सीएम ने अपने जन्म दिन पर प्रदेश को कई सौगातें दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने 46वें जन्मदिन पर प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी घोषणा की है। उन्होंने मार्च 2022 तक प्रदेश में होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं का आवेदन शुल्क माफ करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक सेवा आयोग, चयन आयोग समेत अन्य भर्तियों के लिए आने वाले फार्म भरने पर युवाओं को कोई फीस नहीं चुकानी होगी। मुख्यमंत्री यह घोषणा बाल वनिता आश्रम में बच्चों के साथ अपना जन्म दिवस मनाते हुए की। यहां उन्होंने वृक्षारोपण कर बच्चों को मिष्ठान भी वितरित किया।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिन पर दिन की शुरुआत टपकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना कर की। इसके बाद मुख्यमंत्री राष्ट्रीय दृष्टिबाधित दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान पहुंचे। यहां उन्होंने दृष्टिबाधित बच्चों के साथ अपना जन्म दिवस मनाया। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान में बच्चों को स्कूल बस की व्यवस्था और 10 कम्प्यूटर देने की घोषणा भी की।

धामी सरकार ने दी 3154 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश भर में अलग योजनाओं और विकास कार्य के लिए 3154 लाख रूपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। विधानसभा क्षेत्र रूड़की के अन्तर्गत महावीर एन्क्लेव की आंतरिक सड़कों का सीसी इण्टरलॉकिंग टाईल्स द्वारा सड़क व नाली निर्माण कार्य हेतु रूपये 48.22 लाख, विधानसभा क्षेत्र रूद्रप्रयाग के अन्तर्गत धरासू कोटी घरेड़ा मोटर मार्ग का डामरीकरण हेतु 156.21 लाख रुपये, विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अन्तर्गत विभिन्न 2 निर्माण कार्यों हेतु 473.50 लाख रूपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है. इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अन्तर्गत विभिन्न 6 निर्माण कार्यों हेतु मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 407.83 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति, विधानसभा क्षेत्र सल्ट के अन्तर्गत विभिन्न 02 निर्माण कार्यों हेतु 90.21 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति की गई है। विधानसभा क्षेत्र रुद्रप्रयाग के विकासखण्ड जखोली में पौंठी के हियूना तोक होते हुये तल्ली पैंठी तक मोटर मार्ग हेतु 49.24 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। विधानसभा क्षेत्र सितारगंज के अन्तर्गत ग्राम गडरियाबाग में रेलवे क्रॉसिंग से नूरपुर पिको तक मार्ग का नव-निर्माण हेतु 71.91 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। विधानसभा क्षेत्र ज्वालापुर में विभिन्न कार्यों हेतु 152.15 लाख रूपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र भीमताल के अन्तर्गत ग्राम पंचायत झड़गॉव मल्ला के तोक खोलकेड़िया, चौड़ी फैधार से ग्राम पंचायत गरगड़ी मल्ली तक मोटर मार्ग हेतु 7.50 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति, विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के अन्तर्गत विभिन्न 10 कार्यों के लिए 702.14 लाख रुपये की स्वीकृति, विधानसभा क्षेत्र बीएचईएल रानीपुर के अन्तर्गत विभिन्न 2 कार्यों के लिए 152.53 लाख की वित्तीय स्वीकृति, विधानसभा क्षेत्र बीएचईएल रानीपुर के अन्तर्गत सुभाष नगर मार्केट वाली मुख्य सड़क का नाली सहित इण्टरलॉकिंग टाईल्स द्वारा निर्माण हेतु मुख्यमंत्री द्वारा 104.17 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अन्तर्गत 2 निर्माण कार्यों हेतु 172.57 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। विधानसभा क्षेत्र लैंसडाउन के अन्तर्गत घांघली बैण्ड-सन्दणा मोटर मार्ग का डामरीकरण हेतु 203.42 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति, विधानसभा क्षेत्र थराली के अन्तर्गत ग्वालदम से केन्द्रीय विद्यालय तक मोटर मार्ग के निर्माण हेतु 28.90 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर में शीतलाखेत-काकड़ीघाट (मटेला) मोटर मार्ग के डामरीकरण और सुधारीकरण हेतु मुख्यमंत्री द्वारा 334.03 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है।

अंधतत्व निवारण को नगरभर में निकली साइकिल रैली, नेत्रदान का हुआ आह्वान

एम्स ऋषिकेश के तत्वावधान में आयोजित नेत्रदान पखवाड़े के तहत आज नगरभर में साइकिल जनजागरूकता रैली निकाली गई। इसके माध्यम से लोगों से ब्लाइंडनेस को कम करने के लिए नेत्रदान का संकल्प लेने का आह्वान किया गया। एम्स निदेशक ने इस रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस मौके पर उन्होंने समाज से अंधतत्व निवारण हेतु इस तरह के जनजागरूकता कार्यक्रमों को नितांत आवश्यक बताया, साथ ही रैली में प्रतिभाग करने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया। रैली में 150 से अधिक लोग शामिल हुए। जनजागरूकता रैली एम्स से बैराज मार्ग, कोयल घाटी, हरिद्वार रोड तिलक रोड, अंबेडकर चौक होते हुए आगे बढ़ी व देहरादून रोड स्थित जीजी आईसी, हीरालाल मार्ग, परशुराम चौक होते हुए एम्स परिसर में सम्पन्न हुई।

ऋषिकेश आई बैंक की ओर से आयोजित रैली में एम्स फैकल्टी सदस्यों, वरिष्ठ चिकित्सकों, पीजी डॉक्टरों, सिक्योरिटी गार्ड्स, संस्थान के आई बैंक स्टाफ के सदस्यों के साथ ही रेड राइडर्स ग्रुप, ब्लू राइडर्स, ऋषिकेश साइकिल ग्रुप, लायंस क्लब के सदस्यों, विभिन्न स्कूल कॉलेजों के छात्रों व स्थानीय गणमान्य नागरिकों ने बढ़चढ़कर प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर संस्थान के डीन प्रोफेसर मनोज गुप्ता, आईबीसीसी प्रमुख व वरिष्ठ सर्जन प्रोफेसर बीना रवि, डीएचए प्रो. यूबी मिश्रा, संस्थान के नेत्ररोग विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संजीव कुमार मित्तल, आई बैंक की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. नीति गुप्ता, वरिष्ठ चिकित्सक डाक्टर रोहित गुप्ता, डा.पीके पांडा, डा.अनुभा अग्रवाल, डा.अनुपम, डा. रामानुज सामंता, जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल, विधि अधिकारी प्रदीप पांडे, विक्रम सिंह के अलावा नगर के गणमान्य व्यक्तियों में जयेंद्र रमोला, राकेश मियां, गोपाल नारंग, शैलेंद्र बिष्ट, ज्योति प्रकाश शर्मा, नीरज शर्मा, जितेंद्र बिष्ट, सरदार बूटा सिंह, यशपाल सिंह चौहान आदि मौजूद थे।

सैन्य धाम में शहीद सैनिकों के आंगन की मिट्टी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में सैन्य धाम के संबंध में आयोजित उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में भव्य सैन्यधाम बनाया जायेगा। इसमें सभी शहीद सैनिकों के आंगन की मिट्टी लाई जायेगी। इसका स्वरूप भव्य होगा। हमारे सैनिकों का शौर्य एवं पराक्रम की गाथा का यह जीता जागता उदाहरण होगा। सैन्यधाम के संबंध में उच्च स्तरीय समिति की अगली बैठक जल्द आयोजित की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि शहीद सम्मान यात्रा के लिए सभी तैयारियां जल्द पूर्ण की जाय। शहीद सम्मान यात्रा के दौरान शहीदों के आश्रितों को सम्मान पत्र भी दिया जायेगा।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, चंद्रा पंत, प्रमुख सचिव सैनिक कल्याण एल. फैनई, सचिव वी. षणमुगम एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री ने की घोषणा, कांग्रेस सरकार में वंचित बालिकाओं को मिलेगा नंदा गौरा योजना का लाभ

विधानसभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि वर्ष 2015-16 व 2016-17 में गौरा देवी कन्याधन योजना के लाभ से वंचित बालिकाओं, जिनके आवेदन प्राप्त थे। उन्हें सरकार द्वारा योजना का लाभ दिया जाएगा।

कांग्रेस विधायक मनोज रावत द्वारा उक्त विषय को सदन के समक्ष रखा। जिस पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने सदन में जवाब दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015-16 में 11300 बालिकाएं व वर्ष 2016-17 में 21916 बालिकाएं ऐसी थी जो कन्याधन योजना के लाभ से वंचित थी। उन्होंने बताया कि कुल 33216 बालिकाओं को लाभ दिलाने के लिए मुख्यमंत्री जी ने 49.42 करोड़ की शेष धनराशि अवमुक्त करने की घोषणा की है।
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कारनामों से वंचित रह गयी हमारी बेटियों को उक्त जनकल्याणकारी योजना का लाभ देने को हमारी प्रदेश की धामी सरकार ने विशाल हृदय दिखाया है। उन्होंने कहा कि वंचित रह गयी 33216 बालिकाओं को लाभान्वित करने को 49.42 करोड़ की धनराशि अवमुक्त करने की घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा सराहनीय कदम है।

कहा कि कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री जो स्वयं को महिलाओं और बेटियों का हितैषी बताते नहीं थकते हैं, उनके ही कार्यकाल की करनी प्रदेश की 33216 बेटियां झेल रही थी। जिसे आज हमारी धामी सरकार ने योजना का लाभ दिलाने का निश्चय किया है।

हमारी सरकार मात्र सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री बनने के लिए कांग्रेस के नेताओं की तरह घड़ियाली आंसू न बहाकर सदा जनता के लिए कार्य करती है । हमारी सरकार द्वारा लिया गया आज का फैसला एक दूरगामी व दूरदृष्टि को परिलक्षित करता है। इसके लिए सरकार बधाई की पात्र है तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी का आभार यक्त करते हैं।

पात्र बालिका को निम्नानुसार दी जाएगी सहायता
1. बालिका के जन्म पर पांच हज़ार रुपए।
2. 1 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर पांच हज़ार रूपए।
3. कक्षा 8 पास करने व नवी कक्षा में प्रवेश लेने पर पांच हज़ार रूपए।
4. कक्षा 10 पास करने तथा 11वीं कक्षा में अथवा डिप्लोमा में प्रवेश लेने पर पांच हज़ार रुपए।
5. कक्षा बारहवीं पास करने एवं स्नातक अथवा डिप्लोमा में प्रवेश लेने पर पांच हज़ार रुपए।
6. डिप्लोमा अथवा स्नातक अविवाहित उत्तीर्ण करने पर 10 हज़ार रुपए।
7. बालिका के विवाह पर 16 हजार रुपये की राशि उन्हीं बालिकाओं को देय होगी जिन्होंने डिप्लोमा अथवा स्नातक उत्तीर्ण की है।

राज्य के 7 लाख 54 हजार 984 लाभार्थियों को 118 करोड़ 35 लाख रूपए का राहत पैकेज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ वर्चुअल संवाद में कोरोना काल में प्रभावित महिला स्वयं सहायता समूहों और राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों के लिए 118 करोड़ 35 लाख रूपए के राहत पैकेज की घोषणा की। इससे राज्य में 7 लाख 54 हजार 984 लोग लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था में इनका काफी योगदान रहा है। कोविड महामारी के दृष्टिगत इनके क्रियाकलापों में प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इन स्वयं सहायता समूहों में मुख्यतः राज्य की महिलाएं कार्य करती हैं, जो कि पहाड़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। कोविड महामारी के कारण इन महिला स्वयं सहायता समूहों और राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाओं के लाभार्थियों के व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इन्हें राहत देने के लिए इस पैकेज का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पैकेज के अंतर्गत उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं आई.एल.एस.पी. के अन्तर्गत गठित 30,365 समूहों को उनके द्वारा लिए ऋण पर 24.82 करोड़ रूपये की ब्याज प्रतिपूर्ति राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।
उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत गठित 159 सी.एल.एफ. को प्रति सी.एल.एफ. 5.00 लाख रूपये का एक मुश्त अनुदान दिया जायेगा। जिसकी अनुमानित लागत रू0 7.95 करोड़ होगी।
उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं आई.एल.एस.पी. के अन्तर्गत गठित सक्रिय स्वयं सहायता समूहों को स्वावलंबन हेतु 6 माह के लिये आर्थिक सहायता भी प्रदान की जायेगी। जिसमें कुल 42989 समूहों को 2000 रूपये प्रतिमाह की दर से कुल 51.59 करोड़ रूपये की सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में लाभार्थियों को 5 हजार रूपए प्रतिमाह की दर से 6 माह के लिए लिए गए ऋण पर ब्याज प्रतिपूर्ति दी जाएगी। इस पर कुल लागत 9 करोड़ रूपए आएगी।
मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के ऋण खाता धारकों को 6 माह के लिए ब्याज प्रतिपूर्ति सहायता उपलब्ध कराई जायेगी। इसकी अनुमानित लागत एक करोड़ रूपये है।
युवा कल्याण एवं प्रान्तीय विकास दल के युवक मंगल दल और महिला मंगल दलों को स्वावलम्बन हेतु 6 माह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें 20 हजार समूहों को 2 हजार रूपए प्रति माह की दर से आर्थिक सहायता दी जाएगी। जिस पर कुल 24 करोड़ रूपए का व्यय होगा।

आत्मनिर्भर भारत में महिला स्वयं सहायता समूहों का महत्वपूर्ण योगदान
मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के सभी 13 जनपदों एवं 95 ब्लॉक से जुड़े स्वयं सहायता समूहों से वर्चुअल संवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने के की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिला स्वयं सहायता समूहों का इसमें महत्पूर्ण योगदान है। राज्य के विकास में मातृ शक्ति जिस मनोयोग से कार्य कर रही है, यह सबके लिए प्रेरणा है। ऊर्जा एवं उत्साह का संचार इसी तरह बना रहे। हमारी मातृ शक्ति पर बड़ी जिम्मेदारी होती है।

रोजगार और स्वरोजगार सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सेवक की शपथ लेते ही उन्होंने प्रदेश के युवाओं एवं मातृ शक्ति को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास शुरू कर दिये हैं। राज्य में अनेक सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सभी विभागों को स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए निर्देश दिये गये हैं। जिसकी लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि समाज के अन्तिम पंक्ति के लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। सरकार जनता के साथ साझीदार के रूप में कार्य कर रही है।

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पिछले सात वर्षों में राज्य में अभूतपूर्व कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले सात सालों में केन्द्र सरकार से राज्य को हर क्षेत्र में भरपूर सहयोग मिला है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही अनेक जन कल्याणकारी योजनाओं से प्रदेश को मदद मिली है। केन्द्र सरकार की सभी योजनाओं को विभिन्न माध्यमों से जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत योजना वरदान साबित हुई है। केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य में रेल एवं सड़क कनेक्टिविटी में अनेक नये आयाम स्थापित हुए।

ग्राम्य विकास मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा राज्य में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। इनके लिए उत्पादों की बिक्री के लिए उचित व्यवस्था हो। अधिकारियों द्वारा समूहों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनी जाय और उनका समाधान किया जाय। अपने घर से कार्य कर आजीवका को बढ़ाने के लिए स्वरोजगार अच्छा माध्यम है।

13 जनपदों के महिला स्वयं सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री से साझा किया अनुभव
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों के महिला स्वयं सहायता समूहों से बातचीत की। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों के कार्यों और उन्हें आ रही परेशानियों के बारे में जानकारी ली। साथ ही राज्य सरकार को और क्या सुधार करने चाहिए, इस पर महिला स्वयं सहायता समूहों के सुझाव भी प्राप्त किए। अधिकांश ने अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए और अधिक उन्नत मशीनें उपलब्ध करवाए जाने और उत्पादों की मार्केटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने का आग्रह किया।
अल्मोड़ा की भगवती स्वयं सहायता समूह की माया देवी ने कहा कि उन्होंने बकरीपालन के लिए 21 हजार रूपये का लोन लिया था। अभी तक वह 42 हजार रूपये की बकरी बेच चुकी हैं। अभी उनके पास 38 बकरियां हैं। उनके समूह में 7 सदस्य ये कार्य कर रहे हैं।
बागेश्वर की आशा देवी ने कहा उनके क्लस्टर द्वारा सिलाई-बुनाई का कार्य किया जा रहा है। आर्डर पर सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए ड्रेस बनाई जा रही है। कलस्टर में 266 महिलाएं जुड़ी हैं। एक महिला प्रतिमाह 8 से 10 हजार रूपये कमा रही है।
चमोली जनपद के जोशीमठ की नर्मदा देवी ने कहा कि उनके तपोभूमि क्लस्टर द्वारा पंचबद्री के लिए प्रसाद बनाया जा रहा है। जिसकी ऑनलाईन बिक्री भी की जा रही है।
चम्पावत में प्रगति संगठन द्वारा लोहे की कड़ाई बनाई जा रही है। लोहाघाट में इसके लिए ग्रोथ सेंटर बनाया गया है। इस कार्य से 40 महिलाएं जुड़ी हैं।
देहरादून के डोईवाला विकासखण्ड की रीना रावत ने कहा कि उनके समूह द्वारा मशरूम उत्पादन एवं फूड प्रोसेसिंग का कार्य किया जा रहा है। जिससे अच्छा फायदा हो रहा है।
बहादराबाद, हरिद्वार की पूनम शर्मा ने कहा कि उनके समूह द्वारा हरिद्वार के विभिन्न मंदिरों के लिए प्रसाद बनाया जा रहा है।
नैनीताल की मुमताज ने कहा कि उनके क्लस्टर में अनेक ऑर्गेनिक उत्पाद बनाये जा रहे हैं। इससे 1500 महिलाएं जुड़ी हैं।
पौड़ी की बबीता ने कहा कि उनके उमंग कलस्टर द्वारा मंडवे के बिस्कुट, लड्डू बनाये जा रहे हैं, ये उत्पाद आंगनबाड़ी केन्द्रों को सप्लाई किये जा रहे हैं।
ऊखीमठ, रूद्रप्रयाग की सरिता देवी ने कहा कि उनके दुर्गा स्वयं सहायता समूह द्वारा श्री केदारनाथ मंदिर के लिए प्रसाद एवं दुग्ध आधारित उत्पाद तैयार किये जा रहे हैं।
टिहरी से कुंजापुरी क्लस्टर से जुड़ी नीलम देवी ने कहा कि स्थानीय दालों, अचार एवं मसालों का कार्य किया जा रहा है। उनके क्लस्टर से 365 महिलाएं जुड़ी हैं।
खटीमा, ऊधमसिंह नगर की शिक्षा देवी ने कहा कि उनके समूह द्वारा मुर्गी पालन, बकरी पालन, मत्स्य पालन एवं सब्जी उत्पादन से संबंधित कार्य किये जा रहे हैं। हिमाद्री एवं सरस मार्केट के माध्यम से उत्पादों की बिक्री की जा रही है।
चिन्यालीसौड़, उत्तरकाशी की रीना रमोला ने कहा कि उनके अपर्णा स्वयं सहायता समूह द्वारा एल.ई.डी पर आधारित अनेक उत्पाद बनाये जा रहे हैं।
पिथौरागढ़ में राखी बृजवाल एवं विमला देवी ने बताया कि नारी शक्ति समूह द्वारा बेकरी से संबंधित उत्पाद बनाये जा रहे हैं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्सेस स्टोरी पर आधारित ग्राम्य विकास विभाग की पुस्तक का भी विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जनपद के चयनित महिला स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित भी किया। उन्होंने भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत गौरा स्वयं सहायता समूह को एक लाख रूपए राशि का चेक, प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ऊधमसिंह नगर जिले नारी शक्ति क्लस्टर की श्रीमती चन्द्रमणि दास को सम्मानित किया। दिनांक 12 अगस्त को चन्द्रमणि को प्रधानमंत्री ने वर्चुअल संवाद का अवसर प्राप्त हुआ था।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, कुंवर प्रणव चौंपियन, राजेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, आनन्द बर्द्धन, सचिव एस. ए. मुरूगेशन एवं प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आयी महिला स्वयं समूहों की महिलाएं उपस्थित थे।

गुनियाल गांव में पंपिंग पेयजल योजना और चन्द्रोटी में मिनी ट्यूबवेल लगाने की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सामुदायिक भवन, गुनियाल गांव में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को रक्षाबंधन की शुभकामना देते हुए उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन भाई-बहन के पवित्र बंधन का त्यौहार है। रक्षा बंधन महिलाओं के सम्मान का भी पर्व है। उन्होंने कहा कि महिलायें हर क्षेत्र में आगे आयें इसके लिये प्रयासरत हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र वासियों की मांग पर गुनियालगांव में पंपिंग पेयजल योजना तथा चन्द्रेली में मिनी ट्यूबवेल लगाये जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का अभियान शुरू किया। प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता का परिणाम है कि इस अभियान से व्यापक जनजागरूकता आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में बेसहारा हुए बच्चों के लिये मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना में प्रति माह 3-3 हजार रूपये की सहायता राशि दी जा रही है। इसके साथ ही इन्हें निःशुल्क राशन, निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था भी की जा रही है। जिलों के डीएम इन बच्चों की सम्पत्ति का संरक्षण भी करेंगे। अनाथ बच्चों के लिए नौकरियों में पांच प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य है। सरकार इन बच्चों के कौशल विकास पर भी ध्यान देगी।
उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के हित में कोरोना के कारण पिछले एक वर्ष के दौरान प्रतियोगिता परीक्षा के लिये अधिकतम आयु पूरी करने वालों को आयु में एक वर्ष की छूट प्रदान की जाने की व्यवस्था की है। लोक सेवा आयोग, संघ लोक सेवा आयोग, एन.डी.ए. सी.डी.एस. आदि प्रतियोगिता की प्रारम्भिक परीक्षा पास करने वाले युवाओं को मेन परीक्षा की तैयारी के लिये 50 हजार की धनराशि प्रदान किये जाने का निर्णय किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सभी को निःशुल्क कोविड वैक्सीन का अभियान चल रहा है। राज्य को पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध हो रही है। राज्य में सभी लोगों का आगामी चार माह में वैक्सीनेशन कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना से बचाव के लिये सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की गई हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने क्षेत्र के विकास में सहयोग के लिये मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता रही है। उन्होंने क्षेत्रीय जनता का भी आभार जताया। इस अवसर पर संध्या थापा, दीपक पुण्डीर सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के ग्राम प्रधान एवं महिलायें उपस्थित रहे।

कुटुम्ब पेंशन अब कहलाएगी सम्मान पेंशन-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगर निगम टाऊन हॉल देहरादून में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा उनके उत्तराधिकारियों के प्रांतीय सम्मेलन तथा श्रद्धांजलि सभा में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारियों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर घोषणा की कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को दी जाने वाली कुटुंब पेंशन का नाम बदलकर सम्मान पेंशन किया जाएगा। हरिद्वार में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सेवा सदन बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के लंबे संघर्षों के परिणामस्वरूप भारत को आजादी मिली। देश की आजादी के लिए हमारे इन वीरों ने अपना सब कुछ समर्पित किया। 9 अगस्त 1942 की घटना भारत के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना है। अगस्त क्रांति की शुरुआत 9 अगस्त 1942 को हुई थी। भारत की आजादी में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। आज भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आजादी के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। सेनानियों के आश्रितों को सरकार द्वारा हर संभव सहायता देने का प्रयास किया जाएगा। जिन उद्देश्यों के लिए देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी गई, आज उन उद्देश्यों को पूरा करने की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। कुपोषण मुक्त भारत की दिशा में देश आगे बढ़ा है।
इस अवसर पर विधायक आदेश चौहान, मेयर सुनील उनियाल गामा, अशोक वर्मा, मथुरा दत्त जोशी, भारत भूषण विद्यालंकर, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति से जितेन्द्र रघुवंशी, संतोष गोविल, राजकुमार अग्रवाल, शशांक गुप्ता, अवधेश पंत उपस्थित थे।

अब मेजर ध्यानचंद के नाम से जाना जायेगा खेल का सबसे बड़ा सम्मान, पीएम ने की घोषणा

भारत में खेल के क्षेत्र में दिया जाने वाले सबसे बड़े सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम अब हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर कर दिया गया है। इस बात की जानकारी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके दी है। पीएम मोदी ने कहा कि लोगों की भावनाओं को देखते हुए इस अवार्ड का नाम अब मेजर ध्यानचंद के नाम पर किया जा रहा है।

पीएम मोदी ने क्या ट्वीट किया?

पीएम मोदी ने कहा है, देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए। लोगों की भावनाओं को देखते हुए इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है। जय हिंद

ओलंपिक्स में हॉकी खिलाड़ियों का प्रदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा- मोदी

एक अन्य ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा, ओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रयासों से हम सभी अभिभूत हैं। विशेषकर हॉकी में हमारे बेटे-बेटियों ने जो इच्छाशक्ति दिखाई है। जीत के प्रति जो ललक दिखाई है, वो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।

खेल रत्न का इतिहास

इस अवार्ड को 1991-92 में शुरू किया गया था। तब इसका नाम देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर रखा गया था। इस अवार्ड की स्थापना का मुख्य उद्देश्य खेल के क्षेत्र में सराहना और जागरूकता फैलाना है साथ ही खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनकी प्रतिष्ठा बढ़ाना है, ताकि वह समाज में और ज्यादा सम्मान प्राप्त कर सकें।

भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न पुरस्कार का नाम राजीव गांधी खेल रत्न की जगह मेजर ध्यानचंद खेल रत्न रखने के फैसले का खेल जगत ने स्वागत किया है। ध्यानचंद को महानतम हॉकी खिलाड़ी माना जाता है। हॉकी के इस जादूगर ने अपने 1926 से 1949 तक के करियर के दौरान 1928, 1932 और 1936 में ओलंपिक का शीर्ष खिताब हासिल किया था। उनकी जयंती के उपलक्ष्य में 29 अगस्त को देश का राष्ट्रीय खेल दिवस भी मनाया जाता है।

विश्व चैंपियनशिप में भारत की एकमात्र एथलेटिक्स पदक विजेता और यह पुरस्कार 2003 में हासिल करने वाली अंजू बॉबी जॉर्ज ने कहा कि खेल पुरस्कारों के नाम खिलाड़ियों के नाम पर रखे जाने चाहिए। उन्होंने कहा, यह सही समय है जब हम अपने खेल पुरस्कारों का नाम अपने खेल के दिग्गजों के नाम पर रखें। यह सही कदम है. ध्यानचंद हमारे खेल नायक और हॉकी के दिग्गज हैं और हॉकी हमारा राष्ट्रीय खेल है. यह उचित ही है कि देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार का नाम ध्यानचंद के नाम पर ऐसे समय रखा गया है जब भारत ने 41 साल बाद हॉकी में ओलंपिक पदक जीता है।

इस फैसले की सराहना करते हुए पूर्व हॉकी कप्तान अजीतपाल सिंह ने कहा कि पहचान देर से मिली लेकिन देर आये दुरुस्त आये। उन्होंने कहा, यह एक स्वागत योग्य कदम है। यह एक अच्छा फैसला है जो प्रधानमंत्री ने लिया है। खेल पुरस्कार हमेशा खिलाड़ियों के नाम पर होने चाहिए और ध्यानचंद जी से बड़ा देश में कोई खिलाड़ी नहीं है। यह मान्यता देर से मिली, लेकिन कभी नहीं से बेहतर है कि देर से मिली।

ओलंपिक कांस्य पदक मुक्केबाज विजेन्दर सिंह ने कहा कि ध्यानचंद जी को सम्मान देना अच्छी बात है लेकिन यह देश में खेलों के स्तर को उठाने के लिए काफी नहीं है। उन्होंने कहा, इस कदम के खिलाफ कुछ भी नहीं है, क्योंकि हम सभी ध्यानचंद जी के अपार योगदान का सम्मान करते हैं । लेकिन सरकार को खिलाड़ियों का समर्थन करने के लिए इससे कुछ ज्यादा करना चाहिए। उन्हें बुनियादी स्तर पर सुविधाओं की जरूरत है, जब तक हम ऐसा नहीं कर सकते, केवल पुरस्कारों का नाम बदलने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यह घोषणा की कि देशवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए खेल रत्न पुरस्कार को अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहा जाएगा। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीमों के शानदार प्रदर्शन के बाद इस सम्मान का नाम महान हॉकी खिलाड़ी के नाम पर रखने का फैसला लिया गया।

केन्द्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि ध्यानचंद खेलों में भारत के सबसे बड़े नायक रहे हैं। उन्होंने कहा, मेजर ध्यानचंद जी ने अपने असाधारण खेल से विश्व पटल पर भारत को एक नई पहचान दी और अनगिनत खिलाड़ियों के प्रेरणास्रोत बने। जनभावना को देखते हुए खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का हार्दिक धन्यवाद।

भारत के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी से सांसद बने गौतम गंभीर कहा, किसी (खेल) नायक का नाम पुरस्कार को और प्रतिष्ठित बनाता है। वहीं ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने भी इस कदम के लिए प्रधानमंत्री का शुक्रिया करते हुए कहा, खेल के सबसे बड़े पुरस्कार खेल रत्न को देश के श्रेष्ठ खिलाड़ी और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न रखने के फैसले के लिए मैं भारत सरकार और आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हार्दिक धन्यवाद करता हूं।

पर्यटन को पटरी पर लाने को 200 करोड़ की घोषणा को लेकर सीएम से मिले परिवहन व्यवसायी, जताया अभार

स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। स्पीकर ने राज्य में कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन और चार धाम यात्रा से संबंधित गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए 200 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा किये जाने को लेकर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मौके पर परिवहन व्यवसाय से जुड़े विभिन्न संगठनो के लोगों ने भी स्पीकर के संग मुख्यमंत्री से भेंटकर फूलमाला पहनाकर उनका आभार व्यक्त किया।

अवगत करा दें कि 9 जुलाई को स्पीकर ने मुख्यमंत्री से भेंट कर राज्य के परिवहन एवं पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों को राहत पहुंचाने के संबंध में चर्चा वार्ता की थी। स्पीकर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी बात को गंभीरता से लेते हुए परिवहन व्यवसायियों को राहत पहुंचाने का कार्य किया है। भेंटवार्ता के दौरान परिवहन व्यवसायियों ने मुख्यमंत्री एवं स्पीकर को पौधे भेंटकर एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।

स्पीकर ने कहा कि 200 करोड़ के राहत पैकेज से निश्चित रूप से राज्य में पर्यटन, होटल, परिवहन, पोर्टर समेत पर्यटन की अन्य गतिविधियों से जुड़े व्यवसायियों के साथ ही सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी। कहा कि तीर्थाटन एवं पर्यटन उत्तराखंड राज्य की आर्थिक रीढ़ है, इस राहत सहायता से राज्य के लगभग लाखों लोगों को उनके बैंक खाते के माध्यम से सीधे राहत मिल सकेगी। स्पीकर ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य के गठन के उपरांत दिये जाने वाला अब तक का किसी भी सरकार द्वारा सर्वाधिक राहत पैकेज है।

इस अवसर पर स्पीकर ने मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर वार्ता करते हुए विशेषतौर पर उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को सुचारू रूप से प्रारंभ किए जाने की अनुमति के लिए गंभीरता से विचार किये जाने की बात कही। कहा कि चारधाम के कपाट खुले हुए काफी समय हो चुका है परंतु चारधाम यात्रा की अनुमति न मिलने से जहॉ एक और लाखों श्रद्धालु गण दर्शन से वंचित हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर तीर्थाटन से जुड़े लाखों कारोबारियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

इस अवसर पर यातायात और पर्यटन विकास सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष मनोज ध्यानी, रूपकुंड पर्यटन कंपनी के अध्यक्ष भोपाल सिंह नेगी, टीजीएमओसी के उपाध्यक्ष यशपाल राणा, यातायात संघ के संचालक मनोहर सिंह रौतेला, जीएमओ के पर्यटन अधिकारी अनिल वरगली, मोटर मजदूर संघ के सदस्य जगदीश नौटियाल, ऋषिकेश टूर ट्रेवल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश बहुगुणा, यातायात संघ के संचालक योगेश उनियाल, अरुण बडोनी आदि उपस्थित थे।