उत्तराखंडः किरायेदारी विधेयक पर राजभवन में लगी मुहर

राजभवन ने उत्तराखंड किरायेदारी विधेयक-2021 पर मुहर लगा दी है। सरकार ने पिछले वर्ष दिसंबर में हुए विधानसभा सत्र में यह विधेयक पारित कराया था। विधेयक के अधिनियम बनने से जहां मकान मालिक व किरायेदार दोनों के हित सुरक्षित होंगे, वहीं राज्य में किरायेदारी आवास बाजार पनपने से आवास की कमी भी दूर हो सकेगी।

प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष केंद्र सरकार की ओर से जारी किरायेदारी अधिनियम के माडल प्रारूप को उत्तराखंड में लागू करने का निर्णय लिया। चौथी विधानसभा के दिसंबर में हुए अंतिम सत्र में इससे संबंधित विधेयक के पारित होने के बाद इसे मंजूरी के लिए राजभवन भेजा गया था। इस पर राजभवन ने स्वीकृति दे दी है।

किरायेदारी विधेयक के अधिनियम बनने से राज्य में किरायेदारी आवास बाजार को नई दिशा मिलेगी।विधेयक में प्रविधान है कि किराये के आवास के संस्थागतकरण को सक्षम बनाया जाएगा। घरों की कमी को देखते हुए इससे निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और यह व्यवसाय माडल किराया आवास का अवसर देगा। इसके साथ ही मकान मालिक और किरायेदार के हितों की सुरक्षा के लिए नियम निर्धारित किए गए हैं। इसके लिए राज्य में किराया प्राधिकरण अस्तित्व में आएगा। यदि मकान मालिक व किरायेदार का कोई विवाद है तो उसका निबटारा इस प्राधिकरण में हो सकेगा।

यूक्रेन में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर दो नोडल अधिकारी नियुक्त हुए

यूक्रेन में निवासरत उत्तराखण्ड राज्य के नागरिकों की सुरक्षा के संबंध में नोडल अधिकारी बनाये गए हैं।

उपर्युक्त विषयक अवगत कराना है कि वर्तमान में रूस एवं यूकेन के मध्य युद्ध की स्थिति को देखते हुए यूक्रेन में निवासरत उत्तराखण्ड राज्य के नागरिकों की सुरक्षा के सम्बन्ध में उनके परिजनों से प्राप्त हो रही जरूरी सूचनाओं के संकलन हेतु निम्नलिखित अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया जाता है।

नोडल अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे यूक्रेन में निवासरत उत्तराखण्ड राज्य के नागरिकों के परिजनों से प्राप्त हो रही सूचनाओं का संकलन करते हुए गृह विभाग, उत्तराखण्ड शासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगें।

2 यह भी उल्लेखनीय है कि यूक्रेन की आपात स्थिति के दृष्टिगत सोशल मीडिया पर अनेक अफवाहें प्रसारित होने से यूक्रेन में निवासरत् उत्तराखण्ड राज्य के नागरिकों के परिजनों में भय एवं आशंका व्याप्त हो रही है। अतः इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि अपने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग यूनिट (Social media monitoring unit) के माध्यम से अफवाहों पर नियंत्रण रखते हुए प्रभावित नागरिकों के परिजनों से तत्काल समन्वय स्थापित कर यथा- आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का कष्ट करें।

यूक्रेन में फंसे उत्तराखंडियों को भारत सकुशल वापस लाने का सिलसिला शुरू


यूक्रेन पर रूस के हमलों के बाद वहा फंसे भारतीयों को वापस लाने का सिलसिला शुरू हो गया है। लेकिन यूक्रेन से बेहद सीमित संख्या में फ्लाइट होने के चलते हजारों भारतीयों को वापस लाने में कई दिन लग सकते हैं। इस बीच उत्तराखंड सरकार ने भी यूक्रेन में फंसे उत्तराखंडियों को वापस लाने के लिए कवायद तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री कार्यालय से संपर्क साधा। उन्होंने कहा कि राज्य के एक-एक नागरिक को सकुशल लाया जाएगा।

बुधवार को रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर हवाई हमले किए। हालांकि अभी नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाया है, लेकिन बढ़ते तनाव के बीच यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने की चिंता होने लगी है। करीब 20 हजार से ज्यादा भारतीय यूक्रेन के विभिन्न क्षेत्रों में रहते हैं। इनमें से अधिकतर आईटी सेक्टर औऱ मेडिकल क्षेत्र के हैं। उत्तराखंड के भी 400 से 500 छात्र यूक्रेन में रहते हैं, इनमें से ज्यादातर मेडिकल क्षेत्र के हैं।

इस बीच केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकों को लाने का अभियान शुरू कर दिया है। आज पहली फ्लाइट भारतीयों को लेकर भारत वापस आ गई है। उत्तराखंड के छात्रों के लेकर भी मुख्यमंत्री ने लगातार केंद्र सरकार से संपर्क साधे हैं। इस संबंध में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से भी बात की गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय की ओर से आश्वस्त किया गया है कि भारतीय छात्रों व नागरिकों को सकुशल वापस लाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूक्रेन में मौजूद उत्तराखंड राज्य के नागरिकों की जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, उत्तराखंड के कई छात्र यूक्रेन की राजधानी कीव, लिवीव और खारकीव शहरों में मेडिकल की पढ़ाई के लिए गए हैं। इनमें राजधानी देहरादून के छात्र भी हैं।

11 हजार रूपए की आर्थिक मदद से बालिका के वार्षिक परीक्षा शुल्क में मिलेगी मदद

लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन ने देहरादून में शिक्षणरत एक मेधावी निर्धन बालिका को वार्षिक परीक्षा शुल्क देने में आशिक मदद की है। संस्था की ओर से बालिका को 11 हजार रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

रेलवे रोड स्थित कार्यालय में क्लब द्वारा ऋषिकेश निवासी एक छात्रा जो देहरादून के कॉलेज में प्रोफेशनल शिक्षा ग्रहण कर रही है उक्त बालिका के वार्षिक परीक्षा शुल्क में कुछ कमी रह गई थी जिस कारण बालिका को परीक्षा देने में समस्या आ रही थी ऐसे में क्लब द्वारा आंशिक सहयोग करते हुए 11 हजार रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की।

संस्थापक ललित मोहन मिश्र ने बताया कि इस लाइनस्टिक वर्ष के आरंभ में क्लब द्वारा जरूरतमंद लोगों को शिक्षा चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग करना अपने एजेंडे में प्राथमिक रूप से दर्ज किया था। इसी के तहत क्लब द्वारा शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में जरूरतमंदों को सहयोग किया जा रहा है आगे भी क्लब अपने इस प्रयास को जारी करें रखेगा।

इस अवसर पर संस्थापक ललित मोहन मिश्र, अध्यक्ष जगमीत सिंह, सचिव विकास ग्रोवर, कोषाध्यक्ष पवन शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष महेश किंगर अंकित कालड़ा आदि उपस्थित रहे।

होम स्टे, साहसिक और पर्यटन निवेश प्रोत्साहन के लिए उत्तराखंड पर्यटन को मिला सर्वश्रेष्ठ स्टाल पुरस्कार

देहरादून। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद के सहयोग से अयोजित तीन दिवसीय इंडिया ट्रेवल मार्ट (आईटीएम) का शनिवार को समापन हो गया। इसमें यात्रियों को आकर्षक पैकेज और अनूठे पर्यटन स्थल की विस्तार से जानकारी दी गई। भारत प्रमुख बी2बी ट्रैवल एंड टूरिज्म शोकेस और कॉन्क्लेव के पहले दो दिन यात्रा व्यापार के संबंध में विस्तार से चर्चा की गयी। जबकि मार्ट के अंतिम दिन शनिवार को घरेलू व अन्य पर्यटन की संभावनाओं से रूबरू कराया गया। इस मौके पर ट्रैवल एजेंटों, पैन इंडिया के टूर संचालकों और उत्तराखण्ड पर्यटन व गुजरात पर्यटन के अधिकारियों के लिए विशेष सत्र का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के समापन के मौके पर उत्तराखण्ड पर्यटन को होम स्टे, साहसिक और पर्यटन निवेश प्रोत्साहन व गुजरात पर्यटन को धोलावीरा (विश्व यूनेस्को विरासत स्थल) और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बढ़ावा देने के लिए सर्वश्रेष्ठ स्टाल पुरस्कार से नवाजा गया।

उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद के उपनिदेश योगेन्द्र कुमार गंगवार ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन के लिए पहले से तय गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए उत्तराखण्ड लगातार काम कर रहा है। कार्यक्रम का उददेश्य यात्रियों के लिए यात्रा को और अधिक मनोरंजक तथा परेशानी मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से यात्रियों को विभिन्न आकर्षक पैकेज और अनूठे पर्यटन स्थलों की जानकारी दी गई।

आईसीएम ग्रुप के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजय गुप्ता ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में शोकेस और कॉन्क्लेव की निरंतर सफलता भारत में यात्रा सेवाओं की बढ़ती मांग और घरेलू और बाहर जाने वाले यात्रियों की खर्च करने की शक्ति को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा, आईटीएम देहरादून ने उत्तराखण्ड और पैन इंडिया के ट्रैवल एजेंटों और टूर ऑपरेटरों के साथ बी2बी और नेटवर्किंग का अवसर प्रदान किया।

आईटीएम देहरादून के अवसर पर उत्तराखंड पर्यटन, गुजरात पर्यटन के अधिकारियों और भीमताल, हरिद्वार, देहरादून, मसूरी, दिल्ली के अन्य होटल व्यवसायियों और देहरादून से टूर ट्रैवल एसोसिएशन और मीडिया के बीच वीडियो प्रस्तुतियों के साथ बातचीत सत्र का आयोजन किया गया। सत्र के दौरान, राज्य पर्यटन अधिकारियों ने कम ज्ञात स्थलों (अहमदाबाद से पोलो वन दिवस यात्रा), वन्यजीव पर्यटन, विरासत पर्यटन, एडवेंचर और ईको टूरिज्म, धार्मिक और तीर्थ पर्यटन, समुद्र तट, रुचि के स्थान, व्यंजन, मेला और त्योहारों पर प्रकाश डाला गया।

इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ), ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएएआई), एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया (एडीटीओआई), आउटबाउंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ओटीओएआई), एडवेंचर टूर जैसे ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन, ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एटीओएआई), इंडिया गोल्फ टूरिज्म एसोसिएशन (आईजीटीए), महाराष्ट्र टूर ऑर्गनाइजर्स एसोसिएशन (एमटीओए), द आईएएआई एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएआई), ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश (टीटीएयूपी), एंटरप्रिंग ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन, (ईटीएए), ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएएफआई), टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन (टीओए), टूरिज्म लीडर्स क्लब (टीएलसी), और ट्रैवल मैगज़ीन- ट्रैवल मेल द्वारा प्रतिभाग किया गया।

लायंस क्लब डिवाइन ने कैंसर पीड़ित बालिका को उपचार के लिए दी आर्थिक मदद


लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन द्वारा कैंसर से पीड़ित एक बालिका के उपचार हेतु 11 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी गई।

क्लब संस्थापक ला ललित मोहन मिश्र ने बताया कि स्थापना से ही जरूरतमंदों की सहायता करता रहा है चाहे वह विद्यार्थियों की शिक्षा के रूप में हो, गरीब कन्या के विवाह के लिए हो। जरूरतमंदों के राशन के रूप में हो, कोरोना काल में जरूरतमंदों की सहायता हो। चिकित्सा के रूप में हो, रक्तदान शिविरों के माध्यम से हो, अथवा शीतकाल में त्रिवेणी घाट पर नियमित रूप से चाय वितरण के रूप में हो क्लब हमेशा सेवा करता रहा है।

इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए गत दिनों क्लब को यह ज्ञात हुआ ऋषिकेश की कैंसर से पीड़ित एक बालिका का इलाज जॉलीग्रांट में हो रहा है। क्लब द्वारा अपने संपर्कों से प्रयास कर मरीज की अस्पताल में भी चिकित्सीय सहायता की गई तथा आज 11 हजार रूपए नगद दिए।

इस अवसर पर संस्थापक ललित मोहन मिश्र, अध्यक्ष जगमीत सिंह, सचिव विकास ग्रोवर, कोषाध्यक्ष पवन शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष महेश किंगर, अंकित कालड़ा, प्रदीप गुप्ता आदि उपस्थित थे।

गोष्ठी में आप नेताओं ने हिमालय को लेकर अपनी चिंता जाहिर की

विश्व पहाड़ दिवस पर आम आदमी पार्टी ने गोष्ठी आयोजित की। गोष्ठी में आप नेताओं ने हिमालय को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने मानव जीवन बचाने के लिए पहाड़ों के संरक्षण पर जोर दिया।
शनिवार को हरिद्वार मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय में गोष्ठी का शुभारंभ आप विधानसभा प्रभारी राजे सिंह नेगी ने किया। उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्र के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए दृढ़ राजनैतिक इच्छा शक्ति की कमी रही है। दसके चलते जमीनी क्रियान्वयन नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि पहाड़ को जिंदा रखना है, तो पहाड़ को समझना होगा। उन्होंने आपदाओं, नदी घाटियों, हिमालय क्षेत्र की वनस्पतियों एवं जीवों को लेकर विस्तृत जानकारी दी। कहा कि कोविड जैसी महामारी ने आमजन को अच्छे से अहसास करा दिया है कि हमारे जीवन में स्वच्छ पर्यावरण, पेड़ पौधों और सबसे महत्वपूर्ण पहाड़ों की क्या उपयोगिता है। पहाड़ बचेंगे तभी जीवन बच पायेगा। मौके पर पार्टी के संगठन मंत्री दिनेश असवाल, चंद्रमोहन भट्ट, दिनेश कुलियाल, सुनील सेमवाल, कार्यालय प्रभारी सरदार निर्मल सिंह, पंकज गुसाईं, प्रभात झा, विक्रांत भारद्वाज, लोकेश तायल, चन्द्र प्रकाश, सुनील वर्मा, अश्वनी सिंह आदि उपस्थित रहे।

सीएम आवास में आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड @ 25 समिट ’बोधिसत्व’ का आयोजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड @ 25 समिट बोधिसत्व में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार, केन्द्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. के. विजयराघवन, पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन मंच पर उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री के विजन पर किया जा रहा उत्तराखण्ड का विकासः सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को विजन दिया है। इस विजन को पूरा करने के लिए राज्य सरकार द्वारा पूरे प्रयास किये जा रहे हैं। बोधिसत्व कार्यक्रम के माध्यम से समाज के हर क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों के सुझावों के आधार पर आगे के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं।

विकास और प्रकृति में संतुलन आवश्यक
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास प्राकृतिक संपदा है। इस प्राकृतिक संपदा के सदुपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हिमालय को बचाने एवं प्रकृति के साथ संतुलन के लिए सभी को आगे आना होगा। प्राकृतिक संपदाओं एवं अन्य स्रोतों से राज्य की आय बढ़ाने की दिशा में भी विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।

केन्द्र सरकार से मिल रहा पूरा सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड हिमालयी राज्य होने के नाते यहां की भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं। आपदा की दृष्टि से उत्तराखण्ड संवेदनशील राज्य है। किसी भी चुनौती से निजात पाने के लिए केन्द्र सरकार का राज्य को हर संभव सहयोग मिलता रहा है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए सबका सहयोग जरूरी है। उत्तराखण्ड के विकास की यात्रा सबकी सामूहिक यात्रा है। राज्य के विकास के लिए जो भी जन सुझाव प्राप्त होंगे उन सुझावों पर पूरा विचार किया जायेगा। प्रदेश के समग्र विकास के लिए अंतिम पंक्ति पर खड़े लोगों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जा रही हैं।

नीति आयोग उपाध्यक्ष ने कहा हाई वैल्यू एग्रीकल्चर और प्राकृतिक खेती पर फोकस हो
नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि उत्तराखण्ड अभी युवा राज्य है। उत्तराखण्ड के पास अनेक प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं। उत्तराखण्ड के बहुमुखी विकास के लिए नये सिरे सोचना होगा। सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को शिक्षा का हब बनाना होगा। माध्यमिक शिक्षा का हब तो उत्तराखण्ड है, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में और प्रयास करने होंगे। उत्तराखण्ड में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। पर्यावरण एवं ऊर्जा संरक्षण की दिशा में प्रयासों की जरूरत है। हाई वैल्यू एग्रीकल्चर के क्षेत्र में प्रयास करने होंगे। एरोमैटिक एवं मेडिसनल प्लांट, फ्लोरीकल्चर, हॉर्टीकल्चर के क्षेत्र में उत्तराखण्ड में अपार संभावनाएं है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए गोष्ठी का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में विशेष प्रयास होने चाहिए। उत्तराखण्ड में महिलाएं लगनशील हैं। महिलाओं को अधिक से अधिक प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाय। उत्तराखण्ड को स्वयं प्राकृतिक खेती की ओर जुटना चाहिए। नदियों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में और प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिये कि उत्तराखण्ड में जितने भी साइंटिफिक इंस्टीट्यूशन हैं, वे मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करें। हमारा प्रयास होना चाहिए कि अगले दस सालों में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय तीन से चार गुना बढ़ सके। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द राज्य के विकास के लिए नया ब्लू प्रिंट बनाकर दिया जायेगा।

साइंटिफिक डेवलपमेंट प्लान जरूरीः डॉ के विजनराघवन
केन्द्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. के. विजयराघवन ने कहा कि उत्तराखण्ड के पास हिमालय के रूप में बड़ी संपदा है। हिमालय देश एवं दुनिया को प्रभावित करता है। हिमालय को सस्टनेबल तरीके से प्रोटक्ट करना एवं इसके लिए डैवलपमेंट के कार्य करना एक बड़ा कार्य है। इसमें अनेक सांइंटिफिक इंस्टीट्यूट काफी कार्य कर चुके हैं। इसके लिए साइंटिफिक डेवलपमेंट प्लान जरूरी है।

हिमालय के प्रति सबकी जिम्मेदारीः डॉ अनिल जोशी
पद्म भूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि बोधिसत्व के माध्यम से राज्य के समग्र विकास के लिए मुख्यमंत्री द्वारा सराहनीय प्रयास किये जा रहे हैं। हिमालयी राज्यों को आपस में लगातार चिंतन एवं मंथन करने की जरूरत है। हिमालय सबका है, इसके प्रति सबकी भागीदारी होनी चाहिए। प्रदेश के विकास के लिए अपनी कमजोरी एवं ताकत का नये सिरे से विश्लेषण करना जरूरी है।

अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि भौगोलिक विषमताओं के बावजूद भी इन्फ्रास्ट्रक्चर में राज्य ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उत्तराखण्ड में कई क्षेत्रों में मजबूतियां भी हैं, तो कुछ क्षेत्रों में चुनौती भी हैं। हिमालय, गंगा, जलवायु एवं शांतप्रिय समाज यहां की मजबूती हैं। रोजगार, कनेक्टिविटी, पलायन को रोकना, आपदा एवं बोर्डर ऐरिया से संबंधित मामले राज्य के समक्ष चुनौतियां भी हैं। आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड बनाने के लिए इन चुनौतियों को कम करने के लिए राज्य में प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा लोगों से संवाद कर सुझाव लिये जा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक महेन्द्र भट्ट, नीति आयोग से डॉ. नीलम पटेल, सचिव नियोजन बीवीआरसी पुरूषोत्तम, मुख्यमंत्री के चीफ कॉर्डिनेटर दुर्गेश पंत, शासन से प्रमुख सचिव, सचिव, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, विभिन्न संस्थानों के निदेशक एवं गणमान्य उपस्थित थे।

महिला चौपाल में मताधिकार के बारे में बताया

मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने आज राजकीय इंटर कॉलेज, कोरबा (साहिया) में ‘‘महिला चौपाल’’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ उन्होंने मतदान शपथ दिलवाकर किया। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत स्वीप के अन्तर्गत वोटर कार्ड बनाने व मतदाता सूची में पंजीकरण करवाने के लिए राज्य भर में विशेष अभियान आयोजित किया जा रहा है। अधिक से अधिक लोगों को मतदान प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जा रही है ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक लोग अपने मत का प्रयोग करें।
उन्होंने बताया कि 1 नवम्बर से 30 नवम्बर तक राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में 18 साल के युवाओं, महिलाओं को केंद्रित कर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। गत चुनाव के आधार पर महिला वोटर की संख्या जिन क्षेत्रों में कम रही वहां विशेष जागरूकता कैंप आयोजित किये जा रहे हैं। चकराता क्षेत्र में महिला वोटर अनुपात कम रहने के कारण मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दिनांक 26 नवम्बर, 2021 को राजकीय इंटर कॉलेज, कोरबा (साहिया) में ‘‘महिला चौपाल’’ का आयोजन किया। कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न बूथ की 11 बीएलओ ने अपने क्षेत्र में वोटर कार्ड बनाने व किसी भी तरह के वोटर कार्ड में संशोधन करने के बारे में चर्चा की।
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को खेल द्वारा निर्वाचन के विषय में बताया गया। विशेष तौर पर हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर-1950, दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधा आदि की जानकारी दी गई। ईवीएम मशीन का प्रदर्शन कर वोट देने की संपूर्ण प्रक्रिया के बारे में व्यावहारिक रूप से समझाया गया। उपस्थित महिलाओं द्वारा बहुत से प्रश्न पूछकर जानकारी ली। गांव क्वारना के बुजुर्ग वोटर भवान जोशी (105 वर्ष) द्वारा अपने अनुभवों को बताते हुए सभी से वोट देने की अपील की गई। अंत में समस्त उपस्थित महिलाओं द्वारा जौनसार का लोक नृत्य ‘‘नाटी’’ प्रस्तुत कर कार्यक्रम को लोक संस्कृति से सरोबार कर दिया। इस कार्यक्रम में स्वीप कॉर्डिनेटर सुजाता, स्वीप कन्सल्टेंट अनुराग गुप्ता, विनोद कुमार प्रधानाचार्य, हिमांशु नेगी, मेधा चमोला, स्थानीय महिलाओं, महिला स्वयं सहायता समूह बीएलओ व 18 साल से अधिक आयु के युवाओं ने प्रतिभाग किया।

सीएम ने स्पोर्ट्स कॉलेज के छात्रावास और कैंटीन का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर, देहरादून में छात्रावासों में रह रहे छात्रों से मिले। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों की कैंटीन का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर सभी बच्चे उत्साहित थे। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को अपनी पढ़ाई एवं खेलों पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए पूरे जज्बे के साथ मेहनत करें। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को संकल्प के साथ आगे बढ़ना है। मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि इन बच्चों को स्कूल जाने के लिए नई स्कूल बस के लिए जल्द प्रपोजल बनाकर भेंजे।
इस अवसर पर खेल मंत्री अरविन्द पाण्डेय एवं विधायक उमेश शर्मा काऊ भी मौजूद रहे।