विदेशियों ने कहा 1 बजे तक हम स्वतंत्र, तो फिर पुलिस ने क्या किया, पढ़िए पूरी खबर

टिहरी जिले की तपोवन चैकी पुलिस ने लॉकडाउन के दौरान घूम रहे विदेशी सैलानियों को अनोखे अंदाज में सजा दी। कोरोना संक्रमण से लोग बचे रहें, इसके लिए पुलिस कई बार सख्ती तो कई बार अलग-अलग अंदाज में लोगों को समझा रही है। तपोवन पुलिस ने बेवजह घूम रहे विदेशी सैलानियों से कोरे कागज पर 500 बार लिखवाया कि लॉकडाउन के दौरान उनसे गलती हुई है।
तपोवन चैकी प्रभारी उप निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि शनिवार को उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ नीम बीच से लेकर साईं घाट तक गश्त की। इस दौरान 10 विदेशी नागरिक गंगा किनारे चहल-कदमी करते हुए दिखाई दिए।
इस दौरान विदेशियों से बेवजह घूमने का कारण पूछा तो बोले एक बजे तक स्वतंत्र घूम सकते हैं। पुलिस ने बताया कि रिलैक्सेशन पीरियड केवल जरूरत का सामान खरीदने के लिए है, गंगा किनारे स्नान करने, ध्यान करने या चहल-कदमी करने के लिए नहीं है। पुलिस ने विदेशी नागरिकों से नियमों का उल्लंघन होने पर कोरे कागज पर 500 बार लिखवाया कि उनसे गलती हो गई।

लॉकडाउन और दो सप्ताह बढ़ाने पर राज्यों के बीच सहमति बनी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोविड-19 से निपटने की रणनीति पर विचार-विमर्श करने के लिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस की है। कई राज्यों ने प्रधानमंत्री से लॉकडाउन और दो सप्ताह बढ़ाने का अनुरोध किया है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि लॉकडाउन और दो सप्ताह बढ़ाने पर राज्यों के बीच सहमति लगती है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ हमारा संघर्ष तब तक मजबूत रहेगा जब तक देश का प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभायेगा और सरकार तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करेगा।
मोदी ने लॉकडाउन तथा परस्पर सुरक्षित दूरी पर जोर देते हुए कहा कि लोगों का जीवन बचाने के लिए यह आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार का मंत्र जान है तो जहान है के स्थान पर जान भी और जहान भी होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केन्द्र और राज्यों के संयुक्त प्रयासों से कोविड-19 का प्रकोप घटाने में मदद मिली है, लेकिन अब स्थिति तेजी से बदल रही है और सतर्कता जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगले तीन-चार सप्ताह वायरस के प्रभाव को जानने के लिए महत्वपूर्ण हैं। मोदी ने कहा कि भारत में आवश्यक दवाई की पर्याप्त आपूर्ति है और अग्रिम पंक्ति में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए जरूरी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कालाबाजारी और जमाखोरी करने वाले लोगों को सख्त चेतावनी दी। डॉक्टरों और चिकित्सकर्मियों पर हमले और पूर्वोत्तर तथा कश्मीर के छात्रों के साथ बुरे बर्ताव की कड़ी आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए। उन्होंने लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर काबू करने तथा परस्पर दूरी बनाये रखने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा मजबूत करने और रोगियों तक टेलीमेडिसन के जरिये पहुंचने को भी कहा। उन्हांेने सुझाव दिया कि कृषि उपज की डायरेक्ट मार्केटिंग करने से मंडियों में भीड़ को रोका जा सकता है। इसके लिए कृषि उत्पाद मंडी समिति प्रावधानों में सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की मदद हो सकेगी। प्रधानमंत्री ने आरोग्य सेतु एप को लोकप्रिय बनाने को कहा। उन्होंने इसके लिए दक्षिण कोरिया और सिंगापुर में मिली सफलता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके अनुभव से भारत ने इस एप के माध्यम से यह प्रयास किया है। इस एप को ई-पास के रूप में इस्तेमाल संभावना तलाशने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि यह एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा करने में सहायक होगा।
आर्थिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संकट आत्मनिर्भर बनने और देश को आर्थिक शक्ति बनाने का एक मौका है। बैठक में मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों की स्थिति के बारे में अवगत कराया और महामारी को काबू करने के उपाय, स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में सुधार प्रवासी मजदूरों की मदद और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाये रखने के कदमों की जानकारी दी।

कोरोना संक्रमण से वॉरियर्स की जीवन क्षति होने पर सीएम कोष से आश्रितों को मिलेगा 10 लाख

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर निर्णय किया गया है कि कोविड- 19 कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम और बचाव कार्यों में लगे सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों (संविदा, आउटसोर्स आदि) एवं सभी कोरोना वारियर्स जो कि कोविड-19 कोरोना संक्रमण से बचाव एवं राहत कार्यों में तैनात हैं, यदि वे संक्रमित होते हैं तो उनके उपचार का व्यय राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। उनके जीवन की क्षति होने पर उनके आश्रित को मुख्यमंत्री राहत कोष से सीधे 10 लाख रूपए दिए जाएंगे।

उधर, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर कोरोना वायरस की रोकथाम हेतु चिह्नित किए गए राजकीय मेडिकल कॉलेजों को सुदृढ़ किए जाने और उनकी क्षमता में वृद्धि किए जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री राहत कोष से चिकित्सा शिक्षा विभाग को 10 करोङ रूपए अवमुक्त किए गए हैं।

दानवीरों में अब चमोली की देवकी भंडारी का भी होगा जिक्रः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि चमोली जनपद की गौचर निवासिनी देवकी भंडारी ने अपने नाम को चरितार्थ किया है। उन्होंने वैश्विक संकट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पीएम केयर फंड में 10 लाख रुपए की अपनी सारी पूंजी देकर जरूरतमंदों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। इस भरत भूमि में दानवीर कर्ण और राजा बलि की दानवीरता की कहानियाँ हमने सिर्फ किताबों में पढ़ी थी लेकिन आज साक्षात देख भी ली है। निस्वार्थ भाव से सब कुछ त्याग और दान देने की हमारी भारतीय संस्कृति को पुनर्जीवित करते हुए देवकी ने अकेले होकर भी पूरे भारतवर्ष को अपना परिवार समझा और हमारे सामने एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया। नारी शक्ति के रूप में हम सबके लिए बहुत बड़ी प्रेरणा हैं। कोरोना से लड़ने के लिए ऐसा हर एक प्रयास इस जंग को मजबूत करेगा।

वहीं, एसोसिएशन ऑफ फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरर्स, रानीपुर, हरिद्वार के अध्यक्ष संदीप जैन ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 7,51,000 (सात लाख इक्यावन हजार) का चेक भेंट किया। इसके साथ ही, संजीवनी यूए सिविल सर्विसेज उत्तराखण्ड की अध्यक्षा निपुनिका सिंह ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष में दो लाख रूपये का चेक भेंट किया।

एक दिन के वेतन का चेक सौंपा
उत्तराखंड वन विकास निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए एक दिन के वेतन के योगदान के रूप में 25,72,548 रुपए का चेक दिया है। यह चेक वन मंत्री हरक सिंह रावत एवं प्रबंध निदेशक मोनिष मल्लिक ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को सौंपा। उन्होंने पीएम केयर्स फंड के लिए भी पांच लाख रुपए का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा।

इसी क्रम में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष में एक लाख दो हजार रुपए का चेक दिया। इससे पूर्व भी उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष में एक लाख रुपए का चेक दिया था।

शाक्य बौद्ध समुदाय ने 23 लाख की राशि दी
शाक्य बौद्ध समुदाय ने मुख्यमंत्री राहत कोष में कुल 23 लाख रूपये की राशि दी गई है। शाक्य बौद्ध समुदाय की ओर से आध्यात्मिक नेता एचएच शाक्यृत्जीन, एचएच रत्ना वज्र शाक्य और एचएच ज्ञान वज्र शाक्य ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को उक्त राशि के चेक भेंट किए। कुल 23 लाख रूपये की राशि में से एचएच शाक्यृत्जीन, एचएच रत्ना वज्र शाक्य और एचएच ज्ञान वज्र शाक्य द्वारा 3 लाख रूपये, डोलमा फोड्रांग द्वारा 3 लाख रूपये, न्गोर पाल एवाम चोडान द्वारा 3 लाख रूपये, शाक्य कालेज द्वारा 3 लाख रूपये, द ग्रेट शाक्य मोनलाम फाउंडेशन द्वारा 5 लाख रूपये, शाक्य ननरी द्वारा 3 लाख रूपये और शाक्य सेंटर द्वारा 3 लाख रूपये का अंशदान किया गया है।

घर बैठे गैजेट्स पर पढ़़ाई कर सकेंगे छात्र, श्रीदेव सुमन विवि ने जारी की व्यवस्था

श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध 53 राजकीय महाविद्यालयों और 114 निजी कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं लॉकडाउन के दौरान घर बैठे ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। विवि प्रशासन ने वेबसाइट पर विभिन्न एजुकेशलन साइट्स, प्रोफेशनल संस्थानों के लिंक शेयर किए हैं।

लॉकडाउन के चलते श्रीदेव सुमन विवि सेमेस्टर परीक्षाओं का केंद्रीय मूल्यांकन नहीं कर पा रहा है। कॉलेज बंद होने के कारण छात्र-छात्राएं भी पढ़ाई से वंचित हैं। कुलपति डा. पीपी ध्यानी और कुछ कर्मचारी लॉकडाउन पीरियड में सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए कार्यालय में जरूरी कामकाज निपटाने पहुंच रहे है।

कुलपति डा. ध्यानी का कहना है कि लॉकडाउन में छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करने में कोई दिक्कतें न हो, इसके लिए देश-दुनिया के टॉप विश्वविद्यालय, बिजनेस संस्थान, जॉब सीकर वेब, समाचार एजेंसियों के लिंक विवि की वेबसाइट पर विवि प्रशासन ने हाइपर लिंक कर दिया है। अब छात्र-छात्राएं घर बैठे पीसी, लैपटॉप, मोबाइल, टैबलेट पर इन लिंकस को खोलकर अपडेट रह सकते हैं।

उन्होंने कालेजों के प्राचार्यों और निदेशकों को लॉकडाउन के दौरान छात्र-छात्राओं से निरंतर संवाद बनाए रखने को कहा है। कहा कि छात्रों की कोई भी समस्या हो तो उन्हें सोशल नेटवर्किंग साइट्स, ई-मेल, व्हाट्स एप, ट्वीटर आदि माध्यम से हल करें। कुलपति का कहना है कि यदि लॉकडाउन पीरियड लंबा खिंचता है, तो सेमेस्टर परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने शिक्षकों के घरों पर ही भेजे जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने छुपने वाले और छुपाने वाले दोनों पर सख्त एक्शन लेने के निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर रात्रि 9 बजे अपने आवास में दीपक प्रकाशित किए। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को भी उनके सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि कोरोना वायरस से संघर्ष में इससे अवश्य ही हम सभी का उत्साह बढ़ेगा। पूरे देश ने जिस संयम और एकजुटता का परिचय दिया है, वह प्रेरणादायक है। हम अपने आत्मबल की शक्ति से कोरोना वायरस के खिलाफ लङाई में जरूर जीतेंगे। बस हमें निराश नहीं होना है, धैर्य और संयम बनाए रखना है, घर पर रहना है, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखनी है और सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करना है।

वहीं, दिनभर के घटनाक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा है कि कोरोना वायरस को रोकने में प्रशासनिक कार्यवाही का विरोध करने वालों पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के तहत कङी कार्रवाई की जाएगी। क्वारेंटाईन किए गए लोग अगर छुपते हैं या कोई उन्हें छुपाते हैं तो छुपने वाले व छुपाने वाले दोनों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी जानकारी मिली है कि कुछ लोगों ने सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है। उन्हें सख्त हिदायत दी जाती है कि सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने पर चार गुना वसूली की जाएगी। कुछ छिटपुट जगहों पर लोग अफवाहो के बहकावे में भी आए हैं। प्रदेशवासियों से अनुरोध है अफवाहो में न आएं और केवल सरकारी प्रामाणिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। स्वास्थ्य विभाग समय समय पर गाइडलाइन जारी करता है जिसे मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोग कोरोना वायरस से लङाई में जुटे हैं। कुछ लोगों को इनकी तपस्या को बेकार करने नहीं दिया जाएगा।

कोरोना वायरस बचाव कार्यों में जो सहयोग न करें, सख्त कार्रवाई की जाए

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की स्थिति के संबंध में अपने आवास पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाऊन खुलने की स्थिति में भीङ को रोकने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कार्य योजना तैयार कर ली जाए। कोरोना वायरस से बचाव कार्यों में जो लोग सहयोग नहीं करते हैं उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। लोग सरकार का साथ दें, इसके लिए सभी धर्मगुरूओं और समाज के प्रबुद्धजनों का सहयोग लिया जाए। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव अमित नेगी, नितेश झा व एडीजी वी विनय कुमार उपस्थित थे।

सीएम ने की अपील, पांच अप्रैल के पीएम के आह्वान को बनाएं सफल
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर कोरोना वायरस के खिलाफ लङाई में एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए 05 अप्रैल 2020 को रात 9 बजे 9 मिनट के लिए अपने घरों में लाईट बंद कर चार दीपक प्रकाशित करने का आग्रह किया है। यदि दीपक न हो तो मोमबत्ती, टार्च या मोबाईल की फ्लैश लाईट भी जला सकते हैं। हम सभी दीपक जलाकर कोरोना वायरस से लङने में अपनी एकजुटता और दृढ़ संकल्प का परिचय दें। परंतु हमें कुछ बातों का भी ध्यान रखना है। प्रधानमन्त्री ने केवल घरेलू लाईट बंद करने के लिए कहा है। बिजली के अन्य उपकरणों जैसे टीवी, फ्रिज आदि को बंद नहीं करना है। इसी प्रकार आवश्यक सेवाओं में भी लाइट बंद नहीं होगी। स्ट्रीट लाइट भी जली रहेंगी। अति उत्साह में पूरे सोसायटी, अपार्टमेंट या घर के मेन वितरण प्रणाली से बिजली आपूर्ति बंद न करें। घर से बाहर न निकलें और न ही इकट्ठे हों।

कोराना वायरसः विधायक कंडारी ने दिया एक माह का वेतन

देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में सहायता राशि के रूप में एक माह का वेतन दिया है। कोविड-19 के दृष्टिगत उत्तराखंड बीज प्रमाणीकरण संस्था देहरादून, की ओर से भी मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख की धनराशि दी गई। यह जानकारी अध्यक्ष, उत्तराखंड बीज प्रमाणीकरण संस्था राजवीर सिंह ने दी है। वहीं, पूर्व अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी अरुण कुमार सूद ने भी 11 हजार की धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष में दी है।

उधर, कोविड-19 के दृष्टिगत जनजाति कल्याण निदेशालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की हैं। यह जानकारी निदेशक जनजाति कल्याण सुरेंद्र चंद्र जोशी ने दी। इसी क्रम में नुनावाला निवासी यशवंत सिंह रावत ने दो लाख रूपए का चेक एवं मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल सिंह रावत ने 21 हजार का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया है।

कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने असहाय लोगों की मदद को की एंबुलेंस बुक, भेजा घर

देहरादून पुलिस ने समाजसेवियों की सहायता से एंबुलेंस बुक कराकर एम्स अस्पताल में पेनक्रियाज के फेल होने व पैरालाइसिस से पीड़ित को पीलीभीत उत्तर प्रदेश स्थित घर भेजा। वहीं, दूसरी एंबुलेंस से कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को पौड़ी जनपद स्थित घर भेजा है।
कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि एम्स अस्पताल ऋषिकेश में पेनक्रियाज के फेल होने व पैरालाइसिस पीड़ित 65 वर्षीय बशीर अहमद पुत्र अब्दुल्ला निवासी माधवपुर थाना अमरिया तहसील उमरिया जिला पीलीभीत उत्तर प्रदेश को 28 मार्च 2020 को भर्ती कराया गया था। लॉकडाउन के चलते वह वापस नहीं जा पा रहे थे। इस पर स्थानीय लोगों की मदद से पीलीभीत के लिए एंबुलेंस बुक करवाकर भेजा गया है।
वहीं, कैंसर रोग से पीड़ित 36 वर्षीय योगम्बर सिंह पुत्र चतर सिंह निवासी ग्राम देवरी जिला पौड़ी गढ़वाल का इलाज चल रहा था। उन्हे ं18 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कोतवाल ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है और इलाज के दौरान इसका एक पैर काटा गया है। उनके साथ पत्नी और तीन साल की बेटी भी है। लॉकडाउन के चलते उन्हें गांव जाने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में पुलिस ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इस पर स्थानीय समाजसेवियों की मदद से उक्त व्यक्ति को रविवार का ेआवश्यकतानुसार राशन और एंबुलेंस से घर भेजा गया।

31 मार्च की सुबह सात से सायं आठ बजे तक एक जिले से दूसरे जिले जाने की मिली छूट

प्रदेश के भीतर जो लोग एक जिले से दूसरे जिले में जाना चाहते हैं, वे लोग 31 मार्च को सुबह 7 बजे से सांय 8 बजे तक जा सकेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने यह जानकारी देते हुए बताया कि केवल मंगलवार 31 मार्च के लिए ही यह अनुमति होगी। एक दिन का यह विंडो इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि जगह-जगह से ऐसी बातें आ रही थी कि बहुत से लोग अपने काम से आए हुए थे और लॉकडाऊन के कारण अपने घर से बाहर फंसे हैं। बसों व टैक्सियों को सेनेटाइज करवाया जाना होगा। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जाना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुबह सात से दोपहर एक बजे तक आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को खोलने की व्यवस्था का अच्छा रेस्पोंस मिला है। इससे लोगों में घबराहट खत्म हुई है, भीङ भी नहीं हो रही। लोग भी अब समझने लगे हैं। इसलिए इसी व्यवस्था को जारी रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली में जो उत्तराखंडवासी फंस गए हैं उनके लिए उत्तराखंड सदन ओपन कर दिया गया है। वहां उनके भोजन, मेडिकल आदि व्यवस्था है।

इसी प्रकार मुम्बई में भी उत्तराखंड भवन को लॉकडाऊन में फंसे उत्तराखंड के लोगों के लिए ओपन किया गया है। उन्होंने बताया कि हम दो तीन दिन में 500 चिकित्सकों की भर्ती करने जा रहे हैं। इससे हमारे यहाँ चिकित्सक पर्याप्त संख्या में हो जाएंगे। सीएम ने बताया कि पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र और वाहन चालकों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण के लिए एक माह की छूट दी गई है।