आज की युवा पीढ़ी को हमारे महापुरुषों की जानकारी होनी जरुरी है-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर रेंजर्स ग्राउण्ड देहरादून में केन्द्रीय संचार ब्यूरो क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव आयोजित ‘गणतंत्र नमन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया एवं चित्र प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हस्तकला पर आधारित विभिन्न स्टालों का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में देश की आजादी के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महापुरुषों एवं क्रांतिकारियों की स्मृति में देश में अनेक कार्यक्रमों के आयोजन किये गये। इनके माध्यम से हमारी युवा पीढ़ी को हमारे इन महापुरूषों के जीवन दर्शन एवं उनके द्वारा किये गये कार्यों से भलिभांति परिचित होने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरूषों द्वारा किये गये कार्यों एवं उनके जीवन दर्शन का अनुसरण कर हमें आगे बढ़ना होगा।

सीएम राहत कोष से भू धंसाव से विस्थापित परिवारों को सरकार करेगी मदद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जोशीमठ में भू धंसाव के कारण विस्थापित परिवारों को मकान किराये के लिए 4 हजार रूपये प्रति माह की दर से 6 माह तक दिये जाने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से राशि स्वीकृत की गई है। जनपद चमोली के तहसील जोशीमठ के नगरपालिका क्षेत्र जोशीमठ के अन्तर्गत विगत दिनों से हो रहे भूधसाव से प्रभावित ऐसे परिवार जिनके मकान क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण अधिवासन योग्य नहीं है अथवा ऐसे परिवार जो बेघर हो गये हैं, परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर किराये के मकान में अस्थायी रूप से विस्थापित करने के लिए ₹4000 प्रति परिवार की दर से 6 माह के किराये मद में मुख्यमंत्री राहत कोष से अग्रिम के रूप में व ₹1.00 करोड़ (एक करोड मात्र) स्वीकृत कर जिलाधिकारी चमोली के निवर्तन रखा गया है।

श्री भरत मंदिर में आयोजित भागवत कथा का सप्तम, लीला पुरूषोत्तम का हुआ वर्णन

ब्रह्मलीन पूज्य महंत अशोक प्रपन्नाचार्य जी महाराज की पुण्य स्मृति मे आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के सप्तम दिवस गोपियों के वियोग की मार्मिक कथा का वर्णन किया।

कथा व्यास डा. राम कमल दास वेदांती ने कहा कि श्रीमद्भागवत में दशम स्कंध में गोपी गीत आता है। ये गोपी गीत भगवान कृष्ण को साक्षात् पाने का मन्त्र है। भगवान कृष्ण को पाने के जितने भी तरीके हैं या होंगे उनमे से एक गोपी गीत है। इस गोपी गीत में उन्नीस श्लोक हैं। जब भगवान शरद पूर्णिमा की रात में रास लीला का प्रारम्भ करते है तो कुछ समय बाद गोपियों को मान हो जाता है कि इस जगत में हमारा भाग्य ही सबसे श्रेष्ठ है भगवान उनके मन की बात समझकर बीच रास से अंतर्ध्यान हो जाते है,व्यक्ति केवल दो ही जगह जा सकता है, एक है संसार और दूसरा है आध्यात्म या भगवान।

उन्होंने कहा कि जैसे ही भगवान से हटकर गोपियों का मन अपने ही भाग्य पर चला गया यहाँ भगवान बता रहे है कि जैसे ही भक्त मुझसे मन हटाता है वैसे ही मै चला जाता हूँ।

सप्तम दिवस की पावन पवित्र कथा मे उत्तराखंड सरकार मे कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, पूज्य गुरु मां आनंदमई, श्री भरत मंदिर के महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य, हर्ष वर्धन शर्मा, वरुण शर्मा, ओंकारानंद आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी विशेश्वरनंद महाराज, पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवान, मधुसूधन शर्मा, रवि शास्त्री आदि उपस्थित थे।

अंबेडकर स्टेडियम देहरादून में तड़के पहुंचे सीएम, बच्चों संग की जॉगिंग

आज तड़के देहरादून के ओएनजीसी स्‍टेडियम में खिलाड़ी अपनी रोजाना की प्रैक्टिस में जुटे थे कि अचानक वहां उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी पहुंच गए।

उन्‍हें अपने सामने देख खिलाड़ी उत्‍साहित नजर आए। मुख्‍यमंत्री धामी ने खिलाड़ियों के साथ जॉगिग की और बाद में एक आम आदमी की तरह टी स्‍टॉल पर चाय पीने पहुंच गए।

जानकारी के मुताबिक मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी आज सुबह ओएनजीसी अंबेडकर स्टेडियम में भ्रमण के लिए पहुंचे। यहां उन्‍होंने स्टेडियम में प्रैक्टिस कर रहे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ जॉगिंग की।

उन्होंने खिलाड़ियों और खेल भावना से युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए अनेक बिंदुओं पर सार्थक पहल के साथ जागरूक करने की बात कही।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों एवं स्थानीय लोगों के साथ स्थानीय टी स्टॉल पर एक सामान्य नागरिक की तरह चाय पी और सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का भी फीडबैक लिया।

वीरता चक्र से अलंकृत सैनिक और वीरागंनाओं को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को गांधी पार्क, देहरादून में विजय दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने विजय दिवस पर भूतपूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि प्रदेश में शहीद द्वार/स्मारकों के निर्माण कार्य अब सैनिक कल्याण विभाग के माध्यम से कराया जायेगा, पहले यह संस्कृति विभाग के माध्यम से कराया जाता था। वीरता चक्र श्रृंखला से अलंकृत सैनिकों एवं वीर नारियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा अनुमन्य होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस को भारतीय सेना के वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का दिन बताते हुए कहा कि आज ही के दिन 1971 में पाकिस्तान के 93,000 से अधिक सैनिकों ने हमारे वीर बहादुर सैनिकों के समक्ष घुटने टेक दिए थे। यह महान युद्ध भारत के वीरों के अटल संकल्प और बलिदान का प्रत्यक्ष उदाहरण था, जो कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी भी सेना का यह सबसे बड़ा आत्म समर्पण था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भूमि, देवभूमि होने के साथ पराक्रम और बलिदान की भूमि भी है। 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीरभूमि उत्तराखंड के 255 जवानों ने भारत मां की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया था। युद्ध में अपने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देने वाले प्रदेश के 74 सैनिकों को विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित कर देश स्वयं सम्मानित हुआ था। ऐसे सभी वीरों के बलिदान की अमर गाथाएं आज भी हमारे युवाओं को प्रेरणा देने का काम करती हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए मार्गदर्शन के अनुरूप राज्य में पांचवें धाम की नींव रखते हुए देहरादून में एक भव्य ‘सैन्य धाम‘ का निर्माण प्रारंभ किया है। यह स्मारक उन सभी वीरों को विनम्र श्रद्धांजलि है, जिन्होंने अपने प्राणों की परवाह ना करते हुए, तिरंगे की शान एवं राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। यह सैन्य धाम आने वाली अनेकों पीढ़ियों के लिए राष्ट्र आराधना के एक दिव्य प्रेरणा पुंज के रूप में कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना को हर संभव सुविधा दी जा रही है। आज सैनिक अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं, उनकी सहायता और सुरक्षा के लिए विश्व स्तरीय उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया है। जिसके परिणाम स्वरूप इस साल चार धाम यात्रा में 46 लाख से अधिक श्रद्धालु आए। राज्य सरकार ने संकल्प लिया है कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर, आप सभी की सहभागिता से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सैन्य परिवार में पैदा होने के कारण मैंने सैन्य परिवारों का संघर्ष एवं दुख-दर्द को नजदीक से देखा है। सैन्य परिवारों के लिए राज्य सरकार विशेष योजनाएं बना रही है, जिससे एक सैनिक को युद्ध में लड़ते समय अपने परिवार की चिंता न हो। राज्य सरकार ने सैनिकों या उनके आश्रितों को मिलने वाली अनुदान राशि बढ़ाने से लेकर शहीद सैनिकों के आश्रितों को राज्य सरकार के अधीन आने वाली नौकरियों में वरीयता के आधार पर नियुक्ति देने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार सैनिक विश्राम गृहों की संख्या बढ़ाने हेतुु भी प्रयासरत है। उत्तराखंड का संपूर्ण विकास राज्य सरकार की नीति ही नहीं बल्कि कर्तव्य है, और इस कर्तव्य का पालन करने हेतु हम संकल्पबद्ध हैं।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सेना के जवान हर स्थिति में देश की रक्षा हेतु मोर्चा संभाले बैठे हैं, उन्होंने कहा 1971 के भारत-पाक युद्ध में उत्तराखंड राज्य के कई जवानों ने भारत मां की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों के कल्याण हेतु दिन-रात कार्यरत है। लंबे समय से चली आ रही वन रैंक वन पेंशन की मांग प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में ही पूरी हुई। राज्य सरकार शहीदों के सम्मान में विशाल सैन्य धाम बनाने का कार्य कर रही है। साथ ही राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि सैन्य धाम के मुख्य द्वार का नाम उत्तराखंड के वीर सपूत एवं देश के प्रथम सीडीएस जनरल बिपिन रावत के नाम पर रखा जाएगा।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, निदेशक सैनिक कल्याण (ब्रिगे.से.नि) अमृतलाल, पूर्व सैन्य अधिकारी एवं वीरांगनाएं मौजूद रहे।

अंकिता भंडारी हत्याकांड केस में एक प्रतिशत भी ढिलाई नही होगी-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता हमारे राज्य की जरूरत थी। इसे लेकर हमने चुनाव से पहले ही जनता से वायदा किया था और सरकार में आते ही कमेटी का गठन कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में धर्मांतरण पर अब हमने कड़ा कानून बनाया है। इसके अंतर्गत 10 साल तक की कैद का प्रावधान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड से हर नए कार्य की शुरुआत होती है और जो हमारे यहां शुरू होता है वो पूरे देश में जाता है। धर्मांतरण पर कानून समय की आवश्यकता थी।
समान नागरिक संहिता को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसी के खिलाफ नहीं है। 12 फरवरी 2022 को हमने इसे लेकर संकल्प जताया था और सरकार बनने पर कमेटी बनाई। उन्होंने कहा कि हमारे बाद तमाम राज्य इस पर आगे आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में चुनाव से 6 माह पहले ही मुझे मुख्यमंत्री का दायित्व मिला था। पार्टी ने मुझ जैसे सामान्य व्यक्ति को यह जिम्मा दिया। प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया। इसी का नतीजा रहा कि हम उत्तराखण्ड में यह मिथक तोड़ने में कामयाब रहे कि वहां हर 5 साल में सरकार बदलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड जघन्य और घिनौना कृत्य था। इसको लेकर हमने तत्काल कार्रवाई की। सारे आरोपी तत्काल गिरफ्तार किए गए। महिला पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में एक प्रतिशत भी ढिलाई नहीं करने वाले हैं और दोषियों को कठोर से कठोर सजा दिलाएंगे और कठोरतम कार्रवाई के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2014 व 15 से भर्ती घोटाले चल रहे थे। हमेशा जांच की बात होती थी लेकिन जांच नहीं होती थी। हमने इसमें प्रारंभिक जांच कराई। आज अभी तक 55 लोग जेल जा चुके हैं और अंतिम व्यक्ति जब तक जेल नहीं जाएगा तब तक कार्रवाई जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में कोई ऐसा सोच भी नहीं पाए हम कार्रवाई की ऐसी लकीर खींचना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार हमारी चारधाम यात्रा बहुत बड़ी चुनौती थी। इस बार लगभग 46 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा पर आए। हम चारधाम में तेजी से सुविधाओं का विकास कर रहे हैं। वर्ष 2013 की आपदा में केदारनाथ में काफी नुकसान हो गया था। लेकिन प्रधानमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में चल रहे कार्यों के चलते अब सब बदल गया है। बद्रीनाथ जी में भी मास्टर प्लान पर काम चल रहा है। दिसंबर 2023 तक दोनों काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में लोग दो घंटे में दिल्ली से देहरादून आ सकेंगे। अभी एलिवेटेड रोड पर तेजी से काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधामनंत्री के कहे अनुसार 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का होगा। इस पर हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल बिपिन रावत जी मेरे लिए एक अभिभावक की तरह थे। उत्तराखण्ड को लेकर उनके बहुत सारे सपने थे, जिन्हें हम पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के हाथों केदारनाथ एवं हेमकुंड के लिए रोपवे का शिलान्यास हो गया है। आने वाले दिनों में यह दोनों यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आसान हो जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को देश के अग्रिम राज्य में शामिल करने के लिए संकल्पबद्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निपथ योजना को लेकर युवाओं में उत्साह है।

हिमाचल चुनाव के बाद योगी और धामी जैसे चेहरों की तलाश में जुटी भाजपा

हिमाचल के नतीजों ने हाईकमान को सोचने में मजबूर कर दिया है कि देश में मोदी के बाद अब राज्यों में भी भाजपा को दमदार चेहरे को आगे रखकर चुनाव लड़ना होगा। जैसे यूपी में योगी और उत्तराखंड में धामी को रखकर भाजपा ने सत्ता प्राप्त की। ऐसा हम नही भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े सूत्र कह रहे है।
अगर उत्तराखंड में सत्ता परिवर्तन ना हुआ तो 15 सीटों पर सिमट जायेगी भाजपा। कुछ ऐसा ही भाजपा के सर्वे में चौंकाने वाले खुलासे के बाद हाईकमान में उत्तराखंड में एक नही दो बार परिवर्तन किया। स्वयं पीएम को देवभूमि में हस्तक्षेप करना पड़ा और भाजपा के हाथ में पुष्कर की रिपोर्ट सबसे बेहतर और संगठनात्मक पकड़ वाली साबित हुई। कहा जाये कि अगर पीएम मोदी चुनाव से पहले पुष्कर को सीएम बनाने का दूरदर्शी फैसला न करते तो उत्तराखंड में भी होते हिमाचल जैसे हालात होते। पीएम मोदी के मंत्र को आमजन तक पहुंचाने में कामयाब रहे सीएम पुष्कर धामी भले ही चुनाव हारे लेकिन सत्ता दिलाने में कायाब रहे। हालांकि आज भी उन्हें वह लॉबी नही चपा पा रही है जो उत्तराखंड में भय, भ्रष्टाचार और अनैतिक कार्यों में लिप्त रही। हर राह में रोड़े अटका कर उनके लिए आसान राह को भी कठिन और चुनौती पूर्ण किया जा रहा। लेकिन अपनी मुस्कान की तरह ही अकेले योद्धा की तरह लड़ कर विजय हासिल कर रहे धामी। कहा जाये तो पीएम मोदी के बाद राज्य में सबसे अधिक लोकप्रिय नेता बन चुके है आज धामी।
फिर लौटते है हिमाचल विधानसभा चुनाव के नतीजों में जिसने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत का भी राज खोल दिया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले दूरदर्शी फैसला लेते हुए सीएम के रूप में युवा तुर्क पुष्कर धामी को कमान सौंपी। इस युवा सीएम ने भी रात दिन की अथक मेहनत कर पीएम मोदी के चेहरे, उत्तराखंड को लेकर पीएम मोदी के किए गए काम को घर घर तक पहुंचाया। कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ ही जनता में भी विश्वास कायम किया। उत्तराखंड में भाजपा की प्रचंड जीत इसी मेहनत का नतीजा है।
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा का कैडर बेदम हो चुका था। ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन, जल जीवन मिशन समेत केंद्र की तमाम योजनाओं के बावजूद जनता में जोश गायब था। जनता के इसी मूड को केंद्रीय नेतृत्व ने समय रहते भांप लिया। सीएम के रूप में मौका पहले तीरथ सिंह रावत को दिया, लेकिन उन्हें तत्काल बदल केंद्र ने युवा नेतृत्व के रूप में पुष्कर सिंह धामी को जुलाई 2021 में मौका दिया। सीएम के रूप में पुष्कर सिंह धामी ने भी सबसे पहले उत्तराखंड को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी के विजन को उत्तराखंड के जन जन तक पहुंचाया। कार्यकर्ताओं, पार्टी कैडर में जोश भरा।
महज छह महीने के भीतर पूरे उत्तराखंड के गांव गांव को एक सिरे से नाप दिया। पार्टी के ही तमाम बड़े नेता जहां भाजपा की सीटों का आंकड़ा बामुश्किल दहाई के अंक तक पहुंचने के दावे कर रहे थे, उन्हीं दावों को खारिज करते हुए पीएम मोदी और सीएम पुष्कर धामी की जोड़ी ने प्रचंड जीत दिलाई। अब हिमाचल के नतीजों को देख कर केंद्रीय नेतृत्व को समझ आ गया है कि यदि जुलाई 2021 में पीएम नरेंद्र मोदी उत्तराखंड में सीएम के रूप में पुष्कर का चुनाव न करते, तो उत्तराखंड में भी हिमाचल जैसे हालात तय थे। क्योंकि उत्तराखंड में हालात हिमाचल से अधिक विकट थे। लगातार एक के बाद एक सीएम बदलने से जनता के मन में उपजे अविश्वास को विश्वास में बदलने की एक बड़ी चुनौती थी। इस चुनौती से सीएम पुष्कर धामी ने मोदी मंत्र के जरिए पार पाने में सफलता हासिल की।
जुलाई 2021 से लेकर मतदान होने तक सीएम पुष्कर धामी ने 70 विधानसभाओं को कई कई बार नापा। पूरे राज्य में भाजपा का माहौल बनाने और कमजोर सीटों को जीत में बदलने के लिए वे अपनी खटीमा विधानसभा सीट को भी अधिक समय नहीं दे पाए। दूसरी ओर खटीमा सीट पर पार्टी के ही कई दिग्गज एक के बाद एक नया षड़यंत्र रचते रहे। नेताओं का फोकस खटीमा में भाजपा को जिताने से अधिक हराने पर रहा। पार्टी संगठन के तमाम बड़े दिग्गज, कैबिनेट मंत्री अपनी सीटों से बाहर ही निकल पाए। बड़े नेताओं ने प्रदेश में भ्रमण करना तो दूर अपनी बगल की सीटों तक पर झांकने की जहमत नहीं उठाई।
उत्तराखंड की इस अंदरुनी हकीकत से पीएम नरेंद्र मोदी भली भांति वाकिफ रहे। यही वजह है, जो चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद सीएम के रूप में पीएम मोदी की पहली पसंद सीएम पुष्कर सिंह धामी ही रहे। पीएमओ के इंटेलीजेंस को पूरी खबर थी कि जिस चुनाव को उत्तराखंड के भाजपा नेता हारा हुआ मान कर चल रहे थे, उसकी जीत के असल नायक पुष्कर ही हैं। पुष्कर ही रहे, जिन्होंने पीएम मोदी के विकास मंत्र को उत्तराखंड के जन जन तक पहुंचाया। अब हिमाचल के नतीजों ने भी साफ कर दिया है कि उत्तराखंड में भाजपा की प्रचंड जीत ऐसे ही नहीं मिली। ऐसे में अब उत्तराखंड में सीएम पुष्कर धामी की राह में कांटे बिछाने वालों के लिए समय आसान नहीं रहने वाला है।
मोदी द्वारा दिए गए दो मंत्र मेहनत और ईमानदारी को धरातल पर उतारने में धामी कामयाब रहे। इसी वजह से प्रधानमंत्री ने अपने केदारनाथ और बद्रीनाथ के दौरे पर धामी के काम काज की तारीफ भी की।

राष्ट्रपति ने उत्तराखंड के उत्पादों की सराहना की

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दून विश्वविद्यालय में उत्तराखण्ड के विभिन्न स्थानीय उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंनें प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यह वोकल फॉर लोकल को बढावा देने के लिए सराहनीय प्रयास है। राष्ट्रपति ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिये जाने के साथ ही उनकी ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए प्रभावी प्रयास किये जाएं। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सराहनीय प्रयास होंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र की पहचान उनकी भाषा-बोली एवं स्थानीय उत्पादों से होती है, इनको बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किये जाएं। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने पद्मश्री बसंती बिष्ट एवं माधुरी बड़थ्वाल को लोक गायन एवं लोक संगीत के क्षेत्र में किये गये उल्लेखनीय प्रयासों की सराहना भी की।

एसबीएम इंटर कॉलेज में छात्रों को दी स्वेटर

श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में देवभूमि वरिष्ठ जन कल्याण समिति ऋषिकेश द्वारा 100 स्वेटर वितरित की गई। श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज की प्रार्थना सभा में देवभूमि वरिष्ठ नागरिक जन कल्याण समिति द्वारा निर्धन छात्र छात्राओं को स्वेटर वितरित की गई। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत द्वारा सभी वरिष्ठ नागरिकों का स्वागत-सम्मान किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक अपने समय के बहुत ही बड़ी प्रतिभा के धनी हैं जिन्होंने विभिन्न विभागों में अपने अविरल सेवाएं देकर सेवा के पावन पवित्र आलोक को प्रज्वलित रखा है। सेवानिवृत्ति के बाद सभी वरिष्ठ नागरिक आज भी संपूर्ण क्षेत्र में अपने प्रतिभाओं के माध्यम से संपूर्ण छात्र छात्राओं को युवाओं को मार्गदर्शन दे रहे हैं। समय-समय पर वरिष्ठ नागरिकों के द्वारा मेडिकल कैंप गरीब बच्चों की मदद एवं अनेक प्रकार के जन सेवा के कार्य किए जाते हैं।
देवभूमि वरिष्ठ जन कल्याण के संस्थापक डा हरीश ढींगड़ा, संरक्षक के सी जोशी, समिति के अध्यक्ष एस पी अग्रवाल ने छात्र छात्राओं को अध्ययन के लिए अनेक महत्वपूर्ण टिप्स बताए। इस अवसर पर वरिष्ठ जन कल्याण समिति के हरीश आनंद, सचिव नरेंद्र दीक्षित, उमेश खेतान, महासचिव नरेश गर्ग, ओपी मुल्तानीडॉ विजय गुप्ता, उप सचिव अजीत शर्मा, सुरेंद्र आहूजा, दिनेश मुद्गल, हरि चरण सिंह आदि उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने राज्य आपदा मोचन निधि और आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत प्रस्तावों को दी स्वीकृति

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन विभाग की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य आपदा मोचन निधि और राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत विभिन्न प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में 208.12 करोड़ की लागत के बलियानाला ट्रीटमेंट कार्य को सहमति प्रदान की गई। मुख्य सचिव ने योजना पूर्ण होने की प्रस्तावित समय 4 साल को घटा कर 2 साल में पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य 2 अथवा 3 शिफ्ट में युद्ध स्तर पर किया जाए। जो कार्य समानांतर शुरू किए जा सकते हैं, किए जाएं, एवं टेंडर भी तुरंत जारी किए जाएं। मुख्य सचिव ने इस कार्य में पर्यटन को जोड़े जाने की बात कही। बैठक के दौरान 1020.09 लाख की लागत के नैनीताल में डीएसबी कॉलेज बालिका छात्रावास और ठंडी सड़क के भूस्खलन की रोकथाम कार्य को भी सहमति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने आपदा प्रबंधन विभाग को प्रदेश में मानसून काल के दौरान विभिन्न जनपदों और रेखीय विभागों को दी जाने वाली राशि उपलब्ध कराने में उदारवादी होने की बात कही। साथ ही निर्देश दिए कि विभागों को टारगेट दिए जाएं ताकि तेजी से कार्य पूर्ण किए जा सकें, इससे आमजन की समस्याओं का तेजी से निस्तारण किया जा सकेगा। बैठक में 15.00 करोड़ की लागत से आपदा के त्वरित प्रतिवादन हेतु राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आईआरएस सिस्टम और सॉफ्टवेयर विकास कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई। उन्होंने इसमें आईटीडीए को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने 30.00 करोड़ की लागत के प्राकृतिक विपत्तियों के कारण क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की तात्कालिक मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों को सहमति देते हुए उत्तराखण्ड जल संस्थान को प्रदेशभर के अधिक से अधिक कार्यों को शामिल करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक विपत्तियों के कारण पाइपलाइंस टूटने से बहुत से क्षेत्रों को पानी की समस्या से जूझना पड़ता है, इसके लिए शीघ्र बैठकें आयोजित कर सैचुरेशन प्लान तैयार किया जाए।

समिति की बैठक के दौरान 175.00 लाख की लागत के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेटियोरोलॉजी (आईआईटीएम) पुणे के माध्यम से देहरादून और श्रीनगर में वज्रपात की चेतावनी हेतु सेंसर लगाए जाने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

इस अवसर पर सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, आर. राजेश कुमार, हरि चंद्र सेमवाल एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर कुमाऊं दीपक रावत एवं अपर सचिव आपदा प्रबंधन सविन बंसल आदि उपस्थित रहे।