पिता और पुत्र को मारपीट के मामले में कोर्ट ने सुनाई एक-एक साल की सजा

मारपीट के एक मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश आलोक राम त्रिपाठी की अदालत ने आरोपी पिता और पुत्र को दोषी पाते हुए एक-एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1500-1500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोनों को एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

मामला 11 अगस्त 2016 का है। बताया गया कि वादी जीत बंधन फल लेने के लिए बड़ी सब्जी मंडी गए थे। यहां पर सुरेश गुप्ता से किसी बात पर कहासुनी हो गई। इसके बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे वादी को तारामाता मंदिर मायाकुंड के समीप सुरेश गुप्ता और उसका पुत्र आशीष गुप्ता मिल गए। आरोप था कि दोनों पिता और पुत्र ने वादी के साथ जमकर मारपीट की। इस कारण वादी के मुंह पर चार टांके आए और दो दांत भी टूट गए। वादी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जांच के बाद चार्जशीट न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दाखिल की।

इस मामले में राज्य की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी राकेश चंद ने मजबूत पैरवी की। इसके आधार पर न्यायाधीश आलोक राम त्रिपाठी ने आरोपी सुरेश गुप्ता पुत्र बनारसी तथा आशीष गुप्ता पुत्र सुरेश गुप्ता को दोषी पाया। उन्होंने दोषी पिता और पुत्र को एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1500-1500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

पूर्वाेत्तर राज्यों की भांति उत्तराखंड को भी मिले विशेष पैकेजः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से भेंट कर उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को पूर्वोत्तर राज्यों की भांति विशेष पैकेज देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए बजट आवंटन में निर्धनता अनुपात के साथ ही पलायन की समस्या को भी आधार के रूप में लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारा दीनदयाल अन्त्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत योजना के प्रारम्भ से वर्तमान तक 13 जनपदों के 95 विकासखण्डों में कार्य किया जा रहा है। अपने उद्देश्य की पूर्ति हेतु यूएसआरएलएम द्वारा स्वयं सहायता समूहों तथा उनके उच्च स्तरीय संगठनों का गठन कर लिया गया है। 16422 समूहों की सूक्ष्म ऋण योजना तैयार करते हुये उन्हें आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए समूहों को सीआईएफ एवं बैंक लिकेंज कर ऋण उपलब्ध कराया गया है। सूक्ष्म ऋण योजना के आधार पर राज्य में गठित समूहों द्वारा 65 प्रकार की आजीविका सम्वर्धन गतिविधियों का चयन किया गया है। समूहों की क्षमता विकास करते हुए उन्हे सतत् आजीविका के साधन उपलब्ध कराये जाने हैं, जिसके लिए इन समूहों को निरन्तर प्रशिक्षण की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि निर्धनता अनुपात के साथ-साथ पलायन व अति संवेदनशील सीमांत जनपदों व दैवीय आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में आजीविका के माध्यम से पलायन रोकने के दृष्टिगत उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को पूर्वोत्तर राज्यों की भांति विशेष पैकेज दिया जाए।

इस पर केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने सकारात्मक रूख रखते हुए प्रकरण का परीक्षण कराने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए।

मार्च तक नई टीम की घोषणा करेंगे भाजपा के नए भीष्म पितामाह

भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने अपना प्रमुख लक्ष्य 2022 के विधानसभा चुनावों को बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकारी को दोबारा लाना उनका मकसद है, शायद शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें तभी कमान भी सौंपी हैं। उन्होंने कहा कि बहुमत की सरकार बनाने के लिए वह पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे। कार्यकर्ताओं से वार्ता कर मार्च में नई टीम का ऐलान करेंगे।

उन्होंने कहा कि मेरा जीवन सबसे महत्वपूर्ण है। केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं जो मुझे भाजपा प्रदेश प्रदेश का दायित्व सौंपा। मेरा काम करने का तरीका यह है कि मैं सभी वर्ग को साथ लेकर चलूंगा। कार्यकर्ताओं से संवाद कायम करूंगा। कोशिश यह रहेगी कि केंद्र व राज्य सरकार ने एक से एक शानदार योजना शुरू की है। इन योजनाओं का लाभ हर जन तक पहुंचाऊ।

नई टीम बनाने पर उन्होंने कहा कि वह पहले पूरे प्रदेश का दौरा करना चाहते हैं। संगठन के लोगों और कार्यकर्ताओं से संवाद करूंगा। उनसे फीडबैक लेने के बाद मार्च तक नई टीम की घोषणा कर दी जाएगी।

तीर्थ पुरोहितों के हकहकूकों के साथ नहीं होगी छेड़छाड़ः सीएम

चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड राज्य के धार्मिक स्थलों को बुनियादी सुविधाएं देगा। इससे किसी भी तीर्थ पुरोहित, हकहकूकधारी के अधिकारों के साथ छेड़छाड़ नहीं होगी। यह बात मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रेसवार्ता के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और इनके आसपास के मंदिरों का प्रबंधन चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के नियंत्रण में रहेगा। लेकिन, इनसे जुड़े पुजारी, न्यासी, तीर्थ, पुरोहितों, पंडों और हकहकूकधारियों को वर्तमान में प्रचलित देव दस्तूरात और अधिकार यथावत रहेंगे।

उन्होंने कहा कि कहा कि जब हम कोई भी सुधार करते हैं तो उसकी प्रतिक्रिया होती ही है। सीएम ने साफ अल्फाज में कहा कि तीर्थ पुरोहितों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जायेगा। प्रदेश के चार धाम सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर देश-विदेश से के श्रद्धालु आना चाहते हैं। उत्तराखंड को अच्छे आतिथ्य के रूप में जाना जाता है। देश-विदेश के श्रद्धालुओं को उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों पर आने का मौका मिले और उन्हें अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हों इसके लिए यह विधेयक लाया गया है। मालूम हो कि चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड विधेयक को राजभवन ने मंजूरी दे दी है।

किसानों को बिना ब्याज के ऋण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि पर्वतीय खेती के लिए सिंचाई की सुविधा पर ध्यान केंद्रित करना होगा। इसके लिए जलाशय विकसित करने हांगे। क्लस्टर आधारित खेती और जैविक उत्पादों के सर्टिफिकेशन की व्यवस्था भी किसानों की आय को बढ़ाने के लिए बहुत जरूरी है। मुख्यमंत्री एक स्थानीय होटल में नाबार्ड द्वारा आयोजित स्टेट क्रेडिट सेमिनार 2020-21 में सम्बोधित कर रहे थे।

जलाशय संवर्धन के लिए राज्य सरकार ने की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड भौगोलिक विषमताओं वाला प्रदेश है। पर्वतीय खेती अधिकांशतः असिंचित है। लिफ्ट सिंचाई बहुत खर्चीली होती है। इसलिए ग्रेविटी आधारित पेयजल व सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति के लिए जलाशयों का निर्माण जरूरी है। सूखते जलस्त्रोतों को देखते हुए वर्षा जल संचयन महत्वपूर्ण है। नदियों के पुनर्जीवन के लिए भी जलाशय आवश्यक हैं। चाल-खाल भी बचाने होंगे। राज्य सरकार ने इस दिशा में शुरूआत की है। पिथौरागढ़, चम्पावत, अल्मोड़ा, पौड़ी, चमोली, देहरादून आदि जिलों में जलाशय व झीलें विकसित की जा रही हैं। इसका आने वाले समय में बहुत फायदा होगा। इन जलाशयों के निर्माण की फंडिंग के लिए नाबार्ड को आगे आना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय को बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बहुत सी कोशिशें प्रारम्भ की गई है। किसानों को व्यक्तिगत रूप से 1 लाख तक व समूह को 5 लाख तक का कृषि ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है।

वैल्यु एडिशन पर जोर
उत्पादों के वैल्यु एडिशन पर विशेष बल दिया जा रहा है। प्राकृतिक रूप से उपलब्ध फाईबर कंडाली और इंडस्ट्रीयल हैम्प आधारित उत्पादों की वैश्विक बाजार में बहुत मांग है। इनसे तैयार किए जाने वस्त्रों की अच्छी कीमत मिलती है। एरोमैटिक्स की भी उत्तराखण्ड में काफी सम्भावनाएं हैं।

जैविक उत्पादों का सर्टिफिकेशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी राज्य उत्तराखण्ड के कृषि व संबंधित उत्पाद स्वाभाविक रूप से जैविक हैं। इनके सर्टिफिकेशन की सही तरीके से व्यवसथा करनी होगी। किसानों को भी इसकी जानकारी देनी होगी।

उत्तराखण्ड को कृषि क्षेत्र में पिछले दो वर्षों में मिले पुरस्कार
कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने खेती के क्षेत्र में कई पहल की है। यही कारण है लगातार दो बार कृषि कर्मण पुरस्कार सहित पिछले 2 वर्षों में 6 पुरस्कार उत्तराखण्ड को मिले हैं। आर्गेनिक खेती में हम काफी आगे बढ़ चुके हैं।

हार्टीकल्चर के लिए काश्तकारों को मिले मध्यम व दीर्घ अवधि के ऋण
हॉर्टीकल्चर के लिए काश्तकारों के अल्पावधि के साथ ही मध्यम व दीर्घ अवधि के ऋण उपलब्ध कराने होंगे। पर्वतीय क्षेत्रों में नहरों की मरम्मत और जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेतों की फेंसिंग भी जरूरी है। किसानों के उत्पाद खराब न हों, इसके लिए शीतगृहों की व्यवस्था करनी होगी।

उत्तराखण्ड के प्राथमिकता क्षेत्र हेतु 24,656 करोड़ रूपए की ऋण सम्भाव्यता आंकलित
नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक सुनील चावला ने बताया कि वर्ष 2020-21 के लिए नाबार्ड द्वारा उत्तराखण्ड की प्राथमिकता क्षेत्र हेतु कुल ऋण सम्भाव्यता 24,656 करोड़ रूपए आंकलित की गई है। जबकि वर्ष 2019-20 में यह 23,423 करोड़ रूपए थी। इस वर्ष के स्टेट फोकस पेपर का विषय ‘उच्च तकनीकी से कृषि’ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 के लिए नाबार्ड द्वारा उत्तराखण्ड की कुल ऋण सम्भाव्यता 24,656 करोड़ रूपए आंकलित की गई है। इनमें से लगभग 11,802 करोड रूपए की कृषि ऋण सम्भाव्यता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभिन्न गैर सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, बैंकों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।

गांव में शराब बनाई तो 10 हजार रूपए का लगेगा जुर्माना

ऋषिकेश की ग्राम सभा गुमानीवाला क्षेत्र में शराब बनाई और बेची तो दस हजार रूपए के जुमाने के साथ सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। यह निर्णय ग्राम सभा की आम सभा की बैठक में लिया गया।

गुमानीवाला की ग्राम प्रधान दीपिका व्यास की अध्यक्षता और ग्राम विकास अधिकारी जगेंद्र राणा के संचालन में आहूत की गई बैठक में शराब जैसी कुरीतियों को रोकने के लिए इसे एक अच्छी पहल बताया गया। गांव की पिंकी गुसाईं ने मांग रखी कि गांव में शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगना चाहिए। उन्होंने बताया कि शराब ने कई परिवार बर्बाद कर दिए हैं। नौनिहालों का भी जीवन बर्बाद हो रहा है। इसके बाद ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जो व्यक्ति गांव में शराब बनाएगा और बेचेगा उस पर पंचायत की ओर से 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और ऐसे व्यक्ति का सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों को प्रस्ताव भेजे गए। इसमें वृद्धा पेंशन के 45, विधवा पेंशन के 17, विकलांग के 11 लोगों के प्रस्ताव समाज कल्याण विभाग को भेजे गये। पंचायत सदस्य राजेश व्यास ने प्रस्ताव रखा कि गुमानीवाला ग्राम पंचायत में सम्मिलित राजस्व गांव बीबीवाला का नाम बदल कर शहीद हमीर पोखरियाल के नाम पर हमीरपुर रखा जाए। साथ ही प्रस्ताव संख्या 06 में राजेश व्यास ने प्रस्ताव रखा कि कांजी हाउस की तीन बीघा जमीन पर 16 बेड वाला हॉस्पिटल बनाया जाए।

चारों धामों को श्राइन बोर्ड से जोड़ने पर गाडू घड़ा का होगा विरोध

राज्य सरकार के राज्य के चारों धामों को श्राइन बोर्ड (देवस्थानम अधिनियम) से जोड़ने के फैसले का देवभूमि तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी का विरोध करेगी। तीर्थ पुरोहितों ने बैठक कर गाडू घड़ा यात्रा का पूर्ण रूप से विरोध दर्ज करने का निर्णय लिया है।

रविवार को हरिद्वार रोड स्थित भगवान भवन आश्रम में देवभूमि तीर्थ पुरोहित हक हकूक धारी महापंचायत की बैठक आयोजित की गई। बैठक में महा पंचायत के अध्यक्ष कृष्णकांत कोठियाल ने कहा कि गाडू घड़ा यात्रा के आयोजन का पंचायत पूर्ण रूप से विरोध करेगी। इसके अलावा बैठक में निर्णय लिया गया कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में देश के प्रमुख संतों के सानिध्य में अखिल भारतीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। संयोजक सुरेश सेमवाल ने बताया कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में देवस्थानम अधिनियम के विरोध में अखिल भारतीय महापंचायत का आयोजन हरिद्वार में किया जाएगा। इसके अलावा महापंचायत का प्रतिनिधिमंडल प्रयागराज में देश के चारों पीठों के शंकराचार्य, अखाड़ा परिषद, भारत साधु समाज के अलावा अन्य सभी धार्मिक संगठनों के लोगों से मिलेगा। बैठक में महापंचायत के महामंत्री हरीश डिमरी, महेश सेमवाल, आलोक सेमवाल, जगमोहन उनियाल, विनोद शुक्ला, उमेश सती, सतेंद्र सेमवाल, डा. बृजेश सती आदि मौजूद रहे।

नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध कर रहे लोग शरणार्थियों का दर्द क्यो नही समझ रहेः धामी

नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के समर्थन में विधायक पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में रामलीला मैदान में आभार रैली का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में लोगों के पहंुचने के अनुमान को देखते हुए प्रशासन ने रैली निकालने की अनुमति नहीं दी लेकिन रैली सभा तकरीबन दो घंटे तक चली। इस अवसर पर विधायक ने कहा कि यह कानून बहुत पहले आ जाना चाहिए था। सीएए नागरिकता देने का कानून है न कि छीनने का। उन्होंने साफ किया कि जिहादी और बहुरूपिया बनकर आने वालों को किसी भी हालत में नागरिकता नहीं दी जाएगी। रैली में बंगाली समुदाय के लोग भी खासी तादात में आभार जताने पहुंचे।
रैली संयोजक विधायक धामी ने कहा कि उन्होंने बगुलिया-मेलाघाट आदि क्षेत्र में बांग्लादेश से जान बचाकर आये आए लोगों के दर्द को बचपन से ही नजदीक से देखा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने उनके दर्द को समझा और यह कानून लाए, इसके लिए वह आज आभार रैली के माध्यम से उनका धन्यवाद दे रहे है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, ईसाई आदि अल्पसंख्यकों को बहुत पहले नागरिकता दे देनी चाहिए थी। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि कांग्रेस सीएए का विरोध करके आखिर क्या कहना चाहती है? उन्होंने कहा कि सरदार बल्लभ भाई पटेल के बाद दूसरे लौह पुरुष हैं नरेंद्र मोदी। कहा कि ननकाना साहिब (पाकिस्तान) में हमले और ग्रंथी की बेटी का धर्म परिवर्तन कराने पर विधायक ने कहा कि पाकिस्तान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पूर्व सीएम हरीश रावत पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस के नेता बरगलाना चाहते हैं। मैं हरीश रावत से पूछता हूं कि सिख, बंगालियों पर अत्याचार नहीं हुआ, क्या जवाब दें? क्या सिर्फ भाजपा के विरोध के लिए सीएए का विरोध है?।
बिल के समर्थन में भाजपाइयों ने की बैठक
सीएए के समर्थन में नानकमत्ता में भाजपाइयों ने मंडल अध्यक्ष ओम नारायण राणा के नेतृत्व में बंगाली कॉलोनी के दुर्गा मंदिर में बैठक कर सीएए लागू करने के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया। धन्यवाद किया गया। विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा ने लोगों को टोल फ्री नंबर 88662-88662 पर मिस कॉल देकर एवं पोस्टकार्ड के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देकर बिल का समर्थन करने की अपील की। वहां वहां झनकट के मंडल अध्यक्ष किशोर जोशी, भुवन जोशी, जगदीश जोशी, छगनलाल अग्रवाल, सुरंजन राय, अनिरुद्ध राय, परविंदर सिंह लक्की आदि थे।
वहीं, गदरपुर में आरएसएस के संपर्क विभाग की ओर से सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सीएए पर विचार कर शंकाओं का निवारण किया गया। अनाज मंडी स्थित रामलीला भवन में हुई बैठक में मुख्य वक्ता भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील खेड़ा ने सीएए की तथ्यात्मक और व्यवहारिक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से सीएए को लेकर जनता को गुमराह किया जा रहा है। भ्रांतियों को दूर करने के लिए हर जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
युवकों ने थाना भाजपा का दामन
वहीं, जसपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार की ओर से सीएए कानून बनाने से प्रभावित होकर 14 युवकों ने भाजपा का दामन थाम लिया। शनिवार को पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल के कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ. सिंघल ने उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाकर स्वागत किया। इसके बाद युवकों नें सीएए की पाठ्य सामग्री लेकर नगर क्षेत्र में डोर टू डोर संपर्क कर कानून को समझाने का प्रयास किया।

वर्ष 2018 में रोपे गए पौधे सही सलामत मिलने पर सीएम हुए खुश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को रिस्पना के उद्गम क्षेत्र कैरवान गांव का भ्रमण किया। उन्होंने गत वर्ष इस क्षेत्र में किये गये बृहद पौधरोपण के तहत लगाये गये पौधों की स्थलीय जानकारी प्राप्त की। उन्होंने रिस्पना को ऋषिपर्णा नदी के स्वरूप में लाने के लिये कैरवान गांव व इसके आस-पास के क्षेत्र को ऐतिहासिक स्थल बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में रोपे गये अधिकांश पौधे सही सलामत होने की उन्हें हार्दिक खुशी है। उन्होंने कहा कि 2018 में इस क्षेत्र में सघन पौधरोपण कर 75 हजार से अधिक विभिन्न प्रजाति के पौधों का रोपण किया गया था। उनमें से 90 प्रतिशत पौधों का जीवित होना सुखद अहसास दिलाता है। इन पौधों से उनका लगाव है, इसीलिये इस साल के अंतिम दिन आज उन्हें देखने इस क्षेत्र में आये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रयास वन से जुड़े लोगों को सीखने का भी अवसर है। यह क्षेत्र एक बेहतर डेस्टिनेशन बनने के साथ ही पानी के स्त्रोत को विकसित करने में मददगार होगा। उन्होंने इन पौधों की देखभाल में लगे लोगों व स्वयंसेवी संस्थाओं की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को इस क्षेत्र में एक पट्टी में खस की रोपाई करने को कहा, उन्होंने कहा कि खस की जड़ें गहराई तक जमीन के अन्दर रहती हैं जिससे जल संचय में भी मदद मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभिक चरण में रिस्पना एवं कोसी नदी को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अन्य नदियों को भी पुनर्जीवित किया जायेगा। आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित रखने के लिए जल संरक्षण की दिशा में विशेष प्रयासों की उन्होंने जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि ‘‘मेरा वृक्ष मेरी याद’’ के भाव से अपने घरों या उसके आसपास एक वृक्ष अवश्य लगाएं। जल संरक्षण के लिए पौधरोपण करना जरूरी है। सूखे जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना हम सबका दायित्व है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर क्षेत्र के बच्चों से भी मुलाकात की तथा उन्हें पौधरोपण के महत्व के बारे में बताया।

पारंपरिक खाद्यान्नों का अपना विशिष्ट स्वादः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रविवार को मसूरी विंटर लाइन कार्निवाल 2019 के अंतर्गत उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा आयोजित उत्तराखंड फूड फेस्टिवल में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने मसूरी कार्निवाल में शामिल पर्यटकों व अन्य लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि फूड फेस्टिवल के माध्यम से राज्य के व्यंजनों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने होटल व्यवसायियों से अपने मैन्यू में स्थानीय व्यंजनों को शामिल करने को कहा। उन्होंने कहा कि हमें अपनी लोक संस्कृति, परंपरा एवं खानपान पर गर्व होना चाहिए। हमारे उत्पाद देश व दुनिया में अपनी पहचान बनाये इसके भी प्रयास होने चाहिए। हमारे पारंपरिक खाद्यान्न पौष्टिकता से भरपूर हैं, इनका अपना विशिष्ट स्वाद है, इसकी बेहतर ब्रांडिंग के जरिये हम इनकी पहचान बनाने में सफल हुए तो इससे इनके उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीण आर्थिकी को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस अवसर पर श्रेष्ठ व्यंजन बनाने वालों को पुरस्कृत भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य का प्राकृतिक सौंदर्य बेजोड़ है, यह प्रकृति का हमें अनमोल उपहार है, उन्होंने कहा कि राज्य में नये पर्यटन स्थलों के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। मसूरी एवं नैनीताल जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल आज जैसे हैं, उन्हें इस स्वरूप में आने में लगभग 200 साल लगे हैं। किसी स्थान को विकसित होने में समय लगता है। राज्य सरकार पर्यटन को बढावा देने के लिए 13 जिलों में 13 नये गंतव्यों को विकसित कर रही है। आल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन एवं एयर कनेक्टिविटी के विस्तार से संबंधित कार्य तेजी से चल रहे हैं।

राज्य में फिल्मांकन को प्रोत्साहन देने के लिए भी अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, इसके लिए आरामदायक उत्तम श्रेणी के बड़े होटलों की स्थापना एवं फिल्मांकन के अनुकूल स्थलों की पहचान पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देहरादून-मसूरी रोपवे के निर्माण से पर्यटकों को आवागमन में सुविधा होगी, इस दिशा में कार्यवाही गतिमान है। मसूरी में पार्किंग समस्या के समाधान की दिशा में भी कारगर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लगाये गये विभिन्न स्टालों का भी अवलोकन किया तथा उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया।