पांच वर्षों की तुलना एक वर्ष से करेंः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने भ्रष्टाचार को मिटाने में जनता से सहयोग की अपेक्षा की है। प्रदेश में पिछले एक वर्ष में संस्थागत भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है। यह भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का ही परिणाम है कि आज प्रदेश में भ्रष्टाचारियों में दहशत ही नहीं बल्कि भ्रष्टाचारी, भ्रष्ट तरीके से कमाये गये धन को वापस करने की बात कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कैंसर रोगियों और हृदय रोगियों के लिये एक माह के भीतर मॉडल लैब स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एक वर्ष के भीतर प्रदेश की सड़कों के सभी दुर्घटना सम्भावित क्षेत्र (ब्लैक स्पॉट) ठीक कर दिए जाएंगे। अपै्रल माह तक 108 सेवा की 111 अतिरिक्त एम्बुलेंस आ जाएंगी। प्रदेश में खाद्य सामग्री की जांच के लिये मोबाईल फूड टेस्टिंग लैब की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने इन सचल वाहनों को भी झंडी दिखाकर रवाना किया।

रविवार को प्रदेश सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर परेड ग्राउण्ड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने पिछले एक वर्ष में अपनी सरकार द्वारा प्रदेश हित में लिये गये निर्णयों व कार्यों की जानकारी जनता के समक्ष रखी। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर जनता के समक्ष राज्य सरकार के गुड गवर्नेंस मॉडल को प्रस्तुत किया। लगभग 20 मिनट के सम्बोधन में मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने की बात दृढ़ता के साथ दोहराई। उन्होंने ग्राम्य विकास, महिला सशक्तिकरण, चिकित्सा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी, जल संरक्षण, विद्युतीकरण, शिक्षा, स्वच्छता, समाज कल्याण जैसे सभी महत्वपूर्ण सैक्टरों में पिछले एक वर्ष में किये गए कार्यों की जानकारी दी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास के अपने विजन को भी साझा किया। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में बाल लिंगानुपात पर किये गये अध्ययन को जारी किया।

उन्होंने कहा कि उनके द्वारा जनता से उत्तराखण्ड को विकसित पारदर्शी व भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने का वायदा किया गया था। उसके परिणाम भी सामने है। पांच वर्षों की तुलना में प्रदेश में इस एक वर्ष की अवधि में अपराध, हत्या, मृत्यु की घटनाओं में कमी आयी है। पुलिस द्वारा अपराधों के नियन्त्रण में प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।

उन्होंने अपनी सरकार द्वारा एक वर्ष की उपलब्धियों को जनता के सम्मुख पेश किया। जिनमें फॉर्म मशीनरी बैंक, सस्ता ऋण वितरण, मॉडल स्कूलों के लिये ‘के’ यान मशीने, गैस कनेक्शन वितरण, स्टैण्डअप योजना, डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र, आशाओं को सम्मान, दुग्ध संघो को प्रोत्साहन, ओडीएफ नगर निकायों का सम्मान, ई रिक्शा योजना, सौभाग्य योजना आदि योजनाओं रही।

रामदेव की बदौलत आज योग घर-घर मेंः पॉल

योगगुरू बाबा रामदेव ने योग जिज्ञासुओं को योगाभ्यास कराते हुये कहा कि हिन्दुस्तान में कई महान विभूतियां है, कई व्यक्तित्व ऐसे है जिनकी मूर्तियां लगाई जानी चाहिए। बजाए लेनिन व मार्क्स की मूर्तियों के।

ऋषिकेश में आयोजित अंतराष्ट्रीय योग महोत्सव के समापन अवसर पर विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें राज्य के राज्यपाल केके पाल, योगगुरू बाबा रामदेव व राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने इस शिविर में प्रतिभाग करने आए योग जिज्ञासुओं को जीवन में योग को आत्मसात करने का संकल्प दिलाया। इससे पूर्व सुबह करीब पांच बजे से योगगुरू बाबा रामदेव ने विशेष कक्षा का संचालन किया।

बाबा रामदेव के इस विशेष शिविर में सशस्त्र सेना बल के जवानों, स्थानीय नागरिकों सहित देश-विदेश से आए योग जिज्ञासुओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान बाबा बोले योग और आयुर्वेद के बूते आज संपूर्ण विश्व में पतंजलि सबसे बड़ा ब्रांड बनने जा रहा है। स्वदेशी उत्पादों से विदेशी कंपनियां मानो सिकुड़ सी गयी हो।

राज्यपाल केके पाल ने कहा कि योग भारतीय ऋषि-मुनियों द्वारा दुनिया को प्रदान किया गया एक तोहफा है। विश्व में हमारे योगाचार्य एकता का संदेश फैलाने में सफल हो रहे है। उन्होंनंे आज से करीब बीस वर्ष पूर्व योग तो था, मगर लोगों में जिज्ञासा नहीं थी। मगर, आज योगगुरू बाबा रामदेव के प्रयासों की बदौलत पिछले डेढ़ दशक से योग घर-घर में किया जाने लगा है।

इस दौरान पतंजलि योग विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, पदमश्री भारत भूषण सहित कई देशी विदेशी मौजूद थे।

जानिए किसने कहा राजनीति बेहद कठिन, मगर मैं कर सकता हूं बदलाव…

सुपरस्टार रजनीकांत चेन्नई स्थित एक कॉलेज में छात्रों से कहा कि वे एक अच्छी सरकार चला सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब जयललिता नहीं रहीं, करुणानिधि भी बीमार हैं। उन्होंने एमजीआर का नाम लेते हुए कहा कि मैं उनकी तरह राज्य की सेवा कर सकता हूं। उन्होंने कहा कि एमजीआर जैसे लोग हजारों साल में एक बार पैदा होते हैं।

एमजीआर एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में एमजीआर की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद रजनीकांत ने छात्रों से बातें कीं। रजनीकांत ने इस मौके पर एमजी रामचंद्रन की ही तरह सफेद धोती और शर्ट पहना था।

छात्रों से उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि राजनीति का रास्ता बेहद कठिन है, लेकिन मैं एक अच्छी सरकार का नेतृत्व कर सकता हूं। उन्होंने एमजीआर के शासन का जिक्र करते हुए कहा कि मैं राज्य की जनता को एक बार फिर से वैसी ही सरकार दे सकता हूं. ईश्वर मेरे साथ है और मुझे विश्वास है कि मैं राज्य में ये बदलाव ला सकता हूं।

रजनीकांत ने कहा कि एम करुणानिधि, जीके मुप्पनर और दूसरे नेताओं के साथ मेरे अच्छे संबंध रहे हैं। इन लोगों से मैंने राजनीति सीखी है। राजनीति के रास्ते में तमाम मुश्किलें, कठिनाइयां और दिक्कतें आती हैं। इसका रास्ता कांटों से भरा हुआ है, लेकिन आपका नजरिया साफ हो, तो आप सब कुछ पार कर सकते हैं।

रजनीकांत ने इस दौरान उन लोगों को भी जवाब दिया जो कलाकारों के राजनीति में आने पर सवाल उठा रहे हैं। रजनीकांत ने कहा कि मैं स्वागत की उम्मीद नहीं करता, लेकिन आप हतोत्साहित क्यों कर रहे हैं। मैं अभी सिर्फ 67 साल का हूं. राजनेता अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं, इसलिए हमें राजनीति में आना पड़ रहा है। पिछले साल के आखिरी दिन रजनीकांत ने राजनीति में आने का ऐलान किया था।

राहुल के नानी संग होली मनाने को मीनाक्षी ने कसा तंज

अपनी नानी के साथ होली मनाने वाली बात को साझा कर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर भाजपा नेता सहित लोगों ने चुटकी ली। दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ने अपनी 93 वर्षीय नानी के साथ होली मनाने की बात सोशल मीडिया में ट्वीट कर डाली। इस पर भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने
तंज कसते हुये लिखा कि कार्ति की गिरफ्तारी ने नानी याद दिला दी।

आपको बता दें कि मीडिया ग्रुप में विदेशी निवेश की अनुमति दिलाने के लिए घूस लेने के आरोप में पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। गुरुवार को उन्हें दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से कार्ति को 5 दिन की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने विदेश जाकर अपनी नानी के साथ होली मनाने की जानकारी दी। राहुल के इसी ट्वीट को मीनाक्षी लेखी ने रिट्वीट किया और उनके नानी से मिलने जाने को कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी से जोड़ दिया।

राहुल ने जब ट्वीट में जानकारी दी कि उनकी नानी 93 साल की है, होली के इस वीकेंड पर वह उन्हें सरप्राइज करने जा रहे हैं। इस पर सोशल मीडिया में लोगों ने भी चुटकी ली।

अब दसवीं पास करना हुआ आसान, सीबीएसई ने दी राहत

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के उत्तीर्ण होने का रास्ता आसान कर दिया है। बोर्ड ने दसवीं कक्षा में पास होने का मानदंड ही बदल दिया है। इस मानदंड के अनुसार विद्यार्थी अब आंतरिक व बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन को मिलाकर 33 फीसद अंक प्राप्त करने पर ही पास हो जाएंगे।

इससे पहले विद्यार्थियों को पास होने के लिए आंतरिक व बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन में अलग-अलग 33 फीसद अंक प्राप्त करने होते थे। शैक्षणिक सत्र 2017-18 की दसवीं की बोर्ड परीक्षा में विभिन्न मूल्यांकन पृष्ठभूमि से आए परीक्षार्थियों की परिस्थतियों को देखते हुए सीबीएसई की परीक्षा समिति ने 16 फरवरी को हुई बैठक में यह फैसला लिया है। हालांकि, पास होने का यह मानदंड सिर्फ इसी सत्र की बोर्ड परीक्षा के लिए लागू रहेगा।

सीबीएसई अध्यक्ष अनिता करवल द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार वर्ष 2018 में परीक्षा दे रहे दसवीं के विद्यार्थियों के लिए यह बदलाव किया गया है। इसके तहत 20 अंक वाली आंतरिक परीक्षा व 80 अंक वाली विषय परीक्षा के अंकों को मिलाकर 33 फीसद अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी पास माने जाएंगे।

यह नियम पांचों मुख्य विषयों के लिए लागू होगा। अगर किसी विद्यार्थी ने अतिरिक्त विषय के तौर पर छठा या सातवां विषय भी लिया है, तो उन विषयों के पास होने का मानदंड भी अन्य पांचों विषयों की तरह ही रहेगा।

अब यूपी भी गुजरात मॉडल की राह पर

सीएम योगी के सत्ता संभाले एक साल पूरा होने जा रहा है, योगी सरकार ने गुजरात मॉडल की तर्ज पर यूपी में इंवेस्टर समिट आयोजित करते हुये देश और उससे बाहर के कारोबारिेयों को यूपी में निवेश करने का आमंत्रण दिया है।

दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति चीन सुस्ती के दौर से गुजर रहा है। लगातार 30 साल तक 10 फीसदी की विकास दर दर्ज करने वाले चीन को आर्थिक शक्ति बनाने में उसके कुछ प्रोविंसेस की अहम भूमिका रही है। देश की जीडीपी में इन राज्यों का सर्वाधिक योगदान भी है। खास बात यह है कि आर्थिक आंकड़ों को देखकर साफ है कि ये प्रोविंस चीन की सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्र हैं और इस घनी आबादी के सहारे ही चीन दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में सफल हुआ है।

गुजरात मॉडल से उम्मीद

उत्तर प्रदेश में इवेस्टर समिट के लिए सजे मंच से एक के बाद एक शख्सियत और संभावित निवेशकों ने 2003 का वह मंजर याद दिलाया जब गुजरात की कमान संभालने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात की नींव रखी। लखनऊ के मंच पर दावा किया गया कि वायब्रेंट गुजरात समिट ने गुजरात में बड़े निवेश का रास्ता खोलते हुए गुजरात को कारोबार में देश का अग्रणी राज्य बना दिया। लिहाजा इसी तर्ज पर चलते हुए अब उत्तर प्रदेश को देश का अहम वाणिज्यिक क्षेत्र बनाया जाएगा। भारत में जनसंख्या के हिसाब से सर्वाधिक आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश है। लिहाजा भारत के लिए चीन जैसी अर्थव्यवस्था को पकड़ने और उसे पछाड़ने के लिए जरूरी है कि भारत में भी आर्थिक विकास के केन्द्र में उत्तर प्रदेश को रखा जाए।

ये कंपनियां देंगी योगदान

यूपी इंवेस्टर्स समिट के मंच से बोलते हुए देश के बड़े उद्योगपतियों ने अगले कुछ वर्षों में हजारों करोड़ के निवेश के साथ-साथ राज्य में लाखों नए रोजगार पैदा करने का दावा किया है। इनमें यदि राज्य के सबसे बड़े निवेशक आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने राज्य की आर्थिक गतिविधियों में 25,000 करोड़ रुपये का निवेश का दावा किया तो देश के सबसे बड़े कारोबारी मुकेश अंबानी ने तीन साल में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एक लाख से अधिक नौकरियां देने का दावा किया। वहीं समिट में शिरकत कर रहे अडानी समूह के प्रमुख गौतम अडानी ने अगले कुछ वर्षों के दौरान राज्य में अपनी कंपनियों के विस्तार के लिए कुल 45,000 करोड़ रुपये के निवेश का दावा किया है।

इनके अलावा कई क्षेत्रों में विदेशी कंपनियों ने उत्तर प्रदेश के इवेस्टर समिट के दौरान राज्य में बड़े निवेश का ऐलान किया है। उल्लेखनीय है कि महज डेयरी सेक्टर में नीदरलैंड समेत यूरोप की कंपनियों ने लगभग 500 समझौते करते हुए हजारों करोड़ के निवेश का खाका पेश किया है।

सीएम ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं का दर्द किया बयां

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं का दर्द बयां करते हुये कहा कि राज्य कीं स्वास्थ्य सेवाओं में अभी बहुत कमियां है। जिस कारण दूरस्त क्षेत्रों में समय पर उपचार न मिल पाने के कारण जच्चा-बच्चा दम तोड़ देते है। हमें इनके प्रति अपनी संवेदना जगानी होगी।

एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं संतोषजनक नहीं। उन्होंने कहा कि दून या किसी अन्य बड़े शहर को देख आपको लगेगा कि सब अच्छा है, लेकिन दूरस्थ क्षेत्रों के लिये भी सरकार उतनी ही जवाबदेह है।

उत्तरकाशी के जखोल गांव और नैनीताल के ओखलखंडा का उदाहरण देते सीएम बोले वहां अब भी महिलाएं सुरक्षित प्रसव की अवधारणा से कोसो दूर हैं। समय से उपचार न मिलने के कारण जच्चा-बच्चा दम तोड़ देते हैं। दुरुह क्षेत्र में रहने वाले इन लोगों के प्रति हमारी संवेदना जागनी चाहिए। हमें दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर इनकी पीड़ा हरनी है।

त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का सरकार प्रयास कर रही है और इसमें आप सबका सहयोग चाहिये। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र के व्यवसायिक पक्ष पर बोलते कहा कि डाक्टर जब कमाई के पीछे भागता है तो वह कसाई के समान हो जाता है।

सेना प्रमुख को क्यों होनी लगी चिंता, कौन है बदरूद्दीन अजमल

सेना प्रमुख बिपिन रावत के बांग्लादेशी नागरिकों की असम में घुसपैठ और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट पर दिए गए बयान से राजनीतिक बवाल मच गया है। सेना प्रमुख ने कहा कि जितनी तेजी से देश में बीजेपी का विस्तार नहीं हुआ उतनी तेजी से असम में बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआईयूडीएफ बढ़ी है, जो चिंता की बात है।

बता दें कि अजमल के जबरदस्त उभार के पीछे उनकी अपनी सियासी सूझबूझ के अलावा हालात का भी अच्छा-खासा योगदान है। एआइयूडीएफ 2005 में गठित की गई थी, उसी साल सुप्रीम कोर्ट ने विवादास्पद अवैध आप्रवासी (ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारण) कानून (आइएमडीटी) को रद्द कर दिया था।

इसके लिए सर्बानंद सोनोवाल(असम के सीएम) ने उस वक्त ऑल असम स्टुडेंट्स यूनियन के नेता के तौर पर लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी थी, जिसके बाद अदालत का यह फैसला आया था। आइएमडीटी कानून ने अवैध आप्रवासियों की पहचान की जिम्मेदारी न्यायाधिकरणों पर डाल दी थी और संदिग्ध लोगों की नागरिकता को साबित करने का भार शिकायत करने वालों पर डाल दिया था। अप्रवासी मुसलमान मानते हैं कि केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार का बनाया गया यह कानून उन्हें उत्पीड़न से बचाने वाला था।

असम में पैदा हुए और मुंबई में कपड़ों, रियल एस्टेट, चमड़ा, हेल्थकेयर, शिक्षा और इत्र का विशाल कारोबार चलाने वाले अजमल का कारोबार भारत के अलावा यूपीई, बांग्लादेश, सिंगापुर आदि देशों में फैला है। अजमल पर वंशवादी सियासत के भी आरोप लगते आए हैं। उनके दो बेटे अब्दुल रहमान अजमल और अब्दुल रहीम अजमल व भाई सिराजुद्दीन राजनीति से जुड़े हैं।

भाजपा सरकार के राज में व्यवसायी कर रहे आत्महत्या

प्रदेश की भाजपा सरकार के राज में राज्य के व्यवसायी कर्ज में डूबे है, कर्ज न चुका पाने से उनके सामने कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। नतीजतन वह आत्महत्या कर रहे है। सरकार भी उनकी कोई सुध नहीं ले रही है। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पत्रकार वार्ता के दौरान कही।

कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि देहरादून के ट्रांसपोर्टर बलवंत भट्ट की आत्महत्या को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। इससे पहले ट्रांसपोर्टर प्रकाश पाण्डेय की आत्महत्या से भी सरकार ने सबक नहीं लिया।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और ट्रांसपोर्टरों को हतोत्साहित कर रही है। सरकार को मृतकों के ऋणों के समायोजन का रास्ता निकालना चाहिए। उन्हें केंद्रीय बजट को लेकर पीएम मोदी पर हमला बोला।

कहा कि देश के लिए मोदी ने झुनझुना दिया है। बजट में उत्तराखंड को कुछ नहीं मिला। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुधार पर भी केंद्र गंभीर नहीं है। केंद्र सरकार ने मनरेगा और पीएमजीएसवाई के धन में बढ़ोत्तरी नहीं की। ऐसे में गांव की तस्वीर कैसे बदलेगी।

कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में भी यही हाल है। इसमें भी दो हजार करोड़ की कमी कर दी गई। स्वच्छ भारत अभियान का बजट भी मोदी ने नहीं बढ़ाया। इसी तरह ग्रामीण पेयजल मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के बजट में भी बढोत्तरी नहीं की गई।

सपा प्रवक्ता का कहना, लोस चुनाव में मोदी का विकल्प अखिलेश

लोकसभा चुनाव होने में अभी चौदह महीने रह गये है। उधर, कांग्रेस ने राहुल गांधी के चेहरे को आगे करके चुनाव में उतरने के लिए कदम बढ़ा दिया है। कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि देश में मोदी का विकल्प राहुल गांधी हैं और देश की जनता राहुल को प्रधानमंत्री देखना चाहती है।

सुरजेवाला की इस बात से कांग्रेस को एनसीपी का समर्थन मिला है। तो वहीं, दूसरे विपक्षी दलों में अलग-अलग राय दी है। समाजवादी पार्टी राहुल के बजाय अखिलेश यादव को मोदी का विकल्प बता रही है। आरजेडी कांग्रेस के फैसले से पूरी तरह सहमत नहीं है, लेकिन मोदी के मुकाबले राहुल की राजनीति के साथ खड़े होने की बात कह रही है।

एनसीपी के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने कहा- बेशक मौजूदा समय में राहुल गांधी ही मोदी का विकल्प हैं। कांग्रेस की राय से मैं पूरी तरह सहमत हूं. गुजरात विधानसभा चुनाव और राजस्थान के उपचुनाव के नतीजों से साफ हो गया है कि राहुल गांधी में नेतृत्व करने की क्षमता है। जिस तरह से राहुल गांधी ने अपनी राजनीति से बीजेपी को मात देनी शुरू की है। उससे साफ है कि 2019 का चुनाव विपक्ष की तरफ से मोदी के मुकाबले राहुल गांधी ही विकल्प होंगे।

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि ये जनता तय करेगी कि मोदी का विकल्प कौन है? कांग्रेस पार्टी के नेता अपने नेता की बात कर रहे हैं। ये उनकी राय होगी। जबकि सपा मानती है कि गांव और गरीब की बात करने वाले अखिलेश यादव बड़ा विकल्प हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में अखिलेश यादव ने विकास का वैकल्पिक मॉडल दिया है। इतना ही नहीं अखिलेश ओबीसी और किसान परिवार से निकले हैं उनके दर्द को समझते हैं। ऐसे में मोदी के सामने सबसे बेहतर विकल्प अखिलेश होंगे।

राहुल पर विचार

आरजेपी के प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि कांग्रेस के साथ हमारी सकारात्मक सोच है, लेकिन लोकतंत्र में सामूहिक फैसला होना चाहिए। 2019 के लिए राहुल के नाम को आगे बढ़ाती है तो विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में मोदी की तुलना में राहुल की राजनीति भारत की आत्मा के ज्यादा करीब है। मोदी जहां विध्वंस की राजनीति करते हैं तो राहुल सर्वसमाज को लेकर चलने वाली राजनीति करते हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि देश में नरेंद्र मोदी का विकल्प सिर्फ कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी हैं। देश में आज दो मॉडल्स हैं। एक है मोदी मॉडल है वो दिन में छह बार कपड़े बदलते हैं, वो देश से ज्यादा अपने कपड़ों को अहमियत देते हैं। जबकि दूसरा, राहुल मॉडल है, वो सादगी से रहते हैं और अपनी बात साफ-साफ कहते हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की लहर चलने वाली है और देश की जनता राहुल गांधी को पीएम के रूप में देखना चाहती है।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस उसी तर्ज पर चल रही है, जो 2014 के लोकसभा चुनाव से एक साल पहले बीजेपी ने 2013 से ही नरेंद्र मोदी को पीएम के चेहरे के तौर पर पेश किया था। इसके बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए के साथ कई सहयोगी दल साथ आए थे। इनमें राम विलास पासवान की लोजपा, उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा और अनुप्रिया पटेल की अपना दल सहित कई सहयोगी दल जुड़े थे। इसके अलावा कई नेताओं ने कांग्रेस सहित कई पार्टी से नाता तोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। कांग्रेस उसी तर्ज पर अब राहुल के नाम को आगे बढ़ाने में जुटी है।