सस्ती पढ़ाई के लिए शर्त रखकर सरकार डॉक्टरों की कमी करेगी पूरा

उत्तराखंड के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र छात्राओं को धामी सरकार बड़ी राहत देने जा रही है। धामी सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि वह देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में बांड प्रक्रिया को एक बार फिर शुरू करें। इसके तहत तमाम बच्चे बांड के तहत प्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं वह बांड भरकर कम फीस में पढ़ाई कर सकते हैं। लेकिन जो बांड नहीं भरना चाहते उनके लिए पुरानी व्यवस्था ही जारी रहेगी यानी उन्हें महंगी फीस ही देनी होगी।
आपको बता दें खंडूरी सरकार के द्वारा यह फैसला लिया गया था कि प्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई बांड भरकर कराई जाएगी जिसके तहत डॉक्टरों को पढ़ाई के बाद पहाड़ी इलाकों में अपनी सेवाएं देनी होगी। लेकिन मेडिकल कॉलेजों में ज्यादातर पढ़ाई करने वाले छात्र छात्राओं ने बांड को तोड़ डाला और सरकार को इससे काफी नुकसान हुआ, इसके बाद देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया था।
लेकिन हाल में देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में बच्चों द्वारा लगातार नाराजगी जताते हुए फीस कम करने की मांग की गई थी जिसको लेकर आज कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग को अलग से इसको लेकर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद अब हल्द्वानी और देहरादून मेडिकल कॉलेजों में बांड के तहत सस्ती मेडिकल की पढ़ाई भी हो सकेगी। इसके साथ ही राज्य में डॉक्टरों की कमी भी पूरी हो सकेगी।

हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड मेधावी बालिकाओं को स्मार्ट फोन मिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2021 में सभी जिलों की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में सर्वाेच्च स्थान और इंटरमीडिएट में ब्लॉक स्तर पर टॉप करने वाली मेधावी बालिकाओं को स्मार्ट फोन वितरित किये। अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जनता दर्शन हॉल, सीएम आवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बाल कल्याण निधि के अंतर्गत संचालित बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना में टॉपर छात्राओं को स्मार्ट फोन दिये।

बालिकाओं के लिए शुरू होगा मैत्रैयी मेंटरशिप कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही मैत्रैयी नाम से छात्राओं के लिए मेंटरशिप कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा। इसके लिए एक पोर्टल भी विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने युवाओं के हित में अनेक निर्णय लेकर उन पर काम शुरू किया है। 24 हजार रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन को निशुल्क किया गया है।

हर घोषणा हो रही पूरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बालिकाओं को शक्ति का प्रतीक बताते हुए छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बचपन से दो बातें जीवन में अपनाई हैं। अनुशासित रहना और अपने कमिटमेंट का पक्का रहना। आज का युग आईटी का युग है। कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षा का महत्व बढ़ा है। इसे देखते हुए हमने प्रदेश की सरकारी स्कूलों के कक्षा 10 व 12 और डिग्री कालेजों के छात्र छात्राओं को निशुल्क मोबाईल टेबलेट देने का निर्णय लिया है और इसे जल्द ही इम्प्लीमेंट किया जाएगा। हम अपनी हर घोषणा को पूरा कर रहे हैं। जो काम शुरू कर रहे हैं, उसे पूरा भी करेंगे। जो भी राहत पैकेज घोषित किये उनकी राशि लाभार्थियों के खातों में जानी शुरु हो गई है।

पूरे मनोयोग से करें काम तो मिलती है सफलता
मुख्यमंत्री ने कहा कि साधारण परिस्थितियों में जन्में लोग असाधारण की यात्रा करते हैं। पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डा एपीजे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री इसके उदाहरण हैं। प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तीकरण में काफी काम किया। स्वच्छ भारत मिशन में पूरे देश में शौचालयों के निर्माण, उज्जवला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में आगे बढना है तो समय का पूरा सदुपयोग करें। जो भी काम करें, पूर्ण मनोयोग से करें। एक बार किसी लक्ष्य का संकल्प लें तो उसके विकल्प के बारे में नहीं सोचना चाहिए।

महिलाओ का सम्मान चिंतन मनन के साथ आचरण में भी दिखे
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि देवभूमि देवियों की भी भूमि है। जिस समाज में नारी को पूजते हैं वहां कन्या भ्रूण हत्या सबसे बङा पाप है। हमें अपने विचारों को भी शुद्ध करना है। रुढिवादी मानसिकता से बाहर आकर लैंगिक समानता लानी है। यह केवल चिंतन मनन में ही नहीं बल्कि आचरण में भी दिखना चाहिए। राज्य सरकार बालिकाओं और महिलाओं को शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक तौर पर सशक्त बनाने के लिये काम कर रही है। नंदा गौरा योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, स्पर्श नैपकिन योजना ऐसी ही मुख्य योजनाएं हैं। इसी प्रकार वात्सल्य योजना सरकार की संवेदनशीलता को बताती है।

शिक्षा से ही महिला सशक्तिकरण सम्भव
विधायक झबरेङा देशराज कर्णवाल ने कहा कि बाबा साहेब अम्बेडकर जी ने बालिका शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण बताया था। शिक्षा से ही महिला सशक्तीकरण सम्भव है।
सचिव हरि चंद्र सेमवाल ने योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कुल 162 मेधावी छात्राओं को स्मार्ट फोन दिये गये हैं। कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्र ने किया।

वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित हुई

वन विभाग के वन्यजीव सप्ताह के तहत विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। चित्रकला में नालंदा शिक्षण संस्थान के आयुष राणा और निबंध में आकाश जेठूड़ी प्रथम स्थान पर रहे।
बुधवार को वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत श्यामपुर स्थित नालंदा शिक्षण संस्थान में रचनात्मक प्रतियोगिताएं हुई। इनमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। निर्णायक मंडल ने प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए। निबंध लेखन में प्रियंका नेगी ने बाजी मारी। जबकि शिखा बडोला, तनुश्री रावत, सृष्टि पैन्यूली क्रमशः द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ स्थान पर रहे। चित्रकला में पल्लवी भारती द्वितीय, शुभम तृतीय, आयुष पैन्यूली ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया।
शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के प्रांत पर्यावरण प्रमुख विनोद जुगलान एवं वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश महेंद्र सिंह रावत ने वन्यजीव के समापन से पहले वन्यजीवों एवं पर्यावरण संरक्षण के संबंध में जानकारी दी। प्रतियोगिता में अव्वल रहे छात्र-छात्राओं को लेखन सामग्री देकर सम्मानित किया। मौके पर वन दरोगा स्वयंबर दत्त कंडवाल, वन बीट अधिकारी राजेश बहुगुणा, नालन्दा शिक्षण संस्थान प्रमुख महावीर उपाध्याय, प्रधानाध्यापिका राम प्यारी कलूड़ा, टेक सिंह राणा, वीरेंद्र रयाल, विक्रम नेगी, रुचिका चौहान, प्रवेश सकलानी, अरविंद बडोनी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुनीता उपाध्याय आदि मौजूद रहे।

ग्रामीणों की मांगों पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने 40 लाख रूपये की दी स्वीकृति

ग्राम पंचायत ओड़ाड़ा, पसर एवं तमियार के सर्वांगीण विकास हेतु कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने 40 लाख रूपए तक के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की। इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय ओड़ाड़ा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया।
मंगलवार को ग्राम पंचायत ओड़ाड़ा, पसर एवं तमियार में संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यहां ग्रामीणों में विकास कार्यों के प्रति ललक देखने को मिली है। पूर्व में यह क्षेत्र सड़क व शिक्षा विहीन था। मगर अब विकास कार्यों के बाद यह क्षेत्र सड़क व शिक्षा दोनों से जुड़ चुका है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय ओड़ाड़ा के छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत करते हुए कहा कि आने वाले समय में यह बच्चे ही राष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर अपने अभिभावकों का नाम रोशन करेंगे। इस दौरान ग्रामीणों की ओर विकास हेतु विभिन्न कार्यों के लिए सौंपे गए 90 प्रतिशत प्रस्तावों को उन्होंने स्वीकृति प्रदान की। जिस पर ग्रामीणों ने कैबिनेट मंत्री का आभार जताया।
मौके पर ब्लॉक प्रमुख राजेन्द्र भंडारी, नगर पालिका मुनिकीरेती-ढालवाला अध्यक्ष रोशन रतूड़ी, प्रधान ओड़ाड़ा बबली रावत, प्रधान पसर नीलम रावत, पूर्व प्रधान नैन सिंह, वीर सिंह रावत, शूरवीर भंडारी, नगर पंचायत गजा अध्यक्ष मीना खाती, राम सिंह नेगी, किशन सिंह रावत, ज्ञान सिंह रावत, सिद्धार्थ राणा, मनीष डिमरी, गिरवीर नेगी, रमेश पंवार, चंद्रशेखर पंवार, राजेंद्र रावत, जगत सिंह नेगी आदि उपस्थित थे।

राज्य सरकार ने छात्रवृत्ति की धनराशि बढ़ाने का शासनादेश जारी किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के क्रम में डॉ. शिवानंद नौटियाल छात्रवृत्ति और श्रीदेव सुमन राज्य मेधावी छात्रवृत्ति में बढोतरी का शासनादेश जारी कर दिया गया है। अब डॉ. शिवानंद नौटियाल छात्रवृत्ति रूपए 250 प्रतिमाह से बढ़ाकर रूपए 1500 प्रति माह कर दिया गया है। साथ ही यह छात्रवृत्ति 11 बच्चों की बजाय 100 बच्चों को प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार श्रीदेव सुमन राज्य मेधावी छात्रवृत्ति में भी वृद्धि करते हुए इसे रूपए 150 प्रति माह से बढ़ाकर रूपए 1000 प्रतिमाह कर दिया गया है। श्रीदेव सुमन राज्य मेधावी छात्रवृत्ति योजना में प्रत्येक विकास खंड से 5 छात्र-छात्राओं का चयन कर राज्य भर से प्रतिवर्ष 475 छात्र-छात्राओं को इस छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाएगा।
गौरतलब है कि शिक्षा विभाग के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ये घोषणाएं की थीं।

रामचन्द्र तिवारी की सेवानिवृति पर स्कूल स्टाफ ने भावभीनी विदाई दी

राजकीय इंटर कॉलेज आईडीपीएल वीरभद्र ऋषिकेश देहरादून के शिक्षणेत्तर कर्मचारी रामचंद्र तिवारी के सेवानिवृत्ति के उपरांत विद्यालय परिवार ने उनको सहर्ष विदाई समारोह के द्वारा विदाई दी।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव लोचन सिंह ने कहा कि विगत 40 वर्ष की लंबी सेवा के उपरांत बेदाग सेवानिवृत्त होना सौभाग्य की बात है। हम इनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं। इस अवसर पर रमाशंकर विश्वकर्मा, सूरजमणि, अनिल कुमार श्रीवास्तव, विजय पाल सिंह, श्याम सुन्दर रयाल, सुशील रावत,ललित मोहन जोशी, बी पी सती, हरेंद्र राणा, सीडी डंगवाल, राजेंद्र प्रसाद सेमवाल, प्रसाशनिक अधिकारी आर पी नौटियाल, आदित्य प्रसाद उनियाल, दिलबर सिंह नेगी, ललित कुमार चौहान, मनोज कुमार शर्मा, विनोद सिंह पवार, केशवानंद ममगाई, रामकरण यादव, मनोज कुमार गुप्ता, इंदु नेगी, सरोज लोचन, रश्मि सजवान, मोनिका रौतेला, लता अरोड़ा, बलबीर रावत सहित समस्त विद्यालय परिवार ने उनको भावभीनी विदाई दी।

मिड डे मिल का नाम अब पीएम पोषण, केन्द्र सरकार 1.30 लाख करोड़ करेगी खर्च

स्कूली बच्चों को पर्याप्त पोषण मुहैया कराने में जुटी केंद्र सरकार ने आज एक बड़ा फैसला लिया। इसके तहत स्कूली बच्चों से जुड़ी करीब 26 साल पुरानी मिड-डे मील स्कीम के नाम को बदलकर पीएम पोषण (प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण) करने का एलान किया गया है। इसका मतलब है कि केन्द्र सरकार अब भोजन देने के साथ ही बच्चों को सेहतमंद भी बनाएगी। पूरी स्कीम में कई अहम बदलावों को भी मंजूरी दी गई है। अगले पांच साल में स्कीम पर करीब 1.30 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में बुधवार को हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीईए) की बैठक में मिड-डे मील स्कीम में बदलाव को यह मंजूरी दी गई। इस पूरी योजना का लाभ देशभर के करीब 12 करोड़ स्कूली बच्चों और करीब 11 लाख स्कूलों को मिलेगा। पीएम पोषण के नाम से यह स्कीम इसी वित्तीय वर्ष से लागू होगी।
स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन मुहैया कराने के लिए मिड-डे मील स्कीम की यह शुरुआत वर्ष 1995 में की गई थी। तब से यह स्कीम लगातार संचालित है और सरकार की लोकप्रिय स्कीमों में शुमार है। इस पूरे बदलाव के पीछे जो अहम वजह बताई जा रही है, उनमें स्कीम के मौजूदा नाम और स्वरूप में फोकस सिर्फ भोजन पर था, जबकि सरकार का फोकस स्कूली बच्चों को अब पोषण युक्त भोजन उपलब्ध कराने पर है जो नई स्कीम से स्पष्ट हो रहा है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने बुधवार को सीसीईए की मंजूरी के बाद योजना में किए गए बदलावों को साझा किया और कहा कि इसमें पारदर्शिता पर जोर दिया गया है। स्कूलों को पैसा अब सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिये भेजा जाएगा। साथ ही पोषण युक्त भोजन देने में प्रत्येक जिले को यह छूट भी दी जाएगी कि वह स्थानीय स्तर पर उपयुक्त पोषण युक्त खाद्यान्न या फिर मोटे आनाज को स्कूली बच्चों के खाने में शामिल कर सके।
वहीं, पीएम पोषण के दायरे में अब प्री-प्राइमरी के बच्चे भी शामिल होंगे। यानी उन्हें भी स्कूलों में अब पोषण युक्त भोजन मिलेगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति आने के बाद ही प्री-प्राइमरी को स्कूली शिक्षा में जोड़ा गया है। स्कूलों में इसके लिए बाल वाटिका खोलने का प्रस्ताव है। एक सवाल के जवाब में प्रधान ने कहा कि अगले दो से तीन साल में सभी स्कूलों में बाल वाटिका खुल जाएंगी।
पोषण मुहिम में सरकार ने स्कूली बच्चों के बीच आपसी जुड़ाव बढ़ाने के लिए तिथि भोजन की पहल को भी तेजी से आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। इसमें स्कूली बच्चों को महीने में कम से कम एक दिन या विशेष अवसरों पर घर से खाने का एक और टिफिन लाना होगा जो वे आस-पास के किसी दूसरे स्कूल में जाकर बच्चों को खिलाएंगे। साथ ही उसके साथ अपना टिफिन भी खाएंगे।
यह स्कीम सीबीएसई स्कूलों में शुरू की जा चुकी है। साथ ही यह स्वैच्छिक है। जो बच्चे चाहें, इस मुहिम में शामिल हो सकते हैं। नई स्कीम में स्कूलों में शुरू हुई पोषण बगीचे (न्यूट्रिशन गार्डन) की मुहिम को रफ्तार देने पर भी जोर दिया गया है, जिसमें ताजी सब्जियां आदि उगाई जाती हैं।

अब नई एसओपी में दिये गये समय के अनुसार खुलेंगे स्कूल

उत्तराखंड में स्कूलों के खोलने और बन्द करने को लेकर नई समय सारणी निर्धारित कर दी गई है। सरकार ने इसके लिए एसओपी भी जारी की है। अब प्रदेश के समस्त स्कूल नए निर्देश के अनुसार खुलेंगे और बन्द होंगे। इसका सख्ती से पालन करना होगा।
एसओपी के अनुसार, राज्य में अब सभी विद्यालयों का संचालन गर्मियों में एक अप्रैल से 30 सितम्बर तक प्रातः 8.00 बजे से लेकर अपराहन 1.00 बजे तक होगा। वही शीतकाल में एक अक्टूबर से 31 मार्च तक प्रातः 9 बजकर 30 मिनट से अपराहन 3 बजकर 30 मिनट तक की समय सीमा निर्धारित की गई है।

आजादी का अमृत महोत्सव में जनभागीदारी अभियान का पालिका मुनिकीरेती ने किया आयोजन

नगर पालिका परिषद मुनीकीरेती-ढालवाला ने ’आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत पालिका सभागार में नगर क्षेत्र के स्कूलों के विद्यार्थियों के माध्यम से जनभागीदारी अभियान के अर्न्तगत कला एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया। जिसमें पालिका द्वारा छात्र-छात्राओं को स्वच्छ गंगा, नमामि गंगे एवं सोर्स सेग्रिगेशन विषय पर आधारित कला एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का विषय दिया गया। इस प्रतियोगिता में पालिका क्षेत्र के 10 स्कूलों के 85 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का आयोजन अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट के द्वारा किया गया। अधिशासी अधिकारी ने छात्र-छात्राओं को नगर क्षेत्र को साफ रखने एवं स्वच्छ गंगा के सपने को साकार करने की अपील करते हुए संदेश प्रसारित करने का भी आग्रह किया गया।
इस दौरान पालिका के सभासद विनोद सकलानी, वीरेंद्र सिंह चौहान, अजय रमोला, रामकृष्ण पोखरियाल विद्या निकेतन जूनियर हाई स्कूल, वीरेंद्र दत्त कुड़ियाल लाल बहादुर शास्त्री स्कूल, काजल पूनम पब्लिक स्कूल, सुरेश स्वामी परमानंद स्कूल, विमला बड़ौला एसवीएम इंटर कॉलेज, रिचा मंडल मदर मैरी कल स्कूल, रश्मि बुटोला मदर मेडिकल, शालिनी शर्मा श्री पूनम पब्लिक स्कूल, आदि स्कूल के अध्यापक एवं पालिका से अनुराधा गोयल, भूपेंद्र पंवार, दीपक कुमार, सतेंद्र, मनोज आदि शामिल रहे।

ज्ञानवाणी चैनल से ऑनलाईन शिक्षा और सुलभ होगी-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में ज्ञानवाणी चैनल का वर्चुअल शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा की राज्य में छात्र-छात्राओं को ऑनलाईन शिक्षण अधिगम से लगातार जोड़े रखने हेतु उत्तराखण्ड राज्य शिक्षा विभाग और जियो ने मिलकर नए ऑनलाईन एजुकेशन चैनल ज्ञानवाणी-1 और ज्ञानवाणी-2 का शुभारंभ एक अच्छा प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाय कि बच्चों को ऑनलाइन शिक्षण के उद्देश्य से शुरू किए गए एजुकेशन चैनल ज्ञानवाणी का लाभ प्रदेश के सभी बच्चों को मिले। ज्ञानवाणी चौनल की सार्थकता तभी होगी जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों तक इसका लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा की बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में स्कूलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षण के लिए अनेक सराहनीय प्रयास किए गए। स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी शैक्षणिक गतिविधियां चल रही है।
शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि कोविड के दौरान ऑनलाइन शिक्षण का प्रचलन शुरू हुआ। आज ऑनलाइन माध्यम से अनेक शैक्षणिक गतिविधियां की जा रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि ज्ञानवाणी चौनल के माध्यम से पीएम ई विद्या के कंटेंट को भी शामिल किया जाय। जो पूर्णतः एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर आधारित है।
शिक्षा सचिव राधिका झा ने कहा कि ऑफलाइन शिक्षण के साथ ही बच्चों को ऑनलाइन माध्यम से ही शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ज्ञानवाणी-1 प्राथमिक कक्षाओं एवं ज्ञानवाणी-2 माध्यमिक कक्षाओं के लिए चलाया जा रहा है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी जियो विशाल अग्रवाल ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान से जुड़े सभी एनजीओ भी शिक्षा विभाग के माध्यम से ज्ञानवाणी में कंटेंट का प्रसारण कर सकते हैं। उन्होंने बताया की जल्द ही धारचूला में जियो की 4जी कनेक्टिविटी शुरू की जाएगी।
इस अवसर पर शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून डॉ. मुकुल सती, जियो के स्टेट कॉर्डिनेटर दीपक सिंह एवं वर्चुअल माध्यम से सभी मुख्य शिक्षाधिकारी एवं प्रधानाचार्य मौजूद थे।