खुद ही के लिये कब्र तैयार कर रहा पाकिस्तान

भारत लगातार अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने के लिए आगाह करता रहता है और आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देना बंद करने के लिए कहता रहा है। अब पाकिस्तान को यही चेतावनी विश्व जगत से भी मिली है। फ्रेजाइल स्टेट्स इंडेक्स की 2017 की रिपोर्ट में पाकिस्तान को उन 20 असफल देशों की फेहरिस्त में रखा गया है, जिन्हें खुद की सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए।

अब पाकिस्तान को दुनिया के शीर्ष 20 फ्रेजाइल स्टेट्स में शामिल होने के बाद यह समझना होगा कि जिस आतंकवाद को वह अपने पड़ोसी देश भारत को परेशान करने के उद्देश्य से इस्तेमाल करता रहा है, वह खुद उसके लिए नासूर बन चुका है। यह इंडेक्स इसी ओर इशारा करता है।

अमेरिका की पाक को चेतावनी

अमेरिका भी पाकिस्तान को आतंकवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने और आतंकवाद को अपनी जमीन से खत्म करने के लिए कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी देता रहा है। हाल ही में अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने के लिए एक प्रस्ताव भी पेश किया गया था।

हाल ही में भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने पाकिस्तानी नेतृत्व से सख्त लहजे में कहा कि वो आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करे, वरना अमेरिका खुद पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा था कि पाकिस्तान आतंकवादियों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है।

स्मृति दिवस पर सीएम ने दी शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को पुलिस लाईन में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पुलिस कार्मिकों के लिए और अधिक आवासीय भवनों के निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल का मनोबल और उनकी कार्य क्षमता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि उन्हें अच्छी आवासीय व्यवस्था उपलब्ध हो। भारत सरकार से अनुरोध करने के साथ-साथ राज्य सरकार के बजट से भी पुलिस कार्मिकों की आवासीय व्यवस्था को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पुलिसकर्मियों की आवासीय व्यवस्था 18 प्रतिशत है जबकि राष्ट्रीय औसत 25 प्रतिशत है, अतः राज्य सरकार पुलिसकर्मियों की आवासीय व्यवस्था में सुधार करने हेतु प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में गोवंश तस्करी के बढ़ते मामलों की शिकायत पर पुलिस महानिदेशक को हरिद्वार के लिए एक विशेष स्क्वायड गठित करने का निर्देश दिया। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया और वीर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने वीर शहीदों के परिजनों के प्रति भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित परेड की सलामी भी ली। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष पुलिसकर्मियों के कल्याणार्थ सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। पुलिस विभाग की कार्य क्षमता को बढ़ाने और कंपल्सिव करप्शन को जड़ से समाप्त करने के लिए थाना स्तर पर विभिन्न कामों हेतु 03 करोड़ की धनराशि का स्पेशल फंड बनाया गया है। पुलिस विभाग के कार्मिकों को विशिष्ट वीरता का प्रदर्शन करते समय वीरगति प्राप्त होने पर पूर्व में दी जाने वाली राशि को रुपए 10 लाख से बढ़ाकर रुपए 15 लाख कर दिया गया है। हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल स्तर के समस्त पुलिसकर्मियों को दिया जाने वाला मोटर साईकल भत्ता रू.400 से बढ़ाकर रू.1200 प्रतिमाह करने की स्वीकृति दी गई है। पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, नरेंद्र नगर और सशस्त्र प्रशिक्षण केंद्र, हरिद्वार में नियुक्त प्रशिक्षकों को मूल वेतन का 15 प्रतिशत प्रशिक्षण भत्ता अनुमन्य किया गया है। कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और मादक पदार्थों की रोकथाम हेतु 02 नए थाने और एक रिपोर्टिंग पुलिस चौकी की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल “सभी को न्याय“ और “कानून के समक्ष समानता“ के आधार पर काम करें। सभी पुलिसकर्मी, पुलिस विभाग की ऐसी छवि बनाएं कि वर्दी में खड़े किसी कर्मी को देख पर्यटक और जनता अपने को सुरक्षित महसूस करें। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद और आतंकवाद की चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में यह खतरा कुछ संगठित आतंकवादी संगठनों से है जिनसे निपटने के लिए पुलिस विभाग को हर समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में गत वर्ष संपूर्ण भारत में कुल 379 शहीद पुलिस कर्मियों का भाव पूर्ण स्मरण करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी। इन शहीद पुलिसकर्मियों में उत्तराखंड के एक निरीक्षक और 06 कॉन्स्टेबल भी सम्मिलित हैं। उत्तराखंड पुलिस के जिन 07 पुलिस कर्मचारियों-अधिकारियों ने ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी है उनमें कॉन्स्टेबल नरेंद्र सिंह, कांस्टेबल कलम सिंह, कॉन्स्टेबल नरेंद्र कुमार, कांस्टेबल रविंद्र सिंह कुंवर, कॉन्स्टेबल सत्येंद्र सिंह नेगी, कॉन्स्टेबल नीतीश कुमार और निरीक्षक राम कुमार जुयाल शामिल है। पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने बताया कि देश में शहीद हुए अधिकांश पुलिसकर्मी नक्सली, आतंकवादी और उग्रवादी घटनाओं में शहीद हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इस वर्ष चिकित्सा प्रतिपूर्ति के अंतर्गत कुल 392 कार्मिकों के लिए एक करोड़ 83 लाख की धनराशि का भुगतान किया गया। व्यक्तिगत बीमा योजना के अंतर्गत मृत पुलिसकर्मिकों के आश्रितों के लिए रु. 12.5 लाख का भुगतान किया गया। 29 मृतक आश्रितों को कांस्टेबल और 3 मृतक आश्रितों को चतुर्थ श्रेणी पद पर नियुक्त किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों और अतिथियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

त्रिवेंद्र सरकार दिव्यांगों की हर सम्भव मदद के लिए तैयार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एएनएम घोष ऑडिटोरियम ओएनजीसी में आईवीवाई मेमोरीयल इण्टीग्रेटिड एजुकेशन सोसायटी द्वारा आयोजित दिव्यांग विद्यार्थियों के उत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उत्तराखंड में प्रथम बार आयोजित दो दिवसीय दिव्यांग टैलेंट शो दिव्यांगोत्सव में कई स्कूलों और संस्थाओं के बच्चों ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि समय के साथ समाज एवं माता-पिता की दिव्यांगों के प्रति सोच बदली है। आधुनिकतम तकनीकी के प्रयोग और नवाचारों से दिव्यांग स्कूलों में अध्यापको ने बच्चों को हर खुशी देने का सराहनीय प्रयास किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दिव्यांगों की हर सम्भव मदद के लिए तैयार है। दिव्यांगों को बसों में आनेजाने के लिए सहायक की आवश्यकता न पड़े इसके लिए इसके लिए अधिकारियों को समाधान निकालने के निर्देश दिये गये हैं। राज्य में विभिन्न चयन संस्थाओं द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले दिव्यांग अभ्यर्थियों हेतु सुविधा प्रदान किये जाने, परीक्षा केन्द्र बहुमंजिले भवन में होने की स्थिति में दिव्यांग अभ्यर्थियों को भवन के भूतल स्थित कक्ष में ही सीट आवंटित किये जाने एवं परीक्षा केन्द्र जनपद मुख्यालयों में रेलवे स्टेशन अथव बस स्टेशन के समीप बनाए जाने के आदेश जारी कर दिये गए हैं। आवश्यकतानुसार उनकी सुगमता हेतु रैम्प आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। दिव्यांगोत्सव में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने विभिन्न स्कूलों से आये दिव्यांग छात्र-छात्राओं में, चित्रकला, संगीत, ग्रुप डांस एवं अन्य प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कृत भी किया। आई.आई.टी. रूडकी की अनुश्रुति संस्था को सर्वश्रेष्ठ संस्था का पुरस्कार मिला। इस अवसर पर एग्लो इंडियन विधायक जार्ज आईवन ग्रेगरी मैन एवं विभिन्न स्कूलों से आये दिव्यांग छात्रों के शिक्षक उपस्थित थे।

अन्ना जल्द शुरू करेंगे जनआंदोलन

जनलोकपाल के लिए आंदोलन करने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे अब मोदी सरकार के खिलाफ विरोध का बिगुल बजाने वाले हैं। लोकपाल की नियुक्ति न होने के चलते अन्ना ने आंदोलन का ऐलान किया है। रायपुर में अन्ना हजारे ने कहा है कि वो जल्द ही मोदी सरकार के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा करेंगे। उन्होंने कहा, केंद्र में नई सरकार को साढ़े तीन साल हो गए, बावजूद इसके अब तक लोकपाल की नियुक्ति नहीं की गई है।
व्यक्ति या पार्टी के खिलाफ नहीं
इस ऐलान के साथ ही अन्ना ने ये भी साफ कर दिया कि वह किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है।. मगर, लोकपाल की नियुक्ति में देरी स्वीकार्य नहीं है।
अन्ना ने ये भी साफ किया कि उन्होंने कभी किसी राजनीतिक दल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन नहीं किया। अन्ना ने कहा, मैंने हमेशा राष्ट्रहित में आवाज उठाई है।
देश की अर्थव्यवस्था बिगड़ी
अन्ना हजारे ने लोकपाल के अलावा देश की अर्थव्यवस्था पर भी टिप्पणी की। अन्ना ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था हर दिन बिगड़ती जा रही है। जिसके चलते महंगाई बढ़ रही है।
हाल ही में गांधी जयंती के अवसर पर अन्ना हजारे दिल्ली पहुंचे थे। यहां राजघाट पर बापू को श्रद्धांजलि देने के बाद उन्होंने एक दिन का सत्याग्रह किया था। जिसके बाद उन्होंने जनलोकपाल का मुद्दा फिर से उठाने की बात कही थी। अन्ना ने ये भी कहा था उनके आगामी आंदोलन में वही लोग हिस्सा लें, जिन्हें भविष्य में राजनीतिक दल में न जाना हो। इसके लिए उन्होंने आंदोलन में शामिल होने वालों से बाकायदा एफिडेविट मांगने की बात कही है।

पहला गांव होगा, यूपी सीएम चकबंदी वाला

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के पौड़ी जिले में स्थित पैतृक गांव पंचूर को चकबंदी के लिए चुना गया है। यह फैसला उत्तराखंड सरकार द्वारा लिया गया है। यमकेश्वर का एक गांव पंचूर प्रदेश का पहला ऐसा गांव होगा, जहां चकबंदी प्रक्रिया शुरू की गई है।
डीएम पौड़ी सुशील कुमार विभागीय टीम को लेकर पंचूर गांव पहुंचे। यहां उन्होंने चकबंदी कार्य की विधिवत शुरुआत की। उन्होंने कहा कि जनपद पौड़ी के पंचूर गांव से चकबंदी कार्य शुरू किया गया है। चकबंदी लागू होने से ग्रामीण किसानों की बिखरी हुई जोत एक हो जाएगी। अलग-अलग स्थानों पर उनकी भूमि का एक ही स्थान पर एकीकरण कर दिया जाएगा।
जिससे ग्रामीण किसान को कृषि, विपणन, परिवहन कई मामले में लाभ पहुंचेगा। इस मौके पर यमकेश्वर के ब्लॉक प्रमुख कृष्णा नेगी ने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गांव और यमकेश्वर में बसे इस गांव को चकबंदी के लिए चुना जाना क्षेत्र वासियों के लिए सम्मान की बात है। डीएम ने कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। जिलाधिकारी तहसील मुख्यालय विथयानी में आयोजित तहसील दिवस में भी जनसमस्याएं सुनेंगे और दिव्यांग जनों को प्रमाणपत्र वितरित करेंगे।

उत्तराखंड ग्रामीण क्षेत्र में शौच से मुक्त होने वाला चौथा राज्यः त्रिवेन्द्र

राज्यपाल डॉ.कृष्ण कान्त पाल एवं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ’स्वच्छता ही सेवा‘ कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। स्वच्छता अभियान के व्यापक प्रचारप्रसार एवं जन जागरूकता के लिए राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने गढ़वाल एवं कुमांऊ के लिए एकएक स्वच्छता रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। राज्यपाल ने कहा कि जन और देश हित में 02 अक्टूबर 2014 को सम्पूर्ण भारत में स्वच्छता की शपथ ली गई। उसके बाद समयसमय पर स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ऊर्जा देने की आवश्यकता है। ताकि स्वच्छता मिशन के लक्ष्य में किसी भी प्रकार का भटकाव न आए। राज्यपाल ने कहा कि पिछले तीन सालों में विश्वविद्यालयों ने स्वच्छता अभियान पर अच्छा कार्य किया है। गोविन्द बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय ने स्वच्छता के मामले में देश के सभी विश्वविद्यालयों में से प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि अन्य संस्थाओं, स्कूलों को भी इससे प्रेरित होकर इस अभियान को आगे बढ़ाना होगा। इस स्वच्छता पखवाड़े में 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री के जन्म दिवस के अवसर पर सेवा दिवस, 25 सितम्बर को पं.दीन दयाल उपाध्याय के जन्म शताब्दी के अवसर पर सर्वत्र स्वच्छता दिवस एवं 02 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत दिवस के रूप में मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन एवं नए भारत के लक्ष्य को हम सबको गम्भीरता से लेना होगा। मोहल्लों एवं गांवों से एम्बेस्डर बनकर इस अभियान को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड ग्रामीण क्षेत्रों में शौच से मुक्त(ओ.डी.एफ) होने वाला देश का चौथा राज्य है। मार्च 2018 तक राज्य के शहरी क्षेत्र को भी पूर्ण रूप से ओ.डी.एफ करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए सरकार के कार्यक्रमों में सबका योगदान जरूरी है। स्वच्छता मिशन को सफल बनाने के लिए जन सहयोग एवं सहभागिता के साथ ही सबको व्यक्तिगत प्रयास भी करने होंगे। पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि पिछले 03 वर्षों से शीर्ष पदाधिकारियों से लेकर गांव के अन्तिम व्यक्ति तक सभी लोग स्वच्छता अभियान से जुड़े हैं। किसी भी अभियान को सफल बनाने के लिए समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

राज्य में विद्युत कटौती न्यूनतम करने को हो रहा मूल्यांकन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देशों के क्रम में लोगों को बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने तथा विद्युत कटौती न्यूनतम करने के उद्देश्य से राज्य में हर दिन प्रत्येक विद्युत वितरण खण्ड में विद्युत आपूर्ति कितनी बार गई व कितनी देर के लिए गई का मूल्यांकन किया जा रहा है। सचिव ऊर्जा राधिका झा ने बताया कि प्रतिदिन विद्युत आपूर्ति रिपोर्ट का अनुश्रवण किया जा रहा है तथा इसके आधार पर विद्युत आपूर्ति गुणवत्ता के क्रियान्वयन को अधिकारियों की वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट में शामिल किया जायेगा। इससे अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति में सुधार लाने के लिये व्यक्तिगत रूप से कार्य करना आवश्यक होगा। सचिव झा ने सभी अधीक्षण अभियन्ताओं एवं अधिशासी अभियन्ताओं को निर्देश दिये है कि दैनिक रूप से विद्युत बाधा का अनुश्रवण किया जाय और विद्युत आपूर्ति में कम से कम कटौती की जाय। उन्होंने बताया कि ऊर्जा विभाग द्वारा यह योजना राज्य में प्रथम बार लागू की गई है तथा विभाग द्वारा इस दिशा में विशेष कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है, जिसके फलस्वरूप विगत वर्ष में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में माह अप्रैल से जुलाई(चार माह) में प्रणाली में कुल औसतन विद्युत व्यवधान 268 के सापेक्ष घटकर 241 हो गया है तथा इन विद्युत व्यवधानों की अवधि 12586 मिनट से घटकर 9386 मिनट हो गयी हैं। अतः विगत वर्ष की तुलना में सम्मानित विद्युत उपभोक्ताओं को 3200 मिनट अधिक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हुई है, यद्यपि ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी क्षेत्रों के सापेक्ष अभी अपेक्षाकृत कम सुधार आया है। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यृत आपूर्ति में बाधा की सूचना व्यक्ति विशेष द्वारा(मैनवली) दी जाती है तथा शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट से कम विद्युत बाधित सूचना की गणना नहीं की जाती है। उन्होंने बताया कि सभी विद्युत वितरण खण्डों की रेटिंग इन मानकों के आधार पर करना भी प्रारम्भ किया गया है, इससे कमी वाले क्षेत्रों को लक्षित कर विशेष कार्य योजना बनाने तथा क्रियान्वयन में आसानी होगी एवं आपसी प्रतिस्पर्धा से कर्मी स्वयं भी विद्युत आपूर्ति में सुधार हेतु प्रोत्साहित होंगे।

कृषि आय के साथ एलाइड सेक्टर्स में भी फोकस

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों के साथ 2022 तक किसानों की आय दो गुनी करने की कार्ययोजना की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनपदों में क्लस्टरवार कृषि को प्रोत्साहित किया जाय। फसलों की उत्पादकता बढ़ानी होगी, इसके लिये उन्नत किस्म के बीजों तक किसानों की पहुंच बनानी होगी। जिलाधिकारी, क्लस्टर्स के अनुसार वहां पैदा होने वाली फसलों का अध्ययन कर, उन्नत बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। सरकार के कई विभाग और विभिन्न परियोजनाएं कृषि तथा एलाइड क्षेत्रों में काम कर रही है, इन सभी को एक समग्र कोआर्डिनेटेड प्रयास करने की जरूरत है। सीएम ने जनपद स्तर पर सभी संबन्धित विभागों की कोर्डिनेशन कमेटी बनाने के निर्देश भी दिये। जिस क्लस्टर में जो फसल या उत्पाद चिन्हित हो उससे जुड़े सेक्टर में लोगों को स्किल डेवलेपमेंट योजना के अन्तर्गत प्रशिक्षित भी किया जाय। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ने कहा कि कृषि आय को दोगुना करने के लक्ष्य हेतु सभी संबन्धित सभी शासनादेशों एवं गाइडलाइन्स का एक संकलन तैयार कर न्याय पंचायत स्तर तक भेजा जाये। उन्होंने हर गांव के लिये एक माइक्रो प्लान और पर्सपेक्टिव प्लान बनाने को भी कहा। प्रमुख सचिव ने कहा कि मनरेगा, आईफैड, ग्राम्या और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के कई प्रावधानों के अन्तर्गत जिलाधिकारी, जनपदों में आजीविका संसाधन सृजित कर किसानों की मदद कर सकते है। कृषि सचिव ने कहा कि सभी जिलाधिकारी, अपने जनपदों में क्लस्टरवार मॉडल डी.पी.आर. बनायें। कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी, जो कि कृषि विषय में पोस्ट ग्रेजुएट तक हैं, उनका उपयोग करें। कृषि के साथ एलाइड सेक्टर्स में भी फोकस करें। पुष्प उत्पादन मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन का प्रदेश में बड़ा स्कोप है। उत्तराखण्ड हर वर्ष 125 करोड़ रूपये का शहद निर्यात कर रहा है। इस अवसर पर सभी जिलाधिकारियों ने अपने-अपने जनपदों से प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी दी।

अब स्थानीय भाषा में भी दर्ज हो सकेगी शिकायत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में समाधान पोर्टल हेतु स्मार्ट आई.वी.आर.(इंटरैक्टिव वॉयस रेस्पॉन्स) सिस्टम के माध्यम से सार्वजनिक शिकायतों को मोबाईल/दूरभाष पर प्राप्त कर उनका निस्तारण किये जाने सम्बन्धी सेवा का शुभारम्भ किया। जन समस्याओं और सुझावों को और अधिक सुगम बनाने के लिए कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नम्बर 1905 पर फोन कर अपनी शिकायत या सुझाव को पंजीकृत करा सकते है। इसके लिए शिकायतकर्ता को अपना नाम, पता, मोबाईल नम्बर एवं शिकायत का विवरण देना होगा। शिकायत एन.आई.सी. के पोर्टल पर दर्ज हो जायेगी। उसके बाद शिकायत, सम्बन्धित विभाग को भेजी जायेगी। जिसका सम्बन्धित विभाग द्वारा 10 दिन के अन्दर फीडबैक दिया जायेगा। आईवीआर सिस्टम के तहत एक साथ 15 लोग शिकायत/सुझाव दर्ज करा सकते हैं। इसमें लोग स्थानीय भाषा में भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। जिसके लिए अनुवाद की व्यवस्था भी रहेगी। त्रिवेन्द्र ने कहा कि समाधान पोर्टल पर आई.वी.आर. सिस्टम के होने से जनसमस्याओं के निवारण में तेजी आयेगी। समस्याओं के निवारण के लिए सम्बन्धित विभागों की जिम्मेदारी तय रहेगी। इससे प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों की समस्याएं पहुंचेगी तथा सुझाव भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अच्छी बात है कि आई.वी.आर. सिस्टम में स्थानीय बोलियों को भी सम्मिलित किया गया है।

ईद उल अजहा में नमाज को खुले गुरूद्वारे

जहां एक और धर्म, मजहब के नाम पर रार मची है। वहीं देवभूमि उत्तराखंड में धार्मिक सहिष्णुता की नजीर पेश हुई है। आदि गुरु शंकराचार्य की तपस्थली जोशीमठ में गुरुद्वारे में ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज मुस्लिम भाईयों ने पढ़ी। बारिश और ठंड को देखते हुए गुरुद्वार प्रबंधन ने नमाज पढ़ने के लिए गुरुवारे के द्वार खोल दिए।
जानकारी के अनुसार चमोली जिले के जोशीमठ में रात भर से भारी वर्षा और ठंड हो रही है। ईद के मौके पर मुस्लिम समाज के लोग नमाज पढ़ना चाहते थे। लेकिन भारी बारिश से खुले मैदान में नमाज पढ़ना मुश्किल हो रहा था। लगभग 600 लोग नमाज अता करने के लिए गांधी मैदान की तरफ आ रहे थे। बारिश और ठंड को देखते हुये जोशीमठ के गुरुद्वारे प्रबंधक ने मुस्लिम भाईयों से गुरुद्वारे में नमाज अता करने के लिए आमंत्रित किया। सभी मुस्लिम समाज के लोगों ने यहां गुरुद्वारे में नमाज पढ़ी। यहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज पढ़ी। इस दौरान देश की एकता और तरक्की की दुआ मांगी गई। नमाज के बाद अन्य धर्म के लोगों ने भी ईद की मुबारक दी और एक दूसरे के गले लगे।