बच्चे की मौत पर नर्सिंग में काटा हंगामा

ऋषिकेश।
चंद्रेश्वरनगर धोबीघाट के सुजीत के सात माह के बेटे सुप्रीत की तबीयत खराब होने पर चन्द्रेश्वरनगर के ही एक नर्सिग होम में भर्ती कराया गया था। कुछ देर बाद डॉक्टर ने उसे जौलीग्रांट रेफर कर दिया जबकि जौलीग्रांट पहुंचते ही डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
बच्चे की मौत से परिवारवालों का गुस्सा फूट पड़ा। वे शव लेकर वापस चंद्रेश्वर नगर स्थित नर्सिंग होम लौट आए और हंगामा शुरू कर दिया। वे इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे थे और दवा की ओवरडोज से बच्चे की मौत होने की बात कह रहे थे। हंगामे के कारण नर्सिंग होम पर भीड़ लग गई और डर कर डॉक्टर ने स्वयं को एक कमरे में बंद कर दिया। नर्सिग होम के स्टॉफ ने ही मामले की सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस ने ही कमरे में कैद डॉक्टर को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। कोतवाल सुरेन्द्र सामंत ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मामला चिकित्सक से जुड़ा है, इसलिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी मामले में चिकित्सकों का पैनल गठित करेंगे। रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई होगी। वहीं डॉक्टर पर लगे आरोपों की जांच के लिए डॉक्टर के ब्लड और यूरिन का सैंपल दून अस्पताल भेजा गया है।

विशेष समुदाय का धार्मिक स्थल बनाने पर आक्रोश

हिन्दू संगठनों ने कुनाऊ गांव में प्रदर्शन कर जताई नाराजगी

ऋषिकेश।
मंगलवार सुबह हिंदू जागरण मंच, बजरंग दल, स्वदेशी जागरण मंच से जुड़े लोग कुनाऊ गांव पहुंचे। वे गंगा से सटे इलाके में एक धार्मिक स्थल बनाने से आक्रोशित थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां से मवेशियों की तस्करी भी की जाती है। भाजयुमो के जिला महामंत्री संजीव चौहान ने कहा कि प्रशासन को पहले भी शिकायत की जा चुकी है लेकिन उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप लगाया कि यहां बिना अनुमति के एक समुदाय का धार्मिक स्थल बनाया जा रहा है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने धार्मिक स्थल नहीं ढहाया तो आंदोलन किया जाएगा। देर शाम तक पुलिस और हिन्दू संगठन से जुड़े लोग मौके पर मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों में मंजीत सिंह,विकास सेमवाल, रवि रावत, पवन भट्ट, अमन कुमार, पंकज भट्ट, मनीष कुमार, मुकेश पाण्डेय, राहुल कुमार, गौरव, सोनू, पंकज रयाल,राहुल चंद्र आदि शामिल थे।

धार्मिक स्थल एक घर है जो पहले से बना है। जहां से मवेशी तस्करी की बात कही जा रही है, वहां इस तरह की कोई गतिविधि नहीं मिली है। कुछ लोगों ने तस्करी की शिकायत की है। जिसकी जांच की जा रही है। फिलहाल मौके पर पुलिस तैनात की गई है।
बीएल भारती, एसओ लक्ष्मणझूला

हाथी ने 22 बीघा गेहूं की फसल तहस नहस की

ऋषिकेश।
रानीपोखरी न्याय पंचायत के अन्तरगत शांति नगर में देर रात साढे बारह बजे के आसपास तीन हाथियों का झुंड आ धमका। हाथियों के झुंड ने फसल को चट करना शुरु कर दिया। देर रात खेतों की रखवाली कर रहे वेद किशोर की नजर हाथी पर पड़ी तो उन्होंने गांववालों को जगाया। ग्रामीण हाथियों को भगाने के लिए घर से कनस्तर लेकर आये। कनस्तर बजाकर हाथियों को भगनाने का प्रयास कर ग्रामीणों को उस समय निराशा हुई। जब हाथियों ने शोर सुनकर फसल को रौंदना शुरु कर दिया।
हाथियों के झुंड ने शांतिनगर में करीब 22 बीघा गेहूं की फसल को चट करने के साथ ही रौंद डाला। वेद किशोर, राम किशोर, प्रेम किशोर, ज्ञान किशोर व प्रेमदत्त रतूड़ी ने बताया कि हाथियों के झुंड ने उनकी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों ने दावा किया कि हाथियों के झुंड आने की सूचना वन विभाग के कर्मचारियों को दी गयी, लेकिन मौके पर कोई नही आया। लगातार धमक रहे हाथियों को लेकर ग्रामीणों में खौफ का माहौल है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाथियों के द्वारा उनकी फसलों को नुकसान पहुंचाया गया, बावजूद सूचना के वन विभाग उनके नुकसान का आंकलन करने नही पहुंचा।

बस की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत

ऋषिकेश।
डोईवाला कोतवाल ने बताया कि देवेन्द्र मेहता पुत्र आत्माराम निवासी मीठी बेरी, थाना प्रेमनगर हरिद्वार कार से देहरादून की ओर आ रहे थे। लालतप्पड में कार से नीचे उतरते समय वह बस की चपेट में आ गये। गंभीर रूप से घायल होने पर उन्हें हिमालयन अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्ट मार्टम के लिये भेज दिया है। मालूम हो कि 13 मार्च की रात्रि मृतक देवेन्द्र मेहता की पत्नी अनीता देवी की मृत्यू लच्छीवाला में रेल से कटकर हो गयी थी। देवेन्द्र मेहता अपनी पत्नी की अस्थियां विर्सजित करके हरिद्वार से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान लालतप्पड में बस दुर्घटना के बाद उसकी मृत्यू हो गयी।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अल्ट्रासाउंड केन्द्रों पर साफ सफाई के दिये निर्देश

ऋषिकेश।
बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एसडीएम ऋषिकेश वृजेश कुमार तिवारी के नेतृत्व में नगर के अल्ट्रासाउंड केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। टीम ने न्यू शिवालिक, प्राईप हेल्थ केयर दोनों बैराज रोड, उत्तरांचल हार्ट केयर सेंटर देहरादून रोड, सरकारी अस्पताल ऋषिकेश व पुरूषोत्तम डाइग्नोजिस्ट का निरीक्षण किया। एडिशनल सीएमओ ने अल्ट्रासाउंड कक्ष और मशीनों की जांच की। टीम को सरकारी अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष में गंदगी मिली।
टीम ने गंदगी देखकर साफ सफाई रखने के निर्देश दिये। बताया कि अल्ट्रासाउंड कक्ष में साफ सफाई की समुचित व्यवस्था रहनी चाहिये। एसडीएम वृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग देहरादून की ओर से नगर के अल्ट्रासाउंड केन्द्रो का औचक निरीक्षण किया गया। पांच केन्द्रों के निरीक्षण में सरकारी अस्पताल में साफ सफाई की कमी पायी गयी है। मौके पर ही टीम ने साफ सफाई रखने के निर्देश दिये है।

ठेका खोला तो करेंगे जन आंदोलन

ऋषिकेश।
रविवार को दोनाली क्षेत्र के करीब ढ़ाई तीन सौ ग्रामीणों ने शराब का ठेका खोले जाने की सूचना पर रानीपोखरी चौक में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने ठेके का विरोध करते हुए सड़क में जाम लगा दिया। जाम लगने की सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों की तीखी नोंकझोंक भी हुई। पुलिस के मनाने पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। जिसके बाद कुछ ग्रामीण अपने निजी वाहनों पर सवार होकर ऋषिकेश एसडीएम आवास पहुंचे।
एसडीएम ऋषिकेश को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने दोनाली क्षेत्र में शराब का ठेका खोलने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि जिस क्षेत्र में शराब का ठेका खोलने की बात सामने आ रही है। यहां पर स्कूल और इंटर कॉलेज है। गांवों की बहु बेटियां घास व चारा लेने के लिए इस क्षेत्र में जाती है। शराब का ठेका खुलने से क्षेत्र का माहौल बिगड़ जायेगा। जिसका असर उनके बच्चों और बहु बेटियों पर भी पड़ेगा।
ज्ञापन में सुबोध जायसवाल, संगीता शर्मा, किरन देवी, आश, ज्योति, यशोदा देवी, शीला, इरफान, मुकेश शर्मा, राजेश्वरी, डॉ. रमा गुसाईं, रेणु चौधरी, कुसुम, बाबूलाल, जगतराम, पार्वती, प्रेम किशोर, शिवकुमार, अनीश अली, राजेन्द्र राणा, रोशनी, प्रवीन, सायरा बानो, सफीका, रफीना, समीना, शहनाज, नसीमा, शाहीन, शमा, पूनम, सुनीता, अब्दुल वहीद, संजू देवी, केसरी देवी, रोशनी आदि के हस्ताक्षर है।

युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने हाईवे किया जाम

ऋषिकेश।
काले की ढाल पर बुधवार देर रात श्यामपुर निवासी बाइक सवार सोनू (21) पुत्र चमनलाल को वाहन ने टक्कर मार दी थी। सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों ने सोनू को मृत घोषित कर दिया था। जिस स्थान पर सोनू घायल पड़ा था, वहां से एक नम्बर प्लेट भी मिली। ग्रामीणों का कहना है कि इसी नम्बर के वाहन ने बाइक को टक्कर मारी है जिसकी जानकारी पुलिस को दे दी गई थी। सूचना देने के बाद भी पुलिस ने आरोपी वाहन चालक को नहीं पकड़ा। पुलिस के कार्रवाई न करने से नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह साढ़े 11 बजे आईडीपीएल सिटी गेट पर जाम लगा दिया। जाम लगने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर पहुंचे सीओ मनोज कत्याल ने ग्रामीणों को 12 घंटे के भीतर चालक को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। जाम के चलते पुलिस ने नटराज श्यामपुर होकर वाहन भेजे। प्रदर्शनकारियों में मृतक के पिता चमन सिंह, माता मुन्नी देवी, भाई मोनू, विक्की, अनिल कुमार, विमलेश कुमार, ओम प्रकाश, सुभाष, राव रईस, वरुण गर्ग, गंगादेवी, जितेन्द्र आदि शामिल थे। सीओ मनोज कत्याल का कहना है कि वाहन स्वामी व चालक का पता लगा लिया गया है। चालक फरार है जिसकी तलाश की जा रही है। जल्द चालक को पकड़ लिया जाएगा।

दुष्कर्म पीड़ित मासूम का निशुल्क उपचार

ऋषिकेश।
बीते मंगलवार को कोटद्वार में एक छह माह की मासूम के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। इसके बाद स्थानीय हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने मासूम की गंभीर हालत को देखते हुए हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट रेफर कर दिया। देर रात करीब 11 बजे मासूम के परिजन हिमालयन हॉस्पिटल पहुंचे। बाल रोग सर्जन डॉ. संतोष कुमार ने रात को ही मासूम को प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद बुधवार सुबह से ही हॉस्पिटल की टीम मासूम के उपचार में जुट गई। उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड में शिफ्ट कर दिया। डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि मासूम की हालत खतरे से बाहर है। उधर, स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि मासूम का उपचार हॉस्पिटल की तरफ से निशुल्क किया जाएगा। उन्होंने इसके निर्देश हॉस्पिटल प्रशासन को दे दिए है। उनका कहना है जन सेवा की मूल भावना के साथ ही हॉस्पिटल की स्थापना की गई थी। परिजनों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मासूम का उपचार निशुल्क करने का फैसला लिया गया है।

हाथी ने तोड़ी शिव मंदिर की दीवार

ऋषिकेश।
भट्टोवाला क्षेत्र में शनिवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे हाथी आ धमका। खेतों में लहलहाती गेहूं की फसल चट कर दी और कुछ फसलें रौंद डाली। उसके बाद गन्ने के खेत में पहुंच गया। हाथी की आवाज सुनकर लोगों की नींद टूटी और हाथी देखकर वे घरों की छत पर चढ़ गए। कनस्तर और थालियां पीटते हुए लोग हल्ला करने लगे लेकिन हाथी टस से मस नहीं हुआ। पंडित राम प्रसाद रतूड़ी और उमा शंकर व्यास ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे वन दरोगा गोविंद सिंह बिष्ट, वनकर्मी राजेश, नंदलाल और सुरेन्द्र ने तीन राउंड फायर किए तो हाथी गुस्से में शिव मंदिर की ओर दौड़ा और वहां की चाहरदीवारी और गेट तोड़ डाला। कुछ देर शांत रहने के बाद हाथी जंगल में चला गया। हाथी के वापस लौटने की आशंका से डरे ग्रामीण देर रात तक जगे रहे। वनक्षेत्राधिकारी गंगा सागर नौटियाल ने बताया कि हाथी ने मंदिर की दीवार तोड़ने के साथ ही फसल को नुकसान पहुंचाया है। इलाके में गश्त बढ़ा दी जाएगी।

विरोध के चलते चाहर दीवारी का काम बंद

हिल्ट्रान से सटी भूमि पर टीन की चादर लगाकर हो रही थी घेराबंदी

ऋषिकेश।
शनिवार दोपहर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स ढालवाला पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में ढालवाला में हिल्ट्रान की 10 बीघा भूमि पर टीन की चादर लगाकर घेराबंदी शुरू कर दी गई। भूमि पर कब्जा होते देखकर बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। क्षेत्रवासी इस भूमि को टेक्निकल कॉलेज खोलने के लिए प्रस्तावित बता रहे थे। आरोप था कि आचार संहिता के दौरान ही कब्जे की कार्रवाई क्यों की जा रही है? विरोध के चलते चाहर दीवारी का काम बंद कर दिया गया। पुलिस भी दोपहर बाद लौट गई। पूर्व प्रधान ढालवाला रोशन रतूड़ी का कहना है कि 2014 में यह भूमि टेक्निकल कॉलेज खोलने के लिए प्रस्तावित है लेकिन 2015 में इसे सिडकुल को आवंटित कर दिया गया। इसके पीछे राज्य के एक चर्चित बड़े पूर्व अधिकारी का हाथ है। जिसकी शह पर भूमि को खुर्दबुर्द करने का प्रयास किया जा रहा है। विरोध करने वालों में सुरेन्द्र कुलियाल, विनोद कुकरेती, निर्मल उनियाल, उमंग थलवाल, जगदीश उनियाल, ऋषिराम, दिनेश डाराल, रमेश उनियाल, हिमांशु बिज्लवाण आदि शामिल थे।

यह भूमि हिल्ट्रान से सिडकुल को स्थानांतरित की जा रही है। इसमें विरोध का औचित्य समझ नहीं आ रहा है। ढालवाला में जिस स्थान पर भूमि है। वह औद्योगिक क्षेत्र है। सिडकुल को भूमि स्थानातंरित होने के बाद यहां फैक्ट्री लगाई जाएगी।
इंदुधर बौड़ाई, डीएम टिहरी गढ़वाल