बाजपुर चीनी मिल में एथेनॉल प्लांट की मंजूरी, बढ़ेगी आय

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश में गन्ना किसानों की आर्थिकी में सुधार के लिए किसानों के व्यापक हित में गन्ने के बहुआयामी उपयोग पर ध्यान देने को कहा है। मुख्यमंत्री आवास में बाजपुर चीनी मिल परिसर में प्रस्तावित इथेनॉल प्लांट की स्थापना के संबंध में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश की चीनी मिलों के आधुनिकीकरण, गन्ना उत्पादन के विविधीकरण, ऊर्जा उत्पादन, एथेनॉल उत्पादन पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर चीनी मिलों के संबंध में जो भी कार्यवाही की जानी है उन पर किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाजपुर चीनी मिल परिसर में एथेनॉल प्लांट के लिए अपेक्षित भूमि उपलब्ध है। उन्होंने इस अवसर पर इथेनॉल प्लांट की स्थापना के संबंध में प्राज टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन द्वारा प्रस्तुत प्रस्तुतीकरण का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने अन्य चीनी मिलों में भी इसकी संभावना तलाशने की बात कही। चीनी मिलों में चीनी के अलावा सीरा व बगास का भी बेहतर उपयोग हो इस दिशा में भी कार्य योजना बनाई जाए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के तकनीकी सलाहकार नरेंद्र सिंह, प्रबंध निदेशक गन्ना एवं चीनी चंद्रेश यादव, बाजपुर चीनी मिल के जीएम प्रकाश चन्द्र सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

गैरसैंण के भूमिधर बन गये मुख्यमंत्री, बोले जनप्रतिनिधियों से ही होनी चाहिए रिवर्स पलायन की शुरुआत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत गैरसैंण के भूमिधर बन गये हैं। यह जानकारी खुद मुख्यमंत्री ने ट्वीटर और फेसबुक के माध्यम से दी है। मुख्यमंत्री ने रिवर्स पलायन का बङा संदेश देते हुए कहा कि “गैरसैंण जनभावनाओं का प्रतीक है। गैरसैंण हर उत्तराखंडी के दिल में बसता है। लोकतंत्र में जनभावनाएं सर्वोपरि होती हैं। गैरसैंण के रास्ते ही समूचे उत्तराखण्ड का विकास किया जा सकता है। सबसे पहले जनप्रतिनिधियों को ही रिवर्स पलायन करना होगा। रिवर्स पलायन से ही सुधरेगी पहाड़ों की तस्वीर और तकदीर। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मैं भी गैरसैंण का विधिवत भूमिधर बन गया हूँ।“
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखंड में स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है। हम अपने युवा को स्वरोजगार की राह पर ले जाने को कृतसंकल्प हैं और ऐसा करने से पहाड़ बसेगा। राज्य सरकार ने पूरी ईमानदारी से उत्तराखंड को उसके प्राकृतिक स्वरूप की तरफ ले जाने और प्रदेश के चहुमुखी विकास के लिए कार्य किया है और यह प्रक्रिया आगे और गति पकड़ेगी। हमारी सरकार पुरानी धारणाएँ तोड़ने की कोशिश कर रही है-हम स्वरोजगार को विकास का माध्यम बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने घी संक्रांति के पावन अवसर पर उत्तराखंडवासियों से अनुरोध कि सभी अपने अपने गाँवों की तरफ रूख करेंगे और वहां के अपने घरों का बेहतर रख-रखाव करेंगे।

बलात्कार, भ्रूण की हानि जैसे अपराधों से पीड़ित महिला और आश्रितों को एक से 10 लाख रूपये तक की मदद

यौन शोषण, बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, अप्राकृतिक यौन शोषण, भू्रण की हानि, एसिड अटैक जैसे अपराधों की शिकार हुई महिलाओं और उनके आश्रितों को सरकार आर्थिक मदद देगी। यह मदद एक लाख से दस लाख रूपये तक की जाएगी। गृह विभाग की इस योजना के प्रस्ताव को प्रदेश मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है।

इसके लिए उत्तराखंड यौन अपराध एवं अन्य अपराधों से पीड़ित उत्तरजीवी महिलाओं हेतु प्रतिकर योजना 2020 के तहत एक पीड़ित महिला प्रतिकर निधि का गठन किया जाएगा। इस निधि से राज्य व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुआवजे की दरें निर्धारित कर उसका भुगतान पीड़ित महिला या उसके आश्रित को किया जाएगा।

महिला अपराध के मामले में पुलिस जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से प्रथम सूचना रिपोर्ट अनिवार्य रूप से साझा करेगी। इससे अंतरिम प्रतिकर के लिए सत्यापन की प्रक्रिया हो सकेगी। पीड़ित या आश्रित जिला विधि सेवा प्राधिकरण के समक्ष या उनके पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

राज्य विधिक से प्राधिकरण के माध्यम से मुआवजे की धनराशि पीड़ित अथवा आश्रितों के एक या संयुक्त खाते में भेजी जाएगी। पीड़ित के नाम पर खाता नहीं होगा तो संबंधित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैंक खाता खुलवाने की सुविधा उपलब्ध कराएगा। अव्यस्क का खाता अभिभावक के साथ खुलेगा। यदि पीड़ित बाल संरक्षण संस्था में है तब बैंक खाता संस्थान के अधीक्षक के साथ खोला जाएगा। विदेशी नागरिक होने पर कैश कार्ड के माध्यम से क्षतिपूर्ति की जाएगी। 25 प्रतिशत धनराशि प्रारंभिक खर्चे के लिए दी जाएगी। 75 प्रतिशत धनराशि तीन साल की अवधि के लिए एक सावधि खाते में जमा होगी।

देहरादून और हल्द्वानी में उपनल बनाने जा रहा मल्टी सर्विस सेंटर

बुजुर्गों की मदद को उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपनल) प्रमुख शहरों में मल्टी सर्विस सेंटर बनाने जा रहा है। प्रथम चरण में ये सेंटर देहरादून और हल्द्वानी में स्थापित किए जाएंगे। कॉलसेंटर की तरह काम करने वाले उपनल के इन खास दफ्तरों में स्थानीय स्तर पर डॉक्टर, नर्स, मेडिकल स्टोर, होटल, मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन, सुपर स्टोर, किराना स्टोरों का डाटा होगा।

बुजुर्गों की मांग के आधार पर उन तक ये सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। इस सेवा को लेने के लिए फीस-वस्तु की कीमत के साथ एक न्यूनतम सेवा शुल्क देना होगा जो 100 रुपये तक हो सकता है। उपनल के एमडी ब्रिगेडियर (सेनि) पीपीएस पाहवा ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के हर बड़े शहर में सेंटर बनाने की योजना है। पर, आबादी को देखते हुए पहले चरण में दून और हल्द्वानी को चुना गया है।

ऐसे काम करेगी योजना

मल्टी सर्विस सेंटर में स्वास्थ्य, बिजली, पानी समेत रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ी सेवाएं देने वाले सभी लोगों का डाटा होगा। यदि किसी बुजुर्ग को डाक्टर की अथवा नर्स की आवश्यकता है। अस्पताल जाना है या फिर दवाएं खरीदनी है तो वह सेंटर में फोन कर सकता है। सेंटर में मौजूद कर्मचारी बुजुर्ग के आवासीय लोकेशन के आधार पर संबंधित व्यक्तियों को इसकी सूचना देगा। एक तय चार्ज लेते हुए घर तक सुविधा पहुंचा दी जाएगी। इसी प्रकार मैकेनिक, इलेक्ट्रियन, बिल जमा कराने वाली एजेसियां आदि भी सेंटर से जुड़ी होंगी। सामान्य सुविधाओं को उपनल अपने कर्मियों के जरिए भी घर तक पहंचा सकता है। सेवाओं की संख्या और उन्हें जरूरतमंद तक पहुंचाने के लिए ठोस ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इस अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

13 जनपदों की 21 महिलाओं एवं किशोरियों तथा 22 आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को सीएम ने किया पुरस्कृत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वीरांगना तीलू रौतेली के जन्म दिवस के अवसर पर प्रदेश की 21 महिलाओं व किशोरियों को राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली तथा 22 आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को सम्मानित किया। सीएम ने घोषणा की कि अगले वर्ष से राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार की धनराशि 21 हजार से बढ़ाकर 31 हजार तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार की धनराशि 11 हजार से बढ़ाकर 21 हजार की जायेगी। उन्होंने कहा कि खेती की बेहतरी के लिये पहले महिलाओं को 2 प्रतिशत ब्याज पर ऋण दिया जा रहा था। इस क्षेत्र में उनके बेहतर कार्य को देखते हुए अब 3 लाख की धनराशि उन्हें बिना ब्याज के उपलब्ध करायी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनाथ व निराश्रित बच्चों को अनाथालयों में रखे जाने की व्यवस्था है, जहां बेटियां ज्यादा रहती हैं। 18 वर्ष के बाद इन्हें अनाथालय से छोड़ दिया जाता है। इन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिये राज्य सरकार द्वारा देश में अपनी तरह की विशेष पहल कर इनके लिये सरकारी सेवाओं में 5 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की है।

जनपदों में राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित
प्रीति भण्डारी, शिवानी आर्या, गुंजन बाला, जानकी चन्द, शशि देवली, डॉ. पुष्पांजलि अग्रवाल, कंचन भण्डारी, मालविका माया उपाध्याय, सुमन वर्मा, शीतल, मधु खुगशाल, कीर्ति कुमारी, बबीता रावत, ज्योति उप्रेति, मीनू लता गुप्ता, हर्षा रावत, सुमति थपलियाल, चन्द्रकला राय।

जनपदों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार से सम्मानित
नीता गोस्वामी, गीता देवी, पुष्पा हरड़िया, हेमा बोरा, अंजना रावत, पूनम, आसमा, सुमनलता यादव, गंगा बिष्ट, समारोज, निर्मला पाण्डेय, चन्द्रकला चन्द्र, अर्चना देवी, रोशनी, सुशीला देवी, लक्ष्मी देवी, ललिता देवी, कुसुम मेहर, बीना चौहान।

एक लाख इग्यारह हजार रुपये का दान देगी श्री रामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी ऋषिकेश की रामलीला

श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी का भव्य मंदिर निर्माण कार्य पर ऋषिकेश की सबसे पौराणिक श्री रामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी ने अपने रंगमंच पर श्री रामचरितमानस (रामायण) के अखंड पाठ का आयोजन किया। मौके पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र जी के भव्य मंदिर निर्माण में कमेटी की ओर से 111000 (एक लाख इग्यारह हजार रुपये) की धनराशि दान देने का निर्णय लिया। तय किया गया कि यह धनराशि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के माध्यम से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दान स्वरूप भेंट की जाएगी।

रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विनोद पाल और महामंत्री हरीश तिवाड़ी ने बताया कि कमेटी की यह इच्छा थी कि जब भी भगवान राम का अयोध्या में मंदिर बनेगा कमेटी की ओर से एक भव्य आयोजन किया जाएगा लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते संक्षिप्त रूप में खुशी मनाते हुए आज रामलीला प्रांगण में अखंड रामायण का पाठ किया गया। दान राशि देने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से श्री रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मेयर अनिता ममगाई के नेतृत्व में शीघ्र मिलेगा।

रामायण पाठ करने वालों में पंडित ललित मोहन त्रिपाठी भास्करा नंद त्रिपाठी दयाकृष्ण लेखक सुबोध अनुज शामिल रहे। इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष विनोद पाल, महामंत्री हरीश तिवाड़ी, बाली पाल, सतीश पाल, पार्षद लता तिवाड़ी, राजेश दिवाकर, उमा बृजपाल राणा, अनिता रैना, विजय बडोनी, विजेंद्र मोघा, रामअवतारी पंवार, अजय बिष्ट, गुरविंदर सिंह गुर्री, विकास नेगी, दीपक अंथवाल, धीरेन्द्र सिंह धीरू, पवन गोयल, राकेश पारछा, रोहताश पाल, प्रशांत पाल, मनमीत कुमार, पूरण पंवार, पवन पाल, अस्वनी जायसवाल आदि उपस्थित रहे।

राहतः रोडवेज बस से रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए निशुल्क होगी यात्रा

कई वर्षों से उत्तराखंड सरकार रक्षाबंधन पर बहनों को रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देती आ रही है। इसे सरकार ने इस वर्ष भी जारी रखा है। इस बार कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के बाद निगम की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। शासन स्तर पर काफी विचार विमर्श के बाद रक्षाबंधन पर निशुल्क यात्रा का फैसला लिया गया है।

सचिव परिवहन शैलेश बगौली ने शुक्रवार को यह आदेश जारी किए हैं। उन्होंने निगम के प्रबंध निदेशक को कार्रवाई करने के लिए कहा है। यात्रा के दौरान महिलाओं व बहनों से बसों में कोई किराया नहीं लिया जाएगा। इसका पूरा खर्च शासन वहन करेगा।

नगर निगम की टीम ने कालरा ट्रेडर्स गोदाम से पकड़ी 15 क्विंटल पॉलिथीन, एक लाख जुर्माना

निगम के सेनेट्री इंस्पेक्टर सचिन रावत के नेतृत्व में टीम ने पुष्कर मंदिर मार्ग पर पॉलिथीन के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान कालरा ट्रेडर्स के गोदाम में छापे के दौरान 15 क्विंटल पकड़ी गई। मौके पर व्यापारी नेता ललित मोहन मिश्रा और रवि जैन भी पहुंचे और निगम की कार्रवाई का जमकर विरोध कर हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने निगम पर बदले की भावना से कार्य करने का आरोप लगाया। हंगामे के बीच सेनेट्री इंस्पेक्टर सचिन रावत ने गोदाम पर मौजूद कर्मचारी से पूछा कि क्या तुम पॉलिथीन बेच रहे हो। इस पर कर्मचारी ने हां में जवाब दिया। इसके बाद व्यापारी नेता ललित मोहन मिश्रा और रवि जैन शांत हो गए और वहां से चलते बने। इसके बाद टीम ने गोदाम स्वामी यश कालरा पर एक लाख रुपये का जुर्माना ठोंका।

सुरकंडा रोपवे में चाइनीस उपकरणों के स्थान पर स्वदेशी उपकरणों को प्रयोग में लाएंः पर्यटन मंत्री

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई। पर्यटन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड के पर्यटन व्यवसाइयों को कोरोना संकट की परिस्थितियों से उबारने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके मद्देनजर पूर्व में 75 करोड़ की आर्थिक सहायता पर कैबिनेट अपनी मुहर लगा चुकी है। नेगेटिव कोरोना टेस्ट रिपोर्ट वाले पयर्टक अब आराम से चारधाम यात्रा तथा अन्य पर्यटक स्थलों की यात्रा कर सकते हैं। मेरा अनुरोध है कि सभी लोग सामाजिक दूरी तथा आत्म अनुशासन का परिचय दें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि यथाशीघ्र विकास कार्यों को पूरा कर राज्य की जनता को समर्पित किय जाये।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कैरवान पार्क बनाने के साथ-साथ यात्रियों के लिए सभी तरह की आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कोविड- 19 को देखते हुए तय किया गया है कि 72 घण्टे पूर्व कोविड टेस्ट करवाने वाले यात्री की रिपोर्ट यदि नेगेटिव पाई जाती है तो वह कहीं भी घूम सकता है। पर्यटन मंत्री ने कहा कि सुरकंडा रोपवे निर्माण कंपनी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह चाइनीस उपकरणों के स्थान पर स्वदेश निर्मित उपकरणों को रोपवे निर्माण में प्रयोग करे। इसीलिए उसे एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिया गया है।

सतपाल महाराज ने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रह आवास (होम स्टे) योजना जो कि कोविड-19 के चलते हुए लॉकडाउन की वजह से काफी प्रभावित हुई है उससे जुड़े व्यक्तियों एवं कार्मिकों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री राहत कोष से स्वीकृत 24. 30 करोड़ रुपए की धनराशि के सापेक्ष 11. 85 करोड़ की धनराशि उपलब्ध करवाई गई है। पर्यटन मंत्री ने बताया कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना को और अधिक आकर्षक बनाए जाने के उद्देश्य से प्रदेश के मार्गों पर संचालन हेतु एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 50 बसों-इलेक्ट्रॉनिक बसों के क्रय हेतु ऊंची संक्रम की लागत के 50 प्रतिशत किंतु अधिकतम 15 लाख रुपए की राजकीय सहायता देने का निर्णय लिया गया है।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि प्रसाद योजना के तहत केदारनाथ विकास कार्यों का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। बद्रीनाथ में भी विकास कार्य किए जा रहे हैं गंगोत्री एवं यमुनोत्री के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। बाह्य सहायतित योजनाओं में झील के समग्र पर्यटन विकास हेतु 1210 करोड रुपए के ऋण प्रदान किए जाने पर नेशनल डेवलपमेंट बैंक द्वारा सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है।

पर्यटन मंत्री जी कहा कि शीतकालीन डेस्टिनेशन के रूप में टिबरसैंण महादेव के मंदिर को विकसित करने के लिए कंेन्द्र सरकार से अनुमति मांगी है। टिबरसैंण महादेव में अमरनाथ की तरह बहुत बड़े शिवलिंग की रचना होती है। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी से मोरी हरकीदून एवं जखोल सर्किट को पर्यटन एवं ट्रैकिंग के रूप में विकसित करने के लिए कनैक्टिविटी को ध्यान रखते हुए दिशा निर्देश बोर्ड लगाने चाहिए। रोप वे परियोजनाओं के अंतर्गत हम शीतकालीन में भगवान केदारनाथ के दूर से दर्शन करते हुए केदारनाथ घाटी के सुन्दर व रमणीक पर्वतीय पहाड़ों के दर्शन कर सकते हैं।

प्रदेश के पर्यटन धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने संस्कृति विभाग के अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि वह सभी कार्यों को समय पर पूरा करें। संस्कृति विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों जानकारी देते हुए संस्कृति मंत्री श्री सतपाल महाराज ने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीर्थ यात्रियों को दी जाने वाली धनराशि को 25000 से बढ़ाकर 50,000 कर दिया गया है। इसके अलावा लोक कलाकारों का मानदेय भी दुगना कर दिया गया है। बताया कि प्रदेश में विरासत की अंगीकार योजना लागू की गई है। उन्होंने बताया कि तीलू रौतेली के नाम पर संग्रहालय बनाने की स्वीकृति मिल गई है। बागेश्वर, चंपावत, जोशीमठ, नरेंद्र नगर एवं उधम सिंह नगर में प्रेक्षाग्रह का निर्माण जारी है। सुमित्रानंदन पंत वीथिका कौसानी, जनपद बागेश्वर में उनके घर का जीर्णोद्धार का काम पूरा हो चुका है। जबकि अनाशक्ति आश्रम, कौसानी के जीर्णोद्धार का कार्य प्रगति पर है। ऋषिकेश में हिमालय संग्रहालय का निर्माण कार्य और गड़ीकैट में हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र का कार्य भी प्रगति पर है।

कोरोना महामारी से लड़ने के लिए हंस फाउंडेशन फ्रंटलाइन वॉरियर्स की भूमिका निभा रहाः सीएम

हंस फाउंडेशन के अध्यक्ष भोले महाराज के जन्मोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, माता मंगला और भोले महाराज ने हंस फाउंडेशन की 100 करोड़ रूपये की योजनाओं का संयुक्त रूप से लोकार्पण किया। इनमें पौड़ी के लवाड़ में ‘नेशनल स्किल डेवलपमेंट सेंटर’ का निर्माण होगा। कोविड-19 से लड़ने के लिए उत्तराखंड में 10 कोविड टेस्टिंग सेंटरों की स्थापना की जा रही है। विद्यालय रथ योजना के तहत उत्तराखंड के चार विद्यालयों के लिए बसों का लोकार्पण भी किया। शिक्षा अभियान के तहत उत्तराखंड स्थित कई राजकीय महाविद्यालों में पुस्तकालयों के नवीनीकरण की परियोजना को हरी झंडी दिखाई गई। जीवन रक्षक अभियान के तहत जिला अस्पताल टिहरी, रुद्रप्रयाग और भारत माता मंदिर हरिद्वार को एम्बुलेंस प्रदान की गई। मुख्यमंत्री द्वारा इन बसों एवं एम्बुलेंसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

हंस फाण्डेशन द्वारा कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए उत्तराखंड के 250 गैर सरकारी विद्यालयों के स्टाफ को 15 दिनों का वेतन देने की योजना की शुरूआत की गई। उत्तराखंड महिला पुलिस बल को सक्षम बनाने की योजना के अंतर्गत नैनीताल महिला पुलिस बल को शीघ्र ही दुपहिया वाहन प्रदान किए जाने की योजना को भी हरी झंड़ी दिखाई गई। हंस फाउंडेशन के सौजन्य से उत्तरकाशी के दूरस्थ ग्रांमों के 110 परिवारों के जीवन में रोशनी की किरण पहुंचाने के लिए हंस ऊर्जा अभियान के तहत सोलर लाईट उपहार स्वरूप प्रदान की गयी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भोले जी महाराज को उनके जन्म दिवस पर उनके सुदीर्घ जीवन की कामना करते हुए कहा कि भोले जी महाराज का व्यक्तित्व हम सभी को प्रेरित करता है। उनका जीवन गरीबों की निस्वार्थ सेवा में समर्पित है। राज्य सरकार को भी हमेशा उनका सहयोग मिला है। माता मंगला जी व भोले जी महाराज समाज सेवा की भारतीय संस्कृति की महान परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। जिससे लाखों लोगों के जीवन में रोशनी फैल रही है। उन्होंने कहा कि हंस फाउण्डेशन द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा व संस्कृति के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही आत्मनिर्भरता के लिये अनेक गांवों को कृषि व बागवानी के क्षेत्र में स्वावलम्बी बनाने के लिये प्रभावी मदद दी जा रही है। कोरोना महामारी से लड़ने के लिए हंस फाउंडेशन फ्रंटलाइन वॉरियर्स की भूमिका निभा रहा है।