हाइकोर्ट ने पंचकुला मामले में सरकार को लताड़ा, कहा हर मोर्चे पर रहे नाकाम

डेरा सच्चा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पंचकूला की सीबीआई की एक कोर्ट ने शुक्रवार को रेप के 15 साल पुराने मामले में दोषी माना। बाबा को दोषी ठहराए जाने के तुरंत बाद ही उनके समर्थक उग्र हो गए और हरियाणा-पंजाब समेत 5 राज्यों में उन्होंने तांडव मचाया। हिंसा का सबसे ज्यादा असर पंचकूला में देखने को मिला, जहां 29 लोगों की मौत हो गई। वहीं सिरसा में भी 2 लोगों की जान चली गई.हिंसा पर पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने खट्टर सरकार को लगातार तीसरे दिन जमकर लताड़ा है. कोर्ट ने कहा कि सरकार ने राजनीतिक फायदे के लिए शहर को जलने दिया. ऐसा लगता है कि सरकार ने सरेंडर कर दिया।
इससे पहले शुक्रवार को कोर्ट के फैसले के बाद पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि स्वयंभू बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह के अनुयायियों द्वारा की जा रही हिंसा और आगजनी के कारण हुई क्षति की भरपाई डेरा सच्चा सौदा से कराई जाए। अदालत ने आदेश दिया कि कोई भी राजनीतिक, सामाजिक या धार्मिक नेता कोई भड़काऊ बयान नहीं दे और अगर कोई ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए। पीठ ने आदेश में कहा, स्थिति से निपट रहे अधिकारी बिना भय के और निष्पक्षता के साथ अपना काम करे। अगर कोई अधिकारी कर्तव्य के निर्वहन में चूकता है तो उसके खिलाफ अदालत कड़ी कार्रवाई करेगी।

छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर बागी शिवम ने लहराया परचम, पूर्व में रह चूके हैं विवि प्रतिनिधि

मैं ईश्वर की शपथ खाकर कहता हूं कि मैं अपने कर्तव्यों व जिम्मेदारियों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करूंगा। साथ ही राजकीय ऑटोनॉमस महाविद्यालय में शिक्षा को आगे ले जाने के लिये हर संभव तत्पर रहंूगा। कुछ इसी पंक्ति के साथ राजकीय महाविद्यालय के विजयी उम्मीदवारों ने शपथ ग्रहण समारोह में पद की मर्यादा की कसम खायी। इस वर्ष मतदान का प्रतिशत 79 रहा। जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 3 प्रतिशत आगे रहा।
उत्तराखंड राज्य के एकमात्र ऑटोनॉमस कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई के सर्मिर्थत व एबीवीपी के बागी प्रत्याशी ने अध्यक्ष पद पर कब्जा कर अपने प्रतिद्वंद्वी व एबीवीपी के प्रत्याशी विजय जुगरान को 328 मतो के अंतर से हरा कर एबीवीपी को सबक सिखाया है। वहीं महासचिव पद पर पहली बार मुस्लिम समुदाय से आने वाले व एनएसयूआई के प्रत्याशी इमरान खान ने ऑर्यन के शिखर भंडारी को 101 मतों से पराजित किया। इसी प्रकार उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के प्रत्याशी अजय कुमार जायसवाल 1522 मतो के साथ विजयी रहे। वहीं सह-सचिव पद एबीवीपी के प्रत्याशी कार्तिक शर्मा को 1423 मतो के साथ विजयी घोषित किया गया। कोषाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई की निकिता पंत को 1238 मतों के साथ सफल उम्मीदवार बनाया गया। विश्व विद्यालय पद पर एबीवीपी के रवि कुमार 1256 मतों के साथ विजयी करार दिये गये। वहीं शाम सात बजे सफल उम्मीदवारों को शपथ ग्रहण दिलवायी गयी।
बारिश के दौरान भी कम नहीं हुआ छात्रों का उत्साह
सुबह आठ बजे से मतदान के शुरू होने के दो घंटे यानी दस बजे से बारिश ने अपनी दस्तक दे डाली। बावजूद छात्र-छात्राओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। बारिश के दौरान ही छात्रसंघ चुनाव में लड़ रहे उम्मीदवारों के प्रशंसक कॉलेज परिसर के बाहर नारेबाजी कर समर्थन हासिल करते दिखे।
किसी ने दीदी कहा, तो किसी ने जोड़े हाथ
छात्रसंघ चुनाव के दौरान सभी उम्मीदवार कॉलेज के प्रवेश द्वार के आगे एक पंक्ति में खड़े थे। इस दौरान वह अपने-अपने पक्ष में मत डालने के लिये अपने से छोटी उम्र की लड़कियों को दीदी तक कह रहे थे, तो कोई मतदान को अपने पक्ष में खींचने की कोशिश में हाथ जोड़ता भी दिखा।
चुनाव के दौरान समर्थकों में टकराव की स्थिति भी रही
छात्रसंघ चुनाव में अपने-अपने समर्थकों के पक्ष में नारेबाजी कर रहे छात्र गुटों में टकराव की स्थिति भी बनी। ऑर्यन गुट के समर्थक वोटर को अपने पाले में वोट डलवाने के लिये एक घेरा बनाकर चल रहे थे। इस पर दूसरे गुट के समर्थकों ने घेरा तोड़ना चाहा तो इस दौरान हल्की धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस बल ने भीड़ को मौक्े पर ही अलग-थलग कर मोर्चा संभाला।
नहीं रहा स्वच्छता का ध्यान
एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छ भारत अभियान की मुहिम चला रहे है, तो दूसरी ओर छात्रसंघ चुनाव में समर्थकों ने पोस्टर व पंपलेट से पूरी सड़कों में मानों एक चादर सी बिछा दी हांे।
चुनाव में दिखे बाहरी युवक
छात्रसंघ में भीड़ जुटाने के लिये शहर व आस-पास क्षेत्र के इंटर कॉलेजों व प्राइवेट संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को भी शामिल किया गया था।
शपथ-ग्रहण के बाद जुलुस का मौका दिया
सफल उम्मीदवारों को क्षेत्राधिकारी मंजूनाथ टीसी ने कॉलेज के प्रवेश द्वार से लेकर बड़ी मंडी के समीप लगे बैरिकैडिंग तक जुलुस निकालने की अनुमति दी।
उम्मीदवारों को पुलिस ने गाड़ी में बिठा, छुड़वाया घर
बैरिकैडिंग तक जुलुस निकालने के बाद सीओ मंजूनाथ टीसी के आदेश पर सभी सफल उम्मीदवारों को पुलिस की गाड़ी में बिठा कर सम्मान पूर्वक घर पहुंचाया गया।

मणिपुर के पूर्व सीएम रिशांग नहीं रहे

पहली लोकसभा के सदस्य व मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री रिशांग किशिंग का 22 अगस्त को दिन मंगलवार को निधन हो गया। वे 96 वर्ष के थे। क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में उनका उपचार कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि उनके कई अंगों के काम करना बंद कर दिया था जिस कारण मंगलवार शाम करीब सवा आठ बजे किशिंग का निधन हो गया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता किशिंग वर्ष 1980 से 1988 और वर्ष 1994 से 1997 के बीच मणिपुर के मुख्यमंत्री रहे थे। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एक जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके परिवार में दो बेटे और चार बेटियां हैं। उखरूल जिले के बुंगपा गांव के रहने वाले किशिंग वर्ष 1952 के आम चुनावों में लोकसभा के लिए चुने गये थे।उन्होंने राज्यसभा में भी मणिपुर का प्रतिनिधित्व किया था।
दिल्ली में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके निधन पर शोक जाहिर किया और उन्हें मणिपुर का ‘बड़ा नेता’ बताया। जिनका मानवता, सामाजिक सौहार्द और साफ-सुथरी राजनीति में यकीन था। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी ट्वीट कर उनके निधन पर दुख जताया।
मणिपुर सरकार ने किशिंग के सम्मान में बुधवार को सभी सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों को बंद रखने की घोषणा की है। मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने भी उनके निधन पर दुख प्रकट किया। उनके निधन पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्विटर के जरिये शोक प्रकट किया।

विवादित बयान मामले में केजरीवाल ने कोर्ट में मांगी माफी

अपने विवादित बयानों के लिये जाने जाते दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा से बीजेपी सांसद अवतार सिंह भड़ाना से पटियाला हाउस कोर्ट में लिखित में माफी मांगी है। पटियाला हाउस कोर्ट में भड़ाना ने केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। साथ ही एक करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की थी। सांसद भड़ाना का आरोप है कि केजरीवाल ने उनके संबंध में 31 जनवरी 2014 को एक आपत्तिजनक बयान दिया था। जिसमें उन्होंने कहा कि भड़ाना देश के सबसे भ्रष्ट व्यक्तियों में से एक हैं। इस आपत्तिजनक बयान से भड़ाना को मानसिक क्षति पहुंची है। भड़ाना ने कहा कि वे समाज के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। इस टिप्पणी से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। उन्होंने केजरीवाल को लीगल नोटिस भेज कर अपने बयान को वापस लेने व माफी मांगने की मांग की थी। मगर, केजरीवाल की ओर से ऐसा नहीं किया गया।
सोमवार को कोर्ट में केजरीवाल ने भड़ाना से लिखित मे माफी मांगी है कि अपने सहयोगी के बहकावे में आकर उन्होंने भड़ाना पर आरोप लगा दिए थे। बाद में पता चला कि वो आरोप सही नहीं है, इसलिए वो माफी मांग रहे है। उन्होंने अपने लिखित हलफनामें में कहा है कि उनका भड़ना पर इस तरह के आरोपों को लगा कर उनकी इमेंज को खराब करने का कोई मकसद नही था।

तो क्या एक साल पहले ही हो जाएंगे लोकसभा चुनाव

यूं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक लंबे समय से राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लोकसभा चुनाव के साथ कराने की वकालत करते रहे हैं। ऐसी अटकलें हैं कि अपनी दलील को अमली जामा पहनाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव करीब एक साल पहले ही कराने पर विचार कर रही है। इसके पीछे का गणित कुछ यह है कि बीजेपी की कोशिश है, साढ़े तीन सालों के दौरान किए गए कामों को लेकर जनता के बीच जाएं और उनसे वोट मांगे। बजाय इसके कि वह 20 महीना और इंतजार करें और रोजगारी और किसानों की समस्या हल करने में अपनी असफलता को और उजागर होने दें। केंद्र सरकार को यह भी पता है कि विपक्ष मौजूदा समय में बेहद कमजोर है, लेकिन उसे यह भी साफ दिख रहा है कि विपक्षी दल कांग्रेस अभी भी देश के कुछ हिस्सों में प्रभावी है। दूसरा यह कि हाल ही में मध्य प्रदेश में संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस की स्थिति में जिस तरह सुधार हुआ है। साथ ही पश्चिम बंगाल के निकाय चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने जिस तरह भारी जीत दर्ज की है।वह निश्चित तौर पर बीजेपी के लिए चिंता का सबब होगा। कहीं न कहीं बीजेपी यह भी जानती है कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और गुजरात में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में उसे सत्ता-विरोधी माहौल का सामना करना होगा। ऐसे में अगर पूर्व के चुनावों के मुकाबले पार्टी की सीटों में कमी आती है। तो इसका सीधा असर 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर भी पड़ेगा।
बीजेपी को यह भी याद रखना होगा कि जनता अक्सर सत्तारूढ़ दल के प्रदर्शन से असंतुष्ट होकर उनके खिलाफ मतदान करती रही है। भले विपक्ष कमजोर हो। मगर, इसी साल गोवा और मणिपुर में हुए विधानसभा चुनाव में ऐसा देखने को मिला। जहां कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. यह अलग बात है कि विधायकों को अपने पाले में शामिल करने में सफल रही बीजेपी ने गोवा और मणिपुर में सरकार बनाई, लेकिन इस सच्चाई को नहीं झूठलाया जा सकता कि बीजेपी के प्रति असंतुष्टि की भावना है।

चीन की धमकियों से इस छोटे देश को नहीं पड़ा कोई फर्क

हर किसी देश पर अपनी दादागिरी दिखाने वाले चीन को इस बार एक छोटे से देश बोत्सवाना ने करारा जवाब दिया है। बोत्सवाना के राष्ट्रपति इयान खामा ने चीन को दो टूक कहा है कि उनका देश चीन का गुलाम नहीं है। विश्व में हीरों की खानों के लिए मशहूर बोत्सवाना चीन की बार-बार की धौंस से तंग आकर इयान खामा ने कहा कि हम चीन की धमकियों से डरते नहीं हैं और बोत्सवाना चीन की कॉलोनी नहीं है।
दरअसल चीन आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के प्रस्तावित दौरे के लेकर बोत्सवाना को राजनीतिक और कूटनीतिक परिणाम भुगतने की धमकी दे रहा था। दलाई लामा 17-19 अगस्त तक बोत्सवाना की राजधानी गेबोरोनी के दौरे पर जाने वाले थे। दलाई लामा का ये दौरा निजी बताया गया। इसके बावजूद चीन इस दौरे का विरोध कर रहा था।
हालांकि दलाई लामा का ये दौरा बाद में रद्द हो गया। जिसके बाद चीन ने कहा है कि उसके बोत्सवाना के साथ संबंध बेहतर तरीके से आगे बढ़ते रहेंगे। वह बोत्सवाना के साथ अपने संबंधों को अधिक महत्व देता है। दलाई लामा ने थकावट की वजह से बोत्सवाना का दौरा रद्द किया।
आंतरिक मामलों में चीन के दखल को देख इयान खामा बौखला़ गए। उन्होंने कहा कि उनका देश चीन का गुलाम नहीं है। बोत्सवाना गार्जियन को दिये इंटरव्यू में राष्ट्रपति इयान खामा ने कहा कि उन्होंने तरह-तरह की धमकियां दी। चीन अपना राजदूत वापस बुला लेगा, दोनों देश के बीच रिश्ते खराब हो जाएंगे। चीन दूसरे अफ्रीकी देशों की मदद से बोत्सवाना को अलग-थलग कर देगा। दलाई लामा पर खामा ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि उनकी सेहत जल्द ठीक होगी और फिर उनका बोत्सवाना में स्वागत है, वे यहां आएं और घूमें।

पाक चीफ आर्मी ने कहा जिन्ना का पाकिस्तान बनाएंगे

सीमा पर तनाव के बीच भारत और पाकिस्तान के सीमा रक्षकों ने भारत के 71वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पंजाब के अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर एक दूसरे को मिठाइयां व बधाई दी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारियों व कर्मियों ने पाकिस्तानी रेंजरों को अटारी संयुक्त जांच चौकी पर व फिरोजपुर जिले के हुसैनावाला सीमा व साथ ही फाजिलिका जिले के सीमा के प्रवेशद्वार पर मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। आपको बता दें कि हाल में द्विपक्षीय तनाव के कारण कई मौकों पर दोनों पक्षों ने मिठाइयां व बधाइयां देना बंद कर दिया था। मिठाइयों का आदान-प्रदान सीमा सुरक्षा बलों के बीच स्वतंत्रता दिवस व दूसरे त्योहारों जैसे ईद व दिवाली पर होता रहता है।

आधी रात को वाघा सीमा पर फहराया 80 फीट का झंडा
पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) ने पाकिस्तान के 70वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर वाघा सीमा पर पाक का सबसे बड़ा राष्ट्र ध्वज फहराया। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में बना 120 फीट गुना 80 फीट का ध्वज आधी रात को फहराया गया। इसे 400 फीट की ऊंचाई पर फहराया गया। यह ध्वज दक्षिण एशिया में सबसे ऊंचा और दुनिया में आठवें स्थान पर है। पाक सेना प्रमुख ने कहा, करीब 77 साल पहले लाहौर में पाकिस्तान का संकल्प पारित हुआ था। उन्होंने कहा, कि हम पाकिस्तान को मोहम्मद अली जिन्ना और अल्लामा इकबाल (कवि) का देश बनाएंगे।

मीरवाइज ने फिर उगला घाटी में जहर, दस आंतकी पैदा होने का किया दावा!

हुर्रियत कांफ्रैंस (एम) चेयरमैन मीरवाइज उमर फारुख के बयान ने एकबार फिर से घाटी में हलचल पैदा कर दी है। मीरवाइज ने कहा कि दिल्ली में बैठी सरकार को लगता है कि हथियार के बल पर जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित की जा सकती है लेकिन मैं उनको कहना चाहूंगा किए अगर आप एक आतंकी को मारोगे तो दस आतंकी पैदा होंगे।
मीरवाइज उमर फारुख को पिछले 57 दिनों से अपने घर में नजरबंद किया गया था। नजरबंद से छूटते ही मीरवाइज उमर फारुख जामिया मस्जिद पहुंचे और भीड़ को संबोधित किया। मीरवाइज ने कहा कि पिछले 70 साल से कश्मीर की यही परंपरा रही है। कश्मीर में लोग पैदा होते हैं और उन्हें मालूम होता है कि यह विवादित क्षेत्र है। इसी सोच के साथ वे युवा होते हैं और एक दिन मारे जाते हैं। यह लड़ाई अनवरत जारी है।
मीरवाइज ने कहाकि कश्मीर के युवा और छात्र आए दिन स्कूल और कॉलेज में प्रदर्शन करते हैं जिसकी वजह से बार-बार घाटी बंद का ऐलान होता है। इससे साफ पता चलता है कि कश्मीर के लोग क्या चाहते हैं। मीडिया पर निशाना साधते हुए मीरवाइज ने कहा कि मीडिया में कश्मीर और कश्मीर के लोगों को लेकर गलत प्रचार किया जा रहा है। ऐसा करने से सरकार को कुछ हासिल होने वाला नहीं है।

सीएम आवास में दीनदयाल गाथा का आयोजन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष में आयोजित दीनदयाल गाथा कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। पंडित दीनदयाल जन्म शताब्दी वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजित कथा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन की सभी विचार सुंदर ढंग से प्रस्तुत किए गए हैं। इससे पंडित दीनदयाल की संदेशों पर आचरण करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। सरकार द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की एकात्म मानवतावाद की भावना के अनुरूप देश से गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी जैसी समस्याओं को समाप्त करने के लिए कार्य किया जा रहा है।
मौके पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करने हेतु मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन कथा वाचक अजय भाई ने किया।

भ्रष्टाचार आयोग का गठन लोकायुक्त नही बनाये जाने की तरफ कर रहा इशाराः हरीश रावत

देहरादून पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सीएम त्रिवेंद्र रावत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए वह प्रभावी कदम उठाते हैं तो वह सरकार के हर कदम का स्वागत करेंगे।
एक बयान में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के भ्रष्टाचार आयोग की घोषणा पर कड़ी टिप्पणी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लगता है कि मुख्यमंत्री की लोकायुक्त व कड़ा कानून लाने में रुची नही है। फिर भी यदि भ्रष्टाचार को जड़मूल से समाप्त करने के लिए उच्च न्यायालय के कार्यरत न्यायधीश के अध्यक्षता में कोई आयोग सहित प्रभावी कदम उठाते है तो मैं उसका स्वागत करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य निर्माण से आज तक के सभी भ्रष्टाचार संबंधित आरोपों के सभी मामले व भविष्य में भी भ्रष्टाचार रुक सके इसका प्रभावी प्राविधान हो तो वह राज्य सरकार का इस मुद्दे पर समर्थन करेंगे। उन्होने कहा कि लगता है कि लोकायुक्त बनाए जाने पर राज्य सरकार गंभीर नही है। उन्होने राज्य के उद्योगो के लिए दिए गए जीएसटी पैकेज को देर से उठाया गया कदम बताया। कहा कि उनकी सरकार ने जीएसटी कांउसिल में लगातार राज्य को दस वर्ष के लिए इस छूट की पैरवी की थी। यह उस समय की गई हमारी पहल का भी नतीजा है।