मतदाता जागरूकता सचल वाहन मतदाताओं को करेंगे जागरूक

मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने सोमवार को सचिवालय में मतदाता जागरूकता के लिये मतदाता जागरूकता सचल वाहनों (वोटर अवेयरनेस वैन) को रवाना किया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवा मतदाताओं और महिला मतदाताओं को वोटर लिस्ट के पंजीकरण हेतु प्रेषित करना है। इस विषय में जानकारी देते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीमती सौजन्या ने बताया कि विधान सभा के आगामी सामान्य निर्वाचन के दृष्टिगत वर्तमान में गतिमान विधान सभा निर्वाचक नामावली का 1 जनवरी 2022 की अर्हता तिथि के आधार पर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के व्यापक प्रचार प्रसार हेतु गढ़वाल एवं कुमायूँ मण्डल के लिए एक-एक वोटर अवेयरनेस वैन को देहरादून से रवाना किया गया।
सौजन्या ने विस्तार से जागरूकता रथों के रूट की जानकारी भी मीडिया को दी। गढ़वाल मण्डल में दिनांक 15 नवंबर, 2021 को देहरादून, विकासनगर एवं चकराता, दिनांक 16 नवंबर, 2021 को त्यूनी, पुरोला और बड़कोट, दिनांक 17 नवंबर, 2021 को उत्तरकाशी, टिहरी और घनसाली, दिनांक 18 नवंबर, 2021 को तिलवाड़ा, अगस्तयामूनी एवं ऊखीमठ, दिनांक 19 नवंबर, 2021 को रूद्रप्रयाग, गौचर और कर्णप्रयाग, दिनांक 20 नवंबर, 2021 को श्रीनगर, पौड़ी और सतपुली, दिनांक 21 नवंबर, 2021 को लैन्सडॉन, कोटद्वार और हरिद्वार, दिनांक 22 नवंबर, 2021 को बहादाराबाद, लक्सर और रूड़की में वैन द्वारा जागरूकता कार्यक्रम किया जाएगा। कुमाऊं मण्डल में दिनांक 15 नवंबर, 2021 को देहरादून एवं जसपुर, दिनांक 16 नवंबर, 2021 को काशीपुर, बाजपुर, गदरपुर, एवं रूद्रपुर, दिनांक 17 नवंबर, 2021 को किच्छा, सितारगंज, नानकमत्ता, खटीमा एवं बनबसा, दिनांक 18 नवंबर, 2021 को टनकपुर, चंपावत एवं लोहाघाट, दिनांक 19 नवंबर, 2021 को पिथौरागढ़, डीडीहाट एवं थल, दिनांक 20 नवंबर, 2021 को चौकोली, बागेश्वर, कौसानी एवं सोमेश्वर, दिनांक 21 नवंबर, 2021 को द्वाराहाट, रानीखेत एवं अल्मोड़ा, दिनांक 22 नवंबर, 2021 को मुक्तेश्वर, नैनीताल एवं हल्द्वानी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि उक्त वैन के साथ नुक्कड़ नाटक टीम, स्वीप सामग्री तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम रहेगा। जनपदों की स्वीप टीम द्वारा नुक्कड़ नाटक टीम के साथ मिलकर क्षेत्र के युवा एवं महिला मतदाता केन्द्रित मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।
पहला जागरूकता नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन कलाकारों ने सचिवालय परिसर में किया जिसकी मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सराहना की। इस अवसर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रताप शाह, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी जितेन्द्र, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास, स्वीप नोडल मो असलम, स्वीप कॉडिर्नेटर सुजाता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री की घोषणाओं को शीघ्र पूरा करने के लिए सचिव स्तर पर हो रही समीक्षा

अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन द्वारा सोमवार को सचिवालय में आवास एवं शहरी विकास विभाग से सम्बन्धित मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की समीक्षा की।
शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत कोविड 19 के राहत पैकेज से सम्बन्धित घोषणाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिये कि पर्यावरण मित्रों एवं पीएम स्वनिधि में पंजीकृत लाभार्थियों को 5 माह तक दी जाने वाली 2 हजार रुपये की आर्थिक सहायता अविलम्ब वितरित कर सूचना मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध करायी जाये। उन्होंने राज्य स्तरीय घोषणाओं के तहत प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में बेघर लोगों को बनाये जाने वाले घरों तथा राज्य के पर्यटन स्थलों में बहुस्तरीय कार पार्किंग निर्माण योजना के क्रियान्वयन में भी तेजी लाये जाने को कहा।
अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शहरी विकास विभाग की जिला स्तरीय 32 घोषणाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी लाये जाने को कहा। इसके अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र खटीमा में पार्कों के सौंदर्यीकरण, शहीद स्थल निर्माण, स्ट्रीट लाइट कार्य, वेंडर जोन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के कार्य, डोईवाला में स्व. मांगेलाल अग्रवाल की मूर्ति स्थापना, जसपुर में नगर पालिका भवन निर्माण, श्रीनगर नगर निगम बनाये जाने, रानीखेत में आंतरिक मार्गों के निर्माण, नैनीताल में पारम्परिक हाट निर्माण सहित विभिन्न जनपदों के लिये विभिन्न निर्माण कार्यों से सम्बन्धित घोषणायें शामिल हैं। उन्होंने इस संबंध में शीघ्रता से कार्यवाही किये जाने को कहा है।
आवास विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिला स्तरीय 5 घोषणाओं, जिसमें विधानसभा क्षेत्र खटीमा में दीनदयाल पार्क के सौन्दर्यीकरण, शौचालयों के निर्माण, विकासनगर में पार्किंग का निर्माण, देवप्रयाग के जाखणीधार में पार्किंग व्यवस्था शामिल है। इस सम्बन्ध में भी शीघ्र कार्यवाही के निर्देश अपर मुख्य सचिव द्वारा दिये गये।
बैठक में सचिव शैलेश बगोली, विनोद कुमार सुमन, एस.एन. पाण्डे, उप सचिव एच.एस. बसेड़ा आदि अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य स्थापना दिवस पर गांव से लेकर राजधानी तक आयोजित होंगे कार्यक्रम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी 09 नवम्बर को आयोजित होने वाले राज्य स्थापना दिवस समारोह को गरिमा के साथ आयोजित किये जाने के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित बैठक में निर्देश दिये कि राज्य स्थापना दिवस को उत्तराखण्ड महोत्सव के रूप में आयोजित किया जाए। एक सप्ताह तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव के दौरान राजधानी से लेकर न्याय पंचायत स्तर तक कार्यक्रमों को आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तराखण्ड गौरव पुरस्कार प्रदान किये जाने की भी बात कही जिसमें राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिष्ठित लोगों को पुरस्कृत किये जाने की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित महोत्सव के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का आयोजन बेहतर ढंग से किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों की संख्या नहीं गुणवत्ता एवं गरिमा के साथ आयोजन पर ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े आयुक्तों एवं जिलाधिकारियों से जनपदों में आयोजित हाने वाले कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिये कि सभी अधिकारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राज्य हित से जुड़ी अपेक्षाओं के अनुरूप विकास योजनाओं के क्रियान्वयन एवं उत्तराखण्ड को विकास की दृष्टि ़से अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिये भावी योजनाओं के संचालन में अपने विवेक एवं अनुभवों के भी उपयोग पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के समग्र विकास में हम सबको सहयोगी बनना होगा। मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास का विभागवार वीजन भी तैयार किये जाने पर बल दिया।

बैठक में सचिव सामान्य प्रशासन विभाग विनोद कुमार सुमन ने प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूप रेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि 21वें राज्य स्थापना दिवस समारोह के विशेष अवसर पर दिनांक 09 नवम्बर, 2021 को प्रातः 9ः55 से 11ः30 बजे तक पुलिस लाईन, देहरादून में ‘‘राज्य स्थापना दिवस‘‘ आयोजित की जायेगी। जिसमें उत्तराखण्ड पुलिस के जवानों द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा तथा परेड की सलामी राज्यपाल द्वारा ली जायेगी। परेड के पश्चात् राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा सम्बोधन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही सभी विभागों एवं जिलाधिकारियों को बैठक में लिये गये निर्णयों से अवगत करा दिया जायेगा ताकि इस अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को बेहतर ढं़ग से आयोजित किया जा सके।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, स्वामी यतीश्वरानन्द, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव वी.वी.आर.सी. पुरूषोतम, एस.ए.मुरूगेशन, महानिदेशक सूचना रणवीर सिंह चौहान आदि मौजूद थे।

400 करोड़ के केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का प्रधानमंत्री ने किया लोकार्पण व शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केदारनाथ धाम में गोवर्धन पूजा के अवसर पर को बाबा केदार की पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक किया। उन्होंने लगभग 400 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें आदि गुरू शंकराचार्य के पुनर्निर्मित समाधि स्थल और नई प्रतिमा का अनावरण के साथ तीर्थ पुरोहितों के आवास, सरस्वती नदी के तट पर बाढ़ सुरक्षा तथा घाटों का निर्माण, मन्दाकिनी नदी तट पर बाढ़ सुरक्षा हेतु भार वाहक दीवार, गरुड़ चट्टी के लिये मन्दाकिनी नदी पर पुल के निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री द्वारा जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें श्री केदारनाथ धाम में संगम घाट का पुनर्विकास एवं रेन शैल्टर शेड, प्राथमिक चिकित्सा एवं पर्यटक सुविधा केन्द्र, मन्दाकिनी आस्था पथ पंक्ति प्रबन्धन, मन्दाकिनी वाटर एटीएम एवं मन्दाकिनी प्लाजा, प्रशासनिक कार्यालय एवं अस्पताल भवन, केदारनाथ तीर्थ स्थल में संग्रहालय (म्यूजियम) परिसर, सरस्वती सिविक एमेनिटी भवन का निर्माण कार्य शामिल है। इस अवसर पर राज्यपाल ले.ज.(से.नि) गुरमीत सिंह, कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु आदि भी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास था कि आपदा के बाद केदारनाथ धाम पूरी आन बान और शान के साथ फिर से खड़ा होगा। केदारनाथ पुनर्निर्माण को उन्होंने ’ईश्वरी कृपा’ बताया और इसमें योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति का आभार प्रकट किया।

उन्होंने कहा कि केदारनाथ में भारत की संस्कृति की व्यापकता का अलौकिक दृश्य दिखाई देता है। यहां आकर महसूस होता है कि भारत की ऋषि परंपरा कितनी महान है। मैं यहां जब भी आता हूं कण-कण से जुड़ जाता हूं। उन्होंने कहा कि गरुड़चट्टी से मेरा पुराना नाता है। मेरा सौभाग्य है कि गोवर्धन पूजा के दिन उन्हें केदारनाथ दर्शन का सौभाग्य मिला है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केदारनाथ में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। 2013 की आपदा के दौरान मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था। इस दौरान केदारनाथ आपदा को याद कर प्रधानमंत्री मोदी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आपदा में जो नुकसान यहां हुआ, वो अकल्पनीय था। हर कोई सोचता था कि क्या ये हमारा केदारनाम धाम फिर से उठ खड़ा हो पाएगा, लेकिन उन्हें पूरा विश्वास था कि यह धाम पहले से अधिक आन-बान-शान के साथ खड़ा होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने केदारनाथ के पुनर्निर्माण का जो सपना देखा था वो आज पूरा हो रहा है। इस आदि भूमि पर शाश्वत के साथ आधुनिकता का ये मेल, विकास के ये काम भगवान शंकर की सहज कृपा का ही परिणाम हैं। उन्होंने पुनर्निर्माण कार्यों में तत्परता दिखाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ की। उन्होंने इन पुनीत प्रयासों के लिए मंदिर के रावल, पुजारियों और इन निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी उठाने वाले सभी लोगों को भी धन्यवाद दिया। खासतौर पर उन्होंने पुनर्निर्माण कार्य करने वाले श्रमिकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि बर्फबारी और कड़कड़ाती ठंड के बीच यहां निर्माण का काम करना बेहद मुश्किल था।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य ने पवित्र मठों की स्थापना की और द्वादश ज्योतिर्लिंगों के पुनर्जागरण का काम किया। बाल्यावस्था में ही उन्होंने सबकुछ त्यागकर देश, समाज और मानवता के लिए जीने वालों के लिए एक सशक्त परंपरा खड़ी की है। आदि गुरु शंकराचार्य को शंकर का अवतार बताते हुए उन्होंने कहा कि ’शं करोति सः शंकरः’ का तात्पर्य है, जो कल्याण करे, वही शंकर है। इस व्याकरण को भी आचार्य शंकर ने प्रत्यक्ष प्रमाणित किया। उन्होंने अपना पूरा जीवन जन-साधारण के कल्याण में खपा दिया। आज हम सभी आदि शंकराचार्य जी की समाधि की पुनः स्थापना के साक्षी बन रहे हैं। एक समय था जब आध्यात्म को, धर्म को केवल रूढ़ियों से जोड़कर देखा जाने लगा था। लेकिन, भारतीय दर्शन तो मानव कल्याण की बात करता है, जीवन को पूर्णता के साथ समग्र तरीके में देखता है। आदि शंकराचार्य ने समाज को इस सत्य से परिचित कराने का काम किया है।

कहा कि हमारे यहां सदियों से चारधाम यात्रा का महत्व रहा है। तीर्थाटन हमारे यहां जीवन काल का हिस्सा माना गया है। अब हमारी सांस्कृतिक विरासतों को, आस्था के केंद्रों को उसी गौरव भाव से देखा जा रहा है, जैसा देखा जाना चाहिए। उन्होंने देशवासियों का आह्वान किया कि वे तीर्थ और धार्मिक स्थलों का भ्रमण जरूर करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर पूरे गौरव के साथ बन रहा है, अयोध्या को उसका गौरव वापस मिल रहा है। अभी दो दिन पहले ही अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य आयोजन पूरी दुनिया ने देखा। भारत का प्राचीन सांस्कृतिक स्वरूप कैसा रहा होगा, आज हम इसकी कल्पना कर सकते हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश में काशी का भी कायाकल्प हो रहा है। विश्वनाथ धाम का कार्य बहुत तेज गति से पूर्णता की तरफ आगे बढ़ रहा है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने अयोध्या, काशी और मथुरा का जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा देश अब गौरव के साथ अपने लिए बड़े लक्ष्य तय कर रहा है। देश कठिन समय सीमाएं निर्धारित करता है, तो कुछ लोग कहते हैं कि इतने कम समय में ये सब कैसे होगा, होगा भी या नहीं होगा। तब मैं कहता हूं कि समय के दायरे में बंधकर भयभीत होना अब भारत को मंजूर नहीं है।

उत्तराखण्ड के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा कि चारधाम सड़क परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है, चारों धाम सुरक्षित हाईवे से जुड़ रहे हैं। भविष्य में यहां केदारनाथ तक श्रद्धालु केबल कार के जरिए आ सकें, इससे जुड़ी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। यहां पास में ही पवित्र हेमकुंड साहिब जी भी हैं। हेमकुंड साहिब जी के दर्शन आसान हों, इसके लिए वहां भी रोप-वे बनाने की तैयारी है। पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड के तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। इसी का नतीजा है कि चारधाम यात्रा आने वाले भक्तों की संख्या लगातार रिकॉर्ड बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले 10 वर्षों में यहां पिछले 100 वर्षों से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए पहुंचेंगे।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों ने कोरोना संक्रमण में साहस का परिचय दिया। कोरोना टीकाकरण की पहली डोज में शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है। ये उत्तराखंड की ताकत है, सामर्थ्य है। पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी अब उसी के काम आएगी, पलायन रुकेगा। इसके लिए प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री धामी को धन्यवाद भी दिया। कहा कि मुझे पूरा विश्वास है जितनी ऊंचाई पर उत्तराखंड है भविष्य में वह उतनी ही ऊंचाई हासिल करेगा।

उत्तराखण्ड के प्रति प्रधानमंत्री का है विशेष लगाव- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का हिमालय तथा यहां पर स्थित मंदिरों से विशेष लगाव रहा है। चाहे कैलाश मानसरोवर की यात्रा हो अथवा केदारपुरी में तप एवं ध्यान साधना हो, यहां की भूमि से आपने सदैव एक असीम आध्यात्मिक दिव्य ऊर्जा प्राप्त की है, जिसने आपको निरंतर भारत वर्ष के समग्र कल्याण का कार्य करने की शक्ति दी है। उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म संस्कृति में आदि गुरु शंकराचार्य जी को कौन नहीं जानता। वे भारत की राष्ट्रीय एवं आध्यात्मिक चेतना के सूत्रधार थे। भारत की गौरवशाली संस्कृति, परंपराओं, वेदों एवं उपनिषेदों के असीम ज्ञान के संरक्षण व संवर्धन का श्रेय आदिगुरू शंकराचार्य को ही जाता है। उनकी इसी महान परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य आज हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हो रहा है।

भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के इतिहास का महत्वपूर्ण अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारधाम के पुनर्निर्माण एवं आदि गुरु शंकराचार्य की समाधि की पुनर्स्थापना के लिए आदि गुरु जैसी ही जिजीविषा, संकल्प और धैर्य की आवश्यकता थी, जो प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में परिलक्षित होती है। आज का दिन भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी के निर्देशन में केदारपुरी में जहां प्रथम चरण के 225 करोड़ के कार्य पूर्ण हो चुके हैं वहीं 184 करोड़ के कार्य द्वितीय चरण में गतिमान है। इसके साथ ही बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के लिए जहां 245 करोड़ रूपये से अधिक स्वीकृत हो चुके हैं। वहीं गंगोत्री व यमनोत्री के लिए भी करोड़ों रूपये के कार्य स्वीकृत हो चुके हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री जो कहते हैं, जो सोचते हैं, वही अन्तोत्गत्वा करते हैं।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सम्पूर्ण विश्व में बढ़ रहा है भारत तथा भारतीय संस्कृति का मान, सम्मान एवं स्वाभिमान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज भारत एवं भारतीय संस्कृति का मान, सम्मान, स्वाभिमान संपूर्ण विश्व में बढ़ रहा है तथा भारत विश्व गुरू के पद पर पुनः आरूढ़ होने के लिए तैयार हो रहा है। देश में जो कार्य कभी नामुमकिन से प्रतीत होते थे वे आज पूर्णता की ओर बढ़ रहे हैं। चाहे वो राम मंदिर का मुद्दा हो, धारा 370 का मुद्दा हो, तीन तलाक का मुद्दा हो या शक्तिशाली भारत के सम्पूर्ण विकास की बात हो। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धाम ने राज्य में चल रही केन्द्र की परियोजनाओं का जिक्र करते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं।


राज्य के विकास में मिल रहा है केन्द्र सरकार का भरपूर सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य में ऐसे बहुत से काम हुए हैं, जो पहले नामुमकिन लग रहे थे। पिछले पांच वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा करीब एक लाख करोड़ रूपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाएं प्रदेश के लिये स्वीकृत हुई है। जिनमें से बहुत सी योजनाएं पूर्ण हो चुकी है और अन्य पर कार्य चल रहा है। हम पहाड़ में रेल का सपना देखते थे। मोदी ने इस सपने को साकार किया है। आज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तथा सामरिक दृष्टि एवं भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है। इसी प्रकार चार धाम ऑल वेदर रोड, भारत माला प्रोजेक्ट पर भी तीव्र गति से काम किया जा रहा है। चार धाम यात्रा उत्तराखण्ड के लिए लाइफ लाईन है और ये परियोजनाएं जहां चारधाम यात्रा को सुगम बनाएंगी, पर्यटन को बढ़ावा देगी वहीं हमारी अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन भी लाएगी।

प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में संचालित हो रहा सबसे बड़ा ’सबको वैक्सीन-मुफ्त वैक्सीन’ अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों से हम कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं। परन्तु प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने जहां एक ओर इस महामारी से डटकर मुकाबला किया है, वहीं विकास की गति को भी आगे बढ़ाया है। यह माननीय प्रधानमंत्री जी का ही नेतृत्व है कि देश में दुनिया का सबसे बड़ा कोविड वैक्सीनेशन अभियान ’सबको वैक्सीन-मुफ्त वैक्सीन’ चल रहा है। पूरी दुनिया में इसकी सराहना की जा रही है। प्रदेश सरकार ने भी सफलतापूर्वक कोविड की प्रथम डोज को लगाने का लक्ष्य समय से पूर्व ही शत प्रतिशत प्राप्त कर लिया है। साथ ही दूसरी डोज भी करीब 50 प्रतिशत लोगों को लगाई जा चुकी है। कोरोना महामारी से प्रभावित पर्यटन, परिवहन, क्षेत्रों के लिये 200 करोड़ का राहत पैकेज, स्वास्थ्य क्षेत्र की मजबूती एवं इससे जुड़े कार्मिकों को प्रोत्साहन हेतु 205 करोड़ तथा महिला सशक्तिकरण एवं रोजगार को बढ़ावा देने के लिये 118 करोड़ का राहत पैकेज प्रदान किया जा रहा है। यह राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लोगों के खातों में भेजी जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, जन-स्वास्थ्य, बिजली, पानी, कनेक्टिविटी, रोजगार, महिला एवं बाल विकास, खेती-किसानी, सिंचाई हर क्षेत्र में उत्तराखंड ने पिछले पांच वर्षों में अभूतपूर्व तरक्की की है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी सरकार उत्तराखंड में जो विकास कार्य कर रही है वे ’’न भूतो न भविष्यति’’ हैं।
हमारी सरकार ने जहां 24 हजार सरकारी पदों को भरने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है, वहीं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना तथा नैनो उद्यम योजना के द्वारा हम लाखों को स्वरोजगार द्वारा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की ओर बढ रहे हैं।

जवानों को मिठाई खिलाकर राज्यपाल और सीएम ने मनाई दीपावली

राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरहद पर तैनात देश के जवानों के साथ दीवाली मनाई। अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत मा. राज्यपाल और मुख्यमंत्री दीपावली पर इस्ट कैम्प, गढवाल स्काउट, माणा पहुंचे और सेना के जवानों के साथ मिलकर उनका हौसला बढाया। इस मौके पर उन्होंने जवानों को मिठाई खिलाकर खुशियां बांटते हुए दीपावली की शुभकामनाएं दी।

उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में सरहदों पर तैनात देश के जवानों के जोश और जुनून पर हम सबको गर्व है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री के ईस्ट कैंप माणा पंहुचने पर सेना के जवानों ने गार्ड आफ आनर देकर उनका स्वागत किया।

राज्यपाल ने सेना के जवानों में जोश भरते हुए कहा कि सेना की बहादुरी, साहस, शौर्य और पराक्रम से आज पूरा विश्व परिचित है। उन्होंने कहा कि मेरे लिए सौभाग्य का क्षण है कि आज मे सरहद पर डटे अपने जवानों के बीच हूं। उन्होंने वीर सैनिकों एवं उनके परिवार और देश के समस्त नागरिकों को प्रकाश पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दी और सैनिकों को अपने हाथों से मिठाई बांटी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सेना के जवानों के साथ दीवाली मनाने का मेरा सपना था। आज दीवाली पर सेना के जवानों के बीच आकर में अभीभूत हूं।

दीपावाली पर सेना के जवानों से मुलाकात के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री बद्रीनाथ मंदिर पहुंचे और भगवान बद्रीनाथ जी की पूजा अर्चना करते हुए देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
राज्यपाल के भ्रमण के दौरान बद्रीनाथ विधायक महेंद्र प्रसाद भट्ट, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी आदि मौजूद थे।

मुख्यमंत्री धामी ने केदारनाथ के पुनर्निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ धाम पहुंच कर बाबा केदारनाथ जी के दर्शन किये। उन्होंने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। 5 नवंबर को प्रधानमंत्री जी के केदारनाथ आगमन के लिए की जा रही तैयारियों का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने तीर्थ पुरोहितों और पंडा समाज के प्रतिनिधियों से भी वार्ता की। सौहार्दपूर्ण बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार जन भावनाओं का सम्मान करने वाली सरकार है। तीर्थों के पंडा, पुरोहित और पुजारियों के मान सम्मान को कोई ठेस नहीं पहुंचाई जायेगी। हम सकारात्मक, धनात्मक और विकासात्मक दृष्टिकोण से चारधाम, पंडा, पुरोहित और पुजारी समाज के सम्मान तथा धार्मिक आस्था की गरिमा के सम्मान के लिए तत्पर हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बाबा केदार के प्रति विशेष आस्था और श्रद्धा है। उनका उत्तराखण्ड को दुनिया की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के तौर पर विकसित करने का विजन है। पूरी दुनिया के लोग यहां आध्यात्मिक शांति के लिए आएंगे। आधुनिक इतिहास में पहली बार इतने बङे पैमाने पर केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। पहले चरण के काम हो चुके हैं। दूसरे चरण के काम शुरू हो रहे हैं। आदि गुरु शंकराचार्य जी की समाधि का लोकार्पण करने के साथ ही उनकी प्रतिमा का भी अनावरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल भी मौजूद रहे।

कोटद्वार में सैनिक सम्मान कार्यक्रम में पहुंचे धामी ने की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कोटद्वार स्थित विजय गार्डन में आयोजित सैनिक सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों, सैनिक परिवारों और वीरांगनाओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय सेना का इतिहास गौरवशाली रहा है, हमारे वीर सैनिकों ने हमेशा अदम्य साहस का परिचय देते हुए तमाम लड़ाईयों को जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के सैनिकों का आत्मविश्वास बढ़ा है, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होली, दिवाली जैसे विशेष कार्यक्रम हमारे देश के वीर सैनिकों के साथ ही मनाते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वन रैंक वन पेंशन के लागू होने से लाखों रिटायर्ड सैनिकों को बड़ी राहत मिली है। उत्तराखंड में सरकार रोजगार के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है, प्रदेश में अब तक 10 हज़ार से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने आशा वर्करों का मानदेय बढ़ाया है, उपनल कर्मचारियों को मानदेय बढ़ाते हुए उन्हें भी बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड संक्रमण के बाद सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों को राहत पैकेज के माध्यम से बड़ी सहायता पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि सरकार का सबसे पहला मंतव्य है कि जो घोषणा की जाएं उन्हें पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उत्तराखंड 25 साल का होगा तो शिक्षा, पर्यटन, परिवहन, ऊर्जा, उद्योग समेत सभी क्षेत्रों देश का पहले नंबर का राज्य बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र के लिए अनेक घोषणाएं की, जिनमें क्रमशः विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार में पुरानी पेयजल लाइनों बदला जाएगा और दो नए नलकूप स्थापित किए जाएंगे। कोटद्वार में आवासीय एवं कृषि भूमि के ऊपर से जाने वाली हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट किया जाएगा। कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में सिंचाई गूल नहरों की सफाई एवं नई गूलों का निर्माण किया जाएगा। विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार के कालागढ़ में मुख्य मार्गों का निर्माण एवं पुनर्निर्माण का कार्य किया जाएगा। कलालघाटी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नाम शहीद लांस नायक धनवीर सिंह राणा के नाम से रखा जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि सरकार लगातार युवाओं, बेजरोज़गारों और महिलाओं के हित में कार्य कर रही है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अन्थवाल एवं हज़ारों की संख्या में पूर्व सैनिक, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय जनता मौजूद रही।

सीएम पीड़ितों से मिलकर उनकी परेशानियों को पूछकर समस्या दूर करने के दे रहे निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार पांचवें दिन आपदा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने पीड़ितों का हाल जाना। उनका दुःखदृदर्द साझा किया। हर इलाके में हुए नुकसान की जानकारी ली। प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अपने हाथों से सहायता राशि के चेक वितरित किए। हर जनपद में अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें उचित दिशा निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर प्रभावित लोगों में भी आस जगी है।
17 व 18 अक्टूबर को अतिवृष्टि से आई आपदा के बाद मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी संकट झेल रही जनता के बीच लगातार मौजूद हैं। 19 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन मंत्री डा. धन सिंह रावत के साथ रुद्रप्रयाग और फिर नैनीताल जिले से अपने दौरे की शुरुआत की। बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित गांवों का भ्रमण करते हुए उन्होंने आपदा से प्रभावित लोगों से मिलकर उनका हाल जाना और ढाढस बंधाया। पीड़ितों की आम जरूरतों को पूरा करने के निर्देश उन्होंने जिलाधिकारी व अधिकारियों को दिए। 20 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी, रुद्रपुर, किच्छा, खटीमा, काशीपुर आदि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। तीसरे दिन 21 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के साथ आपदाग्रस्त क्षेत्रों का हवाई दौरा किया और अधिकारियों को दिशानिर्देश दिए। 22 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने सीमांत जनपद चमोली के आपदा प्रभावित गांव डूंगरी पहुंचकर आपदा पीड़ितों का हाल जाना। शनिवार को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के लिए चम्पावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और नैनीताल के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हुए। दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने चंपावत और पिथौरागढ़ के आपदाग्रस्त गांवों में पहुंचकर सभी पीड़ितों से मुलाकात की। उनकी परेशानियां पूछीं और अधिकारियों को उनके समाधान के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए।

इनरव्हील क्लब ने आशा किरण सेवा आश्रम में जरुरतमंद लोगों की मदद की

इनरव्हील क्लब ऋषिकेश ने आशा किरण सेवा आश्रम, नरेंद्र नगर के अनाथ, असहाय, वृद्ध और दिव्यांग लोगों को गर्म शाॅल व 1 महीने का राशन वितरण किया। इस दौरान सेवा आश्रम के लोगों ने क्लब के सेवाभाव कार्यक्रम की प्रशंसा की।
इस अवसर पर क्लब की अध्यक्ष चारू माथुर कोठारी ने बताया सेवा कार्य इनरव्हील क्लब का उद्देश्य है। क्लब हमेशा से जरूरतमंदों की मदद के लिए तत्पर रहता है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से जरुरतमंद लोगों की मदद करने की अपील की। मौके पर सुशीला राणा, प्रीति पोखरियाल, हेमा गुल्हाटी, वर्षा खन्ना, प्रवीन मलिक आदि उपस्थित थे।

द हंस फाउण्डेशन का उत्तराखंड को मिल रहा सहयोग-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मोहकमपुर देहरादून में द हंस फाउण्डेशन डायलिसिस केन्द्र का लोकार्पण किया। माता मंगला जी के जन्मोत्सव के अवसर पर हंस फाउण्डेशन के संस्थापक श्री भोले जी महाराज और माता मंगला जी ने प्रदेश को 14 डायलिसिस केन्द्रों एवं 13 सचल चिकित्सालयों की सौगात दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माता मंगला जी को जन्मोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा कि माता मंगला और भोले महाराज ने अपना पूरा जीवन परमार्थ के लिए लिए समर्पित किया है। उनके लिए नर सेवा ही नारायण सेवा है। उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण देश में उनके द्वारा जन सेवा के लिए अनेक कार्य किये जा रहे हैं। माता मंगला जी के जन्मोत्सव के अवसर पर हंस फाउण्डेशन द्वारा उत्तराखण्ड को स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी गई है। इसके लिए उन्होंने भोले महाराज एवं माता मंगला का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल के दौरान माता मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज जी ने हंस फाउण्डेशन के माध्यम से अनेक सेवा के कार्य किये। स्वास्थ्य सुविधाओं एवं खाद्यान्न वितरण कर जन सेवा की गई।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने माता मंगला जी को जन्मोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हंस फाउण्डेशन के संस्थापक भोले महाराज एवं माता मंगला ने उत्तराखण्ड के लिए समय-समय पर अनेक सौगात दी हैं। आज स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्होंने डायलिसिस केन्द्रों एवं सचल चिकित्सालयों की बड़ी सौगात दी है। 12 दूरस्थ डिग्री कॉलेजों के लिए भी उन्होंने एक लाख किताबें दी हैं।
माता मंगला जी ने कहा, मेरी भगवान से प्रार्थना है कि मुझे जितना भी समय मिले, मैं जन सेवा कर सकूं। जन समस्याओं के समाधान के लिए हम सभी को प्रयास करने होंगे। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक-एक आदमी की मदद भी करता है तो यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि होगी। जिन बच्चों की आज हम सेवा कर रहे हैं, कल वे अपने पैरो पर खड़े होंगे। यह आत्म सन्तुष्टि का भाव है।
इस अवसर पर हंस फाउण्डेशन के संस्थापक भोले महाराज, सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, हंस फाउण्डेशन के पदाधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित थे।