महत्वपूर्ण 11 फैसलों पर शिक्षा मंत्री ने लगाई मुहर

राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने प्रदेश शिक्षा विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी, निदेशक प्राथमिक, माध्यमिक, एससीईआरटी एवं विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने प्रदेश में शिक्षा एवं शिक्षा व्यवस्था के उन्नयन हेतु सम्बंधित अधिकारियों को निम्नवत निर्देशित किया।
अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में स्क्रीनिंग परीक्षा के पश्चात शिक्षकों की तैनाती की स्थिति, शिक्षकों के शेष रिक्त पदों को भरने हेतु योजना, प्रधानाचार्य की तैनाती विषयक, अनुश्रवण की योजना, नवीन प्रवेशओं की स्थिति, व्यापक प्रचार प्रसार के संबंध में ।
प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों/प्रधानाचार्य के रिक्त पदों को भरने हेतु योजना के संबंध में।
प्रदेश के शून्य/अति न्यून संख्या वाले हाईस्कूल/इंटर कॉलेजों एवं उनमें कार्यरत अध्यापकों की सूचना तथा समीक्षा के संबंध में।
वन केंपस वन स्कूल के संबंध में पूर्व दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति के संबंध में।
राजीव गांधी नवोदय विद्यालय तथा राजीव गांधी अभिनव विद्यालयों के संबंध में पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति के संबंध में।
प्रदेश में प्रस्तावित फीस एक्ट के संबंध में।
प्राथमिक शिक्षक भर्ती के संबंध में।
वर्तमान शैक्षणिक सत्र हेतु समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विद्यालयों हेतु महत्वपूर्ण योजनाएं, प्राप्त बजट की स्थिति तथा योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु समृद्धि कार्य योजना के संबंध में।
सी.आर.पी/बी.आर.पी. की तैनाती के संबंध में।
छात्र-छात्राओं को पुस्तकें उपलब्ध कराने हेतु धनराशि की डीबीटी की स्थिति के संबंध में।
आगामी 27 अगस्त को वर्चुअल माध्यम से राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के अभिभावकों से वर्चुअल संवाद के संबंध में।

स्वतंत्रता संग्राम में गुरूकुल कांगड़ी का अप्रतिम योगदान रहा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देवभूमि विज्ञान समिति द्वारा स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित ‘‘स्वतंत्रता संग्राम में गुरूकुल कांगड़ी का अप्रतिम योगदान’’ कार्यक्रम को अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में सम्बोधित किया।
मुख्यमंत्री ने वेबिनार के माध्यम से कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि गुरूकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय का शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में भी योगदान रहा है। 19वीं सदीं के कालखण्ड में भारत में जिन महानुभावों ने जन जागृति की ज्योत जगायी उनमें ऋषि दयानन्द का प्रमुख स्थान रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी दयानन्द ने गुरूकुल शिक्षा प्रणाली की जो नींव डाली, उससे भारत में पुनः सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में अपनी विशिष्ट योगदान दिया। आर्य समाज की स्थापना जहां उनके द्वारा किया गया महान कार्य था। वहीं गुरूकुल आधारित शिक्षा प्रणाली को पुनः मुख्य धारा से जोड़ने का महान कार्य उन्होंने किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरूकुल कांगड़ी एक विश्व विद्यालय ही नहीं बल्कि राष्ट्र आराधना के लिये तत्पर एक तीर्थ के समान भी है।
उन्होंने कहा कि स्वामी दयानन्द ने सामाजिक जन जागरण की जो दृष्टि दिखाई उसे कार्यरूप में परिणति तक पहुंचाने का कार्य उनके महान शिष्य स्वामी श्रद्धानन्द जी ने 1901 में गुरूकुल काँगड़ी की स्थापना कर की।
स्वामी श्रद्धानन्द द्वारा अंग्रजों द्वारा लागू की गई शिक्षा पद्धति के स्थान पर वैदिक धर्म तथा भारतीयता की शिक्षा देने के लिये स्थापित गुरूकुल विद्यालय आज गुरूकुल कांगड़ी विश्व विद्यालय के रूप में शिक्षा का प्रमुख केन्द्र के रूप में प्रतिष्ठित है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना देते हुए स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के अवसर पर शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले संस्थान के योगदान पर सेमिनार के आयोजन के लिये आयोजकों के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन देवभूमि विज्ञान समिति के सचिव डॉ हेमवती नन्दन गुरूकुल काँगड़ी सम विश्वविद्यालय ने किया।
इस कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी तथा उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक आदेश चौहान, विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव जयंत सहस्त्रबुद्धे, प्रो. रूप किशोर शास्त्री कुलपति गुरूकुल काँगड़ी विश्वविद्यालय, प्रो के.डी. पुरोहित अध्यक्ष देवभूमि विज्ञान समिति प्रो. एन.एस भण्डारी, डॉ. नरेन्द्र सिंह आदि ने भी सम्बोधित किया।

शिक्षा विभाग ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

उत्तराखंड में लंबे समय बाद बच्चों के लिए खुले स्कूलों में उनकी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कोविड नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। शिक्षा विभाग ने अभिभावकों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, जिस पर स्कूलों में कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन की शिकायत की जा सकती है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. मुकुल कुमार सती ने कहा कि स्कूल आ रहे बच्चों की सुरक्षा और साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। जिले में सभी स्कूलों का संचालन शासन की ओर से जारी कोरोना गाइडलाइन के तहत ही किया जा रहा है।

अगर किसी स्कूल में कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है तो अभिभावक हेल्पलाइन नंबर 0135-2787028 पर सुबह दस बजे से शाम पांच तक शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद जांच कर संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल प्रबंधक के खिलाफ अभिभावकों का प्रदर्शन
दिल्ली रोड स्थित एक निजी स्कूल पर अभिभावकों ने बच्चों को बिना ऑनलाइन पढ़ाए फीस मांगने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इससे पहले अभिभावकों ने अपने बच्चों के नाम स्कूल से कटवा लिए और टीसी मांगी थी। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने टीसी तो दे दी, लेकिन उसमें नाम कटवाने का कारण फीस जमा नहीं करना लिख दिया। ये देख अभिभावक भड़क उठे। उनकी स्कूल स्टाफ के साथ नोकझोंक भी हुई।

चिल्ड्रेन सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर छात्रों के अभिभावकों ने क्षेत्रीय पार्षद सचिन चौधरी के साथ स्कूल प्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने कहा कि इस साल उनके बच्चों ने कक्षा दस की परीक्षा दी थी। हाल ही में उनका रिजल्ट आया है। इसके बाद कक्षा 11वीं की कक्षाएं शुरू हुईं तो प्रबंधक ने उनसे अप्रैल से अगस्त तक ऑनलाइन पढ़ाई करवाने की बात कहते हुए फीस मांगी। आरोप है कि रिजल्ट आने से पहले कोई ऑनलाइन कक्षाएं नहीं चलीं। ऐसे में अभिभावकों ने अगस्त से पहले की फीस देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि तीन दिन पहले उनके बच्चों को टेस्ट नहीं देने दिया गया और बाहर निकाल दिया। इससे गुस्साए लोगों ने स्कूल प्रबंधक से अपने बच्चों की टीसी मांगी थी।

स्कूल प्रबंधक ने दो दिन बाद आकर टीसी ले जाने की बात कही थी। आरोप है कि बुधवार को टीसी लेने के लिए उन्हें स्कूल परिसर में नहीं आने दिया गया। बाहर से ही टीसी देकर भेजना चाहा। जब उन्होंने टीसी ली तो उसमें ये अंकित कर दिया गया कि फीस जमा नहीं करने के चलते बच्चे का नाम काटा जा रहा है। इस बात से अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने स्कूल प्रबंधक के खिलाफ जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। इस दौरान स्कूल स्टाफ की अभिभावकों से कहासुनी भी हुई। वहीं, पार्षद सचिन चौधरी का कहना है कि किसी भी कीमत पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। हंगामा करने वाले अभिभावकों में अशोक सिंह, ओमप्रकाश, तरुण गैरा, जितेंद्र पंवार, गीता गैरा, पूनम, मोहम्मद कामिल, नरेंद्र कुमार, सोनल, गीता, पिंकी, सुनील कुमार, ज्योति, उमेश चौहान, कुसुम, सीमा पंवार, सचिन कुमार, सोनिया सैनी, डोली त्यागी आदि मौजूद रहे।

राज्य के विकास के लिए धामी ने मांगा राजनाथ सिंह का सहयोग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से सामरिक महत्व को देखते हुए टनकपुर-बागेश्वर रेल लाईन ब्राडगेज (बीजी) की स्वीकृति के लिये रक्षा मंत्रालय के स्तर से भी संस्तुति करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने जखोली, रुद्रप्रयाग में स्वीकृत सैनिक स्कूल की अवस्थापना सुविधाओं के लिए एमओयू में संशोधन करते हुए केन्द्रीय सहायता का भी अनुरोध किया।

सामरिक महत्व के दृष्टिगत टनकपुर-बागेश्वर ब्राडगेज लाईन जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के क्षेत्रीय सामाजिक सांस्कृतिक तथा पर्यटन के विकास और सामरिक दृष्टिकोण से रेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा टनकपुर और बागेश्वर के बीच नैरोगेज रेलवे लाईन हेतु सर्वे का आदेश निर्गत किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नैरोगेज रेलवे लाईन से न तो सामरिक महत्व के मसले हल होंगे और न ही यहां की यातायात व अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति होगी। यह लाईन ब्राडगेज में होनी चाहिये। चीन और नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित होने के कारण यह रेल लाईन सामरिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। साथ ही यह नये व्यापार केन्द्रों को भी जोड़ेगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रक्षा मंत्री से उनके स्तर से भी टनकपुर-बागेश्वर ब्राडगेज लाईन की स्वीकृति के लिये संस्तुति किये जाने का अनुरोध किया।

जखोली, रुद्रप्रयाग में स्वीकृत सैनिक स्कूल की अवस्थापना सुविधाओं के लिए केन्द्रीय सहायता का अनुरोध
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि उत्तराखण्ड राज्य में एक अतिरिक्त सैनिक स्कूल जखोली, जनपद रुद्रप्रयाग में खोले जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी थी। इसके लिए रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार तथा उत्तराखण्ड राज्य के मध्य एमओयू किया गया था। सैनिक स्कूल की स्थापना हेतु उत्तराखण्ड राज्य द्वारा अवस्थापना संबंधी सुविधायें उपलब्ध कराई जानी थी। मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए एमओयू में संशोधन करते हुए अवस्थापना विकास हेतु वित्तीय सहायता भारत सरकार द्वारा प्रदान किये जाने का आग्रह किया।

15 विषयों में प्री पीएचडी के लिए 70 सीटें निर्धारित

श्रीदेव सुमन विवि इसी सत्र से पहली बार प्री पीएचडी शुरू करने जा रहा है। कोरोना संक्रमण की स्थिति सामान्य होते ही अक्तूबर-नवंबर तक प्रवेश परीक्षा आयोजित होगी। 15 विषयों में प्री पीएचडी के लिए 70 सीटें निर्धारित की गई हैं। प्री पीएचडी के छह माह का पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए विवि प्रशासन ने सभी 15 विषयों के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों की कमेटियों का गठन कर लिया है। पहले बैच में सिर्फ विवि से संबद्ध राजकीय महाविद्यालयों में ही प्री पीएचडी होगी।
प्री पीएचडी में दाखिले के लिए विवि प्रशासन ने पहले जुलाई में प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की तैयारी की थी, लेकिन कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए विवि ने सेंट्रल हिमालयन एनवायरमेंट एसोसिएशन से 2019 में एमओयू भी कर लिया है, लेकिन विवि से संबद्ध महाविद्यालयों से सीटों और विषयों की संख्या की रिपोर्ट मिलने में हुए विलंब के चलते विवि सीटों की संख्या का सही निर्धारण नहीं कर पाया था। 
विवि के प्रभारी कुलसचिव डा. एमएस रावत ने बताया कि प्री पीएचडी के लिए 15 विषयों में 70 सीटें निर्धारित कर ली गई हैं। प्री पीएचडी में प्रवेश के लिए कॉमन एंट्रेस टेस्ट के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए सभी विषयों में कमेटियों का गठन कर लिया गया है। जल्द ही कमेटियों की बैठक आयोजित कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिसर्च डिग्री कमेटी की रिपोर्ट मिलते ही प्री पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तिथि घोषित की जाएगी। स्थानीय विषयों पर ही विवि का शोध कराने पर विशेष फोकस रहेगा। तभी विवि के शोध कार्यों का लाभ स्थानीय समुदाय को मिल सकता है।

इन विषयों में होगी प्री पीएचडी
हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, शिक्षाशास्त्र, सैन्य विज्ञान, कामॅर्स, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, जंतु विज्ञान, भू-गर्भविज्ञान, गणित।

चार स्कूलों की लापरवाही छात्रों पर पड़ी भारी, रिजल्ट रोका गया

लंबे इंतजार के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं का रिजल्ट जारी किया। लेकिन देहरादून रीजन के चार स्कूलों को बोर्ड रिजल्ट के लिए अभी भी इंतजार करना होगा। दरअसल, सीबीएसई बोर्ड के पोर्टल पर गलत जानकारी अपलोड करने के चलते दून रीजन के चार स्कूलों का रिजल्ट रोक दिया गया है। 
कोरोनाकाल में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बार बोर्ड परिक्षाओं को रद्द किया गया था। जिसके बाद बोर्ड ने छात्रों का रिजल्ट पिछली कक्षाओं के आधार पर तैयार किया है्, लेकिन बोर्ड के पोर्टल पर छात्रों से जुड़ी जानकारी जैसे रोल नंबर, नाम, जन्म तिथि, जिला या राष्ट्रीय स्तर का डाटा या विषयवार नंबर गलत भरने पर बोर्ड की ओर से महाश्री विद्या मंदिर रामपुर, सेंट एजीएम स्कूल सहारनपुर, हैप्पी होम कोटद्वार और एस पब्लिक स्कूल रुड़की का रिजल्ट जारी नहीं किया गया।

छात्रों का रिजल्ट जारी न होने से परेशान स्कूल प्रबंधकों ने सीबीएसई के कार्यालय से संपर्क किया तो उन्हें बोर्ड की ओर से बताया गया कि आपकी ओर से जानकारी गलत देने के चलते छात्रों का रिजल्ट रोका गया है। बोर्ड की ओर से इन सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि पोर्टल पर सही डाटा उपलब्ध कराया जाए। जिसके बाद 10वीं का रिजल्ट जारी किया जाएगा। 

वहीं, सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने बताया कि छोटी सी गलती को भी ऑनलाइन पोर्टल पर पकड़ लिया जाता है। ऐसे में छात्रों के हितों को देखते हुए ही रीजन के चार स्कूलों का रिजल्ट को रोका गया है। इस संबंध में छूटे हुए स्कूलों को सूचित कर दिया गया है। सही डाटा मिलने के बाद स्कूल का रिजल्ट सप्ताह भर में जारी किया जाएगा। 

नेता प्रतिपक्ष का सरकार पर हमला, बच्चों की जान से खिलवाड़ कर रही है सरकार

कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के बीच उत्तराखंड सरकार ने आज से कक्षा 9 से 12 वीं तक के बच्चों के लिए स्कूल खोल दिए हैं। जबकि संक्रमण से बचाव के लिए अभी बच्चों का कोविड टीकाकरण तक शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में स्कूली बच्चों को बिना सुरक्षा कवच के स्कूल जाना पड़ रहा है। जिससे बच्चों में संक्रमण फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों पर संक्रमण का असर ज्यादा होने को लेकर विशेषज्ञ पहले ही आगाह कर चुके हैं। सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस सवाल खड़ा कर रही है। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आधी-अधूरी तैयारियों के साथ स्कूल खोलने का फैसला बच्चों की जान से खिलवाड़ करने वाला है। हम स्कूल खोलने का विरोध नहीं कर रहे हैं लेकिन बच्चों को संक्रमण से बचाव के लिए स्कूलों में किस तरह की इंतजाम किए गए हैं। इसे लेकर पहले पूरी तैयारियां की जानी चाहिए थी। सभी स्कूलों में पूर्ण इंतजाम होने के बाद स्कूल खोले जाने चाहिए थे। प्रीतम सिंह ने कहा कि पहली लहर में कोरोना संक्रमण काबू में आने के बाद सरकार ने स्कूल खोलने का फैसला लिया था। लेकिन स्कूलों में बच्चों और अध्यापकों के संक्रमित होने पर फिर से स्कूल बंद करने पड़े। सरकार अपने पूर्व के फैसलों से सबक नहीं ले रही है। एक तरफ सरकार व स्वास्थ्य विभाग कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बच्चों को संक्रमण से बचाव व उपचार की तैयारियां कर रही है। वहीं, दूसरी तरफ आधी अधूरी तैयारियों के बीच जो स्कूल खोलने का फैसला लिया है हम उसका विरोध कर रहे हैं।

’शिक्षकों और कर्मचारियों का नहीं हुआ पूर्ण वैक्सीनेशन’

नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि सरकार ने आनन-फानन स्कूल खुलवाकर बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने का काम किया है। उनकी जानकारी में आया है कि स्कूलों के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों का अभी तक वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। 20 फीसदी से अधिक शिक्षकों एवं कर्मचारियों का अभी वैक्सीनेशन भी नहीं हुआ है। सरकार ने किसी भी जिम्मेदारी से बचने के लिए कह दिया है कि स्कूल में उन छात्रों को ही प्रवेश मिल रहा है, जिनके पास अभिभावकों का सहमतिपत्र है। यानि आप समझ सकते हैं कि सारी जिम्मेदारी अभिभावकों की होगी। लंबे समय से बंद स्कूलों में साफ-सफाई न होने कई स्कूलों में झाड़ियां उग आई हैं। इन स्कूलों में सफाई नहीं की गई है। ऐसे में आप खुद समझ सकते हैं कि सरकार को बच्चों की कितनी चिंता है।

’बिना बजट कहां से होगा सैनिटाइज’

नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि उनकी जानकारी में आया है कि स्कूलों के पास सैनिटाइजेशन करवाने तक के लिए अलग से फंड की व्यवस्था नहीं है। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों को सैनिटाइज करने के आदेश तो जारी किए गए हैं, लेकिन इसके लिए बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है। स्कूल खुलने से पहले विभाग को इसके लिए बजट की व्यवस्था करनी चाहिए थी।

’स्कूलों में नहीं है शौचालय और पानी की सुविधा’

प्रतीम सिंह ने कहा कि राज्य के 1170 स्कूलों में शौचालय की व्यवस्था नहीं है। वहीं 2109 स्कूलों में बच्चों को पीने के पानी की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है और सरकार कह रही है कि उत्तरखंड खुले में शौच मुक्त हो चुका है। यही नहीं एक रूपये में हर घर नल, हर घर जल पहुंचाया जा रहा है। सरकार की पोल खुद सरकारी स्कूल खोल रहे हैं।

केन्द्र सरकार की योजनाओं का उत्तराखंड को मिल रहा लाभ

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय, केदारपुरम में डॉ. भीमराव अम्बेडकर चेयर स्थापना उद्घाटन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. देवेन्द्र प्रसाद मांझी द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘रीविजिटिंग डॉ. अम्बेडकर-थॉटस एण्ड फिलासफी’’ पुस्तक का विमोचन भी किया।
शोध एवं नवाचार केन्द्र, गढ़वाली, कुमांउनी, जौनसारी भाषाओं में एक वर्षीय सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम, उत्तराखण्ड की लोक कला पर आधारित दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम सहित अनेक घोषणाएं
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने दून विश्वविद्यालय में डॉ0 आम्बेड़कर फाउंडेशन, सामाजिक कल्याण एवं आधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पोषित डॉ0 आम्बेड़कर चेयर की स्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही राज्यपाल ने दून विश्वविद्यालय में मौलिक शोध एवं नवाचार को विकसित करने हेतु शोध एवं नवाचार केन्द्र की स्थापना करने, सत्र 2020-21 से दून विश्वविद्यालय में बी.एस.सी इन्टेग्रेटेड बॉयोलॉजिकल सांइसेस, गढ़वाली, कुमांउनी, जौनसारी भाषाओं में एक वर्षीय सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम, उत्तराखण्ड की लोककला पर आधारित दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (एम0ए0 थियेटर), एम0ए0,एम0एस0सी0 गृहविज्ञान, बी0ए0(ऑनर्स) मनोविज्ञान जैसे नये पाठ्यक्रमों के शुभारंभ की घोषणा की है।
कोविड-19 में अनाथ बच्चों के लिए दून विश्वविद्यालय में संचालित प्रत्येक पाठ्यक्रम में एक सीट इस सत्र में आरक्षित
राज्यपाल ने कहा कि कोरोना वायरस से फैली वैश्विक महामारी कोविड-19 की त्रासदी में जो बच्चे अनाथ हुए हैं उनके लिए दून विश्वविद्यालय में संचालित प्रत्येक पाठ्यक्रम में एक सीट इस सत्र में आरक्षित की जायेगी। यह सीट पूर्व से आवंटित सीटों के अतिरिक्त होगी।
राज्यपाल ने कहा कि दून विश्वविद्यालय इस चेयर के माध्यम से राज्य में महिला सशक्तीकरण, सामाजिक न्याय, सामाजिक बदलाव, मानवाधिकार एवं जातिगत भेदभाव जैसे विषयों पर अनुसंधान एवं शिक्षण के लिए विशेष रूप से सक्रिय रहेगा।
राज्यपाल मौर्य ने कहा कि भारतीय समाज के ताने-बाने की गहरी समझ रखने वाले बाबा साहेब ने संविधान में विभिन्न कानूनों का समावेश किया ताकि देश की सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। आज भी हम उस राष्ट्र के निर्माण में लगे हैं जिससे बाबा साहेब के सपनों का भारत बन सके। जहाँ लोग बिना छुआछूत, धर्म या जाति के भेदभाव के एक सम्मानित जीवन जी सकें। हमारे विश्वविद्यालयों का यह दायित्व है कि बाबा साहेब के सपनों को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वद्यालयों को लोक कलाओं, लोक संगीत एवं लोक संस्कृति के संरक्षण के लिये कार्य करना चाहिये।

दून विवि में पुस्तकालय भवन के लिए बजट की व्यवस्था जल्द
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दून विश्वविद्यालय को डॉ. भीमराव अम्बेडकर चेयर स्थापना का सौभाग्य प्राप्त हुआ, यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन संघर्ष एवं सामाजिक सरोकारों के लिए उनके द्वारा किये गये कार्यों से सभी परिचित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दून विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सराहनीय प्रयास किये जा रहे हैं। दून विश्वविद्यालय में पुस्तकालय भवन के लिए बजट की व्यवस्था जल्द की जायेगी।

राज्य सरकार क्वालिटी ऑफ वर्क के लिए संकल्पबद्ध
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हर क्षेत्र में क्वालिटी ऑफ वर्क देने का प्रयास किया जायेगा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न समस्याओं के समाधान एवं शैक्षणिक गुणवत्ता के सुधार के लिए जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सीमित आर्थिक संसाधन हैं, इसके बावजूद भी राज्य सरकार द्वारा जनहित में अनेक निर्णय लिये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी घोषणाएं की जायेंगी, समयबद्धता के साथ वे पूर्ण भी की जायेंगी। सबको साथ लेकर राज्य को आगे बढ़ाया जायेगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि 2027 तक उच्च शिक्षा, पर्यटन, कृषि एवं सड़कों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनायेंगे।

रोजगार के लिए रोडमैप
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अपनी पहली कैबिनेट में ही सरकार ने जनहित से संबंधित अनेक निर्णय लिये। राज्य में विभिन्न विभागों के अनेक रिक्त पदों पर भर्तियां करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्रक्रिया भी तेज हो चुकी है। स्वरोजगार की दिशा में भी राज्य सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में 10 लाख से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए रोडमैप बनाया जा रहा है। कोविड की वजह से भर्ती प्रक्रियाओं में अभ्यर्थियों को अधिकतम आयुसीमा में एक साल की छूट प्रदान की गई है। एनडीए एवं सीडीएस की प्रारम्भिक परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50 हजार की वित्तीय सहायता एवं संघ लोक सेवा आयोग की प्रारम्भिक परीक्षा पास करने वाले सभी अभ्यर्थियों एवं पीसीएस प्रारम्भिक परीक्षा पास करने वाले चयनित 100 अभ्यर्थियों को मेन्स एवं साक्षात्कार के लिए 50-50 हजार रूपये की वित्तीय सहायता दी जायेगी।

कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन व स्वास्थ्य क्षेत्र के लिये पैकेज
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखण्ड की महत्वपूर्ण यात्रा है। उत्तराखण्ड के ये धाम लोगों के आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं। अनेक लोगों की आजीविका चारधाम यात्रा से जुड़ी है। पर्यटन और चारधाम यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए 200 करोड़ का पैकेज दिया है। जिससे 01 लाख 65 हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। कोविड -19 से निपटने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र एवं इससे जुड़े कार्मिकों के लिए 205 करोड़ रूपये का राहत पैकेज दिया जा रहा है। इससे राज्य में 03 लाख 73 हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड से किसी के हक हकूक प्रभावित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जायेगा। इसके लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि दून विश्वविद्यालय में राज्य के पहले डॉ. भीमराव अम्बेडकर चेयर स्थापना हुई है। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर भी दून विश्वविद्यालय में एक चेयर की स्थापना की जायेगी। दून विश्वविद्यालय में डॉ. नित्यानन्द हिमालयी शोध एवं अध्ययन संस्थान शीघ्र बनकर पूर्ण हो जायेगा।
विधायक विनोद चमोली ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने वंचित वर्गों के शोषण एवं रूढ़िवादिता को समाप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर फाउण्डेशन के निदेशक डॉ. देवेन्द्र प्रसाद मांझी, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, कुलसचिव डॉ. एस.एस. मन्द्रवाल, विश्वविद्वालय के प्रोफेसर एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

उत्तराखंड सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में 11 प्रस्तावों पर मुहर लगी


कैबिनेट ने शिक्षण संस्थानों को 1 अगस्त से सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक के स्कूलों को खोले जाने का फैसला लिया है।

इसके साथ ही 23 से 27 अगस्त तक विधानसभा सत्र होगा।

कैबिनेट ने कौसानी को क्षेत्र घोषित कर दिया है। इसके साथ ही कौसानी को नगर पंचायत बनाने के रूप में मंजूरी दे दी है।

पंतनगर में ग्रीनफील्ड एअरपोर्ट को लेकर भी चर्चा हुई, जिस पर कैबिनेट ने 6 महीने के अंदर DPR बनाने के निर्देश दिए हैं।साथ ही एयर इंडिया को कंसल्टेंट नियुक्त करने की भी मंजूरी दी है।

आर्थिक संकट से गुजर रहे छात्रों को यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा आयोजित परीक्षा में जिसमें प्रिमलरी टेस्ट का प्रावधान है। उसमें बच्चों को 50 हजार सहायता किया जाएगा। यानी राज्य सरकार अब 100 बच्चों को तैयारियों के लिए पैसा देगी।

सरकार द्वारा पर्यटन क्षेत्रों के तमाम लोगों को पैकेज के माध्यम से मदद करने की घोषणा को सरकार ने अनुमोदित किया।

सांस्कृतिक दलों को ₹2000 प्रति माह के हिसाब से 5 महीने तक सहायता दी जाएगी।

देहरादून एसीपी वेतन विसंगति सम्बन्धी प्रकरणों में फैसला लिया गया है। पूर्व चीफ सेक्रेटरी इंदु कुमार पांडेय के नेतृत्व में कमेटी बनी। इस रिपोर्ट के आधार पर सब कमेटी की रिपोर्ट बनेगी। अधिकतम तीन माह में मिलेगी रिपोर्ट।

ऊर्जा महकमे में जारी आंदोलन के बाबत बनी कमेटी।
अमिता जोशी,अरुन्द्र चैहान,वित्त अनुभाग के अफसर शामिल होंगे।

मेडिकल कॉलेज हरिद्वार, पिथौरागढ़, रुद्रपुर के प्राचार्य वित्तीय प्रशासनिक अधिकार के तहत खुद का वेतन, ऑफिस का खर्चा, पीए की सैलरी के लिए पैसा व्यक्तिगत हस्ताक्षर से ले सकते हैं।

वन भूमि की लीज से संबंधी नीति की लिपिकीय त्रुटि को ठीक करने की संस्तुति।

उत्तराखंडः कृषि मंत्री के प्रयासों से नरेंद्रनगर में खुलेगा सेंट्रल स्कूल

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के प्रयासों से नरेंद्रनगर और आसपास ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छा़त्राओं को केंद्रीय विद्यालय की बेहतरीन शिक्षा सुविधा मुहैया होगी। शनिवार को इस संबंध में उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान शिष्टाचार से भेंट की व ज्ञापन सौंपा। जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक एवं निर्णायक कार्यवाही हेतु आश्वासित किया।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से भेट कर केन्द्रीय मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए बधाई दी ।इस दौरान दोनों ने उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव और राज्य में राजनीति के हालातों पर चर्चा की।

इसके बाद कैबिनेट मंत्री ने नरेंद्रनगर में सेंट्रल स्कूल के निर्माण की स्वीकृति हेतु ज्ञापन केंद्रीय मंत्री को सौंपा। ज्ञापन सौंपते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पूर्व में केंद्रीय सरकार की ओर से नरेंद्रनगर और कोटद्वार में सेंट्रल स्कूल खोलने की सैद्धान्तिक रूप से सहमति बनी थी। बताया कि नरेंद्रनगर तहसील मुख्यालय पर सेंट्रल स्कूल की स्थापना के लिए उनके पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। इससे यहां पर नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के अधिसंख्य छात्र-छात्राएं शिक्षा हेतु लाभान्वित हो सकेंगे। उन्होंने व्यापक जनहित हेतु नरेंद्रनगर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना हेतु स्वीकृति प्रदान करने की मांग की। जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ने कैबिनेट मंत्री को केंद्रीय विद्यालय के निर्माण हेतु उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।