मुख्य सचिव ने दिए जनवरी 2026 से प्रत्येक माह स्टेट प्रगति बैठक शुरू करने के निर्देश: वर्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में पीएम प्रगति के अंतर्गत योजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने प्रदेश में पीएम प्रगति की तर्ज पर स्टेट प्रगति शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह का एक दिन निर्धारित कर राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार की फ्लैगशिप एवं अत्यंत महत्त्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने जनवरी, 2026 में स्टेट प्रगति की प्रथम बैठक आयोजित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने पीएमश्री योजना के अंतर्गत चिन्हित स्कूलों में कम्प्यूटर/सूचना और संचार प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला (आईसीटी लैब), स्मार्ट क्लासेस, लाईब्रेरी आदि की व्यवस्था शीघ्र किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए लिए ईएफसी/डीएफसी सहित अन्य कार्यों को मार्च तक पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि समय से कार्य पूर्ण हो इसके लिए सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को लक्ष्य दिए जाएं एवं नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

मुख्य सचिव ने अटल टिंकरिंग लैब की तर्ज पर स्टेट फंड से भी विद्यालयों में टिंकरिंग लैब तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टिंकरिंग लैब में ऐसे नवाचारी एवं जिज्ञासु प्रवृत्ति के अध्यापकों को तैनात किया जाए, जो बच्चों के भीतर छिपी उनकी प्रतिभा को निखारकर उन्हें नवोन्मेषी बना सकें। उन्होंने कहा कि शुरूआत में ऐसे 10-12 स्कूलों को तैयार कर नवोन्मेषी प्रोटोटाईप मॉडल तैयार करवाए जाएं, जो राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर सकें।

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन प्राथमिक विद्यालयों में अपना खेल का मैदान उपलब्ध नहीं है, उनके लिए आस पास खेल के मैदान की व्यवस्था की जाए। इसके लिए जिलाधिकारियों द्वारा क्षेत्रीय राजस्व अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को प्रो-एक्टिव होकर कार्य किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने सहकारिता विभाग के अंतर्गत प्राथमिक कृषि ऋण समितियों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों का कम्प्यूटराईजेशन शीघ्र पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने ऋण समितियों का ऑन-सिस्टम ऑडिट और डे-एंड क्लोजर (Day-End Closure) को 100 प्रतिशत लागू किए जाने में तेजी लायी जाए।

इस अवसर पर सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल एवं अपर सचिव एवं निबंधक सहकारिता मेहरबान सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड के 191 कॉमन सर्विस सेन्टर में श्रमिकों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्था का हुआ शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के 4224 लाभार्थी श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ₹ 12 करोड़ 89 लाख 85 हज़ार की धनराशि हस्तान्तरित की। मुख्यमंत्री ने राज्य के 191 कॉमन सर्विस सेन्टर में श्रमिकों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्था का भी शुभारंभ किया, जिससे श्रमिकों को योजनाओं से संबंधित जानकारी, पंजीकरण तथा अन्य सेवाएं सुगमता से उपलब्ध हो सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों की हर समस्या का निस्तारण किया जा रहा है। श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिनके माध्यम से उन्हें आर्थिक सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण तथा सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके आश्रितों की आजीविका के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाकर उनके कौशल विकास से भी जोड़ने का कार्य भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक हमारे राज्य के विकास की सबसे मजबूत नींव हैं। बुनियादी ढांचे के निर्माण में श्रमिकों का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा राज्य सरकार का दायित्व है कि जो लोग प्रदेश के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं उनका एवं उनके परिजनों का भविष्य भी सुरक्षित हो। उन्होंने कहा राज्य के 191 कॉमन सर्विस सेंटरों में श्रमिकों के लिए शुरू की गई विशेष व्यवस्था से अब उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही ब्लॉक तहसील एवं गांव स्तर में ही सीएससी के माध्यम से श्रमिकों को पंजीकरण, नवीनीकरण और योजनाओं से जुड़ी हर सहायता एक ही स्थान पर मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मकार बोर्ड द्वारा अब तक 51 करोड़ रूपये की धनराशि विगत 06 माह में श्रमिको एवं उनके परिजनों के खातों में हस्तान्तरित की जा चुकी है। पूर्व में कर्मकार बोर्ड द्वारा श्रमिको के पंजीकरण / नवीनीकरण तथा लाभ के आवेदन हेतु विकासखण्ड स्तर पर व्यवस्था का शुभारम्भ भी किया जा चुका है।

श्रम आयुक्त पी.सी. दुम्का ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में बोर्ड द्वारा निरंतर श्रमिकों के हित में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया मुख्यमंत्री द्वारा 4224 लाभार्थी श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ₹ 12 करोड़ 89 लाख 85 हज़ार की धनराशि हस्तान्तरित की गई है। उन्होंने कहा भविष्य में भी बोर्ड द्वारा मुख्यमंत्री के विजन सरलीकरण समाधान निस्तारण और संतुष्टि के अनुसार ही कार्य किया जाएगा।

इस अवसर पर अध्यक्ष राज्य संविदा श्रम सलहाकार बोर्ड कैलाश पंत, उप श्रम आयुक्त विपिन कुमार, सहायक श्रम आयुक्त धर्मराज, आईटी एक्सपर्ट दुर्गा चमोली एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

पीएम मोदी मातृशक्ति के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रहे: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन देहरादून में बिजनेस उत्तरायणी संस्था द्वारा आयोजित Manthon-2025: 5th National Leader’s Summit (Women’s Special) कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप, आत्मनिर्भरता एवं अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समिट महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। महिलाओं ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार के बल पर अपने परिवार समाज और प्रदेश को आगे बढ़ाया है। महिलाएं राज्य की आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी तू नारायणी के मंत्र के साथ मातृशक्ति के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण, बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ अभियान, उज्ज्वला योजना, जन धन योजना, लखपति दीदी योजना को लागू एवं ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त किया गया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नए भारत की नारीशक्ति प्रत्येक क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है। महिलाएं उद्योग, कला , शिक्षा, विज्ञान तक, खेल, अनुसंधान, सेना जैसे अनेकों क्षेत्रों में पहचान बना रही हैं

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता, स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। राज्य सरकार ने उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से राज्य की मातृशक्ति को नए अवसर प्रदान करने का काम भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित करने का काम भी किया है। 15 हज़ार से अधिक महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदियों को इन्क्यूबेशन की सुविधा भी प्रदान कर रहे हैं। राज्य में हाउस ऑफ हिमालयाज नाम से अम्ब्रेला ब्रांड की शुरुआत भी की गई है। जिसके अंतर्गत हम उच्च-गुणवत्ता वाले उत्पादों को विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और इनहाउस स्टोर्स के माध्यम से लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लगभग 70 हजार स्वयं सहायता समूह बनाकर लगभग 5 लाख महिलाएँ संगठित होकर अपना व्यवसाय कर रही हैं। 7 हजार से अधिक ग्राम्य संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठनों के माध्यम से राज्य की महिलाएँ सामूहिक नेतृत्व की एक अद्वितीय मिसाल भी पेश कर रही हैं। राज्य की 1 लाख 68 हजार से अधिक बहनों ने लखपति दीदी बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है। प्रदेश की मातृशक्ति द्वारा किए जा रहे कार्य को देखते हुए राज्य सरकार, राज्य में उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और बिक्री के लिए एक सशक्त इकोसिस्टम विकसित करने का काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश की महिलाएँ स्टार्टअप के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर रही हैं। नारीशक्ति द्वारा स्थापित स्टार्टअप आज पारंपरिक कला, कृषि-उत्पादों, शिक्षा, डिजिटल और टेक्नोलॉजी जैसे विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स की श्रेणी मिली है। वहीं स्टार्टअप रैंकिंग में भी लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा हेतु राज्य में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय महिला उद्यमिता परिषद विनोद उनियाल, वीरेंद्र सेमवाल, गंगा बिष्ट, कर्नल डी.पी. डिमरी ( से नि), मधु भट्ट, गीता खन्ना, नीरज एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

गुरुद्वारे पर माथा टेककर सीएम ने किया गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों को याद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूद्वारा, श्री गुरू सिंह सभा, आढ़त बाजार, देहरादून में वीर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गुरू सिंह सभा में माथा टेका एवं लंगर ग्रहण किया। मुख्यमंत्री ने संगत के साथ मिलकर पवित्र अरदास की और प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीर बाल दिवस के अवसर पर दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह तथा उनके चारों साहिबजादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गुरु गोबिंद सिंह साहब के साहिबजादों का जीवन त्याग, शौर्य, धर्मरक्षा और देश भक्ति का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने भारत के स्वाभिमान की रक्षा के लिए हँसते-हँसते अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारों साहिबजादों का बलिदान भारतीय इतिहास के साथ विश्व में भी वीरता और साहस का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। इतिहास में ऐसा साहस, दृढ़ता और धर्मनिष्ठ त्याग कहीं और देखने को नहीं मिलता। उन्होंने कहा नन्हें वीरों ने धर्म परिवर्तन स्वीकार करने के बजाय मृत्यु को स्वीकार किया। इन वीर साहिबजादों ने ये सिद्ध कर दिया कि स्वधर्म और राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती। उन्होंने कहा इस अमर बलिदान को आने वाली पीढ़ियाँ कभी भुला नहीं सकती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पहली बार वीर साहिबजादों को उनका वास्तविक सम्मान दिया। प्रधानमंत्री ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित कर पूरे राष्ट्र को सिखों के गौरवशाली इतिहास से जोड़ा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम अपने गौरवशाली अतीत को संजोने का कार्य कर रहे हैं। साथ ही वीर बलिदानियों के सपनों का भारत गढ़ने की दिशा में भी संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान सभी अभिभावकों और शिक्षकों से आह्वान करते हुए कहा कि अपने बच्चों को वीर साहिबजादों की गाथा अवश्य सुनाएं, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ि भी अपने धर्म, संस्कृति और परंपराओं पर गर्व कर सके।

इस अवसर पर अध्यक्ष श्री गुरु सिंह सभा सरदार गुरबक्श सिंह राजन, जनरल सेक्रेट्री सरदार गुलजार सिंह, उपाध्यक्ष सरदार चरणजीत सिंह, भाजपा महामंत्री दीप्ति रावत, सिद्धार्थ अग्रवाल, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, दायित्वधारी पुनीत मित्तल, श्याम अग्रवाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

राजराजेश्वरी मंदिर कुरुड़ का सौंदर्यीकरण और अनसूया देवी मंदिर मंडल में यात्री विश्राम गृह का होगा निर्माण: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेमलडाला पीपलकोटी में 24वें बंड विकास औद्योगिक, पर्यटन, किसान एवं सांस्कृतिक मेले में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऐसे मेले स्थानीय उत्पादों को मंच प्रदान करते हैं और इनमें लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले सभी स्मृति-चिन्ह एवं भेंट अब स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण आजीविका को बल मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर समस्याओं के समाधान का आह्वान करते हुए आमजन से इसमें सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने स्थानीय निवासियों, व्यापारियों, किसानों एवं मेले से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वन डिस्ट्रिक्ट वन फेस्टिवल, वोकल फॉर लोकल और मेड इन इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। केदारनाथ एवं बद्रीविशाल के प्रांगण में मास्टर प्लान के अंतर्गत कार्य किए जा रहे हैं तथा रोपवे निर्माण एवं रेल परियोजनाओं से पर्यटन और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि एक जनपद दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन तथा होमस्टे योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में 800 से अधिक होमस्टे संचालित हैं और उत्तराखंड वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अंत्योदय के सिद्धांत को आत्मसात करते हुए अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है तथा देवभूमि की विरासत और संस्कृति की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि 10 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। राज्य में सख्त भू-कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को ज्ञान, शिक्षा, संस्कृति और विकास का केंद्र बनाने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

*इस दौरान मुख्यमंत्री ने सेमलडाला खेल मैदान के विस्तारीकरण, नंदा देवी राजजात यात्रा मार्ग में पेयजल सहित आधारभूत सुविधाओं का विकास किए जाने, ग्वालदम से तपोवन लॉर्ड कर्जन मार्ग को बदलकर नंदा-सुनंदा मार्ग रखे जाने तथा राजराजेश्वरी मंदिर कुरुड़ का सौंदर्यीकरण एवं अनसूया देवी मंदिर मंडल में यात्री विश्राम गृह की घोषणा की।*

इस दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण खत्री, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार,अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में विजेता टीम को सम्मानित किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तिब्बती मार्केट, देहरादून स्थित ओल्ड मल्टीपरपज हॉल में सासंद खेल महोत्सव-2025 के समापन समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में विजेता टीम को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न, अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि यह अवसर केवल एक तिथि नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों को नमन करने का है। उन्होंने अपने जीवन से यह सिखाया कि राजनीति सत्ता का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का संकल्प होती है। उत्तराखंड राज्य निर्माण से लेकर देश को नई दिशा देने तक, उन्होंने हमेशा युवाओं, खिलाड़ियों और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का सपना देखा। आज खेलों के माध्यम से जो सशक्त, आत्मविश्वासी और अनुशासित युवा भारत उभर रहा है, यह अटल के विचारों को सच्ची श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वर्चुअल माध्यम से सांसद खेल महोत्सव के समापन अवसर पर खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर उनका उत्साह बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ सांसद खेल महोत्सव आज केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि गाँव-गाँव से खेल प्रतिभाओं को पहचान देने का सशक्त माध्यम बन चुका है। इस महोत्सव ने प्रदेश के युवाओं को एक ऐसा मंच दिया है, जहाँ से वे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना रहे हैं। यह “फिट इंडिया, स्पोर्ट्स इंडिया, स्ट्रॉन्ग इंडिया” के संदेश को धरातल पर उतारने का सशक्त उदाहरण है। इसके माध्यम से स्थानीय, पारंपरिक और लोक खेलों को पुनर्जीवित किया गया है और हर वर्ग के बच्चों को खेल के अवसर मिले हैं। खेल, युवाओं को नशे से दूर रखने और सकारात्मक दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर राज्य के खेल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ा है। आज उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी पहचाना जाने लगा है। उत्तराखंड विश्वस्तरीय “स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर’’ के मामले में भी देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’’ लागू किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ’’आउट ऑफ टर्न’’ सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना तथा खेल किट योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम कर रही है। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 50-50 लाख रुपए की सम्मान राशि से भी पुरस्कृत किया गया।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, लोक सभा सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, दायित्वधारी विनोद उनियाल, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह एवं खिलाड़ी मौजूद थे।

कृषि, उद्यान और वन विभाग आपसी सामंजस्य से जड़ी बूटी के उत्पादन और मार्केटिंग पर कार्ययोजना तैयार करें: वर्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में वन विभाग की ”गैर प्रकाष्ठ वन उपज का विकास तथा हर्बल एवं एरोमा टूरिज्म परियोजना“ के अन्तर्गत राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित हुयी। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने परियोजना की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने वन विभाग को शीघ्र इस हेतु पीएमसी गठित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि जड़ी-बूटी उत्तराखण्ड की यूएसपी है। उन्होंने जड़ी-बूटी को प्रदेश की आर्थिकी से जोड़े जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि कृषि, उद्यान और वन विभाग आपसी सामंजस्य से जड़ी बूटी के उत्पादन और मार्केटिंग आदि पर कार्ययोजना तैयार करें। साथ ही कहा कि अभी बजट बन रहा है, यदि बजट में इसके प्रावधान की आवश्यकता पड़ेगी तो वो भी किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने हर्बल नर्सरियों को हर्बल एवं एरोमा पार्क के रूप में विकसित करते हुए इसे पर्यटन गतिविधियों से भी जोड़े जाने की बात कही। उन्होंने देवबंद, खिर्सू, जागेश्वर, सेलाकुईं, मुन्स्यारी आदि स्थानों में नर्सरियों को विस्तारित कर हर्बल-एरोमा पार्क के रूप में विकसित करने हेतु तत्काल कार्यवाही शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए शीघ्र ही एक नर्सरी प्लान तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने जड़ी बूटियों के विकास के लिए एक कोर ग्रुप तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस कोर ग्रुप में कृषि, उद्यान, हर्बल विकास एवं अनुसंधान संस्थान, सगन्ध पौधा केन्द्र सहित वन एवं वन निगम को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि ये सभी जड़ी बूटी के क्षेत्र में अलग-अलग कार्य कर रहे हैं। अब इन्हें आपसी सामंजस्य से कार्य करने की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि गैर प्रकाष्ठ वन उपज का विकास तथा हर्बल एवं एरोमा टूरिज्म परियोजना के तहत् 10 हजार किसानों को प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके लिए शीघ्र ही प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया जाए। उन्होंने सगन्ध पौधा केन्द्र को प्रशिक्षण के लिए नोडल एजेन्सी के रूप में विकसित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि योजना को सफल बनाए जाने के लिए जिला स्तरीय अनुश्रवण समितियों का गठन कर नियमित रूप से अनुश्रवण बैठकें आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि जड़ी बूटी उत्पादन के साथ ही मार्केटिंग पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने विभागों को आयुर्वेदिक फार्मा कम्पनियों और मांगकर्ताओं से उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप् उत्पादन पर फोकस किए जाने की बात कही।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, पीसीसीएफ (हॉफ) रंजन कुमार मिश्र, पीसीसीएफ (वन पंचायत) वी.पी. गुप्ताअपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे एवं हिमांशु खुराना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

रैनबसेरों में शौचालय, पेयजल, प्रकाश, बिस्तर सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं रहें उपलब्धः डीएम

जिलाधिकारी सविन बंसल ने लालपुल स्थित नगर निगम के रैनबसेरा का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रैनबसेरा में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रैनबसेरा में प्रतिदिन ठहरने वाले निराश्रित व्यक्तियों की जानकारी ली, जिस पर बताया गया कि विगत एक सप्ताह से प्रतिदिन लगभग 15 से 19 निराश्रित लोग रैनबसेरा में रात्रि विश्राम कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने रैनबसेरा परिसर में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने तथा रहने वाले व्यक्तियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि शहर के सभी रैनबसेरों में शौचालय, पेयजल, प्रकाश, बिस्तर सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें एवं साफ-सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने शीतलहर के दृष्टिगत निर्देश दिए कि निराश्रित एवं बेसहारा व्यक्तियों को रैनबसेरों में सुरक्षित रूप से ठहराया जाए तथा शहर के चिन्हित सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शीतकाल में निराश्रितों की सुरक्षा एवं सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इस संबंध में सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नमामी बंसल, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

दून सड़क किनारे झोपड़ी बना निवास कर रहे लोग किए जाएंगे अनयंत्र शिफ्ट, डीएम ने दिए निर्देश

जिलाधिकारी सविन बंसल ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आज रिस्पना पुल से आईएसबीटी एवं लालपुल तक विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सड़क, नालों, नदियों तथा सार्वजनिक स्थलों की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कारगी चौक के समीप नाले एवं बिन्दाल नदी में गंदगी पाए जाने पर नगर निगम को तत्काल सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र में जगह-जगह बने अवैध गार्बेज प्वाइंट को शीघ्र हटाने तथा भविष्य में पुनः कचरा न जमा हो, इसके लिए सतत निगरानी के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिए।
जिलाधिकारी ने कारगी क्षेत्र में स्थित पुराने डम्पिंग जोन की पूर्ण रूप से सफाई कराते हुए उसे सुव्यवस्थित करने तथा डम्पिंग जोन के समीप सड़क किनारे चूहों द्वारा क्षतिग्रस्त कच्ची भूमि को मरम्मत कर सुरक्षित बनाने के निर्देश भी दिए। आईएसबीटी के समीप सड़क किनारे झोपड़ियां बनाकर रह रहे लोगों के कारण उत्पन्न स्वच्छता एवं यातायात अवरोध को देखते हुए जिलाधिकारी ने एमडीडीए एवं नगर निगम के अधिकारियों को ऐसे लोगों को नियमानुसार अन्यत्र स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क किनारे सफाई व्यवस्था सुचारू रहे एवं यातायात व्यवस्था बाधित न हो।
जिलाधिकारी ने नगर निगम अधिकारियों को नालों एवं नालियों की नियमित एवं गहन सफाई सुनिश्चित करने, कचरा उठान व्यवस्था को प्रभावी बनाने तथा शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने हेतु निरंतर अभियान चलाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नमामी बंसल, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला सहित एमडीडीए एवं राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के अधिकारी उपस्थित रहे।

अर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने हेतु डीएम ने यूजीवीएनएल के सीएसआर फंड से दिलवाए 4.50 लाख

जिलाधिकारी सविन बसंल द्वारा जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सर्वसुलभ बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिले की दूरस्थ तहसील त्यूणी अंतर्गत ग्राम एवं पोस्ट अटाल के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मुफ्त शिक्षा सहायता एनजीओ को बच्चों की शिक्षा के लिए धनराशि देकर जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है।
ग्राम अटाल क्षेत्र के निवासियों एवं मुक्त शिक्षा हेतु कार्य कर रहे हैं एनजीओ द्वारा जिलाधिकारी सविन बंसल के समक्ष यह अनुरोध किया गया था कि क्षेत्र के अनेक मेधावी बच्चे शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं, किंतु आर्थिक अभाव के कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर सीएसआर (कॉर्पाेरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) मद से धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में यूजीवीएनएल द्वारा सीएसआर फंड के अंतर्गत 4.50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत एवं आवंटित की गई है। इस धनराशि के माध्यम से ग्राम अटाल क्षेत्र के लगभग 300 आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मुफ्त शिक्षा का लाभ मिल सकेगा। इस पहल से न केवल क्षेत्र में शिक्षा का स्तर सुदृढ़ होगा, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर भी प्राप्त होगा। जिला प्रशासन द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी प्रयास निरंतर जारी रखे जाएंगे
जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और आर्थिक स्थिति किसी भी बच्चे की प्रतिभा के विकास में बाधा नहीं बननी चाहिए। जिला प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि दूरस्थ एवं पिछड़े क्षेत्रों के बच्चों को भी समान शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं।