारोपण

नगर निगम ऋषिकेश में मेयर अनिता ममगाईं देशभक्ति के रंग से रंगी नजर आईं। तिरंगा रंग के परिधान पहने मेयर अनिता ममगाईं ने ध्वजारोहण को सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। इसके बाद पौधारोपण कर शहीदों को नमन भी किया।

नगर निगम ऋषिकेश में मेयर अनिता ममगाईं ने आन, बान और शान के साथ तिरंगा लहराया। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज को नमन करते हुए परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने देशभक्ति पर आधारित अपनी नृत्य कला का मनोहारी प्रदर्शन किया। रविवार की सुबह साढे नौ बजे ’नगर निगम प्रांगण में मेयर अनिता ने ’ध्वजारोहण’ किया। इससे पूर्व उन्होंने निगम के स्वर्णजयंती सभागार’ के समीप स्थित ’शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण’ कर आजादी के महानायक को अपने श्रद्वा सुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर शहरवासियों को ’गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए मेयर ममगाई ने कहा’ कि आज के दिन ही हमारा गौरवशाली संविधान अस्तित्व में आया। संविधान ने हमें मौलिक अधिकार देने के साथ ही कर्तव्य भी निर्धारित किए हैं। ये हमारी जिम्मेदारी हैं कि हम केवल अधिकारों की बात न कर अपनी क्षमता और योग्यता के मुताबिक राष्ट्र निर्माण और समाज की उन्नति के लिए कर्तव्यों का गंभीरता से निर्वहन करें।

इस मौके पर महापौर’ ने शहर के विकास के लिए किए जा रहे विकास कार्यों सहित विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी। समारोह के प्रश्चात निगम प्रांगण में पौधरोपण भी किया गया। नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल के संचालन में चले कार्यक्रम में तमाम पार्षद एवं नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

मेरी यात्रा एप से यात्रियों को मिली सुविधाः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को आपदा प्रबंधन विभाग के सौजन्य से एसडीआरएफ द्वारा निर्मित एप्प ‘मेरी यात्रा’ का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसडीआरएफ द्वारा आपदा प्रबंधन एवं यात्रियों की सुविधा की दृष्टि से उत्कृष्ट एप्प बनाया गया है। आज के आईटी युग में लोगों को ऑनलाइन सम्पूर्ण जानकारी की मांग होती है। उन्होंने कहा कि इस एप्प में उत्तराखण्ड के विशिष्ट स्थानों के बारे में भी जानकारी दी जाय।

उन्होंने कहा कि यह एप उत्तराखण्ड में पर्यटन क्षेत्रों की जानकारी एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित जानकारियों का अपडेट मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एप्प के माध्यम से जिस स्थान एवं क्षेत्र के चित्रों को दर्शाया जा रहा है, उस स्थान एवं क्षेत्र का पूरा विवरण दिया जाय। जो प्रमुख मंदिर एवं विशिष्ट चीजें सिर्फ उत्तराखण्ड में हैं, उनको भी इस एप्प में शामिल किया जाए।

कमांडेंट एसडीआरएफ तृप्ति भट्ट ने कहा कि इस एप्प में यात्रियों को सूचनाएं एवं सुविधाएं एक साथ उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। एप्प के माध्यम से यात्रियों को अपने निकटवर्ती क्षेत्रों में होम स्टे, प्रमुख स्थलों, आपातकालीन नम्बर, अतिथि गृह, प्रमुख पर्यटक एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि इस एप्प में कई और फीचर जोड़े जायेंगे। जिससे यात्रियों के लिए और सुगमता हो।

जून प्रथम सप्ताह में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय हरित ऊर्जा विकास के आयामों पर होगी चर्चा

इस वर्ष जून के प्रथम सप्ताह में प्रदेश में अन्तर्राष्ट्रीय हरित ऊर्जा सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। इस सम्बन्ध में शुक्रवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। सम्मेलन में केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, वन एवं पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन जलशक्ति मंत्रालय के मंत्रीगणों के साथ ही नीति आयोग के उपाध्यक्ष के साथ ही जिन देशों का रिनोवेशन इनर्जी पर ज्यादा फोकस है उनमें चौक रिपब्लिक, नार्वे, स्वीडन, कनाडा, नीदरलैंड, स्पेन, यू.ए.ई. आदि देशों के प्रतिनिधि भी प्रतिभाग करेंगे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि रिनोवेशन एनर्जी भविष्य की जरूरत है। इस दिशा में गंभीरता से सोचने की जरूरत हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में हम कैसे आगे बढ़े इस पर भी चिन्तन की जरूरत है। देहरादून को ग्रीन सिटी के रूप में चयनित होने से इस दिशा में हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ी है। इस सम्मेलन के रूप में इस दिशा में यह प्रभावी पहल होगी। उन्होंने इस प्रकार के अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन देश-विदेश के समय-समय पर आयोजित होते रहे है। हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर इस क्षेत्र में पहचान बनाने के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाना प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमे सम्मेलन में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय हरित ऊर्जा विकास के आयामों, ऊर्जा परियोजनाओं के विकास हेतु वाध्यतायें एवं सीमायें, ऊर्जा परियोजनाओं के वित्तीय प्रबंधन इस क्षेत्र के विभिन्न अधिनियम एवं नीतियों के साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में नवीन तकनीकि एवं आविष्कार जैसे विषयों पर हम क्षेत्र के विषय-विशेषज्ञों द्वारा अपने विचार व्यक्त किये जायेंगे। उनके सुझाव भी इस दिशा में कारगर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि हाइड्रो व थर्मल पावर की सीमायें और सीमित हो रही है। अब भविष्य के लिए वैकल्पिक ऊर्जा के साधनों पर ही हमें ध्यान देना होगा। इस दृष्टि से भी यह सम्मेलन उपयोगी सिद्व होगी।

वार्षिक पत्रिका का विमोचन कर सीएम बोले, इसमें राज्य के स्थल तथा मंदिरों की भरपूर जानकारी

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में पर्वतीय बन्धु समाज समिति, नवोदय नगर हरिद्वार की वार्षिक पत्रिका ‘‘म्यारू पहाड़ म्यारू परांण’’ का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इस पत्रिका में उत्तराखण्ड के भौगोलिक, धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्वतीय अंचल की विशेषताओं को संजोने का अच्छा प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पत्रिका में उत्तराखण्ड के ऐसे स्थलों एवं मंदिरों के बारे में भी जानकारी दी जाय जिनका अपने आप में विशिष्ट महत्व है। इससे लोगों को उत्तराखण्ड के प्रमुख पर्यटक स्थलों एवं धार्मिक स्थलों की जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन के क्षेत्र में अनेक सम्भावनाएं हैं, हमें राज्य के ऐसे धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों की जानकारी लोगों को देनी होने जिनका पौराणिक एवं विशिष्ट महत्व है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य सरकार पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए निरन्तर प्रयासरत है। पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। जो लोग पर्वतीय क्षेत्रों से शहरों की ओर आ गये हैं, उन्हें साल में एक या दो बार जरूर अपने पैतृक निवास पर जाना चाहिए। होम स्टे को राज्य सरकार द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका प्रमुख उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों की आर्थिकी को संवारना है। ग्रोथ सेंटर की परिकल्पना भी आर्थिकी सुधार के लिए की गई है।

स्वस्थ मन और शरीर के लिए खेलना आवश्यकः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को बैडमिंटन हॉल परेड ग्राउण्ड देहरादून में 19वीं उत्तराखण्ड स्टेट मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियनशिप- 2020 का शुभारम्भ किया। 19 से 21 जनवरी तक तीन दिन चलने वाली इस चैैंंपियनशिप में राज्य के सभी 13 जनपदों से 200 से अधिक खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। इस चैंपियनशिप की विजयी टीम आगामी फरवरी के अन्तिम सप्ताह में जयपुर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप में प्रतिभाग करेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्वस्थ मन एवं शरीर के लिए खेलना जरूरी है। सभी को अपनी दिनचर्या में एक घण्टा खेल के लिए अवश्य निकालना चाहिए। खेल न सिर्फ हमारे अंदर स्फूर्ति लाता है बल्कि हमारे अंदर कुछ हासिल करने का जुनून भी पैदा करता है। उन्होंने इस चैंंपियनशिप में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को खेल भावना का परिचय देने को कहा। खेल के प्रति खिलाड़ियों का समर्पण भाव होना जरूरी है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने बैडमिंटन कोर्ट में उतरकर चौंपियनशिप का शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर डीजी कानून एवं व्यवस्था अशोक कुमार, आईजी कुम्भ मेला संजय गुंज्याल, डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष एससी विरमानी एवं खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।