श्रेष्ठ समाज के निर्माण में शिक्षा की महत्वूपर्ण भूमिका-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा पहुंचकर शिक्षा भारती आदर्श स्कूल के वार्षिक समारोह का शुभारम्भ किया। उन्होने शिक्षा भारती आदर्श स्कूल के वार्षिक समारोह के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आशा करता हूं कि ये संस्थान सफलता के नित-नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होने कहा आप लोगों के बीच आकर वे, अपने छात्र-जीवन की स्मृतियों में पहुंच गये हैं। बचपन का वो समय, वो दौर अलग ही था, रोज लगता था, हम ये बनेंगे हम वो बनेंगे आप लोगों को भी लगता होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा हमारी संस्कृति में शिक्षा ग्रहण करने का अर्थ केवल किताबी ज्ञान अर्जित करने तक सीमित नहीं है, यह एक ऐसी यात्रा है जिसमें हम स्वयं की और अपने अस्तित्व की खोज करते हैं। एक व्यक्ति के रूप में हमारे सर्वांगीण विकास और एक श्रेष्ठ समाज के निर्माण में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति बचपन में जिस प्रकार की शिक्षा और संस्कार प्राप्त करता है उसी से उसका चरित्र निर्माण होता है। हम अपना कैसा कल चाहते हैं इसके लिए हमें अपने आज पर काम करना होगा और हमारा भविष्य कैसा होगा, यह हमारा वर्तमान तय करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा यह अपार हर्ष का विषय है कि इस स्कूल में आज उस भविष्य को गढ़ा जा रहा है जो कल के उत्कृष्ट उत्तराखंड और नए भारत का आधार बनेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज नए भारत का निर्माण हो रहा है, जिसके अंतर्गत देश में अभूतपूर्व विकास कार्य किए जा रहे हैं। वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री द्वारा वर्तमान समय के अनुसार बनाई गई नई शिक्षा नीति को हमारे सम्मुख रखा गया, जिस पर राज्य द्वारा तत्परता से कार्य किया गया। नई शिक्षा नीति से स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा को नए आयाम प्राप्त होंगे, इससे सभी वर्ग के लोगों को समानता के आधार पर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर भी मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा स्कूली स्तर पर ’’कौशल विकास’’ से युवा कुशलता के साथ कार्य करने में सक्षम होंगे। नई शिक्षा नीति के माध्यम से रोजगार परख शिक्षा मिलेगी, साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अलग से तैयारी नहीं करनी पड़ेगी, साथ ही इससे शोध एवम् अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा तथा देश को विकसित राष्ट्र बनाने में नई शिक्षा नीति कारगर साबित होगी। उत्तराखंड देश का प्रथम राज्य है जिसने स्कूली शिक्षा में नई शिक्षा नीति को लागू किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ’’विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने हेतु प्रतिबद्ध है, यह संकल्प आपके सहयोग के बिना पूर्ण नहीं हो सकता। उन्होने कहा कि शिक्षा भारती आदर्श सीनियर सेकण्ड्री स्कूल के प्रबन्धक द्वारा बताया गया कि वर्ष 2015 से 2019 और 2022 में खटीमा को टॉपर दिये है और हर वर्ष नीट, एनडीए, आईआईटी आदि प्रतिष्ठित परीक्षाओं में यहां के बच्चे निकलते हैं और विभागों में बड़े-बड़े पदों में भी कार्यरत है एवं विगत वर्ष भी विद्यालय के 2 छात्र सचिन चौबे व कवींद्र तिवारी आईएएस और आईईएस में चयनित हुए हैं।

सीएम का ऋषिकेश में भव्य स्वागत, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय कैंपस में 2519 लाख के कार्यो का शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ऋषिकेश में श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पं० ललित मोहन शर्मा परिसार, के 2519.15 लाख लागत के शैक्षणिक, प्रशासनिक भवन का भूमि पूजन कर शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय हेतु निर्धारित कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम पर आधारित “गढ़वाली भाषा एवं संस्कृति“ नामक पुस्तक का विमोचन भी किया। इससे पूर्व नकल विरोधी कानून बनाने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नगर में एक रोड शो निकाला गया। जिसमें युवाओं ने बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री का नगर में विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत भी किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पं०ल०मो०शर्मा परिसर, ऋषिकेश में वर्तमान में स्नातक स्तर पर संचालित पाठ्यक्रमों (गृह विज्ञान, समाजशास्त्र, संस्कृत, शिक्षा शास्त्र, संगीत) को स्नात्तकोत्तर स्तर पर संचालित किये जाने हेतु राज्य सरकार के स्तर से परीक्षण कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने पं०ल०मा०शर्मा परिसर, ऋषिकेश में स्नातकोत्तर स्तर पर संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों हिन्दी, इतिहास, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, भूविज्ञान एवं भूगोल में कार्यभार के अनुरूप भविष्य में पद सृजन किए जाने, विश्वविद्यालय परिसर के अधिकारियों एवं प्राध्यापकों हेतु विभिन टाईप के आवासों की डी.पी.आर बनाकर उस पर कार्य करने, ऋषिकेश क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर का प्रेक्षागृह बनाए जाने पर भारत सरकार से आग्रह करने, ऋषिकेश क्षेत्र में पार्किंग हेतु स्थल का चयन एवं डीपीआर बनाने की भी बात कही। उन्होंने कहा प्रत्येक विधानसभा की प्रमुख 10 कार्य योजनाओं को राज्य सरकार गंभीरता के साथ उन योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल द्वारा दिये गये ऋषिकेश के विकास से सम्बन्धित ज्ञापन के विभिन्न विषयों पर कार्यवाही का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय श्रीदेव सुमन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान, विश्वविद्यालयों और शैक्षिक संस्थानों के विद्यार्थियों में राष्ट्रवाद की भावना का संचार किया। आज उच्च शिक्षा एवं देश की आजादी के लिए अदम्य साहस एवं सत्याग्रह के पर्याय श्रीदेव सुमन जी के विचारों से विद्यार्थियों में राष्ट्रवाद की भावना उत्पन्न करने का कार्य विश्वविद्यालय द्वारा किया जा रहा है। शिक्षा के सर्वश्रेष्ठ मापदंड स्थापित करने में उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान है। उच्च शिक्षा व्यक्ति और समाज के निर्माण के साथ व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उत्तराखंड में उच्च स्तरीय शिक्षा के माध्यम से उच्च कोटि के व्यक्तित्व का निर्माण करने में श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय की भूमिका एवम् प्रतिबद्धता, अभूतपूर्व है। विश्वविवद्यालय द्वारा अर्जित की गई उपलब्धियां निश्चित रूप से विश्वविद्यालय के कुशल नेतृत्व और विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के अथक परिश्रम का प्रतिफल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण विश्व हमारी शक्ति और ज्ञान परंपरा से परिचित हो रहा है। आज पूरा विश्व युवाओं के सामर्थ्य से लाभान्वित होने के लिए लालायित है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने के उपरांत वे सभी विभिन्न क्षेत्रों में समाज को नेतृत्व प्रदान करेंगे। आज का नया भारत अपनी प्राचीन शैक्षणिक व सांस्कृतिक पद्धति को केंद्र में रखते हुए नए बदलावों की ओर अग्रसर है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप नई शिक्षा नीति को अपनाया है। जो देश के युवाओं के संपूर्ण विकास मे अपनी की नींव रखेगी। भारत आज विज्ञान आधारित गर्वनेंस मॉडल की ओर अग्रसर है, जिसमें इकोलॉजी और इकोनॉमी का उचित समन्वय समाहित है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में नकल विरोधी कानून को लागू किया जाना, उत्तराखंड के भविष्य यानि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा यह नकल विरोधी कानून स्कूल व कॉलेजों में होने वाली परीक्षाओं के लिए नही अपितु प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए है। आपराधिक रूप से परीक्षाओं में नकल करवाने वाले लोगों को यह सरकार जेल के अंदर डालेगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य में जी-20 की जिन 3 बैठकों का आयोजन होना है। उस दौरान हम अपनी सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का कार्य करेंगे। जी 20 के माध्यम से भारत लोकल टू ग्लोबल की दिशा में कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ के स्वप्न को साकार करने हेतु उत्तराखंड की डबल इंजन की सरकार निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार के ‘सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड‘ निर्माण के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प‘ से 21वी सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने के लिये प्रयासरत है। हमारी सरकार प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा आगामी चार धाम यात्रा में पिछले वर्ष के मुकाबले और अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावनाएं हैं। जिसके लिए राज्य सरकार पूरी तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान करते हुए कहा कि आप लोग भी सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।आगामी वर्षों में उत्तराखंड देश का सबसे समृद्धशाली और सशक्त राज्य हो, इस भावना के साथ हम सभी को साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है।
कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल ने कहा कि नकल विरोधी कानून, सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण जैसे फैसलों से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में एक नया इतिहास बनाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड लगातार आगे बढ़ रहा है पूरे प्रदेश में आज चौतरफा विकास कार्य हो रहे हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मेयर अनिता ममगाई, कुलपति प्रो० महाबीर सिंह रावत (श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड वि०वि०), अध्यक्ष उत्तराखंड राज्य महिला आयोग कुसुम कंडवाल, अपर सचिव उच्च शिक्षा प्रशांत आर्या, कुलसचिव खेमराज भट्ट, जिला अध्यक्ष भाजपा रविंदर सिंह राणा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

नकल विरोधी कानून के समर्थन में छात्रों ने चलाया हस्ताक्षर अभियान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राधा स्वामी सत्संग व्यास रुद्रपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों एवं विद्यार्थियों द्वारा आयोजित हस्ताक्षर अभियान में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता एवं सुचिता को सुनिश्चित कराने के लिए राज्य में नकल विरोधी कानून लाये जाने पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों एवं विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सभी प्रतियोगी परीक्षाएं नकलविहीन होंगी, पारदर्शिता के साथ होंगी, आप अपनी परीक्षाओं की तैयारियां करें, हमारे भाई-बहनों का समय भी खराब नहीं होगा, भर्तियां कैलेण्डर के अनुसार होंगी’’ लिखकर अपने हस्ताक्षर भी किये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में भर्ती घोटाले नासूर एवं कैंसर की तरह फैल रहा था, जिसकी सरजरी करना बहुत जरूरी था। इस बार कुछ छात्र-छात्राओं द्वारा वीपीडीओ भर्ती परीक्षा में भी पेपर लीक होने की आशंका जताई गई थी, जिसकी कराने पर प्रारम्भिक रूप से ये लगने लगा कि इस परीक्षा में गड़बड़ी हुई है। उन्होने कहा तभी से हमने तय किया कि यही नही हम पुरानी सभी भर्तियों की जांच करायेगें और हमने जांच का निर्णय लिया जिसमें जांच करने पर इस अपराध में जो संलिप्त थे वो 60 से भी ज्यादा लोग जेल जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ी को जड़ से खत्म करने के लिए हमने भारतवर्ष का सबसे सख्त कानून बनाया है जिसमें नकल कराने वाले व्यक्ति के लिए उम्र कैद तक का भी प्रावधान करने के साथ ही सारी सम्पत्ति जब्त करने का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि जो अभ्यर्थी नकल करने में एक बार पकड़ा गया तो 03 साल तक अगर वह इसमें फिर से संलिप्त पाया जाता है तो अगले 10 वर्षाे तक वह किसी परीक्षा में भाग नही ले सकता है और पूरे देश का सर्वाधिक सख्त कानून है। उन्होने कहा कि बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं, उनके भविष्य से कोई खिलवाड़ न करे उनकी उम्मीदों को ना तोडे़, इन सभी बातों पर गहनता से विचार करते हुए हमने ये नकल विरोधी सख्त कानून बनाया।
मुख्यमंत्री ने कहा गरीब माता-पिता अपने बच्चे को पढ़ाने के लिए अपनी सारी जमा पूँजी लगा देते है, अगर उस पर ही ऐसी डकैती हो जायेगी तो उन माता-पिता के पास क्या बचेगा। उन्होने कहा कि हमारे पास संसाधनों का आभाव होते हुए भी हमारे बच्चे और हमारे युवा बेरोजागार भाई-बहनों को मिलने वाली नौकरियों में हम कोई कटोती नही करेंगे, चाहे अन्य संसाधनों में कटौती करनी पड़े। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं का केलेण्डर जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भर्तियां पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता से नकलविहीन सम्पन्न होंगी, जिससे पात्र व्यक्तियों का चयन होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों सम्पन्न हुई पटवारी एवं लेखपाल भर्ती परीक्षा में एक लाख तीन हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनके आने-जाने हेतु मुफ्त यात्रा सुविधा दी गई थी। उन्होंने कहा कि पीसीएस की शुरू हो रही मुख्य परीक्षाओं में भी उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की व्यवस्था की है।
इस दौरान विधायक शिव अरोरा, मेयर रामपाल सिंह, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, भाजपा प्रदेश मंत्री विकास शर्मा, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, सहित आईजी नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त, एसएसपी मन्जूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा, अपर जिलाधिकारी जय भारत सिंह, उप जिलाधिकारी प्रत्यूष सिंह, कौस्तुभ मिश्रा, सहित अमित नारंग, भारत भूषण चुघ, सुरेश कोली सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

स्कूली बच्चों को शिक्षा के साथ पोषण भी मिले-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में गुरुवार को प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की राज्य स्तरीय क्रियान्वयन समिति की 20वीं बैठक संपन्न हुई। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने कहा कि स्कूली बच्चों को शिक्षा के साथ पोषण भी मिल सके इसके लिए योजना का सोशल ऑडिट के साथ ही स्थानीय लोगों से फीडबैक लेना भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यालयों हेतु गठित निरीक्षण समितियों द्वारा अनुश्रवण सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने स्कूलों के किचन और खाने के बर्तन-थालियों आदि आवश्यक वस्तुओं के लिए कॉर्पस फंड भी बनाए जाने हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए। कहा कि स्कूली बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री पोषण में मिलेट्स को शामिल करते हुए झंगोरे की खीर को मिड डे मील में शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में किचन एवं स्टोर आदि की मरम्मत का कार्य शीघ्र शुरू किया जाए। कहा कि जो भवन अधिक क्षतिग्रस्त हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कार्य सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत श्रीनगर, जनपद पौड़ी गढ़वाल में अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा केंद्रीयकृत किचन के निर्माण को स्वीकृति दी गई।
इस अवसर पर विधायक सहदेव पुंडीर, सचिव रविनाथ रमन, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

धामी सरकार देने जा रही सरकारी स्कूलों के छात्रों को छात्रवृत्ति

उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 12वीं तक हर महीने छात्र-छात्राओं को 600 से लेकर 3000 तक छात्रवृत्ति दी जाएगी। शिक्षा विभाग ने इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है।

मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर शुरू होने वाली इस योजना में छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति के लिए चयन प्रक्रिया दो प्रकार की होगी।

मेधावी छात्रों को दी जाने वाली यह छात्रवृत्ति के लिए दसवीं और बारहवीं कक्षा के छात्र छात्राओं का चयन उनकी बोर्ड परीक्षा की वरीयता सूची से होगा। जबकि कक्षा 6 से लेकर 8 तक छात्रों का चयन परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा दसवीं के छात्र को 2000 और 12वीं के छात्र को 3000 छात्रवृत्ति मिलेगी। आठवीं कक्षा तक हर महीने छात्रों को 800 छात्रवृत्ति मिलेगी, जिनको परीक्षा के आधार पर चुना जाएगा।
बताया जा रहा है कि, सरकार इस नई योजना के लिए बजट में 100 करोड रुपए की व्यवस्था करेगी।

कैबिनेट में लाया जायेगा परिषदीय परीक्षा अंक सुधार का प्रस्ताव

सूबे में समग्र शिक्षा के अंतर्गत राज्य एवं जिला स्तरीय कार्यालयों में रिक्त बीआरपी-सीआरपी के 955 पदों को आउट सोर्स के माध्यम से भरा जायेगा, जिसके लिये नियमानुसार आउटसोर्स एजेंसी का चयन करने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड की परीक्षाओं में अनुत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को एक विषय में अंक सुधार का मौका दिये जाने संबंधी प्रस्ताव आगामी कैबिनेट में लाया जायेगा।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में आज सचिवालय स्थित मुख्य सचिव सभागार में विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें मुख्य सचिव एवं वित्त सचिव सहित विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। कैबिनेट मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत राज्य एवं जिला स्तरीय कार्यालयों में रिक्त चल रहे बीआरपी-सीआरपी के करीब 955 पदों को शीघ्र ही आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से भरा जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर नियमानुसार आउटसोर्स एजेंसी के चयन एवं बीआरपी-सीआरपी के रिक्त पदों को भरने हेतु शैक्षिक अर्हताएं तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं।
विभागीय मंत्री ने बताया कि गत वर्षों में विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड की परीक्षाओं में काफी छात्र-छात्राएं एक विषय में कम अंक आने के कारण उत्तीर्ण नहीं हो पाये जबकि अन्य विषयों में उनके द्वारा अच्छे अंक प्राप्त किये गये। जिसे देखते हुये राज्य सरकार ने 10वीं एवं 12वीं की परिषदीय परीक्षाओं में एक विषय में अनुत्तीर्ण छात्रों के लिये अंक सुधार की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। जिसका प्रस्ताव आगामी कैबिनेट बैठक में लाया जायेगा। बैठक में विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत अध्ययनरत मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना से अच्छादित करने का निर्णय लिया गया, जिस हेतु विभागीय अधिकारियों को आगामी कैबिनेट में प्रस्ताव लाने के निर्देश दिये गये।
शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि राज्य में 31 मार्च से पहले विद्या समीक्षा केन्द्र की स्थापना कर दी जायेगी इसके लिये कार्यदायी संस्था टीसीआईएल के अधिकारियों को नियत समय में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दे दिये गये है। डॉ0 रावत ने बताया कि राज्य के जिन विद्यालयों में छात्र संख्या 250 से अधिक है उनमें हाईब्रिड मोड में वर्चुअल एवं आईसीटी लैब की स्थापना की जायेगी जबकि शेष विद्यालयों में आईसीटी लैब ही स्थापित की जायेगी। शासन स्तर पर लम्बित एससीईआरटी के अंतर्गत शिक्षक-शिक्षा संवर्ग के ढांचे पर शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधू, वित्त सचिव दिलीप जावलकर, सचिव राज्यपाल एवं विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव योगेन्द्र यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीमा जौनसारी, अपर निदेशक एवं प्रभारी निदेशक बेसिक शिक्षा आर.के. उनियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्यपाल ने 24 घंटे के अंदर ही धामी सरकार के अध्यादेश को दी मंजूरी

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अध्यादेश 2023 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही ये अध्यादेश प्रदेश में लागू हो गया है।
उत्तराखण्ड प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता एवं शुचिता को सुनिश्चित करने के लिए दिनांक 09 फरवरी, 2023 को उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अध्यादेश 2023 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन प्रदान करते हुए माननीय राज्यपाल की मंजूरी के लिए अग्रसारित किया था। इस अध्यादेश में दोषियों के विरूद्ध सख्त प्रावधान किए गए हैं।
यदि कोई व्यक्ति, प्रिटिंग प्रेस, सेवा प्रदाता संस्था, प्रबंध तंत्र, कोचिंग संस्थान इत्यादि अनुचित साधनों में लिप्त पाया जाता है तो उसके लिए आजीवन कारावास तक की सजा तथा दस करोड़ रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
यदि कोई व्यक्ति संगठित रूप से परीक्षा कराने वाली संस्था के साथ षडयंत्र करता है तो आजीवन कारावास तक की सजा एवं 10 करोड़ रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
यदि कोई परीक्षार्थी प्रतियोगी परीक्षा में स्वयं नकल करते हुए या अन्य परीक्षार्थी को नकल कराते हुए अनुचित साधनों में लिप्त पाया जाता है तो उसके लिए तीन वर्ष के कारावास व न्यूनतम पांच लाख के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। यदि वह परीक्षार्थी दोबारा अन्य प्रतियोगी परीक्षा में पुनः दोषी पाया जाता है तो न्यूनतम दस वर्ष के कारावास तथा न्यूनतम 10 लाख जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
यदि कोई परीक्षार्थी नकल करते हुए पाया जाता है तो आरोप पत्र दाखिल होने की तिथि से दो से पांच वर्ष के लिए डिबार करने तथा दोषसिद्ध ठहराए जाने की दशा में दस वर्ष के लिए समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं से डिबार किए जाने का प्रावधान किया गया है। यदि कोई परीक्षार्थी दोबारा नकल करते हुए पाया जाता है तो क्रमशः पांच से दस वर्ष के लिए तथा आजीवन समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं से डिबार किए जाने का प्रावधान किया गया है।
अनुचित साधनों के इस्तेमाल से अर्जित सम्पति की कुर्की की जायेगी।
इस अधिनियम के अन्तर्गत अपराध संज्ञेय, गैर जमानती एवं अशमनीय होगा।

परीक्षा निरस्त कराने के लिए कोचिंग सेंटर, छात्र संगठनों को बनाते थे मोहरा

एई व जेई प्रश्न पत्र लीक मामले में एसआईटी टीम ने पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर मुख्य अभियुक्त कोचिंग सेंटर संचालक विवेक ऊर्फ विक्की को गिरफ्तार किया। यूपी बॉर्डर पर भी एक नकल सेंटर का पता चला है।
शुक्रवार को हुई इस गिरफ्तारी के बाद नकल माफिया और संदिग्ध कोचिंग सेंटर के गठजोड़ का भी खुलासा हुआ है। कोचिंग सेंटर प्रश्न लीक कराकर मोटी रकम वसूलते थे।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि किसी कारणवश चयन न होने पर कोचिंग इंस्टीटूट पूरी परीक्षा निरस्त कराने के लिए कुछ छात्र संगठनों से जुड़े लोगों से धरना प्रदर्शन भी कराते थे।
प्रारंभिक पूछताछ पर अभियुक्त ने बताया कि वह वर्तमान में रुड़की में जीनियस नाम से कोचिंग सेंटर संचालित करता है जिसमें जेई के परीक्षार्थियों को परीक्षा की तैयारी करता है। अधिक पैसे कमाने के लालच में इसके पेपर लीक करने वाले गिरोह में शामिल होकर कुछ अभ्यर्थी से पेपर देने के एवज में 19 लाख रुपए तय किए जिनसे एडवांस के तौर पर कुछ धनराशि एवम ब्लैंक चेक लिए गए। अवैध धनराशि में से कोचिंग सेन्टरों में 8.5 लाख की एलईडी लगवाई।
अभियुक्त विक्की ने बताया कि अगर मेरी कोचिंग सेंटर से ज्यादा लड़के सलेक्ट होंगे तो मेरे कोचिंग का नाम होगा। तभी ज्यादा लड़के मेरे कोचिंग सेंटर पर आएंगे। अगर मेरे सेंटर से लड़के सेलेक्ट नहीं होते हैं तो हम परीक्षा रद्द कराने के लिए पैसा देकर धरना प्रदर्शन भी करा देते है।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि हरिद्वार देहात क्षेत्र तथा देहरादून के कुछ संदिग्ध कोचिंग सेन्टर एसआईटी के रडार पर हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा निरस्त कराने के लिए फंडिंग के लिए कुछ छात्रों के बयानों में भी एसआईटी को ऐसे गठजोड़ की पुख्ता जानकारी मिली है।

एई व जेई प्रश्न लीक प्रकरण में एसआईटी हर एंगल से कर रही है जांच, हर आरोपी का जेल जाना तय-एसएसपी अजय सिंह
इंस्टीट्यूट के संपर्क में आए छात्र संगठनों द्वारा परीक्षा लीक प्रकरण में पुनः परीक्षा के लिए गोपनीय सहयोग की बात भी सामने आई है। परीक्षाएं निरस्त होने पर छात्र कथित कोचिंग सेंटरों में साल भर लेते रहते हैं कोचिंग के लिए एडमिशन। किसी कारणवश चयन न होने पर पूरी परीक्षा निरस्त कराने का खेल भी आया सामने आया है। हरिद्वार पुलिस ने बताया कि कोचिंग इंस्टीट्यूट मालिक के संपर्क में कुछ छात्र संगठनों को धनराशि देकर धरना प्रदर्शन भी कराया जाता था।
गौरतलब है कि पूर्व में तीन अभियुक्तों के कब्जे से कुल 07 लाख रुपए की अवैध अर्जित नगदी और विभिन्न बैंकों के ब्लैंक चैक बरामद किए जा चुके है।
प्रश्न लीक के साक्ष्य मिलने पर तीन फरवरी को मुख्यमंत्री के आदेश पर थाना कनखल में मुकदमा दर्ज किया गया था।

गिरफ्तार अभियुक्त-
विवेक कुमार उर्फ विक्की पुत्र जयपाल सिंह निवासी ग्राम चुड़ियाला थाना भगवानपुर हरिद्वार हाल संचालक (जीनियस) कोचिंग इंस्टीट्यूट
बरामदगी-
अभार्थियो से लिए दो लाख रुपए नकद।
चार ब्लैंक चेक (अभ्यर्थियों से लिए गए)
अब तक गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण-
1- संजीव कुमार पुत्र वैध्यनाथ भगत निवासी मौहल्ला शिवपुरी थाना व जिला सहरसा बिहार हाल पता 310 भागीरथ आवासीय कालोनी लोक सेवा आयोग उत्तराखण्ड कनखल हरिद्वार
2- नितिन चैहान पुत्र श्री ब्रह्मपाल निवासी अन्नेकी सिडकुल हरिद्वार
3- सुनील सैनी पुत्र ज्ञानचन्द सैनी निवासी पुर्वावाला थाना कोतवाली लक्सर जनपद हरिद्वार
4- विवेक कुमार उर्फ विक्की पुत्र जयपाल सिंह निवासी ग्राम चुड़ियाला थाना भगवानपुर हरिद्वार उम्र 25 वर्ष। (आज गिरफ्तार)

ग्रामीण विज्ञान कांग्रेस से मिलेंगे नये आयाम-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संपूर्ण विश्व विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अविष्कारों और अनुसंधानों के इस युग में वैज्ञानिक एवं तकनीकि विकास की चेतना ने सभी के जीवन को प्रभावित किया है। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई ने जय जवान, जय किसान के नारे के साथ जय विज्ञान जोड़ा वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसमें जय अनुसंधान को जोड़कर एक नया आयाम दिया।
शुक्रवार को यूकॉस्ट, परिसर, विज्ञान धाम, झाझरा में तीन दिवसीय 17वीं उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कांग्रेस-2023 के अन्तर्गत ‘प्रथम ग्रामीण विज्ञान कांग्रेस’ का शुभारम्भ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में ग्रामीण विज्ञान कांग्रेस का यह देश का पहला आयोजन हो रहा है। एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को सार्थक करने और राज्य के समेकित विकास को गति प्रदान करने में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हाइड्रोपोनिक यूनिट, क्यू आर कोड आधारित जैव विविधता पार्क एवं प्राईड ऑफ उत्तराखण्ड एक्सपो प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। ग्रामीण विज्ञान कांग्रेस, उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास यात्रा एवं विज्ञान पर चर्चा पुस्तकों का विमोचन भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वैज्ञानिकों को विज्ञान पुरोधा सम्मान एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण राज्य है। प्राकृतिक संसाधनों के उचित प्रयोग से राज्य में जैविक कृषि को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास से ही किसी राज्य और देश के विकास का प्रारूप तैयार होता है। इस विज्ञान कांग्रेस का लक्ष्य हमारे गांवो का समुचित विकास करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी के लिये गौरव का विषय है कि नागपुर में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान कांग्रेस में यूकास्ट उत्तराखण्ड को बेस्ट पैवेलियन का अवार्ड मिला। उन्होंने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह आयोजन इस संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विज्ञान कांग्रेस ग्राम्य विकास की दिशा में एक अनूठा प्रयोग है। इस आयोजन के माध्यम से ग्रामीण संस्कृति, कृषि, ग्रामीण पर्यटन और व्यंजन जैसे विभिन्न विषयों पर संवाद स्थापित किये जायेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ग्रामीण विज्ञान कांग्रेस 2025 तक सशक्त उत्तराखण्ड के निर्माण के लिए रौडमैप बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
ग्राम्य विकास एवं कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार कृषि एवं अनुसंधान के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। पिछले दो सालों में राज्य में जैविक खेती के क्षेत्र में काफी कार्य हुए है। राज्य में 34 प्रतिशत जैविक उत्पादन हुआ है, जिसे 2025 तक 60 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। कृषि के साथ ही हॉर्टीकल्चर के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भी राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। एप्पल एवं कीवी मिशन को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। मोटे अनाजों को बढ़ावा देने के लिए भी राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से मिलेट को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दुगुनी करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।
पद्मभूषण, पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि प्रथम ग्रामीण विज्ञान कांग्रेस में विज्ञान और कृषि से जुड़े लोग एक मंच पर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए जो यह विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया जा रहा है, इसके आने वाले समय में काफी सार्थक परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इकोनॉमी के साथ इकोलॉजी का समन्वय बहुत जरूरी है। हमें ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाना होगा। यह पलायन को रोकने में भी काफी कारगर होगा। लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना होगा।
इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुण्डीर, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक यूकास्ट प्रो. दुर्गेश पंत, वैज्ञानिक डॉ. डी.के. असवाल, आयोजक सचिव डॉ. अपर्णा शर्मा, विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं विभिन्न राज्यों से आये वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

आयोग के अध्यक्ष ने कहा-परीक्षार्थियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ0 राकेश कुमार द्वारा अवगत कराया गया है कि अभ्यर्थियों के भविष्य एवं हितों को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2023 के दौरान आयोग द्वारा लगभग 32 परीक्षाओं का आयोजन कराया जाना प्रस्तावित किया गया है। जिसके दृष्टिगत ही राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी व लेखपाल) परीक्षा-2022 अपनी निर्धारित तिथि 12 फरवरी, 2023 को राज्य भर के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित की जाएगी।
कतिपय लोगों द्वारा विभिन्न मंचों एवं विशेष तौर पर मीडिया के माध्यम से दिनांक 08 जनवरी, 2023 को आयोजित इस पटवारी व लेखपाल परीक्षा के परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण का उल्लेख करते हुए आगामी परीक्षाओं के बारे में अनेक शंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। इस बारे में स्पष्ट करना है कि जैसे ही पुलिस विभाग से इस बारे में आयोग को पुष्ट सूचना दी गई, आयोग द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए दिनांक 08 जनवरी, 2023 को आयोजित पटवारी व लेखपाल परीक्षा-2022 को निरस्त किया गया तथा अभ्यर्थियों की सुविधार्थ लगभग एक माह का समय देते हुए एवं उनकी परीक्षा तैयारियों को ध्यान में रखते हुए पटवारी परीक्षा हेतु 12 फरवरी, 2023 तिथि घोषित कर दी गई थी।
साथ ही वर्ष 2022 में हुई एई व जेई परीक्षा के बारे में भी विभिन्न माध्यमों द्वारा संदेह जाहिर करने के उपरान्त एक आन्तरिक जांच के लिए आदेश दिए गए। आन्तरिक जांच में संदेह व्यक्त करने के दृष्टिगत आयोग द्वारा भी एसएसपी, हरिद्वार व एसआईटी को एई व जेई के मामले की गहन जांच एवं कठोर कार्यवाही हेतु अनुरोध किया गया था। चूँकि पेपर लीक प्रकरण में आरोपित संजीव चतुर्वेदी, जिन्हें आयोग द्वारा निलम्बित कर दिया गया है, के द्वारा पटवारी परीक्षा के अलावा वन आरक्षी परीक्षा-2022 के प्रश्नबैंक व प्रश्नपत्र निर्माण भी कराये गये थे, अतः आयोग द्वारा परीक्षा की शुचिता एवं गोपनीयता सुनिश्चित करने के दृष्टिगत नये प्रश्न-पत्रों का निर्माण कराते हुए आयोजित कराये जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही वन आरक्षी परीक्षा एवं पीसीएस मुख्य परीक्षा हेतु पूर्व में छपे सभी प्रश्न-पत्रों एवं प्रश्न बैंक को आयोग के एक सदस्य की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति की देखरेख में नियमानुसार विनष्टीकरण किया जाना सुनिश्चित किया गया।
यह भी उल्लेखनीय है कि आगामी समस्त परीक्षाओं को सम्पन्न कराने हेतु आयोग द्वारा नई टीम तैनात की गई है। साथ ही परिसर में पुलिस व ईण्टेलीजेन्स विभाग द्वारा स्थापित की गई दोहरे सुरक्षा चक्र के माध्यम से कड़ी सुरक्षा के बीच नई टीम द्वारा नये प्रश्न बैंक एवं नये प्रश्नपत्र तैयार कराये गये हैं और कराये जा रहे हैं तथा नये प्रश्न-पत्रों के अनुसार ही फरवरी से अप्रैल, 2023 के मध्य पटवारीध्लेखपाल परीक्षा-2022 को 12 फरवरी, 2023, पी0सी0एस0 मुख्य परीक्षा-2021 को दिनांक 23 से 26 फरवरी, 2023 एवं वन आरक्षी परीक्षा- 2022 को दिनांक 09 अप्रैल, 2023 को आयोजित किया जाएगा।
यह भी अवगत कराना है कि पुलिस विभाग द्वारा पटवारी परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में गतिमान जाँच के तहत वर्तमान में आयोग को 44 संलिप्त अभ्यर्थियों एवं एई व जेई परीक्षा पेपर लीक में 12 संलिप्त अभ्यर्थियों की सूची उपलब्ध कराई गई है, जिनका मिलान व सत्यापन करते हुए यथासम्भव आज ही उक्त सूची आयोग की वेबसाईट पर अपलोड कर दी जाएगी। साथ ही इन अभ्यर्थियों को नियमानुसार नोटिस जारी करने एवं आगामी परीक्षा से प्रतिवारित किये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही प्रारम्भ की जा रही है।
समस्त अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया जाता है कि आयोग उनके हितों को सदैव प्राथमिकता देता है। इसलिए वह किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचनाओं व अफवाहों पर ध्यान न देते हुए पूरे मनोयोग से आगामी परीक्षाओं की तैयारी करें।